‘मैं से हम की ओर ले जाता है संघ’… पीएम मोदी

‘मैं से हम की ओर ले जाता है संघ’… पीएम मोदी
दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। पीएम मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आरएसएस एक ऐसा संगठन है जो राष्ट्र निर्माण में मदद के लिए चरित्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है। यह लोगों में मैं के बदले हम की भावना पैदा करता है।

मैं इस समारोह का हिस्सा बन कर अत्यंत गौरवान्वित – पीएम
पीएम ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा को त्याग, निस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन की अद्भुत मिसाल बताया। उन्होंने कहा, मैं आरएसएस के शताब्दी समारोह का हिस्सा बनकर अत्यंत गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूं। पीएम मोदी ने आगे कहा, अपने गठन के बाद से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र निर्माण का विराट उद्देश्य लेकर चल रहा है। संघ ने व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का रास्ता चुना। इस रास्ते पर सतत चलने के लिए नित्य और नियमित चलने वाली शाखा के रूप में कार्य पद्धति को चुना।

डॉ. हेडगेवार को किया याद
अपने संबोधन के दौरान पीएम ने संघ के संस्थापक, डा केशव राव बलीराम हेडगेवार को भी याद किया। उन्होंने कहा, डॉ. हेडगेवार जानते थे कि हमारा राष्ट्र तभी सशक्त होगा, जब हर व्यक्ति के भीतर राष्ट्र के प्रति दायित्व का बोध जागृत होगा। हमारा राष्ट्र तभी ऊंचा उठेगा, जब भारत का हर नागरिक राष्ट्र के लिए जीना सीखेगा। इसलिए वे व्यक्ति निर्माण में निरंतर जुड़े रहे। उनका तरीका अलग था। हमने बार-बार सुना है कि डॉ. हेडगेवार जी कहते थे कि जैसा है, वैसा लेना है। जैसा चाहिए, वैसा बनाना है।

डॉ. हेडगेवार सामान्य लोगों को चुन कर उन्हें तैयार करते थे
उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा, लोग संग्रह का उनका यह तरीका अगर समझना है तो हम कुम्हार को याद करते हैं। जैसे कुम्हार ईंट पकाता है तो जमीन की सामान्य-सी मिट्टी से शुरू करता है। वह मिट्टी लाता है और उस पर मेहनत करता है। उसे आकार देकर तपाता है। खुद भी तपता है और मिट्टी को भी तपाता है। फिर उन ईंटों को इकट्ठा करके भव्य इमारत बनाता है। ऐसे ही डॉ. हेडगेवार बहुत ही सामान्य लोगों को चुनते थे। फिर उन्हें सिखाते थे, विजन देते थे और उन्हें गढ़ते थे। इस तरह वे देश को समर्पित स्वयंसेवक तैयार करते थे।

यहां स्वयंसेवक की ‘अहम् और वहम’ की यात्रा शुरू होती है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघ के बारे में कहा जाता है कि इसमें सामान्य लोग मिलकर असामान्य अभूतपूर्व कार्य करते हैं। व्यक्ति निर्माण की यह सुंदर प्रक्रिया आज भी हम संघ की शाखाओं में देखते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा, संघ शाखा का मैदान एक ऐसी प्रेरणा भूमि है, जहां से स्वयंसेवक की ‘अहम् और वहम’ की यात्रा शुरू होती है। संघ की शाखाएं व्यक्ति निर्माण की यज्ञ वेदी हैं। उन शाखाओं में व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास होता है। स्वयंसेवकों के मन में राष्ट्र सेवा का भाव और साहस दिन प्रतिदिन पनपता रहता है।

स्वयंसेवकों के लिए त्याग और समर्पण सहज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वयंसेवकों के लिए त्याग और समर्पण सहज हो जाता है। श्रेय के लिए प्रतिस्पर्धा की भावना समाप्त हो जाती है। उन्हें सामूहिक निर्णय और सामूहिक कार्य का संस्कार मिलता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण का महान उद्देश्य, व्यक्ति निर्माण का स्पष्ट पथ और शाखा जैसी सरल व जीवंत कार्य पद्धति यही संघ की 100 वर्ष की यात्रा का आधार बनी हैं।

भोपाल विभाग में 373 पथ संचलन, डेढ़ लाख से अधिक स्वयंसेवक होंगे शामिल

भोपाल विभाग में 373 पथ संचलन, डेढ़ लाख से अधिक स्वयंसेवक होंगे शामिल
भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस विजयादशमी पर अपना शताब्दी वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस अवसर पर पूरे देश में विविध कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। इसी क्रम में भोपाल विभाग में पथ संचलन कार्यक्रम 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। विभाग में कुल 373 स्थानों पर पथ संचलन निकाले जाने की योजना है, जिनमें लगभग डेढ़ लाख स्वयंसेवकों के शामिल होने की संभावना है।

भोपाल विभाग में 5 जिलों के अंतर्गत 26 नगर, 6 खंड, 279 बस्तियां तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 94 मंडल (प्रत्येक मंडल में 8 से 10 गांव) आते हैं। शताब्दी वर्ष में इन्हीं बस्तियों और मंडलों में पथ संचलन का आयोजन होगा। प्रत्येक स्थान पर 300 से 500 स्वयंसेवक गणवेश में शामिल होकर अनुशासित संचलन निकालेंगे। इस अभियान के लिए करीब 700 टोली सक्रिय रूप से तैयारी में जुटी हैं।

वर्तमान में विभाग में 70–80 हजार स्वयंसेवकों की सूची उपलब्ध है, वहीं शताब्दी वर्ष अभियान के दौरान अब तक 70 हजार से अधिक नए स्वयंसेवक गणवेश धारण कर संघ से जुड़े हैं। यह संख्या निरंतर बढ़ रही है।

पुराने स्वयंसेवकों में उत्साह
विभाग संघचालक श्री सोमकांत उमालकर ने बताया कि अधिक से अधिक नए स्वयंसेवक संघ से जुड़ सकें, इसके लिए पिछले दो माह से व्यापक तैयारी चल रही है। भोपाल के सभी क्षेत्रों में स्वयंसेवकों की टोलियां घर–घर जाकर लोगों को संघ से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। स्वयंसेवकों का कहना है कि संघ शताब्दी वर्ष से समाज में उत्साह और सकारात्मक वातावरण का संचार हुआ है।

भारत के पूर्वोत्तर में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.7

भारत के पूर्वोत्तर में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.7
म्यांमार म्यांमार में मंगलवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.7 दर्ज की गई। इन झटकों को भारत के पूर्वोत्तर के राज्यों में भी महसूस किया गया। इनमें मणिपुर, नगालैंड और असम प्रमुख रहे।

नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, यह झटके सुबह करीब 6.10 बजे आए। इनका केंद्र मणिपुर से दक्षिण-पूर्व में 27 किलोमीटर दूर उखरुल में जमीन के 15 किलोमीटर नीचे रहा। यह जगह नगालैंड के वोखा से दक्षिण-दक्षिणपूर्व में 155 किमी दूर और दीमापुर से 159 किमी दूर दक्षिणपूर्व में स्थित है।

मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव ए. पी. सिंह ने 40 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली

मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव ए. पी. सिंह ने 40 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली
भोपाल मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव ए पी सिंह आज शासकीय सेवा से सेवानिवृत हो गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उन्हें‌ गरिमा पूर्ण विदाई दी एवं उनके उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु जीवन की कामना की। उल्लेखनीय है कि ए पी सिंह का लगभग 40 वर्ष का शासकीय सेवाकाल रहा।

मुख्यमंत्री साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल

मुख्यमंत्री साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था।

मुख्यमंत्री श्री साय भानपुरी स्थित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में श्री गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित “झणकारो 2025”, इनडोर स्टेडियम में “रंगीलो रास 2025” तथा ओमाया पार्क में “रास गरबा उत्सव” में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा।

इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ी फिल्म “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” देखने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ी फिल्म देखने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित अंबुजा मॉल के सिनेमाघर में छत्तीसगढ़ी फिल्म “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” को देखने पहुँचे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाडा, विधायक रोहित साहू, धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सतनामी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” फिल्म साहस और शौर्य की अनुपम गाथा है। गुरु बालकदास ने अंग्रेजों एवं पिंडारियों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अत्याचार और भुखमरी के विरुद्ध न केवल संघर्ष किया, बल्कि समाज को संगठित करने का भी प्रयास किया। उन्होंने शिक्षा का अलख जगाने, सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का विरोध करने के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री साय ने यह घोषणा की कि फिल्म “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक दर्शक इस प्रेरणादायी गाथा को देख सकें और अपने इतिहास तथा विरासत से जुड़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ राज्य प्रारंभ से ही वीर शहीदों और संत-महात्माओं की धरती रहा है। आवश्यकता है कि हम अपने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इतिहास को जानें और समझें। उन्होंने कहा कि यह फिल्म छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, राज्य की समृद्ध संस्कृति, सामाजिक सद्भाव, अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष और जीवन की सहजता को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि हमारे कलाकार, निर्देशक और पूरी यूनिट मेहनत और लगन से कार्य कर रही है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज दर्शकों के दिलों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित फिल्म सिटी का निर्माण छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बेहतर अधोसंरचना, अधिक अवसर और राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान और भी सशक्त होगी।

आत्महत्या की बढ़ती मानसिकता रोकने दशहरा बाद कॉलेजों में चलेगा अभियान

आत्महत्या की बढ़ती मानसिकता रोकने दशहरा बाद कॉलेजों में चलेगा अभियान

कॉलेजों में बनेंगे वेलनेस क्लब
रवि अवस्थी,भोपाल।
विद्यार्थियों में पनप रही आत्महत्या की मानसिकता पर अंकुश लगाने मध्य प्रदेश के कॉलेजों में दशहरा बाद अभियान शुरू होगा। इसमें स्टूडेंट्स को वेलनेस प्रोग्राम के जरिए आल हज वेल का मंत्र दिया जाएगा।

बनाए जाएंगे आभा हेल्थ कार्ड
उच्च शिक्षा विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। अभियान में सभी सरकारी,गैर सरकारी कॉलेजों की सहभागिता होगी। अभियान अंतर्गत सभी छात्रों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाए जाएंगे। इनके जरिए विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य जांच व इलाज की सुविधा मिलेगी। कार्ड एवं सर्वे

वेलनेस प्रोग्राम से दें ‘आल इज वेल’ का मंत्र
उक्त ​अभियान को लेकर आयुक्त उच्च शिक्षा की ओर से सभी कॉलेजों को दिशा—निर्देश जारी किए गए। इसमें कहा गया कि संस्थान प्रमुख अपने कॉलेजों को सबसे पहले तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में काम करें। इसके अलावा कॉलेजों में खून की जांच एवं रक्तदान जैसे शिविर लगाएं।

कॉलेजों में बनेंगे मानसिक स्वास्थ्य क्लब
अभियान अंतर्गत कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य क्लब बनाए जाएंगे। इनके माध्यम से जीवन जीने की कला से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम व ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य और वेलनेस की प्रेरणा देने वाले सत्र आयोजित होंगे।

उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने कहा कि अभियान अंतर्गत नियमित मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा सत्र,ई-कंटेंट आधारित जागरूकता मॉड्यूल का आयोजन होगा। साथ ही कॉलेज पाठ्यक्रम में योग,शारीरिक स्वास्थ्य,संतुलित आहार,ध्यान और संबंधित विषयों की नैतिक और जीवन कौशल शिक्षा पर भी जोर दिया जाएगा।

दशहरा बाद शुरू करनी होंगी ये ​गतिविधियां

दशहरा बाद यानी 3 अक्टूबर से प्रदेशभर के सभी कॉलेजों में अभियान से जुड़ी गतिविधियां शुरू होंगी। इनमें काउंसलर की नियुक्तियां,उनकी ट्रेनिंग,राज्यस्तरीय एंबेसडर कॉलेजों का दौरा शुरू करेंगे। अभिभावक-शिक्षक संघ,सहकर्मी समर्थन समूहों का गठन और सहकर्मी समर्थन लीडर नामांकित होंगे। छात्रों के लिए राज्यव्यापी टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू करने के साथ ही कॉलेजों के परिसर को नशामुक्त बनाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की पहल पर बनी टास्क फोर्स
विद्यार्थियों में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृति पर रोकथाम का यह अभियान देशव्यापी है। गत मार्च में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद इसे हाथ में लिया गया। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एस.रवींद्र भट राष्ट्रीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष है। इसी के तहत राज्य में बने टास्क फोर्स के पदाधिकारी अक्टूबर में इंदौर व जबलपुर में समीक्षा भी करेंगे।

पोर्टल के जरिए देशभर में होगा सर्वे
विद्यार्थियों में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृति,इसकी वजह व अन्य कारणों का पता लगाने नेशनल टास्क फोर्स देशव्यापी सर्वे भी करेगा। इसके लिए पोर्टल की मदद ली जाएगी। इसमें विद्यार्थी,काउंसलर व अभियान से जुड़े लोग अपना नजरिया साझा कर सकेंगे।

कोलार में दहन होगा 105 फीट का प्रदेश का सबसे बड़ा रावण, विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया स्थल निरीक्षण

कोलार में दहन होगा 105 फीट का प्रदेश का सबसे बड़ा रावण, विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया स्थल निरीक्षण

भोपाल।
कोलार हिन्दू उत्सव समिति, दैनिक भास्कर के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को कोलार के बंजारी दशहरा मैदान में विशाल दशहरा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष भी मध्यप्रदेश के सबसे बड़े रावण दहन यानी 105 फीट के रावण के पुतले के दहन की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। बंजारी दशहरा मैदान में आयोजित प्रदेश के सबसे बड़े दशहरा महोत्सव की तैयारी को लेकर समिति के संरक्षक व विधायक रामेश्वर शर्मा और भाजपा जिला अध्यक्ष एवं समिति के सचिव रवींद्र यति सहित तमाम पदाधिकारी ने दशहरा मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने मैदान में उपयोगी और महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं को जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कोलार हिंदू उत्सव समिति के सचिव रविंद्र यति ने बताया कि
कोलार में लगातार 23 वे साल भव्य और विशाल रावण दहन किया जा रहा है। विगत 15 वर्षों से लगातार इस आयोजन में 105 फिट के रावण के पुतले का दहन किया जा रहा है। साथ ही मेघनाथ एवं कुंभकरण के पुतलों का भी दहन होगा, जिसमें जयपुर एवं शिवाकाशी की रंगारंग आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा।

देश-विदेश के कलाकारों द्वारा दी जाएगी प्रस्तुति
कोलार दशहरा महोत्सव के इस बार मंच पर नाट्य श्री एवं भारतीय कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति की जाएगी। इस बार भी लगातार श्रद्धेय विजेश लूनावत जी युवा पुरस्कार भी मंच से प्रदान किया जाएगा। आयोजन मे हजारों की संख्या में शहरवासियों के आने की संभावना है। मैदान में महिलाओं, बच्चों, वीआईपी एवं वीवीआईपी व्यक्तियों के बैठने की लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। साथ ही महिलाओं एवं बच्चों के लिए पानी, बिस्किट, चिप्स आदि की भी व्यवस्था होगी। पूरे मैदान में प्रकाश की व्यवस्था के लिए टॉवर लगा कर पूरे मैदान को जगमग किया जाएगा। मैदान में कई जगह अलग से टॉवर बना कर एलईडी की बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिसमें कार्यक्रम का लाईव प्रसारण किया जाएगा। मैदान में स्पेशल सराउडींग साउन्ड की व्यमस्था भी की जाएगी। पार्कींग की अत्यआधुनिक व्‍यवस्था की जा रही है, जिसमें आम जनता एवं वी.आई.पी. की अलग व्यवस्था पूरे मैदान में आवश्यकतानुसार पी.डब्लू.डी. द्वारा बेरिकेटिंग लगाने की व्यवस्था की जा रही है। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल द्वारा बिजली की व्यवस्था की गई है। इस मौके मे अध्यक्ष महेश मीना, सुनील सिंह, राजीव शर्मा, आदित्य नरोलिया, राजीव दीक्षित, कोषाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, हरीश यादव, भगवानदास विश्वकर्मा, सुरेन्द्र सिंह विष्ट, पार्थ पाटीदार, संतोष सेन, बजरंग भगत, सरदार सिंह पटेल, ग्रजेश कटारे, अनुज गौर, सुभाष अय्यर, दिलीप पाण्डेय, अवतार सिंह मठारू, नरेश पाटीदार, विकास जैन, अशोक मीना, राजकुमार मिश्रा, प्रकाश वर्मा, संदीप श्रीवास्तव, संदीप सिंह परिहार, रोहित मिश्रा, रवि यादव महिला संयोजन समिति से साधना श्रीवास्तव, आराधना तोमर, सुरेन्‍द्र शुक्ला, धनराज नायडू, पलाश साहू, विजय श्रीवास सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

पशु-पक्षी हमारे पर्यावरणीय तंत्र का भी हैं अभिन्न हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पशु-पक्षी हमारे पर्यावरणीय तंत्र का भी हैं अभिन्न हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पशु-पक्षी केवल चिड़ियाघरों की शोभा नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरणीय तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके प्रति संवेदनशील होना हर नागरिक का कर्त्तव्य है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे पक्षियों और जानवरों के प्रति प्रेम और करुणा का व्यवहार करें। मुख्यमंत्री ने यह संदेश भी दिया कि मानवीय संवेदनशीलता ही प्रकृति और समाज के बीच संतुलन बनाए रख सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की सुबह इंदौर के प्राणी संग्रहालय पहुंचे। यहाँ उनका पशु-पक्षियों के प्रति लगाव देखने को मिला। उन्होंने वन्य प्राणियों का अवलोकन किया और आकर्षक रंग-बिरंगे पक्षियों को आत्मीयता के साथ दुलार भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वन्य जीव संपदा के दृष्टिकोण से लगातार समृद्ध हो रहा है। श्योपुर जिले के कूनो में चीतों के आने के बाद इंदौर के प्राणी संग्रहालय में शिमोगा के जू से दो जोड़ी बायसन का आगमन हुआ है। प्राणी संग्रहालय में नए मेहमानों के आगमन पर उन्होंने इंदौरवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशु-पक्षियों के साथ जुड़ाव हमें प्रकृति के और करीब लाता है। उनका संरक्षण और संवर्धन समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणियों को मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल लग रहा है, जिससे वे अपना वंश बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के प्राणी संग्रहालय में पहले आए ज़ेब्रा की देखरेख उत्कृष्ट स्तर पर हुई, जिससे ज़ेब्रा ने यहां सफलतापूर्वक वंश वृद्धि की। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इंदौर के प्राणी संग्रहालय को और बड़ी सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राणी संग्रहालय स्थित “पक्षी विहार” सहित बायसन एवं शतुरमुर्ग के बाड़े, स्नेक एक्वेरियम में किंग कोबरा का अवलोकन कर विभिन्न प्रजातियों की जानकारी भी ली।

इस अवसर पर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि टाइगर ब्रीडिंग एवं एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंदौर के जू को शिमोगा के जू से रुद्र, तुलसी, कल्कि और ताप्ती नाम के 4 जंगली भैंसे “बायसन” प्राप्त हुए हैं। इसके बदले इंदौर ने शिमोगा जू को एक टाइगर दिया है। बायसन के साथ ही इंदौर को शुतुरमुर्ग के दो जोड़े भी मिले हैं। इंदौर जू के परिवार में 8 एग्ज़ॉटिक एनिमल हाल ही में जुड़े हैं। यह न केवल इंदौर शहर के लिए बल्कि प्रदेशवासियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है। जल्द ही सेंट्रल इंडिया का सबसे आकर्षक एक्वेरियम यहां स्थापित किया जाएगा।

इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, विधायकगण रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा तथा गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम रोहित सिसोनिया, एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया एवं प्राणी संग्रहालय प्रभारी डॉ. उत्तम यादव सहित अनेक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

अजीम प्रेम जी , JNCT , मानसरोवर , LNCT , महर्षि , शुभम ज्ञानवीर सहित कई अन्य यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित

अजीम प्रेम जी , JNCT , मानसरोवर , LNCT , महर्षि , शुभम ज्ञानवीर सहित कई अन्य यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित
भोपाल|मध्यप्रदेश की 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटियों को यूजीसी ने डिफॉल्टर घोषित किया है। बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि इन संस्थानों ने अपनी आवश्यक जानकारी तक आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं की थी। देशभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान कई राज्यों की कुल 54 यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई हुई, जिसमें एमपी की 10 यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।

यूजीसी ने साफ निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालयों को अपने कोर्स, फैकल्टी, एडमिशन, फीस स्ट्रक्चर और अन्य अनिवार्य जानकारियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। नियमों का पालन न करने वाली यूनिवर्सिटी पर आगे और सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि प्रवेश लेने से पहले यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता संबंधी जानकारी ज़रूर जांचें।

डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की सूची:
भोपाल
– अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी
– जेएनसीटी यूनिवर्सिटी
– शुभम यूनिवर्सिटी
– सीहोर
– आर्यावर्त यूनिवर्सिटी
– मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी
– इंदौर
– एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी
– जबलपुर
– महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय
– महाकौशल यूनिवर्सिटी
– सागर
– ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी
– शिवपुरी
– प्रीति ग्लोबल यूनजी

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सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...