‘द गर्लफ्रेंड’ का दमदार ट्रेलर

‘द गर्लफ्रेंड’ का दमदार ट्रेलर
लव-स्टोरी लवर्स के लिए बहुत अच्छी खबर है। बहुत जल्द एक ऐसी फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली, जिसे देखने के बाद आप खुशी से झूम उठेंगे। फिल्म का ट्रेलर, आज मेकर्स ने रिलीज भी कर दिया है। चलिए आपको फिल्म का नाम और रिलीज डेट के बारे में बताते हैं।

नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना एक बार फिर दिल जीतने को तैयार हैं। उनकी अपकमिंग रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ का ट्रेलर, आज शनिवार को रिलीज किया गया है। एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर ट्रेलर शेयर करते हुए लिखा- “यह कोई साधारण प्रेम कहानी नहीं, यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ का ट्रेलर रिलीज।”

2 मिनट 39 सेकंड के इस इमोशनल ट्रेलर में रश्मिका ‘भूमा’ के किरदार में नजर आ रही हैं, जबकि उनके अपोजिट हैं धीक्षित शेट्टी, जो ‘विक्रम’ का रोल निभा रहे हैं। दोनों की केमिस्ट्री और कहानी की गहराई ट्रेलर में ही झलक जाती है।

ट्रेलर में दिखाया गया है कि विक्रम (धीक्षित) को एक टॉक्सिक, डॉमिनेटिंग, घमंडी, हिंसक और शक्की बॉयफ्रेंड के रूप में दिखाया गया है, जबकि भूमा एक साधारण और सहज लड़की है, जो एक टॉक्सिक रिश्ते के बोझ में दबी है।

ट्रेलर की शुरुआत में रश्मिका (भूमा) झिझकते हुए विक्रम से कहती है कि क्या हम थोड़ा ब्रेक ले सकते हैं? जिस पर रिएक्ट करते हुए विक्रम कहता है, “ब्रेक का मतलब एक से ब्रेक है।”

इसके बाद कहानी पीछे जाती है, जहां विक्रम भूमा को प्रपोज करता है, जिसमें वह कहता है, “परसों शुभ मुहूर्त है, चलो शादी कर लेते हैं।” विक्रम को भूमा पर पूरा भरोसा है, लेकिन भूमा झिझकते हुए उसे बॉयफ्रेंड कहती है।

फिल्म का लेखन और निर्देशन राहुल रविंद्रन ने किया है। हेशाम अब्दुल वहाब ने म्यूजिक दिया है और सिनेमैटोग्राफी कृष्णन वसंत ने की है। ‘द गर्लफ्रेंड’ एक इमोशनल कहानी का वादा करती है, जो प्रेम और रिश्तों की जटिलताओं को उजागर करेगी।

फिल्म में रश्मिका मंदना के अलावा धीक्षित शेट्टी, राव रमेश और रोहिणी जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 7 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

अब तक 450 से ज़्यादा नक्सली ढेर, जल्द पूरा होगा PM मोदी का संकल्प -CM साय

अब तक 450 से ज़्यादा नक्सली ढेर, जल्द पूरा होगा PM मोदी का संकल्प -CM साय
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा की पूरा देश जानता है कि सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और 450 से ज़्यादा नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है और 2000 से ज़्यादा ने आत्मसमर्पण कर दिया है। देश से नक्सलवाद को ख़त्म करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का 31 मार्च का संकल्प ज़रूर पूरा होगा।

मुख्यमंत्री साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल
पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू एवं जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।

कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

दिल्ली में AAP ने सीएम रेखा गुप्ता को दे दी बड़ी चुनौती

दिल्ली में AAP ने सीएम रेखा गुप्ता को दे दी बड़ी चुनौती
दिल्ली में छठ महापर्व से पहले एक बार फिर यमुना के प्रदूषित पानी को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। AAP के वरिष्ठ नेता और दिल्ली संगठन प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने सीएम रेखा गुप्ता को खुली चुनौती दी है कि वह यमुना का पानी पीकर दिखाएं, जिसे बीजेपी सरकार साफ बताने का दावा कर रही है।

पीना तो दूर यमुना का पानी नहाने लायक भी नहीं
सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा “हमने वजीराबाद के पास यमुना से पानी भरा है। इस पानी के नीचे जमी हुई परत में मल और गंदगी है, जो नजफगढ़ नाले से आकर यमुना में मिली है। यह पानी पीने तो दूर, नहाने के लायक भी नहीं है।” उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) की दो दिन पुरानी रिपोर्ट में भी यही कहा गया है कि यमुना के कई स्थानों से लिए गए सैंपलों में प्रदूषण की मात्रा बेहद अधिक पाई गई है।

गरीबों की जान से खिलवाड़ न करे’
AAP नेता ने सीएम रेखा गुप्ता पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा “अगर लोग छठ पूजा के दौरान इस पानी में जाकर अर्घ्य देंगे या गलती से इसे पी लेंगे तो उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। छठ करने वाले अधिकतर गरीब परिवारों के लोग होते हैं। अगर उन्हें बीमारियां हो गईं तो उनके पास अच्छे अस्पताल में इलाज कराने के लिए पैसे नहीं होंगे। बीजेपी सरकार इनकी जान से खिलवाड़ कर रही है।”

यमुना की सफाई के नाम पर भ्रम फैलाने का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने यमुना को साफ करने के लिए एक व्यापक योजना बनाई थी, लेकिन उपराज्यपाल ने इसमें कई अड़चनें डालीं, जिसके कारण काम पूरा नहीं हो सका। अब रेखा सरकार यमुना की सफाई के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा “बीजेपी दिल्ली में झूठ का तंत्र चलाकर लोगों को भ्रमित कर रही है। अगर रेखा गुप्ता को विश्वास है कि यमुना साफ है तो वह खुद आकर इस पानी को पीकर दिखाएं। अगर नहीं पी सकतीं तो झूठे दावे करना बंद करें।”

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से सहायता के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से सहायता के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्बाइड गन से प्रभावितों से भोपाल हमीदिया हॉस्पिटल के ब्लॉक 2 की 11वीं मंजिल स्थित नेत्र रोग वार्ड में भेंट की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सा विशेषज्ञों से रोगियों के उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर समुचित इलाज के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी कार्बाइड गन से प्रभावित बच्चों और नागरिकों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से भी सहायता के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे प्रकरणों की निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है। घातक कार्बाइड गन के निर्माण और विक्रय को अवैध होने के नाते थाना स्तर पर छापामारी और जाँच की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जा रही है।

अधिकांश घायलों ने स्वयं उपयोग की कार्बाइड गन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारियलखेड़ा निवासी प्रशांत मालवीय, गरीब नगर छोला के करण पंथी, भानपुर के आरिश और परवलिया सड़क के अंश प्रजापति से भेंट की। इनमें अधिकांश किशोर हैं। अंश प्रजापति ने बताया कि वे अन्य युवकों के कार्बाइड गन उपयोग करने से घायल हुए हैं। वहीं प्रशांत, करण और आरिश ने स्वयं कार्बाइड गन का उपयोग करते हुए घायल होने की बात स्वीकार की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल
छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम: 5000 शिक्षक भर्ती का मार्ग हुआ प्रशस्त
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

इंदौर और भोपाल के आर्थिक क्षेत्रों के लिए बनेगा समग्र मास्टर प्लान

इंदौर और भोपाल के आर्थिक क्षेत्रों के लिए बनेगा समग्र मास्टर प्लान
भोपाल। मप्र में ग्रोथ हब की पहल से इंदौर और भोपाल के आर्थिक क्षेत्रों के लिए समग्र मास्टर प्लान बनेगा। इसके लिए मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंत्रालय में हुई बैठक में ग्रोथ हब (जी-हब) पहल का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

यह महत्वाकांक्षी पहल नीति आयोग और मध्य प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से इंदौर एवं भोपाल क्षेत्रों के लिए व्यापक और दीर्घकालिक आर्थिक विकास रणनीति तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस अवसर पर नीति आयोग के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रिंसिपल इकोनामिक एडवाइजर एना राय ने किया।

मुख्य सचिव जैन ने कहा कि सुविचारित आर्थिक योजना से न केवल इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी बल्कि अनियंत्रित शहरी विकास पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। एना राय ने बताया कि इंदौर और भोपाल आर्थिक क्षेत्रों के लिए समग्र आर्थिक मास्टर प्लान अगले वित्त वर्ष के प्रारंभ तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है और नीति आयोग इस दिशा में राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग देगा।

ग्रोथ हब पहल के प्रथम चरण में इंदौर आर्थिक क्षेत्र (इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, रतलाम, शाजापुर, खंडवा) और भोपाल आर्थिक क्षेत्र (भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन क्षेत्रों के लिए आर्थिक प्रोफाइल, प्राथमिक परियोजना सूची और क्रियान्वयन रोडमैप तैयार किया जाएगा। दूसरे चरण में जबलपुर, सतना-रीवा, सागर और ग्वालियर क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा।

बैठक के दौरान नीति आयोग ने जी-हब पहल का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण किया। संबंधित जिलों ने अपनी आर्थिक प्रोफाइल, प्रमुख अवसर, बाधाएं और 90-दिवसीय कार्ययोजना साझा की।

बैठक में स्टियरिंग कमेटी व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा में त्वरित कार्यों पर सहमति बनी जिनमें कामन फैसिलिटी सेंटर्स (सीएफसी), प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना, एंटरप्राइज सपोर्ट सेंटर्स, लाजिस्टिक्स-वेयरहाउसिंग, कौशल एवं अप्रेंटिसशिप, निवेश-प्रोत्साहन और एकीकृत मास्टर प्लानिंग जैसे बिंदु शामिल हैं।

जी-हब कार्यक्रम के माध्यम से परियोजना-आधारित क्रियान्वयन, नीति सरलीकरण, भूमि आपूर्ति, एकीकृत अवसंरचना और निवेश प्रोत्साहन के माध्यम से राज्य में उच्च वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण आजीविका और बेहतर ‘ईज़ आफ लिविंग’ सुनिश्चित की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री साय
राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण
मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मध्‍य प्रदेश भाजपा की नई टीम घोषित, 4 महामंत्री, 9 मंत्री

मध्‍य प्रदेश भाजपा की नई टीम घोषित, 4 महामंत्री, 9 मंत्री
भोपाल। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यकारिणी की गुरुवार शाम को घोषणा कर दी। नई टीम बनाने में हेमंत खंडेलवाल ने एससी-एसटी और महिला वर्ग को साधने के साथ-साथ भौगोलिक संतुलन बैठाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। यह पहला अवसर है जब प्रदेश के बड़े नेताओं के समर्थकों को तवज्जो संगठन में नहीं दी गई है। प्रदेश महामंत्री के चयन में भी पीढ़ी परिवर्तन कर राहुल कोठारी जैसे युवा नेताओं को आगे बढ़ाया गया है। कविता पाटीदार के ओबीसी चेहरे का विकल्प सागर से सांसद लता वानखेड़े को बनाया गया है। वहीं, आदिवासी चेहरे सुमेर सिंह सोलंकी को संगठन में महामंत्री के पद पर लाकर राज्य की राजनीति में सक्रिय किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोटे से एससी नेता प्रभुराम चौधरी को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। मालवांचल से दो, मध्य भारत और बुंदेलखंड अंचल से एक-एक महामंत्री बनाया गया है। ग्वालियर- चंबल अंचल से विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कोटे से रणवीर सिंह रावत, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खेमे से सुरेंद्र शर्मा को और संघ के सुझाव पर लोकेंद्र पाराशर संघ कार्यकारिणी में शामिल किए गए है। महाकोशल अंचल से कोषाध्यक्ष के पद पर अखिलेश जैन और विंध्य से कांतदेव सिंह व मनीषा सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है। नंदिता पाठक को महिला कोटे से पहली बार संगठन में लिया गया है।

नंदिता ने चित्रकूट में नानाजी देशमुख के साथ लंबे समय तक काम किया है, जिसका प्रतिफल उन्हें मिला है। इधर, संभागीय संगठन मंत्री रहे नेताओं में शैलेंद्र बरुआ (इंदौर संभाग) को उपाध्यक्ष और श्याम महाजन (रीवा) को कार्यालय मंत्री की बागडोर सौंपी गई है। इंदौर के संभागीय संगठन मंत्री रहे जयपाल सिंह चावड़ा को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। नई कार्यकारिणी में छह पदाधिकारियों को जहां पदोन्नत किया गया है तो कुछ नए चेहरे भी शामिल किए गए हैं। 29 सदस्यीय कार्यकारिणी में 15 पदाधिकारी पिछली कार्यकारिणी से हैं, जबकि 16 नए कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है।

केंद्रीय स्तर से 10 उपाध्यक्ष और मंत्री पदों की स्वीकृति मिलने के बावजूद खंडेलवाल ने केवल नौ उपाध्यक्ष, चार महामंत्री व नौ मंत्री घोषित किए हैं। तुलनात्मक रूप से देखें तो पिछली कार्यकारिणी में 14 उपाध्यक्ष, 14 मंत्री और पांच महामंत्री थे। हेमंत खंडेलवाल ने उपाध्यक्ष और मंत्री के कुछ पद रिक्त रखे हैं, ताकि भविष्य में संगठनात्मक आवश्यकता अनुसार समायोजन किया जा सके। मध्य प्रदेश जैसे वृहद संगठन में नई कार्यकारिणी का आकार छोटा रखना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कार्यकारिणी छोटी लेकिन प्रभावी है जो अनुभव, ऊर्जा और संतुलन का अच्छा उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

सात महिलाओं को बनाया पदाधिकारी, लगभग 25 प्रतिशत भागीदारी
भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में महिला नेतृत्व को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए लगभग 25 प्रतिशत भागीदारी देते हुए नई कार्यकारिणी में सात महिलाओं को भी शामिल किया गया है। नई कार्यकारिणी में सभी वर्गों, क्षेत्रों और आयु समूहों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। मौजूदा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल को दोबारा मौका दिया है। आशीष अग्रवाल को विधानसभा चुनाव से पहले यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रोचक बात यह है कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 30 मंत्री है। वहीं भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में भी प्रदेश अध्यक्ष सहित 30 पदाधिकारी बनाए गए हैं।

बता दें, इससे पहले वर्ष वर्ष 2021 में विष्णुदत्त शर्मा के नेतृत्व में 39 सदस्यीय कार्यकारिणी बनाई गई थी, अब साढ़े चार साल बाद टीम हेमंत की घोषणा हुई है। पद ग्रहण करने के तीन माह 21 में दिन में बनाई टीम इस कार्यकारिणी की विशेषता समय से घोषणा भी रही है। इसका गठन प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पदग्रहण के बाद तीन माह 21 दिन में किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को कार्यकारिणी के गठन में 10 माह 28 दिन का समय लगा था। स्व. नंदकुमार सिंह चौहान को सात माह पांच दिन लगे थे। स्व. प्रभात झा को चार माह छह दिन लगे थे। राकेश सिंह ने पुरानी कार्यकारिणी के साथ ही काम किया था। नई कार्यकारिणी से यह स्पष्ट है कि हेमंत खंडेलवाल केंद्रीय नेतृत्व के विश्वास पर पूरी तरह से खरे उतरे हैं।

युवा, महिला और अल्पसंख्यक मोर्चा प्रभारी
हेमंत खंडेलवाल ने चार मोर्चा प्रभारी भी बदले हैं। इनमें किसान मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा और पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रभारी बनाए गए हैं लेकिन युवा, महिला और अल्पसंख्यक मोर्चा प्रभारी नहीं बदले हैं। भविष्य में इसमें बदलाव देखने को मिल सकता है। सीए अखिलेश जैन पर एक बार फिर भरोसा जताया गया है उन्हें कार्यकारिणी में कोषाध्यक्ष की पुन: जिम्मेदारी दी गई है। विष्णुदत्त शर्मा की कार्यकारिणी में भी वे इसी पद पर थे। हेमंत खंडेलवाल भी कोषाध्यक्ष रह चुके हैं।

मुख्यमंत्री निवास में गुरूवार को होगा भाईदूज का कार्यक्रम

मुख्यमंत्री निवास में गुरूवार को होगा भाईदूज का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है। जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। हमारी सरकार इसी दृष्टि से सांस्कृतिक परंपरा को निभाते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिये बहनों की खुशी, उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास सर्वोपरि है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को भाईदूज के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होने वाले भाईदूज कार्यक्रम में सम्मलित होने वाली लाड़ली बहनों को यह संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का पर्व भारतीय संस्कृति में प्रेम, स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि उस रिश्ते का उत्सव है, जिसमें भाई अपनी बहन के सुख-दुख, सुरक्षा और सम्मान का वचन निभाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही समाज की समृद्धि का आधार है और हर भाई का यह कर्तव्य है कि वह अपने आचरण और कर्म से इस भावना को मजबूत बनाए।

शासन में संवेदना, त्यौहारों में अपनापन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह परंपरा बनाई है कि प्रदेश का हर पर्व जनता के जीवन में नई उमंग और नई आशा लेकर आए। दीपावली, रक्षाबंधन, गोवर्धन पूजा और अब भाईदूज जैसे पर्व शासन के मानवीय स्वरूप का प्रतीक बन चुके हैं।

लाड़ली बहनें : सशक्त समाज की आधारशिला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनें केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की आत्मा हैं। लाड़ली बहना योजना ने बहनों को आत्मनिर्भर, जागरूक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि सीधे बहनों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जो प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के प्रति स्नेह और सम्मान का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री निवास पर आने वाली लाड़ली बहनों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर और विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल भी उपस्थित रहेंगे।

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