राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन “ओलेख” के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन “ओलेख” का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन “ओलेख” के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा।

उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है।

कार्यक्रम को वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं।

आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

इस अवसर पर चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण व्यवहार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण व्यवहार
धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया।

जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—”बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?” मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—”मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।”

यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया।

मुख्यमंत्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।

पीएम मोदी बोले- ‘हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है’

पीएम मोदी बोले- ‘हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है’
जीएसटी दरों में कटौती लागू होने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (21 सितंबर, 2025) को स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत की. उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की वृद्धि गाथा को गति देंगे, कारोबारी सुगमता को बढ़ाएंगे और अधिक निवेशकों को आकर्षित करेंगे. उन्होंने कहा कि हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है… हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है.

मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से ‘जीएसटी बचत उत्सव’ शुरू होगा और आयकर छूट के साथ यह ज्यादातर लोगों के लिए ‘दोहरा लाभ’ होगा. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि विकास की दौड़ में सभी राज्य समान हितधारक होंगे. उन्होंने राज्यों से ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वदेशी अभियानों को ध्यान में रखते हुए विनिर्माण को गति देने का आग्रह किया.

जीएसटी दरों में कटौती लागू होने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (21 सितंबर, 2025) को स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत की. उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की वृद्धि गाथा को गति देंगे, कारोबारी सुगमता को बढ़ाएंगे और अधिक निवेशकों को आकर्षित करेंगे. उन्होंने कहा कि हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है… हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है.

मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से ‘जीएसटी बचत उत्सव’ शुरू होगा और आयकर छूट के साथ यह ज्यादातर लोगों के लिए ‘दोहरा लाभ’ होगा. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि विकास की दौड़ में सभी राज्य समान हितधारक होंगे. उन्होंने राज्यों से ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वदेशी अभियानों को ध्यान में रखते हुए विनिर्माण को गति देने का आग्रह किया.

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
मोदी ने कहा, ‘नवरात्रि के पहले दिन, देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाने जा रहा है. कल सूर्योदय के साथ, अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो जाएंगे. कल से ‘जीएसटी बचत उत्सव’ शुरू होगा. आप अपनी पसंद की वस्तुएं ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे. इससे गरीब, मध्यम वर्ग, नव मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएं, व्यापारी और दुकानदार लाभान्वित होंगे.’

मोदी ने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में सभी की खुशियां बढ़ेंगी. उन्होंने अगली पीढ़ी के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों के लिए सभी को बधाई दी. मोदी ने कहा, ‘ये सुधार भारत की वृद्धि गाथा को गति देंगे, कारोबारी सुगमता को बढ़ाएंगे और अधिक निवेशकों को आकर्षित करेंगे.’

‘मेड इन इंडिया’ सामानों को खरीदने पर दें जोर
पीएम मोदी ने कहा, ‘हम वो सामान खरीदें जो ‘मेड इन इंडिया’ हो, जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी हो और हमारे देश के बेटे-बेटियों का पसीना हो. विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमें आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना ही होगा और भारत को आत्मनिर्भर बनाने का बहुत बड़ा दायित्व हमारे MSMEs पर भी है. हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है, हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘जो (सामान) देश के लोगों की जरूरत का है, जो हम देश में ही बना सकते हैं, वो हमें देश में ही बनाना चाहिए. GST की दरें कम होने से, नियम और प्रक्रियाएं और आसान बनने से हमारे MSMEs, हमारे लघु उद्योगों को और कुटीर उद्योगों को बहुत फायदा होगा. उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स भी कम देना होगा, यानी उनको भी ‘डबल फायदा’ होगा.’

तेजप्रताप यादव का बड़ा ऐलान, ‘दोबारा RJD में नहीं जाएंगे’

तेजप्रताप यादव का बड़ा ऐलान, ‘दोबारा RJD में नहीं जाएंगे’
बिहार की राजनीति में एक नया तूफ़ान खड़ा हो गया है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने साफ कर दिया है कि वे अब कभी भी आरजेडी में वापस नहीं लौटेंगे। उनके इस निर्णय ने राजद में हलचल मचा दी है और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। तेज प्रताप ने अपने नए राजनीतिक सफर का रास्ता तय कर लिया है और यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा और युवाओं के सशक्तिकरण पर रहेगी।

राजद से दूरी और महुआ से चुनाव का ऐलान
तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने भगवान के सामने संकल्प लिया है कि अब उनका राजद से कोई रिश्ता नहीं रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि माता-पिता पूजनीय हैं, लेकिन पार्टी से अब उनका संबंध खत्म हो गया है। तेज प्रताप ने यह भी कहा कि वे आने वाले विधानसभा चुनाव में महुआ से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने फिलहाल यह नहीं बताया कि उनकी नई पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने संकेत दिया कि ‘जन शक्ति’ के बैनर तले उम्मीदवार पूरे बिहार में चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।

नई पार्टी की दिशा और शिक्षा पर जोर
तेज प्रताप ने अपनी नई राजनीति की दिशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की प्राथमिकता शिक्षा होगी। उन्होंने कहा, “सभी दलों की नींव शिक्षा से रखी गई है। ब्लैक बोर्ड पर जब शिक्षक पढ़ाता है, तभी बच्चे सीखते हैं कि कलम क्या है और धनुष क्या है। शिक्षा ही हर बदलाव की कुंजी है।” इसी कारण उन्होंने अपनी पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘ब्लैक बोर्ड’ रखा है। उनका उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाना और युवाओं को सही दिशा देना है।

राजद के लिए बड़ा झटका और चुनावी समीकरण
तेज प्रताप का यह फैसला राजद के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है। पहले ही पार्टी के भीतर नाराजगी और दरारें सामने आ रही थीं। अब तेज प्रताप ने पूरी तरह अलग रास्ता चुन लिया है, जिससे राजद के चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है। खासकर तब, जब छोटे भाई तेजस्वी यादव पार्टी की कमान संभाले हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि तेज प्रताप के अलग कदम से बिहार की राजनीति में नई स्थिति बनेगी और जनता की नज़र उनकी नई पार्टी पर टिकी रहेगी।

जनता से जुड़ेगी नई राजनीति
तेज प्रताप ने कहा कि उनकी राजनीति पूरी तरह जनता की समस्याओं और उनकी जरूरतों के समाधान पर केंद्रित होगी। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं को सही दिशा देने पर उनका विशेष ध्यान रहेगा। उनके अनुसार जिस समाज में शिक्षा मजबूत होगी, वहीं से बेहतर राजनीति और मजबूत भविष्य का निर्माण होगा। तेज प्रताप का यह नया राजनीतिक सफर युवाओं और आम जनता को जोड़ने की दिशा में एक नया प्रयास माना जा रहा है।

वनों में स्थित आस्था स्थलों को किया जाए विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वनों में स्थित आस्था स्थलों को किया जाए विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के वनांचल में ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जिन्हें स्थानीय समुदायों द्वारा सांस्कृतिक या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर पारंपरिक रूप से संरक्षित किया जाता है। आस्था के ये क्षेत्र न केवल आध्यात्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि जैवविविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी संतुलन, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ऐसे स्थलों को देवलोक वनों के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन क्षेत्र में प्रदेश की प्रमुख नदियों के दोनों ओर 5 किलोमीटर क्षेत्र में पौधारोपण गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों के किनारों के अतिक्रमण हटाने में स्थानीय समुदाय का सहयोग लिया जाए। साथ ही स्थानीय समुदाय के आय संवर्धन के लिए पौधारोपण में औषधीय पौधों सहित उपयोगी पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर उज्जैन देवास क्षेत्र को मेट्रोपोलिटन एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है, क्षिप्रा नदी के संरक्षण की योजना तदनुसार बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने नगर वनों के उचित विकास और रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

मगरमच्छ व अन्य जलीय जीव, जल संरचनाओं के स्वस्थ इकोसिस्टम के लिए जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों और जल संरचनाओं के स्वस्थ ईकोसिस्टम को बनाए रखने में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन नदियों और जल संरचना में यह जीव अधिक संख्या में हैं, वहां से उन्हें शिफ्ट कर अन्य नदियों और जल संरचना में छोड़ा जाए। इसकी शुरुआत नर्मदा और तवा नदी से की जाए। बैठक में वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, लघु वन उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, तेंदूपत्ता बोनस वितरण आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख व्ही.एन. अम्बाडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मोहम्मद नबी ने लगाई छक्कों की झड़ी, आखिरी ओवर में जड़े पांच सिक्स

मोहम्मद नबी ने लगाई छक्कों की झड़ी, आखिरी ओवर में जड़े पांच सिक्स
अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी ने एशिया कप 2025 में श्रीलंका के खिलाफ महज 20 गेंदों में अर्धशतक जड़कर अनूठा कारनामा किया है। नबी टी20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले संयुक्त रूप से नंबर-1 अफगानी बन गए हैं।

श्रीलंका ने अफगानिस्तान को एशिया कप 2025 के 11वें मुकाबले में 6 विकेट से शिकस्त दी। इसी के साथ श्रीलंका ने सुपर-4 में अपनी जगह बना ली। श्रीलंका के साथ बांग्लादेश की टीम अगले दौर में पहुंच चुकी है, जबकि अफगानिस्तान को खिताबी रेस से बाहर होना पड़ा। भले ही अफगानिस्तान को इस मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी, लेकिन मोहम्मद नबी ने अपनी बल्लेबाजी से फैंस का जमकर मनोरंजन किया।

मोहम्मद नबी ने 22 गेंदों में 6 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 60 रन बनाए। पारी के अंतिम ओवर में उन्होंने डुनिथ वेल्लालागे के खिलाफ पांच छक्के लगाए। इस ओवर में अफगानिस्तान ने कुल 32 रन अपने खाते में जोड़े। इसी के साथ मोहम्मद नबी इंटरनेशनल क्रिकेट में 6,000 रन के आंकड़े को छूने वाले पहले अफगानी बन गए हैं।

मोहम्मद नबी से पहले अजमतुल्लाह ओमरजाई 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर चुके हैं। ओमरजाई ने यह कारनामा इसी एशिया कप में 9 सितंबर 2025 को हांगकांग के खिलाफ किया था। आबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में खेले गए मुकाबले की बात करें, तो अफगानिस्तान ने 8 विकेट खोकर 169 रन बनाए।

इस टीम की ओर से मोहम्मद नबी ने सर्वाधिक 60 रन बनाए, जबकि कप्तान राशिद खान ने 23 गेंदों में 24 रन की पारी खेली। विपक्षी खेमे से नुवान तुषारा ने सर्वाधिक चार विकेट झटके। उनके अलावा दुष्मंथा चमीरा, डुनिथ वेल्लालागे और दासुन शनाका ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।

इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम ने 18.4 ओवरों में जीत दर्ज कर ली। टीम के लिए कुसल मेंडिस ने 52 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 74 रन की नाबाद पारी खेली। उनके अलावा कुशल परेरा ने 28, जबकि कामिंडु मेंडिस ने 26 रन टीम के खाते में जोड़े।

पीएम मोदी बांसवाड़ा से 5 राज्यों को देंगे 1.21 लाख करोड़ की सौगातें

पीएम मोदी बांसवाड़ा से 5 राज्यों को देंगे 1.21 लाख करोड़ की सौगातें
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 सितम्बर को बांसवाड़ा से 1.21 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उदघाटन-शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं राजस्थान-मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक राज्यों की हैं। पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सीएम कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।

प्रधानमंत्री मोदी देंगे सौगात
सीएम भजनलाल ने बैठक में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर केन्द्र व राज्य सरकार की लगभग 1 लाख 21 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र का शिलान्यास करेंगे, जो कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बड़ा कदम होगा।

तैयारियों की समीक्षा के लिए सीएम भजनलाल जाएंगे बांसवाड़ा
पीएम मोदी राजस्थान सहित कई राज्यों की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं भी देशवासियों को समर्पित करेंगे। सीएम भजनलाल शर्मा ने मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा सहित अन्य अधिकारियों को सारी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। सीएम भजनलाल खुद भी पीएम के दौरे की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए बांसवाड़ा जाएंगे।

दो वंदे भारत ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी
प्रधानमंत्री मोदी बीकानेर-दिल्ली केन्ट वन्दे भारत एक्सप्रेस, जोधपुर-दिल्ली केन्ट वन्दे भारत एक्सप्रेस एवं उदयपुर सिटी-चण्डीगढ़ एक्सप्रेस का हरी झंडी दिखाकर शुभारम्भ करेंगे। पीएम कुसुम योजना के लाभार्थियों एवं प्रधानमंत्री के मध्य संवाद भी होगा।

एमपी हाईकोर्ट में नई व्यवस्था, 10 स्पेशल बेंच निपटाएंगी हजारों पेंडिंग मामले

एमपी हाईकोर्ट में नई व्यवस्था, 10 स्पेशल बेंच निपटाएंगी हजारों पेंडिंग मामले
हाईकोर्ट ने लंबित मामलों की संख्या कम करने की नई पहल की है। सीजे संजीव सचदेवा ने लंबित जमानत अर्जियों का निराकरण करने 10 स्पेशल बेंचों का गठन किया है, जो शनिवार को विचार करेंगी। हाईकोर्ट के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब एक साथ 10 बेंचें सुनवाई करेंगीं।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष डीके जैन की मानें तो मुख्यपीठ में दायर व लंबित जमानत अर्जियों का आंकड़ा करीब 3 हजार है। तीन बेंचें सुनवाई कर रही हैं। बीते मंगलवार को अध्यक्ष जैन और सचिव पारितोष त्रिवेदी ने सीजे से इस पर ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था।

ये जज सुनेंगे जमानत की अर्जियां
एमपी हाईकोर्ट जबलपुरजस्टिस अचल कुमार पालीवाल, जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल, जस्टिस देवनारायण मिश्रा, जस्टिस दीपक खोत, जस्टिस अजय कुमार निरंकारी, जस्टिस हिमांशु जोशी, जस्टिस रामकुमार चौबे, जस्टिस रत्नेशचंद्र सिंह बिसेन, जस्टिस बीपी शर्मा और जस्टिस प्रदीप मित्तल।

शरजील और उमर खालिद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

शरजील और उमर खालिद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में आज साल 2020 के दिल्ली दंगे (Delhi Riots) के आरोपी शरजील इमाम, उमर खालिद, मीरान हैदर और गुलफिशा फातिमा की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी और सी.यू. सिंह याचिकाकर्ताओं की पैरवी कर रहे हैं। उमर, शरजील व अन्य पर UAPA सहित कई गंभीर आरोप हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम, उमर खालिद और मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, अतहर खान, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान, शादाब अहमद और खालिद सैफी सहित सात अन्य आरोपियों को ज़मानत देने से इनकार कर दिया था। एक अन्य आरोपी, तस्लीम अहमद को एक अलग पीठ ने ज़मानत देने से इनकार कर दिया था।

दंगा जानबूझकर भड़काया गया
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह दंगा जानबूझकर भड़काया गया था। यह पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम था। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने हिंसा को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। 2 सितंबर को हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया उमर खालिद और शरजील इमाम की संलिप्तता “गंभीर” प्रतीत होती है। कोर्ट ने कहा कि खालिद और शरजील के बयान सांप्रदायिक प्रकृति के थे और बड़ी भीड़ जुटाने के इरादे से दिए गए थे।

शरजील पर हिंसा भड़काने का आरोप
2020 की हिंसा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच भड़की थी। इस दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई और 700 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। शरजील इमाम को 2020 में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था और उस पर हिंसा भड़काने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है।

चाबहार पोर्ट को दी जाने वाली प्रतिबंध छूट खत्म करेगा अमेरिका

चाबहार पोर्ट को दी जाने वाली प्रतिबंध छूट खत्म करेगा अमेरिका
अमेरिका (United States Of America) ने गुरुवार को ईरान (iran) के चाबहार पोर्ट (Chabahar Port) पर एक बड़ा फैसला लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के रणनीतिक चाबहार पोर्ट के विकास और संचालन के लिए 2018 में जारी की गई प्रतिबंध छूट को खत्म करने की घोषणा की है। यह फैसला 29 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा, जिसके बाद इस पोर्ट के संचालन से जुड़े व्यक्ति या संस्थाएं अमेरिकी-ईरान फ्रीडम एंड काउंटर-प्रोलिफरेशन एक्ट (IFCA) के तहत प्रतिबंधों का सामना कर सकती हैं।

ईरान पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप का बड़ा फैसला
चाबहार पोर्ट को दी जाने वाली प्रतिबंध छूट को खत्म करना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का बड़ा फैसला है, जिससे ईरान पर ज़्यादा से ज़्यादा दबाव बनाया जा सके। ट्रंप का मानना है कि चाबहार पोर्ट, ईरान के लिए काफी फायदेमंद है और इससे ईरान की सेना को काफी ज़्यादा आर्थिक सहयोग मिलता है। ऐसे में ट्रंप का मानना है कि चबहार पोर्ट को दी जाने वाली प्रतिबंध छूट को खत्म करने से ईरान को आर्थिक रूप से काफी नुकसान होगा।

भारत को हो सकता है नुकसान
अमेरिका की तरफ से चाबहार पोर्ट को दी जाने वाली प्रतिबंध छूट को खत्म करने से भारत (India) को भी नुकसान होगा। भारत के लिए अफगानिस्तान (Afghanistan) और सेंट्रल एशिया (Central Asia) तक पहुंचने के लिए चाबहार पोर्ट एक ऐसा रास्ता है जिसमें पाकिस्तान (Pakistan) को बायपास किया जा सकता है। अमेरिका के इस फैसले से भारत की कई कंपनियों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि ट्रंप ने यह फैसला सिर्फ ईरान को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि भारत पर दबाव बनाने के लिए भी लिया है।

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