एमपी के तीन लाख शिक्षक नये नियम के दायरे में – सुप्रीम कोर्ट

एमपी के तीन लाख शिक्षक नये नियम के दायरे में – सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को लेकर नये नियम का फैसला सुना दिया है। जिसके बाद अकेले एमपी में तीन लाख शिक्षकों की चिंता बढा़ दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि जिनकी सेवा अवधि पांच साल से ज्यादा बाकी है, उन्हें दो साल में TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की परीक्षा पास करनी होगी। अगर इस नियम को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो इनके प्रमोशन से लेकर नौकरी तक का अधिकार संकट में पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का सबसे ज्यादा असर भी मध्य प्रदेश के शिक्षकों पर पड़ेगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए ये निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि इससे पहले नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने शिक्षकों को TET परीक्षा पास करने के लिए पांच साल का समय दिया था। इसे बाद में 4 साल के लिए और बढ़ाया गया था। NCTE के इस निर्णय के खिलाफ उम्मीद्वारों ने कोर्ट का रुख किया था।

एमपी के शिक्षकों पर क्यों लटकी तलवार?
1984-1990 तक एमपी में शिक्षकों की भर्ती (Teachers Appointment) मिनी पीएससी के माध्यम से की जाती थी। बाद में इनकी नियुक्ति का अधिकार नगर निगम और पंचायतों को मिल गया। इस प्रक्रिया के तहत नियुक्त किए गए शिक्षकों को तब शिक्षाकर्मी कहा जाने लगा। वहीं 2018 में इनका संविलियन अध्यापकों के रूप में हुआ। लेकिन इनमें से किसी ने भी टेट पात्रता परीक्षा पास नहीं की है। 2018 के बाद से प्रदेशभर के शिक्षकों की भर्ती कर्मचारी चयन मंडल कर रहा है। इस नियुक्ति के तहत ही TET परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया।

मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत “वंदे-मातरम” एवं राष्ट्र-गान “जन-गण-मन” का सामूहिक गायन

मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत “वंदे-मातरम” एवं राष्ट्र-गान “जन-गण-मन” का सामूहिक गायन
सितम्बर माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस सोमवार को मंत्रालय वल्लभ भवन क्रं. 1 के कक्ष क्रं 506 में राष्ट्र-गीत “वंदे-मातरम” एवं राष्ट्र-गान “जन-गण-मन” का सामूहिक गायन हुआ। वंदेमातरम गायन में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, संजय कुमार शुक्ल, दीपाली रस्तोगी सहित मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और ऐप का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और ऐप का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतवर्ष ने अपने ज्ञान से सम्पूर्ण ब्रह्मांड को अलौकिक किया है। कालगणना की पद्धति 300 साल पहले तक हमारे देश से दुनिया तक जाती थी। भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पहलु प्रकृति और विज्ञान का ऐसा विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है। इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परम्परा का गौरवपूर्ण प्रतीक है। इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित किया जा रहा है। विरासत-विकास-प्रकृति और तकनीक के संतुलन का प्रकटीकरण विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

राजा भोज पर यूट्यूब सीरीज के फोल्डर और खगोल विज्ञान पर फिल्म सीडी का किया विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास के नवनिर्मित द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मंत्रोच्चार के बीच अनावरण किया। इस अवसर पर शौर्य स्मारक से आरंभ हुई ‘भारत का समय-पृथ्वी का समय’ रैली मुख्यमंत्री निवास पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में शामिल युवाओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप का लोकार्पण, राजा भोज पर निर्मित यू-ट्यूब सीरीज के फोल्डर का विमोचन और खगोल विज्ञान पर केन्द्रित फिल्म की सीडी का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक घड़ी के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आहवान किया और उपस्थित युवाओं से मोबाइल में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप भी डाउनलोड करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर वैदिक घड़ी भेंट की गई।

भारतीय कालगणना में ऋतुओं के प्रभाव का विशेष महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सनातन संस्कृति के व्रत, त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर नहीं आते, उनकी गणना में ऋतुओं का प्रभाव शामिल है। सावन-भादो-कार्तिक माह का प्रभाव हम सब अपने जीवन में अनुभव कर रहे हैं। पूर्णिमा और अमावस्या का समुद्र पर प्रभाव ज्वार-भाटा से आंका जा सकता है, इससे हमारी तिथियों की सत्यता भी प्रमाणित होती है। मानसिक रोगियों पर अमावस्या और पूर्णिमा का प्रभाव चिकित्सा शास्त्र भी स्वीकार करता है। मानव शरीर संरचना में 70 प्रतिशत जल का अंश है, जो अमावस्या और पूर्णिमा पर प्रभावित होता है। इसी का परिणाम है कि मानसिक चिकित्सालयों को अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष सतर्कता बरतने के स्थाई निर्देश हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में समय की गणना सूक्ष्मतम स्तर तक की गई है। सनातन संस्कृति में सूर्योदय से सूर्योदय तक की गणना का विधान है। इस प्राचीन गणना में 30 मुहूर्त हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में विभिन्न सिद्धांतों पर विचार-विमर्श के लिए कोई बंधन या दंड नहीं है, जबकि कालगणना पर वैचारिक मतभेद के कारण मृत्युदंड देने का उद्धरण पश्चिम के इतिहास में मिलता है।

पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का हैं जीवंत उदाहरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खगोलीय अध्ययन के लिए सूर्य से बनने वाली छाया के आधार पर सूर्य की गति की गणना की गई। उन्होंने बताया कि भारत का केन्द्र उज्जैन है और उज्जैन का केन्द्र वर्तमान में डोंगला में स्थित है। डोंगला का प्रसंग भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा से जुड़ता है। संभवत: डोंगला के इस महत्व से ही भगवान श्रीकृष्ण का आगमन हुआ था। पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का जीवंत उदाहरण हैं। पंचांग के विद्वान चंद्रग्रहण, सूर्यग्रहण, तिथि, नक्षत्र, वार, व्रत, त्यौहार और मुहूर्तों की जानकारी वर्तमान में भी त्वरित रूप से उपलब्ध कराते हैं।

प्रदेशवासियों द्वारा दिया गया अधिकार और लोगों का भरोसा ही हमारी सरकार का आधार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास के द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री निवास केवल मुख्यमंत्री का नहीं, अपितु सभी प्रदेशवासियों की धरोहर है। प्रदेशवासियों द्वारा दिया गया अधिकार और लोगों का भरोसा ही हमारी सरकार का आधार है। भारतीय संस्कृति के अतीत के गौरवशाली पृष्ठों का प्रकटीकरण हमारा दायित्व है। इसी का परिणाम है कि हमारी कालगणना का केन्द्र उज्जैन है, परंतु कालगणना की पद्धति की जानकारी प्रदेश की राजधानी में हो, इसके लिए प्रयास करते हुए विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना भोपाल में की गई। भारतीय कालगणना की पद्धति की जानकारी का वैश्विक रूप से भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिक घड़ी के ऐप के माध्यम से हम अपने मोबाइल में वैदिक घड़ी का संचालन कर सकते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा और संस्कृति विभाग के इस आयोजन में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम आजादी के अमृतकाल में चल रहे हैं। पूरी दुनिया का समय बदल रहा है, पश्चिम के बाद अब पूर्व का समय आया है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए हैं प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दृष्टिकोण को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्हीं के प्रयासों से वर्ष 2014 में दुनिया के अंदर यूनेस्को के माध्यम से योग को पुनर्स्थापित किया गया। भारत का ज्ञान, कौशल और विशेषता केवल भारत के लिए नहीं है, यह समूची मानवता के लिए है। भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए इस भाव से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम निरंतर सक्रिय और अग्रसर हैं।

सुशासन के उच्चतम मापदंडों के आधार पर वर्तमान व्यवस्थाओं का हो रहा है संचालन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन के आधार पर ही विक्रमादित्य काल वर्तमान समय तक याद किया जाता है। सुशासन के इन्हीं उच्चतम मापदंडों के आधार पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्तमान में व्यवस्थाओं का संचालन हो रहा है। उनके प्रत्येक निर्णय से देश गौरवान्वित होता है। प्रधानमंत्री मोदी हर परिस्थिति में हमारे वैज्ञानिकों, सैनिकों, किसानों सहित देश के लिए समर्पित प्रत्येक व्यक्ति के साथ हैं।

सनातन संस्कृति को सहेजने की पहल सराहनीय और वंदनीय
खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि उस राष्ट्र का भविष्य ही सुरक्षित रहता है, जो अपने अतीत और संस्कृति को प्रतिबद्धता के साथ आत्मसात करता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन की ध्वजा चहुंओर लहरा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले लगभग दो वर्षों में विकास और जनकल्याण के साथ सनातन संस्कृति को सहेजने की जो पहल की है, वह सराहनीय और वंदनीय है। कार्यक्रम को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, वैदिक घड़ी के अन्वेषणकर्ता आरोह श्रीवास्तव, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे और महर्षि सांदीपनि विश्वविद्यालय के कुलगुरू पंडित शिवशंकर मिश्र ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, भोपाल महापौर मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम किशन सूर्यवंशी, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरू और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

Avengers Doomsday का ट्रेलर लीक

Avengers Doomsday का ट्रेलर लीक
एवेंजर्स सीरीज का दर्शकों को कितना इंतजार रहता है यह तो हम सभी जानते हैं। इसकी आने वाली हर फिल्म को दर्शक बहुत पसंद करते हैं। अब फैंस को एवेंजर्स डूम्सडे का इंतजार है। कुछ समय पहले ही फिल्म के रिलीज को लेकर अपडेट दिया गया था।

फैंस बेसब्री से हॉलीवुड की इस मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। जब इसकी अनाउंसमेंट की गई थी उसके बाद से लगातार फैंस इसके बारे में सब कुछ जान लेना चाहते हैं। हालांकि अब रिलीज से पहले मेकर्स को एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल सोशल मीडिया पर इस फिल्म का एक ट्रेलर लीक हो गया है।

क्या सच में लीक हुआ ट्रेलर
जो ऑडियो क्लिप सामने आई है उसमें हीरोज के डायलॉग सुनाई दे रहे हैं। लव एंड थंडर के सुपरहीरो थोर कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि “हम एक साथ मिलकर अब तक की सबसे महान टीम बन सकते हैं।” इसके बाद कैप्टन अमेरिका ने कहा कि “अगर हम एक दूसरे में अच्छाई नहीं देख सकते तो हम पहले ही लड़ाई हार चुके हैं।” इसके बाद ब्लैक एंथर की शूरी का डायलॉग है वह कह रहे हैं “हड़ताल करने का समय आ गया है।”

आगे एंट मैन का डायलॉग है “क्या मैं वहां मौजूद रहूंगा जब एवेंजर्स को मेरी जरूरत होगी? बिल्कुल।” येलेना का डायलॉग है “अब से हम साथ रहेंगे।” लोकी ने कहा “किसी चीज को जमीन पर गिराना आसान नहीं है। जो टूटा है उसे ठीक करना मुश्किल है।” सोशल मीडिया पर यह क्लिप जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि आने वाली फिल्म का क्लिप है।

पीएम मोदी की ‘मन की बात’ से ‘हर महीने मिलती है नई ऊर्जा’ – सीएम साय

पीएम मोदी की ‘मन की बात’ से ‘हर महीने मिलती है नई ऊर्जा’ – सीएम साय
नवा रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद उद्योग एवं व्यापार परिसर के कन्वेंशन सेंटर में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी का सामूहिक प्रसारण आयोजित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित राज्य सरकार के कई मंत्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद सीएम साय ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मकता और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान देशवासियों की एकजुटता और सहयोग को भारत की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में दिखाई देने वाली एकता भारतीय संस्कृति की पहचान है। इसके साथ ही, पीएम ने खेलों के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की, क्योंकि खेल न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करते हैं।

‘मन की बात’ हर महीने प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ हर महीने प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने हाल की जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में हुए सहयोग से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। साय ने इस कार्यक्रम को समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए पीएम मोदी के संदेश की सराहना की।

पीएम मोदी का संदेश हर नागरिक के लिए मार्गदर्शन
सीएम साय ने छत्तीसगढ़ की रजत जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निष्ठा से निभाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और जनता के संयुक्त प्रयासों से राज्य विकास और सुशासन की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। साय ने पीएम मोदी के संदेश को हर नागरिक के लिए मार्गदर्शन बताते हुए सामूहिक भागीदारी से छत्तीसगढ़ को समृद्ध बनाने का संकल्प दोहराया।

एशिया कप 2025 के टाइम टेबल में हुआ बदलाव

एशिया कप 2025 के टाइम टेबल में हुआ बदलाव
एशिया कप 2025, 9 सितंबर से शुरू हो जाएगा। यह टूर्नामेंट यूएई के मैदानों पर खेला जा रहा है। भारतीय टीम इस अभियान की शुरुआत 10 सितंबर से करेगी। दरअसल, भारतीय टीम का पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ होगा, जबकि 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी। भारतीय क्रिकेट फैंस इस टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज के बाद अब यह टूर्नामेंट होगा। ऐसे में लंबे अंतराल बाद फैंस को क्रिकेट देखने को मिलेगा।

अगर आप भी एशिया कप 2025 के मैचों का इंतजार कर रहे हैं और मैच देखना चाहते हैं, तो आपके लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। दरअसल, हाल ही में एशिया कप 2025 के मैचों के टाइम टेबल में बदलाव किया गया है। अब भारतीय समयानुसार मुकाबले 7:30 बजे शुरू नहीं होंगे।

अब इस समय पर देख सकेंगे मुकाबले
बता दें कि भारत में अब एशिया कप 2025 के मुकाबले रात 8:00 बजे से देखे जा सकेंगे। इसकी वजह मुकाबलों के टाइम टेबल में किया गया बदलाव है। दरअसल, यूएई में इस समय काफी गर्म मौसम होता है। ऐसे में इस परिस्थिति को देखते हुए टाइम टेबल बदला गया है। इस बार यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा। हालांकि एशिया कप 2025 की मेजबानी भारत को दी गई है, लेकिन यह टूर्नामेंट पूरी तरह से न्यूट्रल वेन्यू पर आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट का एक भी मुकाबला भारत में नहीं खेला जाएगा। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के खराब संबंधों के कारण यह निर्णय लिया गया है।

क्यों लिया गया यह निर्णय?
दरअसल, सितंबर में खेले जाने वाले ऐसे टूर्नामेंट को लेकर ब्रॉडकास्टर्स द्वारा भी मंजूरी दी गई है। दिन के समय में उस दौरान तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और देर शाम तक इसी तरह रहने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में इतनी गर्मी के कारण खिलाड़ियों को खेलना मुश्किल होगा। खिलाड़ियों को गर्मी में खेलने से बचाने के लिए समय को थोड़ा आगे बढ़ा दिया गया है। पहले इसके लिए ब्रॉडकास्टर्स से समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया था और ब्रॉडकास्टर्स ने भी इसे मंजूरी दे दी। ऐसे में अब सभी मुकाबले रात 8:00 बजे से शुरू होंगे। बता दें कि भारत लीग स्टेज में यूएई, पाकिस्तान और ओमान के खिलाफ मुकाबले खेलेगा।

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे का अनशन चौथे दिन भी जारी

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे का अनशन चौथे दिन भी जारी
मुंबई में मराठा आरक्षण को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा कि वह अपने अनशन के चौथे दिन यानी आज से पानी पीना भी बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि वह गोली खाने को भी तैयार हैं, ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में मराठा समुदाय को आरक्षण मिल सके। जरांगे ने सरकार से मांग की कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरक्षण पर सरकारी आदेश (जीआर) जारी किया जाए।

‘गोली भी चलाएंगे तो आजाद मैदान से नहीं हटेंगे’
इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को कहा कि वह मराठा समुदाय के लिए कुनबी जाति की ओबीसी स्थिति को लागू करने पर कानूनी राय लेगी, जिसके लिए हैदराबाद गजटियर का सहारा लिया जाएगा। हालांकि, इस बात से जरांगे प्रभावित नहीं हुए और उन्होंने कहा कि चाहे देवेंद्र फडणवीस सरकार प्रदर्शन करने वालों पर गोली भी चलाए, वह दक्षिण मुंबई में स्थित आजाद मैदान से तब तक नहीं हटेंगे, जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जातीं।

ओबीसी श्रेणी में मराठाओं को 10 फीसदी आरक्षण की मांग
जरांगे शुक्रवार से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं और मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी में 10 फीसदी आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने रविवार को कहा कि वह मुंबई छोड़कर नहीं जाएंगे और सरकार के पास 58 लाख मराठाओं के कुनबी होने के दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा, कल (सोमवार) से मैं पानी पीना बंद कर दूंगा, क्योंकि सरकार हमारी मांगें नहीं मान रही है। लेकिन आरक्षण की मांग पूरी होने तक मैं यहां से नहीं हटूंगा। हम किसी भी कीमत पर मराठाओं को ओबीसी आरक्षण दिलाएंगे।

अप्रैल-जून में भारत की GDP में उम्मीद से ज्यादा वृद्धि से बाजार गुलजार

अप्रैल-जून में भारत की GDP में उम्मीद से ज्यादा वृद्धि से बाजार गुलजार
अप्रैल-जून में भारत की अर्थव्यवस्था में उम्मीद से ज्यादा 7.8 फीसदी की वृद्धि के बाद सोमवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में हरियाली दिखी। इस दौरान बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी दर्ज की गई। जीडीपी के मामले में यह पांच तिमाहियों में सबसे तेज वृद्धि है। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 343.46 अंक चढ़कर 80,153.11 पर पहुंच गया। ऐसे ही 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 105.8 अंक बढ़कर 24,532.65 पर आ गया।

किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स की कंपनियों में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक और एनटीपीसी सबसे ज्यादा फायदे में दिखीं। हालांकि, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी और सन फार्मा पिछड़ती नजर आईं। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 8,312.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 11,487.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी अर्थव्यवस्था
इससे पहले अप्रैल-जून में भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से कहीं ज्यादा 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह पांच तिमाहियों में सबसे तेज गति थी। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लगाए थे। इससे व्यापार जगत इहशत में है। इससे कपड़ा जैसे प्रमुख निर्यातों पर खतरा मंडरा रहा है।

यमुनोत्री हाईवे पर छह नए स्थानों पर बने भूस्खलन और भू-धंसाव जोन

यमुनोत्री हाईवे पर छह नए स्थानों पर बने भूस्खलन और भू-धंसाव जोन
मानसून के बाद यमुनोत्री धाम की यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से चलाना राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाईवे पर जंगलचट्टी के साथ-साथ करीब छह और नए भूस्खलन और भू-धंसाव क्षेत्र बन गए हैं। इसके अलावा यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर भी स्यानाचट्टी में पुल के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

पिछले 8 दिनों से यमुनोत्री हाईवे जंगलचट्टी और नारदचट्टी के पास भू-धंसाव के कारण बंद पड़ा है। मानसून के दौरान कुथनौर से लेकर जानकीचट्टी तक करीब 12 जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है और लगभग छह नए भूस्खलन क्षेत्र विकसित हो गए हैं।

हनुमान चट्टी-फूलचट्टी के बीच सड़क कई जगहों पर धंसी
25 किलोमीटर के हिस्से में कुथनौर के सामने पालीगाड-सिलाई बैंड के बीच स्यानाचट्टी, रानाचट्टी के बीच झर्झर गाड और हनुमान चट्टी-फूलचट्टी के बीच सड़क कई जगहों पर धंस गई है या बह गई है। कई स्थानों पर 200 से 300 मीटर की खड़ी चट्टानों से रुक-रुककर बोल्डर गिरने का भी खतरा बना हुआ है। इन सब कारणों से मानसून के बाद यमुनोत्री धाम की यात्रा फिर से शुरू होने पर अनिश्चितता बनी हुई है।

नौगांव ब्लॉक की नवनिर्वाचित प्रमुख सरोज पंवार ने जिला प्रशासन और राजमार्ग निर्माण खंड से यमुनोत्री हाईवे को बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि चारधाम यात्रा पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

पुतिन ने यूक्रेन पर शांति प्रयासों के लिए भारत को सराहा

पुतिन ने यूक्रेन पर शांति प्रयासों के लिए भारत को सराहा
चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग परिषद (एससीओ) के सदस्यों के सत्र को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन के साथ जारी रूस के संघर्ष के दौरान शांति प्रयासों के लिए भारत और चीन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं यूक्रेन संकट को सुलझाने के लिए चीन और भारत के प्रयासों की सराहना करता हूं।’

पुतिन ने कहा, ‘मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी अलास्का बैठक के विवरण द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेताओं को बताऊंगा।’ उन्होंने मॉस्को के इस रुख को दोहराया कि यूक्रेन में संकट किसी आक्रमण के कारण नहीं, बल्कि यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों की ओर से समर्थित कीव में तख्तापलट के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन में हुई सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है।

नवारो ने भारत पर सस्ते तेल खरीद के जरिए रूस के युद्ध को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। नवारो ने कहा कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देता है तो उसे अमेरिकी टैरिफ में सीधे 25% की छूट मिल जाएगी। व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारी ने यह भी कहा था कि यूक्रेन में शांति का रास्ता कुछ हद तक नई दिल्ली से होकर जाता है। उन्होंने कहा था कि मेरा मतलब है, यह मूलतः मोदी का युद्ध है, क्योंकि शांति का रास्ता कुछ हद तक नई दिल्ली से होकर जाता है।

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