सेना-NDRF राहत में जुटी, कई शहरों में स्कूल बंद

सेना-NDRF राहत में जुटी, कई शहरों में स्कूल बंद
सितंबर में बारिश और मौसमी दशाओं को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी सच साबित होती दिख रही है। उत्तर भारत में सितंबर की शुरुआत भीगी-भीगी रही है। यहां राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बीते दो दिनों से बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दूसरी तरफ उत्तर भारत के कुछ और राज्यों में भी स्थितियां बिगड़ी हैं। मौसम विभाग इन क्षेत्रों में बारिश को लेकर रेड और यलो अलर्ट जारी कर रहा है।

मौसम विभाग ने उत्तर भारत में और बारिश की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है। IMD द्वारा जारी चेतावनियों के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में फिर से भारी बारिश का अनुमान है। नोएडा और गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज और बारिश होने की संभावना है।

उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत

उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन” अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है।

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग निर्माण की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग, लंबाई 48.10 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर एवं दोनों ओर दो लेन सर्विस रोड सहित, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) योजनांतर्गत निर्माण कार्य के लिए भू-अर्जन सहित कुल राशि 2 हजार 935 करोड़ 15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को “हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल” पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गयी परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 02 फ्लाई ओवर, 01 आर.ओ.बी., 07 मध्यम पुल एवं 02 वृहद जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।

उज्जैन मे नवीन रेलवे ओवर ब्रिज की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिहंस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 4 लेन और हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति सिहंस्थ मद अंतर्गत प्रदान की गई।

नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग कुल लंबाई 72.18 किलोमीटर के दो लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण के लिये “हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM)” योजनांतर्गत भू-अर्जन सहित राशि 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत 2 अंडर पास, 4 बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद जंक्शन एवं 52 मध्यम निर्माण कार्य किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त जंक्शन सुधार, सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग और रोड फर्नीचर का कार्य भी किया जायेगा। मार्ग निर्माण और संधारण की कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के सामूहिक गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम की 125वीं कड़ी में प्रदेश की खेल उपलब्धियों का दो बार उल्लेख करने पर प्रधानमंत्री का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्रीनगर की डल झील में हुए पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मध्यप्रदेश को सबसे ज्यादा मैडल जीतेने पर बधाई दी। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने शहडोल जिले के फुटबॉल के क्रेज से जुड़े एक गांव का उल्लेख करते हुए जर्मनी के खिलाड़ी एवं फुटबॉल कोच डिडमार बायर्स डार्फर द्वारा शहडोल के कुछ खिलाड़ियों को जर्मनी की एकेडमी में ट्रेनिंग की पेशकश देने के संबंध में बताया। प्रधानमंत्री श्री मोदी फुटबॉल प्रेमियों से कहा कि जब भी अवसर मिले, वे शहडोल जरूर जायें और वहां हो रहे स्पोर्टिंग रेवेल्यूशन को करीब से देखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिये गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने इस महत्वूपर्ण कार्यक्रम में समय-समय पर मध्यप्रदेश से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में संपन्न टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे ग्वालियर, चंबल के साथ सागर संभाग में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विषय विशेष पर निवेश प्रोत्साहन के लिए हो रही समिट का प्रदेश को लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में 11 से 13 अक्टूबर की अवधि में भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 सितम्बर को नई दिल्ली में “इन्वेस्टमेन्ट अपॉर्च्यूनिटीज इन पीएम मित्रा भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदनावर धार में 2158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 2000 करोड़ रूपए से अधिक की अनुमानित लागत से विकसित हो रहे टेक्सटाइल हब-पीएम मित्रा पार्क से पश्चिम मध्यप्रदेश में मेट्रोपॉलिटन एरिया विकास के स्वप्न को साकार करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वस्त्र उद्योग पर केंद्रित पीएम मित्रा पार्क के विकास को विशेष महत्व दिया है। पार्क में भूमि आवंटन के लिए आवेदन 22 अगस्त से 11 सितम्बर 2025 तक खुले रहेंगे। मात्र 1 रूपये प्रति वर्ग मीटर-प्रीमियम तथा 120 रुपये प्रति वर्ग फ़ीट विकास शुल्क पर भूमि आवंटन किया जा रहा है, जो देश में समस्त पीएम मित्रा पार्कों में सबसे कम है। यह पार्क लगभग तीन लाख नौकरियों का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप के संबंध में बताया कि वैदिक घड़ी भारतीय पंचांग और कालगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है। इसे 189 से अधिक भाषाओं में देखा जा सकेगा। साथ ही पंचांग तिथि, नक्षत्र योग आदि की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के मोबाइल ऐप में व्रत एवं त्यौहारों की दुर्लभ जानकारियां समाहित की गई हैं। धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी एवं अलार्म की सुविधा भी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि पर मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्य सचिव जैन का दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, उनकी पहल और नवाचार प्रदेश की विकास यात्रा में निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करते रहेंगे, ऐसी कामना है। मुख्य सचिव जैन ने मंत्रि-परिषद का आभार माना।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित किए जाने पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि यह पहल भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और चंद्रमा की स्थिति जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मानक समय का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव है। इस अनूठी घड़ी के साथ मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और विश्वभर के 7000 से अधिक स्थानों के लिए समय व पंचांग की जानकारी देता है।

मंत्रियों ने कहा कि उज्जैन की वैदिक और सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित यह घड़ी मुख्यमंत्री निवास में स्थापित होना गर्व की बात है। यह पहल प्रदेश की गौरवशाली धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ युवाओं को वैदिक विज्ञान और गणना प्रणाली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

इस अवसर पर परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार सहित अन्य मंत्री शामिल थे।

पूर्व सीएम केसीआर की बेटी कविता पार्टी से निलंबित

पूर्व सीएम केसीआर की बेटी कविता पार्टी से निलंबित
तेलंगाना की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने अपनी एमएलसी और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी के. कविता को पार्टी से निलंबित कर दिया है। बीआरएस ने कहा कि हाल के दिनों में कविता के व्यवहार और उनकी गतिविधियां पार्टी के हितों के खिलाफ रही हैं। उन पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ में शामिल होने और संगठन को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। बीआरएस ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर राव ने एमएलसी कविता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया है।

कविता को पार्टी से ऐसे समय में बर्खास्त किया गया है, जब बीआरएस पहले से ही अंदरूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। बर्खास्तगी से एक दिन पहले कविता ने उस समय पार्टी के भीतर तूफान खड़ा कर दिया था, जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर केसीआर की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव और पूर्व सांसद मेघा कृष्णा रेड्डी पर उनके पिता पर ‘भ्रष्टाचार का ठप्पा’ लगाने का आरोप लगाया और दावा किया कि हरीश राव और संतोष कुमार ने उन्हें हाशिये पर धकेलने की साजिश रची।

22 अगस्त को कविता जब विदेश थीं, तब उन्हें अचानक तेलंगाना तेलंगाना बोग्गु घानी कर्मिका संघम (टीबीजीकेएस) की मानद अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उन्होंने इसे एक साजिश बताया था और कहा था कि यह कदम पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। कविता ने आरोप लगाया था कि टीबीजीकेएस के लिए चुनाव उनकी बिना जानकारी के पार्टी दफ्तर में हुआ और यह श्रम कानूनों का उल्लंघन भी हो सकता है। उन्होंने कहा, मैंने केवल पार्टी के अंदरूनी कामकाज पर सवाल उठाया, इसी बात की मुझे सजा दी जा रही है। उन्होंने इसके लिए पार्टी के कुछ लोगों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

‘पापा आपको भाजपा के खिलाफ सख्त रुख अपनाना चाहिए’
उन्होंने यह भी बताया कि बीआरएस की बैठक के बाद जो पत्र उन्होंने अपने पिता और पार्टी अध्यक्ष को लिखा था, उसका लीक होना उनके खिलाफ माहौल बनने की वजह बना। उस पत्र में कविता ने लिखा था, आप (केसीआर) ने केवल दो मिनट बोला और उसी से कुछ लोग यह अटकलबाजी करने लगे कि भविष्य में भाजपा से गठबंधन होगा। मुझे भी व्यक्तिगत रूप से लगा कि आपको भाजपा के खिलाफ और तीखा बोलना चाहिए था। शायद इसलिए क्योंकि मुझे भाजपा की वजह से ही कष्ट झेलना पड़ा। लेकिन पापा, आपको और सख्त रुख अपनाना चाहिए था।

‘पत्र लीक की जांच के बजाय मेरे खिलाफ कार्रवाई की’
उन्होंने सार्वजनिक रूप से पूछा कि यह पत्र किसने लीक किया। कविता ने पार्टी के भीतर ही कुछ लोगों पर संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया। कविता ने कहा, मैंने सैकड़ों पत्र लिखे हैं, इसमें गलत क्या है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्र लीक की जांच करने के बजाय पार्टी नेतृत्व ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास झूठी जानकारियां पहुंचाई गईं जो केसीआर के नाम से थीं। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि बीआरएस को भाजपा में मिलाने की कोशिशें हो रही हैं, जिसका उन्होंने जेल में रहते हुए भी विरोध किया था।

भारत का पहला स्वदेशी स्पेस प्रोसेसर ‘विक्रम 3201’ लॉन्च

भारत का पहला स्वदेशी स्पेस प्रोसेसर ‘विक्रम 3201’ लॉन्च
सेमिकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ‘विक्रम 3201’ पेश किया। इसे भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है। इस प्रोसेसर को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और चंडीगढ़ स्थित सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी (SCL) के सहयोग से तैयार किया गया है।

क्यों खास है विक्रम 3201?
यह एक 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर है, जिसे खासतौर पर अंतरिक्ष मिशनों की कठोर परिस्थितियों में काम करने के लिए बनाया गया है। इसकी –55 डिग्री सेल्सियस से लेकर +125 डिग्री सेल्सियस तक तापमान झेलने की क्षमता इसे बेहद मजबूत बनाती है। इसका काम रॉकेट और लॉन्च व्हीकल्स में नेविगेशन, कंट्रोल और मिशन मैनेजमेंट को संभालना है। इसे मिलिट्री-ग्रेड स्टैंडर्ड्स के हिसाब से तैयार किया गया है ताकि यह रेडिएशन और वाइब्रेशन जैसी कठिन परिस्थितियों में भी काम करता रहे।

इससे पहले इसरो 2009 से ‘विक्रम 1601’ (16-बिट प्रोसेसर) का इस्तेमाल कर रहा था। अब ‘विक्रम 3201’ न सिर्फ 32-बिट आर्किटेक्चर लाता है, बल्कि इसमें 64-बिट फ्लोटिंग-प्वाइंट ऑपरेशन, Ada प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का सपोर्ट और बेहतर कम्युनिकेशन के लिए ऑन-चिप 1553B बस इंटरफेस जैसे कई बड़े अपग्रेड शामिल हैं। इसे SCL की चंडीगढ़ यूनिट में 180-नैनोमीटर CMOS तकनीक से बनाया गया है, जो एयरोस्पेस एप्लिकेशंस के लिए भरोसेमंद है।

पहले ही हो चुका है स्पेस टेस्ट
‘विक्रम 3201’ को पहले ही PSLV-C60 मिशन में टेस्ट किया जा चुका है। इसने PSLV Orbital Experimental Module (POEM-4) के मिशन मैनेजमेंट कंप्यूटर को सफलतापूर्वक संचालित किया। इस सफलता के बाद इसरो अब इसे अपने आगामी लॉन्च व्हीकल्स में व्यापक रूप से अपनाने जा रहा है।

इसरो ने इसी साल मार्च 2025 में ‘विक्रम 3201’ के साथ ‘कल्पना 3201’ नाम का दूसरा प्रोसेसर भी लॉन्च किया था। यह 32-बिट SPARC V8 RISC आर्किटेक्चर पर आधारित है और ओपन-सोर्स टूलचेन को सपोर्ट करता है। इसके अलावा इसरो ने चार और स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी पेश किए हैं, जिनमें दो Reconfigurable Data Acquisition Systems, एक Relay Driver IC और एक Multi-Channel Low Drop-out Regulator IC शामिल हैं। ये सभी उपकरण भारत की आयात निर्भरता कम करेंगे।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
स्पेस-ग्रेड प्रोसेसर आमतौर पर बाजार में उपलब्ध नहीं होते और इन्हें विदेशों से आयात करना पड़ता है। ‘विक्रम 3201’ के साथ भारत ने इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। इससे सप्लाई चेन बाधाओं और आयात निर्भरता में कमी आएगी। इसरो ने इसके लिए पूरा सॉफ्टवेयर ईकोसिस्टम भी तैयार किया है, जिसमें एडीए कंपाइलर, असेंबलर, लिंकर्स, सिमुलेटर और डेवलपमेंट एनवायरनमेंट शामिल हैं। ईसरो के मुताबिक, जल्द ही C कंपाइलर भी तैयार किया जाएगा।

सेमिकॉन सम्मेलन में सेमीकंडक्टर पर फोकस
तीन दिन चलने वाले सेमिकॉन इंडिया सम्मेलन में प्रोसेसर लॉन्च के साथ ही सरकार ने बताया कि देश में 5 नए सेमीकंडक्टर यूनिट्स का निर्माण हो रहा है। डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान बनाने की ओर बढ़ रहा है।

अफगानिस्तान में भूकंप से मरने वालों का आंकड़ा 1400 के पार, 3000 घायल

अफगानिस्तान में भूकंप से मरने वालों का आंकड़ा 1400 के पार, 3000 घायल
अफगानिस्तान के पूर्वी इलाके में आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 1400 के पार पहुंच गया है। मंगलवार को तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में अब तक करीब 3,000 लोग घायल हुए हैं, और राहत टीमें मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं।

अफगानिस्तान के पूर्वी इलाके में आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 1400 के पार पहुंच गया है। मंगलवार को तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में अब तक करीब 3,000 लोग घायल हुए हैं, और राहत टीमें मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में भूकंप के कारण भूस्खलन हुआ जिससे सड़कें बंद हो गई थीं। हालांकि अब कई सड़कों को फिर से खोल दिया गया है और बाकी रास्तों को भी जल्द खोलने की कोशिश की जा रही है, ताकि उन इलाकों तक पहुंचा जा सके जहां जाना अब भी मुश्किल है।

भूकंप से कितने बिगड़े हैं हालात?
अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भूकंप नंगरहार प्रांत के करीब कुनार प्रांत के शहरों और पड़ोसी नंगरहार प्रांत के जलालाबाद शहर में आया, जिससे भारी नुकसान हुआ। इसके बाद भी इलाके में कई झटके आए। सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर प्रसारित वीडियो फुटेज में बचावकर्मी घायल लोगों को ढही हुई इमारतों से स्ट्रेचर पर उठाकर हेलीकॉप्टर्स में ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कई लोग अपने हाथों से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं। ज्यादातर लोग कुनार प्रांत में हताहत हुए हैं।

अफगानिस्तान में क्यों लगातार भूकंप आते हैं?
अफगानिस्तान में लगातार भूकंपों के लिए इसकी भौगोलिक स्थिति सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। दरअसल, अफगानिस्तान ठीक उस जगह पर स्थित हैं, जहां दो सक्रिय प्लेट्स- इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट मिलती हैं। यह दोनों प्लेट्स आपस में काफी टकराती हैं, जिससे क्षेत्र में भूकंप की स्थिति बनी रहती है।

उमर खालिद और शरजील इमाम को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

उमर खालिद और शरजील इमाम को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2020 में हुए दंगों से जुड़ी कथित साजिश के मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद, शरजील इमाम सहित कई अन्य आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया।

जमानत याचिका खारिज
मंगलवार को न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शैलिंदर कौर की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। अदालत ने उमर खालिद, शरजील इमाम, मोहम्मद सलीम खान, शिफा उर रहमान, अतहर खान, मीरान हैदर, अब्दुल खालिद सैफी और गुलफिशा फातिमा की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

आठों आरोपियों को राहत नहीं
अदालत में सुनवाई के दौरान उमर खालिद और अन्य की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। बचाव पक्ष ने साफ किया है कि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

सुप्रीम कोर्ट में अपील की तैयारी
गौरतलब है कि फरवरी 2020 में दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की थी। इस हिंसा के पीछे साजिश रचने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद और शरजील इमाम को मास्टरमाइंड बताया था। पुलिस ने इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था।

लाडली बहनों को झटका! 1.70 लाख महिलाएं अपात्र घोषित

लाडली बहनों को झटका! 1.70 लाख महिलाएं अपात्र घोषित
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। अकेले सांगली जिले में इस योजना के तहत कुल 7 लाख 35 हजार 944 महिलाएं लाभ ले रही थीं। लेकिन अब तक की जांच में 1 लाख 70 हजार 729 लाभार्थी अपात्र पाई गयीं हैं। जिसके बाद इन सभी का लाभ तुरंत बंद किया जा रहा है। इससे सरकारी खजाने से हर महीने लगभग 25 करोड़ 60 लाख 93 हजार रुपये की बचत होगी।

लाडकी बहीन योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) के लिए राज्यभर में 2 करोड़ 63 लाख महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिनमें से करीब 2 करोड़ 41 लाख पात्र थीं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद बचे 11 लाख आवेदनों की जांच करने पर 7 लाख 76 हजार आवेदन अपात्र पाए गए। जून में सरकार ने इस योजना की गहन समीक्षा करने का फैसला किया। महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा सभी विभागों से जानकारी मंगवाई गई और फिर बोगस लाभार्थियों और फर्जीवाड़ा कर लाभ लेने की बात पता चली। इसके बाद सरकार ने करोड़ों लाडली बहनों की गहन छानबीन शुरू की।

लाडली बहना योजना (लाडकी बहीण योजना) की अकेले सांगली जिले में कुल 7,35,944 लाभार्थी थीं। इनमें से 1,70,729 लाडली बहनों को सरकारी नौकरी, चारपहिया वाहन होने या एक ही परिवार में दो से अधिक लाभार्थी होने जैसे कारणों से अपात्र ठहराया गया है। इन सभी लाभार्थियों को अब योजना से बाहर कर दिया गया है।

इसके बाद प्रशासन ने जिला परिषद में सरकारी नौकरी में होने के बावजूद लाडकी बहीन योजना का पैसा ले रही 10 महिला कर्मचारियों की पहचान की। न सिर्फ उनकी किस्तें बंद की गईं, बल्कि इनसे यह राशि वसूल की जाएगी। इसके साथ ही सिविल सेवा अधिनियम के अनुसार उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की गई है।

महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अनुसार, सांगली जिले में 7 लाख 35 हजार 944 लाडली बहनों का सत्यापन सीधे उनके पते पर जाकर किया जा रहा है। अब तक लगभग 80 फीसदी लाभार्थियों की घर-घर जाकर जांच पूरी कर ली गई है। बाकी की जांच अभी जारी है। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ सिर्फ पात्र और जरूरतमंद महिलाओं को ही मिलेगा, ताकि असली लाभार्थियों तक ही यह मदद पहुंच सके।

बिना स्पॉन्सर वाली जर्सी पहन टीम इंडिया को खेलना पड़ेगा एशिया कप

बिना स्पॉन्सर वाली जर्सी पहन टीम इंडिया को खेलना पड़ेगा एशिया कप
एशिया कप 2025 के शुरुआती मैचों में भारतीय टीम बिना किसी स्पॉन्सर के लोगो वाली जर्सी पहनकर खेल सकती है। मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नए स्पॉन्सर की तलाश के लिए आवेदन भेजा है, जिसमें इंट्रेस्ट दर्ज कराने की आखिरी तारीफ 12 सितंबर है। इसके लिए 5 लाख रुपए भी जमा करने होंगे। 16 सितंबर 2025 या उसके बाद कभी भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड नए स्पॉन्सर का ऐलान कर सकता है। इसके पहले भारतीय टीम को 2 मैच खेलने होंगे।

10 सितंबर को पहला मैच
टीम इंडिया एशिया कप 2025 में अपने अभियान का आगाज 10 सितंबर को करेगी। इसके बाद 14 सितंबर को उनका दूसरा मुकाबला होगा। भारतीय टीम पहले यूएई और फिर पाकिस्तान से भिड़ेगी। यानी दोनों शुरुआती मुकाबलों में भारतीय टीम की जर्सी पर किसी भी स्पॉन्सर का लोगो नहीं होगा। इसकी वजह ये है कि बोर्ड ने खुद ऐलान किया है कि ब्रैंड्स 12 सितंबर तक अपना इंट्रेस दर्ज कराएंगी और 16 सितंबर को मुख्य प्रायोजक का ऐलान होगा। ऐसे में ओमान के ओमान के खिलाफ टीम इंडिया स्पॉन्सर वाली जर्सी पहनकर मैदान पर उतर सकती है।

इससे पहले फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी ड्रीम11 के साथ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का नाता खत्म हो गया था। नए कानून के तहत बीसीसीआई के लिए ड्रीम11 या किसी अन्य गेमिंग कंपनी के साथ करार जारी रखना मुश्किल है। जुलाई 2023 में ड्रीम11 ने बायजू (Byju’s) की जगह भारतीय क्रिकेट टीम के लीड स्पॉन्सर के रूप में तीन साल का करार किया था। यह करार 358 करोड़ रुपये में हुआ था। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में ड्रीम11 की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। वीवो के हटने के बाद साल 2020 में यह लीड स्पॉन्सर था। अब आईपीएल को भी नया स्पॉन्सर मिलेगा।

nmms-scholarship-2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

0
नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
akshara goswami

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

0
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
poshan-tracker-pmmvy-grievance-redressal-2026

POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

0
नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...