शारदीय नवरात्रि में किस वाहन से धरती पर पधारेंगी देवी दुर्गा

शारदीय नवरात्रि में किस वाहन से धरती पर पधारेंगी देवी दुर्गा
शारदीय नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की उपासना का महापर्व है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है। वहीं, हर साल नवरात्र (Sharadiya Navratri 2025) में मां दुर्गा अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं, जिसका अपना विशेष महत्व होता है।

शारदीय नवरात्र 2025 शुभ मुहूर्त
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 22 सितंबर को रात 01 बजकर 23 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 23 सितंबर को रात 02 बजकर 55 मिनट पर होगा। ऐसे में नवरात्र की शुरुआत 22 सितंबर, 2025 दिन सोमवार से होगी।

इस साल किस वाहन पर आएंगी मां दुर्गा?
नवरात्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, अगर नवरात्र सोमवार को शुरू हो, तो देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं।
श्लोक – “शशि सूर्य गजारूढ़ा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौ शुक्रेचा दोलायं बुधे नौकाप्रकीर्तिता।”
मां दुर्गा का हाथी से आना एक शुभ संकेत माना जा रहा है। यह शांति, समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक है। कहा जा रहा है कि यह अच्छी बारिश, भरपूर फसल और किसानों की समृद्धि का संकेत दे रहा है।

हाथी पर आगमन का महत्व
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा का वाहन उनके आगमन के दिन पर निर्भर करता है। मां दुर्गा का हाथी पर आना बेहद शुभ माना जाता है। हाथी को सुख, समृद्धि, और शांति का प्रतीक माना जाता है। जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं, तो यह खुशहाली का संकेत होता है। इसके साथ ही चारों ओर सुख-समृद्धि का माहौल बनता है। इसके साथ ही सभी भक्तों के लिए यह सुख और संपन्नता का प्रतीक है।

नवरात्र के अन्य वाहन और उनका महत्व
सोमवार या रविवार – हाथी पर आगमन (सुख-समृद्धि और अच्छी बारिश)
शनिवार या मंगलवार – घोड़े पर आगमन (युद्ध और राजनीतिक उथल-पुथल)
गुरुवार या शुक्रवार – पालकी पर आगमन (सुख, शांति और समृद्धि)
बुधवार – नाव पर आगमन (सभी मनोकामनाओं की पूर्ति)

ऑस्ट्रेलिया की ‘मशरूम किलर’ को उम्रकैद की सजा

ऑस्ट्रेलिया की ‘मशरूम किलर’ को उम्रकैद की सजा
ऑस्ट्रेलिया की मशरूम किलर को वहां की एक अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा के तहत दोषी महिला को 33 साल बाद ही जमानत मिल सकेगी। ऑस्ट्रेलिया के इस मामले पर पूरी दुनिया की नजर थी क्योंकि जिस तरीके से दोषी महिला एरिन पैटर्सन ने अपने पूर्व पति के माता-पिता की हत्या की थी, उसने पूरी दुनिया को चकित कर दिया था।

क्या है मामला
दरअसल एरिन पैटर्सन ने अपने पूर्व पति के माता-पिता समेत तीन लोगों को जहरीली मशरूम खिलाकर मार डाला था। 50 वर्षीय पैटर्सन को जुलाई में हत्या का दोषी करार दिया गया था और अब सोमवार को अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। एरिन ने साल 2023 में अपने पूर्व पति के माता-पिता और अंकल-आंटी को अपने घर खाने पर बुलाया था। इस दौरान एरिन ने खाने में जहरीली मशरूम मिला दी, जिसे खाने से तीन लोगों की मौत हो गई। पूरी दुनिया में यह मामला मशरूम मर्डर के नाम से चर्चित हुआ। अभी तक इन हत्याओं के पीछे की वजह पता नहीं है।

33 साल बाद ही मिल सकेगी एरिन को जमानत
एरिन का दावा है कि उसने अनजाने में खाने में जहरीली मशरूम मिला दी थी। हालांकि अदालत ने उसके दावे को नहीं माना। जिस वक्त महिला ने अपने पूर्व पति के परिवारवालों को जहरीली मशरूम खिलाकर मारा, उस वक्त उसका अपने पति से झगड़ा चल रहा था और बच्चों के खर्च को लेकर दोनों के बीच विवाद था। अदालत के आदेश के तहत 33 साल बाद ही एरिन को जमानत मिल सकेगी और उस वक्त वह करीब 83 साल की हो जाएगी। इस तरह एरिन की बाकी जिंदगी अब जेल में ही गुजरेगी। हालांकि अभी एरिन के पास सजा के खिलाफ अपील के लिए 28 दिन का समय बाकी है।

कुलगाम में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़

कुलगाम में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के गुड्डार इलाके में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ चल रही है। तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाब दिया। एक आतंकी मारा गया है। फायरिंग में एक अफसर के घायल होने की खबर है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है।

कश्मीर जोन पुलिस के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर कुलगाम के गुड्डर जंगल में मुठभेड़ हो रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की एसओजी काम पर हैं।

तलाशी अभियान के दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की है, सुरक्षाबलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है। दोनों तरफ से तेज गोलीबारी हुई। खबर मिली है कि एक अफसर घायल हो गया है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भारतीय सेना के अनुसार, अभियान के दौरान एक आतंकवादी मारा गया। एक जूनियर कमीशन अधिकारी घायल हो गया। अभियान जारी है। फिलहाल सुरक्षाबलों ने जंगल को घेर लिया है।

रविवार के दिन ‘बागी 4’ पर बरसे नोट

रविवार के दिन ‘बागी 4’ पर बरसे नोट
कल यानी रविवार की छुट्टी का फायदा ‘बागी 4’ को मिला, इस फिल्म ने अच्छा कलेक्शन किया।

बागी 4 का रविवार का कलेक्शन
टाइगर श्रॉफ स्टारर फिल्म ‘बागी 4’ ने तीसरे दिन यानी वीकएंड पर 10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। इस फिल्म का कुल कलेक्शन 31.25 करोड़ रुपये रहा। फिल्म में टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त का एक्शन दर्शकों को पसंद आया है।

‘द बंगाल फाइल्स’ को भी मिला वीकएंड का फायदा
विवेक अग्निहोत्री डायरेक्टेड फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ ने पहले दिन 1.75 करोड़ रुपये के कमजोर कलेक्शन से शुरुआत की थी। लेकिन रविवार को यानी तीसरे दिन फिल्म ने 2.75 करोड़ रुपये की कमाई की, अपने कलेक्शन में इजाफा किया। इस फिल्म का कुल कलेक्शन अब तक 6.65 करोड़ रुपये है।

10वें दिन ‘परम सुंदरी’ पड़ने लगी कमजोर
दस दिन पहले सिद्धार्थ मल्होत्रा और जान्हवी कपूर स्टारर फिल्म ‘परम सुंदरी’ रिलीज हुई। फिल्म ने शुरुआती दिनों में अच्छा कलेक्शन किया लेकिन 10वें दिन यानी रविवार को यह सिर्फ 2.50 करोड़ रुपये की कमाई ही कर सकी। अब तक फिल्म का कुल कलेक्शन भी 46 करोड़ रुपये है।

‘द कंज्यूरिंग’ और ‘दिल मद्रासी’ ने पकड़ी रफ्तार
इंग्लिश फिल्म ‘द कंज्यूरिंग’ और साउथ फिल्म ‘दिल मद्रासी’ भी अच्छी कमाई कर रही है। रविवार के दिन ‘द कंज्यूरिंग’ ने 14.16 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है, कुल कलेक्शन भी 49.16 करोड़ रुपये है। सिर्फ चार दिन में ही यह फिल्म 50 करोड़ क्लब में शामिल हो चुकी है। वहीं और साउथ फिल्म ‘दिल मद्रासी’ ने भी रविवार यानी अपनी रिलीज के तीसरे दिन में 10.85 करोड़ रुपये की कमाई की है, फिल्म ने अब तक कुल 36.60 करोड़ रुपये में अपने खाते में जोड़ लिए हैं। एक फिल्म ‘उफ्फ ये सियप्पा’ भी रिलीज हुई लेकिन इसका कलेक्शन अभी मौजूद नहीं है।

सीएम मोहन यादव ने बाढ़ पीड़ित किसानों को दी राहत

सीएम मोहन यादव ने बाढ़ पीड़ित किसानों को दी राहत

मध्यप्रदेश की सरकार हर संकट में किसानों के साथ खड़ी है। इस स्पष्ट संदेश के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर को अतिवृष्टि-बाढ़ से क्षतिग्रस्त फसलों के लिए राहत राशि का वितरण किया। उन्होंने एक क्लिक के माध्यम से किसानों को 20 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।

 

मध्यप्रदेश सरकार साल 2025-26 तक 188 करोड़ 52 लाख रुपये आपदा प्रभावित लोगों को ट्रांसफर कर चुकी है। प्रदेश सरकार का कहना है कि इन दिनों मौसम असंतुलित हो गया है। इसलिए सरकार किसानों की हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार का मानना है कि किसानों की मुस्कान ही राज्य की ताकत है।

 

सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से कई जिलों के किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात की। उन्होंने किसानों से उनका हालचाल जाना और सरकार का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में मौसम की मार से परेशानी आई है। इस परेशानी का सरकार ने समाधान कर दिया है।

 

खेतों में किसान और सीमा पर जवान दोनों आंधी-तूफान और कष्टों के बीच अपनी मौजूदगी से, मेहनत से, जान की बाजी लगाकर देश के लोगों की सेवा करते हैं। प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा बारिश हुई और कहीं-कहीं कम बारिश भी हुई। इस असंतुलन की कीमत हमें थोड़ी-थोड़ी चुकानी पड़ रही है। सरकार हर परेशानी में किसान के साथ है। हमारी सरकार बाढ़ के दौरान भी जनता के बीच गई। सरकार किसानों के हर संकट में साथ खड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाजपा की कार्यशाला के दौरान अंतिम पंक्ति में दिखे पीएम मोदी

भाजपा की कार्यशाला के दौरान अंतिम पंक्ति में दिखे पीएम मोदी
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई है। इस बीच नई दिल्ली में भाजपा सांसदों की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन संसद परिसर में किया गया। इस कार्यशाला में भाजपा सांसदों को उपराष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में जानकारी दी गई। कार्यशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम कार्यकर्ता की तरह सबसे पीछे की सीट पर बैठे दिखाई दिए। कार्यशाला के दौरान जीएसटी सुधारों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन ने ‘एक्स’ पर पीएम मोदी की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें प्रधानमंत्री सबसे अंतिम पंक्ति में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा की कार्यशाला में पीयूष गोयल ने जीएसटी सुधार से जुड़ा धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद सांसदों ने जीएसटी सुधारों के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया। सांसदों ने जीएसटी सुधारों के लिए प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। दरअसल, जीएसटी में हुए सुधार से लोगों पर कर का बोझ कम होगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। भाजपा और उसके सहयोगी दलों को उम्मीद है कि इस कदम से उन्हें नवंबर में होने वाले बिहार चुनावों में बढ़त मिलेगी।

शिगेरु इशिबा ने क्यों छोड़ा प्रधानमंत्री पद

शिगेरु इशिबा ने क्यों छोड़ा प्रधानमंत्री पद
दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था- जापान में राजनीतिक संकट लगातार जारी है। इस बीच देश के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। इशिबा ने अपनी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को टूट से बचाने के लिए पीएम पद छोड़ने की बात कही। गौरतलब है कि पार्टी सोमवार को नेतृत्व के लिए चुनाव कराने की तैयारी कर चुकी थी। ऐसे में अगर इस चुनाव को मंजूरी मिल जाती तो इसे इशिबा के नेतृत्व पर अविश्वास के तौर पर देखा जाता और पार्टी में ही सर्वसम्मति का नेतृत्व न होने की वजह से फूट पड़ सकती थी।

जापान में प्रधानमंत्री चुने जाने की प्रक्रिया अन्य देशों के मुकाबले काफी जटिल है। इशिबा जिस लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं, उसने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अधिकतर वर्षों तक देश पर शासन किया है। हालांकि, पार्टी की अंदरूनी राजनीति के चलते प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बाद से देश में चार साल में लगातार चार पीएम बदल चुके हैं।

गौरतलब है कि जापान में पिछले साल ही प्रधानमंत्री पद के चुनाव हुए थे। इसमें शिगेरु इशिबा की एलडीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि, 465 सीट वाले संसद के निचले सदन- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए हुए चुनाव में इशिबा की पार्टी 233 सीटों के बहुमत से कुछ दूर रह गई। उसे 191 सीटें मिलीं। साथ ही उसकी गठबंधन की साथी पार्टी- कोमिएतो भी बहुमत तक पहुंचाने लायक सीटें नहीं ला पाई। जापान में यह 1955 के बाद पहली बार था, जब किसी भी दल को 200 सीटें नहीं मिलीं। हालांकि, इसके बावजूद इशिबा ने संसद में विश्वास मत के लिए हुई वोटिंग में 221 वोट हासिल कर लिए, जो कि बहुमत से महज 12 ही कम रहा। जापान की व्यवस्था के मुताबिक, उन्हें अल्पमत की सरकार में प्रधानमंत्री का पद मिला।

भारत में इतने बजे दिखेगा ‘ब्लड मून’ का नजारा

भारत में इतने बजे दिखेगा ‘ब्लड मून’ का नजारा

चद्रग्रहण भारत में 7-8 सितंबर को दिखाई देगा और कुल 3 घंटे 29 मिनट तक चलेगा। जानें सूतक काल की शुरुआत और समाप्ति का समय, अपने शहर में ग्रहण की सही टाइमिंग|

 

चंद्र ग्रहण का स्पर्श से मोक्ष काल का समय

चंद्र ग्रहण की शुरुआत- आज रात 09 बजकर 57 मिनट पर

खग्रास चंद्र ग्रहण- रात 11 बजकर 01 मिनट पर

चंद्र ग्रहण का मध्यकाल- रात 11 बजकर 42 मिनट पर

खग्रास चंद्र ग्रहण की समाप्ति- रात 01 बजकर 23 मिनट पर

चंद्र ग्रहण का समापन- मध्यरात्रि 01 बजकर 26 मिनट पर

घोंसले का वादा नहीं,पंख भी निकले कच्चे

घोंसले का वादा नहीं,पंख भी निकले कच्चे

रवि अवस्थी,भोपाल। वहीं,”चिड़िया अपने बच्चों को घोंसला नहीं, पंख देती है, जिससे वे ऊँचे आसमान में उड़ सकें।” यही नारा था ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’ का, जिसे विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लागू कर युवाओं को सपनों की उड़ान का भरोसा दिलाया गया। दावा था कि बेरोजगारों को कौशल प्रशिक्षण मिलेगा और 8 से 10 हजार रुपये मासिक वजीफा भी। लेकिन महज़ तीन साल में ही यह महत्वाकांक्षी योजना युवाओं के लिए ‘टूटी उड़ान’ साबित हो गई।

वादे बड़े, नतीजे छोटे

पिछले चुनाव में ‘लाड़ली बहना’ और ‘सीखो-कमाओ’ दोनों योजनाओं ने बीजेपी की सत्ता वापसी में अहम भूमिका निभाई। महिलाएँ लाड़ली बहना से और युवा सीखो-कमाओ से जुड़े। सत्ता बदलने के बाद भी लाड़ली बहना को तो सरकार ने सँभाला, लेकिन सीखो-कमाओ में उड़ान से पहले ही पंख काट दिए गए।

आज स्थिति यह है कि लाड़ली बहना योजना में हर महीने 1.25 करोड़ महिलाओं को 1600 करोड़ रुपये बांटे जा रहे हैं, जबकि सीखो-कमाओ के नाम पर दो साल में महज़ 65 करोड़ रुपये युवाओं तक पहुँचे।

बजट घटा, उम्मीद टूटी

शुरुआत में योजना का बजट 1000 करोड़ रखा गया। अगले साल यह घटकर 350 करोड़ और फिर डेढ़ सौ करोड़ पर आ गया। इसमें भी वित्त विभाग ने कैंची चला दी।

— पहले साल 1000 करोड़ में से सिर्फ 355 करोड़ मिले।

— दूसरे साल 350 करोड़ की जगह 240 करोड़ ही आवंटित हुए।

40% बजट भी खर्च न कर सके

तकनीकी कौशल विकास विभाग को जो भी बजट मिला, उसमें से 40% तक खर्च ही नहीं हुआ। तीन साल में महज़ 30-32 हजार युवाओं को स्टाइपेंड मिल पाया। विधानसभा में दिए गए आंकड़ों में भी भ्रम है—कहीं 65 करोड़ तो कहीं 72 करोड़ की राशि बताई गई।

पहले साल 23 हज़ार,अब सिर्फ 2 हज़ार हितग्राही
पहले साल साढ़े 9 लाख युवाओं ने पंजीयन कराया, जिनमें से 4 लाख ने ट्रेनिंग के लिए आवेदन दिया। लेकिन चयन प्रक्रिया ऐसी रही कि सिर्फ 23,174 युवाओं को ही मौका मिला। तीसरे साल यानी मौजूदा वर्ष में यह संख्या घटकर सिर्फ 2 हज़ार रह गई।

सेमिनार-वर्कशॉप पर भी ताला
शुरुआत में 89 लाख रुपये सेमिनार-वर्कशॉप पर खर्च हुए। अगले साल इस मद में एक रुपये तक नहीं खर्च हुआ। प्रशिक्षण सामग्री पर रखरखाव के लिए रखे 1.5 करोड़ रुपये भी पूरी तरह लेप्स हो गए।

बिजली कंपनियों को मुफ्त कामगार
योजना का फायदा सबसे ज्यादा बिजली कंपनियों ने उठाया। मौजूदा 2 हजार युवाओं में से अधिकांश वहीं लाइनमैन और तकनीकी कार्यों की ट्रेनिंग पा रहे हैं। जबकि ऑटोमोबाइल, एविएशन, फूड प्रोसेसिंग और केमिकल जैसे सेक्टर में जाने का सपना अधूरा रह गया।
रोजगार का कोई प्रावधान ही नहीं
विधानसभा में कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने खुद माना कि यह केवल प्रशिक्षण योजना है, रोजगार देने का कोई प्रावधान इसमें नहीं है। अब तक ट्रेनिंग पाए युवाओं में से मात्र 275 को रोजगार मिला—यानी 0.3%। यह स्थिति ‘ऊँट के मुँह में जीरा’ जैसी है।

32 जिलों में कोई ट्रेनिंग नहीं
हाल ही की समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि प्रदेश के 32 जिलों में अब तक प्रशिक्षण की कोई व्यवस्था ही नहीं हो पाई। इनमें मंदसौर, नीमच, दमोह, रीवा, शहडोल, रतलाम, विदिशा जैसे बड़े जिले भी शामिल हैं। इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे महानगरों में भी योजना का प्रदर्शन नगण्य रहा।

नेशनल अप्रेंटिसशिप में भी फिसड्डी
केंद्र की नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) में भी प्रदेश पिछड़ गया। यहाँ 81 हजार संभावित वैकेंसी थीं, लेकिन ट्रेनिंग सिर्फ 20,485 युवाओं को मिली और नौकरी मिली महज़ 1,147 को।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आईटी रिसोर्स सेंटर, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और कन्या छात्रावास का किया भूमिपूजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आईटी रिसोर्स सेंटर, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और कन्या छात्रावास का किया भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के बदलते दौर में सभी विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए दुनिया में मिसाल कायम कर रहे हैं। वे दिन गए जब भारत किसी बड़े देश के पीछे चलकर पहचान बनाता था। हमें गर्व है कि आज भारत किसी पर निर्भर नहीं है। भारत के बदलते समय का विश्वविद्यालय के छात्र पूरा उपयोग करें। हमारे युवा बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए देश को आगे ले जाने का सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए परिश्रम करें। राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ है। हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार हर संभव सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में सभी नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरंभ करने और विद्यार्थियों को आवागमन के लिए नि:शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में 55 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले आईटी रिसोर्स सेंटर, स्टूडियो, कन्वेंशन हॉल और इंक्यूबेशन सेंटर तथा एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट व कन्या छात्रावास का भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम उषा परियोजना के भूमिपूजन और दीक्षारंभ कार्यक्रम में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष एवं सरस्वती माता को नमन करते हुए अपना संबोधन आरंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के सभी क्षेत्रों को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। भोपाल में मेट्रो की शुरुआत होने वाली है। इसके साथ भोपाल के पास मेट्रो और अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण के लिए बीईएमएल की इकाई का भूमि-पूजन हो चुका है। भारतीय रेल के हाईस्पीड कोच भी इस कारखाने में बनाए जाएंगे। भोपाल को पर्यटन के क्षेत्र में भी एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। अब बड़ी झील में कश्मीर की तर्ज पर शिकारे चलाए जाएंगे। भोपाल से इंदौर, जबलपुर और रीवा के लिए नए ग्रीन फील्ड हाइवे तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्रा का निर्माण हो रहा है। हमारे किसानों द्वारा उत्पादित कपास की मांग दुनिया में है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट के नए उद्योग शुरू हों, इसके लिए दिल्ली में निवेशकों और उद्योग घरानों को आज चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। भविष्य में मध्यप्रदेश के युवा फैशन डिजाइनिंग और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में अग्रणी बनें, इसके लिए राज्य सरकार निश्चित कार्ययोजना बना रही है।

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बदलाव का बीड़ा उठाया है। पूर्व में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस विजन से कार्य किया, उसके सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हैं। प्रदेश में गरीब और पिछड़े छात्रों के लिए सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए जा रहे हैं। भविष्य में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो बड़े निर्णय किए हैं। इसके अंतर्गत अब डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और प्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालयों में देश की विभिन्न भाषाओं को क्रेडिट के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाया जाना शामिल है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रही यह अभिनव पहल पूरे देश को संदेश देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दोनों नवाचारों के लिए हमें निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में नवाचार करते हुए देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने बताया कि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के नए विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह भी हो रहा है। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, कुलगुरु प्रो.एस.के जैन सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

उल्लेखनीय है कि पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) का उद्देश्य उच्च शिक्षा की उत्कृष्टता में सुधार लाना है। इस योजना में राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए 565 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत 55 करोड़ रूपए की लागत के कार्य होंगे।

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