छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में 28 से 30 नंवबर तक आयोजित होगा 60वां DG Conference

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में 28 से 30 नंवबर तक आयोजित होगा 60वां DG Conference
रायपुर: नवा रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक 60 वीं डीजी कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत देशभर के डीजी, एडीजी और आईजी स्तर के लगभग 250 वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मितव्ययिता को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। होटल या निजी भवनों की बजाय कार्यक्रम और अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था केवल शासकीय भवनों में की जाएगी। इस निर्देश के बाद जिला व पुलिस प्रशासन रायपुर और नवा रायपुर के सरकारी भवनों के चयन में जुट गया है।

डीजी कांफ्रेंस में आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, साइबर क्राइम, सीमा प्रबंधन और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही नई तकनीक, इंटेलिजेंस शेयरिंग और राज्यों के बीच सुरक्षा समन्वय को लेकर भी विचार-विमर्श होगा। खासकर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हाल के महीनों में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त अभियानों से मिली बड़ी सफलताओं पर चर्चा होगी।

इसके आधार पर आगे की नई रणनीतियां तय की जाएंगी। केंद्रीय गृह मंत्री पहले ही माओवाद समस्या को पूरी तरह खत्म करने की समय सीमा 31 मार्च 2026 तय कर चुके हैं। माना जा रहा है कि माओवाद पर विशेष सत्र होगा, जिसमें प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सीधे सुरक्षा अधिकारियों से फीडबैक लेंगे। सम्मेलन से कई नई नीतियां भी सामने आने की उम्मीद है।

आईआईएम भवन में कांफ्रेस, मोदी रूकेंगे स्पीकर हाउस में
सम्मेलन का आयोजन नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) भवन में होगा। प्रधानमंत्री मोदी के रात्रि विश्राम की संभावित व्यवस्था नवा रायपुर स्थित नवीन स्पीकर हाउस में की जा सकती है। इस भवन से आइआइएम और नया विधानसभा भवन बेहद नजदीक हैं, जिससे आवागमन में सहूलियत होगी।

रायपुर समेत प्रदेश के इन इलाकों में हल्की बारिश की संभावना

रायपुर समेत प्रदेश के इन इलाकों में हल्की बारिश की संभावना
रायपुर: राजधानी रायपुर और प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान गिर गया है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 1.5 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने बताया कि सापेक्ष आद्रता 82 प्रतिशत सुबह और 67 प्रतिशत शाम रिकार्ड की गई। बिलासपुर, पेण्ड्रारोड और दुर्ग में भी तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहा।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश
प्रदेश के दक्षिणी हिस्से यानी बस्तर संभाग में अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें बिलासपुर में अचानक तेज़ बारिश हुई। सबसे अधिक 90 मिमी बारिश अंतागढ़ में रिकार्ड की गई।

लघु वनोपजों से आत्मनिर्भरता की राह — मुख्यमंत्री साय

लघु वनोपजों से आत्मनिर्भरता की राह — मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर–डीएफओ संयुक्त कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के वन प्रबंधन, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित, लघु वनोपजों के मूल्य संवर्द्धन (वैल्यू एडिशन), ईको-टूरिज्म, औषधीय पौधों की खेती और वनों से जुड़ी आजीविका के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राहियों की संख्या आज 12 लाख से अधिक हो चुकी है, जो हमारे सामूहिक प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आवश्यकता इस बात की है कि हम वन उपज का अधिकतम वैल्यू एडिशन करें। उन्होंने कहा कि राज्य में वन धन केंद्रों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ग्रामीणों को अधिक आय के साधन मिल सकें और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश में अब 46 प्रतिशत वन आवरण हो चुका है, जो लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में कैम्पा योजना और “एक पेड़ मां के नाम” जैसी अभिनव पहल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉन्फ्रेंस में जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को भुगतान सात से पंद्रह दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भुगतान की जानकारी एसएमएस के माध्यम से सीधे संग्राहकों के मोबाइल पर भेजी जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में बताया गया कि लगभग 15 लाख 60 हजार संग्राहकों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज हो चुकी है और सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्रहण प्रक्रिया के पूर्ण कंप्यूटरीकरण की पहल को और तेज करने के निर्देश दिए।

कॉन्फ्रेंस में औषधीय पौधों की खेती के विस्तार हेतु प्रचार-प्रसार गतिविधियों को बढ़ाने और इसके लिए कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के मैदानी अमले की सहायता लेने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में पिछले सीजन में हुए तेंदूपत्ता संग्रहण की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी सीजन के लिए पूर्व-कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि संग्राहकों को समय पर लाभ मिल सके और किसी प्रकार की देरी न हो।

लघु वनोपज आधारित स्टार्टअप और वन धन केंद्रों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लघु वनोपजों को वनांचल क्षेत्रों में आजीविका के प्रमुख साधन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। बैठक में लघु वनोपज आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और वन धन केंद्रों को सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सके।

छत्तीसगढ़ हर्बल और संजीवनी ब्रांड के उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया। बैठक में निर्देश दिए गए कि इन उत्पादों की बिक्री ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में बढ़ाई जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों के लिए एक मजबूत मार्केट नेटवर्क विकसित हो सके। साथ ही, उत्पादों के जैविक प्रमाणीकरण (Organic Certification) की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने पर बल दिया गया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पहली बार वन अधिकारियों की बैठक आयोजित कराने के लिए वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सभी कलेक्टर और वन अधिकारी समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्य करें, तो इसके अत्यंत अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

वन मंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर और सरगुजा संभागों में विशेष रूप से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे आजीविका से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब 75 प्रकार की लघु वनोपजों की खरीदी करने जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि लाख उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है, और यदि ठोस कार्ययोजना बनाकर लक्षित रूप से कार्य किया जाए तो प्रदेश देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर सकता है।

औषधीय पौधों की खेती के विस्तार की नई पहल
बैठक में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिलों में औषधीय पौधों की खेती से संबंधित विषयों पर उपस्थित डीएफओ को विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि औषधीय पौधों की खेती न केवल लोगों की आजीविका बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि पारंपरिक उपचार पद्धतियों के ज्ञान को भी आगे बढ़ाएगी। औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और लोगों की आय में वृद्धि के अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर सभी संभागायुक्त, जिला कलेक्टर एवं वन मंडलाधिकारी उपस्थित थे।

अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में दोनों के बीच समन्वय मजबूत है, वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों पर सघन निगरानी रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार किया है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री साय ने एनकॉर्ड (NCORD) के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में सघन जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

बैठक में आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास और आजीविका सशक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति में माओवादियों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।

कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गहन मंथन हुआ। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार हेतु कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जाने, रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने और नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि साइबर अपराध आधुनिक युग का सबसे जटिल खतरा बन चुका है। इसे रोकने के लिए पुलिस बल को निरंतर तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार जनसंपर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों को देखते हुए प्रत्येक जिले में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि आम नागरिक ठगी, फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से सुरक्षित रह सकें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन, टीम भावना और साझा उत्तरदायित्व ही विकसित छत्तीसगढ़ की वास्तविक नींव है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन तभी सशक्त बन सकते हैं, जब प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए और टीम के रूप में मिलकर परिणाम दे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि उन्हें लागू करने वाली टीम की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। यही भावनात्मक और प्रशासनिक समन्वय “विकसित छत्तीसगढ़” को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

भारत की स्मृति मंधाना ने वनडे में रचा इतिहास

भारत की स्मृति मंधाना ने वनडे में रचा इतिहास
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने इतिहास रच दिया है। वनडे फॉर्मेट में मंधाना एक कैलेंडर ईयर में 1,000 रन बनाने वाली पहली महिला बन गई हैं। स्मृति मंधाना ने यह कारनामा महिला विश्व कप 2025 (ICC Women’s odi World Cup 2025) के 13वें मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए किया। उन्होंने साल 2025 में अब तक कुल 18 मैच खेले हैं।

इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क दूसरे पायदान पर हैं, जिन्होंने साल 1997 में 16 मुकाबलों की 14 पारियों में 80.83 की औसत के साथ 970 रन जुटाए थे। इंग्लैंड की लौरा वोल्वार्ड्ट साल 2022 में 18 वनडे मुकाबलों के दौरान 882 रन अपने नाम कर चुकी हैं। यह खिलाड़ी लिस्ट में तीसरे पायदान पर मौजूद हैं।

साल 1997 में 16 वनडे मुकाबले खेलकर 62.85 की औसत के साथ 880 रन जुटाने वालीं डेबोरा हॉकले लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं, जबकि साल 2016 में 15 मुकाबलों की 14 पारियों में 85.30 की औसत के साथ 852 रन बनाने वालीं एमी सैटरथवेट पांचवें पायदान पर मौजूद हैं।

स्मृति मंधाना ने इस साल लगाए चार शतक
स्मृति मंधाना ने इस साल आयरलैंड, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुल चार शतक लगाए हैं। वह इस विश्व कप 8, 23 और 23 रन की पारी खेल चुकी हैं।

अफगानिस्तान के हमले में पाकिस्तान के 58 सैनिक हुए ढेर

अफगानिस्तान के हमले में पाकिस्तान के 58 सैनिक हुए ढेर
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव (Afghanistan Pakistan Conflict) चरम पर पहुंच गया है। शनिवार रात को तालिबान बलों ने पाकिस्तानी चौकियों पर हमला (Taliban Attack Pakistan) कर दिया, जो काबुल पर पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों का बदला (ISIS Presence Pakistan) माना जा रहा है। तालिबान के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि इस ऑपरेशन में 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 30 अन्य जख्मी (Pakistani Military Losses) हो गए। साथ ही, अफगान सेना ने 25 पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है। यह घटना दुर्रंद लाइन के पास हुई, जहां दोनों देशों के बीच पुरानी दुश्मनी (Border Clash 2025 )फिर भड़क उठी है।

पाकिस्तान के हवाई हमलों का बदला
पाकिस्तान ने गुरुवार को काबुल और पक्तिका प्रांत में हवाई हमले किए थे, जिन्हें तालिबान ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया। इन हमलों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के दो वरिष्ठ सदस्य मारे गए, लेकिन पाकिस्तान ने जिम्मेदारी नहीं ली। तालिबान ने इसे ‘अभूतपूर्व आक्रामकता’ करार देते हुए तत्काल जवाबी कार्रवाई की।

अफगानिस्तान की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित
इधर रविवार को जारी आधिकारिक बयान में तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और अवैध गतिविधियों को रोक दिया गया है। पाकिस्तानी आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने इन हमलों को ‘अनप्रोवोक्ड’ बताते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का टूटेगा गठबंधन

नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का टूटेगा गठबंधन
श्रीनगर में रविवार को जम्मू कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष हमीद कर्रा की अध्यक्षता में कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी कि पार्टी को सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के साथ अपने गठबंधन से बाहर निकल जाना चाहिए। दरअसल, यह बैठक राज्यसभा चुनाव के लिए NC द्वारा उम्मीदवारों का ऐलान करने के बाद हुई है।

NC ने चौथी सीट देने की कही बात
बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तीन राज्यसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है, जबकि चौथी सीट कांग्रेस को देने की बात कही। दरअसल, इस सीट पर बीजेपी को स्पष्ट बढ़त है। चौथी राज्यसभा सीट के लिए बीजेपी के पास 28 वोट हैं जबकि NC-कांग्रेस गठबंधन के पास 24 वोट हैं।

BJP ने सतपाल शर्मा को बनाया प्रत्याशी
बीजेपी ने इस सीट के लिए सतपाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। यदि बीजेपी विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो सतपाल शर्मा की जीत निश्चित है। यह सीट बीजेपी के लिए सबसे सुरक्षित मानी जा रही है।

कांग्रेस ने किया इनकार
यह सीट नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस को ऑफर की थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे जोखिम भरी सीट बताते हुए एक सुरक्षित सीट देने की अपील की। बताया जा रहा है कि NC ने तीनों सीटों में से एक भी देने की बात नहीं की।

भविष्य की रणनीति को लेकर हुई बैठक
इसके बाद श्रीनगर में कांग्रेस ने भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए अपने सभी विधायकों और वरिष्ठ पार्टी नेताओं की एक बैठक बुलाई। इस बैठक में पार्टी के सभी नेताओं ने अपनी बात रखी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक के दौरान इस बात पर आम सहमति बनी कि पार्टी को नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन से बाहर हो जाना चाहिए।

NC-BJP ने किसे बनाया प्रत्याशी
बता दें कि जम्मू कश्मीर में राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव होने है। इन सीटों के लिए 24 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। बीजेपी ने रविवार को विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि पार्टी ने राकेश महाजन, सतपाल शर्मा और गुलाम मोहम्मद मीर को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा NC ने चौधरी मुहम्मद रज्जान, शम्मी ओबेरॉय और सज्जाद अहमद के नाम का ऐलान किया है।

NDA में 101-101 पर फाइनल हुई JDU-BJP की डील

NDA में 101-101 पर फाइनल हुई JDU-BJP की डील
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए (NDA) में आखिरकार लंबे इंतज़ार के बाद सीट बंटवारे पर मुहर लग गई है। हफ्तों चली अंदरूनी खींचतान के बाद अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। जेडीयू और बीजेपी दोनों को 101-101 सीटें, जबकि बाकी सीटें एनडीए के घटक दलों लोजपा (रामविलास), रालोमो और हम के बीच बांटी गई हैं।
NDA सीट शेयरिंग का फॉर्मूला
जेडीयू (JDU) 101
बीजेपी (BJP) 101
लोजपा (रामविलास) [LJP(R)] 29
रालोमो (RLM) 6
हम (HAM) 6

संजय झा ने किया ऐलान
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हम NDA के साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूर्ण किया है। एनडीए के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता इसका हर्षपूर्वक स्वागत करते हैं। हम सब मिलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को प्रचंड बहुमत से फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्पित हैं।” संजय झा ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, “बिहार है तैयार, फिर से एनडीए सरकार।”

बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े ने भी की पुष्टि
इधर बिहार बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सीट बंटवारे के इस फॉर्मूले की पुष्टि की। उन्होंने लिखा, “संगठित व समर्पित NDA… आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए NDA परिवार के सभी सदस्यों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति से सीटों का वितरण पूर्ण किया है।” तावड़े ने कहा कि एनडीए के सभी घटक दल एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने को तैयार हैं और जनता के सामने “विकास और स्थिरता की सरकार” का चेहरा पेश करेंगे।

कैंडीडेट लिस्ट पर टिकी नजर
बिहार एनडीए में सीट-बंटवारे का काम खत्म होते ही, अब सारा ध्यान कैंडिडेट लिस्ट पर टिक गया है। बीजेपी के उम्मीदवारों के नाम लगभग लॉक हो चुके हैं। आज, रविवार शाम को दिल्ली में होने वाली पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की महत्वपूर्ण बैठक में इन नामों पर आखिरी मुहर लग जाएगी। माना जा रहा है कि इसके तुरंत बाद ही लिस्ट जारी कर दी जाएगी।

उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू ने भी अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बस सही समय का इंतज़ार है। वहीं, चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कल ही ऐलान कर दिया था कि वे भी जल्द ही अपनी कैंडिडेट लिस्ट जारी कर देंगे।

मंगोलिया के राष्ट्रपति उखना आएंगे भारत

मंगोलिया के राष्ट्रपति उखना आएंगे भारत
मंगोलिया (Mongolia) के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना (Khurelsukh Ukhnaa), भारत (India) के राजकीय दौरे पर आने वाले हैं। उनका यह 4 दिवसीय दौरा 13-16 अक्टूबर तक होगा। मंगोलिया के राष्ट्रपति, भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं। उनके साथ कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों, वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापारिक नेताओं और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा।

राष्ट्राध्यक्ष के रूप में पहला भारत दौरा
मंगोलिया के राष्ट्राध्यक्ष के रूप में राष्ट्रपति उखना का यह पहला भारत दौरा होगा। इस दौरान उनकी भारतीय राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात होगी और उनके सम्मान में भोज का भी आयोजन किया जाएगा।

पीएम मोदी से भी होगी मुलाकात
भारत दौरे के दौरान उखना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से भी मुलाकात होगी। इस दौरान दोनों के बीच भारत और मंगोलिया के द्विपक्षीय संबंधों के विषय में चर्चा होगी। पीएम मोदी के अलावा उखना की भारतीय उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan), रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) से भी मुलाकात संभव है।

1955 से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध
भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंध 1955 में स्थापित हुए थे। पिछले 70 साल में दोनों देशों ने साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित एक मज़बूत और बहुआयामी पार्टनरशिप विकसित की है। यह पार्टनरशिप रक्षा और सुरक्षा, संसदीय आदान-प्रदान, विकास साझेदारी, ऊर्जा, खनन, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में फैली हुई है।

मैक्रों ने लेकोर्नू को फिर नियुक्त किया फ्रांस का पीएम

मैक्रों ने लेकोर्नू को फिर नियुक्त किया फ्रांस का पीएम
फ्रांस (France) में राजनीतिक उथलपुथल रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। 9 सितंबर को सेबेस्टियन लेकोर्नू (Sebastien Lecornu) को देश का नया पीएम नियुक्त किया गया था। 39 वर्षीय लेकोर्नू, चार साल में फ्रांस के चौथे पीएम थे और उन्हें राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) का करीबी भी माना जाता है। हालांकि 6 अक्टूबर को कैबिनेट गठन के कुछ घंटों बाद ही उन्होंने पीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। हालांकि अब फ्रांस की राजनीती में एक नया ट्विस्ट आया है।

मैक्रों ने लेकोर्नू को फिर नियुक्त किया फ्रांस का पीएम
इस्तीफे के कुछ दिन बाद ही लेकोर्नू को एक बार फिर फ्रांस का पीएम बनना दिया गया है। राष्ट्रपति मैक्रों ने शुक्रवार को लेकोर्नू को पीएम नियुक्त किया है। हालांकि अभी भी फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता शांत नहीं हुई है और उनकी सरकार गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इसके साथ ही मैक्रों के लेकोर्नू को फिर से फ्रांस का पीएम नियुक्त करने के फैसले की आलोचना भी हो रही है।

अभी भी चुनौतियाँ बरकरार
लेकोर्नू को भले ही एक बार फिर फ्रांस का पीएम बना दिया गया है, लेकिन उनके सामने चुनौतियाँ अभी भी बरकरार हैं। दक्षिणपंथी और वामपंथी विरोध के बीच अल्पमत सरकार चलाना लेकोर्नू के लिए आसान नहीं होगा। इसके अलावा फ्रांस की कमज़ोर होती आर्थिक स्थिति, बजट विवाद, बढ़ता सार्वजनिक ऋण और कटौती योजनाओं पर असहमति भी लेकोर्नू के लिए बड़ी चुनौतियाँ साबित होंगी।

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नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

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भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
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POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

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नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
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अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...