PM मोदी आज रखेंगे राजस्थान के दूसरे परमाणु उर्जा प्रोजेक्ट की नींव

PM मोदी आज रखेंगे राजस्थान के दूसरे परमाणु उर्जा प्रोजेक्ट की नींव
एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को बांसवाड़ा (नापला) आ रहे हैं। वागड़ की धरती से प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 21 जिलों को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी 12 प्रमुख योजनाओं की सौगात देंगे।

बता दें कि इसमें ऊर्जा, जल, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, तकनीक, रोजगार और अन्य योजनाएं शामिल हैं। इनमें सबसे प्रमुख बांसवाड़ा जिले की माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना है, जिसकी लागत करीब 42,000 करोड़ रुपए है। पीएम मोदी इसका शिलान्यास करेंगे। रावतभाटा के बाद यह राजस्थान का दूसरा परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट है। प्रधानमंत्री मोदी 15 जिलों की 15 पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे, जिनकी अनुमानित लागत 5,884 करोड़ है।

केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से पीएम मोदी का यह प्रदेश का 16वां दौरा है। बांसवाड़ा जिले से पीएम मोदी 1.22 लाख करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे। इसमें से 1.08 लाख करोड़ रुपए की राजस्थान से जुड़ी परियोजनाएं हैं।

शेष परियोजनाएं मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों की है। पीएम मोदी कार्यक्रम में कुसुम योजना के लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

2 वंदे भारत, 3 ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी
इस अवसर पर पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बीकानेर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस, जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस एवं उदयपुर सिटी-चंडीगढ़ ए€क्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। 15 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र 5778 पशु परिचरों, 4197 कनिष्ठ सहायकों, 1800 कनिष्ठ अनुदेशकों, 1464 कनिष्ठ अभियंताओं, तृतीय श्रेणी लेवल-2 के 1200 अध्यापकों, अन्य पदों और अनुकंपात्मक नियुक्ति सहित 15 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

भारत ने अग्नि प्राइम बैलिस्टिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण

भारत ने अग्नि प्राइम बैलिस्टिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण
भारत (India) तेज़ी से अपने हथियारों को बढ़ा रहा है। दूसरे देशों से हथियार खरीदने के साथ ही भारत खुद भी अपने हथियार बना रहा है। हथियारों की इस लिस्ट में अब भारत ने एक नई मिसाइल को शामिल किया है, जिसका नाम अग्नि-प्राइम मिसाइल (Agni-Prime Missile) है। यह नेक्स्ट जनरेशन बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसका भारत ने सफल परीक्षण कर लिया है। भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है।

2,000 किलोमीटर है रेंज
अग्नि-प्राइम मिसाइल कई एडवांस फीचर्स से लैस है। इसकी रेंज 2,000 किलोमीटर है। यानी कि यह 2,000 किलोमीटर के दायरे में दुश्मन को मार गिरा सकती है।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने दी बधाई
अग्नि-प्राइम मिसाइल के सफल परीक्षण पर भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने डीआरडीओ इंडिया, स्ट्रैटेजिक फोर्सेज़ कमांड (एसएफसी) और सशस्त्र बलों को बधाई दी। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस सफल परीक्षण ने भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया है जिनके पास चलते-फिरते रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड प्रक्षेपण प्रणाली विकसित करने की क्षमता है।

थर्र-थर्र कांपेगा पाकिस्तान
भारत द्वारा नेक्स्ट जनरेशन बैलिस्टिक अग्नि-प्राइम मिसाइल के सफल परीक्षण से पाकिस्तान थर्र-थर्र कांप उठेगा। इस मिसाइल से पाकिस्तान के सभी शहरों, सैन्य ठिकानों, आतंकी अड्डों को निशाना बनाया जा सकता है। ऐसे में अगर पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ किसी आतंकी हमले को अंजाम देने की कोशिश की, तो भारतीय सेना, अग्नि-प्राइम मिसाइल का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को कभी न भूलने वाला सबक सिखा सकती है।

लद्दाख में GEN-Z हिंसा के पीछे ‘बड़ी साजिश’

लद्दाख में GEN-Z हिंसा के पीछे ‘बड़ी साजिश’
लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं। वहीं, बुधवार को लेह में जेनरेशन जेड ने भी इस मुद्दे को लेकर जमकर बवाल काटा।

अब बताया जा रहा है कि लद्दाख में भड़की हिंसा के पीछे बड़ी साजिश रची गई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने इसको लेकर बड़ा खुलासा किया है।

पूर्व डीजीपी ने जताई गंभीर चिंता
पूर्व डीजीपी ने लेह में भड़की हिंसा पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह हिंसा केवल हताशा से नहीं, बल्कि ‘राजनीतिक मकसद’ से भड़काई गई है। इसके साथ, उन्होंने चार लोगों की मौत के लिए जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।

एएनआई से बात करते हुए वैद ने हिंसक घटना के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और लद्दाख के नेतृत्व के बीच 6 अक्टूबर को बातचीत होनी थी। इसके साथ, सरकार 25 या 26 सितंबर को भी बातचीत करने वाली थी, लेकिन इसके बावजूद आज स्थिति हिंसक हो गई।

उन्होंने कहा कि हमें देखना चाहिए कि इससे किसे फायदा हुआ, असली वजह कौन है? चार लोगों की जान चली गई। दर्जनों लोग घायल हुए, संपत्ति और वाहन जला दिए गए। जिम्मेदारी तय करना बहुत जरूरी है।

पूर्व डीजीपी ने बड़ी साजिश की ओर किया इशारा
वैद ने जोर देकर कहा कि 25 तारीख को जब भारत सरकार से बात होनी थी तो 24 तारीख को हिंसा क्यों हुई? ऐसा लगता है कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है।

वहीं, एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हुए, वैद ने सोनम वांगचुक की पिछली टिप्पणियों का हवाला दिया। जिसमें उन्होंने लद्दाख के संघर्ष की तुलना नेपाल के जेनरेशन जेड विरोध प्रदर्शन से की थी।

उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की अरब स्प्रिंग वाली बात पर गौर कीजिए। वह जेनरेशन जेड द्वारा नेपाल सरकार को उखाड़ फेंकने की सराहना करते हैं। यह एक गहरी साजिश लगती है। इसपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन पर जन सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया जाना चाहिए।

हिंसा सुनियोजित थी- पूर्व डीजीपी
पूर्व डीजीपी ने भाजपा कार्यालय और सुरक्षा बलों पर लक्षित हमलों का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि हिंसा सुनियोजित थी।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से भाजपा कार्यालय को आग लगाई गई, उसे निशाना बनाया गया। स्थानीय हिल काउंसिल को आग के हवाले कर दिया गया। सीआरपीएफ की गाड़ियों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। यह एक सुनियोजित साजिश लगती है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने पथराव का समर्थन किया और जिस तरह से वे बंद का आह्वान कर रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि वे इसमें कोई सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। वे इस तरह की स्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं। इसलिए, इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

हिंसा की निंदा करते हुए, वैद ने जोर देकर कहा कि लद्दाख के युवाओं को राजनीतिक ताकतों ने गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के युवाओं को अभी लगता है कि वे किसी नेक काम के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन उनका शोषण किया जा रहा है।

अमेरिका ने पाकिस्तान को दिया झटका, कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने से किया इनकार

अमेरिका ने पाकिस्तान को दिया झटका, कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने से किया इनकार
पिछले कुछ समय से अमेरिका (United States Of America) की जहाँ भारत (India) से कुछ हद तक अनबन चल रही है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान (Pakistan) से नज़दीकी नज़र आ रही है। संबंधों में इस मोड़ ने दुनियाभर को हैरान भी किया है, क्योंकि राष्ट्रपति बनने से पहले तक डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump), खुद को भारत और भारतीयों का दोस्त बताते थे और पाकिस्तान को खुलेआम आतंकी देश कहते हुए उसका विरोध करते थे। हालांकि अब ट्रंप और पाकिस्तान में बढ़ रही नज़दीकियों से सब हैरान हैं। कई एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार के क्रिप्टोकरेंसी बिज़नेस के पाकिस्तान में होने से ट्रंप, पाकिस्तान पर मेहरबान हो रहे हैं। इसी बीच अब अमेरिका ने पाकिस्तान को एक बड़ा झटका दे दिया है।

कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने से किया इनकार
अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने हाल ही में कहा कि अमेरिका का भारत और पाकिस्तान को एक साथ रखने या कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने का कोई इरादा नहीं है। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार कश्मीर मुद्दा, भारत और पाकिस्तान का आपसी मामला है और राष्ट्रपति ट्रंप भी कहते हैं कि अगर किसी मुद्दे पर उनसे मदद मांगी जाए, तो वह मदद करने के लिए तैयार है। हालांकि भारत कई बार यह साफ कर चुका है कि कश्मीर मुद्दे पर बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे में अमेरिका ऐसा करने की कोशिश नहीं करेगा। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि पाकिस्तान की तरफ से अक्सर ही कश्मीर मुद्दा उठाया जाता है और इसमें बाहरी दखलंदाज़ी की मांग की जाती है जिससे भारत पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि इसका कोई फायदा नहीं होता।

सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में नई क्रांति हुई है। भारतीय खिलाड़ी और जवानों ने हर अवसर पर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी और खेल क्रांति के लिए फिट इंडिया मूवमेंट महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी देश के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत जीवनशैली में बदलाव के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने ‘भोजन में तेल कम करने और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाने’ का सभी देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के ‘सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शासकीय सुभाष एक्सीलेंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत माता की जय के नारों और आतिशबाजी के बीच आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर ‘सांसद खेल महोत्सव 2025’ के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज आरंभ हो रहे सांसद खेल महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने नामांकन कराया है, यह प्रदेश के विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ रही खेल गतिविधियों के प्रति रूचि का परिणाम है। प्रसन्नता का विषय है कि सांसद खेल महोत्सव, सेवा पखवाड़ा का भाग बन रहा है।

देश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए पौष्टिक आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अपने भोजन में दूध, दही और मक्खन उचित मात्रा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सनातन संस्कृति में आदिकाल से ही खेलों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन में खेल भावना विकसित करने और हर वार्ड व ग्राम तक खेल गतिविधियों का विस्तार करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले।

राज्य सरकार खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कर रही है प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरों और पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसी का परिणाम है कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। प्रशिक्षकों के प्रमोशन, वेतन की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर को कुलगुरु बनने तक का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के अंतर्गत मलखम्ब, जूडो, कुश्ती और ताइक्वांडो के खिलाड़ियों द्वारा दिए गए प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट गाइड के दल और बैंड ग्रुप के प्रदर्शन की भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि पर्व और दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए कराया रजिस्ट्रेशन
सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रतियोगिताएं पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के युवा खेल महोत्सव से देश में युवाओं को फिटनेस की प्रेरणा मिली है। प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में अग्रणी बनता जा रहा है। खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता का उपयोग सृजनात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित करते हैं। जहां खेल गतिविधियां अधिक हैं, वे राज्य सभी क्षेत्रों में उन्नति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा अनुरूप मध्यप्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि खेलों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मलखम्ब के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांसद श्री आलोक शर्मा ने वस्त्र पट्टिका एवं स्मृचि चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां भारती सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर हुए मार्च पास्ट में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली 18 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। साथ ही मार्च पास्ट में 120 प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हुए। मॉडल स्कूल के बैंड ने मनमोहक प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश ताइक्वांडो एवं जूडो खेल अकादमी के खिलाड़ियों एवं कुश्ती व कराटे के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय खेल मलखम्ब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी श्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, संगठन मंत्री श्री हितानंद शर्मा, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री विष्णु खत्री, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर श्री सुदेश राय सहित भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के नगरीय‍ निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और खिलाड़ी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल और मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल और मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ
सागर के जैसीनगर में होगा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सागर जिले के जैसीनगर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल
और मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में  बदलाव लाने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति-2025 लागू की गयी है।
इस नीति के तहत राज्य के जिलों में पाईप लाईन बिछाकर उपभोक्ताओं को पीएनजी (पाईप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन प्रदाय किये जायेंगे। साथ ही वाहनों के लिए सीएनजी स्टेशन स्थापित किये जायेंगे।
इससे घर-घर स्वच्छ और सस्ता ईधन उपलब्ध होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य निवेशकों को आकर्षित करना और मध्यप्रदेश को भारत के अग्रणी ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करना है।
उपभोक्ताओं की सुविधा के सार्वजनिक उचित मूल्य दुकानों से वितरित होने वाले राशन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जायेगा। उपभोक्ताओं में “आपका राशन-आपका अधिकार” संबंधी जागरूकता के लिये शिविरों का आयोजन किया जायेगा। खाद्यान्न प्राप्त होते ही पंजीबद्ध उपभोक्ताओं को एसएमएस से राशन की मात्रा संबंधी जानकारी मिलेगी। उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न पहुंचने की जानकारी भी उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी।
सिंगल विंडो पोर्टल के लाभ
सिटी गैस ड्रिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विकास के लिए सीएनजी स्टेशन संचालित करने के लिए एनओसी एवं पाईपलाईन बिछाये जाने हेतु अनुमति दिये जाने का प्रावधान है। इसी के लिए सिंगल विंडो पोर्टल का निर्माण किया गया है। जिला स्तर पर विभिन्न प्रकार की अनुमतियां देने के लिए कलेक्टर को सिंगल विंडो पोर्टल के लिये अधिकृत किया गया है। आवेदक संस्था द्वारा सिंगल विंडो पोर्टल पर जिला कलेक्टर को आवेदन कर, निर्धारित समय-सीमा में एनओसी/अनुमति प्राप्त की जा सकेगी। एनओसी अधिकतम समय-सीमा 60 दिन एवं अनुमति प्राप्त करने के लिये अधिकतम 77 दिवस निर्धारित की गई है।

आयुर्वेद के सिद्धांतों का पालन करने से आयुष्मान भव को कर सकते हैं चरितार्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आयुर्वेद के सिद्धांतों का पालन करने से आयुष्मान भव को कर सकते हैं चरितार्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में आरोग्यं परमं भाग्यं की मान्यता है। हमारी संस्कृति में निरोग रहने को परम भाग्य माना गया है, पूर्वजों द्वारा बताए गए सात सुखों में – पहला सुख निरोगी काया है। निरोग रहने के लिए हमारे ऋषियों ने योग और आयुर्वेद जैसे अद्वितीय विज्ञान विश्व को दिए, जिसका मूल ऐसी जीवनशैली अपनाना है, जिससे हम बीमार ही न पड़ें और रोग से पहले स्वास्थ्य की रक्षा हर व्यक्ति की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। आयुर्वेद के सिद्धांतों का पालन करने से आयुष्मान भव के आशीर्वाद को हम चरितार्थ कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दसवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संबोधित कर रहे थे।

वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए आयुष और पर्यटन विभाग के बीच हुआ एमओयू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्र एवं औषधीय पौधा भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संदेश का वाचन किया। प्रदेश में वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए आयुष और पर्यटन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 55 जिलों की 55 इकाइयों में प्रसार गतिविधियों, कैंसर रोगियों के लिए “कारुण्य” कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाईन का शुभारंभ किया। साथ ही मासिक पत्रिका मध्य हर्बल दर्पण’ के प्रथम अंक और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन किया। इस अवसर पर विभागीय गतिविधियों पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।

आयुर्वेद में है अटूट विश्वास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य रक्षा के लिए उनका स्वयं का भी आयुर्वेद में अटूट विश्वास है। आयुर्वेद के नियम-संयम के पालन का ही परिणाम है कि वे उच्च रक्तचाव, शुगर जैसी जीवनशैली जन्य किसी भी रोग से पीड़ित नहीं है और जनसेवा को समर्पित जीवन में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के साथ हमें दैनिक दिनचर्या में सुधार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में योग एवं आयुर्वेद की स्वीकार्यता विश्व में बढ़ी है। आज दुनिया के 150 से अधिक देश आयुर्वेद अपना रहे हैं। इस वर्ष दसवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम ‘आयुर्वेद फॉर पीपल एंड प्लैनेट’ रखी गयी है। आयुर्वेद किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि पूरी पृथ्वी के लिए है। जब दुनिया मेडिकल साइंस को एक्सप्लोर भी नहीं कर पाई थी, उस समय सुश्रुत संहिता में सर्जरी का उल्लेख मिलता है।

सभी आयुष महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम किए जाएंगे संचालित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के आयुष महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए नए पदों का सृजन करते हुए शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों की संख्या बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष विभाग के चिकित्सा अधिकारियों को वरिष्ठ पद नाम और प्रथम श्रेणी में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए स्वास्थ्य विभाग के समान समयमान वेतनमान लागू किया जाएगा। इससे आयुष के 1453, होम्योपैथी के 228, यूनानी के 85 सहित कुल 2698 अधिकारी लाभान्वित होंगे। आयुष चिकित्सकों के लिए 3 अग्रिम वेतन सुविधा लागू की जाएगी, जिससे 300 अधिकारियों को लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। यूनानी कॉलेजों में उर्दू के साथ हिंदी भाषा में भी पढ़ाई होगी। मध्यप्रदेश को आयुष की शिक्षा और उपचार में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जाएगा।

मरीजों को योग और ध्यान के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए करें प्रेरित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी सुधार से आयुर्वेदिक दवाएं सस्ती होंगी। आयुर्वेद दिवस पर प्रदेश के नागरिकों को 12 आयुष अस्पतालों की सौगात मिल रही है। आयुष वेलनेस टूरिज्म के तहत उज्जैन और खजुराहों में 50-50 बिस्तरों वाले दो अस्पताल खोल जा रहे हैं। साथ ही 10-10 बिस्तरों वाले छोटे अस्पताल पचमढ़ी, मंदसौर, आगर-मालवा, चित्रकूट, चंदेरी, दतिया, सिंगरौली, ओरछा, ओंकारेश्वर और अलीराजपुर में स्थापित होंगे। साथ ही कैंसर मरीजों के इलाज के लिए आयुर्वेद पर आधारित एक नया जन स्वास्थ्य कार्यक्रम “कारुण्य” भी शुरू किया जा रहा है। औषधीय खेती की जानकारी के लिए नया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर आज से शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन स्वास्थ्य कार्यक्रम का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में जन स्वास्थ्य कार्यक्रम 9 आयुष महाविद्यालयों में संचालित हो रहे हैं। अब इसे प्रदेश के 51 जिलों तक बढ़ाया जा रहा है, हर जिले में एक-एक यूनिट खुलेगी। उन्होंने आयुष विभाग को “स्कॉच अवॉर्ड-2025” के लिए भी शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सकों से मरीज को योग और ध्यान के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का भी आहवान किया।

गत वर्ष डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों को प्रदान की गईं आयुर्वेद स्वास्थ्य सेवा
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत 8 नवीन आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। इस वर्ष झाबुआ, शुजालपुर (शाजापुर जिला) और डिण्डोरी में 3 नए आयुर्वेद महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। प्रदेश के 3 महाविद्यालयों में नई फार्मेसी बिल्डिंग बनेगी, खंडवा में 50 बिस्तरीय चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा। आयुष महाविद्यालयों में बी.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। भोपाल, जबलपुर और उज्जैन के 3 महाविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू होगा, सीट्स की संख्या 30-30 रहेगी। आमजन का रुझान आयुर्वेदिक इलाज की तरफ बढ़ा है, यही वजह है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2 हजार से अधिक आयुष संस्थाओं के माध्यम से डेढ़ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को आयुर्वेद स्वास्थ्य सेवा प्रदान की गई। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत चलाए जा रहे सुप्रजा, आयुर्विद्धा, वयोमित्र एवं संधिगत रोग रोकथाम के माध्यम से 1 लाख 93 हजार लोगों को लाभ मिला। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन की दिशा में आयुष विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मिलकर खास अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत 800 आयुष औषधालयों का उन्नयन कर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है। आयुष विभाग द्वारा प्रदेश में देवारण्य योजना लागू है, जिसके तहत जनजतीय क्षेत्रों में पारंपरिक औषधियों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।पिछले एक वर्ष में चिकित्सा सुविधा के विस्तार हेतु 595 आयुष चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति प्रदान की गई।

आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान का किया जा रहा है दस्तावेजीकरण
आयुष एवं उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आयुर्वेद को जीवनशैली का हिस्सा माना गया है। योग और आयुर्वेद भारतीय परंपरा का हिस्सा है। जनजातीय समुदाय के लोग आज भी आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ रहते हैं। आयुर्वेद को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्य करना प्रारंभ किया है। भोपाल के खुशीलाल आयुर्वेदिक कॉलेज को टूरिज्म से जोड़ा गया है। प्रदेश के अन्य आयुर्वेदिक कॉलेजों को भी पर्यटन से जोड़ने जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को आयुर्वेद का लाभ मिले। आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण करने का कार्य शुरू किया जा रहा है इसमें आयुर्वेदिक कॉलेजों की अहम भूमिका होगी। आयुष विभाग के माध्यम से होम्योपैथिक कॉलेज भी खोले जाएंगे।

इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, विष्णु खत्री, सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

27% OBC आरक्षण पर आज से सुप्रीम कोर्ट करेगा रोजाना सुनवाई

27% OBC आरक्षण पर आज से सुप्रीम कोर्ट करेगा रोजाना सुनवाई
मध्य प्रदेश में लंबे समय से चला आ रहा 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले आ पहुंचा है। इसी के चलते आज से सुप्रीम कोर्ट इस गंभीर विषय पर रोजाना सुनवाई करेगा। वहीं, तमिलनाडु के एक वकील के साथ साथ दो अतिरिक्त अधिवक्ता प्रदेश का पक्ष रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के मामले को ‘टॉप ऑफ द बोर्ड’ में लिस्टेड रखा है। यानी अन्य मामलों के मुकाबले इसे प्राथमिकता दी गई है।

ओबीसी आरक्षण के मामले पर सुनवाई आज से कोर्ट नंबर- 2 में लगने वाली दो जजों की (डबल बेंच) करेगी। ये सुनवाई ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों की ओर से दायर याचिका पर होगी, जिसमें 13 फीसदी पदों को होल्ड करने के फैसले को चुनौती दी गई है।

ये है मामला
वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश विधानसभा की ओर से पारित कानून के तहत ओबीसी आरक्षण को 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी किया गया था, लेकिन हाईकोर्ट के अंतरिम आदेशों के कारण इसकी पूर्ण लागू नहीं किया जा सका। राज्य सरकार ने सुनवाई के लिए मजबूत कानूनी रणनीति तैयार की है। तमिलनाडु के वरिष्ठ वकील पी. विल्सन समेत दो अतिरिक्त अधिवक्ताओं को राज्य का पक्ष रखने की जिम्मेदारी सौंपी है।

सीएम ने दिल्ली में की बैठक
वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति पर चर्चा की। ओबीसी महासभा ने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर 27 फीसदी आरक्षण की मांग को मजबूत किया है।

क्या कहते हैं OBC वर्ग के उम्मीदवार
ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों का कहना है कि 13 फीसदी पदों को होल्ड करने से उनकी भर्ती प्रक्रियाएं रुकी हुई हैं, जिससे एमपीपीएससी, पीईबी और टीईटी जैसी परीक्षाओं पर असर पड़ा है। राज्य सरकार का दावा है कि ओबीसी आबादी 51 फीसद है, इसलिए 27 फीसद आरक्षण सामाजिक न्याय का हिस्सा है। सुनवाई का फैसला न सिर्फ मध्य प्रदेश, बल्कि भार के कई राज्यों के लिए मिसाल पेश करेगा।

अब रोजगार देने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले नहीं बचेंगे- पी एम मोदी

अब रोजगार देने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले नहीं बचेंगे- पी एम मोदी
मोदी सरकार ने देश और विदेशों में रोजगार देने वाली निजी प्लेसमेंट एजेंसियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। रोजगार देने के नाम पर धोखाधड़ी और काम देने के बाद कर्मचारियों का शोषण रोकने की घटनाएं आम हैं।

इस पर अंकुश लगाने के लिए केन्द्र सरकार प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी रेगुलेशन कानून लाने जा रही है। कानून के लिए विधेयक के मसौदे पर हितधारकों से सुझाव व टिप्पणियां लेने की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।

उम्मीद है कि श्रम मंत्रालय विधेयक को जल्द ही संसद में पारित करवाएगा। विधेयक में प्लेसमेंट एजेंसियों के लिए नियामक संस्था के साथ भर्ती-भुगतान व कमीशन जैसी शर्तें और उनकी पालना सुनिश्चित करने के प्रावधान किए गए हैं।

देश में सरकारी और निजी कार्यालयों के साथ विदेशों में करोड़ों लोग प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से रोजगार पा रहे हैं। इन प्लेसमेंट एजेंसियों के पंजीयन और इनके माध्यम से रोजगार हासिल करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर ठोस नियम कायदे नहीं है।

कैसे होता है शोषण
10 से 15 हजार तक वेतन, ठेकेदार उसमें से कमीशन काटता है।
न्यूनतम वेतन से कम भुगतान, बीमा-पीएफ लाभ से वंचित, काम के घंटे ज्यादा
देशों में रोजगार के लिए बिना मंजूरी के ले जाने समेत अन्य तरह की धोखाधड़ी
सरकारी विभागों में संविदा पर काम करने वालों की ठेकेदार प्लेसमेंट एजेंसी की मनमानी
शिकायत तंत्र नहीं।

विधेयक में यह हाेंगे प्रमुख प्रावधान
प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी का राज्य व केंद्रीय स्तर पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, कड़ी शर्तें- एजेंसियों को आवेदक और नियोक्ताओं की जानकारी, प्लेसमेंट के विवरण आदि को इंटीग्रेटेड करियर सर्विस पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित शुल्क की जांच
विदेशों में प्लेसमेंट के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया से पहले आवश्यक मंजूरी अनिवार्य
केंद्रीय प्लेसमेंट सपोर्ट प्राधिकरण बनेगा, पालना पर नजर के साथ शिकायतों का निवारण करेगा
नियमों की अवेहलना, धोखाधड़ी पर जेल और जुर्माने के प्रावधान

एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान में बड़ी समस्या
राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत देश भर में प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये रोजगार पाने वाले कर्मचारियों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा है। मध्यप्रदेश में केवल सरकारी विभागों में आउटसोर्स व शॉर्ट टर्म संविदा पर करीब 4 लाख लोग काम कर रहे हैं जिन्हें 10 से 15 हजार वेतन मिलता है।

छत्तीसगढ़ में एक लाख और राजस्थान में करीब दो लाख ऐसे कर्मचारी हैं। राजस्थान में खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाने वाले युवाओं के प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा ठगे जाने और विदेश जाकर फंसने की घटनाएं आम हैं।

देश का पहला डैशबोर्ड लॉन्च, दुर्घटना पीड़ितों को अब तुरंत मिलेगा मुआवजा

देश का पहला डैशबोर्ड लॉन्च, दुर्घटना पीड़ितों को अब तुरंत मिलेगा मुआवजा
सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों को मुआवजे में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मप्र का ‘क्लेमेन्ट रीइम्बर्समेंट एंड डिपॉजिट सिस्टम (क्रेडस) डैशबोर्ड लॉन्च कर दिया गया। यह देश का पहला डैशबोर्ड है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश व कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। इसे मप्र न्यायपालिका के लिए विकसित किया है।

अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के लिए बना यह डैशबोर्ड अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, पोर्टल न्याय को तेज व नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में सार्थक कदम है।

स्वत: संज्ञान याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश
यह पहल सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान याचिका के आदेश 22 अप्रैल 25 के अनुपालन में एमपीहाईकोर्ट ने की। इसमें मोटर वाहन अधिनियम, 1988, कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजा राशि व विवरण अपलोड किए जाएंगे।

पोर्टल पर मिलेगी ऐसी सुविधाएं
-बीमा कंपनियों या जिम्मेदार पक्षों से ऑनलाइन मुआवजा जमा।

– दावा करने वालों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण।

– डैशबोर्ड पर वास्तविक समय में राशि-प्रकरण की स्थिति की जानकारी।

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