चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव चुने गए विपक्ष का नेता

चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव चुने गए विपक्ष का नेता
बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को करारी हार का मुंह देखना पड़ा है। चुनाव परिणाम के चार दिन बाद सोमवार को आरजेडी विधायक तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष चुना गया है। इस चुनाव में एनडीए ने 202 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। महागठबंधन के खाते में सिर्फ 35 सीट ही आई है। आरजेडी की झोली में 25 सीट आई है।

नेता विपक्ष बनने के लिए इतनी सीट जरूरी
विपक्ष के नेता (लीडर ऑफ अपोजिशन) के लिए आधिकारिक रूप से पाने के लिए किसी भी पार्टी को सदन की कुल संख्या का कम से कम 10% प्राप्त करना जरूरी है। यह नियम किसी गठबंधन पर नहीं, सिर्फ एक ही पार्टी पर लागू होता है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा की बात करें तो यहां एक पार्टी को कम से कम 25 सीटें जीतनी होती हैं। ​यदि कोई भी पार्टी यह आंकड़ा पूरा नहीं करती तो सदन आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त लीडर ऑफ अपोजिशन के बिना काम करता है।

विपक्ष के नेता की भूमिका
लीडर ऑफ अपोजिशन होना एक बड़ी जिम्मेदारी है। यह पद लोकतांत्रिक जवाबदेही को मजबूत करने का काम करता है। विपक्ष का नेता शीर्ष राष्ट्रीय संस्थानों के लिए बड़ी चयन समितियों में शामिल होता है। इनमें केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक, केंद्रीय सतर्कता आयोग के प्रमुख, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और लोकपाल की नियुक्ति शामिल है।

राजद परिवार में मचा घमासान
आरजेडी के संरक्षक लालू प्रसाद यादव के परिवार में हुए घटनाक्रम के बीच उनके करीबी सहयोगी और पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने उनकी जमकर आलोचना की है। पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने सवाल उठाया कि लालू यादव अपनी बेटी के समर्थन में क्यों नहीं आए। उन्होंने कहा कि क्या उन्हें कुछ ​नजर नहीं आ रहा है। उनकी बेटी उनके घर से निकली, उसने कहा कि उस पर चप्पल फेंकी गई, और वह रोती हुई घर से निकली। एक बेटी अपने पिता का घर रोते हुए छोड़ती है, और लालू यादव और राबड़ी देवी वहीं बैठे देखते रहते हैं।

मैथिली ठाकुर बनीं देश की सबसे कम उम्र की विधायक
इस चुनाव में एक इतिहास भी बना है। मशहूर लोक गायिका और भारतीय जनता पार्टी की अलीनगर सीट से उम्मीदवार मैथिली ठाकुर ने जीत हासिल करते हुए सबसे कम उम्र की विधायक बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उनकी उम्र महज 25 साल है। बिहार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करके सबसे कम उम्र की विधायक बन गई हैं।

फ्लिपकार्ट में प्रोडक्ट मैनेजर और ग्रो खड़ा बन गए अरबपति

फ्लिपकार्ट में प्रोडक्ट मैनेजर और ग्रो खड़ा बन गए अरबपति
Groww के फाउंडर ललित केशरे की सफलता की कहानी आज हर जगह चर्चा में है. कंपनी के आईपीओ के बाद उन्होंने भारतीय अरबपतियों की सूची में अपनी जगह बना ली है. फ्लिपकार्ट से अपने करियर की शुरुआत करने वाले ललित केशरे वहां प्रोडक्ट मैनेजर थे. लेकिन वर्ष 2016 में उन्होंने फ्लिपकार्ट छोड़कर Groww की नींव रखी और आज वे अरबपतियों की कतार में शामिल हो चुके हैं.

Flipkart छोड़ 2016 में शुरू किया Groww
Groww का आईपीओ इसी महीने 12 नवंबर को लिस्ट हुआ और केवल चार कारोबारी दिनों में इसके शेयर 70 प्रतिशत से अधिक उछल गए. कंपनी का स्टॉक 174 रुपये पर बंद हुआ, जिससे Groww का कुल मूल्यांकन 9,448 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यानी अब कंपनी की कीमत लगभग 1.13 बिलियन डॉलर हो गई है.

ललित केशरे का सफर मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से शुरू हुआ. उनका जन्म लेपा गांव के एक किसान परिवार में हुआ था. सीमित सुविधाओं के बीच पले-बढ़े ललित पढ़ाई में मेधावी थे, इसलिए उन्हें खरगोन के एकमात्र इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षा मिली. आगे उन्होंने जेईई क्रैक किया और आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.

IPO के बाद 26000 करोड़ पार कंपनी वैल्यू
Groww की शुरुआत ललित केशरे ने अपने तीन साथियों—इशान बंसल, हर्ष जैन और नीरज सिंह—के साथ मिलकर की. इस ऐप ने लाखों लोगों को शेयर बाजार से जुड़ने का आसान रास्ता दिया. निवेशकों के भरोसे और फिनटेक सेक्टर की तेजी ने Groww के मार्केट वैल्यूएशन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. फाउंडर्स की होल्डिंग्स को ध्यान में रखते हुए कंपनी का कुल मूल्य अब 26,000 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकलित किया जा रहा है.

बीएसई और एनएसई पर Groww 12 नवंबर को लिस्ट हुआ था. उस समय इश्यू प्राइस 100 रुपये रखा गया था. लेकिन महज चार कारोबारी दिन में 70 प्रतिशत स्टॉक्स चढ़ने के बाद यह 174 रुपये पर पहुंच गया.

ओटीटी पर ‘महारानी’ बिखेर रही जलवा, शेफाली शाह और मुनव्वर फारुकी भी नहीं दे पाए टक्कर

ओटीटी पर ‘महारानी’ बिखेर रही जलवा, शेफाली शाह और मुनव्वर फारुकी भी नहीं दे पाए टक्कर
नवंबर के महीने में ओटीटी पर कई जबरदस्त सीरीज रिलीज हुई. इन सीरीज को ऑडियंस का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. इसी बीच ऑरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है जिसमें बताया गया कि 10 नवंबर से लेकर 16 नवंबर के बीच ओटीटी पर कौन सी सीरीज सबसे ज्यादा देखी गई. यहां जानिए पूरी लिस्ट.

व्यूवरशिप के मामले में किस सीरीज ने बनाई टॉप पर अपनी जगह
1. महारानी सीजन 4
हुमा कुरैशी ने रानी भारती के रूप में ओटीटी पर अपनी जबरदस्त वापसी की है. 7 नवंबर को ये सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर रिलीज हुई और अभी भी ये ओटीटी पर ट्रेंड कर रही है. हुमा कुरैशी ने अपनी इस हिट पॉलिटिकल सीरीज के जरिए दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और अब हर किसी की जुबान पर सिर्फ हुमा कुरैशी का ही नाम है. ऑरमैक्स मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक 3.5 मिलियन व्यूज के साथ इस सीरीज ने नंबर 1 के पोजीशन पर अपनी जगह बनाई है.

2. दिल्ली क्राइम सीजन 3
शेफाली शाह की इस क्राइम थ्रिलर सीरीज का भी ऑडियंस ने बेसब्री से इंतजार किया था. 13 नवंबर को ये सीरीज नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई और इसे दर्शकों द्वारा बहुत पसंद भी किया जा रहा है. डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी के कैरेक्टर में एक बार फिर शेफाली शाह ने ओटीटी पर अपना कहर बरपाया है. ऑरमैक्स मीडिया के मुताबिक इस सीरीज को 3.3 मिलियन व्यूज मिले हैं.

3. फर्स्ट कॉपी सीजन 2
मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी ने ‘फर्स्ट कॉपी’ के साथ ओटीटी की दुनिया में अपना पहला कदम रखा था. एक साल पहले ये सीरीज एमएक्स प्लेयर पर रिलीज हुई थी और अब मुनव्वर फारुकी अपनी टीम के साथ इसका दूसरा सीजन लेकर लौट चुके हैं. कॉमेडियन से अभिनेता बने मुनव्वर ने ‘फर्स्ट कॉपी’ में खलनायक का रोल प्ले किया है और सीजन 2 में भी वो अपने इस रोल को दोहरा रहे हैं. ऑरमैक्स मीडिया के रिपोर्ट के अनुसार 3.2 मिलियन व्यूज के साथ इस सीरीज में टॉप 5 की लिस्ट में तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई.

4. महाभारत: एक धर्मयुद्ध
25 अक्टूबर को ये सीरीज ओटीटी पर रिलीज हुई. इतने दिनों बाद भी इस सीरीज का जलवा कायम है. बता दें, ‘महाभारत: एक धर्मयुद्ध’ को पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का यूज करते हुए बनाया गया है. जिओ हॉटस्टार पर आप इस सीरीज को एंजॉय कर सकते हैं. ऑरमैक्स मीडिया के अनुसार इस सीरीज को 2 मिलियन व्यूज मिले हैं.

5. थोड़े दूर थोड़े पास
मोना सिंह का ये फैमिली ड्रामा भी दर्शकों का बहुत प्यार बटोर रहा है. मोना सिंह के साथ पंकज कपूर ने भी इसमें मुख्य भूमिका निभाई है. इस लाइट हार्टेड सीरीज की कहानी काफी दिलचस्प है जो आपके मन में अपना घर बना लेगी. जी 5 पर मौजूद इस सीरीज को बीते हफ्ते 1.5 मिलियन व्यूज मिले हैं.

बांग्लादेश में ICT ने शेख हसीना को सुनाई सजा-ए-मौत

बांग्लादेश में ICT ने शेख हसीना को सुनाई सजा-ए-मौत
ढाका की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 2024 के छात्र आंदोलन में हुई हत्याओं के लिए मौत की सजा सुनाई है. कोर्ट का कहना है कि हसीना ने हिंसा भड़काई और मारने के आदेश दिए. इसी केस में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को भी फांसी की सजा मिली, जबकि पूर्व IGP अब्दुल्ला अल-ममून को 5 साल जेल दी गई. कोर्ट ने हसीना और खान की संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया है.

दोनों नेता फिलहाल 15 महीने से भारत में हैं. हसीना ने फैसले को राजनीतिक और पक्षपाती बताया है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब हसीना पिछले एक साल से भारत में निर्वासन में हैं.

मामला क्या है?
एक लंबे ट्रायल के बाद बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया कि 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में शेख हसीना की सीधी जिम्मेदारी थी. अदालत ने माना कि उन्होंने सुरक्षा बलों को ‘कड़े और घातक बल’ का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था. यह फैसला उनकी अनुपस्थिति में सुनाया गया क्योंकि वे अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं.

हिंसा का पैमाना कितना बड़ा था?
2024 में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों में हालात काफी खराब हुए थे. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 5 अगस्त, 2024 के बीच हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 1,400 लोगों के मारे जाने और हजारों लोगों के घायल होने की आशंका जताई गई. यह हिंसा 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद बांग्लादेश की सबसे भीषण अशांति बताई जाती है.

हसीना का निर्वासन
यह विरोध तब शुरू हुआ जब छात्र संगठनों ने पहले नौकरी कोटे की व्यवस्था में सुधार और बाद में हसीना के इस्तीफे की मांग तेज कर दी. हिंसा तेजी से बढ़ने लगी और 5 अगस्त 2024 को प्रदर्शनकारी पीएम आवास की ओर बढ़ने लगे, जिसके कुछ घंटे पहले ही हसीना भारत चली गईं. उनके जाने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनुस की अगुवाई में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जिसे व्यवस्था बहाल करने और चुनाव कराने का दायित्व दिया गया, लेकिन बड़े राजनीतिक सुधारों की प्रक्रिया धीमी रही है और चुनाव फरवरी में कराए जाने की योजना है.

अवामी लीग पर रोक और तनावग्रस्त माहौल
हसीना की पार्टी अवामी लीग को आगामी चुनावों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई है. विश्लेषकों का मानना है कि मौत की सजा का फैसला देश में नई अशांति को जन्म दे सकता है, खासकर तब जब चुनाव नजदीक हैं. हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कच्चे बम फेंके जाने और गाड़ियों को जलाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं.

ट्रायल में क्या हुआ?
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि उन्हें सबूत मिले हैं जिससे साबित होता है कि हसीना ने आंदोलन दबाने के लिए सीधे तौर पर घातक बल का इस्तेमाल करने का आदेश दिया. अदालत ने हसीना के लिए सरकारी वकील नियुक्त किया था, जिन्होंने अदालत में कहा कि यह आरोप झूठे हैं और उन्हें बरी किया जाना चाहिए. फैसले से पहले हसीना खुद यह कह चुकी थीं कि यह पूरी प्रक्रिया “निष्पक्ष नहीं” है और फैसला पहले से तय है.

दिल्ली-NCR में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

दिल्ली-NCR में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते प्रदूषण के बीच निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के मामले पर सोमवार (17 नवंबर, 2025) को बड़ा फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में सभी निर्माण कार्यों को रोकने के सुझाव को ठुकरा दिया है. कोर्ट ने कहा कि इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होंगे. इस तरह के कदम उठाने की बजाय हमें दीर्घकालिक समाधान के बारे में सोचना होगा. प्रदूषण की स्थिति के हिसाब से CAQM उचित कदम उठाता है.

कोर्ट ने केंद्र सरकार को पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान सरकार से बैठक कर वायु प्रदूषण संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान पर सुझाव देने को कहा, ताकि इस समस्या का स्थायी निवारण किया जा सके. इसके लिए कोर्ट ने सरकार को एक दिन का समय दिया है. कोर्ट ने बुधवार (19 नवंबर, 2025) को होने वाली सुनवाई में इस बारे में भी हलफनामा मांगा कि क्या दिल्ली में प्रदूषण पर निगरानी के लिए इस्तेमाल हो रहे उपकरण इसके लिए सक्षम हैं.

कोर्ट ने कहा कि पर्यावरणीय चिंता और विकास के बनाना होगा संतुलन
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार (17 नवंबर, 2025) को कहा कि दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण स्तर पर रोक लगाने के लिए अदालत कड़े निर्देश जारी करने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि अदालत विशेषज्ञों का स्थान नहीं ले सकती है. कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण संबंधी चिंताओं और विकास के बीच संतुलन बनाना जरूरी है.

केंद्र सरकार को करना होगा नेतृत्व- सुप्रीम कोर्ट
मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को दोहराया है कि वह हर साल दिल्ली के प्रदूषण प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं उठा सकती है और इस मामले में मूल जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है. कोर्ट ने कहा कि निर्माण और इससे जुड़े सभी क्षेत्रों पर लाखों परिवारों की आजीविका निर्भर है, इसलिए एक व्यापक प्रतिबंध लगाने से गंभीर सामाजिक और आर्थिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं.

वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 सीजन का आगाज 7 जनवरी से होगी

वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 सीजन का आगाज 7 जनवरी से होगी
वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 सीजन का आगाज 7 जनवरी से हो सकता है. बीसीसीआई WPL 2026 के सभी मैचों के आयोजन के लिए मुंबई और बड़ौदा के नाम पर मुहर लगा सकती है. कई महिला क्रिकेटर डीवाई पाटिल स्टेडियम को अपना फेवरेट बता चुकी हैं, इसी मैदान में सीजन का सबसे पहला मैच हो सकता है. वीमेंस प्रीमियर लीग का अगला सीजन 7 जनवरी से 3 फरवरी तक चल सकता है.

क्रिकबज के मुताबिक यदि चीजें मौजूदा स्थिति अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो फाइनल मैच बड़ौदा के कोताम्बी स्टेडियम में खेला जा सकता है. बड़ौदा लेग की शुरुआत 16 जनवरी से हो सकती है, इससे 5 दिन पहले ही इसी मैदान में भारत बनाम न्यूजीलैंड ODI सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा.

रिपोर्ट अनुसार बीसीसीआई ने इस संबंध में टीम मालिकों से अभी कोई जानकारी साझा नहीं की है. अभी अनौपचारिक स्तर पर चर्चाएं चल रही हैं. बताया जा रहा है कि टीमों को सीजन शुरू होने की जानकारी WPL ऑक्शन के दौरान दे दी जाएगी, जो 27 नवंबर को दिल्ली में होने वाला है. मैचों के आयोजन के लिए लखनऊ, बेंगलुरु, मुंबई और बड़ौदा के नाम पर चर्चा की गई थी, लेकिन बताया जा रहा है कि मुंबई और बड़ौदा के नाम पर मुहर लग सकती है.

पिछला सीजन फरवरी-मार्च के समय खेला गया था, लेकिन इस बार कई कारणों से वीमेंस प्रीमियर लीग का आयोजन जनवरी में करवाया जा सकता है. एक कारण मेंस टी20 वर्ल्ड कप भी हो सकता है, जो फरवरी-मार्च के समय खेला जाना है.

मुंबई इंडियंस WPL की डिफेंडिंग चैंपियन है, जिसने WPL 2025 के फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स को हराकर दूसरी बार वीमेंस प्रीमियर लीग का खिताब जीता था. एक बार RCB ने ट्रॉफी जीती है. दिल्ली कैपिटल्स तीनों बार फाइनल में पहुंची है, लेकिन अब तक ट्रॉफी जीतने की उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई है.

फिरोजपुर झिरका से दो और डॉक्टर गिरफ्तार

फिरोजपुर झिरका से दो और डॉक्टर गिरफ्तार
फिरोजपुर झिरका से डॉ. मोहम्मद, नूंह से डॉ.रिहान और पुन्हाना के सुनहेड़ा गांव से डॉ. मुस्तकीम को पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पुलिस को पता चला है कि डॉक्टर मॉड्यूल से जुड़े लोगों का मुजम्मिल, फरार मुजफ्फर और उनका विदेशी हैंडलर कश्मीर को दारुल इस्लाम बनाने और ‘शरीयत या शहादत’ के नारों के बहाने ब्रेनवॉश करते थे। यहां तक कि बम धमाके से पहले भी उमर विदेशी हैंडलर के संपर्क में था। जिसे शरीयत या शहादत के लिए उकसाया गया। डॉ.मुज्जमिल के 30 अक्तूबर को गिरफ्तार होने के बाद पाकिस्तानी हैंडलर का सीधा संपर्क डॉ. उमर के साथ हो गया और उसने बम धमाके तक लगातार उससे सोशल मीडिया वीडियो कॉल पर बातचीत की।

35 किलो अमोनियम नाइट्रेट-टीएटीपी के मिश्रण से धमाका
लाल किला विस्फोट की जांच में फोरेंसिक विशेषज्ञों को प्रारंभिक विश्लेषण में पता चला है कि अमोनियम नाइट्रेट और ट्राइएसीटोन ट्राइपेरोक्साइड (टीएटीपी) के मिश्रण से यह धमाका किया गया। टीएटीपी शक्तिशाली केमिकल है जिसकी बिक्री पर काफी पाबंदिया हैं। धमाके में करीब 35 किलो अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा निवासी डॉ.प्रियंका शर्मा से भी पूछताछ की है जो आदिल के संपर्क में थी और अनंतनाग में उच्च शिक्षा ले रही है। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।

एनआइए ने की पहली गिरफ्तारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने दिल्ली ब्लास्ट मामले में जम्मू-कश्मीर के पंपाेर निवासी आमिर राशिद अली को गिरफ्तार किया है। उसके नाम से आइ-20 कार पंजीकृत थी, जो धमाके में काम ली गई। अली दिल्ली आया था और इस मामले में प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक है। एनआइए इस मामले में विस्फोट में घायल हुए लोगों सहित 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है।

छत्तीसगढ़ को लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी

छत्तीसगढ़ को लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी
छत्तीसगढ़ ने अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। देहरादून में हुई 28वीं अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता (Forest Sports Meet) में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 150 मेडल और 578 अंक के साथ लगातार दूसरे वर्ष चैम्पियनशिप अपने नाम की है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों और टीमों को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी है। बता दें कि 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट देहरादून में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 74 गोल्ड (Gold), 34 रजत, 42 कांस्य लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

छत्तीसगढ़ के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी संगीता राजगोपालन बैडमिंटन एवं टेनिस में 4 स्वर्ण, 1 रजत, सर्वश्रेष्ठ एथलीट महिला ओपन थोटा संकीर्तन ने 5 स्वर्ण पदक प्राप्त कर गोल्डन गर्ल का खिताब पाया। इसी प्रकार सर्वश्रेष्ठ एथलीट (पुरुष वेटरन) सुखनंदन लाल ध्रुव ने 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ एथलीट (महिला वेटरन) चारुलता गजपाल 4 स्वर्ण ने पदक प्राप्त किया।

छत्तीसगढ़ ने लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी (Championship Trophy) अपने नाम की। इस खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह तथा उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की। छत्तीसगढ़ की ओर से यह ट्रॉफी शालिनी रैना ने ग्रहण की।

मुख्यमंत्री ने 8 हजार करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने 8 हजार करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन–शाजापुर में आयोजित विशाल औद्योगिक कार्यक्रम को प्रदेश की ग्रीन एनर्जी क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत बताते हुए कहा कि बाबा महाकाल की नगरी अब देश के प्रमुख ग्रीन एनर्जी हब के रूप में तेजी से उभर रही है। मक्सी और बरंडवा में स्थापित होने वाली अत्याधुनिक सोलर उपकरण निर्माण इकाइयाँ न केवल राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को नई दिशा देंगी, बल्कि मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, देवास और शाजापुर का उभरता इंडस्ट्रियल ट्रायएंगल अब प्रदेश की आर्थिक गति, औद्योगिक गहराई और निवेश क्षमता को नए आयाम दे रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश की दीर्घकालिक विकास संरचना का नया अध्याय बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन को युवाओं के भविष्य में निवेश बताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के हजारों युवाओं को गुणवत्तायुक्त, कौशल आधारित और स्थायी रोजगार अवसर प्राप्त होंगे, और यह मध्यप्रदेश की युवा शक्ति को नए क्षितिजों तक ले जाने वाली परिवर्तनकारी शुरुआत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात रविवार को उज्जैन तराना तहसील की बरंडवा ग्राम में आयोजित जैक्शन कंपनी के मेगा सोलर प्लांट के भूमिपूजन के अवसर पर कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फेज-2 में 110 एकड़ भूमि पर जैक्सन इंटीग्रेटेड की 7,104 करोड़ रूपये की अत्याधुनिक 6 गीगावॉट एकीकृत सोलर उपकरण निर्माण यूनिट और जैक्सन इंजीनियरिंग लिमिटेड की 1,046 करोड़ रूपये की यूनिट का भूमिपूजन किया। इन दोनों इकाइयों से 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इन उद्योगों के आने से आसपास के गांवों और कस्बों में न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यापारों में भी तेजी आएगी। यह परियोजना न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश की ग्रीन एनर्जी मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली मानी जा रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद उज्जैन जिले का नाम सोलर उपकरण मैन्युफैक्बरिंग के राष्ट्रीय नक्शे पर प्रमुखता से जुड़ जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन सिर्फ उद्योगों का नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य का भूमिपूजन है। मध्यप्रदेश निवेश के लिए अब देश का पसंदीदा स्थान बन चुका है। हमारी नीति स्पष्ट है, उद्योग लगाइए, सरकार आपके साथ है। उन्होंने उज्जैन, देवास और शाजापुर को प्रदेश का नया इंडस्ट्रियल ट्रायएंगल बताते हुए कहा कि राज्य में 320 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र. 1.25 लाख एकड़ का लैंड बैंक और तेज अनुमति प्रणाली उद्योगों को सेटअप करने में बड़ी सहूलियत दे रही है। उन्होंने कहा कि “बाबा महाकाल की नगरी अब हरित ऊर्जा की नगरी बनने की ओर बढ़ रही है।”

जैक्सन समूह के चेयरमैन समीर गुप्ता ने कहा कि परियोजना का प्रथम चरण जुलाई 2026 में पूरा किया जाकर उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। कई अन्य राज्यों से भी हमें बुलाया गया था, लेकिन हमने मक्सी को चुना क्योंकि प्रदेश की नीतियां बेहतर हैं और निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का व्यवहार, उनका विकास-उन्मुख दृष्टिकोण और उद्योगों के प्रति सहयोगात्मक रवैया उन्हें मक्सी लेकर आया। गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास गति और मुख्यमंत्री की कार्यशैली उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय विकास मॉडल जैसी दिखती है, इसलिए वे इस विश्वास के साथ यहां निवेश कर रहे हैं कि प्रदेश आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी और टेक्नॉलॉजी हब के रूप में पहचान बनाएगा।

कार्यक्रम में मक्सी फेज-1 जिला शाजापुर में भी लगभग 24 करोड़ के निवेश से चार नई इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण हुआ। इसमें आदित्य वृद्ध पैकेजिंग, पुष्टि फार्मा कैम का भूमिपूजन और रुक्मणी एंड सन्स एवं पोको प्रोटीन्स का लोकार्पण किया गया। इन इकाइयों के शुरू होने से 200 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। इन इकाईयों के से आने वाले समय में मक्सी क्षेत्र की इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किए जाने की व्यापक संभावनाएं बढ़ गई है।

शाजापुर और देवास जिले में पीपलरावा-पोलायकला क्षेत्र में 476 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर एक नया विशाल औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर 500 करोड़ से अधिक की लागत आने का अनुमान है और इसमें 200 से 300 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी। इससे क्षेत्र में 40 से 50 हजार प्रत्यक्ष तथा 60 हजार से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा, यह ओद्योगिक क्षेत्र स्थानीय युवाओं किसानों, परिवहन, लघु उद्योग एवं एमएसएमई इकाईयों की आर्थिक समृद्धि का नया केंद्र बनेगा।

शाजापुर जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं और मांग को ध्यान में रखते हुए एक नया औद्योगिक पार्क विकसित किया जा रहा है। यह पार्क ग्राम भदौनी, रामनगरखेड़ी और खेड़ाखेड़ी की सीमाओं के बीच विकसित किया जा रहा है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 40.470 हेक्टेयर है, जिसकी कुल विकास लागत लगभग 30.55 करोड़ है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जिले में छोटे, लघु और मध्यम उद्योगों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुविधाएँ और विस्तार का अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सके। पार्क में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के बाद लगभग 2,500 करोड़ के निवेश की संभावना है और इससे करीब 4 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर भी खोलेगी।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, लोकसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज सांसद अनिल फिरोजिया और महेंद्र सिंह सोलंकी मौजूद रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक, अनिल जैन कालूहेड़ा (उज्जैन उत्तर), सतीश मालवीय (पटिया), अरुण भीमावद (शाजापुर), डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान (नागदा-खाचरौद), धनश्याम चंद्रवंशी (कालापीपल), गायत्री राजे पवार (देवास) एवं राजेश सोनकर (सोनकच्छ) सहित जनप्रतिनिधि शामिल थे।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह, एमडी एमपीआईडीसी चंद्रमौलि शुक्ला एवं कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी उज्जैन राजेश राठौर भी उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल हुए सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल हुए सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रविवार को योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की पावन भूमि वृंदावन पहुंचकर ‘बागेश्वर धाम’ के पीठाधीश्वर, पूज्य पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ में सम्मिलित होने का असीम आनंद प्राप्त किया। इस अवसर पर समरसता भोज का प्रसाद भी ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली से चलकर वृंदावन पहुंची यह यात्रा संस्कृति, परम्परा और विरासत के संरक्षण-संवर्धन के लिए आह्वान कर रही है। उन्होंने अपील की कि पदयात्रा मार्ग पर सभी सनातन प्रेमी इसमें अवश्य सहभागी बनें।

यह तो ब्रज का धाम है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश में कहा कि ‘बागेश्वर धाम’ के पीठाधीश्वर, पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ की सफलता के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं। हम सबमें सामाजिक समरसता का भाव बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह तो ब्रज का धाम है, जो कृष्ण कन्हैयालाल की भूमि है। यहां की रज के कण-कण में भगवान हैं और भगवान का देवस्थान है। यहां क्या सड़क, क्या मकान, सबके लिए महान है। बागेश्वर धाम द्वारा हम सबके लिए सामाजिक समरसता को लेकर यह एक अच्छा संकल्प है।

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