बिना अलग वीज़ा के इस देश की यात्रा कर सकेंगे

बिना अलग वीज़ा के इस देश की यात्रा कर सकेंगे
विदेश यात्रा करने की इच्छा रखने वाले भारतीयों के लिए एक खुशखबरी है। एक और देश ने भारतीयों को वीज़ा के नियमों में ढील देने का फैसला लिया है। पढ़कर मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि ऐसा किस देश ने किया है? हम बात कर रहे हैं अर्जेंटीना (Argentina) की, जहाँ की यात्रा करना अब भारतीयों के लिए और आसान हो गया है, क्योंकि अर्जेंटीना ने भारतीयों के लिए वीज़ा के नियमों में ढील दे दी है। हालांकि इस ढील के साथ एक शर्त भी है।

अमेरिकी वीज़ा ज़रूरी
अर्जेंटीना ने अमेरिकी टूरिस्ट वीज़ा रखने वाले भारतीयों को वीज़ा के नियमों में ढील देने की घोषणा की है। इस ढील के अनुसार अब वैध अमेरिकी टूरिस्ट वीज़ा वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों को अर्जेंटीना की यात्रा के लिए अलग से परमिट या वीज़ा की ज़रूरत नहीं पड़ेगा। वो अमेरिकी वीज़ा होने पर अर्जेन्टीनाई वीज़ा के लिए आवेदन किए बिना अर्जेंटीना की यात्रा कर सकते हैं।

भारत में अर्जेंटीना के राजदूत ने दी जानकारी
भारत (India) में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो काउसिनो (Mariano Caucino) ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी। मारियानो ने लिखा, “अर्जेंटीना ने अमेरिकी वीज़ा धारक भारतीय नागरिकों के लिए देश में एंट्री को आसान कर दिया है। आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित प्रस्ताव के अनुसार, अमेरिकी टूरिस्ट वीज़ा धारक भारतीय नागरिक, अलग से अर्जेंटीना वीज़ा के लिए आवेदन किए बिना ही अर्जेंटीना की यात्रा कर सकते हैं। यह अर्जेंटीना और भारत, दोनों के लिए एक अच्छी खबर है। हम अपने अद्भुत देश में और ज़्यादा भारतीय पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।”

टूरिज़्म को मिलेगा बढ़ावा
अर्जेंटीना के इस फैसले से देश में टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा। देश में भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा। साथ ही भारत और अर्जेंटीना के बीच संबंधों में भी मज़बूती आएगी।

यूक्रेन के चौथे सबसे बड़े शहर में घुसी रूसी सेना

यूक्रेन के चौथे सबसे बड़े शहर में घुसी रूसी सेना
रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच 24 फरवरी, 2022 से चल रहे युद्ध को 42 महीने से ज़्यादा समय पूरा हो चुका है। अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की तमाम कोशिशों के बावजूद भी युद्ध-विराम नहीं हो रहा है। यूक्रेन पर रूस के हमले जारी हैं, जिससे हर दिन यूक्रेन को काफी नुकसान हो रहा है। हालांकि रूसी सेना के सैनिक भी इस युद्ध में मारे जा रहे हैं। रूसी सेना, धीरे-धीरे यूक्रेन के शहरों और गांवों में घुस रही है।

द्निप्रॉपेट्रोव्स्क में घुसी रूसी सेना
यूक्रेनी सेना के एक प्रवक्ता ने स्वीकार किया है कि रूसी सेना द्निप्रॉपेट्रोव्स्क (Dnipropetrovsk) में घुस गई है। यह पहला मौका है जब यूक्रेन ने रूसी सेना के द्निप्रॉपेट्रोव्स्क में घुसने की बात पर मुहर लगाई है।

यूक्रेन के लिए चिंता की बात
रूसी सेना का द्निप्रॉपेट्रोव्स्क में घुसना यूक्रेन के लिए चिंता की बात है। दरअसल द्निप्रॉपेट्रोव्स्क, यूक्रेन का चौथा सबसे बड़ा शहर है। साथ ही एक सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव एरिया भी है। इससे पहले तक द्निप्रॉपेट्रोव्स्क इस युद्ध से अछूता था, लेकिन अब इस शहर में भी रूसी सेना ने घुसपैठ कर दी है।

क्या है रूस का प्लान?
जिस तरह से रूसी सेना, यूक्रेन में आगे बढ़ रही है, उससे एक बात साफ नज़र आ रही है। वो बात यह है कि रूस का प्लान धीरे-धीरे यूक्रेन के अहम शहरों और गांवों में घुसपैठ करके यूक्रेन को कमज़ोर करना है।

ट्रंप की विदेश नीति फिर फ्लॉप!
रूस की सेना का यूक्रेन के द्निप्रॉपेट्रोव्स्क में घुसना, ट्रंप की विदेश नीति की एक और नाकामी है। ट्रंप लगातार दावे कर रहे हैं कि वह रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस युद्ध को रुकवा देंगे। इसके लिए ट्रंप बातचीत और मुलाकात से लेकर धमकियों, टैरिफ और प्रतिबंधों का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हट रहे। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि ट्रंप की विदेश नीति एक बार फिर फ्लॉप हो गई है।

तान्या मित्तल को नहीं चाहिए ‘बिग बॉस 19’ की ट्रॉफी

तान्या मित्तल को नहीं चाहिए ‘बिग बॉस 19’ की ट्रॉफी
टीवी के सबसे कोन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ में कंटेस्टेंट के तौर पर इन दिनों सोशल मीडिया की चर्चित पर्सनालिटी तान्या मित्तल नजर आ रही हैं। वो अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं।शो में कदम रखने से पहले उन्होंने अपनी सोच, फैसले और घर में आने वाली चुनौतियों पर अमर उजाला से खुलकर बातचीत की। चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा।

सोशल मीडिया पर आपकी लाइफस्टाइल को लेकर बहुत बातें होती हैं। बिग बॉस रियल तान्या दिखाएगा या उन्हें सही साबित करेगा?
सच तो ये है कि मैं अपनी पसंद की लड़ाई लड़ती हूं, अपने दोस्तों के लिए खड़ी होती हूं और चीजों को लेकर बहुत पर्टिकुलर हूं। मेरे लाइफस्टाइल के हिसाब से कुछ लोग एडजस्ट नहीं कर पाते, इसलिए ट्रोल्स को मौका मिलता है। लेकिन मैं हमेशा अपने लिए खड़ी रहती हूं और जो भी मुझे ट्रॉल करता है, उसके इरादे ही मुझे प्रभावित नहीं करते। बिग बॉस मेरा असली चेहरा दिखाने का सबसे सही मंच है और मैं कोई फेक नहीं बनूंगी।

अगर बिग बॉस आपको दो ऑप्शन दें – पब्लिक सिम्पथी या ट्रॉफी, आप क्या चुनेंगी?
मैं हमेशा पब्लिक सिम्पथी चुनूंगी। ट्रॉफी तो केवल शॉर्ट-टर्म जीत है, लेकिन लोगों के दिल जीतना लॉन्ग-टर्म कामयाबी है। मैं चाहती हूं कि लोग मेरे नाम से प्यार करें, मेरा आदर करें और मुझे रियल समझें। मैं शो की ट्रॉफी से नहीं, बल्कि लोगों के दिलों से जीतना चाहती हूं।

आप कैसे याद रहना चाहती हैं – सबसे कंट्रोवर्शियल या शांत और सुलझी हुई?
मैं सिर्फ याद रहना चाहती हूं। मुझे कंट्रोवर्सी या साइलेंस की परवाह नहीं। मैं अपनी सच्चाई दिखाना चाहती हूं। लोग 48 घंटे में ड्रामा भूल जाते हैं, लेकिन जो सच है और जो आप खुद हैं, वही लंबा चलता है। बिग बॉस में मैं दिखाऊंगी कि मैं शांत भी हूं, लेकिन कभी भी दब कर नहीं बैठती।

सलमान खान के साथ स्क्रीन शेयर करने को लेकर कितनी एक्साइटेड हैं?
यह एक ड्रीम मोमेंट है। मैं पहले ही इस दिन की कल्पना कर रही थी कि किस तरह से मैं उनका सामना करूंगी। यह सिर्फ एक सेलिब्रिटी मिलना नहीं है, बल्कि यह सीखने का और अपने आप को टेस्ट करने का मौका है।

नौसेना में शामिल हुए अत्याधुनिक युद्धपोत उदयगिरि और हिमगिरि

नौसेना में शामिल हुए अत्याधुनिक युद्धपोत उदयगिरि और हिमगिरि
हिंद महासागर में भारत की शक्ति और बढ़ने जा रही है। विशाखापत्तनम स्थित बेस में मंगलवार को अत्याधुनिक प्रोजेक्ट 17ए मल्टी- मिशन स्टील्थ फ्रिगेट उदयगिरि और हिमगिरि नौसेना में शामिल किए गए। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह की अध्यक्षता की।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहला अवसर होगा जब दो अलग-अलग शिपयार्डों में निर्मित दो अग्रिम पंक्ति के सतही लड़ाकू जहाजों को एकसाथ कमीशन किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा, इन युद्धपोतों के शामिल होने के बाद नौसेना की युद्ध तत्परता बढ़ेगी और युद्धपोत डिजाइन एवं निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने के भारत के संकल्प की पुष्टि होगी। कमीशन होने के बाद, दोनों युद्धपोत पूर्वी बेड़े में शामिल हो जाएंगे। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में अपने समुद्री हितों की रक्षा करने की देश की क्षमता मजबूत होगी।

शिवालिक क्लास से बड़े और ज्यादा उन्नत
बता दें कि उदयगिरि को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने बनाया गया है, जबकि हिमगिरि को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने तैयार किया है। खास बात यह है कि उदयगिरि नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो का 100वां डिजाइन किया गया जहाज है। करीब 6700 टन वजनी ये जहाज शिवालिक क्लास से बड़े और ज्यादा उन्नत हैं।

इनका डिजाइन ऐसा है कि ये रडार को चकमा देने में सक्षम हैं। इनमें डीजल इंजन और गैस टर्बाइन दोनों लगे हैं, आधुनिक मिसाइलें, तोप और पनडुब्बी रोधी हथियार भी हैं। दोनों भारतीय नौसेना के नेक्स्ट-जनरेशन स्टील्थ वॉरशिप हैं, जो प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए गए हैं। इन युद्धपोत के निर्माण में 200 से ज्यादा भारतीय कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिससे 4,000 से ज्यादा लोगों को सीधी और 10,000 से ज्यादा को अप्रत्यक्ष नौकरियां मिलीं।

‘उदयगिरि’ और ‘हिमगिरि’ का जलावतरण जहाज डिजाइन और निर्माण में आत्मनिर्भरता के प्रति नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नौसेना इसके बाद अन्य स्वदेशी पोतों जैसे विध्वंसक आईएनएस सूरत, फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरि, पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर, एएसडब्ल्यू शैलो वाटर क्राफ्ट आईएनएस अर्नाला और डाइविंग सपोर्ट वेसल आईएनएस निस्तार का जलावतरण 2025 में करेगी।

स्टील्थ, हथियार और सेंसर प्रणालियों से हैं लैसः
उदयगिरि और हिमगिरि, प्रोजेक्ट 17 (शिवालिक ) श्रेणी के फ्रिगेट के अनुवर्ती जहाज हैं। इन दोनों जहाजों में डिजाइन, स्टेल्थ, हथियार और सेंसर प्रणालियों में महत्वपूर्ण सुधार शामिल हैं। उदयगिरि को मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने तैयार किया है जबकि कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने हिमगिरि का निर्माण किया है।

जापान-चीन की यात्रा करेंगे PM मोदी

जापान-चीन की यात्रा करेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से जापान और चीन की यात्रा करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की शुक्रवार से शुरू हो रही दो दिवसीय जापान यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उसके बाहर शांति, समृद्धि और स्थिरता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दोहराएगी। इससे हमारी मित्रता और मजबूत होगी और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की आगामी जापान यात्रा पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी 28 अगस्त की शाम को जापान की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। वह जापान के प्रधानमंत्री महामहिम शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 29 और 30 अगस्त को जापान में रहेंगे। यह कई कारणों से एक महत्वपूर्ण यात्रा है। यह प्रधानमंत्री मोदी की प्रधानमंत्री इशिबा के साथ पहली वार्षिक शिखर बैठक है। यह लगभग 7 वर्षों में उनकी पहली एकल जापान यात्रा भी है। उन्होंने पिछली बार 2018 में वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान का दौरा किया था। तब से उन्होंने जापान का दौरा किया है, लेकिन वह बहुपक्षीय बैठकों और अन्य औपचारिक कार्यक्रमों के लिए रहा है। यह एक ऐसी यात्रा होगी, जो पूरी तरह से भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय एजेंडे को समर्पित होगी। 2014 में पदभार ग्रहण करने के बाद से यह प्रधानमंत्री की जापान की आठवीं यात्रा भी है और यह हमारे विदेशी संबंधों में इस विशेष संबंध की अत्यधिक उच्च प्राथमिकता को दर्शाता है।’

जापानी और भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ मुलाकात
विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत और जापान के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन की एक विशेषता दोनों नेताओं के बीच राजधानी के बाहर बातचीत है और इस अवसर पर भी कार्यक्रम में टोक्यो के बाहर एक यात्रा शामिल है, जो दोनों नेताओं के लिए एक उत्सुकता भरी बात होगी। कार्यक्रम में जापान के कई अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत भी शामिल है। प्रधानमंत्री जापानी और भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ एक व्यापारिक नेताओं के मंच में भी भाग लेंगे। इन मुलाकातों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी संबंधों को गहरा करना है।

भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के एजेंडे को आगे बढ़ाना मकसद
मिस्री ने कहा, ‘भारत और जापान के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच मौजूद उच्चतम स्तरीय संवाद तंत्र का प्रतिनिधित्व करता है और यह भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के एजेंडे को आगे बढ़ाता है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री इशिबा से मिल चुके हैं। भारत और जापान दो ऐसे देश हैं, जो कई मुद्दों पर समान मूल्य, विश्वास और रणनीतिक दृष्टिकोण रखते हैं। ये देश एशिया के दो अग्रणी लोकतंत्र और दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं।’

कई नई पहल शुरू करने का भी अवसर
उन्होंने आगे कहा कि पिछले एक दशक में हमारे द्विपक्षीय संबंधों का दायरा और महत्वाकांक्षा लगातार बढ़ी है और आज इसमें व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा और गतिशीलता, लोगों से लोगों का संपर्क और दोनों पक्षों के बीच जीवंत सांस्कृतिक जुड़ाव शामिल हैं। इसलिए 15वां शिखर सम्मेलन दोनों प्रधानमंत्रियों को इन संबंधों की गहन समीक्षा करने, पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का जायजा लेने और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करेगा। यह संबंधों में और अधिक लचीलापन लाने और उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए कई नई पहल शुरू करने का भी अवसर होगा।

सात सितंबर को दिखेगा ब्लड मून, गर्भवती महिलाएं इन नियमों का रखें ध्यान

सात सितंबर को दिखेगा ब्लड मून, गर्भवती महिलाएं इन नियमों का रखें ध्यान
सितंबर 2025 का पूर्ण Chandra Grahan भारत में 7 और 8 सितंबर को दिखाई देगा। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान गर्भवती महिलाओं को घर में रहने, तेज धार वाले उपकरणों से बचने और भोजन न करने की सलाह दी जाती है। ग्रहण के बाद स्नान व भगवान का ध्यान करने का महत्व बताया गया है।

वहीं, इस दिन गर्भवती महिलाओं के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी है। तो आइए जानते हैं –
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रहना चाहिए, क्योंकि इसकी नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बच्चे पर पड़ सकता है।

कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान नुकीली वस्तु जैसे – कैंची, चाकू आदि के इस्तेमाल से बचना चाहिए।

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं को कुछ भी खाने से बचना चाहिए।

घर की खिड़कियों को मोटे पर्दों से ढक दें, ताकि ग्रहण की नकारात्मक किरणें घर में प्रवेश न कर पाए।

पहले बने हुए भोजन का प्रयोग न करें।

ग्रहण खत्म होने के बाद पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।

इस दौरान गर्भवती महिलाएं मन में भगवान शिव और विष्णु जी का ध्यान करती रहें।

ग्रहण के दौरान सोने से परहेज करें।

सभी खाने और पीने की चीजों में तुलसी पत्र डाल दें।

मध्‍य प्रदेश में गणेश चतुर्थी पर रहेगा अवकाश

मध्‍य प्रदेश में गणेश चतुर्थी पर रहेगा अवकाश
मध्‍य प्रदेश में गणेश चतुर्थी पर अवकाश रहेगा। यह फैसला आज कैबिनेट की बैठक में लिया गया। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि गणेश चतुर्थी पर अवकाश रहेगा। आत्म निर्भर भारत के लिए स्वदेशी को अपनाना होगा। मिट्टी गोबर के गणेश बनाने वालो से संपर्क किया है। भारत खिलोने बनाने में विश्व में आगे बढ़ा है।

उन्‍होंने कैबिनेट की निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में निकाय अध्यक्ष के डायरेक्ट चुनाव कराएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के लिए अध्यादेश लाया जाएगा, अगली कैबिनेट के लिए। प्रदेश के सभी थाने सीसीएनटीएस प्रोजेक्ट के तहत छोटे टेबलेट साथ में लेकर जांच करने जाएगा।

एनलाइन पंचनामा से लेकर जांच की जाएगी। जीपीएस आधारित होगा टेबलेट। 1732 टेबलेट खरीदे जा रहे 25 हजार का लक्ष्य है। पुलिस को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 75 करोड़ शुरुआती लागत है।

अतिरिक्त लोक अभियाजन सहित 610 कर्मचारी पद सृजन 60 करोड़ 24 लाख 672 करोड़ व्यय होंगे। ताप विद्युत गृह के लिए कोयला उपलब्ध कराने भारत सरकार के माध्यम से बिजली उत्पादन बढ़ाएंगे। ग्रीड शू परियोजना ला रहे हैं। कोयले का संग्रहण करेंगे।

मध्य प्रदेश जल निगम के तहत नल जल योजना के तहत बिजली आपूर्ति के लिए सोलर प्लांट और विंड एनर्जी प्लांट लगाएंगे। 100 और 60 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेंगे।

उज्जैन इंदौर पीथमपुर तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को मेट्रो के लिए डीपीआर बना रहा है। यह 84 किलोमीटर लंबा मेट्रो रूट होगा।

जीतू पटवारी के महिलाओं के ज्यादा शराब पीने वाले बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं धार्मिक हैं। जीतू पटवारी के इस बयान की मैं निंदा करता हूं।

Maruti e Vitara का प्रॉडक्शन हुआ शुरू, PM Modi ने दिखाई हरी झंडी

Maruti e Vitara का प्रॉडक्शन हुआ शुरू, PM Modi ने दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के हंसलपुर में मारुति सुजुकी के बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने मारुति की पहली इलेक्ट्रिक कार E Vitara को हरी झंडी भी दिखाई।

इस कदम के साथ भारत, सुजुकी का ग्लोबल ईवी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है। कंपनी इस इलेक्ट्रिक कार को जापान और यूरोप सहित 100 से ज्यादा देशों में निर्यात करेगी।

हंसलपुर में बैटरी निर्माण प्लांट
मारुति सुजुकी भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी है। हंसलपुर स्थित TDS Li-Ion बैटरी गुजरात (TDSG) प्लांट में लिथियम-आयन बैटरी सेल और इलेक्ट्रोड का स्थानीय स्तर पर निर्माण होगा।
यह प्लांट टोशिबा, सुजुकी और डेंसो का प्रोजेक्ट है। इन बैटरियों का उपयोग कंपनी की मजबूत हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में किया जाएगा। इस परियोजना भारत की आयात पर निर्भरता घटेगी।

E Vitara को मिली हरी झंडी
पीएम मोदी के साथ इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और जापान के राजदूत केइची ओनो भी मौजूद रहे। E Vitara को पहली बार जनवरी 2025 में भारत मोबिलिटी एक्सपो में प्रदर्शित किया था। उपभोक्ता इसकी लॉन्चिंग का इंतजार कर रहे थे। प्रोडक्शन शुरू होने के बाद इसके भारत में दीपावली 2025 तक लॉन्च होने की संभावना है।

वंतारा को लेकर बुरा फंसा अंबानी परिवार, सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए गठित की SIT

वंतारा को लेकर बुरा फंसा अंबानी परिवार, सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए गठित की SIT
सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश अंबानी परिवार द्वारा संचालित वंतारा के कामकाज की जांच के लिए एक SIT का गठन करने का निर्देश दिया है। रिलायंस फाउंडेशन के वंतारा प्रोजेक्ट को लेकर दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस पंकज मिथल और जस्जिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता में SIT गठित की है। इस SIT में उत्तराखंड और तेलंगाना हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस राघवेंद्र चौहान, मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले और अनीश गुप्ता रहेंगे।

किन-किन बातों की होगी जांच
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित यह SIT टीम पशुओं के अधिग्रहण, कानूनी अनुपालन, अंतरराष्ट्रीय मापदंड, पशु कल्याण, पर्यावरण संबंधी चिंताएं, पशुओं के संग्रहण और संरक्षण, संसाधनों का उपयोग, वन्यजीव व्यापार, वित्तीय अनुपालन व अन्य प्रासंगिक मामलों की जांच करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने SIT टीम को नियामकों, अधिकारियों, हस्तक्षेपकर्ताओं और पत्रकारों सहित कई स्रोतों से जानकारी हासिल करने का अधिकार दिया गया है। टीम कोर्ट को एक संपूर्ण तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के लिए जरूरी समझे जाने वाले किसी भी क्षेत्र में अपनी जांच का विस्तार कर सकती है। साथ ही, SIT टीम को 12 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

बेंच ने की ये टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पंकज मिथल और जस्जिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा, याचिका में बिना किसी समर्थन सामग्री के केवल आरोप लगाए गए हैं। सामान्यतः ऐसी याचिका पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों के मद्देनजर कि वैधानिक प्राधिकारी या न्यायालय अपने आदेश का पालन करने के लिए या तो अनिच्छुक हैं या असमर्थ हैं। विशेष रूप से तथ्यात्मक स्थिति की सत्यता के सत्यापन के अभाव में, हम न्याय की दृष्टि से एक स्वतंत्र तथ्यात्मक जांच की मांग करना उचित समझते हैं, जो कथित उल्लंघन, यदि कोई हो, को स्थापित कर सके।

AAP नेता के घर पर ED का छापा, हॉस्पिटल कंस्ट्रक्शन घोटाले के मामले में कसा शिकंजा

AAP नेता के घर पर ED का छापा, हॉस्पिटल कंस्ट्रक्शन घोटाले के मामले में कसा शिकंजा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज (मंगलवार) सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bharadwaj) के घर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली में कथित ₹5,590 करोड़ के हॉस्पिटल कंस्ट्रक्शन घोटाले के संबंध में की गई है। ED ने दिल्ली और आसपास के 12-13 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

क्या है हॉस्पिटल कंस्ट्रक्शन घोटाला?
सूत्रों के अनुसार, यह मामला 2018-19 में दिल्ली सरकार द्वारा 24 अस्पतालों के निर्माण के लिए स्वीकृत ₹5,590 करोड़ के प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है। इनमें ICU अस्पतालों का निर्माण 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन तीन साल बाद भी अधिकांश प्रोजेक्ट्स अधूरे हैं। जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।

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