प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ में गुरूवार को और महाराष्ट्र में बुधवार को नक्सलियों के आत्मसमर्पण के संबंध में दी गई जानकारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 170 और महाराष्ट्र में बुधवार को 61 नक्सलियों ने हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटने का कार्य किया है। यह घटना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने वालों का सदैव स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में तत्पर रहते हैं। उल्लेखनीय है कि गत दो दिवस में 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार की निरंतर कोशिशों का ही यह परिणाम है कि देश में नक्सलवाद दम तोड़ रहा है। नक्सलियों के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट है, जो हिंसा त्यागना चाहते हैं उनका स्वागत है। लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नक्सलियों से मेरी अपील है कि वे अपने हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं।

बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ का नक्सलमुक्त होना यह प्रमाण है कि अब बस्तर भय नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की नई पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत आज नक्सलवाद के अंत की दहलीज़ पर खड़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीते दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की शक्ति जीत रही है। उन्होंने कहा कि बीते 22 महीनों में छत्तीसगढ़ में 477 नक्सली मारे गए, 2110 ने आत्मसमर्पण किया और 1785 गिरफ्तार हुए — यह आँकड़े हमारे राज्य को नक्सलमुक्त बनाने के अडिग संकल्प के साक्षी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य अब बहुत निकट है। यह परिवर्तन राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। डबल इंजन सरकार की संवेदनशील नीतियों, बस्तर में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में शासन के प्रति बढ़ते विश्वास ने इस सकारात्मक परिवर्तन को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 64 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे न केवल सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, बल्कि विकास और विश्वास की किरण भी हर गांव तक पहुँची है।

मुख्यमंत्री साय ने हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही आज बस्तर भयमुक्त हुआ है और शांति की राह पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सल आतंक से पूर्णतः मुक्त हो चुके हैं, जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं ने बस्तर में संवाद, विकास और संवेदना की नई धरती तैयार की है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति दो टूक है — हिंसा का कोई स्थान नहीं। जो नक्सली शांति और विकास का मार्ग चुनना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो बंदूक उठाकर समाज में आतंक फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की सख़्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी नक्सलियों से अपील की — “हिंसा की राह अंतहीन पीड़ा देती है, जबकि आत्मसमर्पण जीवन को एक नई दिशा देते हुए एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है। अपनी मातृभूमि के भविष्य और अपने परिवारों के उज्जवल कल के लिए हथियार त्यागें और विकास की रोशनी में कदम रखें।”

उल्लेखनीय है कि देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर जानकारी कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर जैसे क्षेत्र, जो कभी नक्सल आतंक के गढ़ हुआ करते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी सफलता है, बल्कि विकास, विश्वास और संवेदना की नई कहानी भी है। बीते दो दिनों में देश में कुल 258 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि बंदूक नहीं, बल्कि संविधान पर विश्वास की शक्ति जीत रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम उनके बेहतर भविष्य और देश की एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और देश की प्रगति में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व खाद्य दिवस पर अन्नदाताओं और श्रमिकों का किया अभिनंदन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व खाद्य दिवस पर अन्नदाताओं और श्रमिकों का किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व खाद्य दिवस पर कहा है कि खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कर संपूर्ण राष्ट्र के पोषण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अन्नदाताओं और श्रमिकों की लगन और उनका अथक परिश्रम अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा कि विश्व खाद्य दिवस सभी को भोजन प्राप्त हो-कोई भूखा ना रहे के पावन संकल्पों व प्रयासों को सुदृढ़ करता है।

‘सिंधिया फैक्टर’ खत्म,अब नियमों के दायरे में बनेगी एमपी बीजेपी की नई टीम

‘सिंधिया फैक्टर’ खत्म,अब नियमों के दायरे में बनेगी एमपी बीजेपी की नई टीम

भोपाल।
मध्य प्रदेश भाजपा के लिए अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों को साधने की मजबूरी नहीं रही। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सिंधिया समर्थक अब संगठन में पूरी तरह घुल-मिल चुके हैं। ऐसे में दिल्ली ने प्रदेश इकाई की नई कार्यकारिणी संगठन संविधान की निर्धारित सीमा के भीतर बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

बीते सप्ताह प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल नई टीम की सूची लेकर दिल्ली गए थे। सूची में कुछ नामों को लेकर वरिष्ठ नेताओं की आपत्तियां सामने आईं, वहीं पदों की संख्या भी तय सीमा से अधिक पाई गई। इस पर शीर्ष नेतृत्व ने सूची लौटा दी और कहा कि पहले पदों की संख्या घटाकर पुनः प्रस्ताव भेजें।

नहीं चलेगी जम्बो कार्यकारिणी

वर्तमान में प्रदेश भाजपा में अध्यक्ष सहित 38 प्रमुख पदाधिकारी हैं — जिनमें 1 संगठन महामंत्री, 5 महामंत्री, 14 उपाध्यक्ष और 14 संगठन मंत्री शामिल हैं। जबकि पार्टी संविधान के अनुसार उपाध्यक्ष और मंत्री के केवल 10-10 पद ही निर्धारित हैं। नई सूची में इन पदों की संख्या 12-12 प्रस्तावित की गई थी, जिस पर दिल्ली ने आपत्ति जताई।

‘सिंधिया युग’ की रणनीति अब अप्रासंगिक
पार्टी की पिछली कार्यकारिणी में पदों की संख्या इसलिए बढ़ाई गई थी ताकि सिंधिया समर्थकों को एडजस्ट किया जा सके। उस समय इसे “विशेष परिस्थिति” मानकर मंजूरी दी गई थी। मगर अब नेतृत्व का कहना है कि ऐसी कोई बाध्यता नहीं बची है — पार्टी को संगठनात्मक अनुशासन में लौटना चाहिए।

खंडेलवाल के लिए चुनौती भरा संतुलन
प्रदेश भाजपा में ‘मूल’ और ‘आयातित’ कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद अब भी बने हुए हैं, खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र में। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की मंशानुसार नई टीम में सियासी और सामाजिक संतुलन साधना हेमंत खंडेलवाल के लिए आसान नहीं होगा। दिल्ली से लौटी सूची के बाद उन्हें फेरबदल कर सभी गुटों को साधने की नई रणनीति बनानी पड़ रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकता परेड-2025 में छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन होने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकता परेड-2025 में छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन होने पर दी बधाई
राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर) के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) में आयोजित होने वाली एकता परेड-2025 में छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी का चयन किया गया है। यह जानकारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में दी गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, मणिपुर, उत्तराखंड, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, एनडीआरएफ और एनएसजी की झांकियाँ भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के जनसम्पर्क विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह चयन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपरा और एकता के भाव की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। एकता परेड में प्रस्तुत होने वाली यह झांकी हमारे राज्य की ‘एकता में विविधता’ की अद्भुत परंपरा को सजीव रूप में प्रदर्शित करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी इस वर्ष बस्तर की बदलती पहचान और विकास यात्रा पर केंद्रित होगी। राज्य शासन के जनसम्पर्क विभाग द्वारा तैयार की जा रही यह झांकी बस्तर की जनजातीय अस्मिता, पारंपरिक लोकनृत्य, वेशभूषा, ढोकरा धातु कला, आदिवासी चित्रकला और आधुनिक विकास के समन्वय को प्रदर्शित करेगी। झांकी का मुख्य संदेश होगा कि बस्तर अब बदलाव की राह पर है — संघर्ष से विकास की ओर, भय से विश्वास की ओर। इसमें दर्शाया जाएगा कि जिस भूमि ने कभी संघर्ष और असमानता के दौर देखे, आज वही क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और बुनियादी ढांचे के माध्यम से शांति और समृद्धि की नई पहचान गढ़ रहा है।

राज्य सरकार की पुनर्वास एवं विकासोन्मुख नीतियों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी परिवर्तन की दिशा में नई ऊर्जा का संचार किया है। यह झांकी न केवल बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा को प्रदर्शित करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, एकता और लोकगौरव की झलक भी पेश करेगी।

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस भव्य परेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्वयं उपस्थित रहेंगे और चयनित राज्यों की झांकियों का अवलोकन करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर लाना है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को सशक्त करेगी और देश के सामने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और सामाजिक एकता का उज्ज्वल उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

गुणवत्ता और मानक ही आत्मनिर्भर भारत की पहचान — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

गुणवत्ता और मानक ही आत्मनिर्भर भारत की पहचान — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में मानकों का पालन पारदर्शिता, गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा रही है और इसके माध्यम से मिलावट व नकली वस्तुओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगी है।

मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनों को गुणवत्ता शपथ दिलाते हुए मानकीकृत उत्पादों को बढ़ावा देने और बीआईएस के प्रयासों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मानकों की स्थापना में विशेष योगदान देने वाले मानक क्लबों, संस्थाओं और मेंटर्स का सम्मान किया। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था देशभर में गुणवत्ता की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब सोने जैसी धातुओं की शुद्धता का पता लगाना कठिन था, लेकिन आज हर उपभोक्ता बीआईएस हॉलमार्क देखकर ही आभूषण खरीदता है। बीआईएस का हॉलमार्क अब उपभोक्ता भरोसे का प्रतीक बन चुका है।

उन्होंने बताया कि बीआईएस द्वारा बोतलबंद पानी, हेलमेट, खिलौने, गहनों से लेकर करीब 22 हजार वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मानक चिन्हों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मानकों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और मानकीकरण के कारण आज देश के गांव और कस्बों में बने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनों से मानक चिन्हों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत का संकल्प उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती से ही पूरा होगा।” उन्होंने कहा कि गुणवत्ता ही आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक पहचान है।

कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि विश्व मानक दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं और समाज में मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह हमारे वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रयासों को सराहने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है और गुणवत्ता सुधार अब केवल नीति नहीं, बल्कि एक संकल्प बन चुका है।

बघेल ने कहा कि “जागो ग्राहक जागो” का संदेश उपभोक्ताओं को सजग और जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को समाज में आगे बढ़ाएं, ताकि उपभोक्ता संरक्षण और अधिक सशक्त हो सके।

भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर शाखा कार्यालय के निदेशक एस. के. गुप्ता ने कहा कि बीआईएस का प्रत्येक मानक उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को समर्पित है। उन्होंने बताया कि उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ब्यूरो इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

निदेशक गुप्ता ने ब्यूरो द्वारा संचालित गतिविधियों और विभिन्न उत्पादों के मानकीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीआईएस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में निर्मित हर उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे।

मुख्यमंत्री ने मानक महोत्सव में विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन

विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) तथा अन्य संस्थानों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने मानक स्थापना से जुड़ी गतिविधियों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की।

सिपेट रायपुर के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संस्था प्रदेश के युवाओं को लघु एवं दीर्घकालीन कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है, साथ ही उद्योगों को गुणवत्ता परामर्श और तकनीकी सलाह भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने सिपेट की पहल की सराहना की और इसे उद्योग-शिक्षा समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

बीआईएस की रायपुर शाखा द्वारा लगाए गए स्टॉल में उपभोक्ता जागरूकता संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उपभोक्ता स्वयं आईएसआई, एचयूआईडी और हॉलमार्क युक्त आभूषणों की प्रमाणिकता जांच सकते हैं।

ऐप के जरिए उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और आईएसआई मुहर के दुरुपयोग की सूचना देने की सुविधा भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।

शैक्षणिक संस्थानों के नवाचारी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

मानक महोत्सव में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए नवाचार आधारित स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बने। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों का अवलोकन किया और उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की।

गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिरकोनी के विद्यार्थियों ने रक्तचाप जांचने की मशीन और मिट्टी की नमी मापने की मशीन तैयार की। पंडित आर. डी. तिवारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्रों ने “एक्सप्लोरर रोबोट” प्रस्तुत किया, जो अंधेरे और दुर्गम स्थानों में रास्ता खोजने में सक्षम है। यह रोबोट खदानों और औद्योगिक स्थलों पर उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

वहीं गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अंडा के विद्यार्थियों ने स्मार्ट ट्रेन का मॉडल तैयार किया, जो विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी है। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से चर्चा की, उनके नवाचारी कार्यों की जानकारी ली और उनकी रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा —“युवाओं की सोच में जब गुणवत्ता और नवाचार जुड़ता है, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर होता है।”

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुणवत्ता सिर्फ उद्योग या उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन के हर पहलू का संस्कार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि “मानक केवल नियम नहीं, राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों, संस्थाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे “क्वालिटी को क्वांटिटी से पहले रखें” और छत्तीसगढ़ को मानकीकरण, नवाचार और पारदर्शिता में देश का अग्रणी राज्य बनाएं। उन्होंने कहा —“जब हर नागरिक गुणवत्ता को अपना धर्म समझेगा, तभी सच्चे अर्थों में विकसित भारत का स्वप्न साकार होगा।”

इस अवसर पर एनआईटी रायपुर के निदेशक एन. व्ही. रमन्ना राव, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थोरानी, इस्पात प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक ए. के. चक्रवर्ती, कैट के अध्यक्ष परमानंद जैन, छत्तीसगढ़ स्टील रिरोलर्स निर्माता संघ के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी और छत्तीसगढ़ ज्वेलर्स संघ के अध्यक्ष कमल सोनी

भारत स्मॉल रिएक्टर्स की स्थापना के लिए एमपी में भूमि अधिग्रहण को मंजूरी

भारत स्मॉल रिएक्टर्स की स्थापना के लिए एमपी में भूमि अधिग्रहण को मंजूरी
मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable energy) को बढ़ावा देने के साथ ही अब परमाणु बिजली संयंत्र लगाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं। केंद्र की ओर से भारत स्मॉल रिएक्टर्स की स्थापना को निजी क्षेत्र के लिए खोले जाने के बाद ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी कंपनियां मध्यप्रदेश में जमीन की खोजबीन कर रही हैं। कुछ कंपनियों ने जगह देखना शुरू कर दिया है। क्योंकि ग्रीनफील्ड की जमीन काफी उपलब्ध है। इसके साथ ही मंडला जिले में पहले से चल रही चुटका परमाणु परियोजना की भी बाधाएं जल्द दूर करने के प्रयास शुरू हो गए हैं।

पहले उन्हें अनुमति जो अपनी जरूरत के लिए बना रहीं बिजली
सबसे पहले उन भारतीय निजी कंपनियों को छोटे परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की अनुमति दी जा रही है, जो अपनी जरूरत के लिए बिजली बनाना चाहते हैं। हालांकि निर्माण का काम, निगरानी और संचालन न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के तकनीकी सहयोग से होगा।

निजी कंपनियों के प्रस्ताव जनवरी में किए आमंत्रित
इसके लिए एनपीसीआइएल ने जनवरी में निजी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इसके बाद टाटा पावर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी एनर्जी सहित अन्य कंपनियों ने रुचि दिखाई है। निजी कंपनियों ने छह राज्यों में 16 स्थान सुझाए हैं। इनमें से दो स्थान में हैं। सिंगरौली, राजगढ़, शिवपुरी जिलों में जमीन देखी गई है।

उच्च स्तरीय समिति बनाई
सरकार ने परमाणु परियोजनाओं की स्थापना में सहयोग के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। ऊर्जा विभाग के एसीएस नीरज मंडलोई की अध्यक्षता में गठित समिति में जल संसाधन, पर्यावरण, राजस्व और वन विभाग के एसीएस या पीएस को सदस्य नियुक्त किया गया है। संबंधित जिलों के कलेक्टर भी सदस्य हैं। इसके साथ एनटीपीसी और एनपीसीआइएल के अधिकारी भी शामिल हैं।

चुटका में जल्द आगे बढ़ेगा काम
एमपी (MP News) के मंडला के चुटका में भारत सरकार ने वर्ष 2009 में परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। यहां 700 मेगावाट की दो इकाइयां प्रस्तावित हैं। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय अनुमति, वन भूमि अधिग्रहण की मंजूरी और जल आवंटन की मंजूरी हो गई है। पुनर्वास और पुरस्र्थापन के लिए कॉलोनी का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है। हालांकि स्थानीय लोग परियोजना का विरोध कर रहे हैं। इसे खत्म कराने, लोगों को समझाने के लिए कलेक्टर और राज्य सरकार प्रयास कर रही है। संबंधित अधिकारियों ने काम जल्द आगे बढऩे की बात कही है।

कानून में संशोधन के बाद क्रियान्वयन
ऊर्जा विभाग (Department of Energy) के अधिकारियों के अनुसार निजी निवेश शुरू करने के लिए अभी केंद्र सरकार परमाणु ऊर्जा अधिनियम और नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन करने जा रही है। इसके बाद ही निजी निवेशकों का काम बढ़ पाएगा। न्यूक्लियर रिएक्टर के लिए जमीन की खोजबीन मुश्किल होती है। इसलिए पहले से प्रस्ताव मंगाए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने ऐसा ग्रीनफील्ड एरिया चाहिए जो भूकंप के लिए संवेदनशील न हो। पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो। आबादी से दूर हो। मध्यप्रदेश में दूरस्थ क्षेत्रों में काफी जमीन उपलब्ध है, इसलिए निजी कंपनियां जमीन की खोजबीन कर रही हैं। यहां सरकार भी सुविधाएं दे रही है।

चार जिलों में चल रहा काम
नीमच, देवास, सिवनी और शिवपुरी जिले में एनटीपीसी द्वारा न्यूक्लियर एनर्जी प्रोजेक्ट (Nuclear Energy Project) शुरू करने का काम चल रहा है। जिलों में कुछ स्थान चिह्नित किए हैं। चारों जगहों के प्रोजेक्ट में 1200 मेगावाट की दो यूनिट के साथ 6 यूनिट तक प्रस्तावित हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 2000 एकड़ तक जमीन की जरूरत पड़ेगी।

भारत ने 7 विकेट से जीता दूसरा टेस्‍ट

भारत ने 7 विकेट से जीता दूसरा टेस्‍ट
भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दो मैचों की टेस्‍ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज की है। इसके साथ ही भारत ने सीरीज में वेस्‍टइंडीज का 2-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। टीम के हेड कोच गौतम गंभीर आज 14 अक्‍टूबर को 44वां जन्‍मदिन है, उनके लिए ये जीत किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। दिल्‍ली टेस्‍ट में भारत को पांचवें दिन जीत के लिए महज 58 रन की दरकार थी। इससे पहले 121 रन का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने चौथे दिन खेल की समाप्ति तक 1 विकेट के नुकसान पर 63 रन बना लिए थे। आखिरी दिन केएल राहुल ने 58 और ध्रुव जुरेल 6 रन पर नाबाद रहते हुए भारत को जीत दिलाई।

भारत ने 518/5 के स्कोर पर घोषित की पहली पारी
मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 518/5 के स्कोर पर घोषित की। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने 175 रन, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 129 रन टीम के खाते में जोड़े। वेस्टइंडीज की ओर से जोमेल वारिकन ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए।

विंडीज की दूसरी पारी 248 पर सिमटी
इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम पहली पारी में महज 248 रन पर सिमट गई। इस पारी में एलिक एथनाज ने 41 रन बनाए, जबकि शाई होप ने 36 रन की पारी खेली। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने सर्वाधिक 5 विकेट हासिल किए। रवींद्र जडेजा को 3 विकेट हाथ लगे।

वेस्‍टइंडीज ने रखा महज 121 रन का लक्ष्‍य
भारत के पास पहली पारी के आधार पर 270 रन की बढ़त शेष थी। वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में 390 रन बनाकर टीम इंडिया को जीत के लिए 121 रन का टारगेट दिया। वेस्टइंडीज की दूसरी पारी एक बार फिर शुरुआत में लड़खड़ा गई थी, लेकिन सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल ने शाई होप के साथ तीसरे विकेट के लिए 177 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभाला। कैंपबेल 115 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शाई होप ने 103 रन की पारी खेली। भारत की ओर से इस पारी में कुलदीप यादव और जसप्रीत बुमराह के हाथ 3-3 विकेट लिए।

भारत ने 7 विकेट से दर्ज की जीत
आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने महज 9 रन पर यशस्वी जायसवाल (8) का विकेट गंवा दिया था। जायसवाल ने 2 चौके लगाते हुए 8 रन बनाए। इसके बाद केएल राहुल ने साई सुदर्शन के साथ चौथे दिन का खेल खत्‍म होने तक दूसरे विकेट के लिए 54 रन की अटूट साझेदारी करते हुए भारत को जीत की दहलीज पर ला दिया है। आखिरी दिन साई सुदर्शन 39 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद 13 रन पर शुभमन गिल भी चलते बने। हालांकि केएल राहुल नाबाद 58 रन और ध्रुव जुरेल ने नाबाद 6 रन बनाते हुए भारत की सात विकेट से जीत सुनिश्चित की।

विश्वस्तरीय बनें उच्च शिक्षा के सभी संस्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्वस्तरीय बनें उच्च शिक्षा के सभी संस्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी कैंपस एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय बनाए जाएं। यह सभी संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएं। सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय विषय एवं कोर्सेस प्रारंभ किए जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग और प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोजगारपरक नवीन विषय प्रारंभ करने के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव पशुपालन उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, प्रमुख सचिव खेल एवं युवक कल्याण मनीष सिंह सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, उच्च शिक्षाविद् एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से कृषि संकाय और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में बीटेक में डेयरी टेक्नॉलाजी का पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। विद्यार्थियों में इन कोर्सेस का प्रचार करें जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस विषय की पढ़ाई के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र में बड़ा स्कोप है, इसलिए विश्वविद्यालयों में इसके पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी समग्र अध्ययन कराया जाए। इसके लिए इस विश्वविद्यालय को आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय बनाने पर भी गंभीरता से विचार कर निर्णय के लिए रखा जाए। उन्होंने कहा कि पाणिनी विश्वविद्यालय को आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनाने से इस विश्वविद्यालय का परिधि क्षेत्र बढ़ेगा और प्रदेश के करीब 50 से अधिक आयुर्वेदिक महाविद्यालय इसके दायरे में आ जाएंगे। यह एक बड़ा कदम होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की भर्तियों को टाईम-फ्रेम में लाएं और जल्द से जल्द सभी प्रकार की भर्तियां एवं नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएं। इस पर अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 364 पद भरे हुए हैं और इन्हीं श्रेणी के 1585 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी ली। अपर मख्य सचिव राजन ने बताया कि सत्र 2025-26 में नर्सिंग कॉउंसिल द्वारा प्रवेश प्रकिया आरम्भ कर दी गई है। पैरामेडिकल कॉउंसिल द्वारा सत्र 2025-26 की मान्यता संबंधी प्रक्रिया एक माह में प्रारम्भ करने की बात कही गई है। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को एनओसी उच्च शिक्षा विभाग के संचालनालय स्तर पर एवं मान्यता क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि झाबुआ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए ग्राम कल्याणपुरा में 70 एकड़ भूमि उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवंटित की जा चुकी है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा जिला अस्पताल झाबुआ में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के टीचिंग हास्पिटल के रूप में अनुमति देने के लिए आवेदन कर दिया गया है।

गुरु चंद्रमा बना रहे गजकेसरी राजयोग

गुरु चंद्रमा बना रहे गजकेसरी राजयोग
कई राशियों के लिए यह राजयोग लाभदायक साबित होने वाला है। लगभग सात ऐसी राशि है जिन पर भोलेनाथ मेहरबान होने वाले हैं। इन लोगों को समाज में मान सम्मान मिलेगा और यह धन लाभ की प्राप्ति करेंगे। इन्हें परिवार और दोस्तों से हर प्रकार का सहयोग मिलेगा।

यह योग करियर और कारोबार में तरक्की प्रदान करने वाला है। जितने भी रुके हुए काम है वह पूरे हो जाएंगे। हर मनोकामना पूरी होगी और दिन आनंद पूर्वक गुजरेगा। काम में आ रही सारी बाधाएं दूर होगी और यह सफलता की प्राप्ति करेंगे। चलिए मेष से लेकर मीन राशि तक का राशिफल जान लेते हैं।

मेष
मेष राशि के लोगों के लिए आज का दिन सफलता से भरा हुआ रहने वाला है। लोगों के सारे काम बहुत आसानी से पूरे हो जाएंगे। सामाजिक और धार्मिक कार्यों में बढ़ चढकर हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। फिजूलखर्च बिल्कुल भी ना करें क्योंकि इससे सिर्फ नुकसान होगा।

वृषभ
इन लोगों को आज भाग का पूरा सहयोग मिलेगा। यह करियर में मान सम्मान और लाभ की प्राप्ति करेंगे। माता-पिता का आशीर्वाद लेकर किया गया हर काम सफल होगा। सुख सुविधाओं में वृद्धि के योग बनते दिखाई दे रहे हैं। आज धार्मिक कार्यों में आपका मन लगने वाला है।

मिथुन
इन लोगों के लिए आज का दिन अच्छा साबित होगा। कोई भी फैसला लेने में ज्यादा देर ना करें लेकिन निर्णय सही होना चाहिए। जो लोग नौकरी करते हैं उन्हें अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। किस्मत पूरी तरह से आपका साथ देगी और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा।

कर्क
इन लोगों के लिए आज लाभ के योग निर्मित हो रहे हैं। बड़ी मात्रा में आपको आर्थिक लाभ की प्राप्ति होगी। व्यावसायिक योजनाओं को गति मिलेगी और पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होने वाली है। भावुकता में आकर कोई निर्णय न लें अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है। आपकी सारी योजनाएं सफल होने वाली है।

सिंह
इन लोगों के लिए आज का दिन ढेर सारी सफलता और लाभ लेकर आ रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। शाम से लेकर रात तक प्रियजनों के साथ अच्छा समय गुजारेंगे। आपको खानपान का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।

कन्या
इन लोगों को करियर में जबरदस्त सफलता की प्राप्ति होगी। रचनात्मक कार्यों में आपका मन लगेगा और तरक्की की प्राप्ति करेंगे। आपको अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। जरूरी कार्यों से परिवार के साथ बाहर जा सकते हैं। आपको अचानक लाभ की प्राप्ति होगी। धन वृद्धि के योग बनते दिखाई दे रहे हैं।

तुला
करियर के मामले में लोगों का दिन बहुत अच्छा साबित होने वाला है। आपको बड़े बुजुर्गों से संपत्ति की प्राप्ति हो सकती है। जो लोग नया बिजनेस करने के बारे में सोच रहे हैं उनके लिए फिलहाल समय अनुकूल दिखाई दे रहा है। भाग्य पूरी तरह से आपके पक्ष में है और धन वृद्धि के योग बन रहे हैं।

वृश्चिक
वृश्चिक राशि के लोगों को आज परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रतिभा के बल पर आप दुश्मनों पर विजय हासिल करेंगे। धन वृद्धि के योग दिखाई दे रहे हैं और कारोबार में रुका हुआ पैसा भी मिल जाएगा। भाग्य के सहयोग से आप दुश्मनों पर जीत हासिल करेंगे।

धनु
धनु राशि के लोगों के ज्ञान में वृद्धि होने वाली है। आपको किसी सज्जन व्यक्ति का साथ मिलेगा जिसे आप अच्छी बातें सीख सकेंगे। धार्मिक कार्यों में आपका मन लगने वाला है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग दिखाई दे रहे हैं। आप परिवार के साथ घूमने फिरने का प्लान बना सकते हैं।

मकर
मकर राशि के लोगों का दिन सफलता से भरा हुआ रहने वाला है। आप कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं। कोई भी फैसला अनुभवी व्यक्ति की सलाह के बाद ही लें। आपके सभी के साथ संबंध बेहतर होंगे। कारोबार में सफलता के योग दिखाई दे रहे हैं।

कुंभ
कुंभ राशि के लोगों को लाभ और सम्मान की प्राप्ति होने वाली है। जो भी काम करेंगे उसमें आपको भाग्य का साथ मिलेगा। जीवन के बुरे अनुभव से आपको सीख लेने की जरूरत है। कार्य क्षेत्र में अप्रत्याशित बदलाव का सामना कर सकते हैं।

मीन
मीन राशि के लोगों को करियर के मामले में सफलता की प्राप्ति होगी। इन लोगों की सारी समस्या समाप्त हो जाएगी। निजी संबंधों में थोड़ा संभल कर चलने की जरूरत है। जरूरत पड़ने पर आपको बाहर के लोगों का साथ मिलेगा। सभी के साथ संबंध बेहतर बनाने की जरूरत है।

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