पेंशन विकल्प की उलटी गिनती शुरू:आईएएस अफसरों को 30 नवंबर तक बताना होगा ऑप्शन

पेंशन विकल्प की उलटी गिनती शुरू:आईएएस अफसरों को 30 नवंबर तक बताना होगा ऑप्शन
भोपाल। केंद्र सरकार ने आईएएस अधिकारियों को पेंशन योजना चुनने के लिए अब अंतिम तारीख तय कर दी है। उन्हें 30 नवंबर तक यह बताना होगा कि वे पुरानी पेंशन, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) या नई एकीकृत पेंशन योजना में से किसमें रहना चाहते हैं।

इसी संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि अधिकारियों को विकल्प चुनने का मौका पहले भी कई बार दिया गया, लेकिन बड़ी संख्या में अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। अब केंद्र ने 30 नवंबर की अंतिम समय-सीमा तय कर दी है। इसके बाद बदलाव का अवसर मिलने की संभावना बेहद कम है।

एक अप्रैल 2005 से शुरू हुई एनपीएस
देश में एक अप्रैल 2005 के पहले नियुक्त अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने अंशदायी राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) लागू की। हालांकि, पुरानी पेंशन बहाली की बढ़ती मांग के बीच केंद्र ने एकीकृत पेंशन योजना शुरू की, जिसमें न्यूनतम पेंशन का प्रावधान भी है।

कर्मचारी वर्ग अब भी असमंजस में
केंद्र की इस नई पेंशन व्यवस्था को मध्यप्रदेश के कर्मचारियों पर लागू करने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस पर फैसला करने के लिए गठित समिति की बैठक अब तक नहीं हुई है। प्रदेश के अधिकांश कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद टूटने की स्थिति में(एनपीएस) में ही बने रहना चाहते हैं। इसके चलते एकीकृत पेंशन को लेकर उत्साह कम है।

विकास का बदलता एजेंडा: हेलमेट से मोटर बोट तक,विधायक निधि में नए जमाने की मांगें,बदलेंगे 12 साल पुराने नियम

विकास का बदलता एजेंडा: हेलमेट से मोटर बोट तक,विधायक निधि में नए जमाने की मांगें,बदलेंगे 12 साल पुराने नियम
भोपाल। विधायक निधि से कराए जाने वाले कामों का दायरा अब जमाने के साथ बदलने जा रहा है। जनता की मांगें पहले जैसी नहीं रहीं। किसी को मुफ्त हेलमेट चाहिए, तो कोई नदी में मोटर बोट चलाने की सुविधा चाहता है।

कहीं विकलांगों के लिए ई-ट्राइसाइकिल की जरूरत बताई जा रही है तो कहीं आधुनिक सफाई मशीनें शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इसी बदलते नजरिए को देखते हुए सरकार 12 साल पुराने नियमों को संशोधित कर नई सूची तैयार कर रही है।

2013 में बनी थी आखिरी सूची, कई काम अब अनुपयोगी
वर्तमान सूची 2013 में तय हुई थी। इसमें शमशान,स्कूल बॉन्ड्रीवॉल और बस स्टॉप जैसी परंपरागत जरूरतें शामिल हैं,लेकिन अस्पताल या सार्वजनिक संस्थानों को निधि से मदद की अनुमति नहीं है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर निधि से बने बस स्टॉप यात्री बसों के न रुकने के कारण बाद में असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए।

हेलमेट, ई-ट्राइसाइकिल, मोटर बोट की मांगें बढ़ीं
महेश्वर विधायक राजकुमार मेव ने सुझाव दिया है कि सड़क सुरक्षा को देखते हुए हेलमेट खरीदी को निधि में शामिल किया जाए ताकि जरूरतमंदों में नि:शुल्क वितरण हो सके।

छतरपुर विधायक ललिता यादव ने विकलांगों के लिए हैंड-ड्राइव ट्राइसाइकिल की जगह आधुनिक ई-ट्राइसाइकिल देने का प्रस्ताव दिया है।
हरसूद विधायक और जनजातीय मंत्री विजय शाह ने नदी क्षेत्रों में उपयोग के लिए मोटर बोट खरीदी को सूची में जोड़े जाने की सलाह दी है।
कांग्रेस विधायक सचिन यादव चाहते हैं कि अस्पताल और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को भी निधि से सहायता दी जा सके।

सफाई और महिला स्वास्थ्य से जुड़े सुझाव भी शामिल
कई विधायकों ने स्कूलों और कॉलेजों के लिए सेनेटरी पैड इन्सिनरेटर, गार्बेज डिस्पोजर और वेस्ट मैनेजमेंट मशीनों की खरीदी को भी सूची में जोड़ने का सुझाव दिया है। वर्तमान में यह काम केवल कुछ नगर निकाय ही अपने स्तर पर कर पाते हैं।

वक्त बदल रहा है,सूची भी बदलेगी:मिश्रा
राज्य आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने सभी विधायकों से 15 दिसंबर तक सुझाव भेजने को कहा है। विभाग के आयुक्त विकास मिश्रा ने कहा—वक्त के साथ बदलाव जरूरी है। इसलिए निधि से किए जा सकने वाले कामों की नई सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

दोगुनी होगी विधायक निधि,अब 5 करोड़ का प्रस्ताव
वर्तमान में विधायक प्रति वर्ष 2.5 करोड़ रुपये निधि पाते हैं।अब इसे 5 करोड़ करने का प्रस्ताव लगभग तय हो चुका है। यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली की तर्ज पर बजट 2026-27 से इसे लागू करने की तैयारी है। हालांकि,दिल्ली में प्रति विधायक मिलने वाली निधि 15 करोड़ थी, जिसे अब घटाकर 5 करोड़ किया गया है।

स्वेच्छानुदान 1 करोड़ करने की मांग
विधायक स्वेच्छानुदान का उपयोग इलाज,आर्थिक सहायता और छोटे कार्यों में होता है। इसके 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। हालांकि, इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आए हैं। जहां इसे परिजनों और समर्थकों को लाभ पहुंचाने में खर्च किया गया।

साढ़े चार घंटे में चमका दिया 600 एकड़ का इज्तिमा मैदान

साढ़े चार घंटे में चमका दिया 600 एकड़ का इज्तिमा मैदान
फॉर फोटो.. नगर निगम का रिकॉर्ड ऑपरेशन क्लीन-अप

भोपाल।
ईंटखेड़ी में 14 से 17 नवंबर तक चले तब्लिगी इज्तिमा के समापन के तुरंत बाद नगर निगम ने स्वच्छता का नया मानदंड स्थापित किया।

सोमवार की दुआ खत्म होते ही करीब 650 सफाईकर्मियों की टीम मैदान में उतरी और मात्र 4.5 घंटे में पूरे 600 एकड़ क्षेत्र को पूरी तरह साफ कर दिया।

देश-विदेश से लाखों जमातियों की मौजूदगी के बावजूद सफाई कार्य की गति और समन्वय बेमिसाल रहा।

120 एकड़ में पंडाल,350 एकड़ में पार्किंग

निगम स्वास्थ्य विभाग के सभी जोनों की टीमें तीन शिफ्ट में जुटी रहीं।
कर्मचारियों ने 120 एकड़ पंडाल, 350 एकड़ पार्किंग और आस-पास की सभी सड़कों की धुलाई व सफाई पूरी की। इस दौरान 30 टन सूखा और 10 टन गीला कचरा जमा कर ट्रांसफर स्टेशनों तक पहुंचाया गया।

चार दिनों में 155 टन कचरे का निपटारा

इज्तिमा के चार दिन में कुल 155 टन कचरा (120 टन सूखा, 35 टन गीला) निकाला गया।
निगम अमले ने सफाई अभियान को सफल बनाने 21 टिपर, 10 मैजिक, 4 डंपर प्लेसर, 4 बड़े डंपर, 1 बुलडोजर, 4 फागर, 1 फॉगिंग मशीन और 20 कंटेनरों सहित करीब 45 वाहन लगाए गए।

सीवेज,फायर ब्रिगेड और जल विभाग ने भी किया सहयोग
सीवेज लाइन पर नजर रखने के लिए 28 कर्मचारियों की अलग टीम तैनात की गई। फायर ब्रिगेड और जल कार्य विभाग भी लगातार सक्रिय रहे।धूल व हवा की गुणवत्ता बेहतर रखने के लिए मैदान और पहुंच वाले रास्तों पर चार फागर मशीनों से पानी का छिड़काव किया गया।
अतिक्रमण हटाने की दिशा में भी होगा काम
निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि हमारी टीम ने बहुत बेहतर काम किया।
अब आगे शहर के बाजारों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में भी काम जल्द शुरू किया जाएगा।

सेज यूनिवर्सिटी, इंदौर तथा स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के बीच एमओयू

सेज यूनिवर्सिटी, इंदौर तथा स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के बीच एमओयू
पत्रकारिता में उत्कृष्टता की दिशा में एक पहल
इंदौर। सेज यूनिवर्सिटी, इंदौर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग और स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. ने एक महत्वपूर्ण एमओयू किया। इस एमओयू के तहत पत्रकारिता के विद्यार्थियों को नवीनतम प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार और विशेषज्ञ सत्रों का लाभ मिलेगा, जिससे उनका व्यावहारिक कौशल और उद्योग‑संबंधी ज्ञान दोनों ही बढ़ेंगे।

सेज यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश की पहली सबसे युवा और नेक ए+ मान्यता प्राप्त संस्था है। विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों में यह हमेशा अग्रणी रहा है और शिक्षा‑क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है।

एमओयू के प्रमुख बिंदु :
– पत्रकारिता के छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएँ और सेमिनार आयोजित करना।
– उद्योग विशेषज्ञों के साथ नियमित सत्रों का आयोजन।
– इंटर्नशिप एवं प्रोजेक्ट सहयोग के अवसर प्रदान करना।
– दोनों संस्थाओं के बीच ज्ञान‑विनिमय और अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करना।

इस अवसर पर साक्षी अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर सेज यूनिवर्सिटी, डॉ. जमना मिश्र, विभाग प्रमुख पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, डॉ. मनीष चौधरी, रजिस्ट्रार सेज यूनिवर्सिटी, प्रवीण खारीवाल, अध्यक्ष स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र., रचना जौहरी, संरक्षक स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. एवं अभिषेक सिंह सिसोदिया, सचिव स्टेट प्रेस क्लब, म. प्र. मौजूद थे। इस मौक़े पर मैनेजिंग डायरेक्टर साक्षी अग्रवाल ने कहा कि यह एमओयू हमारे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग के विशेषज्ञों से सीधा जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। हम इस सहयोग के लिए उत्सुक हैं।

अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने कहा कि इस समझौते से भविष्य में स्टेट प्रेस क्लब,मप्र और सेज यूनिवर्सिटी के बीच और अधिक सकरात्मक आदान‑प्रदान होगा जिससे पत्रकारिता के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बल मिलेगा। इस अवसर पर सुश्री अग्रवाल को स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. का स्मृति चिन्ह एवं एआई पर केन्द्रित स्मारिका भी भेंट।

मध्य प्रदेश केबिनेट – सोशल इंपैक्ट बॉड योजना में 100 करोड़ प्रावधान, 12 जिलों में 50 और बड़वानी में 30 बिस्तर के आयुष चिकित्सालय बनेंगे,373 नए पदों का सृजन

मध्य प्रदेश केबिनेट – सोशल इंपैक्ट बॉड योजना में 100 करोड़ प्रावधान, 12 जिलों में 50 और बड़वानी में 30 बिस्तर के आयुष चिकित्सालय बनेंगे,373 नए पदों का सृजन

भोपाल। प्रदेश के 12 जिलों में 50 बिस्तर आयुष चिकित्सालय और बड़वानी में 30 बिस्तर के आयुष चिकित्सालय की स्थापना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। भोपाल, इंदौर, नरसिंहपुर, महेश्वर, बालाघाट, गुना, भिंड, सीहोर, पन्ना, श्योपुर, अमरकंटक, शुजालपुर में बनाए जाएंगे और बड़वानी विश्वविद्यालय की संचालन के लिए 373 नए पदों का सृजन किया गया है।

 

इसके साथ ही 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल के लिए स्वीकृत की गई हैं। इन 373 नियमित पदों पर वार्षिक खर्च 25 करोड़ 57 लाख रुपए आएगा और 806 मानव सेवाओं का प्रबंधन भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन से किया जाएगा। इससे आयुष चिकित्सा को गति मिलेगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद में नई भर्ती पर लगी रोक हटा ली गई है। इसके लिए कैबिनेट ने वैज्ञानिकों अधिकारियों की भर्ती संबंधी नियमों को मंजूरी दे दी है।

 

कैबिनेट बैठक की फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि भावांतर योजना के बहुत अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। मॉडल रेट लगातार बढ़ रहा है। 15 दिन में 1.33 लाख किसानों को मॉडल रेट का डिफरेंस दिया गया है। मॉडल रेट जो है वह भावांतर होता है और 15 दिनों में किसानों के खाते में 233 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

कैबिनेट में पन्ना जिले के हीरे को जीआई टैग मिलने पर भी खुशी जताई गई। पन्ना डायमंड के नाम से इसे बेचा जा सकेगा और अब इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान होगी। कैबिनेट में लाड़ली बहन योजना की राशि 1250 से 1500 रुपए करने पर भी चर्चा हुई।

 

90 प्रतिशत सब्सिडी देगी सरकार

प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। इसमें 7.50 हॉर्स पावर का सोलर बिजली मोटर लगाने के लिए किसानों से 10% राशि जमा करने का फैसला लिया गया और सरकार की ओर से 90% सब्सिडी देने की बात कही गई। पहले अस्थायी कनेक्शन धारकों को इसका लाभ मिलेगा इसके बाद स्थायी कनेक्शन धारकों को भी इसे लाभान्वित किया जाएगा।

 

तीन और पांच हॉर्स पावर के बिजली कनेक्शन धारकों को भी विकल्प दिया जाएगा। 3 हॉर्स पावर वाले कनेक्शन धारा को 5 हॉर्स पावर और 5 हॉर्स पावर वाले कनेक्शन धारा को 7.50 हॉर्स पावर का कनेक्शन दिया जा सकेगा। महिला और बाल विकास विभाग के मिशन वात्सल्य योजना को भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। प्रदेश में 33246 ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें ₹4000 प्रतिमा दिया जाएगा। इसमें से केंद्र सरकार का अंश 60% और राज्य सरकार का 40% होगा।

 

100 करोड़ रुपए का प्रावधान

सोशल इंपैक्ट बॉड योजना में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना सामाजिक न्याय विभाग में लागू है। सामाजिक सेवा करने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स को एक एजेंसी के माध्यम से लाभ दिया जाएगा और यह एजेंसी ऐसा काम करने वाली संस्थाओं के काम का मूल्यांकन करेगी। इसके अलावा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के गठन और पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है. इसमें 59.4 करोड़ का खर्च आएगा।

नक्सली आतंक का अंत, खूंखार कमांडर हिड़मा पत्नी सहित ढेर

नक्सली आतंक का अंत, खूंखार कमांडर हिड़मा पत्नी सहित ढेर
केंद्र की मोदी सरकार ने नक्सलवाद/माओवाद के खात्मे के लिए अभियान चला रखा है, सुरक्षा बल नक्सलियों के मंसूबों को भांपकर उन्हें ठिकाने लगा रहे हैं, इसी क्रम में आज सुरक्षा बालों को एक बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार की सुबह सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा और आंध्र प्रदेश की सीमा पर मुठभेड़ में 6 माओवादियों को मार गिराया है। इसमें कुख्यात माओवादी हिड़मा भी शामिल है।

जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में 50 लाख रुपये के इनामी खूंखार नक्सली हिड़मा, उसकी पत्नी राजे और 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी शंकर के मारे जाने की भी खबर है। यह इनकाउंटर सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता के साथ साथ माओवाद के ताबूत में एक और कील मानी जा रही है। इस ऑपरेशन को आंध्र-प्रदेश की ग्रे-हांउड टीम ने अंजाम दिया है।

लंबे समय से सुरक्षा बलों के टारगेट पर था
गौरतलब है कि टॉप के नक्सली नेताओं के मारे जाने और पिछले दिनों कुछ बड़े नक्सली कमांडरों के आत्मसमर्पण के बाद से बस्तर में हिड़मा की गिनती टॉप कमांडर के रूप में होने लगी थी, हिड़मा माओवादी संगठन की बटालियन नंबर-1 का प्रभारी और केंद्रीय समिति का सदस्य था। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के टारगेट पर था।

झीरम घाटी हमले के बाद आया था चर्चाओं में
हिड़मा का नाम पहली बार झीरम घाटी हमले के बाद चर्चाओं में आया था। माओवादी संगठन ने पिछले वर्ष उसे केंद्रीय समिति का सदस्य बनाया गया, हालांकि पद की हिसाब से वो बहुत नीचे है उसके ऊपर कई कमांडर है लेकिन सक्रियता और प्रभाव के चलते वो संगठन का सबसे ताकतवर चेहरा बन गया था।

पूजा में दीपक जलाने का सही तरीका क्या

पूजा में दीपक जलाने का सही तरीका क्या
पूजा में दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। बिना दीपक के पूजा अधूरी मानी जाती है और यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ाता है।

वास्तु शास्त्र में दीपक जलाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं, दिशा, बत्ती, तेल-घी का चयन और दीपक की placement तक। इन नियमों का पालन करने से पूजा का पूर्ण फल मिलता है और वातावरण भी पवित्र बना रहता है।
दीपक कैसे जलाएं?
रोजाना घर के मंदिर में घी या सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
घी का दीपक मंदिर के बाईं ओर रखें।
तेल का दीपक मंदिर के दाहिनी ओर रखना शुभ माना जाता है।
बत्ती का चयन भी वास्तु में खास मायने रखता है-
घी के दीपक में सफेद रुई की बत्ती का उपयोग करें।
तेल के दीपक में लाल धागे की बत्ती शुभ मानी गई है।

किस दिशा में जलाएं दीपक?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दीपक जलाने के लिए उत्तर दिशा या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) श्रेष्ठ मानी गई है।
दीपक की बत्ती का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
किन दिशाओं में दीपक नहीं जलाना चाहिए?
दक्षिण दिशा में दीपक जलाना अशुभ माना जाता है, यह यम दिशा कही जाती है।
पश्चिम दिशा भी दीपक के लिए सही नहीं मानी गई है।
इन दिशाओं में दीपक जलाने से नकारात्मक प्रभाव बढ़ने की आशंका रहती है।

इन्हें बिल्कुल न करें नजरअंदाज
दीपक को भगवान की मूर्ति के बहुत पास या बहुत दूर न रखें।
यदि दीपक धातु का है, तो उसकी रोजाना सफाई अवश्य करें।
दीपक जलाने के बाद उसे बिना कारण बार-बार हिलाएं नहीं।

विश्व देखेगा सिंहस्थ का वैभव, किसानों के सम्मान में लैंड पूलिंग निरस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्व देखेगा सिंहस्थ का वैभव, किसानों के सम्मान में लैंड पूलिंग निरस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर किसान संघ, भाजपा पदाधिकारी, उज्जैन के जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन उज्जैन के साथ बैठक कर सिंहस्थ के आयोजन को लेकर समग्र रूप से चर्चा की। बैठक में सिंहस्थ का आयोजन दिव्य, भव्य और विश्व स्तरीय करने के लिये हर संभव प्रयास करने पर सहमति बनी, जिसमें साधु-संतों, किसानो के हितों का व्यापक रूप से ध्यान रखा जायेगा। चर्चा के बाद सिंहस्थ लैंड पूलिंग को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग और जिला प्रशासन को आदेश जारी करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री का किसान संघ ने स्वागत कर आभार व्यक्त किया
बैठक में वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, किसान संघ की और से महेश चौधरी, कमल सिंह आँजना, अतुल माहेश्वरी, लक्ष्मी नारायण पटेल, भरत बैस, रमेश दाँगी, बीजेपी संगठन की और से नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला महामंत्री कमलेश बैरवा, महामंत्री जगदीश पांचाल और आनंद खींची उपस्थित रहे। किसान संघ द्वारा मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुये आभार व्यक्त किया गया।

बिहार के नतीजे हमें सबक देते हैं – PM मोदी

बिहार के नतीजे हमें सबक देते हैं – PM मोदी
दिल्ली में रामनाथ गोयनका लेक्चर को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव के रिजल्ट को लेकर कहा कि वहां के लोगों ने विकास को चुना है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने आरजेडी के जंगलराज का नकार दिया है. बिहार के ऐतिहासिक नतीजों ने बताया कि लोकतंत्र में लोगों की बढ़ती भागीदारी को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं.

पीएम मोदी ने कहा, “इस बार महिलाओं का टर्नआउट पुरुषों से नौ फीसदी अधिक रहा. ये भी लोकतंत्र की विजय है. बिहार के नतीजों ने फिर दिखाया है कि भारत के लोगों की आकांक्षाएं कितनी ज्यादा हैं. लोग उन दलों पर विश्वास करते हैं, जो नेक नीयत से उन आकांक्षाओं को पूरा करते हैं और विकास को प्राथमिकता देते हैं. मैं यहां से देश की हर राज्य सरकार को कहूंगा कि बिहार के नतीजे हमें सबक देते हैं कि आप किस तरह की सरकार चला रहे हैं. ये आने वाले वर्षों में आने वाले समय का भविष्य तय करेंगे.”

PM मोदी ने लालू यादव पर कसा तंज
पीएम मोदी ने कहा, “लालू यादव चाहते तो बिहार के विकास के लिए बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन उन्होंने जंगलराज का रास्ता चुना. इसिलिए मैं हर राज्य सरकार को कहता हूं कि आप इन्वेस्टमेंट का रास्ता सरल करने के लिए ईज ऑफ डूइंग के लिए कंप्टीशन करिए. फिर देखिए जनता आप पर कैसे विश्वास करती है.”

मैं इलेक्शन नहीं, इमोशन मोड में रहता हूं: PM मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, “बिहार चुनाव के बाद फिर मोदी प्रेमियों ने कहना शुरू किया है कि मोदी 24*7 चुनाव मोड में काम करते हैं. इलेक्शन में नहीं इमोशनल मोड में रहना जरूरी रहता है. मन के भीतर एक बैचेनी रहती है कि एक मिनट भी गंवाना नहीं है. गरीब के इलाज के लिए, मिडिल क्लास की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, इस भावना और इमोशन के साथ सरकार हमेशा जुटी रहती है. इसके नतीजे हमें चुनाव परिणाम में दिखाई देते हैं.”

पीएम मोदी ने कहा, “आज देश में जो भी सरकारें हैं, चाहे केंद्र में हमारी सरकार है या फिर राज्यों में अलग-अलग दलों की सरकारें हैं. हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता सिर्फ एक होनी चाहिए- विकास, विकास और सिर्फ विकास.”

चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव चुने गए विपक्ष का नेता

चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव चुने गए विपक्ष का नेता
बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को करारी हार का मुंह देखना पड़ा है। चुनाव परिणाम के चार दिन बाद सोमवार को आरजेडी विधायक तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष चुना गया है। इस चुनाव में एनडीए ने 202 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। महागठबंधन के खाते में सिर्फ 35 सीट ही आई है। आरजेडी की झोली में 25 सीट आई है।

नेता विपक्ष बनने के लिए इतनी सीट जरूरी
विपक्ष के नेता (लीडर ऑफ अपोजिशन) के लिए आधिकारिक रूप से पाने के लिए किसी भी पार्टी को सदन की कुल संख्या का कम से कम 10% प्राप्त करना जरूरी है। यह नियम किसी गठबंधन पर नहीं, सिर्फ एक ही पार्टी पर लागू होता है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा की बात करें तो यहां एक पार्टी को कम से कम 25 सीटें जीतनी होती हैं। ​यदि कोई भी पार्टी यह आंकड़ा पूरा नहीं करती तो सदन आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त लीडर ऑफ अपोजिशन के बिना काम करता है।

विपक्ष के नेता की भूमिका
लीडर ऑफ अपोजिशन होना एक बड़ी जिम्मेदारी है। यह पद लोकतांत्रिक जवाबदेही को मजबूत करने का काम करता है। विपक्ष का नेता शीर्ष राष्ट्रीय संस्थानों के लिए बड़ी चयन समितियों में शामिल होता है। इनमें केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक, केंद्रीय सतर्कता आयोग के प्रमुख, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और लोकपाल की नियुक्ति शामिल है।

राजद परिवार में मचा घमासान
आरजेडी के संरक्षक लालू प्रसाद यादव के परिवार में हुए घटनाक्रम के बीच उनके करीबी सहयोगी और पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने उनकी जमकर आलोचना की है। पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने सवाल उठाया कि लालू यादव अपनी बेटी के समर्थन में क्यों नहीं आए। उन्होंने कहा कि क्या उन्हें कुछ ​नजर नहीं आ रहा है। उनकी बेटी उनके घर से निकली, उसने कहा कि उस पर चप्पल फेंकी गई, और वह रोती हुई घर से निकली। एक बेटी अपने पिता का घर रोते हुए छोड़ती है, और लालू यादव और राबड़ी देवी वहीं बैठे देखते रहते हैं।

मैथिली ठाकुर बनीं देश की सबसे कम उम्र की विधायक
इस चुनाव में एक इतिहास भी बना है। मशहूर लोक गायिका और भारतीय जनता पार्टी की अलीनगर सीट से उम्मीदवार मैथिली ठाकुर ने जीत हासिल करते हुए सबसे कम उम्र की विधायक बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उनकी उम्र महज 25 साल है। बिहार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करके सबसे कम उम्र की विधायक बन गई हैं।

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