गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वंदे मातरम् हर भारतीय की चेतना का स्वर है। यह सिर्फ राष्ट्रगीत नहीं, हमारा प्राण गीत भी है। वंदे मातरम वह उद्घोष है जिसने पराधीन भारत की धमनियों में स्वाभिमान का रक्त प्रवाहित किया। वंदे मातरम् ने देश में आजादी का अलख जगाया। वर्ष 1875 में स्वतंत्रता सेनानी बंकिमचंद्र चटर्जी की कलम से अमर गीत वंदे मातरम् की रचना हुई। उनके उपन्यास “आनंद मठ” की इस रचना से क्रांति का शंखनाद हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कल्पनाशीलता से आज वंदे मातरम् के 150वें स्मरणोत्सव के विशेष आयोजन हो रहे हैं। विभिन्न जिलों में प्रदेशवासी भी स्मरणोत्सव में भाग लेकर मातृभूमि के प्रति देशभक्ति और कृतज्ञता की भावना को अभिव्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150वें स्मरणोत्सव पर शौर्य स्मारक में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

वंदे मातरम् गीत की 120 साल प्राचीन दुर्लभ रिकॉर्डिंग प्रसारित की गई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुनर्मुद्रित पुस्तिका “वंदे मातरम्-एक क्रांति गीत का साहित्येतिहासिक अध्ययन” का विमोचन किया। कार्यक्रम में पुलिस बैंड ने देशभक्ति गीत “कदम-कदम बढ़ाए जा” की धुन प्रस्तुत की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के उद्बोधन का शौर्य स्मारक के राज्य स्तरीय कार्यक्रम से श्रवण किया। कार्यक्रम में वंदे मातरम् गीत की 120 साल प्राचीन दुर्लभ रिकॉर्डिंग प्रसारित की गई। इस अवसर पर हार्मनी ग्रुप के 150 कलाकारों ने वंदे मातरम् गीत के मूल स्वरूप के साथ ही तमिल, मलयालम तथा अन्य भारतीय भाषाओं में सांगीतिक प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को स्वदेशी की शपथ दिलाई।

स्वतंत्रता सेनानी बंकिमचंद्र चटर्जी ने भारत को देवी त्रिमूर्ति के रूप में किया चित्रित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर देश का आजादी के संघर्ष का अपना इतिहास है। दुनिया के अधिकतर राष्ट्र गीत देशों के संघर्ष के समय पैदा हुए, चाहे फ्रांस हो या अमेरिका राष्ट्रगीतों की उत्पति कठिन समय में ही हुई। स्वतंत्रता सेनानी बंकिमचंद्र चटर्जी ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम् में भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को समाहित किया। इससे देशवासियों के मन में भारत माता के प्रति गर्व की अनुभूति और स्वयं की पहचान को अभिव्यक्त करने की क्षमता उत्पन्न हुई। वंदे मातरम् के शब्दों में भारत माता की तुलना तीन प्रमुख देवियों मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां दुर्गा से की गई है। मां दुर्गा अन्याय और दासता के विनाश का प्रतीक है। माता लक्ष्मी भारत माता की समृद्धि और मां सरस्वती वैचारिक और आध्यात्मिक प्रकाश को प्रकट करती है। वंदे मातरम् में स्वतंत्रता सेनानी बंकिमचंद्र चटर्जी ने भारत को देवी त्रिमूर्ति के रूप में चित्रित किया। 19वीं सदी में लिखे गए इस गीत में भारत की सदियों पुरानी चेतना विद्यमान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की शहादत का स्मरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने जब 1896 में पहली बार इस गीत को स्वर दिया, तो वंदे मातरम् केवल गीत नहीं रहा, वह राष्ट्र की पुकार बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद भगत सिंह, क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के संघर्ष और शहादत का पुण्य स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आजदी के साथ जब राष्ट्रगीत को अपनाने का समय आया तो देश को भ्रमित करने की कोशिश की गई। वंदे मातरम् के इतिहास को गहनता से जांचने की आवश्यकता है। स्वतंत्रता सेनानी और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि हमें राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को भी महत्व देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज 7 नवम्बर से आरंभ हुआ वंदे मातरम् का 150वां स्मरणोत्सव 7 नवम्बर 2026 तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत चार चरणों में कार्यक्रम होंगे।

शौर्य स्मारक पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछ़ड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राजयमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मालती राय, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवक-युवतियां एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने आभार प्रदर्शन किया।

राष्ट्रपति मुर्मु नई दिल्ली में इंदौर की बेटी पूजा गर्ग को “राष्ट्रीय पुरस्कार 2025” से करेंगी सम्मानित

राष्ट्रपति मुर्मु नई दिल्ली में इंदौर की बेटी पूजा गर्ग को “राष्ट्रीय पुरस्कार 2025” से करेंगी सम्मानित

इंदौर की अंतर्राष्ट्रीय पैरा एथलीट एवं सामाजिक कार्यकर्ता कु. पूजा गर्ग का चयन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा घोषित “राष्ट्रीय पुरस्कार 2025” के लिए किया गया है। उन्हें यह सम्मान ‘श्रेष्ठ दिव्यांगजन’ श्रेणी में प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें दिसंबर-2025 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु प्रदान करेंगी।

काशी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

काशी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री बिहार के भभुआ से चुनावी सभा करने के बाद शाम पांच बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो प्रशासन‍िक अध‍िकार‍ियों ने उनका स्‍वागत क‍िया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से बरेका गेस्ट हाउस रवाना हो गए। शाम होते-होते प्रधानमंत्री बरेका गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने वाराणसी में किया रोड शो
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में काशीवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अपने सांसद का स्वागत ‘मोदी-मोदी’ और ‘हर हर महादेव’ के नारों से किया। जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पुष्पवर्षा और भारत माता के जयघोष से पूरा मार्ग देशभक्ति के रंग में रंग गया। एयरपोर्ट से बरेका जाते समय प्रधानमंत्री के काफिले पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई। पूरा मार्ग केसरिया और तिरंगे रंगों की रोशनी से जगमगा उठा।

पीएम 4 वंदे भारत ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी
प्रधानमंत्री रात में वाराणसी में ही विश्राम करेंगे। शनिवार की सुबह करीब 8:10 पर बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 8 से बनारस-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन विंध्याचल, प्रयागराज छिवक, मैहर, महोबा होते हुए खजुराहो पहुंचेगी और यह दूरी करीब 5 घंटे में तय की जाएगी। प्रधानमंत्री इसके अलावा तीन और वंदे भारत की सौगात देंगे, जिन्हें वह वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें लखनऊ से सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, फिरोजपुर से दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, एर्नाकुलम से बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस, प्रधानमंत्री इस अवसर पर बनारस स्टेशन पर मौजूद गणमान्य लोगों से संवाद भी कर सकते हैं।

सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ेगी। नई वंदे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी। इससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही यह ट्रेन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम पहुंच प्रदान करेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को नया आयाम और आर्थिक गति मिलेगी।

‘2 घड़ी का ट्रेंड सुना था अभी 2 पेंट का भी आ गया’- तमन्ना भाटिया

‘2 घड़ी का ट्रेंड सुना था अभी 2 पेंट का भी आ गया’- तमन्ना भाटिया
बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की ग्लैमरस एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई हैं। वजह है उनका अतरंगी फैशन लुक, जिसे देखकर फैंस के तो होश ही उड़ गए हैं। तमन्ना अपने स्टाइल और कॉन्फिडेंस के लिए जानी जाती हैं, लेकिन इस बार उनका लुक देख कुछ लोगों को बिल्कुल रास नहीं आया।

डबल लेयर पैंट स्टाइल और उजड़े बाल
हाल ही में सामने आए वीडियो में तमन्ना ने ब्लैक जैकेट और डबल लेयर पैंट स्टाइल कैरी किया हुआ है। बाल बिखरे हुए, मेकअप मिनिमम और एटीट्यूड ऑन पॉइंट- मतलब वैसा ही बरकरार है।

जैसे ही उनकी लेटेस्ट वीडियो वायरल हुईं, ट्रोल्स का सिलसिला शुरू हो गया। एक यूजर ने लिखा, ‘2 घड़ी का ट्रेंड सुना था अभी 2 पेंट का भी आ गया है क्या?” जबकि दूसरे ने कहा, ‘जस्टिन बीबर क्यों बनती जा रही हो?’ कुछ लोगों ने एक्ट्रेस के हेयरस्टाइल पर भी चुटकी ली और बोले- हेयर में इलेक्ट्रिक शॉट का झटका लगा है शायद।’

हांगकांग सिक्सेस में युवराज सिंह जैसा कारनामा

हांगकांग सिक्सेस में युवराज सिंह जैसा कारनामा
हांगकांग सिक्सेस में कुवैत के खिलाफ पूल-सी मैच में पाकिस्तान के कप्तान अब्बास अफरीदी ने कमाल की बल्लेबाजी करते हुए यासिन पटेल के एक ओवर में छह छक्के ठोक डाले। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 12 गेंद में 1 चौके और 8 छक्के संग 55 रन कूट डाले। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने कुवैत को 4 विकेट से हराया।

पाकिस्तान ने कुवैत के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का निर्णय किया था। मीत भावसार की ओर से 14 गेंदों में बनाए गए नाबाद 40 रन की बदौलत कुवैत ने निर्धारित 6 ओवर में 2 विकेट पर 123 रन बनाए। वहीं, पाकिस्तान ने 6 ओवर में 1 विकेट पर 124 रन बनाकर लक्ष्य हांसिल कर लिया। पाकिस्तान को यह जीत आखिरी गेंद पर मिली।
रवि बोपारा के रिकॉर्ड की बराबरी की

अब्बास अफरीदी ने कुवैत के खिलाफ 8 छक्के लगाए। इस तरह उन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास में एक इनिंग में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया। अब्बास अफरीदी ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर रवि बोपारा, बांग्लादेश के जीशान आलम और नेपाल के राशिद खान की बराबरी की। वैसे इस टूर्नामेंट के इतिहास में एक इनिंग में बतौर खिलाड़ी सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के एडवर्ड जॉर्ज बर्नार्ड के नाम है, जिन्होंने 2024 में ओमान के खिलाफ नौ छक्के लगाए थे।

एक साथ नजर आए तेज प्रताप और रवि किशन

एक साथ नजर आए तेज प्रताप और रवि किशन
जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव और भाजपा सांसद रवि किशन शुक्रवार को पटना हवाई अड्डे पर एक साथ नजर आए, जिससे बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। दोनों के बीच मुस्कुराते हुए बातचीत हुई। उनकी सौहार्दपूर्ण बातचीत और एक साथ मौजूदगी ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि तेज प्रताप यादव, जो लगातार भाजपा और आरएसएस के कट्टर आलोचक रहे थे, क्या वह किसी नए राजनीतिक समीकरण का संकेत दे रहे हैं।

दरअसल गया में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे थे, जबकि रवि किशन पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में रैलियों को संबोधित कर रहे थे। चुनाव प्रचार करने के बाद तेज प्रताप यादव और रवि किशन हवाई अड्डे पर एक साथ उतरे थे। इसी बीच एयरपोर्ट से बाहर निकलते हुए दोनों साथ हो गये। दोनों साथ आये इसलिए पत्रकारों ने पूछ लिया कि दोनों एक साथ आ रहे हैं, ऐसे में क्या कोई नया समीकरण बन रहा है? पत्रकारों के इस सवाल पर जवाब देते हुए तेज प्रताप यादव ने अपनी मुलाकात को महज एक संयोग बताया। उन्होंने कहा कि बस मैं रवि किशन से पहली बार मिल रहा हूँ। बेशक, भगवान शिव की भक्ति के मामले में हम दोनों एकमत हैं। हम दोनों माथे पर टीका लगाते हैं।

फिर पत्रकारों ने दूसरा पूछा कि क्या वह भाजपा के साथ जा सकते हैं? तो कहा कि जो भी बेरोज़गारी दूर करेगा, मैं उसके साथ रहूँगा। इस बीच, जब यादव को कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं से मिल रही प्रशंसा के बारे में पूछा गया, तो रवि किशन ने बीच में आकर कहा कि यह उनका दिल है जो लोगों की प्रशंसा अर्जित कर रहा है। रवि किशन ने, तेज प्रताप यादव के भाजपा में शामिल होने की संभावना की ओर इशारा करते हुए कहा कि कुछ भी हो सकता है। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोलेनाथ के सभी भक्तों के लिए दरवाजे खुले रखे हैं, जो निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित हैं और किसी निजी एजेंडे के कारण राजनीति में नहीं हैं।

हालांकि, भाजपा नेता उस समय असहज हो गए जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे के साथ अन्याय हुआ है। तेज प्रताप यादव को अपनी अलग हुई पत्नी के अलावा किसी और के साथ संबंध में होने की बात स्वीकार करने के बाद पार्टी से निकाल दिया गया था। मीडिया की भीड़ से जल्दी से आगे निकलते हुए उन्होंने जवाब दिया कि अब, मुझसे ऐसे सवाल मत पूछिए। यह चुनाव का समय है। फिर भी, निश्चिंत रहिए कि बिहार के लोग सही और गलत में अंतर करने के लिए पर्याप्त समझदार हैं।

ज़ोहरान ममदानी के मेयर बनने के बाद फिर चर्चा में न्यूयॉर्क

ज़ोहरान ममदानी के मेयर बनने के बाद फिर चर्चा में न्यूयॉर्क
ज़ोहरान ममदानी, 4 नवंबर, 2025 को न्यूयॉर्क सिटी के मेयर का चुनाव जीत गए. नतीज़ों के बाद से उनकी काफी चर्चा हो रही है.

ममदानी, 1892 के बाद बने इस शहर के सबसे युवा मेयर हैं. वो न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर भी होंगे. इसलिए ममदानी के साथ-साथ न्यूयॉर्क की भी काफ़ी चर्चा हो रही है.

लेकिन ममदानी के इतर न्यूयॉर्क शहर भी अपने आप में एक अनोखा कैरेक्टर है. आइए शहर के बारे में कुछ ख़ास बातें जानते हैं.

न्यूयॉर्क सिटी की राजनीतिक महत्ता भी है. इसने अमेरिका को दो राष्ट्रपति दिए हैं. पहले- थियोडोर रूजवेल्ट और दूसरे, मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप.
न्यूयॉर्क की आबादी की विविध तस्वीर

इसके अलावा यहां की आबादी में भारी विविधता नजर आती है, जो इसकी विशेषता भी है. यहां अलग-अलग नस्ल, जाति, संस्कृति के लोग नज़र रहते हैं.

संकट हरेंगे ‘गणपति! संकष्टी चतुर्थी कल

संकट हरेंगे ‘गणपति! संकष्टी चतुर्थी कल
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को आने वाली गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है. यह व्रत हर महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को रखा जाता है, लेकिन जब यह दिन शनिवार या मंगलवार को पड़ता है, तो इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधिवत रूप से गणपति बप्पा की पूजा करने से सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. पंचांग के अनुसार, साल 2025 में गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का व्रत 8 नवंबर 2025, शनिवार को रखा जाएगा.

संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें. हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत का संकल्प लें.भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. उन्हें रोली, अक्षत, दूर्वा, लाल फूल और जनेऊ अर्पित करें. गणपति को मोदक या तिल के लड्डू का भोग लगाएं, क्योंकि तिल इस व्रत में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. धूप-दीप जलाकर ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें और गणाधिप संकष्टी चतुर्थी की कथा पढ़ें. शाम को चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को जल, दूध, चंदन और अक्षत मिलाकर अर्घ्य दें. चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद सात्विक भोजन या फलाहार ग्रहण करके व्रत का पारण करें.

मातृभूमि की स्तुति में रचा गया ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

मातृभूमि की स्तुति में रचा गया ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय
‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज देशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक दिन को छत्तीसगढ़ में भी बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस अवसर पर सभी ने “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ आज़ादी की राष्ट्रीय चेतना का पुण्य स्मरण किया और अमर बलिदानियों को नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित स्मरणोत्सव में वर्चुअली शामिल हुए और प्रधानमंत्री का उद्बोधन भी सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान का एक प्रवाह, एक लय और एक तारतम्य हृदय को स्पंदित कर देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का मूल भाव मां भारती है — यह भारत की शाश्वत संकल्पना, स्वतंत्र अस्तित्व-बोध और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आज़ादी का उद्घोष था, जिसने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने और स्वाधीन भारत के स्वप्न को साकार करने की प्रेरणा दी। स्वतंत्रता आंदोलन में यह गीत क्रांतिकारियों की आवाज़ बना और यह केवल प्रतिरोध का स्वर नहीं, बल्कि आत्मबल जगाने वाला मंत्र बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ में भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और समृद्धि की कहानी समाहित है। विदेशी आक्रमणों और अंग्रेज़ों की शोषणकारी नीतियों के बीच ‘वंदे मातरम्’ ने समृद्ध भारत के स्वप्न का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के नए स्वरूप का उदय देख रही है, जो अपनी परंपरा, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के समन्वय से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना स्वतंत्रता संग्राम के समय था, और यह गीत सदैव हमारे हृदयों में अमर रहेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह गीत मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम, कृतज्ञता और राष्ट्रधर्म की भावना का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर मातृभूमि की वंदना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव का आज माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रव्यापी शुभारंभ इस कालातीत रचना के 150 वर्ष पूरे होने का गौरवपूर्ण अध्याय है। इस अवसर पर वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ ही माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा स्मारक सिक्के का जारी होना एक ऐतिहासिक स्मृति है। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा है, जिसने सदैव राष्ट्रीय गौरव, एकता और आत्मसम्मान की ज्योति प्रज्वलित की है। यह मातृभूमि की शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक है, साथ ही भारत की एकता और आत्मगौरव की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 7 नवम्बर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इस कालजयी रचना की सृष्टि की थी, जिसे बाद में उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंद मठ’ में शामिल किया गया। मातृभूमि की स्तुति में रचा गया यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा बना। अनेक क्रांतिकारियों ने “वंदे मातरम्” कहते हुए हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वंदे मातरम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1905 में बंगाल विभाजन के समय ‘वंदे मातरम्’ ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक यह गीत सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का मंत्र बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सुनते ही हृदय में ऊर्जा, गर्व और देशभक्ति का संचार होता है। यह गीत हमें स्मरण कराता है कि हमारी भूमि, जल, अन्न और संस्कृति ही हमारी जीवनदायिनी शक्ति हैं। उन्होंने कहा, “यूरोप में भूमि को ‘फादरलैंड’ कहा जाता है, लेकिन भारत में हम अपनी भूमि को ‘मातृभूमि’ कहते हैं।” यह भाव रामायण के श्लोक “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” में प्रकट होता है। ‘वंदे मातरम्’ भी इसी भाव से जन्मा हमारा ध्येय-वाक्य है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से भावी पीढ़ी को हमारे अतीत के संघर्षों और ‘वंदे मातरम्’ जैसी अमर रचनाओं की आज़ादी की लड़ाई में भूमिका के बारे में जानने का सुंदर अवसर मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें और इसे भारत माता तथा छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित करें।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित स्मारक सिक्का तथा डाक टिकट का विमोचन किया। साथ ही, इस अवसर पर ‘वंदे भारत पोर्टल’ (vandematram150.in) का शुभारंभ भी किया। इस पोर्टल के माध्यम से देशवासी अपनी आवाज़ में ‘वंदे मातरम्’ रिकॉर्ड कर इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ सकते हैं। यह पहल लोगों को भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने प्रदर्शनी का विस्तार से अवलोकन करते हुए ‘वंदे मातरम्’ के सृजन से लेकर इसके राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक बनने तक की ऐतिहासिक यात्रा का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह भारत के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के दौर की अनेक अनकही कहानियों को उजागर करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को देश की आज़ादी के मूल भाव और ‘वंदे मातरम्’ की प्रेरक भूमिका से परिचित कराती है।

इस अवसर पर सांसद चिंतामणि महाराज, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुकेश बंसल, पी. दयानंद, डॉ. बसवराजू एस. सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

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नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

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भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
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POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

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नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
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अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...