पुणे के शनिवार वाड़ा में मजार को लेकर बवाल

पुणे के शनिवार वाड़ा में मजार को लेकर बवाल
पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा (Shaniwar Wada) परिसर में रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब हिंदुत्ववादी संगठनों ने यहां नमाज पढ़े जाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी ने इससे जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें कथित रूप से नमाज अदा किए जाने का दावा किया गया है।

वीडियो सामने आने के बाद मेधा कुलकर्णी, पति‍त पावन संगठन और अन्य हिंदुत्ववादी संगठनों के कार्यकर्ता शनिवारवाड़ा पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सबसे पहले क्षेत्र में गोमूत्र छिड़ककर शुद्धीकरण करने का दावा किया और फिर शिव वंदना की। इसके बाद उन्होंने परिसर में मौजूद एक मजार का विरोध करते हुए वहां भगवा झंडा लगाने की मांग की।

पुलिस ने झंडा लगाने की अनुमति देने से इनकार किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी अप्रिय घटना को होने से रोका। फिलहाल शनिवारवाड़ा क्षेत्र में एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के आक्रामक होने से इलाके में तनाव का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों ने जय श्रीराम और छत्रपति शिवाजी महाराज की जय जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी भगवा झंडा फहराने की मांग पर अड़े हुए है, लेकिन पुलिस इसकी अनुमति नहीं दे रही है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी है। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि जब तक भगवा झंडा नहीं फहराने दिया जाएगा, वे वहां से नहीं हटेंगे। पुलिस उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है। दरअसल संबंधित स्थल पुरातत्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए वहां झंडा फहराने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

प्रदर्शनकारियों के आक्रामक होने से इलाके में तनाव का माहौल बन गया। उन्होंने “जय श्रीराम” और “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने परिसर में भगवा झंडा फहराने की मांग की, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि जब तक भगवा झंडा नहीं फहराया जाएगा, वे वहां से नहीं हटेंगे। जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी है।

सीएम योगी ने विक्रमादित्य की परंपरा को किया पुनर्जीवित

सीएम योगी ने विक्रमादित्य की परंपरा को किया पुनर्जीवित
अयोध्या : दीपोत्सव 2025 की दिव्यता के बीच रामकथा पार्क रविवार को एक ऐसे आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना, जब संतों ने एक स्वर में कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने वह कर दिखाया जो युगों तक असंभव रहा। प्रभु श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक में पहुंचे संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अभिनंदन और धन्यवाद दिया। मंच से भक्ति और राष्ट्रीय गौरव का ऐसा उद्गार फूटा जो पूरे पंडाल में गूंज गया।

पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती महाराज ने कहा कि अयोध्या में ऐसा दीपोत्सव कभी कोई सोच नहीं सकता था, लेकिन मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने असंभव को संभव बना दिया। उनसे पहले कई मुख्यमंत्री हुए, पर किसी ने अयोध्या में ऐसे भक्ति-महोत्सव का स्वप्न तक नहीं देखा। लोगों ने सैफई महोत्सव करवाया और अपने घरों को सजाते रहे, लेकिन सीएम योगी ने अयोध्या में दीपोत्सव का शुभारंभ किया। हर वर्ष दीपों की संख्या बढ़ रही है। योगी ने विश्वभर के हिंदुओं के मस्तक को गर्व से ऊंचा किया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ और अशोक सिंघल का संकल्प योगी ने पूरा किया है। जगतगुरु रामानुजाचार्य डॉ. राघवाचार्य जी महाराज ने कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या को अंधकार में धकेल दिया था। लोग अयोध्या का नाम लेने से कतराते थे। आज वही अयोध्या प्रकाश की राजधानी बन गई है। योगी सादगी और सिद्धांत की जीवंत मूर्ति हैं। पहले के मुख्यमंत्री अयोध्या देखना नहीं चाहते थे, पर योगी लगभग हर महीने यहां आकर संतों का हाल जानते हैं।

उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने कभी अयोध्या को सजाया था, योगी ने विक्रमादित्य की ही परंपरा को पुनर्जीवित किया।

जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य महाराज ने कहा कि हम अक्सर राम पैड़ी पर कल्पना भर करते थे कि मां सरयू दीप जला रही हैं और श्रीराम की प्रतीक्षा कर रही हैं। योगी के नेतृत्व में वह कल्पना साकार हुई है। अब लगता है कि शरीर से हम कलियुग में हैं, पर मन और आत्मा से त्रेता युग में जी रहे हैं।

श्रीजगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीधराचार्य जी महाराज ने कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि कलियुग में त्रेता का स्मरण हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के नए युग की शुरुआत की और योगी ने उसे भक्ति के चरम पर पहुंचाया। पहले अयोध्या नीरस थी, अब हर गली-गली राम नाम से गूंज रही है। जो लोग कभी अयोध्या नहीं आना चाहते थे, वे आज तिलक और जनेऊ के साथ अपनी पहचान पर गर्व कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के साथ मनायेंगे धनतेरस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के साथ मनायेंगे धनतेरस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 18 अक्टूबर को सुबह से देर शाम तक किसान भाइयों के बीच रहेंगे और उनके साथ धनतेरस मनायेंगे। मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित किसान सम्मेलन में किसान भाइयों से सीधा संवाद भी करेंगे। इसके बाद राजगढ़ जिले के ब्यावरा और सीहोर जिले के बिलकिसगंज झागरिया में आयोजित किसान सम्मेलनों में शामिल होकर किसानों को राहत राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ब्यावरा में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को 277 करोड़ रूपये की राहत राशि का अंतरण करेंगे एवं 33 करोड़ रूपये की लागत की ब्यावरा नगर जल प्रदाय योजना का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहां 193 करोड़ रूपये की लागत के 41 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। बाद में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीहोर जिले के बिलकिसगंज झागरिया में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होंगे और यहां जिले के 2 लाख से अधिक किसानों को फसल क्षति की 118 करोड़ रूपये से अधिक की राहत राशि सिंगल क्लिक के जरिए किसानों के खाते में अंतरित करेंगे।

मुख्यमंत्री निवास में किसान सम्मेलन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों के बीच उनसे उनके हित की बात करेंगे। किसानों से संवाद में मुख्यमंत्री राज्य सरकार द्वारा कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास की दिशा में उठाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी कदमों और नवाचारों पर भी प्रकाश डालेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के साथ धनतेरस और दीपावली पर्व की शुरुआत करेंगे। किसान भाई सोयाबीन की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लाने की युगांतकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव का आभार भी व्यक्त करेंगे। इस किसान सम्मेलन में नर्मदापुरम, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन और विदिशा जिलों के करीब 2500 से अधिक प्रगतिशील किसान शामिल होंगे।

किसान सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश के किसानों को भावांतर भुगतान योजना की जानकारी देना और उन्हें योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी किसानों को योजना की प्रक्रिया, पात्रता तथा लाभ वितरण से संबंधित विस्तृत जानकारी देंगे। भावांतर योजना के तहत प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक अपनी फसल कृषि उपज मंडियों में विक्रय कर सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा योजना में पात्र किसानों के आधार लिंक बैंक खातों में भावांतर की राशि फसल विक्रय के 15 दिन के भीतर सीधे जमा कर दी जाएगी। ई-उपार्जन पोर्टल पर भावांतर योजना के लिए किसानों का पंजीयन कार्य 17 अक्टूबर तक पूरा किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस योजना का लाभ पाने से वंचित न रहे।

किसान सम्मेलन के मुख्य आकर्षण
भावांतर योजना की विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण।
मुख्यमंत्री द्वारा किसानों से सीधा संवाद।
कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन।
किसान सम्मेलन में सरकार द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की जानकारी भी दी जाएगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश को किया सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश को किया सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नईदिल्ली के विज्ञान भवन में आदि कर्मयोगी अभियान पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश को सम्मानित किया। प्रदेश के प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने म.प्र. के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण किया। उन्होंने जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश को आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन में देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम पांच राज्यों में स्थान मिला है।

भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान जनजाति समुदायों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य जनजाति क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं का प्रभावी अमल सुनिश्चित करना और शासन को और ज्यादा जवाबदेह बनाना है। यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर आधारित है जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

प्रमुख सचिव जनजाति कार्य गुलशन बामरा ने मध्य प्रदेश में जनजातीय विकास की स्थिति की पर जानकारी देते हुए कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान में 1 लाख 41 हजार आदि सहयोगी काम कर रहे हैं। इसके साथ एक लाख 92 हजार आदि साथी और 1210 अशासकीय संगठन जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसका लक्ष्य तीन लाख चेंज लीडर्स तैयार करना है जो निचले स्तर पर जनजातीय विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद कर रहे हैं। जनजातीय बंधुओं की मदद के लिए 13,000 आदि सेवा केंद्र बनाए गए हैं।

जनजाति क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शाला छोड़ने वाले बच्चों पर निगरानी रखी जा रही है। वर्तमान में माता शबरी आवासीय बालिका शिक्षा कंपलेक्स, हॉस्टल, आदर्श आवासीय स्कूल, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल, आश्रम स्कूल, खेल परिसर मिलाकर 2,913 संस्थाएं संचालित है जिनमें 2 लाख 30 हजार विद्यार्थियों के रहने की क्षमता है। विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। मलेरिया, टीबी, एनीमिया की रोकथाम के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।

इस साल जून से लेकर सितंबर तक सिर्फ तीन माह में 81000 से ज्यादा आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। मातृत्व सुरक्षा के लिए भी विशेष पहल की गई। इसके अलावा नौ हजार से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र में टेलीमेडिसिन सेवाओं का संचालन किया गया। स्व-सहायता समूहों का गठन कर उन्हें रोजगार निर्माण एवं आजीविका की गतिविधियों से जोड़ा गया है। उन्हें आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए साख सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100% उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुरी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

पीएम जनमन में शिवपुरी को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। आदि कर्मयोगी अभियान में देश स्तरीय उत्कृष्ट जिलों में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को सम्मानित किया गया। प्रदेश की उत्कृष्ट मास्टर ट्रेनर श्रेणी में सहायक शोध अधिकारी सारिका धौलपुरिया सम्मानित की गई। आदि कर्मयोगी अभियान में अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों में बैतूल, धार, पूर्वी निमाड़ और बड़वानी का विशेष उल्लेख किया गया।

राज्य स्तरीय सुपर कोच और मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रदेश के उपायुक्त आदिवासी विकास जेपी यादव को भी सम्मानित किया गया। एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों बड़वानी, बैतूल और शिवपुरी को उल्लेखनीय गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया गया। धरती आबा जन भागीदारी अभियान में गुना, बुरहानपुर और विदिशा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी गुना और एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी विदिशा को उत्कृष्टतम प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार गांवों के विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। ग्राम सभा से इनका अनुमोदन कराया गया है। इन गांवों में 13 हजार से ज्यादा आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान, जन धन, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज जारी किए गए है।

‘2027 के बाद 3 साल में मिलेगा न्याय’- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

‘2027 के बाद 3 साल में मिलेगा न्याय’- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जयपुर में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नए आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और करीब 9,600 करोड़ रुपये की लागत वाले विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

इस दौरान अमित शाह ने अपने संबोधन में नए आपराधिक कानूनों के महत्व के बारे में बताया और कहा कि 2027 के बाद देश में दर्ज होने वाली प्रत्येक एफआईआर पर तीन साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय सुनिश्चित होगा।

नए कानूनों से न्याय प्रणाली में बदलाव
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए तीन नए आपराधिक कानून 160 साल पुराने औपनिवेशिक कानूनों को समाप्त कर देश की न्याय प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन लाएंगे। ये कानून दंड के बजाय सुधार और न्याय पर केंद्रित हैं। उन्होंने बताया कि इन कानूनों का पूर्ण कार्यान्वयन 2027 तक हो जाएगा, जिसके लिए अगले दो साल तक तैयारी चलेगी।

शाह ने कहा कि 2027 के बाद दर्ज होने वाली हर एफआईआर पर तीन साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय मिलेगा। यह व्यवस्था देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणालियों में शुमार करेगी। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना की, जो नए कानूनों के प्रभाव को दर्शाती है।

अमित शाह ने प्रदर्शनी का समय दीपावली के अगले दिन तक बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि अधिक से अधिक लोग, खासकर पुलिसकर्मी, वकील और कानून के विद्यार्थी इसे देख सकें। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी नए कानूनों के माध्यम से होने वाले बदलावों को सटीक तरीके से दर्शाती है। सभी को इसे जरूर देखना चाहिए।

मुख्यधारा में लौटे माओवादी कैडर — बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यधारा में लौटे माओवादी कैडर — बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
यह आत्मसमर्पण विश्वास, सुरक्षा और विकास की दिशा में बस्तर की नई सुबह का संकेत है। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में यह ऐतिहासिक घटनाक्रम नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा अपनाई गई व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति ने क्षेत्र में स्थायी शांति की मजबूत नींव रखी है। पुलिस, सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और सजग नागरिकों के समन्वित प्रयासों से हिंसा की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में परिवर्तित किया जा सका है।

बस्तर के लिए ऐतिहासिक दिन, 153 अत्याधुनिक हत्यारों के साथ आत्मसमर्पण
यह पहली बार है जब नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादी कैडरों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने कुल 153 अत्याधुनिक हथियार जिनमें AK/47 SLR, INSA रायफल और LMG शामिल हैं, समर्पित किए हैं। यह केवल हथियारों का समर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भय के युग का प्रतीकात्मक अंत है। एक ऐसी घोषणा, जो बस्तर में शांति और भरोसे के युग की शुरुआत का संकेत देती है।

मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी नेता
मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी नेताओं में सीसीएम रूपेश उर्फ सतीश, डीकेएसजेडसी सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, रनीता, राजू सलाम, धन्नू वेत्ती उर्फ संतू, आरसीएम रतन एलम सहित कई वांछित और इनामी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।

मांझी-चालकी विधि से हुआ स्वागत, वंदे मातरम की गूंज के साथ संविधान के प्रति दिखाई निष्ठा
यह ऐतिहासिक आयोजन जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में हुआ, जहाँ आत्मसमर्पित कैडरों का स्वागत पारंपरिक मांझी-चालकी विधि से किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और शांति, प्रेम एवं नए जीवन का प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया। मांझी-चालकी प्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर की परंपरा सदैव प्रेम, सहअस्तित्व और शांति का संदेश देती रही है। जो साथी अब लौटे हैं, वे इस परंपरा को नई शक्ति देंगे और समाज में विश्वास की नींव को और मजबूत करेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी आत्मसमर्पित कैडरों ने संविधान की शपथ लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे अब हिंसा के बजाय विकास और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में योगदान देंगे। ‘वंदे मातरम’ की गूंज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह क्षण केवल 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण का नहीं, बल्कि बस्तर में विश्वास, विकास और शांति के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास सहायता राशि, आवास और आजीविका योजनाओं की जानकारी दी गई। राज्य शासन इन युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

Dandakaranya Surrender: Total Cadre Profile
1. CCM 01 cadre
2. DKSZC 04 cadres
3. Regional Committee Member 01 cadre
4. DVCM 21 cadres
5. ACM level 61 cadres
6. Party Members 98 cadres
7. PLGA member/ RPC members/ Others 22 nos

Total 208 cadres
Total 110 Female- 98 Male

Dandakarnya Surrender: Total Weapon Details
1. AK 47 Rifle 19 nos
2. SLR rifle 17 nos
3. INSAS rifle 23 nos
4. INSAS LMG 01 nos
5. 303 Rifle 36 nos
6. Carbine 04 nos
7. BGL Launcher 11 nos
8. 12 Bore/ Single shot 41 nos
9. Pistol 01 nos
Total 153 weapons

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थापना दिवस में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थापना दिवस में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में आयोजित सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के 13वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 90 करोड़ रुपये की लागत से 26 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री साय ने जिले के प्रत्येक विकासखंड में 50-50 लाख रुपये की लागत से एक-एक सामुदायिक भवन के निर्माण तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में ओबीसी विद्यार्थियों की सीटों में वृद्धि करने की घोषणा की। कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव तथा वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के विकास और हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन केवल प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि शासन की नीतियों और रीति-नीति से प्रभावित होकर जगदलपुर में आज 210 भटके हुए लोग मुख्यधारा में लौटे हैं तथा उन्होंने 153 हथियार भी जमा किए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी को पूर्ण करने के लिए प्रदेश सरकार पिछले 22 महीनों से समर्पण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वायदे के अनुरूप तेंदूपत्ता खरीदी की कीमत में वृद्धि की, 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदा, रामलला दर्शन योजना लागू की तथा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया। इसके अतिरिक्त भी अनेक जनहितकारी और महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थापना दिवस की बधाई देते हुए समाजजनों से शासन की योजनाओं से जुड़कर विकास में सहभागी बनने की अपील की।

इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समाजजनों को बधाई देते हुए समाज में अपनी भूमिका को और सशक्त करने का आह्वान किया। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज मेहनतकश और कर्मठ है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को बेहतर ढंग से शिक्षित करने और अपने अधिकारों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जिले में संचालित ‘मावा मोदोल कोचिंग संस्थान’ की सराहना करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने सर्व पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के दौरान कुल 90 करोड़ 06 लाख 88 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 56 करोड़ 51 लाख 40 हजार रुपये की लागत से 14 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 33 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपये की लागत से 12 निर्माण कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित है।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ओबीसी वर्ग के तीन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

राजभर ने बिहार में एनडीए के खिलाफ उतारे 53 उम्मीदवार

राजभर ने बिहार में एनडीए के खिलाफ उतारे 53 उम्मीदवार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बिहार में 53 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने पहले चरण के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव अरविंद राजभर ने कहा कि बिहार में हमारी पार्टी की स्थिति बहुत मजबूत है। हमारे कार्यकर्ता काफी समय से तैयारी कर रहे हैं। राजग से सीटें मांगी गई थीं, लेकिन हमारे हिस्से में एक भी सीट नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के लिए 53 प्रत्याशी मैदान में उतारे गए हैं, जबकि कुल 153 सीट पर पार्टी मैदान में प्रत्याशी उतारेगी। इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गठबंधन धर्म न निभाने का आरोप लगाया।

जल्द अन्य सीटों पर भी होगी घोषणा
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने कहा कि अभी हमारी पार्टी ने 53 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, आगे चलकर और प्रत्याशी चुनाव में उतरेंगे। हमारी भाजपा से बातचीत हुई थी। प्रदेश नेतृत्व के गलत फीडबैक के कारण हमको सीटें नहीं मिली हैं। इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना होगा। ये लोग कम से कम 50 सीटों पर हारेंगे। हम लोग एक मोर्चा बना रहे हैं। उसकी भी लगभग बातचीत हो चुकी है, जो जल्द घोषित होगा।

दीपावली से पहले शासकीय कर्मचारियों को अग्रिम वेतन भुगतान — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

दीपावली से पहले शासकीय कर्मचारियों को अग्रिम वेतन भुगतान — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर, दीपावली के शुभ अवसर पर राज्य शासन ने अपने शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माह अक्टूबर 2025 का वेतन 17 एवं 18 अक्टूबर को अग्रिम रूप से भुगतान करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सभी विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मेरे लिए शासन केवल तंत्र नहीं, बल्कि उन कर्मठ साथियों का परिवार है जो पूरे मन से जनता की सेवा में लगे हैं। दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान का यह निर्णय उसी आत्मीयता का प्रतीक है — कि सरकार अपने हर साथी की खुशियों में सहभागी बने और हर घर में उजियारा तथा प्रसन्नता फैले।

उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व प्रसन्नता, एकता और उत्साह का प्रतीक है। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी इस पर्व को परिवार सहित उल्लासपूर्वक मना सके और किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।

वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करने हेतु राज्य के सभी कोषालय एवं उपकोषालय 18 अक्टूबर (शनिवार, अवकाश दिवस) को भी खुले रहेंगे, ताकि किसी कर्मचारी को भुगतान प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।

राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मजदूरी, मानदेय एवं पारिश्रमिक जैसे अन्य मदों में भी नियमानुसार अग्रिम भुगतान किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान से न केवल शासकीय कर्मचारियों को आर्थिक सुविधा और राहत प्राप्त होगी, बल्कि इससे जीएसटी बचत उत्सव के दौरान राज्य के बाजारों में रौनक, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और आर्थिक प्रवाह में तीव्रता आएगी। इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी प्रत्यक्ष लाभ होगा तथा राज्य की अर्थव्यवस्था में उत्सव और विश्वास का वातावरण बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन का हर निर्णय अपने कर्मठ साथियों की खुशियों और सम्मान से जुड़ा है। दीपावली से पहले अग्रिम वेतन भुगतान उसी आत्मीय भावना का प्रतीक है कि हर घर में उजियारा फैले और हर हृदय में प्रसन्नता एवं विश्वास का दीप जले।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुवाई में शनिवार को होगा किसान सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुवाई में शनिवार को होगा किसान सम्मेलन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास पर किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में नर्मदापुरम, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन एवं विदिशा जिले से लगभग 2500 किसान शामिल होंगे।

भावांतर योजना की दी जाएगी जानकारी
सम्मेलन में किसानों को भावांतर योजना के संबंध में जानकारी दी जाएगी एवं योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। योजना अंतर्गत किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडी में फसल बेच सकेंगे। किसानों को 15 दिवस में भावांतर की राशि उनके आधार लिंक बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी। भावांतर योजना के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 17 अक्टूबर तक होंगे।

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