मुख्यमंत्री से मिले टोपान स्पेशलिटी फिल्म्स प्रायवेट लिमिटेड के पदाधिकारी

मुख्यमंत्री से मिले टोपान स्पेशलिटी फिल्म्स प्रायवेट लिमिटेड के पदाधिकारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पुण्यधरा पर सभी निवेशकों का हृदय से स्वागत है। निवेशकों को सरकार अपनी योजनाओं का लाभ देने के साथ इकाई या कारखाना स्थापित करने में सहयोग भी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में टोपान स्पेशलिटी फिल्म्स प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी (जापानी समूह द्वारा अधिगृहित) के भारतीय एवं जापानी पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस कंपनी का मुख्यालय जापान एवं पंजाब में है। यह समूह करीब 950 करोड़ रुपए की लागत से धार जिले के पीथमपुर के औद्योगिक प्रक्षेत्र के सेक्टर-7 में करीब 71,200 टन सालाना क्षमता की बीओपीपी एवं सीपीटी फिल्म निर्माण इकाई स्थापित करना चाहता है। यह शत-प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रूप में होगा। इसी सिलसिले में निवेश की अग्रिम कार्यवाही के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कम्पनी पदाधिकारियों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर कम्पनी के सीएफओ एवं होल टाईम डायरेक्टर अमित जैन, कमर्शियल हेड रितेश तिरखा, मैनेजिंग एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिरोशी सुजुकी, जनरल मैनेजर तासुकु सेना, सेक्टर स्टाफ तोमोहिरो कोमा एवं टेक्निकल एडवाईजर तोशीयुकी माकी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में निवेश की अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि कम्पनी द्वारा मध्यप्रदेश पहली बार निवेश किया जा रहा है। कम्पनी मध्यप्रदेश की निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन को अधिक से अधिक प्राप्त करना चाहती है। कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1988 में टोपान समूह की स्थापना एक भारतीय कंपनी के रूप में हुई थी, जिसे आगे चलकर जापानी समूह द्वारा अधिग्रहित किया गया। कंपनी मुख्य रूप से पैकेजिंग फिल्म, लेबल फिल्म, ग्राफिक लेमिनेशन फिल्म के निर्माण का कार्य करती है। इकाई की पंजाब स्थित विनिर्माण इकाई लगभग 45 एकड़ में स्थापित है। इस समूह का वैश्विक टर्नओवर एक लाख 25 हजार करोड़ रूपये (14 बिलियन यू.एस. डॉलर) है। समूह का भारत में टर्नओवर 1500 करोड़ रूपये है। कम्पनी का भारत में सिंगल लोकेशन प्लान्ट पंजाब में है। मध्यप्रदेश में इकाई की स्थापना के लिए औद्योगिक प्रक्षेत्र पीथमपुर सेक्टर-7 में 14 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसका प्राथमिक अवलोकन इकाई के प्रतिनिधियों द्वारा किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया रिलायंस कम्प्रेस्ड बायो गैस संयंत्रों का वर्चुअल उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया रिलायंस कम्प्रेस्ड बायो गैस संयंत्रों का वर्चुअल उद्घाटन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) आज की जरूरत है। समेकित ऊर्जा उत्पादन पद्धति से हम देश और प्रदेश को स्वच्छ, हरित और उज्जवल भविष्य की ओर लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी भागीदारी और सहयोग से हम मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा का हब बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिलायंस ग्रीन एनर्जी कंपनी द्वारा भोपाल, इंदौर एवं सतना में नवनिर्मित तीन कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट्स का वर्चुअल उद्घाटन कर संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्याधुनिक कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स साझेदारी और प्रगति का प्रतीक हैं। यह कचरे को ऊर्जा में बदलते हैं। मध्यप्रदेश की धरती बेहद उपजाऊ है। कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स के जरिए ऊर्जा उत्पादन से प्रदेश में पराली/नरवाई जलाने जैसी घटनाएं भी कम होंगी। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश में भविष्य की ऊर्जा तैयार कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इन तीनों सीबीजी प्लांट्स का वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ही भूमिपूजन किया था और बुधवार को उनके द्वारा लोकार्पण भी किया गया। कम्पनी द्वारा प्रदेश में कुल 6 संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से तीन का लोकार्पण बुधवार को सम्पन्न हुआ। जबलपुर, बालाघाट और सीहोर में एक-एक संयंत्र निर्माणाधीन होकर तेजी से प्रगति पर हैं। कम्पनी द्वारा इन 6 संयंत्रों में करीब 700 करोड़ रूपए का निवेश किया गया है। इनकी संयुक्त उत्पादन क्षमता 45 हजार टन प्रतिवर्ष है। इन संयंत्रों के शुरू होने से वार्षिक स्तर पर लगभग 17 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइट उत्सर्जन में कमी आएगी, जो सरकार के पर्यावरण-संरक्षण के प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।

कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट का उद्घाटन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के नए युग का शुभारम्भ हो रहा है। भोपाल के आदमपुर छावनी क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड द्वारा स्थापित मध्यप्रदेश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट का उद्घाटन किया जा रहा है। यह प्लांट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “वेस्ट-टू-वेल्थ” और “एनर्जी फ्रॉम वेस्ट” के विज़न को साकार करने का प्रतीक है। इसका उद्देश्य स्वच्छ और सतत ऊर्जा उत्पादन के साथ भारत के 2070 तक “नेट जीरो कार्बन एमिशन” लक्ष्य प्राप्ति में भूमिका निभाना है। भोपाल का सीबीजी प्लांट केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि “हरित क्रांति 2.0” की शुरुआत भी है।

झीलों की नगरी भोपाल में बन रहा वेस्ट से वेल्थ का सेंटर
कार्यक्रम में रिलायंस कम्पनी के पदाधिकारियों ने बताया कि भोपाल के 130 करोड़ रुपये की लागत से 20 एकड़ भूमि में बने कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट से प्रतिदिन 22.5 टन बायो गैस का उत्पादन होगा, जिसके लिए 260 टन कृषि अवशेष जैसे पराली और नेपियर घास का उपयोग किया जाएगा। यही कचरा, जो पहले प्रदूषण का कारण बनता था, अब ऊर्जा का स्रोत बनेगा। यह अपने आप में “कचरे से कंचन” की साकार मिसाल है। इस प्लांट से निकलने वाली गैस का उपयोग बायो-CNG के रूप में वाहनों, घरेलू और औद्योगिक उपयोग में होगा, जो लगभग 2000 ऑटो रिक्शा और लघु वाहनों को ईंधन प्रदान कर सकेगी। इस प्लांट से 250 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

अपशिष्ट से अवसर : वेस्ट मैनेजमेंट का नया मॉडल
कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि यह सीबीजी संयंत्र जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक पर आधारित है और प्रदूषण नियंत्रण मानकों की व्हाइट कैटेगरी में आता है, जो पर्यावरण के लिए पूर्णतः सुरक्षित है। इस परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया भी अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल है। इसमें Anaerobic Digestion Technology का उपयोग किया गया है, जिसे GPS Renewables (भारत) और Snow Leopard Projects (जर्मनी) ने विकसित किया है। यह संयंत्र केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का माध्यम भी है। इससे न केवल पराली जलाने की समस्या का समाधान होगा, बल्कि किसानों को अपनी फसलों के अवशेष से अतिरिक्त आमदनी का भी स्रोत मिलेगा। इस प्लांट से प्रतिदिन 90 टन “Fermented Organic Manure” तैयार होगा, जो प्राकृतिक जैविक खाद के रूप में किसानों को मिलेगा। इससे मिट्टी की जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ेगी, रासायनिक खादों पर निर्भरता घटेगी और फसलों की गुणवत्ता सुधरेगी।

प्रदेश में बन रहे अन्य जगह कंप्रेस्ड बायो गैस के प्लांट
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के भोपाल के साथ इंदौर और सतना में कंप्रेस्ड गैस प्लांट कमीशनिंग स्टेज में है और जबलपुर में काम अंतिम चरण में है और बालाघाट, सीहोर में यह प्रक्रिया निर्माणधीन है। यह प्लांट सिर्फ नेपियर ग्रास के माध्यम से एग्री वेस्ट से ही नहीं, बल्कि बंजर भूमि और वेस्टलैंड को भी पुनर्जीवित करेगा। इस परियोजना के पहले चरण में 100 संयंत्रों का समूह स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक संयंत्र में लगभग 120-120 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 500 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। आने वाले वर्षों में रिलायंस कम्पनी प्रदेश में 500 कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स लगाने की योजना है।

मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री आलोक सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार सक्सेना, रिलायंस के पदाधिकारी अंसारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कैबिनेट से 25060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन को मंजूरी

कैबिनेट से 25060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन को मंजूरी
कैबिनेट ने इस वित्त वर्ष से शुरू होने वाले छह वर्षों के लिए 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन को मंजूरी दी है। बुधवार को सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि निर्यात संवर्धन मिशन के तहत एमएसएमई निर्यातकों को ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा।

दो उप-योजनाओं के जरिए होगा योजना का संचालन
सरकार ने बुधवार को निर्यात संवर्धन मिशन को मंजूरी दे दी। इस मिशन के लिए चालू वित्त वर्ष से शुरू होकर छह वित्त वर्षों के लिए 25,060 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस मिशन को दो उप-योजनाओं – निर्यात प्रोत्साहन और निर्यात दिशा – के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा।

निर्यात संवर्धन मिशन के तहत इन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता
सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह एक बहुत व्यापक मिशन है और इससे निर्यात के पूरे निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को मदद मिलेगी। इस मिशन के तहत वस्त्र, चमड़ा, इंजीनियरिंग, समुद्री व रत्न व आभूषण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

अमेरिका की टैरिफ से पैदा हुई अनिश्चितता दूर करने में मिलेगी मदद
सरकार के इस कदम से घरेलू निर्यातकों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से पैदा हुई वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं से बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम टैरिफ लगाया है।

नीतीश रेड्डी टेस्ट टीम से बाहर

नीतीश रेड्डी टेस्ट टीम से बाहर
युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को टेस्ट टीम से रिलीज कर दिया गया है। वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 14 नवंबर से खेले जाने वाले मुकाबले के लिए टीम का हिस्सा नहीं होंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को बताया कि नीतीश को दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारत ए टीम का हिस्सा बनाया या है।

बीसीसीआई ने किया नीतीश को रिलीज
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला शुक्रवार से ईडन गार्डन में खेला जाएगा। बीसीसीआई ने इस मुकाबले से ठीक दो दिन पहले नीतीश को रिलीज कर दिया और उन्हें 13-19 नवंबर के बीच राजकोट में दक्षिण अफ्रीका ए टीम के खिलाफ खेली जाने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया है। तीन मैचों की इस सीरीज में टीम का नेतृत्व तिलक वर्मा करेंगे। बीसीसीआई ने बताया कि वनडे सीरीज खत्म होने के बाद रेड्डी दूसरे टेस्ट के लिए टीम में वापसी करेंगे। दूसरा मुकाबला 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा।

डेशकाटे ने पहले ही दे दिए थे संकेत
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के शुरुआती मुकाबले से पहले टीम के सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे ने बुधवार को जानकारी दी थी कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल पहले टेस्ट में खेलेंगे, जबकि ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी को बाहर बैठना पड़ सकता है। उन्होंने कहा था कि, ‘हमारे पास संयोजन को लेकर साफ रणनीति है। पिछले छह महीनों में ध्रुव का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने हाल ही में बंगलूरू में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ दो शतक लगाए हैं, इसलिए वह निश्चित रूप से इस हफ्ते खेलेंगे।’

राजामौली की फिल्म से प्रियंका का फर्स्ट लुक आउट

राजामौली की फिल्म से प्रियंका का फर्स्ट लुक आउट
देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा बाहुबली फेम डायरेक्टर एसएस राजामौली की आगामी फिल्म में नजर आएंगी। फिल्म का नाम है, ‘ग्लोबट्रॉटर’। आज बुधवार को प्रियंका का फर्स्ट लुक साझा किया गया है। वे मंदाकिनी के रोल में नजर आएंगी। प्रियंका पीले रंग की साड़ी पहने, हाथ में बंदूक थामे दमदार अंदाज में नजर आ रही हैं।

साड़ी में देसी गर्ल का एक्शन अवतार
आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि बॉलीवुड अदाकाराएं एक्शन रोल में रफ-टफ अंदाज में नजर आती हैं। वे वेस्टर्न लुक में हाथ में हथियार उठाए दिखती हैं। मगर, प्रियंका चोपड़ा का अंदाज सबसे हटकर दिखा है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से फिल्म से अपना लुक शेयर किया है। वे पीले रंग की साडी़ पहने नजर आ रही हैं। हाथ में बंदूक थाम रखी है। साड़ी का पल्लू हवा में लहरा रहा है और वे बंदूक से निशाना लगाते दिख रही हैं।

केंद्र सरकार ने की पुष्टि…दिल्ली धमाका ‘आतंकी घटना’

केंद्र सरकार ने की पुष्टि…दिल्ली धमाका ‘आतंकी घटना’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सीसीएस की कैबिनेट बैठक में लाल किले के पास हुए धमाके को आतंकी घटना करार दिया गया। कैबिनेट ने इस पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और दो मिनट का मौन रखा।

बैठक में सरकार ने कहा कि यह कृत्य देश की शांति और एकता पर हमला है। कैबिनेट ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि दोषियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों की पहचान कर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए। सरकार ने आतंकवाद पर अपनी जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई।

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति बरकरार
मंत्रिमंडल ने इस आतंकी हमले को ‘कायराना और निंदनीय’ बताया और कहा कि भारत आतंकवाद के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम रहेगा। सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और जांच में पूरी गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।

वैश्विक समर्थन के लिए आभार
कैबिनेट ने दुनिया के कई देशों द्वारा व्यक्त एकजुटता और समर्थन के संदेशों की सराहना की। बैठक में कहा गया कि संकट की घड़ी में वैश्विक सहयोग भारत की दृढ़ता को और मजबूत करता है।

दोषियों को सख्त सजा की चेतावनी
सरकार ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि घटना में शामिल सभी आतंकियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।

भूटान से लौटते ही एक्शन में पीएम
पीएम मोदी आज सुबह ही भूटान दौरे से वापस आए। इसके बाद वो एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने सभी घायलों से मुलाकात की। इसके बाद ही उन्होंने एक्स पर तस्वीरें पोस्ट कर कहा था कि दोषियों पर कड़ी कारर्वाई की जाएगी। शाम साढ़े पांच बजे के करीब पीएम ने सीसीएस की बैठक की।

परत-दर-परत ऐसे खुली सफेदपोश आतंक की कहानी

परत-दर-परत ऐसे खुली सफेदपोश आतंक की कहानी
करीब 3000 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री। साजिश में शामिल कई डॉक्टर। कहने को सफेदपोश… लेकिन दिमाग में जहर। एक के बाद एक गिरफ्तारियां। लाल किले के पास धमाका और चौंका देने वाले खुलासे। …देश की सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले कुछ दिनों में आतंकी नेटवर्क को परत-दर-परत इसी तरह बेनकाब किया है।

शुरुआत कहां से हुई?
19 अक्तूबर 2025। रविवार का दिन। श्रीनगर से कोई 16-17 किलोमीटर दूर। इलाके का नाम- बनपोरा नौगाम। गिरते तापमान के बीच खामोश सड़कों पर भड़काऊ और धमकी देने वाले कुछ पोस्टर नजर आते हैं। इसके बाद एक एफआईआर दर्ज होती है। यहीं से सफेदपोश आतंकी मॉडल की परतें खुलने की शुरुआत होती है। दरअसल, इन पोस्टरों में पुलिस और सुरक्षा बलों को खुलेआम धमकी दी गई थी। स्थानीय लोगों को चेताया गया था कि सुरक्षा बलों का सहयोग न करें। उन्हें अपनी दुकानों पर बैठने न दें।

पोस्टर चिपकाए जाने के इस मामले के बाद ही कड़ियां सामने आती गईं। 27 अक्तूबर को पहले मौलवी इरफान अहमद वाघे को शोपियां से, फिर जमीर अहमद को गांदरबल से उठाया गया। यह सब कुछ 20 से 27 अक्तूबर के बीच हुआ। कड़ी पूछताछ में ये आरोपी राज उगलते गए। 6 नवंबर को डॉ. आदिल अहमद सहारनपुर से पकड़ा गया। एक दिन बाद 7 नवंबर को अनंतनाग के एक अस्पताल से एक राइफल और विस्फोटक की बरामदगी हुई।

पोस्टर लगाने वाला कहां से पकड़ाया, उसकी शादी में क्या हुआ?
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 5 नवंबर को डॉ. आदिल अहमद को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। उस पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखना आरोप है। वह 26 सितंबर से छुट्टी पर था। 4 अक्तूबर को ही उसकी एक महिला डॉक्टर से शादी हुई थी। आरोप है कि डॉ. आदिल ने ही श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाए थे। सीसीटीवी फुटेज के जरिए उसकी पहचान हुई। वह सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में काम करता था। मानकमऊ में रहता था। पेशे से डॉक्टर और तनख्वाह पांच लाख रुपये। फिर भी उसका ब्रेन वॉश हो गया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि 4 अक्तूबर को जिस दिन डॉ. आदिल की शादी हुई, उसी दिन से सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल सक्रिय हुआ। हालांकि, इस शादी में मौजूद रहे डॉ. आदिल के सहकर्मी डॉ. बाबर ने कहा कि शादी के समारोह के दौरान कुछ भी संदेहास्पद नहीं लगा था।

जांच का सबसे निर्णायक मोड़ क्या था?
आरोपियों की निशानदेही पर 30 अक्तूबर को प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब पकड़ाया। डॉ. मुजम्मिल कश्मीरी डॉक्टर है, जो यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। वह टॉपर था। चार साल पहले पुलवामा से दिल्ली आया था। परिवार का दावा है कि इस दौरान मुजम्मिल से उनका संपर्क नहीं हुआ।

27 अक्तूबर को गिरफ्तार हुए मौलवी वाघे, 30 अक्तूबर को गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल और 5 नवंबर को सहारनपुर से गिरफ्तार हुए डॉ. आदिल से पूछताछ में अहम खुलासे हुए। यह पता चला कि डॉ. मुजम्मिल ने फरीदाबाद में दो कमरे किराए पर लिए थे। यह आतंकी नेटवर्क का सबसे अहम सुराग और जांच का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ था। यहां से मिले सुरागों के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस, हरियाणा पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां ने साझा अभियान चलाया। एजेंसियां 8 नवंबर को फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में पहुंचीं। यहां से कुछ और बंदूक, पिस्तौल और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।

बड़ी मात्रा में खेप बरामदगी कब हुई?
9 नवंबर को फरीदाबाद के धौज के रहने वाले मदरासी नाम के व्यक्ति को उसके घर से पकड़ा गया। अगले ही दिन यानी 10 नवंबर को विस्फोटक तैयार करने की बड़ी मात्रा में खेप मिली। मात्रा थी 2563 किलो। जांच में मिले सुरागों के बाद फरीदाबाद से हफीज मोहम्मद इश्तियाक को गिरफ्तार किया गया। इश्तियाक मेवात का रहने वाला है और अल-फलाह मस्जिद में इमाम बताया जाता है। यह भी बताया जा रहा है कि इश्तियाक के ही मकान का एक कमरा डॉ. मुजम्मिल ने किराए पर ले रखा था। यह बड़ी खेप उसी कमरे से जब्त हुई। छापों के दौरान 358 किलो विस्फोटक सामग्री और डेटोनेटर/टाइमर भी जब्त किए गए। इस तरह पूरे मॉड्यूल के पास फरीदाबाद के अलग-अलग कमरों से करीब 3000 किलो के विस्फोटक पदार्थ और बम बनाने के उपकरणों को पकड़ा गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी आराध्या को बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी आराध्या को बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन की बेटी आराध्या पोरवाल को जूनियर नेशनल स्क्वैश चैंपियनशिप 2025 (गर्ल्स अंडर-17) का खिताब जीतने पर उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटी आराध्या ने उज्जैन के साथ प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। यह प्रतियोगिता चेन्नई में आयोजित की गई थी और आराध्या ने इसमें शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने आराध्या को शानदार प्रदर्शन पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

आराध्या की इस उपलब्धि पर उज्जैन निवासियों सहित प्रदेश और देश दोनों को गर्व है। आराध्या ने इस प्रतियोगिता में अपनी अद्वितीय प्रतिभा और अनुशासन का प्रदर्शन किया है और जुलाई 2025 से अंडर-17 गर्ल्स कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंकिंग में नंबर-1 पर हैं।

आराध्या ने अपने स्क्वैश करियर में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं, जिनमें एशियन जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक और वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में शीर्ष 32 में स्थान शामिल है।

उज्जैन की बेटी आराध्या पोरवाल दिल्ली में पदस्थ पुलिस के उपायुक्त श्री विक्रम पोरवाल की बेटी है। इस सफलता के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने भी उन्हें बधाई दी है।

मुख्यमंत्री निवास में 13 नवंबर गुरुवार को होगा जनदर्शन

मुख्यमंत्री निवास में 13 नवंबर गुरुवार को होगा जनदर्शन

मुख्यमंत्री निवास रायपुर में 13 नवंबर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

राज्य सरकार के जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह पहल मुख्यमंत्री  साय की जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शी सुशासन के संकल्प को दर्शाती है, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके।

DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य

DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य
छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी पहचान सुधार और विकास के नए प्रतीक के रूप में दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ अब न केवल नीति निर्माण में बल्कि नीति क्रियान्वयन में भी अग्रणी राज्यों की पंक्ति में शामिल हो चुका है।

यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। यह परिवर्तन केवल अंकों का सुधार नहीं, बल्कि शासन की सोच और दृष्टिकोण में आए मूलभूत परिवर्तन का परिणाम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सुशासन, पारदर्शिता और भरोसे पर आधारित प्रशासनिक ढांचा स्थापित किया है। इस ढांचे ने न केवल निवेशकों का विश्वास जीता है बल्कि सामान्य नागरिकों के जीवन को भी सुगम और सशक्त बनाया है। राज्य सरकार ने सुधारों को केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें जन-जीवन में उतारकर एक नए विकास मॉडल का निर्माण किया है।

राज्य ने BRAP के अंतर्गत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो ‘Ease of Doing Business’ के साथ-साथ ‘Ease of Living’ को सशक्त बनाने की दिशा में उसके सतत प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि उस वातावरण का निर्माण करना है जहाँ उद्योग, समाज और प्रशासन एक साथ प्रगति करें।

इन्हीं सुधारों में एक ऐतिहासिक कदम रहा ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज किया। इस अधिनियम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे का पुल बनाया है। अब कारोबारियों के लिए शासन एक सहयोगी के रूप में सामने आ रहा है। यह बदलाव राज्य में उद्यमिता संस्कृति को और अधिक प्रोत्साहन देने वाला सिद्ध हुआ है।

इसी तरह एक और ऐतिहासिक पहल के रूप में छत्तीसगढ़ ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की शुरुआत की। यह कदम राज्य को देश का पहला ऐसा प्रदेश बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएँ सरल हुई हैं बल्कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है। यह सुधार पारदर्शिता, दक्षता और समय की बचत तीनों का बेहतरीन उदाहरण है।

राज्य सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी कई क्रांतिकारी सुधार लागू किए हैं। दुकानों और प्रतिष्ठानों को अब 24×7 संचालन की अनुमति दी गई है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और व्यापारिक लचीलापन भी सुनिश्चित हुआ है। इसके अतिरिक्त फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा प्रदान की गई है। ये कदम राज्य को आधुनिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं।

इन सुधारों ने मिलकर छत्तीसगढ़ को एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी औद्योगिक केंद्र बना दिया है। अब निवेशक केवल संभावनाएँ नहीं, बल्कि निश्चितता देखते हैं। प्रक्रियाओं में सरलीकरण और नीतिगत स्पष्टता ने ‘Ease of Doing Business’ को वास्तविकता में बदल दिया है।

इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त ऋतु सेन (IAS)को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल व्यक्तियों का, बल्कि उस टीम भावना और संस्थागत प्रयासों का भी है जिसने राज्य को यह मुकाम दिलाया।

यह गौरवपूर्ण क्षण पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणादायी है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि सही नीयत, सटीक नीति और मजबूत नेतृत्व के बल पर कोई भी राज्य देश के औद्योगिक नक्शे पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकता है।

बीते 10 महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हुए हैं। यह आँकड़ा किसी प्रचार का परिणाम नहीं, बल्कि निवेशकों के विश्वास और नीतिगत पारदर्शिता का प्रमाण है। अब छत्तीसगढ़ निवेश का नहीं, बल्कि ‘विकास का केंद्र’ बन रहा है।

इन निवेशों से हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, और राज्य की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होगा। यह ‘विकास की श्रृंखला’ गाँव से लेकर शहर तक एक समान प्रभाव छोड़ रही है।

छत्तीसगढ़ का यह मॉडल केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है; यह एक समग्र विकास दृष्टि है जहाँ सुधारों का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे। शासन की प्राथमिकता केवल निवेश नहीं, बल्कि जीवन-गुणवत्ता में सुधार है।

‘Ease of Doing Business’ के साथ ‘Ease of Living’ का यह संयोजन छत्तीसगढ़ को अन्य राज्यों से अलग बनाता है। यहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक-दूसरे के पूरक बनकर आगे बढ़ रहे हैं। यही छत्तीसगढ़ के परिवर्तन का वास्तविक सार है।

राज्य सरकार का यह सुधारवादी दृष्टिकोण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि वह ‘विकसित भारत’ का अग्रदूत बनने की क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है। छत्तीसगढ़ अब ‘Ease of Doing Business’ से आगे बढ़कर ‘Ease of Living’ का भी प्रतीक बन चुका है — जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।”

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