जय प्रकाश चिकित्सालय में विधायक भगवानदास सबनानी ने निःशुल्क शव वाहनों को दिखाई हरी झंडी

जय प्रकाश चिकित्सालय में विधायक भगवानदास सबनानी ने निःशुल्क शव वाहनों को दिखाई हरी झंडी
भोपाल : बुधवार, जुलाई 30, 2025/ मध्य प्रदेश सरकार अब जीवन की अंतिम यात्रा में भी अपने नागरिक को साथ खड़ी रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर से प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए 148 निशुल्क शव वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, यह योजना राज्य सरकार की सेवा संवेदना और सामाजिक न्याय की भावना को दर्शाने वाली देश की पहली अनूठी पहल है, जिसके तहत अंतिम संस्कार से पहले आर्थिक देह को सम्मान पूर्वक गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब सरकार निभाएंगी।

योजना के तहत जिला चिकित्सालय जय प्रकाश चिकित्सालय से दो शव वाहन की व्यवस्था की गई, बुधवार को भाजपा के प्रदेश महामंत्री व दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के विधायक भगवानदास सबनानी ने निःशुल्क शव वाहन सेवा को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर सबनानी ने कहा कि भाजपा की सरकार संवेदनशील है और हमेशा जनता के साथ उनके सुख-दुख में खड़ी रहती है, हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिलों के लिए निशुल्क शव वाहनों की व्यवस्था की है, इस सेवा के शुरू होने से गरीब वर्ग के लिए सम्मान और राहत का माध्यम बताते हुए कहा कि कई बार निर्धन परिवार शव वाहन के अभाव में अपने प्रियजन की पार्थिव देह असुविधाजनक परिस्थितियों में घर तक ले जाने को विवश होते थे अब वह समस्या समाप्त होगी। जरूरतमंदों को 24 घंटे इन वाहनों की सुविधा उपलब्ध होगी, यह वाहन शासकीय चिकित्सा संस्थानों में होने वाली मृत्यु की स्थिति में 24 घंटे निःशुल्क उपलब्ध रहेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा केवल एक परिवहन सुविधा नहीं बल्कि अंतिम समय में मानव गरिमा की रक्षा का प्रयास है। मैं मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला का आभारी हूं कि उन्होंने मानवता से जुड़ी इस ऐतिहासिक कदम को उठाया। कार्यक्रम में सीएचएमओ मनीष शर्मा, सिविल सर्जन राकेश श्रीवास्तव, पार्षद ब्रजुला सचान, मंडल अध्यक्ष सोनू पालीवाल, किरण तिवारी, दिलीप ओसवाल, जितेंद्र मालवीय, गौरव जैन, शिखा अरसे, विकास गौतम सहित डॉक्टर्स और अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।

सजग रहें, एहतिहात बरतें, वर्षा प्रभावितों के भोजन-पानी, रहवास और दवा सबकी व्यवस्था करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सजग रहें, एहतिहात बरतें, वर्षा प्रभावितों के भोजन-पानी, रहवास और दवा सबकी व्यवस्था करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है। जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में जिला एवं पुलिस प्रशासन सहित होमगार्ड, आपदा प्रबंधन दल सब मिल जुलकर पूरी सजगता और सतर्कता से कार्य करें। राहत एवं बचाव दल पूरी तैयारी से रहें और जरूरमंदों तक तत्काल सभी प्रकार की मदद पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को होमगार्ड मुख्यालय स्थित आपदा प्रबंधन कक्ष (स्टेट कमांड सेंटर) पहुंचकर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा के चलते उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली और जन सुरक्षा प्रबंधन के संबंध में अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, डीजी होमगार्ड प्रज्ञा श्रीवास्तव, एडीजी ए.सांई मनोहर, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बताया गया कि प्रदेश में बीते तीन दिनों से भारी वर्षा हो रही है। भारी वर्षा के चलते प्रदेश के कुछ जिलों में गांव और घरों में पानी भर जाने जैसी उत्पन्न परिस्थितियों में अब तक 2900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। प्रदेश में जहां-जहां अतिवर्षा की सूचना और लोगों के बाढ़ के पानी फंस जाने की जानकारी मिली है, वहां पूरी क्षमता से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा नियंत्रण कक्ष से जिलों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का लाइव ऑपरेशन का अवलोकन किया। उन्होंने आपदा बचाव दल में तैनात अधिकारियों से बात की और राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बचाव दल के अधिकारियों से पूछा कि बाढ़ से बचाव में किसी प्रकार के संसाधन की कमी तो नहीं है? अधिकारियों ने बताया कि सभी संसाधन उपलब्ध हैं और प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों और सिविल सोसाइटी से भी मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने जलमग्न इलाकों से सुरक्षित निकाले गए पीड़ितों से रू-ब-रू चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है, सरकार हर कदम पर आपके साथ है। पीड़ितों के घर, सामान, फसल, पशु जिसकी भी हानि हुई है, सरकार उसकी समुचित भरपाई करेगी।

जीवन बचाने में मददगारों को पुरस्कृत किया जायेगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे सभी तरह का ऐहतियात बरतें। आपदा नियंत्रण के सभी इंतजाम तैयार रखें। बाढ़ आने की स्थिति में तत्काल लोगों का रेस्क्यू करें। उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी कम होते ही जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे करा लें और अतिवर्षा तथा बाढ़ से जो भी नुकसान हुआ है, उन्हें समुचित मुआवजा देने के लिए विधिवत् प्रस्ताव तैयार कर लें। सरकार हर बाढ़ पीड़ित की भरपूर मदद करेगी। कलेक्टर्स ने बताया कि लोगों को बाढ़ प्रभावितों क्षेत्रों से सुरक्षित निकालने में सामाजिक संगठनों ने भी मदद की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकालकर उनका जीवन बचाने में मदद करने वाले लोगों की सूची तैयार कर लें, सरकार ऐसे साहसी, परोपकारी और मददगार लोगों को आगामी 15 अगस्त और अन्य अवसरों पर भी सम्मानित करेगी। इन्हें पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर संभाग के गुना, शिवपुरी, दतिया और अशोकनगर, सागर संभाग के सागर, दमोह, छतरपुर, भोपाल संभाग के विदिशा एवं रायसेन जिले में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और यहां चल रहे रेस्क्यू कार्यों का लाइव अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने बचाव दल के अधिकारियों से लाइव चर्चा करते हुए कहा कि किसी की जान बचाना सेवा का काम है। इसी भाव और पूरे समर्पण से अपना कार्य करें। सरकार के स्तर से जिस प्रकार की मदद की आवश्यकता है वह बताएं, सरकार समुचित व्यवस्थाएं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि नाव से किसी बाढ़ प्रभावित को सुरक्षित निकालना या बचा पाना संभव न हो, तो ऐसी स्थिति में सरकार हेलीकाप्टर के जरिए प्रभावितों को एयरलिफ्ट करायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और अति वर्षा से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा प्रबंधन कक्ष से जिलों में मौजूद व्यवस्थाओं, अलर्ट सिस्टम्, निगरानी तंत्र और अब तक किए गए सभी प्रकार के रेस्क्यू ऑपरेशन्स का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में बाढ़ आपदा कंट्रोल रूम निरंतर सक्रिय रहें और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें।

तेज बहाव वाले किसी भी पुल-पुलिया से आवागमन न करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे वर्षा थमने तक बेहद सतर्क रहें, सजग रहें। बाढ़ प्रभावितों को बचाने में मदद भी करें। उन्होंने कहा कि नागरिक बाढ़ वाले नदी-नाले में उतरने से बचें और तेज बहाव वाले किसी भी पुल-पुलिया से आवागमन कतई न करें। उन्होंने कहा कि बारिश में करंट फैलने की आशंका के चलते बिजली के तार खुले न छोड़े जाएं। उन्होंने कहा कि कच्चे मकान में रहने वाले सावधानी बरतें, क्योंकि अति वर्षा से इनके क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया है, उनके सुरक्षित निवास, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, कपड़े और अन्य जरूरतों की भी समुचित व्यवस्था कर सभी पीड़ितों को उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ आपदा की स्थिति में सरकार हर पीड़ित के साथ है, किसी को भी असहाय नहीं रहने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों में बचाव दल के अधिकारियों और कलेक्टर्स से चर्चा कर उनके क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति, रेसक्यू ऑपरेशन्स की अपडेट सहित पीड़ितों को प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जा रही राहत के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। लोगों को बचाने में सरकार प्रशासन, सेना, आपदा प्रबंधन दल सब साथ हैं। बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित निकालने में कोई भी कमी न रखें। यदि उनके जिले में अतिवर्षा का अलर्ट आया है, तो आवश्यकता के अनुरूप स्कूली बच्चों की छुट्टी आदि भी घोषित कर दें, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी की आशंका ही न रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौसम विभाग की चेतावनी का जिक्र करते हुए कहा कि सभी जिलों के कलेक्टर्स हाई अलर्ट पर रहें और किसी भी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने की जानकारी मिलते ही राहत एवं बचाव दल को तत्परतापूर्वक वहां पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स अपने अलर्ट सिस्टम और निगरानी तंत्र को और मजबूत बना लें, क्योंकि बाढ़ की सूचनाएं जितनी जल्दी मिलेंगी, राहत और बचाव दल उतनी ही शीघ्रता से पहुंच पायेंगे।

मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों में प्रदेश के नर्मदापुरम्, हरदा, गुना, शिवपुरी और रायसेन जिले में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, भोपाल खंडवा, देवास, शाजापुर, नरसिंहपुर, श्योपुर, आगर-मालवा, नीमच, अशोकनगर, पांढुरना और छिंदवाड़ा जिले अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा और खरगोन, अलीराजपुर, धार, इन्दौर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, जबलपुर,सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीमकगढ़ और निवाड़ी जिले में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है। राज्य स्तरीय स्टेट कमांड सेंटर और जिलों में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्षों द्वारा सरकार, सेना और मौसम विभाग के सतत् संपर्क में रहकर सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

जन्माष्टमी पर होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जन्माष्टमी पर होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए प्रदेश के कम से कम 10 शहर इंदौर की तर्ज पर विकसित करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक विधानसभा स्थित समिति कक्ष क्रमांक एक में वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नागपंचमी की शुभकामनाएं देने के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में प्रदेश की उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के सम्मान से सम्पूर्ण प्रदेश और हर नागरिक गौरवान्वित हैं। इंदौर ने देश के नंबर वन शहर का सम्मान लगातार आठवें साल में बनाए रखा और भोपाल को देश का दूसरा स्वच्छ शहर चुना गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के 338 शहर ओडीएफ डबल प्लस और 24 शहर वॉटर प्लस का प्रमाण-पत्र पाने में सफल रहे। उज्जैन संभाग के 66 में से 56 शहरों ने अपनी रैंक को सुधारा है। साथ ही 41 क्षेत्रों को स्टार रेटिंग मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

अब आइआरसीटीसी पोर्टल पर भी होगी पीएमश्री वायुसेवा की बुकिंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 26 एवं 27 जुलाई को रीवा में वाइल्ड लाइफ और ऑफबीट डेस्टिनेशन पर केन्द्रित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 80 से अधिक प्रमुख टूर ऑपरेटर्स ने शिरकत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रमुख निवेशकों ने रीवा और शहडोल और संभाग में 3 हजार करोड़ रूपए से अधिक के निवेश की इच्छा जताई। इस अवसर पर 15 करोड़ 60 लाख रूपए लागत के शहडोल फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का लोकार्पण किया गया। चित्रकूट में 27 करोड़ रूपए के आध्यात्मिक विकास कार्यों का शिलान्यास भी हुआ। पीएमश्री वायुसेवा की बुकिंग सुविधा आइआरसीटीसी पोर्टल पर आरंभ की गई। कॉन्क्लेव में डिजिटल प्रचार के लिए बारकोड एंटरटेनमेंट व क्विकी डिजिटल से अनुबंध किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रीवा के वेंकट भवन का संरक्षण इंदिरा गांधी कला केंद्र के माध्यम से कराया जाएगा, जिस पर लगभग 20 करोड़ रूपए का व्यय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि मंडला, डिडौरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला और शिल्प केंद्रों के निर्माण के लिए ग्राम सुधार समिति, एम.एम. फांउडेशन और समर्थ संस्था के साथ एमओयू किया गया।

पर्यटन उत्पादों को मिलेगा एक मंच
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 से 13 अक्टूबर तक भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एम.पी.टी.एम) का आयोजन किया जाएगा। इस उद्देश्य से प्रदेश के पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों जैसे होटल मालिकों, रिसोर्ट मालिक, परिवहन ऑपरेटरों, ट्रैवल टूर ऑपरेटरों को अपने पर्यटन उत्पादों के प्रचार-प्रसार और व्यावसायिक चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इसकी पूर्व तैयारियों के रूप में 12-13 अगस्त को ग्वालियर और 20-21 सितम्बर को इंदौर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। प्रदेश में जारी रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव, मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के रूप में आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि प्रदेश के प्रमुख झरनों और मंदसौर के धर्मराजेश्वर जैसी विलक्षणता लिए स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागपंचमी के संदर्भ में महाकालेश्वर मंदिर की महिमा और पचमढ़ी स्थित नागद्वारी के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्रवासियों में विद्यमान आस्था के संबंध में चर्चा की।

‘दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए नहीं कहा’- पीएम मोदी

‘दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए नहीं कहा’- पीएम मोदी
लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि करो चर्चा इतनी करो कि दुश्मन दहशत से दहल उठे। रहे ध्यान बस इतना ही मान सिंदूर और सेना का प्रश्नों में भी अटल रहे। हमला मां भारती पर हुआ तो प्रचंड प्रहार करना होगा। हमें भारत के लिए ही जीना होगा। कांग्रेस एक परिवार के दबाव में पाकिस्तान को क्लीन चिट देना बंद करे। कांग्रेस अपनी गलती सुधारे। गर्व के क्षण का उपहास न उड़ाए। भारत आतंक की नर्सरी में ही आतंक को मिट्टी मिलाएगा। ऑपरेशन सिंदूर जारी है। ये पाकिस्तान के लिए भी नोटिस है। जब तक वो भारत के खिलाफ आतंक को रोकेगा नहीं, तब-तब भारत एक्शन लेगा। भारत सुरक्षित हो, यही हमारा संकल्प है। मैंने भारत का पक्ष रखा है।

लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि 2001 में देश की संसद पर हमला हुआ तो एक कांग्रेस नेता ने अफजल गुरु को सम्मान देने की बात कही। मुंबई हमले के बाद एक पाकिस्तानी आतंकी पकड़ा गया। लेकिन कांग्रेस पाकिस्तानी आतंकी को लेकर खेल खेलती रही। कांग्रेस उस आतंकी को भगवा आतंकी सिद्ध करने में जुटी थी। कांग्रेस दुनिया को हिंदू आतंकवाद की थ्योरी बेच रही थी। कांग्रेस ने संविधान को जम्मू-कश्मीर से बाहर रखा। तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस ने आतंकवाद से जुड़े कानून को कंट्रोल किया। मैं कहता हूं कि पहलगाम ने हमको झकझोर दिया है। हमने ऑपरेशन सिंदूर किया तो देश में सिंदूर स्प्रिरिट पैदा हुई। यह हमने तब भी देखी जब हमारे प्रतिनिधिमंडल विदेश गए। प्रतिनिधिमंडल ने भारत की बात दुनिया के सामने रखी। मुझे दुख है कि कांग्रेस के बडे़ नेता के पेट में दर्द है कि भारत का पक्ष दुनिया को क्यों बताया गया? कुछ नेताओं के सदन में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई। इस मानसिकता से बाहर निकलने की जरूरत है।

लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष में बैठे लोग आतंकवाद पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। जब यह सत्ता में थे तब देश का हाल क्या है, क्या रहा वो आज भी देश भूला नहीं है। 2014 से पहले देश में असुरक्षा का माहौल था। लोग आज सिहर जाते हैं। हम सबको याद है कि हार जगह घोषणा होती थी कि कोई लावारिस चीज दिखे छूना मत। हम 2014 तक यही सुनते रहे। ऐसा लगता था कि जैसे देश के कोने-कोने में, कदम-कदम पर बम बिछे हैं। कांग्रेस की कमजोर सरकारों के कारण देश ने तमाम जानें गंवाई। आतंकवाद पर लगाम लगाई जा सकती थी। हमने 11 साल में ये करके दिखाया है। 2004 से 2014 के बीच होने वाली घटनाओं में कमी आई है। जब हम आतंकवाद पर नकेल कस सकते हैं तो कांग्रेस की क्या मजबूरी थी कि उसने आतंकवाद को क्यों नहीं रोका।

लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि नेहरूजी ने केवल तत्कालिक प्रभाव देख रहे थे। इस समझौते से देश पिछड़ गया। देश को नुकसान हुआ। नेहरूजी उस डिप्लोमैसी को जानते थे इसमें किसान का कोई वजूद नहीं था। पाकिस्तान कई दशकों तक भारत पर हमला करता रहा। लेकिन बाद की कांग्रेस सरकार ने सिंधु जल संधि की ओर देखा तक नहीं। आज भारत ने पुरानी गलती को सुधारा है। भारत ने बड़ी ब्लंडर सिंधु जल संधि को देशहित और किसान हित में प्रतिबंधित कर दिया। यह समझौता अब आगे नहीं चलेगा। खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ली कानून व्यवस्था पर उच्चस्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ली कानून व्यवस्था पर उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कैसे भी अपराध हों, उनके नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। अपराध नियंत्रण के कार्यों और नवाचारों में अनेक दृष्टि से मध्यप्रदेश आगे भी है। इस स्थिति को भी बेहतर बनाने के प्रयास हों। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अविश्वास पूरी तरह खत्म करना है। सभी वर्गों का विकास और सभी का हित सुनिश्चित करना है। विकास एवं सुरक्षा को पूरी प्राथमिकता देते हुए जन विश्वास को सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति पर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्र के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से भी जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिए।

पुलिस की उपस्थिति सड़क से लेकर जनता के हृदय तक हो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरों में प्रमुख मार्गों पर स्टंट करने वालों, हथियार लहराने वालों, गौवंश पर अत्याचार या नशे से जुड़े अपराधों में लिप्त तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही हो। पुलिस की उपस्थिति सड़क से लेकर जनता के हृदय तक होना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न तरह के प्रकरणों में गृह विभाग और विधि विभाग समन्वय से आवश्यक प्रक्रियाओं के अनुसार कार्य पूर्ण करें। नए कानूनों के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की सक्रिय भूमिका पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की है। अपराध नियंत्रण के कार्यों और गतिविधियों में मध्यप्रदेश के प्रयासों और नवाचारों की भारत सरकार ने प्रशंसा की है। यह स्थिति कायम भी रहे और इसका स्तर और भी ऊंचा हो, ऐसे प्रयास किए जाएं।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान के अंतर्गत जहां नक्सली तत्वों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई है, वहां सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को पूर्ण करने को भी प्राथमिकता दी जा रही है। गत 14 जून को बालाघाट जिले में 4 माओवादी मुठभेड़ में मारे गए। इनसे कई हथियार भी जब्त किए गए। हाल ही में 19 जुलाई को बालाघाट के लांजी क्षेत्र में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती वन क्षेत्र में माओवादियों से हुई मुठभेड़ में कम्प्यूटर टैबलेट, दूरबीन और अन्य सामग्री जब्त की गई।

कलेक्टर्स और कमिश्नर जबलपुर ने बताए प्रशासन के प्रयास
बैठक में बताया गया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनकल्याण के लिए बालाघाट जिला एवं पुलिस प्रशासन ने जन हितैषी योजनाओं में सेचुरेशन के उद्देश्य से अनेक नए कार्य किए हैं। प्रति सप्ताह नक्सल प्रभावित ग्राम में जनसेवा शिविर,जनजातीय नृत्य समूहों को 344 पारंपरिक वाद्ययंत्रों और वेशभूषा का वितरण कार्य किया गया है। साथ ही जनजातीय ग्रामों में वनाधिकार प्रमाण-पत्र वितरण, एकल सुविधा केंद्र के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलवाने और मिलेट्स वितरण जैसे कार्य किए गए हैं। बालाघाट कलेक्टर ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनके मानदेय का भुगतान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। मंडला कलेक्टर ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र पर फोकस किया जा रहा है। सिकल सेल एनीमिया की पहचान के लिए शिविर लगाए गए हैं। कोदो कुटकी का उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य है। डिंडोरी कलेक्टर ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है। कमिश्नर जबलपुर ने बताया कि संभाग के नक्सल प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य, महिला बाल विकास और खाद्य विभाग की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के प्रयास किए जा रहे हैं।

नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर ने दिए भक्तों को दर्शन

नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर ने दिए भक्तों को दर्शन
उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रात 12:00 बजे खोले गए। बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान के दर्शन किए। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़ा के विनीत गिरी महाराज द्वारा त्रिकाल पूजन किया गया, फिर बाबा नागचंद्रेश्वर ने भक्तों को दर्शन दिए। भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। दरअसल, भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन का मौका भक्तों को साल में सिर्फ एक बार ही मिलता है।

ऐसे में आज भी नाग पंचमी के मौके पर हर साल की तरह इस साल भी श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोले गए। यह पट सिर्फ एक दिन यानी 24 घंटे के लिए ही खोले जाते हैं। यही कारण है कि इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए
नाग पंचमी के शुभ अवसर पर आज रात 12:00 बजे तक ही श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। हालांकि इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए भीड़ को संभालने और सुरक्षा के लिए 200 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 2500 कर्मचारी, 1800 पुलिसकर्मी और 560 सीसीटीवी कैमरे भी सुरक्षा के मद्देनज़र लगाए गए हैं। साल में सिर्फ नाग पंचमी के दिन ही भगवान नागचंद्रेश्वर के पट खोले जाते हैं, यही कारण है कि इसे बेहद दुर्लभ अवसर माना जाता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभियान के पोस्टर का अनावरण किया और समिति के सदस्यों को इस पुण्य कार्य के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष समिति द्वारा चलाए जा रहे अभियान में गौसेवा के साथ-साथ घर-घर किचन गार्डन निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है, जो जनस्वास्थ्य सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

इस अवसर पर समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी ने मुख्यमंत्री को अभियान की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा आगामी 4 नवम्बर 2025 को प्रदेशभर में गौ विज्ञान परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा का उद्देश्य जनसामान्य में गौवंश के महत्व, पारिस्थितिक तंत्र में उसकी भूमिका, ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम में योगदान तथा पंचगव्य के वैज्ञानिक पक्षों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।

प्रदेश अध्यक्ष राठी ने बताया कि यह परीक्षा माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक एवं महाविद्यालय—इन तीन श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को ₹51,000 नगद, द्वितीय स्थान हेतु ₹31,000 तथा तृतीय स्थान हेतु ₹21,000 नगद पुरस्कार एवं गौमय उत्पादों का किट प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार जिला स्तरीय परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः ₹3,100, ₹2,100 एवं ₹1,100 नगद पुरस्कार के साथ गौ उत्पाद किट प्रदान किए जाएँगे।

परीक्षा में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को गौ विज्ञान ग्रंथ एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी अपनी संस्था के प्राचार्य अथवा गौ विज्ञान प्रभारी से संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष इस परीक्षा में प्रदेशभर से एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इस वर्ष समिति ने एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अवसर पर प्रांत संयोजक अन्ना सफारे, प्रांत उप प्रमुख मनोज पांडेय, गौ ग्रंथ संपादक डॉ. अमित पांडेय सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

डिजिटल दुनिया पर छाएंगे विंध्याचल के शानदार पर्यटन स्थल

डिजिटल दुनिया पर छाएंगे विंध्याचल के शानदार पर्यटन स्थल
मध्य प्रदेश के अनछुए और दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने और प्रदेश के पर्यटन को डिजिटल माध्यम से देश–दुनिया से अवगत कराने के उद्देश्य से रीवा टूरिज्म कॉन्क्लेव के अंतर्गत रीवा स्थित होटल सायाजी में ‘एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट’ का आयोजन किया। इस मीट में प्रदेश के साथ–साथ अन्य राज्यों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया। जिसमें पैनल डिस्कशन के साथ–साथ इन्फ्लुएंसर्स फन गेम्स, फन क्विज, वीआर एक्सपीरियंस और “कैप्शन दिस” जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।

मध्य प्रदेश जैव विविधताओं से समृद्ध प्रदेश
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मध्य प्रदेश जैव विविधताओं से समृद्ध प्रदेश हैं। विंध्याचल प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित हैं। यहां के जलप्रपात विदेशों से भी अच्छे हैं। उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से आग्रह किया कि प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को देश और दुनिया के सामने के लिए वे इसमें सहभागी बनें और अपने कॉटेंट में विंध्य क्षेत्र के पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को भी शामिल करें।

मध्य प्रदेश के ऐसे डेस्टिनेशन्स जो अनछुए
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के साथ–साथ अन्य स्थानों के कॉन्टेंट क्रिएटर्स भी यहां की खूबसूरती को लेकर बहुत अच्छा कॉटेंट तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से आह्वान भी किया कि मध्य प्रदेश की ऐसे डेस्टिनेशन्स को भी वे देश–दुनिया के सामने लाएं जो अनछुए हैं और वहां जाने के लिए पर्यटक उत्साहित हों।

आध्यात्मिक अनुभव की अनूठी यात्रा
प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि मध्य प्रदेश की परंपरा के अनुसार हम पर्यटकों का यहां स्वागत करते हैं। सभी पर्यटन स्थलों पर एमपीएसटीडीसी द्वारा होटल्स और रिसॉर्ट पर्यटकों के आतिथ्य सत्कार के लिए तैयार हैं। हम हर पर्यटक को सुखद और अविस्मरणीय अनुभव कराना हमारा उद्देश्य है। उज्जैन में हमने समृद्ध विरासत को संजोते हुए नवनिर्मित होटल सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज को शुरू किया है, जो आपको आध्यात्मिक अनुभव की अनूठी यात्रा के साथ आधुनिकता से भी अवगत कराएगा।

पीएम मोदी ने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में की पूजा

पीएम मोदी ने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में की पूजा
प्रधानमंत्री ने वाराणसी से गंगा नदी का पवित्र जल लाकर भगवान सोझीश्वर (शिव) का अभिषेक किया और मंदिर में विशेष दर्शन किए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने आरती की और मंदिर परिसर का भ्रमण किया। उन्हें पारंपरिक सम्मान के रूप में पूर्ण कुंभ, रेशमी अंगवस्त्रम, पवित्र भस्म और प्रसाद भेंट किया गया।

विशेष स्मारक सिक्का जारी
इस अवसर पर पीएम मोदी ने राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित पांच दिवसीय यह उत्सव 23 जुलाई को शुरू हुआ और आज सम्पन्न हुआ। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की चोल शैव धर्म और मंदिर वास्तुकला पर प्रदर्शनी और हेरिटेज वॉक का भी अवलोकन किया।

देवराम गीत पुस्तिका का विमोचन
समारोह में साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित ‘देवराम गीत’ पुस्तिका का विमोचन हुआ। कलाक्षेत्र ने भरतनाट्यम प्रस्तुति दी, जबकि ओधुवरों ने शैव मठों के प्रमुखों की उपस्थिति में देवराम थिरुमुरई का जाप किया। कार्यक्रम का समापन संगीत उस्ताद पद्म विभूषण इलैयाराजा और उनकी मंडली की संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ।

उद्धव के जन्मदिन पर 6 साल बाद मातोश्री पहुंचे राज ठाकरे

उद्धव के जन्मदिन पर 6 साल बाद मातोश्री पहुंचे राज ठाकरे

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के 65वें जन्मदिन पर मुंबई के बांद्रा स्थित उनके आवास ‘मातोश्री’ बंगले के बाहर आज जश्न का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में शिवसैनिकों और समर्थकों ने वहां पहुंचकर बधाइयां दीं, पोस्टर लगाए और उपहार भेंट किए। लेकिन इस बार का जन्मदिन खास बन गया जब करीब छह साल बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे मातोश्री पहुंचे और अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

बालासाहेब के कमरे में मिले दोनों भाई

उद्धव ने अपनी पार्टी के सांसद संजय राउत के साथ मातोश्री के प्रवेश द्वार पर अपने चचेरे भाई का स्वागत किया। राज ने उद्धव को लाल गुलाबों का एक बड़ा गुलदस्ता भेंट किया। सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात उद्धव और राज ठाकरे के बीच मातोश्री में लगभग सात वर्षों में पहली आमने-सामने की भेंट थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बालासाहेब ठाकरे के कमरे में बैठक हुई।

हालांकि दोनों भाईयों की यह मुलाकात केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि एक पारिवारिक मेल-जोल के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि समर्थकों के बीच इसे ठाकरे परिवार में सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

शिवसैनिकों में उत्साह

उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री को आज फूलों, पार्टी के झंडों और बैनरों से सजाया गया है। मातोश्री के बाहर ढोल-ताशों और मिठाइयों के साथ समर्थकों ने उनका जन्मदिन धूमधाम से मना रहे है। राज ठाकरे की इस ‘सप्राइज विजिट’ ने माहौल को और भी खास बना दिया है, और अब राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात के मायने तलाशे जा रहे हैं।

nmms-scholarship-2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

0
नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
akshara goswami

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

0
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
poshan-tracker-pmmvy-grievance-redressal-2026

POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

0
नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...