मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में आल इंडिया एनजीओ मीट का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में आल इंडिया एनजीओ मीट का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम गौरव से भरे हैं कि मध्यप्रदेश, देश का सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला प्रदेश है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग की 21 प्रतिशत आबादी निवास करती है। जनजातीय वर्ग के लोग प्रकृति का संरक्षण करते हुए इसी की छाया में अपना जीवन बिताते हैं। इन सभी जनजातियों के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को बेहद गौरवपूर्ण तरीके से मनाई जाएगी। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए विचार मंथन जरूरी है। इसके लिए देशभर से स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी भोपाल में एकत्रित हुए हैं। इस विचार मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमारी पूंजी है। जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार सभी स्वयंसेवी संस्थाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रम चलाने वाली संस्थाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार में जनजातीय वर्ग से जुड़े कल्याण कार्यों के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए नवाचारों के धनी हैं। उन्होंने जनजातीय वर्ग के चिकित्सकों को माला के स्थान पर आला भेंटकर न केवल सम्मान किया वरन सभी को सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में केन्द्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऑल इंडिया एनजीओ मीट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर एक दिवसीय मीट का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक कल्याण के लिए गैर-सरकारी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस पुनीत कार्य में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ संस्थाओं के साथ खड़ी है। जनजातीय कल्याण हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार ने रानी दुर्गावती के 300वें जयंती वर्ष में उन्हें समर्पित कैबिनेट बैठक का आयोजन जबलपुर में किया। राज्य सरकार राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह के जनहितैषी कार्यों को भी जनता के बीच लेकर आई है। हमारी सरकार ने खरगोन जैसे ट्राइबल बेल्ट में टंट्या मामा भील के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन के कार्यों में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग मिलने से लक्ष्य प्राप्ति में आसानी होती हैं। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर 2025 को प्रदेश के जबलपुर और आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के जरिए भगवान बिरसा मुण्डा का 150वां जन्म जयंती समारोह मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम गौरवान्वित हैं कि देश-प्रदेश के जनजातीय भाईयों के कल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रहे एनजीओ के नेशनल कॉन्क्लेव आयोजन का सौभाग्य हमें मिला है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार ने हमेशा जनजातीय सशक्तिकरण को ही अपनी नीतियों के केन्द्र में रखा है। जनजातीय कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लागू करने तथा दूर-दराज के क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, रोजगार, पर्यटन विकास जैसे क्षेत्रों में एनजीओ बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मध्यप्रदेश है जनजातियों से पुष्पित और पल्लवित भूमि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातियों का घर है। देश में सबसे ज्यादा जनजातियां मध्यप्रदेश में निवास करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातियों का गौरव लौटा है। हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी उन्हें पूज रहे हैं। आज राष्ट्रपति भवन से लेकर गांवों के पंचायत भवनों तक जनजातीय भाई-बहनों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है। पीएम जन-मन और धरती आबा जैसे अभियान जनजातीय भाई-बहनों के सशक्तिकरण का आधार बन रहे हैं। गरीब कल्याण के लिए चलाई जा रही अनेक योजनाओं से जनजातीय भाई-बहनों का जीवन आसान हुआ है। पेसा नियमों ने जनजातीय भाई-बहनों को सशक्त बनाया है।

मध्यप्रदेश में जनजातीय जननायकों की स्मृतियों को सहेज रही है हमारी सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना हो या देश भर में जननायकों के सम्मान में संग्रहालयों और स्मारकों का निर्माण हो। हम अपने जननायकों की स्मृतियां सहेज रहे हैं। पाठ्यक्रमों में जननायकों की जीवनी को शामिल किया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने असली नायकों से परिचित हो सके। हमारी सरकार ने जन-जन तक अमर राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह की वीरता को पहुँचाने और उनकी स्मृतियों को सहेजने के लिए जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण कराया है। भोपाल स्थित हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति के नाम पर और पातालपानी रेलवे स्टेशन का नामकरण जननायक टंट्या भील स्टेशन किया गया। हम प्रदेश में जननायकों और वीरांगनाओं की शौर्य गाथा जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। वीरांगना रानी दुर्गावती को समर्पित 2 कैबिनेट बैठक जबलपुर और सिंग्रामपुर (दमोह) में हो चुकी हैं। बीते 3 जून को हमने पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह को समर्पित कैबिनेट बैठक की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एन.जी.ओ. समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, वंचितों एवं हाशिये पर खड़े समूहों की आवाज उठाने व सरकार और जनता के बीच एक कडी के रूप में कार्य करने वाली संस्थाएं हैं। एन.जी.ओ. ग्रामीण विकास एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में योजनाओं को लागू करने और सरकारी नीतियों को जमीनी स्तर पर पहुँचाने में सरकार एवं जनता की मदद करते हैं। एन.जी.ओ. का शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन आदि के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज के इस नेशनल कॉन्क्लेव में 4 सेक्टरों शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार अधिनियम एवं ट्राइबल गर्वनेंस पर इन्टरैक्टिव चर्चाएं होंगी। इसमें प्राप्त निष्कर्ष केन्द्र एव राज्य सरकार को अपनी योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर जनरल अंशु सिंह ने कहा कि जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से पीएम जन-मन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृर्ष अभियान जैसे अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। सामान्य एवं जनजातीय समुदायों में 2011 में साक्षरता दर का अंतर 14 प्रतिशत था, जो अब घटकर 6 प्रतिशत हो गया है। शिशु मृत्युदर में भी कमी आई है, लेकिन अभी और कार्य करने की आवश्यकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से संबंधित सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गैर-सरकारी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जा रहा है।

कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पद्मश्री महेश शर्मा, स्वामी रामकृष्ण मिशन से आए स्वामी अनुरागानंद जी, सुरेश स्वामी, मुकेश गौर, किशोर धाकड़े, राजाराम कटारा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, आयुक्त जनजातीय कार्य सतेंद्र सिंह, प्रीति मैथिल सहित बड़ी संख्या में देश-प्रदेश से आए गैर-सरकारी संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंबूरी मैदान में सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंबूरी मैदान में सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायतराज व्यवस्था में सरपंच के पास पर्याप्त शक्तियां हैं। सरपंच अपनी पंचायत को नई ऊंचाइयों पर लेकर जा सकते हैं। सरपंचों के माध्यम से ही प्रदेश में ग्राम विकास का कारवां चल रहा है। ग्राम स्तर पर सभी कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों का क्रियान्वयन पंचायतों के माध्यम से ही हो रहा है। पंचायत व्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से पंचायतों को 25 लाख रूपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि अंतरित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगरीय‍निकायों के समान पंचायतों में भी विकास योजनाएं बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। पंचायतों को गांव के विकास की योजना बनाने के लिये सक्षम बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भोपाल में पंचायत प्रतिनिधियों की कॉन्फ्रेंस आगामी 24 से 26 नंवबर को होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जंबूरी मैदान पर आयोजित सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम स्थल पर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सरपंच संघों के प्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया।

मध्यप्रदेश ने एविएशन क्षेत्र में पूरे देश में बनाई अग्रणी स्थिति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश ने एविएशन क्षेत्र में पूरे देश में बनाई अग्रणी स्थिति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने एविएशन क्षेत्र में पूरे देश में अग्रणी स्थिति बनाई है। रीवा-दिल्ली-रीवा विमान सेवा से विंध्य क्षेत्र के विकास के आज से नए द्वार खुल रहे हैं। एक समय जिस क्षेत्र में रेल नहीं मिलती थी, आज वहां से विमान सेवा आरंभ हो रही है। पहले रीवा से दिल्ली जाने में करीब 15 घंटे का समय लगता था, लेकिन अब यह दूरी बड़ी आसानी से लगभग 2 घंटे में तय होगी। विंध्य वाले भी गर्व से कह सकेंगे कि अब दिल्ली दूर नहीं है। विंध्य क्षेत्र, पूरे देश का प्रमुख औद्योगिक और धार्मिक केंद्र है। खनिज संपदा और उद्योगों से समृद्ध यह क्षेत्र, माँ शारदा धाम मैहर और चित्रकूट की आस्था से भी जुड़ा है। विमान सेवा से बांधवगढ़ नेशनल पार्क, पन्ना नेशनल पार्क, खजुराहो और अमरकंटक से भी कनेक्टिविटी बढ़ेगी। यह विमान सेवा खनिज-उद्योग गतिविधियों, धार्मिक स्थल और नेशनल पार्क सबके लिए वरदान सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रीवा से नई दिल्ली विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। रीवा में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

देवतालाब के भोलेनाथ और चित्रकूट के भगवान श्रीराम का स्मरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के शुभारंभ में देवतालाब के भोलेनाथ स्वयं-भू महामृत्युंजय शिवजी और चित्रकूट के भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए कहा कि माँ शारदा भवानी की कृपा से विंध्य को यह सौगात मिली है, यह पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विंध्य जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षेत्र को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़कर प्रदेश की प्रगति को नई उड़ान देने के लिए सभी प्रदेशवासी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल ही रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए बिजली की गति से काम करते हुए आज रीवा-दिल्ली के बीच हवाई सेवा शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने रीवा को प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

प्रदेश में चिकित्सा और पर्यटन के‍लिए हेलीकॉप्टर सेवा का विस्तार जारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनता का प्रभावी नेतृत्व होने के बाद भी विंध्य क्षेत्र में लंबे समय तक रेल सुविधाओं का अभाव रहा। यह सर्वविदित है कि सुदृढ़ परिवहन किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। आज शुरू हो रही रीवा-दिल्ली विमान सेवा उसी दिशा में प्रदेश का एक सुदृढ़ कदम है। प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा का चिकित्सा और पर्यटन के लिए विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा जैसी अभिनव पहल ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता में नई मिसाल कायम की है। यह सेवा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए वरदान है।

मध्यप्रदेश विमानन क्षेत्र में तेजी से कर रहा है प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जो विमानन क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। राज्य सरकार स्पष्ट विजन के साथ हर 150 किलोमीटर पर एक वाणिज्यिक हवाई अड्डा, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपेड उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। पिछले 2 वर्षों में रीवा, सतना और दतिया 3 नए एयरपोर्ट शुरू हुए। इसके पहले 68 वर्षों में केवल 5 एयरपोर्ट विकसित हुए थे। आज प्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 हवाई पट्टियाँ तथा 220 हेलीपेड मौजूद हैं। जल्द ही उज्जैन और शिवपुरी में 2 नए एयरपोर्ट विकसित होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की है।

अलायंस एयर संचालित करेगा रीवा-दिल्ली विमान सेवा
रीवा-दिल्ली हवाई सेवामध्यप्रदेश विमानन नीति-2025 के अंतर्गत VGF प्रावधानों से वित्त पोषित है। यह हवाई सेवा अलायंस एयर द्वारा संचालित की जाएगी। रीवा हवाई अड्डे का उद्घाटन वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। यह अब 3C-IFR श्रेणी के हवाई अड्डों में शामिल है, जिससे रात्रिकालीन विमान संचालन भी संभव हो सकेगा। विमानन विभाग ने प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर अलायंस एयर को रीवा-दिल्ली हवाई सेवा के संचालन के लिए लेटर ऑफ अवार्ड सौंपा था। यह नई हवाई सेवा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक, धार्मिक और आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी। रीवा में आयोजित कार्यक्रम में सांसद जनार्दन मिश्रा, गणेश सिंह, राजेश मिश्रा, विधायक गिरीश गौतम, नागेन्द्र सिंह, नरेन्द्र प्रजापति, सुरेन्द्र सिंह गहरवार, विक्रम सिंह, रीति पाठक, अध्यक्ष नगर निगम रीवा व्यंकटेश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल उपस्थित थीं।

लाल आतंक के विरुद्ध जारी है अभियान, खत्म हो रहा नक्सलवाद – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

लाल आतंक के विरुद्ध जारी है अभियान, खत्म हो रहा नक्सलवाद – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर में सुरक्षाबलों की नक्सल विरोधी कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी (District Reserve Guard) और एसटीएफ (Special Task Force) की संयुक्त टीम द्वारा नक्सलियों के साथ चल रही मुठभेड़ में अब तक छह नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। यह लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में सुरक्षाबलों के जवानों की बड़ी सफलता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद को समाप्त करने का जो संकल्प लिया गया है, उसकी दिशा में यह एक और निर्णायक कदम है। छत्तीसगढ़ सरकार इस मिशन को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है।

म.प्र. उद्योग प्रोत्साहन और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने कर रहा निरंतर प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. उद्योग प्रोत्साहन और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने कर रहा निरंतर प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों को प्रोत्साहित करने और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है और सभी राज्यों को नवीन उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित ‘उद्योग समागम’ को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान (BRAP)-2024’ के अंतर्गत चार बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों Business Entry, Labour Regulation Enablers, Land Administration और Services Sector में ‘Top Achiever State’ के रूप में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह पुरस्कार केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री गोयल से प्राप्त किया। यह सम्मान राज्य की पारदर्शी औद्योगिक नीतियों और निवेशकों में विश्वास के वातावरण का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने Ease of Doing Business को केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे Speed, Scale और Skill of Doing में बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। राज्य के सभी क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं, जिससे स्थानीय उद्यमिता को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का सफल आयोजन राजधानी भोपाल में किया गया, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनविश्वास अधिनियम से कानूनों की जटिलताओं को सरल बनाया है और निवेशकों में भरोसे का वातावरण स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में MP e-Seva Portal से 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे निवेशकों को पारदर्शी, तीव्र और सुगम प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपने नवाचारों, डिजिटल सेवाओं और निवेश-अनुकूल दृष्टिकोण से एक आदर्श स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में MSME क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और आईटी सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने उद्योग समागम के आयोजन और सभी राज्यों को उद्योगों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रेरित करने के लिये केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल का आभार माना।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने ‘उद्योग समागम’ में राज्यों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भारत की औद्योगिक प्रगति केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने Business Reform Action Plan (BRAP) 2026 गाइड बुक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह केवल सुधारों का दस्तावेज़ नहीं बल्कि ‘गुड गवर्नेंस और विश्वास आधारित नीति-निर्माण’ का उदाहरण है। केन्द्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि राज्य सरकारों के बीच अनुभवों का यह साझा मंच भारत को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिये गति प्रदान कर रहा है।

एमएसएमई मंत्री काश्यप का संबोधन
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास बिल 2024 के तहत पांच विभागों के आठ अधिनियमों की 64 धाराओं में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।

मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान 18 नई औद्योगिक नीतियों का विमोचन किया गया तथा धार में देश के सबसे बड़े पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क का शिलान्यास हुआ। उन्होंने कहा कि InvestMP Portal और Single Window System से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमतियां एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कॉन्फ्रेंस में BRAP 2026 गाइड बुक का विमोचन किया गया। केंद्रीय मंत्री गोयल ने राज्यों के उद्योग मंत्रियों से संवाद किया। इस संवाद सत्र में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, असम, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, उत्तरप्रदेश, त्रिपुरा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, दिल्ली और नागालैंड के उद्योग मंत्रियों ने अपने राज्यों के नवाचार और उपलब्धियाँ साझा कीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संबोधन के बाद मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, नीतिगत सुधारों और निवेश संवर्धन के नवाचारों पर आधारित ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति की गई। इस प्रस्तुति में जनविश्वास अधिनियम, SAMPADA 2.0, Cyber Tehsil, RCMS और Labour Case Management System जैसे नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के अंत में BRAP Felicitation Ceremony का आयोजन हुआ, जिसमें केन्द्रीय मंत्री गोयल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया। समारोह में नीति आयोग, डीपीआईआईटी, राज्य सरकारों, उद्योग संगठनों और निवेशक संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक भारत के निर्माण में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरदार पटेल ने अनेकों रियासतों को एक करते हुए अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया। आजादी के समय सरदार पटेल ने पाकिस्तान की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए देश को सुरक्षित रखा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सामने जिस मजबूती के साथ खड़ा है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका सरदार पटेल की रही है। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से उनके गौरवशाली कार्यों का स्मरण करने के लिए प्रदेश में यूनिटी मार्च का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर “एक भारत-आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य के साथ भोपाल- सीहोर लोकसभा क्षेत्र में निकाले जा रहे यूनिटी मार्च को वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क में संबोधित कर रहे थे।

देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में छोड़े गए तिरंगे बैलून
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में कटहल और आम के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पुलिस बैंड द्वारा बजाई जा रही देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में तिरंगे बैलून छोड़े। सामूहिक समवेत स्वर में वंदे मातरम का गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर यूनिटी मार्च को रवाना किया। यूनिटी मार्च में 2 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया।

सरदार पटेल के प्रयासों से भोपाल सहित कई रियासतें अखंड भारत का बनीं हिस्सा: सांसद श्री आलोक शर्मा
सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर के प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 3 दिवसीय यूनिटी मार्च (पदयात्रा) का आयोजन किया जा रहा है। सरदार पटेल ने 562 रियासतों का विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। भारत 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गया था लेकिन भोपाल सहित जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी कई रियासतों ने भारत में शामिल होने से इनकार किया। इसके बाद इन रियासतों को अखंड भारत का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका रहीं। उन्होंने बताया‍ कि यह रैली बैरसिया और सीहोर में भी आयोजित की जाएगी।

अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए गतिविधियां जारी
वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरदार पटेल ऐसा व्यक्तित्व थे, जिन्होंने देश को एक करने का कार्य किया। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बना है। हमारी सरकार द्वारा सरदार पटेल के अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, पूर्व सांसद आलोक संजर, पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित रवींद्र यति, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि 1250 रूपये में वृद्धि कर 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।

मार्च 2023 से 1000 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ योजना प्रारंभ की गई थी। सितंबर 2023 से 1,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 250 रुपये की वृ‌द्धि कर नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गयी है। योजना में 250 रुपये की वृ‌द्धि किए जाने पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,450 करोड़ 99 लाख रुपये संभावित व्यय होगा।

आचार्य शंकर संग्रहालय “अद्वैत लोक” के निर्माण के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों के लिए सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने एवं आचार्य शंकर संग्रहालय “अद्वैत लोक” के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

संस्कृति विभाग द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहूधातु प्रतिमा स्थापित की जायेगी। इसके साथ ही आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर आधारित शंकर संग्रहालय, (अ‌द्वैत लोक) निर्माण, आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम आदि निर्माण कार्य किये जायेंगे। ये सभी निर्माण कार्य एमपीटीसी द्वारा किए जायेंगे। इसके लिए जून 2025 में 2195 करोड़ 54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। मंत्रि-परिषद ने पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले के सभी शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी। भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के उ‌द्देश्य से प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाएंगे। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों ‌द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए रेस्को विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। यह दर डिस्कॉम की दरों से कम होना अपेक्षित हैं, जिससे शासकीय संस्थानों को बचत होगी। रेस्को मोड में शासकीय विभागों/ संस्थाओं के भवन पर विकासक इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिए सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफटॉप संयंत्र का रख-रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा।

रेस्को परियोजना में ऊर्जा विकास निगम ‌द्वारा प्रत्येक जिले के समस्त शासकीय भवनों जिनकी विद्‌युत् संयोजन की कांट्रेक्ट क्षमता 20 किलोवाट या अधिक है, को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के लिए जिलेवार पृथक-पृथक निविदा का प्रावधान था। मंत्रि-परिषद द्वारा पृथक-पृथक के स्थान पर एक ही निविदा संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। 20 किलोवाट कांट्रेक्ट क्षमता से कम के संयत्रों की स्थापना रेस्को व्यवस्था के माध्यम से की जायेगी। वन्य क्षेत्रों एवं ऑफ ग्रिड क्षेत्रों में कैपेक्स मोड पर सोलर रूफटॉप संयत्र स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई।

मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार भोपाल में 211 साइट्स पर कुल 15 हजार 695 किलोवॉट, बुरहानपूर में 14 साइट्स पर कुल 348 किलोवॉट, छिंदवाड़ा में 31 साइट्स पर कुल 1661 किलोवॉट, देवास में 14 साइट्स पर कुल 284 किलोवॉट, ग्वालियर में 97 साइट्स पर कुल 5267 किलोवॉट, इंदौर में 106 साइट्स पर कुल 3128 किलोवॉट, जबलपुर में 49 साइट्स पर कुल 1432 किलोवॉट, कटनी में 14 साइट्स पर कुल 383 किलोवॉट, खंडवा में 16 साइट्स पर कुल 311 किलोवॉट, मुरैना में 14 साइट्स पर कुल 364 किलोवॉट, रतलाम में 29 साइट्स पर कुल 1229 किलोवॉट, रीवा में 20 साइट्स पर कुल 535 किलोवॉट, सागर में 35 साइट्स पर कुल 847 किलोवॉट, सतना में 11 साइट्स पर कुल 444 किलोवॉट, सिंगरौली में 15 साइट्स पर कुल 413 किलोवॉट और उज्जैन में 24 साइट्स पर 714 किलोवॉट कि क्षमता वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे।

मांधाता में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए नवीन पदों की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा खण्डवा की मांधाता तहसील में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड श्रेणी का एक नवीन पद तथा अमले अतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद, इस तरह कुल 7 नवीन पदों के सृजन एवं अनुमानित वित्तीय भार 52 लाख 76 हजार रूपये प्रतिवर्ष की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गायन के साथ शुरू हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौहपुरुष की विरासत को और सशक्त बनाया – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौहपुरुष की विरासत को और सशक्त बनाया – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत पर्व हमारे देश की विविधता में एकता का प्रतीक है। यहां भारत के हर राज्य की संस्कृति, परंपरा और गौरव एक साथ देखने को मिलते हैं। कार्यक्रम में दिल्ली के उप राज्यपाल वी के सक्सेना और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि भारत पर्व उनकी 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित हो रहा है, जिसका समापन धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती — राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस — पर होगा। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत के सांस्कृतिक और भावनात्मक एकीकरण का सशक्त प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्यता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रतिमा भारत की एकता की पहचान है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रतिमा के निर्माण का निर्णय लिया, तब देश के हर गांव से लोहा मंगवाया गया था — यह सच्चे अर्थों में एक भारत का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़कर एक भारत बनाया, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सपनों के भारत को सशक्त करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का निर्णय लेकर सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत में सनातन संस्कृति के वैभव को पुनः स्थापित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल के परिजनों के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया, और जब पूरे देश ने यह दृश्य देखा तो सभी भावविभोर हो उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज देश की विरासत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे दूरदर्शी नेतृत्व के हाथों में है, जो सरदार पटेल की सोच और आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने एकता परेड में हिस्सा लिया और पूरे देश को राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में हुए आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का वंदे मातरम् और सरदार पटेल की एकता की भावना — यही हमारी राष्ट्रीय पहचान है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल ने सिविल सेवा ढांचे का भारतीयकरण किया, और आज भी हमारे प्रशासनिक तंत्र में उनकी दूरदृष्टि और सोच झलकती है। भारत पर्व के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल के कलाकारों से भी मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने स्टेट हैंगर से विमान परिचालन सेवा का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने स्टेट हैंगर से विमान परिचालन सेवा का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद विमानतल परिसर, माना कैम्प के समीप स्टेट हैंगर के नियमित परिचालन का शुभारंभ किया। शुभारंभ के पश्चात मुख्यमंत्री साय अपने गुजरात प्रवास हेतु इसी हैंगर से रवाना हुए।

इस पहल से एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आम यात्रियों को होने वाली असुविधा समाप्त होगी।स्टेट हैंगर के प्रारम्भ होने से राज्य में विशेष विमान द्वारा वीवीआईपी आगमन एवं प्रस्थान की व्यवस्थाएँ अब और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित हो जाएगी।

उल्लेखनीय है कि स्टेट हैंगर का निर्माण वर्ष 2012 में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया था। तथापि, इसके परिचालन के लिए आवश्यक डीजीसीए (DGCA) और बीसीएएस (BCAS) की विभिन्न अनुमतियाँ हाल ही में 31 अक्टूबर 2025 को प्राप्त हुईं है। अनुमतियां मिलने के पश्चात अब हैंगर का नियमित परिचालन आरम्भ किया गया है।

नवनिर्मित स्टेट हैंगर को टैक्सी वे ‘E’ के माध्यम से एयरपोर्ट रनवे से जोड़ा गया है, जिससे वीवीआईपी मूवमेंट अधिक सुगमता से हो सकेगा और एयरपोर्ट परिसर के भीतर अलग व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

राज्य शासन के स्वामित्व वाले विमान एवं हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए भी यह नया स्टेट हैंगर उपयोग में लाया जाएगा। इससे अब एयरपोर्ट परिसर के भीतर स्थित किराए के स्टेट हैंगर पर निर्भरता समाप्त होगी।

इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, माना कैम्प नगर पंचायत अध्यक्ष संजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के उप सचिव सूरज साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया शंकर पांडे की पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक’ का विमोचन

मुख्यमंत्री ने किया शंकर पांडे की पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक’ का विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की पुस्तक छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ के अतीत को समेटने के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय को पांडे ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर केंद्रित यह उनकी 6वीं पुस्तक है जिसमें छत्तीसगढ़ के महापुरुषों, पर्यटन स्थल, प्राचीन इतिहास, राज-परिवार, मंदिरों के इतिहास से सम्बंधित जानकारियां संकलित की गयी हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तक में छत्तीसगढ़ के कई अनछुए पहलुओं सहित राज्य के सभी मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रमुख राजनीतिक घटनाओं, राजनेताओं व साहित्यकारों का भी उल्लेख है। इस अवसर पर प्रियंका कौशल, विशाल यादव सहित स्नेहा पांडे तथा मास्टर अंश पांडे भी उपस्थित थे।

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