मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के सूर्या हॉफ मैराथन-2025 में नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के सूर्या हॉफ मैराथन-2025 में नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में सूर्या हॉफ मैराथन-2025 के तृतीय संस्करण की नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़ कर आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जबलपुर में विद्यमान मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेन्ट जनरल पदम सिंह शेखावत और सूर्या हॉफ मैराथन के आयोजन से जुड़ी सेना की टीम और धावकों से वर्चुअली संवाद किया।

लेप्टिनेन्ट जनरल पी.एस. शेखावत ने बताया कि यह मैराथन जबलपुर को भारत के खेल मानचित्र पर उभारने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। समाज के सभी वर्गों, मुख्यत: युवा वर्ग में खेल कूद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना, जबलपुर को पर्यटन केन्द्र के रूप में बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी मैराथन का उद्देश्य है।

मैराथन से होने वाली आय का एक भाग दृष्टि बाधित केन्द्र के उत्थान को समर्पित किया जाएगा। इस मैराथन को क्रमश: 21, 10, 05 और 03 किलोमीटर श्रेणी में आयोजित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी विभिन्न आयु वर्गों के लगभग 10 हजार धावकों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1966 में आज ही के दिन हुई भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रति वर्ष 16 नवम्बर को मनाया जाता है। लोकतंत्र को मजबूत करने, समाज को नई दिशा देने और विकास को गति देने में पत्रकारिता जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। यह दिवस स्वतंत्र और दायित्वपूर्ण प्रेस की भूमिका को समर्पित है।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया अपनी प्रखरता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ लोकतंत्र के पथ को और अधिक प्रकाशमान करता रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेडियापाड़ा में जनजातीय गौरव दिवस पर अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेडियापाड़ा में जनजातीय गौरव दिवस पर अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना की
गुजरात के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की विशेष रूप से प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व भारत के विकास की नई पहचान बन रहा है, और इस दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में व्यापक विकास हो रहे हैं और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक दिशा में निर्णायक प्रगति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा और विकास के प्रत्येक आयाम में जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की वास्तविक शक्ति को प्रमाणित करता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व रायपुर में उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, परंपरा, कला और बलिदान का भव्य प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित होगा।

प्रधानमंत्री के उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय, उनकी संस्कृति तथा राज्य में चल रहे जनजातीय उत्थान के प्रयासों की जिस प्रकार सराहना की गई, उसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन शब्दों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सम्मान समूचे छत्तीसगढ़वासियों का मनोबल बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से राज्य में जनजातीय सशक्तिकरण, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमारे देश के गौरव हैं। देश का जनजातीय समाज उनके स्नेह और उदारता के लिए कृतज्ञ है। छत्तीसगढ़ के लिए उनका कहा हुआ प्रत्येक शब्द अमृत के समान है। उनके इस स्नेह को प्रसाद मानते हुए हम और अधिक उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की अर्चना में स्वयं को समर्पित करते हैं।

अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा को तीव्र गति देते हुए राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि में अपना पूर्ण योगदान देगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से यह विकास यात्रा और अधिक गतिशील, प्रभावी और व्यापक बनेगी।

आईपीएल में दो टीमों के बीच कैसे होती है ट्रेडिंग

आईपीएल में दो टीमों के बीच कैसे होती है ट्रेडिंग
आईपीएल 2026 से पहले ही टीमों में खिलाड़ियों के लेन‑देन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस सीजन की पहली बड़ी ट्रेडिंग मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुई है. लखनऊ के शार्दुल ठाकुर अब 2 करोड़ की कीमत में मुंबई इंडियंस का हिस्सा बन गए हैं. इसके अलावा, मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस के साथ भी सौदा किया और शेरफेन रदरफोर्ड को 2.6 करोड़ में अपनी टीम में शामिल कर लिया है. आइए इसी क्रम में पहले जानते हैं कि दो टीमों के बीच में ट्रेडिंग कैसे होती है और फाइनल लिस्ट में विदेशी प्लेयर कितने होते हैं.

ट्रेडिंग विंडो की समयसीमा
आईपीएल के नियमों के मुताबिक, ट्रेडिंग विंडो सीजन खत्म होने के एक महीने बाद खुलती है और अगले ऑक्शन से एक हफ्ता पहले बंद हो जाती है. ऑक्शन के बाद से अगले सीजन की शुरुआत तक फिर से ट्रेडिंग की अनुमति रहती है. मतलब अगर कोई फ्रेंचाइजी किसी खिलाड़ी को बदलना चाहती है या नया सौदा करना चाहती है, तो उसे तय समय में करना होता है. इस सीजन की ट्रेडिंग विंडो दिसंबर के पहले हफ्ते तक खुली रहेगी.

ट्रेड का फैसला कौन करता है?
अंतिम फैसला हमेशा फ्रेंचाइजी का होता है. अधिकांश समय, एक फ्रेंचाइजी दूसरी फ्रेंचाइजी को किसी खिलाड़ी के लिए अप्रोच करती है. कई बार खिलाड़ी खुद ट्रेड की मांग करते हैं, खासकर अगर वे अपनी मौजूदा टीम में खुश नहीं होते या किसी दूसरी टीम में खेलना चाहते हैं. लेकिन याद रहे कि खिलाड़ी की इच्छा के बावजूद, टीम का अंतिम निर्णय ही लागू होता है. कई बार खिलाड़ी को अनचाहे तरीके से भी ट्रेड होना पड़ता है.

फाइनल स्क्वाड में विदेशी खिलाड़ियों की लिमिट
आईपीएल में फाइनल मैच‑डे स्क्वाड में अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ी ही खेल सकते हैं. हालांकि पूरी टीम की स्क्वाड (पूरे सीजन के लिए) में 8 विदेशी खिलाड़ी रजिस्टर्ड किए जा सकते हैं, लेकिन मैच के दिन टीम प्रबंधन केवल 4 ही विदेशी खिलाड़ियों को मैदान पर उतार सकता है. यही वजह है कि टीम में विदेशी खिलाड़ियों का चयन और रणनीति बेहद सोच-समझकर की जाती है. विदेशी खिलाड़ियों की क्षमता, टीम की जरूरत और मुकाबले की परिस्थिति के हिसाब से ये चुनाव होता है.

ट्रेडिंग का रणनीतिक महत्व
ट्रेडिंग सिर्फ खिलाड़ियों को बदलने का साधन नहीं है. यह टीम की रणनीति, कप्तानी, बल्लेबाजी और गेंदबाजी के संतुलन को बनाए रखने का तरीका भी है. अच्छे खिलाड़ी के आने या जाने से टीम की सफलता पर बड़ा असर पड़ता है, इसलिए फ्रेंचाइजी ट्रेडिंग के दौरान बहुत सोच-विचार करती हैं.

अक्षय कुमार के नाम हैं ये 2 रिकॉर्ड, गिनीज बुक में दर्ज है

अक्षय कुमार के नाम हैं ये 2 रिकॉर्ड, गिनीज बुक में दर्ज है
अक्षय कुमार अक्सर ही अपनी जबरदस्त फिल्मों को लेकर चर्चा में रहते हैं. लेकिन आज हम उनकी फिल्मों को लेकर नहीं बल्कि उनके वर्ल्ड रिकॉर्ड्स पर गौर फरमाने वाले हैं. अक्षय कुमार ने 2 ऐसे बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं जिनके बारे में शायद ही कोई जानता होगा. यहां जानें पूरी डिटेल्स.

अक्षय कुमार के नाम दर्ज है ये वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
अक्षय कुमार यानी बॉलीवुड के खिलाड़ी आए दिन किसी न किसी वजह से चर्चा में रहते हैं. आपने उनकी फिल्मों और उनके किरदारों के बारे में तो सुना ही होगा. लेकिन इन वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं. खिलाड़ी कुमार ने ऐसे कारनामे कर दिखाए हैं जिसके बाद उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया.

अक्षय कुमार का नाम कम समय में सबसे ज्यादा सेल्फी लेने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड में लिखा गया. अभिनेता ने महज 3 मिनट में ही 184 सेल्फी क्लिक की जिसके बाद उनका नाम गिनीज बुक में लिखा गया. इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने फैंस को दिया था. अपनी फिल्म ‘सेल्फी’ के प्रमोशन के दौरान उन्होंने ये रिकॉर्ड बनाया था.

दूसरे रिकॉर्ड की बात करें तो जब 2013 में अक्षय कुमार की फिल्म ‘बॉस’ आई थी तो मेकर्स ने इस फिल्म के लिए दुनिया का सबसे बड़ा पोस्टर बनाया था. 2013 में इस पोस्टर को अनफोल्ड किया गया और इसके साइज की बात करें तो इस पोस्टर 193 फीट 1 इंच चौड़ा और 180 फीट 2 इंच ऊंचा था. इस वजह से इसका नाम भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया.

अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्में
बीते काफी समय से अक्षय कुमार का ट्रैक रिकॉर्ड खराब रहा है. उनकी लगातार कई फिल्मों बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई. लेकिन ‘जॉली एलएलबी 3’ को दर्शकों का बहुत प्यार मिला. अब खिलाड़ी कुमार के अपकमिंग फिल्मों की बात करें तो वो ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘भूत बंगला’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगे.

घर में शंख रखने से खुलते हैं भाग्य के द्वार

घर में शंख रखने से खुलते हैं भाग्य के द्वार
हिंदू धर्म में शंख का बहुत ऊंचा स्थान है. पूजा-पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों में शंख की ध्वनि को शुभ और पवित्र माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय हुई थी. भगवान विष्णु को यह अत्यंत प्रिय है, इसलिए उनकी पूजा में शंख का विशेष स्थान होता है.

मान्यता है कि घर में शंख रखने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. लेकिन वास्तु शास्त्र में इसके कुछ विशेष नियम बताए गए हैं जिन्हें न मानने पर शुभ के स्थान पर अशुभ परिणाम भी मिल सकते हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, शंख रखने की सबसे शुभ दिशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) मानी गई है. इसे घर के मंदिर या पूजा स्थान के पास रखना चाहिए. इस दिशा में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है.

शंख को हमेशा साफ-सुथरी जगह पर रखना चाहिए. जब भी शंख बजाएं, उसके बाद उसे साफ पानी से धोकर ही वापस रखें. गंदे या धूल भरे स्थान पर रखने से नकारात्मक ऊर्जा फैल सकती है और घर का माहौल प्रभावित होता है.

वास्तु के अनुसार शंख को कभी भी सीधे ज़मीन पर नहीं रखना चाहिए. पूजा के दौरान इसे किसी साफ कपड़े या छोटे से स्टैंड पर रखा जाता है. शंख देवताओं का प्रतीक माना गया है, इसलिए उसकी पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है.

शंख को भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी या बाल गोपाल की मूर्ति के दाहिनी ओर रखना शुभ माना गया है. शंख का खुला भाग हमेशा ऊपर की ओर होना चाहिए. ऐसा करने से घर में सकारात्मक कंपन बढ़ते हैं और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है.

घर में दो शंख रखना शुभ माना गया है. एक पूजा के लिए और दूसरा बजाने के लिए. पूजा वाला शंख केवल पूजन में इस्तेमाल होता है, जबकि दूसरा शंख बजाने के लिए रखा जाता है.

‘सुन लो जयचंदों, अगर मेरे पिताजी एक इशारा कर दें तो – तेज प्रताप

‘सुन लो जयचंदों, अगर मेरे पिताजी एक इशारा कर दें तो – तेज प्रताप
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के एक दिन बाद लालू यादव के परिवार में फूट खुलकर सामने आ गई. उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने न सिर्फ राजनीति छोड़ने का ऐलान किया बल्कि अपने परिवार से भी नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया. अब उनके भाई तेज प्रताप यादव उनके समर्थन में आ गए हैं. उन्होंने रोहिणी आचार्य के कथित विरोधियों को चेतावनी दे डाली है.

तेज प्रताप यादव ने लिखा, “कल की घटना ने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है.मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया… लेकिन मेरी बहन के साथ जो अपमान हुआ, वह किसी भी हाल में असहनीय है. सुन लो जयचंदो— परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी.”

जबसे मेरी रोहिणी बहन के चप्पल उठाने की खबर सुनी, दिल की आहत अब अग्नि बन चुकी है. जब जनमानस की भावनाएँ आहत होती हैं, तो बुद्धि पर पड़ी धूल उड़ जाती है. इन चंद चेहरों ने तेजस्वी की भी बुद्धि पर परदा डाल दिया है. इस अन्याय का परिणाम बेहद भयावह होगा. समय का लेखा-जोखा बड़ा कठोर है.

तेज प्रताप यादव ने ये भी कहा, “मैं आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरे पिता, मेरे राजनीतिक गुरु लालू प्रसाद यादव जी से आग्रह करता हूं पिता जी, एक संकेत दीजिए, आपका केवल एक इशारा, और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में गाड़ देने का काम खुद कर देगी. यह लड़ाई किसी दल की नहीं परिवार के सम्मान, बेटी की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई है.”

बिहार में नीतीश कुमार ही होंगे NDA के मुख्यमंत्री

बिहार में नीतीश कुमार ही होंगे NDA के मुख्यमंत्री
बिहार की राजनीति में इन दिनों एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भले ही एनडीए बहुमत के साथ सत्ता में लौट आया हो, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है.

इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ऐसा पोस्टर शेयर किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है.

क्या नीतीश कुमार एक बार फिर सांभालेंगे सीएम पद?
जेडीयू द्वारा जारी इस पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बड़ी तस्वीर लगी है, जिसके साथ लिखा है, “बिहार है खुशहाल, फिर से आ गए नीतीश कुमार”. इसके साथ कैप्शन में पार्टी ने टिप्पणी की, “खुशहाल है बिहार… सुरक्षित है बिहार”. इस पोस्ट को देखते ही राजनीतिक विश्लेषकों और बिहार की जनता के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या जेडीयू यह संकेत दे रही है कि नीतीश कुमार ही एक बार फिर मुख्यमंत्री पद संभालेंगे.

जेडीयू का पोस्टर बिहार में बना चार्चा का विषय
एनडीए की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है. बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), हम और आरएलएम जैसे गठबंधन के घटक दलों के शीर्ष नेता जल्द ही बैठक कर नेतृत्व तय करेंगे. लेकिन जेडीयू के इस पोस्टर ने तय प्रक्रिया से पहले ही चर्चाओं के दरवाजे खोल दिए हैं. जेडीयू ने पोस्टर का चुनाव ऐसे समय किया है जब बिहार की राजनीति में सत्ता संतुलन और मुख्यमंत्री पद को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं.

गौर करने वाली बात यह है कि एनडीए में सबसे ज्यादा सीट बीजेपी को मिली हैं, जबकि जेडीयू दूसरे स्थान पर है. इसके बावजूद जेडीयू लगातार नीतीश कुमार को सर्वमान्य नेता और सुशासन का चेहरा बताती रही है. यही वजह है कि पोस्टर में प्रदर्शित संदेश को अप्रत्यक्ष दावा माना जा रहा है.

नीतीश के विकल्प पर विचार करने के मूड है पार्टी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पोस्टर जेडीयू की ओर से जनता और गठबंधन को एक तरह का संकेत है कि पार्टी नीतीश कुमार के विकल्प पर विचार करने के मूड में नहीं है. वहीं बीजेपी की ओर से भी कोई सार्वजनिक असहमति नहीं दिखी है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि
निर्णय शायद पहले से ही तय हो चुका हो.
अब सबकी निगाहें एनडीए की होने वाली औपचारिक बैठक पर टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री पद पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी, लेकिन इतना तय है कि जेडीयू के इस पोस्टर ने सस्पेंस और बढ़ा दिया है और बिहार की राजनीति में एक बार फिर नीतीश कुमार की भूमिका को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

गौतम गंभीर की यह चालाकी पड़ी भारतीय टीम पर भारी

गौतम गंभीर की यह चालाकी पड़ी भारतीय टीम पर भारी
भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट में 30 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। रैंक टर्नर पिच के कारण मुकाबला महज ढाई दिन में समाप्त हो गया। इस जीत से दक्षिण अफ्रीका ने 15 साल बाद भारतीय सरजमीं पर कोई टेस्ट जीता हासिल की। मेहमान टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है।

चार दिन तक पिच में नहीं डाला पानी
भारतीय टीम की हार का मुख्य कारण ईडन गार्डन्स की विवादास्पद पिच रही। टीम मैनेजमेंट की मांग पर क्यूरेटर ने रैंक टर्नर तैयार की, जो पहले दिन से ही स्पिनरों के लिए मददगार साबित हुई। लेकिन यही रणनीति उलटी पड़ गई और भारत यह मुक़ाबला हार गया। पिच की गुणवत्ता पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाए। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने खुलासा किया कि टीम मैनेजमेंट की डिमांड पर चार दिनों तक पिच पर पानी नहीं डाला गया। गांगुली ने कहा, “पिच ठीक वैसी ही थी जैसी इंडियन कैंप चाहता था। चार दिनों तक पानी न डालने से यही होता है। चीफ क्यूरेटर सुजन मुखर्जी को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।”

टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने अपने फ़ेवर में किया मैच
हेड कोच गौतम गंभीर 10 नवंबर को बैटिंग कोच सितांशु कोटक के साथ पिच का निरीक्षण करते नजर आए और क्यूरेटर सुजन मुखर्जी से चर्चा भी की। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर मैच अपने पक्ष में कर लिया, क्योंकि कोलकाता में चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करना बेहद मुश्किल होता है।

बावुमा ने खेली मैच जिताऊ पारी
दूसरी पारी में जब प्रोटियाज 100 रनों के अंदर ढेर होती दिख रही थीं, तब कप्तान तेम्बा बावुमा नेसमझदारी से बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया और टीम को 153 रनों तक पहुंचाया और जीत की नींव रखी। बावुमा की यह पारी इतिहास में लंबे स्माय तक याद राखी जाएगी।

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