बिहार में सरकार बनाने की कवायद तेज

बिहार में सरकार बनाने की कवायद तेज
बिहार में एनडीए के पक्ष में आए एकतरफा नतीजों के बाद अब सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है. जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. माना जा रहा है कि ये मुलाकात मुख्यमंत्री और अन्य विभागों के बंटवारे को लेकर हो सकती है. संजय झा और ललन से मुलाकात के बाद अमित शाह से मिलने जेपी नड्डा भी पहुंच गए हैं.

ललन सिंह और संजय झा के बाद बिहार में बीजेपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और सह प्रभारी विनोद तावड़े भी गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने पहुंचे हैं. इस बैठक में चुनावी नतीजों की समीक्षा और सरकार गठन की रूपरेखा पर चर्चा की गई. माना जा रहा है कि इन बैठकों के जरिए बिहार के नए मुख्यमंत्री और उसकी कैबिनेट में शामिल मंत्रियों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी.

मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिलहाल अपना इस्तीफा औपचारिक तौर पर राज्यपाल को नहीं सौंपा है. उनके इस्तीफे के बाद से सरकार बनाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो सकेगी. शपथ ग्रहण में पीएम मोदी शामिल होंगे, उनकी उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए शपथ ग्रहण की फाइनल तारीख तय होगी. इससे पहले पटना में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है. बीजेपी और जेडीयू ने अपने विधायकों को पटना पहुंचने के निर्देश दिए हैं.

अगले सप्ताह का राजनीतिक कैलेंडर तय माना जा रहा है. इसमें जेडीयू, बीजेपी, हम और आरएलएम के विधायक दल की बैठकें होंगी. इनमें नेता चुनने और नए समीकरणों पर चर्चा होगी. इनमें मुख्यमंत्री आवास में एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक होनी है. इसमें माना जा रहा है कि नीतीश को नेता चुना जाएगा.

बिहार में NDA को मिला है प्रचंड बहुमत
इस बार के बिहार चुनाव 2025 में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी को 89 सीटें और जेडीयू को 85 सीटें मिली हैं. दोनों दलों ने 101-101 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी को 19 सीटों पर जीत मिली है. इसके अलावा जीतन राम मांझी की पार्टी को 5 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को चार सीटें मिली हैं. वहीं महागठबंधन पूरी तरह से फ्लॉप रहा. जहां आरजेडी को 25 सीटें मिली हैं, वहीं कांग्रेस 6 सीटों पर सिमट गई. इसके अलावा लेफ्ट दल भी कुछ खास कमाल नहीं कर सके.

‘कांथा’ ने 2 दिन में निकाल लिया बजट का एक तिहाई हिस्सा

‘कांथा’ ने 2 दिन में निकाल लिया बजट का एक तिहाई हिस्सा
‘कांथा’ ने थिएटर्स में उसी दिन एंट्री ली जिस दिन अजय देवगन की मच अवेटेड रॉम-कॉम ‘दे दे प्यार दे 2’ ने ली. हालांकि, दोनों के बीच कोई भी कंपटीशन इसलिए नहीं रहा क्योंकि अजय देवगन की फिल्म हिंदी में रिलीज हुई है और दुलकर सलमान की ‘कांथा’ तमिल और तेलुगु में.

फिल्म को दर्शकों और रिव्यूर्स ने अच्छा रिस्पॉन्स दिया और आज वीकेंड का दूसरा दिन भी है जिससे छुट्टी का भी योगदान रहा, इन दोनों वजहों से फिल्म की आज की कमाई में भी इजाफा हुआ और बजट के हिसाब से फिल्म ने ओपनिंग डे में भी बढ़िया कमाई की.

‘कांथा’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म ने ओपनिंग डे पर 4.35 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. अब दूसरे दिन सैक्निल्क के मुताबिक 10:40 बजे तक ये कमाई 4.85 करोड़ रुपये हो चुकी है. फिल्म के टोटल कलेक्शन की बात करें तो ये 9.20 करोड़ रुपये पहुंच चुका है.

बता दें कि सैक्निल्क पर उपलब्ध आज का डेटा फाइनल नहीं है. इसमें बदलाव हो सकता है.

‘कांथा’ का बजट और वर्ल्डवाइड कलेक्शन
दुलकर सलमान की फिल्म का बजट बहुत ज्यादा नहीं है. कोईमोई के मुताबिक इसे 35-40 करोड़ रुपये में बनाया गया है. सैक्निल्क पर उबलब्ध डेटा के मुताबिक फिल्म ने पहले दिन 10.15 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया.

इसमें आज का भी घरेलू डेटा जोड़कर देखें तो ये फिल्म बजट का एक तिहाई हिस्सा निकाल चुकी है. फिल्म के पास अभी वीकेंड का आखिरी दिन भी है और संडे की छुट्टियों का फायदा अगर मिला तो उम्मीद है कि ये बजट का 50 प्रतिशत हिस्सा पहले ही वीकेंड में निकल लेगी.

अस्पताल में भर्ती हुए कप्तान शुभमन गिल

अस्पताल में भर्ती हुए कप्तान शुभमन गिल
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डंस में खेला जा रहा है। इस मुकाबले के दूसरे दिन भारतीय टीम को उस वक्त जबरदस्त झटका लगा, जब गर्दन की ऐंठन की वजह से कप्तान शुभमन गिल रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। हालांकि अब उनके स्वास्थ्य को लेकर अपडेट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, शुभमन गिल को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऐसे में उनकी चोट को लेकर चिंता बढ़ गई है। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, शुभमन को अभी भी गर्दन में कुछ तकलीफ है, इसलिए उन्हें रात भर निगरानी में रखा जाएगा और आगे की जांच की जाएगी।

आपको बता दें कि इससे पहले बीसीसीआई की तरफ से बताया गया था कि मेडिकल टीम शुभमन गिल की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। दूसरे दिन के बचे हुए खेल में वह मैदान पर उतरेंगे या नहीं, इसका फैसला उनकी हालत देखकर किया जाएगा।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुभमन गिल भारत की पहली पारी में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे थे। इसी बीच उन्हें गर्दन में तकलीफ महसूस हुई। ऐसे में उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। शुभमन गिल को दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले ही गर्दन में परेशानी शुरू हो रही थी।

ऋषभ पंत ने किया टीम का नेतृत्व
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट के दूसरे दिन शुभमन गिल की अनुपस्थिति में उप-कप्तान ऋषभ पंत ने भारतीय टीम का नेतृत्व किया। दूसरे दिन मेहमान टीम ने दूसरी पारी में दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 7 विकेट पर 93 रन बना लिए थे।

7 साल बाद बदले नियम: मध्य प्रदेश में वन संविदा कर्मियों के लिए खुला फॉरेस्ट गार्ड पदों का रास्ता

7 साल बाद बदले नियम: मध्य प्रदेश में वन संविदा कर्मियों के लिए खुला फॉरेस्ट गार्ड पदों का रास्ता
भोपाल। वन विभाग ने सात साल बाद गैर लिपिकीय सेवा भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब विभाग में पांच साल की सेवा पूरी कर चुके संविदा कर्मचारी भी वनरक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) पद पर नियुक्ति के पात्र हो सकेंगे। पहले तक वनरक्षक पदों पर संविदा कर्मचारियों को न तो नियुक्ति दी जाती थी और न ही शासन द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत अंकों की छूट का लाभ मिलता था।

50% रिक्त पद संविदा कर्मियों को, 55 वर्ष तक पात्रता
संशोधित नियमों के अनुसार विभाग ने अब संविदा कर्मचारियों को वनरक्षक भर्ती में महत्वपूर्ण स्थान दिया है। नए नियम के तहत,वनरक्षक के रिक्त पदों में 50% पद संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित होंगे।

महिला कर्मियों को मिलेगी छूट
अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित की गई है, जिससे लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मियों को लाभ मिलेगा। महिला संविदा कर्मियों को भी शासन के नियमानुसार सभी छूटें लागू होंगी। इस संशोधन को विभाग ने मध्य प्रदेश शासन की आदेशों के अनुरूप लागू किया है, जिससे लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो गई है।

सैकड़ों संविदा कर्मियों को मिलेगा सीधा लाभ: पांडे
मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने इस फैसले पर सरकार और विभाग का आभार जताया है। मंच ने कहा कि इस संशोधन से वन विभाग में लंबे समय से कार्यरत कई संविदा कर्मियों को नियुक्ति और प्रमोशन का रास्ता मिलेगा। यह निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा और विभागीय कामकाज में भी सकारात्मक असर लाएगा। उन्होंने कहा कि मप्र वन विभाग में करीब डेढ़ लाख संविदा कर्मी हैं। जिन्हें इसका लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती 15 नवम्बर को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में गरिमामय ढंग से मनायी जाएगी। इस अवसर पर जिलों में विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, मंत्रिगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण अधिकारिक यू-ट्यूब चैनल एवं डीडी न्यूज के माध्यम से होगा, जिसे देखने और सुनने की व्यवस्था भी कार्यक्रम स्थल पर होगी। कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री का संदेश पत्र वाचन होगा तथा “पीएम जनमन”, “आदि कर्मयोगी”, “धरती आबा” जैसी योजनाओं पर आधारित लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी।

राज्य शासन द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के संबंध में जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में बस्तर के जिला मुख्यालय जगदलपुर में जनजातीय गौरव दिवस का गरिमामय आयोजन होगा। इस मौके पर वनमंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण सिंह देव विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

दुर्ग जिले में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, रायपुर में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखनलाल साहू और राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, बलरामपुर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, बेमेतरा में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, कोरबा में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, रायगढ़ में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सरगुजा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, जांजगीर-चांपा में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महासमुंद में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, कांकेर में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कोरिया में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि होंगे।

इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सूरजपुर में सांसद चिंतामणि महाराज, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सांसद विजय बघेल, कबीरधाम में सांसद संतोष पाण्डेय, बालोद में सांसद भोजराज नाग, गरियाबंद में सांसद रूपकुमारी चौधरी, जशपुर में सांसद राधेश्याम राठिया, सक्ती में सांसद कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद महेश कश्यप, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में राज्य सभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह मोहला-मानपुर चौकी में विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, धमतरी में विधायक अजय चन्द्राकर, कोण्डागांव में विधायक लता उसेण्डी, मुंगेली में विधायक पुन्नूलाल मोहले, नारायणपुर में विधायक विक्रम उसेंण्डी, सुकमा में विधायक नीलकंठ टेकाम, दंतेवाड़ा में विधायक चैतराम अटामी और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची मुख्य अतिथि होंगे।

जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, जनजातीय समुदाय के प्रमुखों एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। जनजातीय संस्कृति, कला, व्यंजन, हस्तशिल्प और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी एवं लाभार्थी संवाद कार्यक्रम भी जिला स्तरीय समारोह का प्रमुख आकर्षण होंगे। स्कूलों, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों में भी इस अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।

रायसेन राशन घोटाला:तौल में खेल,रिकॉर्ड में हेरफेर,5 दोषी अधिकारी,कर्मचारियों को कलेक्टर ने किया तलब,कार्रवाई तय

रायसेन राशन घोटाला:तौल में खेल,रिकॉर्ड में हेरफेर,5 दोषी अधिकारी,कर्मचारियों को कलेक्टर ने किया तलब,कार्रवाई तय
भोपाल। रायसेन जिले में खाद्य आपूर्ति तंत्र में बड़े स्तर की अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (वेयरहाउसिंग) के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने 5 कर्मचारियों को नोटिस थमाए हैं। इनसे तीन दिन में जवाब तलब किया गया है।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार,मामला साल 2021—22 का है। वेयर हाउस के गोदाम से करीब 321 क्विंटल सरकारी गेहूं की अफरा—तफरी की गई। इसका खुलासा बीते साल एक शिकायत के बाद हुआ। इसकी जांच के लिए तत्कालीन कलेक्टर अरविंद दुबे ने पांच सदस्यीय एक समिति गठित कर सात दिन में रिपोर्ट तलब की थी।

7 दिन की जांच डेढ़ साल में
तत्कालीन एसडीएम मुकेश सिंह की अध्यक्षता में यह समिति बनाई गई। समिति को जांच में डेढ़ साल से ज्यादा का वक्त लगा। रिपोर्ट भी तब सामने आ सकी जब मीडिया ने लगातार इस मामले का खुलासा किया और जांच पूरी नहीं होने पर सवाल उठाए।
बहरहाल,जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई। इसमें तौल की गड़बड़ी, स्टॉक मिलान में अंतर, रिकॉर्ड सुधार में देरी और खराब गेहूं जारी करने जैसी गंभीर खामियाँ सामने आईं।

5अधिकारी,कर्मचारी को थमाया नोटिस
कलेक्टर विश्वकर्मा ने संबंधित पांच अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र (शो-कॉज नोटिस) जारी किए हैं। इनमें वेयर हाउस शाखा प्रबंधक,साधना पंवार,संजय तिवारी,कनिष्ठ सहायक अतुल ​ठाकुर व नीलेश गौर तथा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी दीपक लोधी शामिल हैं।

जांच में मिली ये बड़ी गड़बड़ियाँ
स्टॉक मिलान में बड़ा अंतर: जनवरी 2024 में जांच के दौरान 321 क्विंटल गेहूं का अंतर पाया गया। रजिस्टर में दर्शाई गई मात्रा और वास्तविक स्टॉक मेल नहीं खा रहे थे। ऑनलाइन रिकॉर्ड भी मेल नहीं पाए गए।

वेयरहाउस में महीनों रखा खराब गेहूं: कई महीनों तक 197 क्विंटल खराब गेहूं वेयरहाउस में पड़े रहने के बाद भी उसे समय पर बदला नहीं गया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली(पीडीएस) में प्रभावित गेहूं की आपूर्ति की आशंका जताई गई।

रिकॉर्ड सुधार में लापरवाही: जांच में पाया गया कि वरिष्ठ अफसरों के निर्देश के बाद भी कर्मचारियों ने समय पर रजिस्टर और ऑनलाइन प्रविष्टियों को सही नहीं किया। कुछ मामलों में कर्मचारियों के हस्ताक्षर तक नहीं मिले।

डिलीवरी ऑर्डर में गड़बड़ी: कई डिलीवरी आदेश में जिम्मेदारों के दस्तखत तक नहीं थे। इस खामी को छिपाने बाद में सुधार करने की कोशिश हुई। कलेक्टर ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना है।

वरिष्ठ अफसरों को भी किया गुमराह:रिपोर्ट में उल्लेख है कि कर्मचारियों ने स्थिति छिपाने की कोशिश की और गलत विवरण प्रस्तुत किए। जांच में स्पष्ट हुआ कि नियमों का अनुपालन नहीं किया गया।

तीन दिन में दें जवाब,वरना कार्रवाई:कलेक्टर
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को जवाब देने व्यक्तिगत तौर पर तलब किया है।उन्हें तीन दिन की मोहलत दी गई। कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा कि जवाब असंतोषजनक हुआ तो एक पक्षीय कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय गौरव दिवस पर आलीराजपुर में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय गौरव दिवस पर आलीराजपुर में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन हमारे लिए दीवाली और होली की ही तरह है। भारत माता के अमर सपूत स्वाभिमान और स्वराज के प्रतीक, जनजातीय अस्मिता के संरक्षक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। पांचवें जनजातीय गौरव दिवस पर चारों दिशाओं में भारत अपने जनजातीय नायकों की स्मृतियों को पूज रहा है। जनजातियों के पराक्रम और परिश्रम से सजी आलीराजपुर की पावन मिट्टी में आजादी की लड़ाई के 2 अमर योद्धा शहीद छीतु किराड़ और शहीद चंद्रशेखर आजाद ने जन्म लिया है। शहीद छीतु किराड़ ने 1857 के संग्राम में जनजातीय शक्ति को संगठित कर अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए। भगवान बिरसा मुंडा और अमर शहीद छीतु किराड़ की प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त होना परम सौभाग्य की बात है। जनजातीय संस्कृति से समृद्ध आलीराजपुर क्षेत्र किसी स्वर्ग से कम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की विकास की अनेक सौगातें मिली हैं। जनजातीय गौरव दिवस पर जनजातीय कल्याण के लिए आलीराजपुर को 250 करोड़ रूपए की लागत से 156 विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। जनजातीय भाई-बहनों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के 156 कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और वंदे मातरम् के समवेत गायन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा और शहीद छीतु किराड़ की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आलीराजपुर पहुंचने पर जनजातीय भाई-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया।

राजा आलिया के नाम पर आलीराजपुर होने से मिली जिले को उचित पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंग्रेजों ने देशवासियों पर अत्याचार और कत्लेआम किए। भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज को साथ लेकर सशस्त्र विद्रोह कर अंग्रेजों को चुनौती दी। उन्होंने नशा मुक्ति और गौमाता के संरक्षण के लिए भी अभियान चलाया। टंट्या मामा, अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद और शहीद छीतु किराड़ ने मध्यप्रदेश की धरती से आजादी के अभियान को आगे बढ़ाया। आजादी के दीवानों का स्मरण कर हम सब गौरवान्वित अनुभव करते हैं। छीतु किराड़ इस धरती के पराक्रम का प्रतीक थे। उन्होंने अंग्रेजों के शोषण और जबरन लगान के खिलाफ साहसिक विरोध किया। अकाल के समय अंग्रेजों के गोदामों से अनाज निकालकर जरूरतमंद परिवारों को बांटा। देश की आजादी में जनजातीय अंचल के नायकों की महत्वपूर्ण भूमिका थी, लेकिन स्वतंत्रता के बाद जनजातीय नायकों को वह सम्मान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय गौरव अपनी प्रतिष्ठा के साथ पुन: स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर जनजातीय संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है। राजा आलिया इस क्षेत्र के स्वाभिमान, नेतृत्व और जनजातीय गौरव के प्रतीक थे।

विकास और जनकल्याण के लिए हमारी भावना और संकल्प स्पष्ट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आज हर पात्र जरूरतमंद परिवार को पक्के मकान मिल रहे हैं। लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर हर महीने रक्षाबंधन और भाईदूज मनाई जा रही है। अब बहनों को 1500 रुपए महीने मिलने लगे हैं। विकास और जनकल्याण के लिए हमारी भावना और संकल्प स्पष्ट है। माताएं-बहनें अपनी परवाह न करते हुए पूरे परिवार के भरण-पोषण का ध्यान रखती हैं। बहनें, लाड़ली बहना योजना के पैसों से परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बच्चों की फीस भर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार भी किसानों को अलग से मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 6 हजार रुपए का अतिरिक्त लाभ दे रही है। यह उनके परिश्रम का सम्मान है। प्रदेश के किसानों को भावान्तर योजना के माध्यम से सोयाबीन का उचित दाम मिल रहा है। पात्र किसानों को 15 दिन के अंदर राशि भेज दी गई है। राज्य सरकार गेहूं भी 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी से सिंचाई सुविधा मिलने से जिले के 170 गाँव लाभान्वित होंगे और हीरा तराशने के उद्योग स्थापित होने से क्षेत्र में नए रोजागार के अवसर सृजित हो रहे है।

पीले मोजैक से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को 45 करोड़ रूपए का मुआवजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में मनरेगा से बनने वाले 20-20 कुओं को परीक्षण के बाद बिजली आपूर्ति से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले में पीले मोजैक से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को 45 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 11 करोड़ रूपए की अधिक से लागत से निर्मित पलास पानी तालाब और मसनी बैराज, 6 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल, 3 सांदीपनि विद्यालय, 12 जनजातीय सीनियर छात्रावास, 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 2 सामूहिक स्वास्थ्य केन्द्र, बालक/बालिका छात्रावास एवं स्कूल भवन, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 7 उप स्वास्थ्य केन्द्र और आई.पी.एच.एल लैब शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रूपए लागत के 51 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया।

छत्तीसगढ़ शासन जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए संकल्पित : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ शासन जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए संकल्पित : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदिवासी समुदाय के ‘धरती आबा’ के नाम से पूजनीय बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और स्थानीय शोषकों के खिलाफ एक अभूतपूर्व क्रांति का सूत्रपात किया था, जिसे इतिहास में ‘उलगुलान’ के नाम से जाना जाता है।

उल्लेखनीय है कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ था। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों के पारंपरिक ‘खुंटकट्टी’ (सामुदायिक स्वामित्व) भूमि अधिकारों को छीनने और अत्यधिक लगान थोपने का विरोध प्रारंभ कर दिया था। बिरसा एक महान समाज सुधारक भी थे। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में एकता, स्वाभिमान और आत्म-सम्मान की अद्भुत चेतना जागृत हुई। भारत सरकार ने उनके राष्ट्र एवं समाज को दिए योगदान को सम्मानित करते हुए उनके जन्मदिन 15 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के अमूल्य बलिदान को स्मरण करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार इसी संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ जनजातीय समुदाय के उत्थान की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने जनजातीय समुदाय के पूर्वजों के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और सामाजिक सुधारों से प्रेरणा लेने का आव्हान युवाओं एवं भावी पीढ़ी से किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और सतत संवर्धन को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में जगदलपुर के विधायक किरण देव ने बस्तर अंचल के जनजातीय समुदाय के क्रांतिकारी जननायक शहीद गुंडाधुर, डेबरीधुर, गेंदसिंह आदि के संघर्षों एवं योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने आजादी की लड़ाई और बस्तर के जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अद्भुत त्याग किया। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में जनजातीय समुदाय की एकजुटता और उत्थान के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहे।

कार्यक्रम को जगदलपुर विधायक किरण देव तथा जनजातीय गौरव समाज के संभागीय अध्यक्ष तुलूराम कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद बस्तर महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक राज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के गणमान्यजन और नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं बैठक संपन्न

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं बैठक संपन्न
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विमर्श किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लिए 14 नई परियोजनाओं को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादन बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सिंचाई नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई रकबा बढ़ने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि भूजल स्तर में सुधार होगा और पेयजल आपूर्ति को बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक में सरगुजा, बस्तर सहित मैदानी इलाकों तक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर व्यापक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की रूपरेखा, लागत और उनके लाभों की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि प्रदेशभर में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए इन परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी।

गौरतलब है कि इन परियोजनाओं के माध्यम प्रदेश में लगभग 01 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले के अंतर्गत देउरगांव बैराज सह उदवहन सिंचाई परियोजना, बस्तर जिले के अंतर्गत मटनार बैराज सह उद्धवहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में महानदी पर मोहमेला सिरपुर बैराज योजना, अहिरन से गाजरीनाला जल संवर्धन निर्माण (खारंग अहिरन लिंक परियोजना) कार्य, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड अंतर्गत छपराटोला फीडर जलाशय परियोजना, कुम्हारी जलाशय जल क्षमता वृद्धि (जलावर्धन) योजना के अंतर्गत समोदा बैराज से कुम्हारी जलाशय तक पाईप लाईन बिछाने का कार्य, दुर्ग जिले के विकासखण्ड धमधा के सहगांव उद्धवहन सिंचाई योजना, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में लमती फीडर जलाशय एवं नहरों का निर्माण कार्य, राजनांदगांव जिले में स्थित मोहारा एनीकट में पेय जल हेतु चौकी एनीकट से मोहारा एनीकट तक पाईप लाईन के माध्यम से जल प्रदाय योजना, जशपुर जिले के मैनी नदी में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई योजना की स्वीकृति,

जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव बांगों परियोजना अंतर्गत वृहद परियोजना ऑगमेण्टेशन के अंतर्गत परसाही दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई परियोजना, कोरबा जिले के अंतर्गत मड़वारानी बैराज निर्माण सह उदवहन सिंचाई योजना, गरियाबंद जिले के पैरी परियोजना के अंतर्गत सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक नहर (पाईप लाईन) योजना तथा बिलासपुर जिले के खारंग जलाशय योजना के बाएं तट नहर के आर्वधन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना से उद्धवहन फीडर सिंचाई का निर्माण कार्य शामिल किया गया है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उइके सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मोरतलाई में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मोरतलाई में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश जनजातियों का अपना घर है, जिस ट्राइबल स्टेट भी कहा जाता है। यह उपमा ही हमारे अस्तित्व का सबसे बड़ा अभिनंदन है। जनजातियां, हमारी मुकुट मणियां हैं, यह प्रत्येक मध्यप्रदेशवासी के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। अबुआ दिशुम-अबुआ राज यानी हमारी धरती, हमारा राज। हमारी धरती और संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसी पहचान का उत्सव हम सब आज बड़वानी में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस वह शंखनाद है, जिसने नई पीढ़ी को वीर जननायकों के बलिदान, शौर्य और साहस से परिचित कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरतलाई में जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम मोरतलाई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की भव्य आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही बड़वानी जिले के लिए 133 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 6 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 46 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार राजपुर से दवाना मार्ग का लोकार्पण और 14 करोड़ 86 लाख रूपए की लागत से सेंधवा में नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन, बलवाड़ी का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर पानसेमल और बारला में उद्वहन सिंचाई परियोजना के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि अब क्षेत्र के सभी 51 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए जल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पानसेमल में रेस्टहाउस बनाने और यहीं पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) का कार्यालय (एसडीओपी आफिस) खोलने, टेमला में हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने, मोरतलाई के मिडिल स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने एवं रायचूर में उपलब्ध हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ से सापखड़की तक पक्की रोड बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विकास की बात पर हमें सबका साथ चाहिए। सबके साथ और सहयोग से ही प्रदेश को विकास की ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे जनजातीय भाई-बहनों ने सदैव अपनी माटी और अपनी संस्कृति के लिए जी-जान एक किया है। राजा भभूत सिंह से लेकर रानी अवंतिबाई तक अनेक जनजातीय नायकों की कहानी हमें आश्चर्य से भर देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी आते ही मन जनजातीय रंग में रंग गया है। मैं वीरों की भूमि बड़वानी की माटी से तिलक करता हूं, क्योंकि इस मिट्टी के कण-कण में रण है। यहां की मिट्टी ने भीमा नायक, खाज्या नायक और वीर बिरजू नायक जैसे अमर बलिदानियों को जन्म दिया। इन वीरों ने अपने पराक्रम से अंग्रेजों को छठी का दूध याद दिला दिया। इन सभी अमर सपूतों के चरणों में नमन है। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और आप सभी भाइयों-बहनों की उपस्थिति ने ही इस कार्यक्रम को गरिमामय बनाया है। उन्होंने सभी को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस (15 नवम्बर) की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती भव्य स्वरूप में मनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 साल पहले जनजातीय नायकों को सम्मान देने की परंपरा की शुरुआत की। हमारे जनजातीय नायकों ने जनजाति अंचलों से स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाई और भारत माता के जयकारे लगाते हुए अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई लड़ी। उन्होंने अंग्रेजों से कहा था कि ये धरती खाली करो… ये जल, जंगल और जमीन हमारी है। भारत 1947 में आजाद तो हो गया, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने समाज के नायकों को भुलाने का कार्य किया, खुद सत्ता के नशे में चूर हो गए। किसी भी जनजातीय नायक को कभी सम्मान नहीं दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भावान्तर योजना का लाभ देते हुए किसानों से 5328 रुपए प्रति क्विंटल सोयाबीन खरीद रही है। लाड़ली बहनों की शुरुआत से लेकर अब तक 45 हजार करोड़ की राशि लाड़ली बहनों को दी गई है। हर महीने रक्षाबंधन और भाईदूज मन रही है। किसानों के खाते में 12 हजार रुपए सम्मान निधि भेजकर दिवाली मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर जवान और खेतों में किसान, हमारे लिए दोनों बराबर है, यही हमारी नीति है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए गोपालन और पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। जिसमें किसानों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने पर अधिकतम 10 लाख रुपए तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की आजादी का इतिहास हमारे जननायकों के बिना अधूरा है। इतिहासकारों ने हमारे समृद्ध इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। जिन अमर सपूतों का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा होना चाहिए था, उन पर जरा सी भी स्याही खर्च नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातियों का गौरव पुनः अपनी प्रतिष्ठा के साथ स्थापित हो रहा है। हमारा मध्यप्रदेश विरासत से विकास का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि अब पाठ्यक्रमों में सभी जननायकों की जीवनी को शामिल किया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने असली नायकों से परिचित हो सके। अमर राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह की वीरता को पहुंचाने और उनकी स्मृतियों को सहेजने के लिए जबलपुर में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम न केवल अपनी विरासत को सहेज रहे हैं, बल्कि आने वाले भारत के निर्माण में जनजातीय समाज की समान भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 के “विकसित और आत्मनिर्भर भारत” के लिए “विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” का जो स्वप्न हम देख रहे हैं, वह आपके बिना पूरा नहीं होगा। आप सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हम कोई कमी नहीं रखेंगे। जब तक आप सभी जनजातीय भाई-बहन सशक्त और स्वावलंबी नहीं होगे तब तक मध्यप्रदेश की प्रगति अधूरी है।

पानसेमल विधायक श्री श्याम सिंह बर्डे ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि सिकल सेल एनीमिया रोग का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किया जाए। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं बड़वानी जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, अनूसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत पटेल, पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल, नंदकिशोर पाटीदार, सुभाष पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनजातीयजन उपस्थित थे।

nmms-scholarship-2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

0
नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
akshara goswami

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

0
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
poshan-tracker-pmmvy-grievance-redressal-2026

POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

0
नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...