पीएम मोदी इंटरनेशनल पूर्णिया हवाई अड्डा का शुभारांभ करेंगे

पीएम मोदी इंटरनेशनल पूर्णिया हवाई अड्डा का शुभारांभ करेंगे
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले विकास को लेकर बड़ी सौगात मिलने वाली है। केंद्रीय मंत्री सह जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने कहा है कि पूर्णिया हवाई अड्डा जल्द ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित होगा। उन्होंने बताया कि यह रनवे पटना एयरपोर्ट से भी 700 मीटर लंबा है, जिससे यहां बड़े विमान उतर सकेंगे। यह क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए बड़ा अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने इसे सीमांचल और कोसी क्षेत्र के आर्थिक उत्थान का आधार बताया।

पीएम देंगे 40,000 करोड़ की योजनाओं की सौगात
ललन सिंह ने आगे दावा किया कि 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्णिया दौरे के दौरान बिहार को 40,000 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। उन्होंने इसे बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि इससे न सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और औद्योगिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार विकास की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

इन परियोजनाओं की होगी शुरुआत
उन्होंने यह भी बताया कि उसी दिन वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन पटना से शुरू होगा, जिससे यात्रियों को तेज़ और बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पूर्णिया-पटना एक्सप्रेस वे और कोसी-मेची लिंक नहर परियोजना जैसे विकास कार्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और कृषि को नई दिशा देंगे। नहर परियोजना से सिंचाई में सुविधा मिलेगी और बाढ़ नियंत्रण में भी मदद होगी।

एनडीए नेताओं की हुई बैठक
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले शुक्रवार को पूर्णिया में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी, बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल और मंत्री लेशी सिंह समेत कई नेता शामिल हुए। बैठक में परियोजना का खाका प्रस्तुत किया गया और क्षेत्रीय विकास की दिशा में आवश्यक रणनीतियाँ तय की गईं।

बाढ़ नियंत्रण में मिलेगी मदद
बैठक के बाद नेताओं ने बताया कि साथ ही पश्चिमी कोसी नहर पुनर्स्थापन और बागमती तटबंध परियोजना पर भी चर्चा की गई। इन योजनाओं से बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन में सुधार होगा। साथ ही कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार का विकास नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।

विपक्ष पर भी साधा निशाना
बैठक के दौरान नेताओं ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। जदयू के संजय झा ने कहा कि अब जनता विकास की बात सुनना चाहती है, उल्टी-सीधी राजनीति से ध्यान भटकाने का दौर खत्म हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी राजनीति विनाश की ओर जा रही है और उन्हें माताओं और बहनों के सम्मान का ध्यान नहीं रहा। वहीं मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर आम जनता और एनडीए कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार की विकास नीति का परिणाम बताया।

क्या भाजपा को नवरात्रि के शुभ अवसर पर मिलेगा नया अध्यक्ष?

क्या भाजपा को नवरात्रि के शुभ अवसर पर मिलेगा नया अध्यक्ष?

नई दिल्ली के सियासी हलकों में इस समय भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा नवरात्रि पर होने की चर्चा जोरों पर है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के भीतर अध्यक्ष चयन की औपचारिक प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, हालांकि अंतिम नाम को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है।

ऐसा माना जा रहा है कि नवरात्रि के पावन और शुभ अवसर पर ही पार्टी अपने नए अध्यक्ष का नाम सार्वजनिक करेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार नवरात्रि जैसी धार्मिक और उत्सवपूर्ण अवधि को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की घोषणा के लिए सर्वोत्तम समय माना है, जिससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच इसे उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

कुछ संभावित नामों को लेकर अटकलें जारी हैं, जिनमें संगठनात्मक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ नेता प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। हालांकि, भाजपा नेतृत्व धार्मिक पंचांग और ज्योतिषीय सलाह को भी ध्यान में रखते हुए किसी भी बड़े फैसले को शुभ मुहूर्त पर ही लेने का प्रयास कर रहा है।

इस सबसे ये साफ़ है कि भाजपा अगले अध्यक्ष की घोषणा नवरात्रि के शुरुआती दिनों में कर सकती है, जिससे पार्टी एक नये नेतृत्व की ओर शुभ वातावरण में आगे बढ़ सकेगी।

एमपीपीएससी-2024 परिणाम… इस बार भी लड़कियों का दबदबा रहा कायम

एमपीपीएससी-2024 परिणाम… इस बार भी लड़कियों का दबदबा रहा कायम

मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग ने जैसे ही राज्य सेवा परीक्षा-2024 के फाइनल रिजल्ट घोषित किए वैसे ही छात्रों के साथ कई परिवारों की सालों की मेहनत भी सफल हो गई… शुक्रवार शाम आए रिजल्ट में इस बार भी महिलाओं ने बाजी मारी और टॉप-13 में से 5 महिलाओं ने सफलता पाई… मालूम हो कि 110 पदों के लिए उक्त परीक्षा 21 से 26 अक्टूबर के बीच आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 3 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने भाग लिया… हालांकि आरक्षण के चलते 13 फीसदी पद अभी होल्ड पर रखे हैं और आयोग ने 87 प्रतिशत पदों की पदवार सूची जारी की…

ये हैं टॉप-13 में…

आज जो रिजल्ट जारी हुए उसमें जिन टॉप-13 छात्रों के नाम शामिल हैं उसमें देवांशु शिवहरे- कुल अंक 953 (1685 अंक में से), ऋषव अवस्थी-945.50 अंक, अंकित 942 अंक, शुभम – 913 अंक, हर्षिता दवे- 893.75 अंक, रुचि जाट-891 अंक, नम्रता जैन- 890 अंक, गिरराज परिहार-859.75 अंक, स्वर्णा दिवान-833.75 अंक, विक्रमदेव सरयम-765.50 अंक, शिवानी सिरमचे-761.50 अंक, जतिन ठाकुर- 759.75 अंक, हिमांशु सोनी (716 अंक) के नाम शामिल हैं।

बस्तर की समृद्धि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की गाथा लिखेगी– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर की समृद्धि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की गाथा लिखेगी– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
हमारी नई औद्योगिक नीति के केंद्र में बस्तर है। खनिज संसाधनों और प्रचुर प्राकृतिक संपदा से भरा यह इलाका विकास की विपुल संभावनाएँ अपने भीतर समेटे हुए है। माओवाद बस्तर के विकास की राह में कांटे की तरह चुभ रहा था और नक्सलवादी आतंक ने बस्तर के विकास को जकड़ कर रखा था। हमने संकल्प लिया कि बस्तर को मुख्यधारा में लाएँगे और इसे विकसित छत्तीसगढ़ की केंद्रीय धुरी बनाएंगे। हमारे बहादुर जवानों और बस्तरवासियों ने साहस और दृढ़ संकल्प से माओवाद का मुकाबला किया और आज बस्तर माओवाद के काले इतिहास को मिटाकर निवेश का स्वर्णिम अध्याय लिखने की राह पर आगे बढ़ रहा है। मार्च 2026 तक माओवाद की बची-खुची निशानियाँ भी समाप्त हो जाएंगी और नक्सलमुक्त बस्तर और भी तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जापान के टोक्यो, ओसाका और दक्षिण कोरिया के सियोल के बाद इंवेस्टर्स कनेक्ट कार्यक्रम की अगली श्रृंखला के लिए हमने बस्तर संभाग का चुनाव किया और हमें खुशी है कि इतनी जल्दी यह आयोजन हम कर सके। यह बुलेट ट्रेन की रफ्तार का दौर है और इस रफ्तार से कदमताल करते हुए विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करने हमने नई औद्योगिक नीति का निर्माण किया है। हमारी यह नीति यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिखाए गए सुशासन के परफार्म, रिफार्म और ट्रांसफार्म के मंत्र पर तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की बुनियाद तेजी से विकसित होते उद्योगों के आधार पर रखी जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए नई औद्योगिक नीति में राज्य में निवेश के लिए अनुदान प्रावधान और प्रोत्साहन रखे गए हैं तथा इज ऑफ डूइंग बिज़नेस और स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के संकल्प के अनुरूप साढ़े तीन सौ से अधिक रिफार्म किए गए हैं। हमने जापान और दक्षिण कोरिया के अलावा मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु तथा नवा रायपुर में भी इंवेस्टमेंट समिट किए हैं। नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक हमारे पास लगभग 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। नई नीति में कोर सेक्टर के साथ आईटी, एआई, फार्मा, टेक्सटाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा ग्रीन एनर्जी से जुड़े माध्यमों पर विशेष अनुदान प्रावधान रखे गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आकर्षक अनुदान प्रावधानों के साथ ही हम ऐसी अधोसंरचना भी उद्यमियों को दे रहे हैं ताकि सिंगल विंडो सिस्टम से निवेश प्रस्ताव स्वीकृत होते ही वे औद्योगिक क्षेत्र में अपना उद्यम लगा सकें। नवा रायपुर इसका उदाहरण है, जहाँ भारत का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क बनाया गया है। यहाँ फार्मास्युटिकल पार्क, मेडिसिटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भी बनाए जा रहे हैं। अब बस्तर में औद्योगिक अधोसंरचना की स्थिति पर बात करें तो सभी जिलों और विकासखंडों में नये लघु औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जा रही है। जगदलपुर के ग्राम फ्रेजरपुर और गीदम रोड में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं। नगरनार के निकट नियानार में 118 एकड़ क्षेत्र में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। कांकेर के ग्राम लखनपुरी, दंतेवाड़ा के टेकनार और नारायणपुर में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं। हमारी सरकार द्वारा सुकमा के साथ ग्राम पाकेला, फंदीगुड़ा, कोंडागांव के ग्राम अड़का-छेपड़ा और बीजापुर के ग्राम कोडोली में भी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व का सर्वाधिक लाभ बस्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला है। यहाँ से विशाखापट्टनम के लिए एक्सप्रेसवे गुजर रही है। रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग का कार्य हो रहा है और तेलंगाना से किरंदुल को जोड़ने वाली रेल रूट का सर्वे किया जा रहा है। उड़ान परियोजना से माँ दंतेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर को उन्नत बनाया गया है। बोधघाट परियोजना पर शीघ्र कार्य शुरू होगा। कनेक्टिविटी के इस दौर में आगे रहने के लिए बस्तर में नये मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। अधोसंरचना की इन बड़ी परियोजनाओं से बस्तर का औद्योगिक माहौल काफी उन्नत होगा।

उन्होंने कहा कि यूँ तो पूरे प्रदेश में नये निवेश पर अनुदान प्रावधान हैं लेकिन बस्तर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति में बस्तर के 88 प्रतिशत ब्लॉक ग्रुप-3 में चिन्हांकित किए गए हैं। यहाँ निवेश करने पर उद्यमियों को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। हमारी सरकार समावेशी विकास पर काम करती है और प्राथमिकता यह है कि पीछे रह गए वर्गों को उद्यम के सबसे पहले अवसर मिलें। इसलिए एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है। उद्योगों की स्थापना के पीछे उद्देश्य केवल अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी है। इस रोजगार में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश या 1,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाली इकाइयों को अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान रखा गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर उद्यमियों को पाँच वर्षों तक 40 प्रतिशत सैलरी सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी सीमा पाँच लाख रुपये सालाना होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर भारत का स्वर्ग है और इसे देखने बड़े पैमाने पर लोग आएँ, इसके लिए पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। जो उद्यमी बस्तर में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करेंगे, उन्हें 45 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। इससे होटल इंडस्ट्री, इको-टूरिज्म, वेलनेस, एडवेंचर स्पोर्ट्स आदि क्षेत्रों में निवेश के स्वर्णिम अवसर बनेंगे। होम स्टे पर विशेष अनुदान से स्थानीय उद्यमशील लोगों को भी पर्यटन क्षेत्र में अवसर मिल रहे हैं। बस्तर में वनोपज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं और इनके प्रसंस्करण से जुड़ी यूनिट लगाने पर विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसी तरह एग्रो इंडस्ट्री पर भी विशेष फोकस है। सबसे खास बात यह है कि बस्तर में स्किल डेवलपमेंट पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है। कोर इंडस्ट्री और नये दौर के उद्योगों के अनुरूप बस्तर के सभी 32 ब्लॉकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए जा रहे हैं। बस्तर के युवा मेहनती और प्रतिभाशाली हैं, निश्चित ही उद्योगों को स्किल्ड मानव संसाधन की कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के उद्यमशील युवाओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से पूंजी, स्किल और काउंसलिंग दी जा रही है। इसके चलते नया उद्यमी वर्ग तेजी से उभर रहा है। बस्तर में पर्याप्त संसाधन हैं। उद्योग लगाने पर कच्चे माल की लागत कम होगी। पोर्ट सिटी से कनेक्टिविटी है, निर्यात में भी कोई कठिनाई नहीं होगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि औद्योगिक नीति में जो विपुल प्रोत्साहन हैं उनका लाभ उठाने का यह स्वर्णिम अवसर है। बस्तर ने निवेश के लिए रेड कारपेट बिछा दिया है और विकास के लिए टेकऑफ करने वाला है। आप सभी बस्तर की सफलता की इस उड़ान में शामिल हों। बस्तर में निवेश करें, यहाँ निवेश का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए आकर्षक और लाभकारी साबित हो रही है। अब तक 6.95 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अधिक से अधिक निवेश होने से यहाँ के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आईटी सेंटर सहित अन्य अधोसंरचना विकसित की गई है और उद्योगों को अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बीजापुर में पहली बार राइस मिल की स्थापना हो रही है। उन्होंने बताया कि जगरगुंडा की इमली मंडी, जो वर्षों से बंद थी, को फिर से चालू कराया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से राज्य की औद्योगिक नीति की सराहना दक्षिण कोरिया में भी हुई है, जिससे छत्तीसगढ़ को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है।

कार्यक्रम में 34 उद्योगों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य की औद्योगिक नीति और बस्तर संभाग में उभरती संभावनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की समृद्धि के लिए पर्यटन और छोटे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साल बीज और इमली जैसे उत्पादों की देशव्यापी आपूर्ति में बस्तर की प्रमुख भूमिका है, जिनका उपयोग कॉस्मेटिक उद्योग में किया जाता है।

उन्होंने बताया कि निवेशकों के लिए औद्योगिक माहौल को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। अब उद्यमियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और साल में केवल एक बार परीक्षण होगा। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को ‘इंसेंटिव कैलकुलेटर’ से लाभ की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अब तक प्रदेश में 6.95 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

कार्यक्रम में विशेष रूप से नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष अनुदान की घोषणा की गई। यदि वे उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। पर्यटन, कृषि-बागवानी, इलेक्ट्रॉनिक और फार्मास्युटिकल जैसे क्षेत्रों में निवेश करने पर भी विशेष अनुदान और छह वर्षों तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। स्थानीय लोगों को उद्योग स्थापित करने और रोजगार सृजन में प्राथमिकता दी जाएगी तथा शासन-प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।

इस अवसर पर एनएमडीसी द्वारा विशेष प्रस्तुतिकरण कर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और सामाजिक विकास में अपनी सहभागिता को प्रदर्शित किया गया।
बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में निवेशकों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह के स्वागत भाषण से हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सुशासन तथा अभिसरण के सचिव राहुल भगत, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और बड़ी संख्या में निवेशक उपस्थित थे।

गाजियाबाद स्टेशन पर मचा हड़कंप

गाजियाबाद स्टेशन पर मचा हड़कंप
गुरुवार सुबह गाजियाबाद जिले में स्थित साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब आनंद विहार से पूर्णिया जा रही 05580 पूर्णिया एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन की लगेज बोगी से अचानक धुआं उठने लगा। धुएं को देखकर यात्रियों में हड़कंप मच गया और लोग तुरंत प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर भागने लगे। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

रेलवे अधिकारियों की फुर्तीली कार्रवाई
जैसे ही बोगी में आग लगने की सूचना रेलवे अधिकारियों को मिली, उन्होंने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों ने सबसे पहले प्रभावित बोगी को ट्रेन से अलग किया, ताकि आग ट्रेन की अन्य बोगियों तक न पहुंचे। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

यात्रियों में दहशत, लेकिन राहत की सांस
घटना के समय ट्रेन स्टेशन पर खड़ी थी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का समय मिल गया। हालांकि धुआं और आग की लपटों को देखकर यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। बोगी में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया, लेकिन लोगों की जान सुरक्षित रहने से यात्रियों ने राहत की सांस ली। आग बुझाने के बाद रेलवे ने ट्रेन को बिना प्रभावित बोगी के आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया।

जांच में जुटी रेलवे की तकनीकी टीम
रेलवे विभाग ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम आग लगने की असली वजह का पता लगाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल शॉर्ट सर्किट को मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट जांच के बाद ही सामने आएगी।

नेपाल हिंसा के बीच 15 हजार कैदी फरार, सेना की फायरिंग में 2 की मौत

नेपाल हिंसा के बीच 15 हजार कैदी फरार, सेना की फायरिंग में 2 की मौत
नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है, जिसके चलते देशभर में अराजकता का माहौल है। इस हिंसा के बीच विभिन्न जेलों से लगभग 15,000 कैदियों के फरार होने की खबर सामने आई है। साथ ही, रामेछाप जिले में जेल से भागने की कोशिश कर रहे कैदियों पर सेना की फायरिंग में दो कैदियों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।

कई जेलों से कैदी भागने की खबर
पिछले 48 घंटों में नेपाल में हालात बेकाबू हो गए हैं। सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब हिंसा और तोड़फोड़ में बदल चुका है। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, और कई सरकारी इमारतों में आगजनी की। इस अराजकता का फायदा उठाकर देशभर की जेलों से कैदी फरार हो गए। काठमांडू की दिल्लीबाजार जेल, चितवन, नक्कु, झुम्पका, और जलेश्वर समेत कई जेलों से 13,500 से अधिक कैदियों के भागने की खबर है।

सेना की फायरिंग में 2 की मौत
रामेछाप में कैदियों ने जेल तोड़कर भागने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए सेना को गोली चलानी पड़ी। इस घटना में दो कैदियों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य को गोली लगी। यह नेपाल में सेना के नियंत्रण में आने के बाद गोलीबारी की पहली बड़ी घटना है। इसके अलावा, पश्चिमी नेपाल के नौबस्ता सुधार गृह में सुरक्षाबलों के साथ झड़प में पांच नाबालिग कैदियों की मौत हो गई।

नियंत्रण के लिए कर्फ्यू
हालात को काबू करने के लिए नेपाल सेना ने पूरे देश की कमान अपने हाथ में ले ली है। काठमांडू समेत कई शहरों में कर्फ्यू लागू है, जो आज सुबह तक प्रभावी रहेगा। सेना ने प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं।

भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट
हिंसा और कैदियों के फरार होने की घटनाओं के बाद भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। खबर है कि कुछ कैदियों ने भारत में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सिद्धार्थनगर में पांच कैदियों को गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई को मिली बड़ी कामयाबी

सीबीआई को मिली बड़ी कामयाबी
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन – सीबीआई (Central Bureau Of Investigation – CBI) को आज एक बड़ी कामयाबी मिली है। आज, गुरुवार, 11 सितंबर को एक वॉन्टेड अपराधी को भारत (India) लाया गया है। पढ़कर मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि कौन है वो वॉन्टेड अपराधी? जवाब है मुनव्वर खान (Munawar Khan), जिसे कुवैत (Kuwait) से भारत प्रत्यर्पित करने में सीबीआई को सफलता मिली है।

मुनव्वर पर जालसाजी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
मुनव्वर पर जालसाजी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। इंटरपोल के माध्यम से समन्वय स्थापित कर मुनव्वर को रेड नोटिस के तहत भारत लाया गया।

लंबे समय से किए जा रहे थे मुनव्वर की गिरफ्तारी के प्रयास
सीबीआई की इंटरनेशनल पुलिस सपोर्ट यूनिट (आईपीसीयू) ने भारतीय विदेश मंत्रालय और कुवैत की नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी-कुवैत) के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुनव्वर को कुवैत पुलिस की एक टीम हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लाई, जहाँ उसे सीबीआई की स्पेशल यूनिट एसटीबी की चेन्नई टीम ने आज उसे गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई के अनुसार मुनव्वर लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे थे।

जल्द शुरू की जाएगी कानूनी कार्रवाई
मुनव्वर का प्रत्यर्पण, सीबीआई और इंटरपोल के बीच प्रभावी सहयोग की वजह से संभव हो पाया है, जो भारत के अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुनव्वर के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के मामलों में जल्द ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

प्रगतिपथ पर तेजी से गतिमान है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रगतिपथ पर तेजी से गतिमान है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से गतिमान है। उन्होंने कहा कि रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के विजन को आत्मसात कर मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति एवं उद्योग हितैषी नीतियों के साथ भारत के मानचित्र पर निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में बुधवार को कोलकाता में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र में निवेशकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपार निवेश से ही मध्यप्रदेश में एक समृद्ध परिवेश का निर्माण होगा।

मध्यप्रदेश को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ अवॉर्ड

मध्यप्रदेश को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ अवॉर्ड
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को प्रतिष्ठित बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान नई दिल्ली के ली मेरिडियन में 9 सितम्बर को भव्य इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 समारोह में प्रदान किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान ने भारत के पर्यटन क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्टता और सतत विकास को लेकर मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया है।

पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश की जनता और यहां की संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन को विकास की धुरी बनाने का संकल्प लिया है। प्रदेश की धरोहर, प्राकृतिक संपदा और लोक-परंपराओं को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। यह अवॉर्ड हमें और ऊर्जा देता है कि हम पर्यटन को न केवल राज्य की पहचान, बल्कि रोज़गार और आत्मनिर्भरता का मज़बूत साधन भी बनाएं।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह अवॉर्ड हमारी टीम की साझा मेहनत और विजन का परिणाम है। हमारा लक्ष्य सिर्फ नए पर्यटन स्थल बनाना नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, महिलाओं को नए अवसर प्रदान करना, हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोना, प्राकृतिक धरोहर को बचाना और पर्यटन को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। यह सम्मान हमें और प्रेरित करता है कि हम मध्यप्रदेश को ऐसा खास पर्यटन स्थल बनाएं, जहां परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता एक साथ दिखाई दें।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने, इको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने, सामुदायिक होमस्टे को बढ़ावा देने, साहसिक और अनुभवात्मक पर्यटन को विस्तार देने के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार और विज़िटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में बोर्ड सतत रूप से कार्यरत है। लक्ष्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव प्रदान करना है।

Jolly LLB 3 में कुछ है नया और खास

Jolly LLB 3 में कुछ है नया और खास
बॉलीवुड की मोस्ट-अवेटेड फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ का ट्रेलर मेकर्स ने आखिरकार, आज (बुधवार) को रिलीज कर दिया है। अक्षय कुमार ने इस ट्रेलर को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर काफी उत्साहित हैं।

चलिए अब खासियत के बारे में जानते हैं। फिल्म में फिर से कोर्ट रूम की कहानी, सामाजिक मुद्दों, और हास्य का शानदार कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। लेकिन इस बार कहानी एक गंभीर और संवेदनशील विषय पर आधारित है, जिसमें दो जॉली, अक्षय कुमार और अरशद वारसी, एक-दूसरे के सामने होंगे। कौन बाजी मारेगा यह तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा।

ट्रेलर की शुरुआत एक गंभीर और भावनात्मक डायलॉग से होती है, “मेरे दादा को परदादा से और मुझे पिता से जो विरासत में मिली, वही सौंपना चाहता था मैं अपने बेटे को।”

इस वॉयसओवर के साथ दंगों, पुलिस के लाठीचार्ज और सामाजिक उथल-पुथल के दृश्य सामने आते हैं। इसी दौरान एक महिला ‘स्वर्गीय राजाराम सोलंकी’ की मूर्ति के पैरों से लिपटी दिखाई देती है।

इसके बाद अक्षय कुमार की एंट्री होती है, जो स्कूटर चलाते नजर आते हैं। वह पैसों के बदले में अपने असिस्टेंट से कहते हैं, “कोई जॉली बोले तो उसे मेरे पास ही लेकर आना।”

अक्षय कुमार के साथ हुमा कुरैशी भी नजर आई हैं, जिनकी शराब पीने की आदत से अक्षय परेशान दिखाई देते हैं।

वहीं, अरशद वारसी एक बार फिर वकील के किरदार में हैं, जो खुद को बेहद बिजी बताते हैं, लेकिन असल में उनके पास कोई काम नहीं होता।

ट्रेलर में अक्षय और अरशद एक ही क्लाइंट को लेकर भिड़ते भी दिखते हैं। अरशद अक्षय को ‘क्लाइंट चोर’ तक कह देते हैं, जिसके बाद दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ जाती है। यह सीन दर्शकों को फिल्म के पहले भाग की याद दिलाता है।
कहानी को दिलचस्प मोड़; जानें रिलीज डेट

फिल्म की कहानी में एक जमीन विवाद को खास तौर पर दिखाया गया है, जिसमें खेतान साहब, जिन्हें गजराज राव निभा रहे हैं, एक मजबूत किरदार में नजर आएंगे।

अक्षय कुमार खेतान साहब से मिलने के लिए किसी से मदद मांगते हैं, और वह शख्स कहता है कि उनसे मिलने में एक साल और नाम याद कराने में दो साल लगेंगे। लेकिन ट्विस्ट तब आता है जब खेतान साहब खुद अक्षय से मिलने चले आते हैं।

इस केस में अक्षय और अरशद एक बार फिर एक-दूसरे के सामने आते हैं। कोर्ट रूम में दोनों वकीलों की बहस, चालाकी, और मजेदार नोकझोंक कहानी को और रोचक बनाती है।

ट्रेलर में अमृता राव की भी एक झलक दिखी है। ट्रेलर से यह साफ है कि ‘जॉली एलएलबी 3’ में कॉमेडी के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर गंभीर बातें भी उठाई जाएंगी। ‘जॉली एलएलबी 3’ 19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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