मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गोवर्धन पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गोवर्धन पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज और सरकार के सहयोग से प्रदेश की गौ-शालाओं को गौ-मंदिर के रूप में विकसित किया जायेगा। गौ-शालाओं में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। गौ-शालाओं के विकास और उनके स्वावलंबन के लिये हर संभव मदद दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को भी प्रोत्साहित किया जायेगा। प्राकृतिक रूप से तैयार उपज पर किसानों को समर्थन मूल्य के साथ ही अतिरिक्त राशि भी प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में गौ-शालाओं का संचालन नगरीय निकायों द्वारा सुव्यवस्थित रूप से किया जायेगा। प्रदेश में खुले में विचरण करने वाली निराश्रित गायों को पिंजरे में नहीं बल्कि गौ-शालाओं में सुरक्षित रूप से रखने के प्रबंध कर उनकी बेहतर देखभाल की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर जिले के हातोद तहसील के खजूरिया में नगर निगम इंदौर द्वारा स्थापित रेशम केन्द्र गौशाला में आयोजित गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोवर्धन पूजन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गाय का दूध अमृत है। उसमें सबसे अधिक पोषक तत्व होते हैं। गाय के दूध के सेवन से बीमारियां दूर होती हैं और व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ और आनंदित पाता है। गौ-माता दोहरा पोषण करती है। वह अपने बछड़े के पालन के साथ-साथ मानव जाति का भी पोषण करती हैं हर युग में हर आश्रम में गौ-माता पाली जाती थी और जगह-जगह गौ-पालन होता था। परम्परागत रूप से घरों में पहली रोटी गाय के लिये बनाई जाती है।

बालिका महक को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर निर्मित किये गए गोवर्धन पर्वत की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने गोवर्धन पर्वत की साज-सज्जा कर आकर्षक स्वरूप देने वाली बालिका महक शर्मा को सम्मानित किया। सम्मान स्वरूप उसे 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी। साथ ही उन्होंने बालिका को 11 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।

गौ-शाला के अखाड़े का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शाला में बने अखाड़े का अवलोकन किया। उन्होंने अखाड़े में कुश्ती देखी और पहलवानों का हौसला बढ़ाया और उनके साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अखाड़ों से हमारे पहलवान कृष्ण और बलराम जैसे बनेंगे। आधुनिक दौर में मेट पर कुश्तियां भी हो रही हैं, इस अखाड़े में भी मेट की व्यवस्था की जायेगी।

नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि गौ-शालाओं के विकास के लिये सभी जनप्रतिनिधि भी आर्थिक सहयोग दें। उन्होंने कहा कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गौ-माता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। हम अपने बच्चों का जन्मदिन केक काटने की बजाय गौ-शालाओं की सेवा करके मनायें। उन्होंने कहा कि गोबर और गोमूत्र से गौ-शालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किये जाने की जरूरत है।

जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि राज्य शासन द्वारा पहले प्रति गाय के पोषण के लिये जो राशि प्रदान की जाती थी अब उसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। इससे गौ-पालन और गौ-संवर्धन दोनों बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गौ-माता हमारी संस्कृति का प्रतीक है। रेशम केन्द्र की गौशाला को आदर्श गौशाला के रूप में स्थापित किया जायेगा।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नगर निगम गौ-शाला को बढ़ाने के लिये सतत प्रयासरत है। पहले यहां पर मात्र 630 गाय थी जो आज बढ़कर 2300 से अधिक हो गई है। इस सेवा कार्य में जनता की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि गौ-शाला में नवनिर्मित हॉस्पिटल में आईसीयू सेंटर बनाया गया है, जहां बीमार गाय का ठीक से उपचार किया जाता है।

स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गौवंश के प्रति बढ़ते प्रेम की वजह से आज प्रदेश में उज्जैन सहित ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर आदि गौ-शालाओं में जनभागीदारी के माध्यम से हजारों गायों का पालन हो रहा है। रेशम केन्द्र गौ-शाला में बाहरी प्रदेशों से आई गायों का बेहतर तरीके से पोषण किया जा रहा है। गौ-शाला में गोवंश से प्रतिदिन सौ से ड़ेढ सौ लीटर दूध उत्पादित हो रहा है।

गोबर से निर्मित स्वदेशी दीयों के प्रकल्प की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर गोबर से स्वदेशी दीये बनाने के स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रकल्प की सराहना की। उल्लेखनीय है कि गाय के गोबर से बने स्वदेशी दीयों को दीपावली पर्व पर इंदौरवासियों का व्यापक समर्थन मिला। इस पहल के अंतर्गत लगभग दो लाख दीयों का विक्रय किया गया, जिससे स्थानीय स्वावलंबन को प्रोत्साहन मिला है।

इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी और कविता पाटीदार, विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, चिंटू वर्मा, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्र, स्वामी अच्युतानंद महाराज आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को दूरभाष पर चर्चाकर जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशल मार्गदर्शक और जनप्रिय नेता शाह का राष्ट्र की सुरक्षा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति अटूट समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से अमित शाह के उत्तम स्वास्थ्य, उनके दीर्घायु होने और यशस्वी जीवन के लिए मंगलकामना की है।

गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय गौमाता के रूप में पूजनीय है, और इसी भावना के साथ राज्य सरकार गोसेवा को ग्रामीण विकास की धुरी बनाने के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की गोवर्धन पूजा, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की गोवर्धन पूजा, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया (जशपुर) में सपरिवार गोवर्धन पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माता जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण की उस प्रेरणादायी लीला की स्मृति है, जिसमें उन्होंने गोकुलवासियों को प्रलयकारी वर्षा और संकट से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर सभी को शरण दी थी। यह पर्व हमें बताता है कि जब समाज एकजुट होकर विश्वास और सहयोग के साथ कार्य करता है, तब कोई भी संकट अजेय नहीं रहता। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सह-अस्तित्व और प्रकृति-पूजन का प्रतीक है। इस दिन गोवंश की पूजा की जाती है, जो भारतीय संस्कृति की आत्मा — गौ-संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण — को जीवंत रखती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पूजा कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पूजा कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित

 

भोपाल:

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपोत्सव, गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव की हार्दिक मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि आज पूरे प्रदेश में गोवर्धन पूजा हर्षोल्लास से की जा रही है। हर घर, हर गौ-शाला, हर गांव, वृंदावन है और हम सब गोपाल बन गए हैं। हमारी हर परम्परा और उत्सव में प्रकृति के प्रति आदर और समाज के प्रति उत्तदायित्व समाहित है। गोवर्धन पूजा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारी संस्कृति ने हमें छोटी से छोटी चीज प्रदान करने वालों के प्रति भी आभार करना सिखाया है। आज हम प्रकृति के उसी दाता स्वरूप को प्रणाम कर रहे हैं। आज के दिन गोवर्धन और गौवंश की पूजा कर हम संसार को प्रकृति, पर्यावरण और पशुधन संवर्धन का संदेश देते हैं। यह सनातन संस्कृति की देन है। यह वास्तव में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का उत्सव है। यह हमें स्मरण कराता है कि धरती पर जो भी है, उसके साथ सामंजस्य ही जीवन है। गोवर्धन पूजा ‘जियो और जीने दो’ के विचार और उपलब्ध खाद्य सामग्री एवं संसाधनों को समाज के साथ मिल-बांटकर साझा करने का प्रतीक है। हमारी संस्कृति और परम्पराओं को बचाए रखने की हम सबकी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार द्वारा गोवर्धन पूजा का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित गोवर्धन पूजा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

 

*विश्व, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की महत्ता को पुन: कर रहा है स्वीकार*

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौमाता सनातन संस्कृति की आत्मा है। गौमाता के दुग्ध से हमारे शरीर को अमृत मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोपालों की सेना बनाकर पशुधन की रक्षा के लिए बृजवासियों को प्रेरित किया। भगवान श्रीकृष्ण ने लोक संस्कृति एवं सामान्य जनजीवन को बनाए रखने के लिए बाल्यावस्था में अद्भुत लीलाओं से समाज को चमत्कृत कर प्रेरित किया। भगवान श्रीकृष्ण के गोपाल स्वरूप में यह संदेश निहित है कि जो गाय पाले वो गोपाल है। गाय के दूध, गोबर और गौ-मूत्र की महिमा अब वैज्ञानिक रूप से सिद्ध होने लगी है। कैंसर जैसी भयंकर बीमारी में भी गौ-उत्पाद प्रभावी हैं, यह भी सिद्ध हुआ है कि गोबर से लिपे घरों पर विकिरण का प्रभाव कम होता है। खेती में गोबर की खाद की महत्ता से सभी लोग परिचित ही हैं। इसी का परिणाम है कि विश्व, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की महत्ता को पुन: स्वीकार कर रहा है।

 

*सनातन संस्कृति के प्रत्येक त्यौहार में निहित है कई संदेश*

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परम्पराओं में बेहतर जीवन के कई सूत्र समाहित हैं। योग और आयुर्वेद के सिद्धांत इसी के प्रमाण है। सनातन संस्कृति के प्रत्येक त्यौहार में कोई न कोई संदेश निहित है। राज्य सरकार ने ऐसे त्यौहारों को समाज के साथ मिलकर मनाने की पहल की है, जिन त्यौहारों में संस्कार और संदेश निहित हैं। प्रदेश में समाज के साथ परम्परानुसार मिल-जुलकर त्यौहार मनाने का यह दूसरा वर्ष है। गोवर्धन पूजा फसल कटने और नई फसल की शुरूआत का समय है। इस घड़ी को उत्साह और उल्लास के साथ मनाने से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है। गोवर्धन पर अन्नकूट का आयोजन भी इसी आनंद का भाग है।

 

*गौवंश संरक्षण के लिए समाज भी आए आगे*

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पशुपालन से दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में देश के दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत मध्यप्रदेश में होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना हमारा लक्ष्य है। हम मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। गौवंश के बेहतर आहार के लिए गौशालाओं को मिलने वाली राशि 20 रूपए से बढ़ाकर 40 रूपए प्रति गौवंश किया गया है। गौशालाओं से दूध के साथ गौ-मूत्र और गोबर की उपलब्धता के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकार के साथ समाज को भी गोवंश संरक्षण में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया। गौवंश संरक्षण सनातन संस्कृति की धारा का सशक्त करने में भी सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जो भी व्यक्ति गौपालन करना चाहता है, गौशाला चलाना चाहता है या गौशाला संचालन में सहयोग करना चाहता है, उन सभी को सहयोग देने के लिए राज्य सरकार तत्पर है।

 

*गोवर्धन पर्वत की मंत्रोच्यार के साथ की पूजा*

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पूजा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में रवीन्द्र भवन में वैदिक मंत्रोच्यारों के बीच गोवर्धन पूजा कर प्रकृति के प्रति मनुष्य के समर्पण को अभिव्यक्त किया। गोवर्धन पर्वत की उपस्थित अतिथियों द्वारा पूजा के बाद आरती भी की गई। इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम स्थल पर साफा पहनाकर स्वागत किया गया। परंपरागत वाद्य यंत्रों पर झूमते युवाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगवानी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौवंश को दुलारा और पशु आहार खिलाया। अन्नकूट की परम्परा के अंतर्गत नया अन्न चढ़ाकर प्रसाद का थाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को 56 भोग का थाल भेंट किया गया।

 

दुग्ध और जैविक पदाथों की लगी प्रदर्शनी

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर दुग्ध और जैविक पदार्थों की प्रदर्शनी तथा विक्रय के लिए लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉल संचालकों से चर्चा भी की। पशुपालन-कृषि और सहकारिता विभाग की योजनाओं की प्रदर्शनी तथा दुग्ध उत्पाद और जैविक पदार्थ आदि की प्रदर्शनी व विक्रय केंद्र की व्यवस्था कार्यक्रम स्थल पर की गई थी।

 

उत्कृष्ठ कार्य करने वाले किये गये सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पूजा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में गौवंश की सेवा संबंधी उत्कृष्ठ एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया। उन्होंने गौकृपा पंचगव्य आयुर्वेद संस्थान के हुकुमचंद पाटीदार, अखिल विश्व गायत्री परिवार के सूरज परमार, बृजमोहन रामकली गौसंवर्धन केन्द्र के प्रहलाद दास मंगल, महामृत्युंजय गौशाला के बृजेश व्यास तथा केन्द्रीय जेल भोपाल में संचालित श्रीकृष्ण गौशाला का सम्मान भी किया।

 

पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौवंश संरक्षण और गौसेवा के लिए विभिन्न योजनाएं बनाकर प्रदेश में कार्य आरंभ किया है। सनातन संस्कृति की भावना के अनुरूप मुख्यमंत्री गौसेवा को सम्पूर्ण प्रदेश में व्यापक स्वरूप दे रहे हैं। सभी जिलों में गौशालाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने गौ-संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर पहल करने की आवश्यकता बताई।

 

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, भोपाल महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक विष्णु खत्री, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी सहित बड़ी संख्या में पशुपालक और नागरिक उपस्थित थे।

कोलार हिंदू उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने विश्राम घाट के कर्मियों संग मनाई दीपावली

कोलार हिंदू उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने विश्राम घाट के कर्मियों संग मनाई दीपावली
– विश्राम घाट के कर्मचारियों को दी सामग्री

भोपाल।
कोलार हिंदू उत्सव समिति के पदाधिकारियों द्वारा सोमवार को दिवाली पर्व के दौरान एक सामाजिक कार्य किया गया। पदाधिकारियों ने कोलार विश्राम घाट के कर्मचारियों को वस्त्र, मिठाई, पटाखे एवं प्रोत्साहन राशि देकर गोवर्धन पूजा एवं दीपावली की शुभकामनाएं दी। समिति के सचिव रवींद्र यति ने बताया कि दिवाली पर्व पर कोलार विश्राम घाट के कर्मचारियों द्वारा लगातार ड्यूटी की गई। ऐसे में इन परिवारों के साथ दिवाली पर्व मनाने का निर्णय समिति ने लिया था। ऐसे में लगातार कई सालों की तरह इस साल भी समिति के पदाधिकारी ने दिवाली में विश्राम घाट पहुंचकर यह नेक काम किया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष महेश मीणा कोषाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, राजीव शर्मा, हरीश यादव, प्रकाश वर्मा, संतोष सेन, अवतार सिंह, बजरंग भगत सहित अनेक लोग मौजूद रहे। दरअसल, कोलार हिंदू उत्सव समिति का मानना है कि दीपावली पर सभी नागरिक अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ दिवाली पर्व मानते हैं। लेकिन विश्राम घाट के कर्मचारी आपात स्थिति में भी यहां तैनात रहकर लोगों को सुविधा प्रदान करते हैं। ऐसे समिति के सदस्य मिलकर यह उत्साह का त्यौहार इनके साथ मनाती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी त्यौहारों के संबंध में वर्चुअल कॉन्फ्रेंस से किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी त्यौहारों के संबंध में वर्चुअल कॉन्फ्रेंस से किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक विरासत को सहेजने के लिए आगामी 21 और 22 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और गौशालाओं में गोवर्धन पूजा का आयोजन धूमधाम से किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के दुग्ध उत्पादन को 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती और पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए गतिविधियों का संचालन किया जाए। इन आयोजनों में मंत्री, सांसद, विधायक, नगरीय निकायों के पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हों। स्थानीय स्तर पर सक्रिय सांस्कृतिक मंडलों को सम्मिलित करते हुए कार्यक्रमों को उत्सव के रूप में मनाया जाए। पशुपालन विभाग इन आयोजनों के लिए नोडल विभाग रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी त्यौहारों के संबंध में रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से सांसद, विधायक, सहित सभी जिलों के कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक-नगरीय निकायों के पदाधिकारी और अधिकारियों को वीसी के माध्यम से संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी दीपावली मनाते हुए आत्मनिर्भर भारत के भाव को सशक्त करने के उद्देश्य से त्यौहारों में स्वदेशी वस्तुओं के क्रय विक्रय को प्रोत्साहित किया जाए। आत्मनिर्भर भारत और जीएसटी उत्सव के कार्यक्रम आगामी 25 दिसंबर तक जारी रहेंगे। सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी मंत्रीजनप्रतिनिधि और कलेक्टर्स परस्पर समन्वय से तिथियां निर्धारित करते हुए आत्मनिर्भर भारत/जीएसटी उत्सव के कार्यक्रम आयोजित करें। इन आयोजनों में स्वदेशी वस्तुओं के प्रदर्शन एवं क्रय-विक्रय को बढ़ावा दिया जावे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले में सामाजिक समरसता के आयोजन सम्पन्न किए जायें। इन आयोजनों में सामाजिक चेतनाशील प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए और सामाजिक समरसता की दिशा में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए विचार-विमर्श भी हों।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिवाली पर्व हम सबके लिए है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से आहवान किया कि वे दीपावली पर वृद्धाश्रम, गरीब बस्तियों और अनाथ आश्रम जाकर उनके साथ दिवाली मनाएं। दिवाली के दूसरे दिन मजदूर मैदान, मजदूर हाट में जाकर श्रमिकों के साथ दिवाली की खुशियां साझा की जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि कलेक्टर्स द्वारा संवेदनशील घटनाओं और खबरों पर तत्काल संज्ञान लिया जाए। कलेक्टर्स की यह जिम्मेदारी है कि वे ऐसी घटनाओं और समाचारों के संबंध में प्रभारी मंत्री, स्थानीय सांसद तथा विधायकगण को वस्तुस्थिति से तत्काल अवगत करायें, उनके द्वारा आवश्यकतानुसार मौका स्थल का भ्रमण भी किया जाए। जिला कलेक्टर्स ऐसी सूचनाओं और खबरों पर तत्काल फैक्ट चेक और आवश्यकता हो तो खंडन जारी करें। प्रभारी मंत्री, विभागीय मंत्री, सांसद, विधायक भी भ्रामक और समाज में सद्भावना बिगाड़ने वाली खबरों के संबंध में सही स्थिति रखें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस आवश्यक रूप से घनी बस्ती और चौराहों पर रहे, पुलिस बल भी इलाके में घूमें, पुलिस की उपस्थिति जनता के बीच दिखना चाहिए, जिससे जनता में सुरक्षा की भावना महसूस हो। विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा और विधायक भगवानदास सबनानी ने भी अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के विकास के संबंध में संतो तथा प्रबुद्धजन से किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चित्रकूट के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए इसका विकास किया जाएगा। चित्रकूट में बड़े निर्माण कार्यों की आवश्यकता नहीं है। मंदाकिनी नदी स्वच्छ और सदानीरा बनी रहे, भगवान कामतानाथ के सुगमता से दर्शन हो सके और भक्तों को सरलता से भोजन प्रसाद मिल सके ऐसे निर्माण कार्य किए जाएंगे। चित्रकूट का विकास प्रबुद्धजन, संतों और आमजन के सुझाव के आधार पर होगा। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन का केंद्र बनायेंगे। चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण, परिक्रमा पथ के सौदर्यीकरण और धार्मिक स्थलों के विकास के कार्य तेजी से पूरे किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को चित्रकूट में आरोग्यम में प्रबुद्धजन से चित्रकूट के विकास पर चर्चा के दौरान यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में विकास के लिए 163 स्थानों पर लोगों ने स्वेच्छा से अपने भवन तोड़कर जमीन उपलब्ध कराई हैं। यह बहुत सराहनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं। चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय तथा दीनदयाल शोध संस्थान किसानों और युवाओं को पशुपालन की आधुनिक तकनीक देकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहयोग करें। चित्रकूट के विकास के लिए जारी 2800 करोड रूपये के निर्माण कार्य अगले वर्ष अप्रैल माह तक पूरे हो जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम-स्टे को बढावा देकर ग्रामीण पर्यटन विकास के साथ रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर सतना संतो, प्रबुद्ध और आमजनता से चित्रकूट के विकास के लिए सुझाव प्राप्त कर उसके अनुरूप कार्य योजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने आरोग्य में भारतरत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।

सांसद गणेश सिंह ने कहा कि दौरी सागर निर्माण की बाधाएँ दूर की जाएं, जिससे निर्माण कार्य शुरू हो सके। दौरी सागर बांध बनने से मंदाकिनी नदी को नया जीवन मिलेगा। चित्रकूट के विकास के लिए शानदार ब्लूप्रिन्ट तैयार किया गया है। इसका क्रियान्वयन होते ही चित्रकूट शानदार धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो जाएगा। बैठक में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने चित्रकूट के विकास के लिए बनाई गई कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि चित्रकूट में समग्र विकास के लिए 5 हजार करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें से 2800 करोड रुपए के निर्माण कार्य आगामी माह अप्रैल तक पूरे हो जाएंगे। कार्ययोजना में नगर वन निर्माण, घाट निर्माण, सड़कों के विकास, सौदर्यीकरण मंदाकिनी नदी की साफ-सफाई तथा घाट निर्माण परिक्रमा पथ के विकास जैसे कार्य शामिल हैं। कार्ययोजना में मझगवां में औद्योगिक इकाइयों और शिक्षण संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव भी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘रामचन्द्र’ श्रीराम राजा सरकार के चरित्र की चित्रकथा का विमोचन किया। समारोह में डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन ने मुख्यमंत्री और अतिथियों का स्वागत करते हुए चित्रकूट के विकास के संबंध में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खडेलवाल, विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, कुलगुरू ग्रामोदय विश्वविद्यालय प्रो. भरत मिश्रा, पद्मश्री डॉ. बीके जैन, सीताराम बाथम, गायत्री परिवार के प्रतिनिधि रामनारायण त्रिपाठी, कमिश्नर रीवा संभाग बी.एस. जामोद, आईजी गौरव राजपूत सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के पंचवटी घाट पर किया दीपदान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट प्रवास के दौरान दीपावली मेला के अवसर पर आरोग्य धाम में मां मंदाकिनी के पंचवटी घाट पर दीपदान किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना के साथ दीपावली की शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति समृद्ध हो रही है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सरकार मिलकर चित्रकूट के आध्यात्मिक, पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विकास के लिए अनेक कार्य कर रही है। आगामी समय में चित्रकूट का वैभव तथा गौरव और भी बढ़ेगा।

बच्चों के साथ बांटी दीपावली की खुशियाँ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचवटी घाट पर श्रीराम के गुणों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर दीवारी नृत्य कर रहे कलाकार दलों के बच्चों को प्रोत्साहित किया और बच्चों के बीच पहुंचकर मिष्ठान और उपहार देकर दीपावली की खुशियाँ बांटी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचवटी में चित्रकूट के साधु-संतों से भेंटकर उनका सम्मान भी किया।

करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद, प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कुनकुरी में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मंच पर रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। ये उत्सव समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 रुपए कर दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में तीव्रता से कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टाँगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवारजन भी उपस्थित थे।

सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान
सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नए फसल को पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ कर घर लाया जाता है। ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर सांसद राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

परिणीति और राघव के घर गूंजी किलकारी, एक्ट्रेस ने दिया Baby Boy को जन्म

परिणीति और राघव के घर गूंजी किलकारी, एक्ट्रेस ने दिया Baby Boy को जन्म
बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा दिवाली के शुभ अवसर पर माता-पिता बन गए हैं। आज परिणीति को दिल्ली के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था, जहां उन्होंने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। शादी के 3 साल बाद परिणीति और राघव बने हैं माता-पिता।

इसी साल परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा ने कपिल शर्मा के शो में गुड न्यूज ही हिंट दी थी, और कुछ समय बाद ही अगस्त में इन्होंने इस हिंट की ऑफिशियल पुष्टि भी कर दी थी। तब से परिणीति अपने सोशल मीडिया पर आये दिन प्रेगनेंसी को लेकर कुछ न कुछ पोस्ट करती रही हैं। आपको बता दें कि गर्भावस्था के दौरान परिणीति दिल्ली में अपने पति राघव के घर में ही रह रही थीं।

दिवाली में मिली कपल को खुशियों की सौगात
दिवाली पर परिणीति और राघव के घर में किलकारियां गूंज उठी हैं। दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में परिणीति को भर्ती किया गया था और उन्होंने बेटे को जन्म दिया है। परिणीति और राधव के सोशल मीडिया अकाउंट पर ये खुशखबरी शेयर की गई है, जिसमें लिखा है, ‘हमारा बेबी बॉय, हमें सचमुच पहले की ज़िंदगी याद ही नहीं आती! बाहें भरी होने पर, हमारा दिल और भी भरा हुआ है। पहले हमारे पास हम दोनों थे लेकिन अब अब हमारे पास सब कुछ है।’

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