बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर गया में बीजेपी के सामने अपने गढ़ बचाने की चुनौती

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर गया में बीजेपी के सामने अपने गढ़ बचाने की चुनौती
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रत्येक विधानसभा में संभावित प्रत्याशी अपनी जीत हार के लिए मैदन मां उतर चुके हैं। बिहार के गयाजी में इस दफा रोचक मुकाबला होने की संभावना है। इस सीट पर पिछले 35 साल से बीजेपी का कब्जा है। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी के राजनीतिक कद के हिसाब से जीत का अंतर ऊपर-नीचे हुआ, लेकिन जीत का सेहरा बीजेपी के प्रेम कुमार के सिर पर चढ़ा। विपक्षी दलों ने प्रेम कुमार को पटखनी देने के लिए बार-बार अलग-अलग चेहरा को मैदान में उतारा। लेकिन, उनको कभी सफलता नहीं मिली। हालांकि, पिछले तीन चुनावों से जीत का कम होता अंतर प्रेम कुमार के लिए इस बार चैलेंज है। प्रेम कुमार नीतीश सरकार में सहकारिता मंत्री हैं।

बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने
2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर थी। कांग्रेस की ओर चुनाव मैदान में बीजेपी के प्रेम कुमार के खिलाफ अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव थे। लेकिन, कड़ी टक्कर में प्रेम कुमार 11898 वोट से जीत गए। इस बार चुनाव में महागठबंधन की चुनौती भाजपा के तिलिस्म को तोड़ने की होगी। देखना होगा कि बीजेपी यह सीट बचाती है या महागठबंधन 35 सालों का रिकार्ड तोड़ती है।

हारी बाजी जीतने की चुनौती
दरअसल, 1990 में ‘मंडल’ की लहर में जब बिहार में कांग्रेस का गढ़ ढहना शुरू हुआ तो इसकी चपेट में गया टाउन विधानसभा क्षेत्र भी आया। यहां 1990 में डॉ प्रेम कुमार ने जो खूंटा गाड़ा, वह आजतक कायम है। इससे पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था। पिछले (वर्ष 2020) चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस का प्रदर्शन ठीक था। हालांकि कांग्रेस चुनाव हार गई थी। पिछले चुनाव (2020) में प्रेम कुमार के खिलाफ सबसे ज्यादा वोट कांग्रेस प्रत्याशी अखौरी ओंकार नाथ (55034) को मिले थे। वोटों के अंतर के लिहाज से प्रेम कुमार को सबसे कड़ी टक्कर 2000 में सीपीआई के मसउद मंजर से मिली थी। तब, हार और जीत में मतों का अंतर सिर्फ 3959 था। प्रेम कुमार को 37 हजार 264 और मसउद मंजर 33 हजार 205 वोट मिले थे।

विधानसभा का जातीय समीकरण
गया जी शहर में अल्पसंख्यक समुदाय और वैश्य समाज के करीब 50-50 हजार वोटर हैं। वहीं कायस्थ और चंद्रवंशी समाज के 25-25 हजार वोटर हैं। नई बसावट के कारण भूमिहार 25 हजार, राजपूत 15 हजार, अतिपिछड़ा करीब 30 हजार, कोयरी-कुर्मी आदि के 25 हजार वोटर हैं।

1985 के बाद कांग्रेस का नहीं खुला खाता
1951 में गया विधानसभा सीट अस्तित्व में आया। अस्तित्व में आने के बाद से इस सीट पर पांच बार कांग्रेस यहां से चुनाव जीती। दो बार जनसंघ और एक बार निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिली। हालांकि 1985 के बाद कांग्रेस इस सीट पर कभी नहीं जीती। 1990 से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है।

PM मोदी ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया, सरकारी मंत्रालयों-विभागों को मिला नया ठिकाना

PM मोदी ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया, सरकारी मंत्रालयों-विभागों को मिला नया ठिकाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन का उद्घाटन किया। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक साथ लाकर कर्तव्य भवन में शिफ्ट किया जाएगा जिससे दक्षता, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय/विभाग और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय होंगे।

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए ऐसे कुल 10 भवनों का निर्माण होना है। इनमें से कर्तव्य भवन-3 बनकर तैयार हो गया है, इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। साथ ही वह शाम छह बजे कर्तव्य पथ पर एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। परियोजना पूरी होने के बाद किराये के तौर पर खर्च होने वाले 1500 करोड़ रुपये की बचत होगी।

कर्तव्य भवन में क्या है खास
लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस अत्याधुनिक कार्यालय परिसर में दो बेसमेंट और सात मंजिलें (भूतल+6 मंजिल) हैं। वर्तमान में, कई प्रमुख मंत्रालय 1950 और 1970 के दशक के बीच निर्मित शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतों से काम करते हैं, जो 1950-70 के दशक में बनाई गई थीं।

भवन में सुरक्षित और आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कमांड सेंटर, सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं हैं। यह पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को भी बढ़ावा देता है, जिसमें अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं। इमारत को ठंडा रखने और बाहरी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए इसमें कांच की विशेष खिड़कियां लगाई गई हैं।

कर्तव्य भवन-3 : एक नजर में
⦁ कुल क्षेत्रफल- 1.50 लाख वर्ग मीटर
⦁ भूतल क्षेत्रफल- 40 हजार वर्ग मीटर
⦁ कुल तल- दो भूतल सहित कुल दस तल
⦁ पार्किंग क्षमता- 600 कारों की
⦁ बैठने की व्यवस्था- वर्क हाल और केबिन
⦁ कॉमन सुविधा- योगा, क्रेच,मेडिकल रूम, कैफे, मल्टीपरपज हॉल
⦁ 24 मुख्य कांफ्रेंस हाल, क्षमता- प्रत्येक में 45 व्यक्तियों के बैठने की
⦁ 26 छोटे कांफ्रेंस हाल, क्षमता-प्रत्येक में 25 व्यक्तियों के बैठने की
⦁ 67 मीटिंग रूम या वर्क हाल, प्रत्येक की क्षमता नौ लोगों की
⦁ लिफ्ट- 27, सेंट्रलाइज एयर कंडीशन, स्वचालित सीढियां- दो

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। यह अवसर हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और योगदान को स्मरण करने तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह-2025 के आयोजन से जुड़ी तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में तय किया गया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का सभी जिलों में होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाईव प्रसारण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता के नाम संदेश का लाईव प्रसारण पूरा होने के बाद जिलास्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपने संबोधन में जिले में संचालित फ्लैगशिप योजनाओं, विकास कार्यक्रमों, जिले में आए निवेश, कृषि एवं सिंचाई के क्षेत्र में हुए विकास और अन्य उल्लेखनीय गतिविधियों के बारे में भी नागरिकों को जानकारी देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन पूरे हर्ष उल्लास, गरिमा और जन सहभागिता के साथ हो। विशेष रूप से युवा वर्ग में देशभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय समारोह स्थल पर बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समारोह में लोकतंत्र सेनानियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वाधीनता दिवस समारोह में शामिल होकर देशभक्ति के संदेश का प्रसार करें।
बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में मंत्रीगण द्वारा राज्य एवं जिलास्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह में गरिमा के अनुरूप नवाचारों के संबंध में सुझाव भी दिए गए। अधिकारियों द्वारा समारोह के सुचारु आयोजन के लिए की जा रही व्यापक तैयारियों की सिलसिलेवार जानकारी दी गई।

शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले में नया मोड़

शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले में नया मोड़
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को बीजेपी (BJP) नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के काफिले पर हुए हमले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस घटना में बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि टीएमसी ने इसे बीजेपी का ‘सुनियोजित नाटक’ करार देते हुए बड़ा दावा किया है।

क्या हुआ था घटनास्थल पर?
खबरों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी कूचबिहार में पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के बाहर बीजेपी की एक रैली का नेतृत्व करने और बीजेपी कार्यकर्ताओं पर कथित अत्याचार के विरोध में एक ज्ञापन सौंपने गए थे। इस दौरान खगराबाड़ी चौराहे पर टीएमसी के झंडे और काले झंडे लिए एक भीड़ ने उनके काफिले को घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने ‘वापस जाओ’ और ‘चोर’ जैसे नारे लगाए, साथ ही काफिले पर पथराव और लाठी-डंडों से हमला किया। इस हमले में शुभेंदु अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक की बुलेटप्रूफ गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए, साथ ही एक पुलिस वाहन की खिड़की भी क्षतिग्रस्त हुई।

बीजेपी के आरोप
बीजेपी ने इस हमले के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि टीएमसी ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को इकट्ठा कर उनके काफिले पर हमला करवाया। उन्होंने कहा, “खगराबाड़ी मस्जिद के सामने टीएमसी ने यह हमला करवाया। मेरी बुलेटप्रूफ गाड़ी ने मुझे बचा लिया, वरना नतीजा कुछ और हो सकता था।” बीजेपी नेता निसिथ प्रमाणिक ने उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा पर हमले का नेतृत्व करने का आरोप लगाया। बीजेपी ने इसे ममता बनर्जी सरकार में ‘गुंडाराज’ का सबूत बताया और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।

टीएमसी का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि इस हमले में उनकी पार्टी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था। टीएमसी के कूचबिहार जिला अध्यक्ष पार्थ प्रतिम रे ने कहा, “यह हमला बीजेपी की अंदरूनी कलह का नतीजा है। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने शुभेंदु के खिलाफ प्रदर्शन जरूर किया, लेकिन कोई हिंसक हमला नहीं हुआ। बीजेपी ने यह ड्रामा अपने आंतरिक समर्थन को मजबूत करने और मीडिया का ध्यान खींचने के लिए रचा।” टीएमसी ने यह भी कहा कि वे बीजेपी शासित राज्यों में बंगालियों के कथित उत्पीड़न और बंगाल में ‘बैकडोर एनआरसी’ लागू करने की कोशिशों के खिलाफ 19 स्थानों पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे।

ब्रेन ट्यूमर से हुई फेमस एक्ट्रेस केली मैक की मौत

ब्रेन ट्यूमर से हुई फेमस एक्ट्रेस केली मैक की मौत
डस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर आ रही हैं। फेमस एक्ट्रेस केली मैक की मौत हो गई है। वह ब्रेन ट्यूमर से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी जिसमें वह हार गई और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। केली मैक के निधन से पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई अपनी फेवरेट स्टार को सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहा है। वहीं, किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि महज 33 साल की उम्र में केली मैक दुनिया छोड़कर चली गई हैं।

एक्ट्रेस केली मैक का हुआ निधन (Kelley Mack Passed Away)
एक्ट्रेस केली मैक के परिवार ने ही उनके निधन की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दी थी। पोस्ट में लिखा था, “बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हम लोगों की प्यारी केली अब हमारे बीच नहीं रही हैं। एक चमकता सितारा दुनिया के उस पार चला गया है, जहां हम सभी को अंत में जाना है।”

केली मैक पिछले एक साल से ब्रेन ट्यूमर का इलाज करवा रही थीं। केली मैक का एक लंबी लड़ाई के बाद 2 अगस्त को निधन हुआ है। केली मैक पिछले एक साल से डिफ्यूज मिडलाइन ग्लियोमा से पीड़ित थीं। डिफ्यूज मिडलाइन ग्लियोमा एक तरह का ब्रेन ट्यूमर होता है, जो दिमाग के थैलेमस और स्पाइनल कॉर्ड पर अटैक करता है। केली को इस बीमारी गंभीर बीमारी के बारे में लगभग एक साल पहले ही पता चला था। उन्होंने कैंसर के साथ अपनी इस जंग के बारे में भी फैंस से खुलकर बात की थी।

Repo Rate में नो चेंज, आपकी Loan की EMI नहीं बढ़ेगी

Repo Rate में नो चेंज, आपकी Loan की EMI नहीं बढ़ेगी
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बार प्रमुख ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मलहोत्रा ने मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बताया कि बैठक में रेपो रेट को यथावत रखने का फैसला हुआ है। प्रमुख ब्याज दर 5.5 फीसदी पर ही बनी रहेगी। मौद्रिक नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ रखा गया है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि प्रमुख महंगाई दर 4 फीसदी के करीब बनी हुई है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.5 फीसदी रखा है।

क्या है जीडीपी ग्रोथ अनुमान?
संजय मलहोत्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.5 फीसदी है। इसी तरह दूसरी तिमाही के लिए यह 6.7 फीसदी, तीसरी तिमाही के लिए 6.6 फीसदी, चौथी तिमाही के लिए 6.3 फीसदी है। वहीं, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी का अनुमान 6.6 फीसदी बताया है।

घटाया महंगाई का अनुमान
आरबीआई ने मौद्रिक नीति में वित्त वर्ष 2026 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान घटाकर 3.1 फीसदी कर दिया है। यह अनुमान पहले 3.7 फीसदी था। महंगाई पर आरबीआई के तिमाही अनुमानों की बात करें, तो यह वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के लिए 2.1 फीसदी से 3.4 फीसदी, तीसरी तिमाही के लिए 3.1 फीसदी से 3.9 फीसदी, चौथी तिमाही के लिए 4.4 फीसदी और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए 4.9 फीसदी है।

इससे पहले 1% घट चुकी है रेपो रेट
भारतीय रिजर्व बैंक ने फरवरी 2025 में करीब 5 साल के बाद रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी। इससे रेपो रेट घटकर 6.25 फीसदी पर आ गई थी। फिर अप्रैल में आरबीआई ने दोबारा 0.25 फीसदी का रेट कट किया। इसके बाद जून 2025 में आरबीआई ने प्रमुख ब्याज दर में और बड़ी कटौती की। केंद्रीय बैंक ने उस समय ब्याज दर में 0.50 फीसदी की कटौती कर सबको चौंका दिया था। इससे रेपो रेट घटकर 5.50 फीसदी पर आ गई। इस तरह साल 2025 में आरबीआई 100 आधार अंक यानी 1 फीसदी की कटौती कर चुका है।

अमेरिका से 38 साल पुराना समझौता तोड़कर ट्रंप को दे दिया बड़ा संकेत

अमेरिका से 38 साल पुराना समझौता तोड़कर ट्रंप को दे दिया बड़ा संकेत
रूस ने छोटी और मध्यम दूरी की परमाणु मिसाइलों की तैनाती पर रोक लगाने वाली इंटरमीडियट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस ट्रीटी (आइएनएफ संधि) से खुद को हटाने का फैसला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की मास्को यात्रा से ठीक पूर्व रूस ने यह कदम उठाया है।

रूसी सुरक्षा परिषद् के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने शीत युद्ध कालीन समझौते से हटने के लिए नाटो देशों को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही मेदवेदेव ने चेतावनी दी कि आगे और भी कदम की उम्मीद करें।

मेदवेदेव से पहले रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चूंकि यूरोप और एशिया-प्रशांत में अमेरिका की मध्यम और छोटी दूरी की मिसाइलों की तैनाती की स्थिति विकसित हो रही है। इसलिए समान हथियारों की तैनाती पर एकतरफा रोक लगाने की शर्तें समाप्त हो गई है।

रूस ने बंद किया हवाई क्षेत्र, मिसाइल परीक्षण
रूस ने ऐस्ट्राखेन ओब्लास्ट में कपुस्टिन यार परीक्षण रेंज के ऊपर अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। यह कदम संधि के प्रतिबंधों से हटने के बयान की पृष्ठभूमि में उठाया गया है, जो मिसाइलों के परीक्षण की तैयारी का संकेत हो सकता है।

अमेरिका को वर्चस्व खत्म होना स्वीकार नहीं रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा है कि अमेरिका अपना वर्चस्व खत्म होना स्वीकार नहीं कर पा रहा। वर्चस्व कायम रखने के लिए ‘नव उपनिवेशवादी नीति अपना रहा है।
38 साल पुराना समझौता तोड़ा……

1987 में रूस और अमेरिका के बीच समझौता हुआ था कि दोनों देश 500 से 5500 किमी की रेंज वाली बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों की तैनाती नहीं करेंगे।

अमेरिका के 2019 में इस समझौते से बाहर निकलने के बाद भी रूस ने कहा था कि वह अमेरिका द्वारा तैनाती नहीं किए जाने तक, इस समझौता का पालन करेगा। पर मंगलवार को रूस इससे भी अलग हो गया।

प्रदेश में चलेगा सोलर पंप स्थापित करने का सघन अभियान – मुख्यमंत्री

प्रदेश में चलेगा सोलर पंप स्थापित करने का सघन अभियान – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसानों के खेतों पर कुसुम योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों का किसानों को लाभ दिलवाते हुए सोलर पंप स्थापना में पूर्ण सहयोग किया जाए। इसके लिए नवकरणीय ऊर्जा विभाग और सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय से कार्य कर लक्ष्य पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री राकेश शुक्ला की उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष सोलर पंप स्थापित करने का अभियान प्रारंभ हो चुका है। इस कार्य की प्रगति की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विस्तार पूर्वक समीक्षा की।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में आगामी वर्ष तक 10 लाख सोलर पंप स्थापित किए जाएंगे। चरणबद्ध रूप से यह कार्य किया जा रहा है। किसानों को खेतों में सोलर पंप की स्थापना से जहां सामान्य बिजली के उपयोग पर होने वाले अत्यधिक व्यय से मुक्ति मिलेगी वहीं इस नवाचार से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। यह कार्य प्रदेश में गति प्राप्त करेगा। इसके लिए किसानों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे। आने वाले समय में यह भी संभव होगा कि किसान उत्पादित ऊर्जा का विक्रय कर सकेंगे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एफपीओ किसानों से फसल खरीदने तक ही सीमित न रहें, उत्पाद की प्रोसेसिंग कर लाभ भी अर्जित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एफपीओ किसानों से फसल खरीदने तक ही सीमित न रहें, उत्पाद की प्रोसेसिंग कर लाभ भी अर्जित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाकर स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसी लक्ष्य की पूर्ति और प्रदेश के विकास के लिए राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किए हैं। प्रदेश के औद्योगिकीकरण में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर लगभग 55 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से सिंचाई के लिए 32 लाख सोलर पंप बांटने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य की कृषि उत्पादकता अच्छी है और अब हम फूड प्रोसेसिंग में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) केवल किसानों से फसल खरीदने तक सीमित न रहें, बल्कि अनाज और अन्य उत्पादों की प्रोसेसिंग कर उसे बाजार में बेचें, जिससे एफपीओ से जुड़े किसान सदस्यों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्था में ‘समृद्ध एफपीओ- आत्मनिर्भर किसान-विकसित भारत’ संकल्प के अंतर्गत एफपीओ फेडरेशन मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित “एफ.पी.ओ. डायरेक्टर समिट-2025” को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में रतलाम जिले से आई स्व-सहायता समूह की बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर बांस से बनी राखियां बांधीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए किसानों को स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं।

फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों को फूड प्रोसेसिंग से जोड़ा जा रहा है। मालवा अंचल में आलू चिप्स निर्माण के लिए बड़ा उद्योग स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के औद्योगिकरण में एफपीओ की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। एफपीओ केवल फूड प्रोसेसिंग ही न करें, बल्कि वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक्स में भी योगदान दें। एफपीओ के माध्यम से किसान अपने उत्पादों का दायरा बढ़ाएं। सरकार सभी प्रकार के उद्योगों को बिजली, पानी और जमीन देकर हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। रोजगार आधारित उद्योग लगाने पर सरकार द्वारा उद्योगों में नियोजित महिला कर्मचारी को उनके मासिक वेतन में 6000 रुपए और पुरूष कर्मचारी को पांच हजार रूपए अनुदान, 10 वर्ष तक दिया जाएगा।

विश्व में मध्यप्रदेश के जैविक कपास की विशेष मांग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज उत्पादन बढ़ाने के लिए फसलों में रासायनिक दवाओं के उपयोग की चुनौतियां आ रही हैं। प्रदेश में पारंपरिक खेती का दायरा कम हुआ है। पहले जहां चावल उत्पादन नहीं होता था, वहां अब चावल की खेती बढ़ रही है। इसी प्रकार कपास का रकबा कम हो रहा है। पहले मालवा और निमाड़ अंचल का कपास उत्पादन में विशेष स्थान था। मध्यप्रदेश में उच्च गुणवत्ता का जैविक कपास होता है। दुनिया में धागा और कपड़ा बनाने के लिए चीन के कपास को पसंद नहीं किया जाता, मध्यप्रदेश के कपास की विशेष मांग है। चीन और वियतनाम अपने कपास को मध्यप्रदेश के कपास के नाम से बेच रहे हैं।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार किसान संगठनों का सहयोग लेगी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गतिविधियों के संचालन में राज्य सरकार, भारतीय किसान संघ और मालवम फेडरेशन जैसे संगठनों की सहायता लेगी। राज्य सरकार ने किसानों को गेहूं का प्रति क्विंटल दाम 2600 रुपए कर दिया है। तुअर दाल पर टैक्स हटाया है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज (कोदो-कुटकी) खरीदने की भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। पात्र हितग्राहियों को सब्सिडी पर गाय-भैंस जैसे दुधारू पशु उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग के साथ प्रदेश में मिल्क प्रोसेसिंग और मिल्क प्रोडक्ट के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है – मंत्री श्री कंषाना

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। जब प्रदेश का किसान समृद्ध होगा, तो देश समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है, लेकिन डीएपी की थोड़ी कमी है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 14 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 12 लाख मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। सरकार 10 लाख मैट्रिक टन यूरिया किसानों को बांट चुकी है। किसानों पर भगवान श्रीराम की कृपा है। प्रदेश में पर्याप्त वर्षा हो रही है। बाढ़-बारिश से हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा

भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री के.साईं रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा। हमारा लक्ष्य भारत को विश्व की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनाना है। एफपीओ पांडवों की तरह मिलकर चलें, तो निश्चित रूप से प्रगति करेंगे। हम देश के 1 लाख गांवों तक जाने के लिए प्रयासरत हैं। भारतीय किसान संघ गांव और किसानों की उन्नति के लिए कार्य कर रहा है।

एफपीओ को फसल और उत्पादों की मार्केटिंग के लिए निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता

भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि भगवान बलराम को आदर्श मानकर हम किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत का सपना, सबका साथ सबके विकास से ही पूर्ण होगा। किसानों को समृद्ध करना होगा, जिसमें एफपीओ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। केंद्र सरकार ने देश के सभी एफपीओ को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। एफपीओ को फसल और उत्पादों की मार्केटिंग के लिए निरंतर प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता है। भारतीय किसान संघ ने एफपीओ को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर माही फेडरेशन और 6 राज्यों में राज्यस्तरीय फेडरेशन बनाए हैं, जिनमें से मध्यप्रदेश में मालवम फेडरेशन है। कार्यक्रम में सचिव कृषि विभाग निशांत बरवड़े, के.कुमार स्वामी (हुबली), कमल सिंह, महेश सहित किसान संघ के कैलाश सिंह ठाकुर, नारायण यादव, घनश्याम पाटीदार, कमल पाटीदार, सूरज सिंह ठाकुर, अतुल महेश्वरी और बड़ी संख्या में एफपीओ के संचालकगण उपस्थित थे।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, लंबे समय से बीमार थे

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, लंबे समय से बीमार थे
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके सहयोगी कंवर सिंह राणा ने निधन की पुष्टि की है।

कौन थे सत्यपाल मलिक
बागपत के हिसावदा गांव निवासी सत्यपाल मलिक ने मेरठ कॉलेज में पढ़ाई के दौरान 1965 में छात्र राजनीति में प्रवेश किया। 1966-67 में मलिक मेरठ कॉलेज के पहले छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह ने भारतीय क्रांति दल का गठन किया। 1974 के विधानसभा चुनाव में बीकेडी के टिकट पर बागपत सीट से चुनाव लड़ा और विधानसभा पहुंचे।

1975 में लोकदल के गठन के बाद उन्हें अखिल भारतीय महामंत्री नियुक्त किया गया। 1980 में लोकदल के प्रतिनिधि के रूप में उन्हें राज्यसभा भेजा गया। इस बीच उनकी लोकदल के नेताओं से खटपट बढ़ गई, जिसके बाद 1984 में मलिक ने कांग्रेस की सदस्यता ली।

1986 में कांग्रेस के प्रतिनिधि के तौर पर राज्यसभा भेजे गए और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री नियुक्त किए गए थे। 1987 में बोफोर्स घोटोले से दुखी होकर राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया और जनमोर्चा में शामिल हो गए। 1988 में जनता दल में शामिल हुए और 1991 तक जनता दल के प्रवक्ता और सचिव रहे। 1989 में जनता दल के टिकट पर अलीगढ़ से सांसद चुने गए।
मलिक 2004 में भाजपा में शामिल हुए और बागपत लोकसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद 2005-06 में यूपी भाजपा के उपाध्यक्ष बनाए गए। 2009 में भाजपा किसान मोर्चा के अखिल भारतीय प्रभारी बनाए गए।

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