आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बड़ा तालाब के कैचमेंट से गुजरेगा 3 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट
बड़ा तालाब के कैचमेंट से गुजरेगा 3 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट
वेस्टर्न बाइपास में 12 किमी लंबे कैचमेंट का पेच आ गया है। सीहोर की तरफ से बड़ा तालाब में पानी की आवक में बाइपास बाधक बनेगा। इस स्थिति को कैसे टाला जाए इस पर एमपीआरडीसी की टीम काम कर रही है। 3000 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में 70 नालों को बचाना है। रोजाना ही एमपीआरडीसी की टीम संबंधित विभागों के सदस्यों के साथ निरीक्षण कर रही है। बताया जा रहा है कि इस नए अलाइनमेंट में भी बदलाव की कोशिश है।
समसगढ़ के पास वन क्षेत्र था, अब कैचमेंट
करीब 41 किमी के इस बाइपास को पहले मंडीदीप के आगे इटायाकलां से शुरू होकर फंदा जोड तक इसे तय किया था। इस पर विवाद और विरोध हुआ तो 11 मील से प्रतापपुरा से इंदौर रोड पर फंदा जोड से आधा किमी आगे इसे मिलाया गया। इससे 42 किमी का रूट अब 38 किमी हो गया है। इसके तहत छह लेन का बाइपास तय करना है। बताया जा रहा है कि नया रूट रातापानी बफर जोन से बाहर है, लेकिन अब ये पूरी तरह बड़ा तालाब कैचमेंट में आ गया है। इसमें 12 अंडरपास वाइल्ड लाइफ के लिए बनना तय किया, लेकिन बड़ा तालाब में कैचमेंट के पानी की आवक की बाधा कैसे रोकेंगे? ये बड़ा सवाल बनकर सामने खड़ा है।
दो प्रोजेक्ट एक साथ, दोनों पर्यावरणीय दिक्कत में
तत्कालीन शिवराजसिंह सरकार ने विधानसभा चुनाव के ठीक पहले वीआइपी रोड चौड़ीकरण और वेस्टर्न बाइपास प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। करीब सात हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से शहर के विकास की उम्मीद बनी थी, लेकिन वीआइपी रोड केंद्रीय वेटलैंड अथॉरिटी में उलझ गया, जबकि वेस्टर्न बाइपास भी फॉरेस्ट व कैचमेंट के मामलों में उलझा हुआ है।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे समेत तीन प्रस्ताव
इस स्थिति के बीच एमपीआरडीसी ने सरकार के समय आष्टा के पास से होते हुए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के प्रस्ताव को भी फिर से जीवित किया। इसके अतिरिक्त दो अन्य प्रस्ताव तय कर शासन को भेजे हैं। यदि यह बाइपास रद्द होता है तो इन नए प्रस्तावों पर काम किया जा सकता है।
राजस्थान में “गिव अप अभियान” की ऐतिहासिक सफलता
राजस्थान में “गिव अप अभियान” की ऐतिहासिक सफलता
राजस्थान में गिव अप अभियान की ऐतिहासिक सफलता। प्रदेशभर में अब तक 27 लाख से अधिक सक्षम लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि असल हकदारों को NFSA में स्थान देने के लिए खाद्य विभाग ने गिव अप अभियान 1 नवम्बर 2024 को शुरू किया था। इस अभियान का उद्देश्य सक्षम लोगों को स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी त्यागने के लिए प्रेरित करना है ताकि गरीबों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके। गिव अप अभियान के तहत प्रदेश भर में अब तक 27 लाख से अधिक सक्षम लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी है।
56 लाख 62 हजार 268 पात्र वंचितों को जोड़ा गया
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि गिव अप अभियान की ऐतिहासिक सफलता के कारण पात्र वंचित खाद्य सुरक्षा से जुड़ पा रहे है। गिव अप अभियान के तहत स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी त्यागने एवं ईकेवाईसी न करवाने के कारण एनएफएसए में बनी रिक्तयों से 56 लाख 62 हजार 268 पात्र वंचितों को विभाग खाद्य सुरक्षा से जोड़ पाया है।
साथ में मिलते हैं यह भी लाभ
मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि सक्षम लोगों का त्याग गरीबों के मुंह का निवाला बन रहा है। इस अभियान के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सूची में नई रिक्तियाँ बनने से सूची में जुड़े पात्र परिवारों को न केवल पोषण युक्त अन्न उपलब्ध कराया जा रहा है बल्कि उन्हें 25 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज, 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा एवं 450 रुपए में प्रतिवर्ष 12 घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
गिव अप अभियान की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाई
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि गिव अप अभियान में व्यापक जनभागीदारी को देखते हुए इसकी अवधि 31 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी गई है।
इनको नही मिलेगा लाभ
खाद्य मंत्री महोदय के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अंतर्गत जुड़े ऐसे परिवार जिनमें – कोई सदस्य आयकर दाता हो, कोई सदस्य सरकारी/ अर्द्धसरकारी/ स्वायत्तशासी संस्था में कर्मचारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय हो एवं किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रैक्टर आदि जीविकोपार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोड़कर), निष्कासन सूची में शामिल है।
एशिया कप से ऑफिशियली बाहर हुई पाकिस्तान समेत दो टीम
एशिया कप से ऑफिशियली बाहर हुई पाकिस्तान समेत दो टीम
पाकिस्तान की टीम एशिया कप हॉकी 2025 से आधिकारिक रूप से बाहर हो गई है। इसके साथ ही ओमान की हॉकी टीम ने भी अपना नाम टूर्नामेंट से वापस ले लिया है। अब इन दोनों देशों की जगह बांग्लादेश और कजाकिस्तान की टीम को खेलने का मौका मिलेगा। बता दें कि पाकिस्तान की टीम ने पहले ही भारत आने से इनकार कर दिया था। इस टूर्नामेंट का आगाज 29 अगस्त से होगा।
आज सुबह ही पाकिस्तान ने लिया फैसला
मीडिया रिपोर्ट में हॉकी इंडिया के सूत्र के हवाले से कहा गया है कि मंगलवार सुबह ही पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन की ओर भारत टीम भेजने से आधिकारिक रूप से इनकार कर दिया गया है। इसके साथ ही ओमान की टीम ने भी टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। अब इन दोनों की जगह बांग्लादेश और कजाकिस्तान की टीम को ड्रॉ में शामिल कर दिया गया है।
भारत सरकार दिया था वीजा
पहले ही कई मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान हॉकी टीम के एशिया कप 2025 से हटने की बातें सामने आ रही थीं। एक महीने पहले पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत टीम भेजने से मना कर दिया गया था। इसके बावजूद भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान टीम के प्लेयर्स को वीजा मुहैया करा दिया गया था।
वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने का मौका भी गंवाया
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन के इस कदम से उसे बड़ा नुकसान हुआ है। अब पाकिस्तान की टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने का अवसर भी गंवा दिया है, क्योंकि एशिया कप जीतने वाली टीम ही वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करती है। लेकिन पाकिस्तान ने अब एशिया कप से हटकर खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है।
तेज प्रताप यादव ने बिहार में सीएम की कुर्सी पर ठोका दावा
तेज प्रताप यादव ने बिहार में सीएम की कुर्सी पर ठोका दावा
लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बिहार में सीएम पद पर अपनी भी दावेदारी पेश की है। तेजस्वी यादव को लेकर तेज प्रताप यादव ने कहा कि वे भटक गए हैं। राहुल गांधी के साथ वे एसआईआर में बेकार का समय बर्बाद कर रहे हैं। एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में उन्होंने ये बातें कही। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अब सीएम पद के लायक नहीं हैं। तेज प्रताप यादव का यह वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।
तेज प्रताप के पोस्ट से मचा बवाल
आरजेडी और परिवार से बेदखल होने के बाद तेज प्रताप यादव के ताजा सोशल मीडिया पोस्ट से बवंडर खड़ा कर दिया है। तेज प्रताप यादव सीएम बनने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा है कि जो क्रिकेट खेलता है वो कप्तान बनना चाहता है, क्लास में हर बच्चा क्लास का मॉनिटर बनना चाहता है। फिर, जब मैं राजनीति कर रहा हूं तो क्यों नहीं सीएम बनना चाहेंगे। तेजस्वी यादव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वे भटक गए हैं।
तेजस्वी को लेकर दिया बड़ा बयान
उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर सवाल भी खड़े किए। इसके साथ ही उन्होंने ‘जयचंदों’ के खिलाफ भी तीखा हमला बोला। तेज प्रताप यादव ने बातचीत में साफ कर दिया कि अपनी नई पार्टी ‘टीम तेज प्रताप’ के जरिए बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके दस्तक से बिहार में सियासी समीकरण बदल सकते हैं।
तेज प्रताप यादव के बयान पर बवाल
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए एक के बाद एक तीखे बयानों ने बिहार में सियासी हलचल मचा दी हैं। सोमवार की रात से उन्होंने ‘जयचंदों’ पर साजिश, राहुल गांधी-तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर सवाल खड़ा करने के साथ साथ अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
यूक्रेनी घोस्ट स्नाइपर ने 4 किलोमीटर की दूरी से रूसी सैनिकों को मारते हुए बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
यूक्रेनी घोस्ट स्नाइपर ने 4 किलोमीटर की दूरी से रूसी सैनिकों को मारते हुए बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को 41 महीने से ज़्यादा समय हो चुका है। दोनों देशों की सेना, एक-दूसरे के सैनिकों को निशाना बना रहे हैं। रूस की सेना यूक्रेन में तबाही मचा रही है, लेकिन यूक्रेनी सैनिक भी डटकर सामना कर रहे हैं और दुश्मन सैनिकों को मार गिरा रहे हैं। इसी बीच यूक्रेनी सेना की एक खास यूनिट के सैनिक ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। पढ़कर मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि यूक्रेनी सैनिक ने ऐसा क्या किया? दरअसल उसने सबसे ज़्यादा दूरी से किसी को मारने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
यूक्रेनी घोस्ट स्नाइपर यूनिट का कमाल
यूक्रेनी घोस्ट स्नाइपर (Ghost Sniper) यूनिट को लंबी दूरी पर तैनात दुश्मन को मार गिराने के लिए जाना जाता है। अक्सर ही घोस्ट स्नाइपर यूनिट के सैनिक लंबी दूरी से रूसी सैनिकों को निशाना बनाते हैं और एक बार फिर एक घोस्ट स्नाइपर ने ऐसा ही कुछ किया। यूक्रेनी घोस्ट स्नाइपर यूनिट के एक सैनिक ने करीब 4 किलोमीटर की दूरी से निशाना लगाते हुए 2 रूसी सैनिकों को मार गिराया।
बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
यूक्रेनी घोस्ट स्नाइपर यूनिट के सैनिक ने 4 किलोमीटर की दूरी से दो रूसी सैनिकों को मार गिराते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। यह सबसे ज़्यादा दूरी से किसी को मारने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाला यह शॉट 14 अगस्त, 2025 को यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में पोक्रोव्स्क के पास लिया गया, जिसमें रूस के दो सैनिक मारे गए। इससे पहले भी यह वर्ल्ड रिकॉर्ड यूक्रेनी घोस्ट स्नाइपर यूनिट के सैनिक के ही नाम था, जिसने नवंबर 2023 में 3.8 किलोमीटर की दूरी से एक रूसी सैनिक को मार गिराया था।
कैसे लगाया निशाना?
यूक्रेनी घोस्ट स्नाइपर यूनिट के सैनिक ने यूक्रेन में ही बनी 14.5 मिमी “एलिगेटर” राइफल से यह निशाना लगाया। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन की भी मदद ली गई। जिस समय घोस्ट स्नाइपर यूनिट के सैनिक ने यह निशाना लगाया, उस समय दो रूसी सैनिक एक इमारत में थे और उन्हें खिड़की के ज़रिए निशाना बनाते हुए गोली मारी।
विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान, राधाकृष्णन को बी सुदर्शन रेड्डी देंगे चुनौती
विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान, राधाकृष्णन को बी सुदर्शन रेड्डी देंगे चुनौती
विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान हो गया है। बी. सुदर्शन रेड्डी को इंडिया गठबंधन ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वह NDA के सीपी राधाकृष्णन को चुनौती देंगे। उपराष्ट्रपति पद का चुनाव 9 सितंबर को होगा।
जानिए कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म आंध्र प्रदेश के रंग्गारेड्डी (वर्तमान में तेलंगाना) में 8 जुलाई 1946 को हुआ था। किसान परिवार में जन्में सुदर्शन रेड्डी ने साल 1971 में उस्मानिया यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद हैदराबाद हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के. प्रताप रेड्डी के जूनियर के तौर पर वकालत शुरू की। फिर 8 अगस्त को वह आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में गवर्नमेंट प्लीडर नियुक्त किए गए। इसके बाद केंद्र सरकार के लिए एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल की जिम्मेदारी निभाई।
साल 1993 में वह आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए। वहीं, रेड्डी 2 मई 1993 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एडिशनल जज नियुक्त किए गए। 5 दिसंबर 2005 को वे गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने। 12 जनवरी 2007 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का एडिशनल जज नियुक्त किया गया। फिर 8 जुलाई 2011 को रिटायर हुए। रिटायरमेंट के बाद मार्च 2013 में उन्हें गोवा का पहला लोकायुक्त नियुक्त किया गया, लेकिन साल 2013 में उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया।
PM Modi से मिले सीएम डॉ मोहन यादव, 25 अगस्त को पहले पीएम मित्रा पार्क का करेंगे भूमिपूजन
PM Modi से मिले सीएम डॉ मोहन यादव, 25 अगस्त को पहले पीएम मित्रा पार्क का करेंगे भूमिपूजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्य प्रदेश यात्रा (PM Modi MP visit) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं, अभी तक जारी की गई जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को मध्य प्रदेश के धार में आयेंगे और देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मुलाकात की और उन्हें मध्य प्रदेश आने का निमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से से शिष्टाचार भेंट कर और कई विषयों पर चर्चा की। मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से की गई प्रत्येक भेंट नई ऊर्जा एवं प्रेरणा का संचार करती है। मैंने उन्हें मध्य प्रदेश पधारने का निमंत्रण भी दिया है।
25 अगस्त को मोदी पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करेंगे
अभी तक निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 अगस्त को धार जिले के बदनावर क्षेत्र में बनने वाले देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कर प्रदेश को विकास की एक और सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की समीक्षा की, उन्होंने कहा कि जहां देश के दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क के लिए प्रारंभिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं मप्र में 25 अगस्त को इसका भूमिपूजन होने जा रहा है।
मालवा क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे
सीएम ने कहा इस सौगात के लिए हमने केंद्र सरकार से निरन्तर समन्वय किया है। पीएम मित्रा पार्क का निर्माण पूरा होने पर सम्पूर्ण मालवा क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे। धार जिले का यह क्षेत्र पीथमपुर की तरह अब दूसरा वृहद औद्योगिक केंद्र (इन्डस्ट्रियल हब) बनने जा रहा है। इस पार्क की स्थापना से पूरे मालवा क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और करीब 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से स्थाई रोजगार मिलेगा।
पीएम मित्रा पार्क – देश का अगला टेक्सटाईल हब
धार में स्थापित होने वाला पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टैक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क, भारत को वैश्विक वस्त्र महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहा है। करीब 2,158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला और 2,000 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाला यह पार्क अत्याधुनिक अधोसंरचना, सतत् विकास और रणनीतिक नीति समर्थन के माध्यम से टेक्सटाइल हब बनने की ओर अग्रसर है। “फार्म से फाइबर से फैक्ट्री से फैशन से फॉरेन” की दूरदर्शी 5F (फाईव एफ) की अवधारणा पर आधारित यह पार्क लगभग तीन लाख रोजगार का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे।
ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में किया जा रहा विकसित
पीएम मित्रा पार्क को राज्य प्राधिकरण द्वारा ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, जलापूर्ति प्रणाली, अपशिष्ट प्रबंधन और सीवेज संग्रह, 220 केवीए सब-स्टेशन, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज़ और सुव्यवस्थित स्ट्रीट लाइटिंग और सुविधाएं जैसी आधुनिक ट्रंक अवसंरचना भी शामिल हैं। मजबूत सहायक अधोसंरचना में 20 एमएलडी की कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास, 10 एमवीए सौर ऊर्जा संयंत्र और 95,750 वर्गमीटर क्षेत्र में फैली 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स शामिल हैं। इसके अलावा दो केंद्रीकृत स्टीम बॉयलर और पाइपलाइन नेटवर्क भी उद्योग इकाइयों में होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशिष्ट समारोह में छत्तीसगढ़ के रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया। देवाशीष ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों को प्रदान किया गया । गर्व की बात है कि इस बार छत्तीसगढ़ से तीन प्रतिभागियों ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के साथ रेंजर मनतृप्त कौर के पिता गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर में नक्सली आईईडी ब्लास्ट में शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर में नक्सली आईईडी ब्लास्ट में शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस घटना में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवान श्री दिनेश नाग के शहीद होने तथा तीन जवानों के घायल होने की सूचना मिली है।
मुख्यमंत्री साय ने शहीद जवान को नमन करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दे। उन्होंने घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली पूरी तरह हताश हो चुके हैं और इसी हताशा में इस प्रकार की कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि DRG के जवान दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा हमारा दृढ़ संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे।














