प्रधानमंत्री के फाइव एफ विजन से मध्यप्रदेश परिधान और वस्त्र उद्योग का बनेगा वैश्विक केन्द्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री के फाइव एफ विजन से मध्यप्रदेश परिधान और वस्त्र उद्योग का बनेगा वैश्विक केन्द्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 5 एफ विजन को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश परिधान और वस्त्र उद्योग में ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन’ की समूची वैल्यू चेन को एकजुट कर वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के धार जिले में स्थापित होने वाले “पीएम मित्रा पार्क” से प्रदेश में टैक्सलाइल क्षेत्र को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। राज्य में ऑर्गेनिक कॉटन का सुदृढ़ आधार, आधुनिक टेक्सटाइल/गारमेंट क्षमताएं, प्रचुर ग्रीन एनर्जी, स्थिर नीति वातावरण और तेज़ फैसले लेने की प्रशासनिक संस्कृति उद्योगों को वह भरोसा देती है, जिससे वैश्विक ब्रांड्स मध्यप्रदेश में निवेश लिए आकर्षित होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेड इन एमपी – वियर एक्रॉस द वर्ल्ड’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि राज्य का औद्योगिक मिशन है, जिसके तहत प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक प्रतिस्पर्धी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। टेक्सटाईल्स एवं गारमेंट सेक्टर से किसान महिला, युवा एवं गरीब वर्गों का सशक्तिकऱण हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में बीएसएल के अंतराष्ट्रीय सोर्सिंग लीडर्स के साथ राउण्ड टेबल बैठक की। इस अवसर पर राज्य सरकार और बीएसएल के बीच एमओयू भी हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड प्रतिनिधियों और सोर्सिंग प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश ने प्रधानमंत्री के 5 एफ विज़न को जमीनी रूप दिया है। दिल्ली में 31 जुलाई को हुई पहली बैठक को उन्होंने “संकल्प से सफलता तक” की यात्रा का प्रारंभ बताया और कहा कि भोपाल की यह बैठक उस संकल्प को ठोस परिणामों में बदलने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धार में 2,177 एकड़ में पीएम मित्रा स्थापित किया जा रहा है। जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसका भूमि पूजन किया जाएगा। भूमि-पूजन से पूर्व ही 16 हजार करोड़ रु. से अधिक के निवेश अभिरुचि-पत्र प्राप्त हो चुके हैं। टैक्सटाइल सेक्टर में अब तक प्रदेश के 3,513 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को निवेश फ्रेंडली स्थल बनाने के लिए सरकार ने कई नीतियां बनाई हैं। उद्योग संबंधी 29 अनुमतियों को कम करके अब 10 कर दिया गया है। उद्योग स्थापना के लिए 30 दिन में प्रक्रियाओं का निष्पादन किया जा रहा है। प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम है, जिससे कोई फाइल अटके नहीं और कोई निर्णय रुके नहीं। कई गैर जरूरी कानूनों को समाप्त कर दिया गया है, जिससे निवेशकों को ईज ऑफ डूईंग बिजनेस का आदर्श माहौल उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही निवेशकों को कई निवेश प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिसमें सस्ती दर पर बिजली, पानी, भूमि तथा ब्याज सब्सिडी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सामाजिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक रूप से समृद्ध प्रदेश है। यहां सांची के स्तूप एवं मानव विकास के अंकुरण के समय के शैलचित्र युक्त भीमबैठका, महाकाल जैसे प्रसिद्ध स्थल हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर जन और जंगल सह अस्तित्व से रहते हैं। कई बार बाघ शहर की सड़कों पर सैर करता हुआ भी दिख जाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण को उद्योग विकास का मूल बताया। उन्होंने बताया कि परिधान उद्योग में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रति महिला कर्मचारी 5 हजार रूपये वार्षिक प्रोत्साहन, कार्यस्थलों के निकट महिला छात्रावास और क्रेच और सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि GOTS-प्रमाणित जैविक कपास में मध्यप्रदेश की बढ़त वैश्विक ईएसजी लक्ष्यों को साधने में ब्रांडों की सीधी भागीदार बनेगी। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की श्रेष्ठता रेखांकित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरप्लस बिजली वाला राज्य है। दिल्ली की मेट्रो मध्यप्रदेश की बिजली पर चल रही है। प्रदेश प्रतिस्पर्धी दरों पर ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है। मध्यप्रदेश देश में सबसे कम दर पर बिजली दे रहा है। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा का तीव्र विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योगों के लिए ग्रीन सप्लाई-चेन संभव हो रही है। एविएशन नीति के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रति फ्लाइट 15 लाख रूपये तक की सब्सिडी, नए एयर रूट्स और हाल ही में बढ़ी हवाई कनेक्टिविटी से एक्सपोर्ट-लॉजिस्टिक्स को ठोस बढ़ावा मिला है।
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के साथ अपने सामाजिक दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन कर रहा है। देश में एयर एम्बुलेंस शुरु करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। यहां नागरिकों सामाजिक सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है।
बीएसएल और राज्य सरकार के बीच हुआ एमओयू
बैठक में राज्य सरकार और बीएसएल (बायर सोर्सिंग लीग) के बीच एमओय़ू भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एमओयू केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि विश्वास का प्रमाण है, जो मध्यप्रदेश को ‘पसंदीदा सोर्सिंग डेस्टिनेशन’ और ‘प्रोडक्शन हब’ बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। राज्य सरकार और बीएसएल के बीच एमओयू के तहत सोर्सिंग–प्रोडक्शन–लॉजिस्टिक्स–डिजाइन–कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में साझा कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पीएम मित्रा पार्क, क्लस्टर-लिंक्ड सपोर्ट, ब्रांड-इंगेजमेंट रोडशो, निर्यात संवर्धन और ईएसजी-लिंक्ड निवेशों पर केंद्रित टास्कफोर्स गठित कर समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं पर त्वरित निर्णय होंगे। राज्य आश्वस्त करता है कि निवेश, उत्पादन और रोजगार तीनों मोर्चों पर अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार मध्यप्रदेश : प्रमुख सचिव सिंह
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश का लक्ष्य वैश्विक सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य ने उद्योग केंद्रित 18 से अधिक नीतियों के माध्यम से पूंजी निवेश प्रोत्साहन, ब्याज व बिजली शुल्क में रियायत, स्टाम्प ड्यूटी/एसजीएसटी रिफंड, ¬एम्प्लॉयमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव, कौशल प्रशिक्षण व क्लस्टर विकास जैसे व्यापक प्रावधान सुनिश्चित किए हैं। सिंगल-विंडो सिस्टम, अनुमतियों की संख्या में युक्तियुक्त कटौती और 30 दिन की समय-सीमा से ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिज़नेस’ मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान बन चुका है।
प्रमुख सचिव श्री सिंह ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क (धार) में प्लग-एंड-प्ले फेसीलिटी, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट, डिजाइन/टेस्टिंग लैब्स, लॉजिस्टिक हब, आधुनिक वेयरहाउसिंग तथा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में सुदृढ़ सड़क–रेल–हवाई नेटवर्क, सूझबूझ से विकसित औद्योगिक क्षेत्रों और ड्राई पोर्ट/एयर-कार्गो सुविधाओं के साथ निर्यात-उन्मुख इकाइयों को त्वरित, विश्वसनीय सप्लाई-चेन सपोर्ट मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्य ग्रीन एनर्जी सरप्लस है; सौर और पवन परियोजनाओं के तीव्र विस्तार से उद्योगों को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धी लागत पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रदेश में सरकार द्वारा टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स सेक्टर में किए जा रहे प्रयासों, निर्यात संवर्धन के लिए राज्य-स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन, ब्रांडिंग–मार्केटिंग सहायता, विदेशी बाजारों में बीटूबी कनेक्ट और ‘डिजाइन से डिलीवरी’ तक समर्थन तंत्र का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक कॉटन के वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, रिसाइक्लिंग–सर्कुलेरिटी, वाटर रीयूज़ और कार्बन-न्यूट्रल प्रोडक्शन जैसी पहलों को नीति-स्तर पर प्राथमिकता दी गई है, जिससे मध्यप्रदेश को ‘मोस्ट सस्टेनेबल टेक्सटाइल हब’ के रूप में स्थापित किया जा सके।
‘मेड इन एमपी’ को वैश्विक ब्रांड बनाने बीएसएल के सदस्यों ने दिये सुझाव
बैठक में बीएसएल के प्रतिनिधियों ने उद्योग के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक सुझाव दिए। बीएसएल के संस्थापक सदस्य रमन ने बताया कि बीएसएल संगठन एक नॉन-प्रॉफिट प्लेटफॉर्म है, जिसमें 4,507 से अधिक सदस्य जुड़े हैं। इसके 13 अंतर्राष्ट्रीय चैप्टर्स यूरोप, जापान सहित कई प्रमुख देशों में हैं। बीएसएल की प्राथमिकता भारतीय उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सशक्त बनाना और ब्रांड–सोर्सिंग–प्रोडक्शन के बीच मजबूत सेतु तैयार करना है। नीरज नागपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश पायलट राज्य बनकर तत्काल समाधान लागू कर सकता है, जिससे नीति-स्तर के सुधारों का लाभ उद्योग इकाइयों तक तेज़ी से पहुँचे। उन्होंने ‘डिजाइन-टू-डिलीवरी’ मॉडल को संस्थागत रूप देने और ‘सर्कुलैरिटी ऑफ फैशन’ के लिए राज्य-समर्थित फ्रेमवर्क की आवश्यकता रेखांकित की। तेजस (पीवीएच, ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी) ने कहा कि राज्य में सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए ईकोसिस्टम परिपक्व है। रीसाइक्लिंग, वाटर रीयूज़ और नवकरणीय ऊर्जा आधारित उत्पादन को नीतिगत प्रोत्साहन के साथ ‘एमपी– मोस्ट सस्टेनेबल टेक्सटाइल हब’ के रूप में म.प्र. को ब्रांड किया जा सकता है। तपन बंसल (मदरकेयर) ने सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन, तेज़ अनुमतियों और टेस्टिंग–क्वालिटी सर्टिफिकेशन लैब्स के विस्तार पर जोर दिया, जिससे शिशु/बच्चों के परिधान जैसे संवेदनशील सेगमेंट्स में वैश्विक मानकों का पालन और तेज़ निर्यात संभव हो। डॉ. किरुबा देवी ने आर्टिजन–हैंडलूम क्लस्टर्स के साथ आधुनिक गारमेंटिंग यूनिट्स को ‘डिजाइन और मार्केटिंग सपोर्ट’ से जोड़ने का सुझाव दिया, जिससे पारंपरिक कौशल का आधुनिक फैशन से समन्वय हो और वैश्विक प्रीमियम सेगमेंट्स में ‘मेड इन एमपी’ की पहचान बने।
श्रेयस्कर ने ऑर्गेनिक रॉ कॉटन पर कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर का पुनरावलोकन और रेडी गारमेंट के ड्यूटी-फ्री एक्सेस का लाभ उठाने के लिये ‘रॉ–टू–रैक’ तेज़-मार्ग (फास्ट ट्रैक) का प्रस्ताव रखा। बीएसएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि संगठन के सदस्य ‘ब्रांड हेड्स, सोर्सिंग हेड्स और प्रोडक्शन हेड्स’ के रूप में वैश्विक स्तर पर कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश में स्पेशलाइज्ड टेक्सटाइल पार्क्स, हाई-टेक गारमेंटिंग यूनिट्स, डिजाइन–इननोवेशन सेंटर और ग्लोबल मार्केटिंग कैंपेन के समेकित खाके से ‘मेड इन एमपी’ को प्रमुख फैशन एवं रिटेल बाजारों में तेज़ी से स्थापित किया जा सकता है। बैठक में हनेसब्रांड्स, पीवीएच कोर्प, केयर फोर एशिया लिमिटेड., पूमा, मदरकेयर, जिवामे सहित 15 से अधिक शीर्ष वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रदेश के प्रमुख टेक्सटाइल व गारमेंट उद्योगपतियों ने भी विचार साझा किए। यह सर्वसम्मति भी बनी कि मध्यप्रदेश में कच्चे माल से लेकर तैयार परिधान तक का संपूर्ण उत्पादन-चक्र, ग्रीन एनर्जी, किफायती लागत और तेज़ अनुमति मिलकर वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बढ़त प्रदान करती हैं। बैठक में प्रदेश के परिधान और वस्त्र क्षेत्र से जुड़े प्रमुख उद्योगपतियों एवं ब्रांड प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें वर्धमान टेक्सटाइल्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक नीरज जैन, बैस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक आर. राजकुमार, सागर मैन्युफैक्चरर्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ अग्रवाल, मराल ओवरसीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट तरुण बलदुआ, भास्कर इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के निदेशक अखिलेश राठी, न्यू ज़ील फैशन वियर प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक रोहित त्रिवेदी, लायन फैब्रिक्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक हिमांशु ठकराल, सेफफ्लेक्स इंटरनेशनल लि. के वाइस प्रेसिडेंट (वाणिज्य)  जी.के. सिंह, प्रतिभा सिंटेक्स के प्रबंध निदेशक श्रेयास्कर चौधरी, गोकलदास एक्सपोर्ट्स आचारपुरा प्रा. लि. के कार्यकारी निदेशक प्रभात कुमार सिंह, कशीदा अपैरल्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ बिंद्रा, नाहर स्पिनिंग मिल्स लि. के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डी.के. मुंद्रा, ट्राइडेंट लिमिटेड (ट्राइडेंट ग्रुप) के वाईस प्रेसिडेंट अजातशत्रु शर्मा, ग्रासिम इंडस्ट्रीज लि. (एक्सेल फाइबर डिवीजन) के राज्य प्रमुख संदीप जैन, लक्ष्मीपती ग्रुप के प्रबंध निदेशक राकेश सरावगी और पैरागन अपैरल्स के प्रबंध निदेशक रोशन बैंड शामिल हैं।

सीएम डॉ मोहन यादव ने साइबर सुरक्षा जागरूकता रथ को रवाना किया

सीएम डॉ मोहन यादव ने साइबर सुरक्षा जागरूकता रथ को रवाना किया
डिजिटल पेमेंट सिस्टम में भले ही भारत का नाम दुनिया में रोशन हो रहा है, लेकिन साइबर फ्रॉड करने वालों ने इसे अपराध का हथियार बना लिया है, लगातार जागरूकता अभियान के बाद भी लोग साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस रहे हैं और अपनी मेहनत की कमाई को गंवा रहे हैं। ऐसे ही साइबर अपराधियों से बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल पेमेंट में दुनिया का अग्रणी देश बना है। वर्तमान समय में डिजिटल तकनीक अब हमारी जीवनशैली का महत्वपूर्ण अंग बन चुकी है। मोबाइल, इंटरनेट, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शिक्षा और सोशल मीडिया, ये सब अब दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। लेकिन डिजिटल सुविधाओं के साथ साइबर खतरे भी तेजी से बढ़े हैं।

डिजिटल सुविधा बन जाती है चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा, हमें जो डिजिटल सुविधा मिलती हैं, वह कभी-कभी चुनौती बन जाती हैं। डिजिटल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी कई घटनाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसी स्थिति में प्रत्येक ऑनलाइन उपयोगकर्ता के लिए जरूरी है कि वे अपने बैंक अकाउंट और सोशल मीडिया का सावधानी से उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने भारतीय स्टेट बैंक द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस के सहयोग से चलाए जा रहे साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के लिए अपने संदेश में यह बात कही।

साइबर सुरक्षा एक सामाजिक जिम्मेदारी
सीएम डॉ मोहन यादव ने बैंक खातों की सुरक्षा के उपाय बताने और ग्राहकों को साइबर अपराधियों से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे भारतीय स्टेट बैंक के साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की सराहना की एवं एसबीआई के अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। डॉ यादव ने कहा कि साइबर सुरक्षा वर्तमान समय में सामाजिक जिम्मेदारी बन चुकी है। तकनीक के उपयोग के साथ ही साइबर अपराधियों की सक्रियता भी बढ़ गई है। एसबीआई अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के साथ उन्हें ऑनलाइन डिजिटल खतरों से भी बचाने का कार्य कर रही है। डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर सजग और सतर्क रहना भी जरूरी है।

सीएम की अपील हर नागरिक बने आर्थिक प्रहरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल वर्ल्ड में हमारा बैंक खाता, सोशल मीडिया या हमारी पहचान सब प्रभावित हो सकती हैं। इसीलिए प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी है कि वह अपने मोबाइल के स्क्रीन लॉक से लेकर, पासवर्ड की गोपनीयता तक हर स्तर पर सतर्क रहे। उन्होंने कहा कि अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए, तो साइबर सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियों से बड़ी आसानी से निपटा जा सकता है। प्रदेश का हर जागरूक नागरिक आर्थिक प्रहरी के रूप में अपनी और समाज की सुरक्षा में योगदान दे सकता है। जागरुकता की दिशा में उठा हर एक कदम समाज की सुरक्षा की गारंटी बनेगा।

‘नौका तिरंगा यात्रा’ में सीएम डॉ. मोहन यादव ने की नई सौगात की घोषणा

‘नौका तिरंगा यात्रा’ में सीएम डॉ. मोहन यादव ने की नई सौगात की घोषणा
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के बोट क्लब में आयोजित ‘नौका तिरंगा यात्रा’ में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि कश्मीर की तर्ज पर अब भोपाल के बड़े तालाब में भी ‘शिकारा’ चलाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं साथ ही वहां मौजूद लोगों के साथ मिलकर देशभक्ति के तराने भी गाए। इस इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, राज्य मंत्री कृष्णा गौर, वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ी और विद्यार्थियों सहित कई लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

बोट क्लब पर निकली नौका तिरंगा यात्रा
भोपाल की शान बड़ा तालाब..आज उसका रंग ही निराला था। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आज बोट क्लब में तिरंगे से सजी कई छोटी-बड़ी नावें तैरती नज़र आई। मौका था ‘नौका तिरंगा यात्रा’ का जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी लोगों का उत्साहवर्धन किया। इस तिरंगा यात्रा में 50 से अधिक बोट बड़े तालाब की लहरों पर तिरंगे के साथ थिरकती नज़र आई। 100 से अधिक वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ी इस आयोजन का हिस्सा बनें और विभिन्न स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के माध्यम से देशभक्ति की अद्भुत मिसाल पेश की।

बड़े तालाब में चलेंगे ‘शिकारा’
इस अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल को जल्द एक नई सौगात मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की डल झील पर जिस तरह शिकारे तैरते हैं..उसी तर्ज पर अब भोपाल के बड़े तालाब में भी ‘शिकारा’ चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस दिशा में काम कर रही है और जल्द ही शहरवासियों के साथ सैलानी भी यहां शिकारा की सवारी का आनंद ले सकेंगे।

इस कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में हमारी सेना ने ऑपरेशन सिन्दूर के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ और कठोर नीति को विश्व के सामने मजबूती से रखा है। हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज पूरा देश राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर है। उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और हर घर तिरंगा अभियान में शामिल होने का आह्वान किया।

हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री साय
हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। हम सभी तिरंगे की शान को हमेशा बनाए रखेंगे, अपने अमर बलिदानियों को कभी नहीं भूलेंगे और सभी मिलकर विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं के साथ स्वतंत्रता दौड़ लगाई और भारत माता और अमर बलिदानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तिरंगे में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं समाई हैं और यह हमारी वीरता, शांति और समृद्धि के भाव की अमिट चेतना है।
मुख्यमंत्री साय ने पवित्र तिरंगे को प्रणाम करते हुए कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस में पूरा देश तिरंगामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी अलग-अलग तरीकों से इस पावन दिवस को उत्साह के साथ मना रहे है। तिरंगा यात्राएं और हर-घर तिरंगा फहराने के संकल्प ने इस पावन अवसर को जन-जन से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराती है कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की अमूल्य देन है। लाखों-करोड़ों देशभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के खास अवसर ने मुझे बचपन के दिनों की याद दिला दी। जब मैं स्कूल में था तब स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात फेरी निकलती थी, गांव-गांव में देशभक्ति गाने गूंजते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो गर्व महसूस होता था, वही गर्व आज भी हमारे दिल में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा दायित्व है कि हम अपने देश और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएं। वर्ष 2047 तक के लिए हमने विकसित छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है, और हमारी सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है। यह सरकार के साथ-साथ हम सभी का साझा संकल्प है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं बल्कि आजादी के लिए किये गए संघर्ष का प्रतिसाद है। देश को वीर सपूतों के बलिदान से आजादी मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित, स्वच्छ, स्वस्थ और श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ चलते हुए हमारे मुख्यमंत्री ने भी विकसित और समृद्धशाली छत्तीसगढ़ का सपना संजोया है। उन्होंने कहा कि इस स्वप्न को पूर्ण करने अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें।
इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार मौजूद रहे।

एशिया के सबसे बड़े रेलवे ब्रिज पर बुलट की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

एशिया के सबसे बड़े रेलवे ब्रिज पर बुलट की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

मध्य प्रदेश के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। ये रिकॉर्ड है भारतीय रेलवे का। दरअसल पिछले पांच साल से प्रदेश के कटनी जिले में एशिया के सबसे बड़े रेल ग्रेड सेपरेटर (Asia Largest Rail Bridge) की डाउनलाइन का काम पूरा हो गया है। कटनी जिले में बिलासपुर और सिंगरौली रेल खंड से दमोह-सागर रूट पर 33.4 किमी लंबे अप-डाउन और डाउन ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। डाउन लाइन की 17.52 किमी लंबी रेल लाइन, सिग्नल और अन्य तकनीकी कार्यों के बाद रेल सुरक्षा आयुक्त की उपस्थिति में पहला स्पीड ट्रायल सक्सेसफुल रहा।

11 बोगियों को लेकर दौड़े दो इंजन

बता दें कि कटनी के झलवारा से मझगवां और कटंगी तक दो इंजन 11 बोगियों को लेकर बुलट की रफ्तार से दौड़े। उड़ते जंक्शन कहे जाने वाले इस ग्रेड सेपरेटर पर ये ट्रेन 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ी।

रेल सुरक्षा आयुक्त मनोज अरोड़ा कटनी में दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। उन्होंने यहां एनकेजे-कटंगी, झलवारा से मझगवां रेलवे स्टेशन तक बन रहे डाउन ग्रेड सेपरेटर रेल ब्रिज का निरीक्षण भी किया। वे यहां मोटर ट्रॉली के माध्यम से गहन निरीक्षण करते दिखे। इस दौरान उनके साथ पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

शराबबंदी के बाद नशीली दवाओं के सेवन में भारी इजाफा

शराबबंदी के बाद नशीली दवाओं के सेवन में भारी इजाफा
बिहार में 2016 के अप्रैल महीने में नीतीश सरकार ने अप्रैल 2016 में शराब पीने, खरीदने, बेचने और उत्पादन करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। नीतीश सरकार ने यह प्रतिबंध राज्य में ​महिलाओं से जुड़े कई संगठनों और समूहों के काफी विरोध और प्रदर्शन के बाद लगाया था। हालांकि, शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पिछले 9 वर्षों में कच्ची और जहरीली शराब पीने से राज्य में 190 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offences Unit) आंकड़ों के अनुसार इन 9 वर्षों में नशीली दवाओं से संबंधित मामलों में लगभग चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

नशीली दवा के सेवन के आरोप में बढ़ी गिरफ्तारियां
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तारी में इजाफा हुआ है। वर्ष 2016 में 496 गिरफ्तारियां हुई थीं जबकि 2024 में यह बढ़कर 1,813 तक पहुंच गई। चालू कैलेंडर वर्ष के मई महीने तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 569 मामले दर्ज किए गए और 577 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

शराब की जगह अब इन ड्रग्स का कर रहे इस्तेमाल
ईओयू की रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई कि इन अवधि में चरस, स्मैक, ब्राउन शुगर और डोडा (अफीम की भूसी) जैसे मादक पदार्थों की जब्ती में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका मतलब यह हुआ कि बिहार में शराब की जगह नशे की गिरफ्त में आ चुके लोग चरस, स्मैक, ब्राउन शुगर और अफीम का सेवन करने लगे हैं।

सिथेंटिक नशा का कल्चर युवाओं में बढ़ा
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के उप महानिरीक्षक मानवजीत ढिल्लों ने कहा, “शराबबंदी के बाद से, हमने ग्रामीण इलाकों में गांजे और शहरी इलाकों में स्मैक की खपत में वृद्धि दर्ज की गई है। शहरी इलाकों में युवा मेथ, ब्राउन शुगर और कफ सिरप (इनमें कोडीन होता है, जो एक ओपिओइड है) जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थों का प्रयोग तेज़ी से कर रहे हैं।”

क्या होता है सिथेंटिक ड्रग्स?
सिंथेटिक ड्रग्स लैब में गांजा और अफीम से तैयार किए जाते हैं। वस्तुत: प्राकृतिक नशीले पदार्थों से लैब में नशीले पदार्थ तैयार किए जाते हैं जिसे सिंथेटिक ड्रग्स कहा जाता है। यह प्राकृतिक नशा के मुकाबले कई गुणा ज्यादा शक्तिशाली होते हैं। सिंथेटिक ओपियोइड्स का इस्तेमाल दर्द कम करने या मरीजों को सर्जरी से पहले बेहोश करने के लिए किया जाता है। लेकिन इसके ज्यादा इस्तेमाल से किसी मौत भी हो सकती है। एक आंकड़े के अनुसार, अमेरिका में 18 से 45 वर्ष के युवाओं की मौत का एक सबसे बड़ा कारण सिंथेटिक ड्रग्स का अंधाधुंध इस्तेमाल है।

सीएम योगी की तारीफ करना सपा को नहीं आया रास

सीएम योगी की तारीफ करना सपा को नहीं आया रास
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूजा पाल के निष्कासन को लेकर एक आदेश पत्र भी जारी किया है। इस पत्र में कहा गया है कि यूपी विधानसभा की सदस्य पूजा पाल के द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियां की गई हैं तथा सचेत करने के बाद भी उनके द्वारा गतिविधियां बंद नहीं की गईं, जिसके कारण पार्टी को काफी नुकसान हुआ। उनके द्वारा किया गया कार्य पार्टी विरोधी एवं गंभीर अनुशासनहीनता है। पूजा पाल को समाजवादी पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्काषित किया जाता है।

पत्र में आगे कहा गया, “साथ ही पूजा पाल को समाजवादी पार्टी के सभी अन्य पदों से भी हटाया जाता है, तथा अब वह समाजवादी पार्टी के किसी भी कार्यक्रम या मीटिंग आदि में हिस्सा नहीं लेंगीं और न ही उनको इसके लिए आमंत्रित किया जाएगा।”

उत्तर प्रदेश विधानसभा में ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ पर 24 घंटे चली मैराथन चर्चा को संबोधित करते हुए सपा विधायक पूजा पाल ने कहा था, “मैंने अपना पति खोया है, सब जानते हैं कि मेरे पति की हत्या कैसे हुई और किसने की। मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देती हूं, जिन्होंने मुझे न्याय दिलाया और मेरी बात तब सुनी जब किसी ने नहीं सुनी। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया और अपराधियों को दंड दिया। मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस जैसी नीतियां लाकर अतीक अहमद जैसे अपराधियों को मिट्टी में मिलाया है।”

उन्होंने कहा था, “पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है। ‘मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने मिट्टी में मिलाने का काम किया।’ मैं उनके इस जीरो टॉलरेंस का समर्थन करती हूं। मैंने तब आवाज उठाई थी, जब मैंने देखा कि कोई भी अतीक अहमद जैसे अपराधियों के खिलाफ लड़ना नहीं चाहता। जब मैं इस लड़ाई से थकने लगी, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे न्याय दिलाया।”

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से आई बाढ़

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से आई बाढ़
कुछ दिन पहले ही हिमाचल प्रदेश के मंडी और उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से काफी तबाही मची थी। इसी तरह की घटना आज जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में हुई है। आज, गुरुवार, 14 अगस्त को किश्तवाड़ (Kishtwar) में बादल फट (Cloudburst) गया। यह घटना किश्तवाड़ जिले के मचैल माता मंदिर के यात्रा मार्ग पर चशोटी इलाके में हुई। बादल फटने से बाढ़ आ गई और आसपास की नदियाँ उफान पर आ गईं। बाढ़ में एक लंगर बह गया और कई घरों-इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।
कई लोगों की मौत की आशंका

किश्तवाड़ में बादल फटने से कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार इस हादसे में 10 से ज़्यादा लोगों की मौत की आशंका है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। करीब 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है और कुछ लोग लापता भी हो गए हैं। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है।

3 जुलाई 2000 की यादों संग केबीसी रोलओवर कंटेस्टेंट्स के साथ अमिताभ बच्चन की एंट्री

3 जुलाई 2000 की यादों संग केबीसी रोलओवर कंटेस्टेंट्स के साथ अमिताभ बच्चन की एंट्री
सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाला भारत का सबसे पॉपुलर रियलिटी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) सीजन 17 का आगाज हो चुका है। इस शो को बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन होस्ट करते हैं, जिन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिलता है। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां खिलाड़ियों को उनके दाम और नॉलेज पर लाखों-करोड़ों रुपए जीतने का मौका प्रदान करता है, या उनके ज्ञान, बुद्धि और विवेक की परीक्षा होती है। यहां देश के हर एक कोने से प्रतिभागी पहुंचते हैं, जिनकी किस्मत अच्छी होती है, वह करोड़ों रुपए भी अपने नाम कर जाते हैं। कुछ खिलाड़ियों की किस्मत थोड़ी खराब भी होती है, जो हॉट सीट तक पहुंचकर भी अच्छी रकम नहीं ले पाते।

केबीसी का 16वां सीजन काफी चर्चा में रहा था, क्योंकि इस शो के खत्म होने के बाद ऐसी खबरें आई थीं कि अब अगला सीजन अमिताभ बच्चन होस्ट नहीं करेंगे, जिससे केबीसी के दर्शकों में काफी ज्यादा निराशा देखने को मिली थी।

3 जुलाई 2000 की यादें
शो के रिलीज होते ही इसे फैंस का बहुत अधिक प्यार मिल रहा है। महानायक द्वारा होस्ट किए जाने की खुशी उनके चेहरे पर साफ तौर पर देखने को मिल रही है। खाली के एपिसोड में उन्होंने रोलओवर कंटेस्टेंट के साथ स्टेज पर एंट्री की और अपने पुराने समय को याद किया। उन्होंने बताया कि शो शुरू होने से पहले पूरी टीम घबराई हुई थी क्योंकि इसमें ना तो कोई गाना था और ना ही कोई डांस, केवल सवाल और सवाल के बदले जवाब थे। यह बात साल 2000 की है। आगे उन्होंने बताया कि केबीसी चलेगा या नहीं, लोग मुझे टीवी पर देखना पसंद करेंगे या नहीं, हम सभी की बोलती बंद ना हो जाए क्योंकि फिल्मों में तो हम एक कमरे के सामने होते थे लेकिन इस शो में हम 10-10 कैमरे के सामने होते हैं। 3 जुलाई को केबीसी का पहला दिन था। इस दिन हार्ट बीट नहीं, बल्कि हिट-पीट चल रही थी, छाती पर ऐसे दन दना दन…।

शो को अब 25 साल पूरे हो चुके हैं। तब भी अमिताभ बच्चन की नर्वसनेस बिल्कुल भी खत्म नहीं हुई, इस बात का खुलासा उन्होंने खुद ही किया। आगे उन्होंने अपना यह किस्सा शेयर करते हुए बताया कि अपने बारे में कहना अच्छा नहीं लगता लेकिन दावे के साथ हम यह कह सकते हैं कि इतने सालों बाद भी नर्वसनेस रत्ती भर भी खत्म नहीं हुई है। 25 बरस, 17 सीजन और करीब 1400 एपिसोड के बाद भी कॉन्फिडेंस नहीं आया। जैसा हाल पहले था, वैसा ही आज भी है। इन सारी घबराहट के बीच केवल एक ही टॉनिक है जो हमें ना थकने देता है और ना ही जोश को कम होने देता है, वह टॉनिक है 25 सालों से आप लोगों की बज रही तालियां।

कर्ज से मुक्ति दिलाएगा शिव महापुराण का ये उपाय

कर्ज से मुक्ति दिलाएगा शिव महापुराण का ये उपाय
शिव महापुराण (Shiv Mahapuran) एक ऐसा ग्रंथ है जो हमें भगवान शिव को प्रसन्न करने के कई उपाय बताता है। अगर हम अपने जीवन में किसी भी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं तो इन उपायों के जरिए समाधान प्राप्त कर सकते हैं। शिवलिंग पर जल चढ़ाना, बेलपत्र चढ़ाना शमी के पत्ते चढ़ाना आंकड़े के फूल भांग धतूरा इन सारी चीजों के बारे में अपने सुन रखा होगा।

इन सारी चीजों से जुड़े कई सारे उपाय हैं जो हम अपने अलग-अलग से समस्याओं छुटकारा पाने के लिए कर सकते हैं। अगर आप धन प्राप्त करना चाहते हैं कर्ज से मुक्ति चाहते हैं या आपको अपनी कोई मनोकामना पूरी करनी है तो हम आपको कुछ खास उपाय बताते हैं।

शिव महापुराण मनोकामना पूर्ति उपाय (Shiv Mahapuran)
अगर आपकी कोई इच्छा है जो लंबे समय से पूरी नहीं हो पा रही है तो आप भोलेनाथ को उसके लिए प्रसन्न कर सकते हैं। अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए आपको शिवलिंग पर एक लाख बेलपत्र अर्पित करने होंगे। ये भोलेनाथ की प्रिय वस्तुओं में से एक है जो उनकी पूजन में आवश्यक उपयोग की जाती है।

कर्ज से मुक्ति के लिए
अगर कर्ज की समस्या से परेशान चल रहे हैं। सभी तरह की कोशिश करने के बावजूद भी कर्ज नहीं उतर पा रहा है। इसके लिए मंगलवार को पके हुए चावल से शिवलिंग को ढक दें। इसके बाद आपके साथ बेल पत्र अर्पित करने होंगे। इस उपाय से देखते ही देखते आपको कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी।

धन प्राप्ति के लिए
हर व्यक्ति धन, दौलत और बरकत की कामना करता है। अगर आप भी धन प्राप्ति करना चाहते हैं तो तांबे के लोटे में जल भरें। अब इसमें आपको आंकड़े के फूल लेकर शिवलिंग पर अर्पित करना होगा। जल शिवलिंग पर चढ़ाएं और आंकड़े के फूल जलाधारी में अशोक सुंदरी के स्थान पर रखें। इस उपाय से देखते ही देखते आपकी धन संबंधी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी।

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