नगर निगम में कार्यरत 1000 कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा

नगर निगम में कार्यरत 1000 कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा
नगर निगम में कार्यरत 1000 कर्मचारियों(Employees) को नियमित किया जाएगा। निगम परिषद की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही राजधानी भोपाल के ओल्ड अशोका गार्डन को रामबाग कहने और हमीदिया कॉलेज और अस्पताल का नाम दिवंगत पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया के नाम पर करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। वेटलैंड साइट संरक्षण प्रोजेक्ट के तहत बड़ा तालाब छोटा तालाब में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने के साथ ही 25 करोड़ की लागत से छह विसर्जन कुंड बनाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। पार्षदों की नाराजगी दूर करने विकास कार्य के प्रस्ताव पर 30 दिन में टेंडर और 60 दिन में वर्क ऑर्डर जारी करने का प्रस्ताव पारित हुआ।
इन मुद्दों पर हंगामा

बैठक में नगर निगम आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने को लेकर भाजपा पार्षद पप्पू विलास राव धरने पर बैठ गए। नाम परिवर्तन प्रस्ताव पर चर्चा पर भाजपा पार्षद ने नवाब हमीदुल्लाह को गद्दार कहा। इस पर हंगामा हुआ। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे। हंगामे पर अध्यक्ष ने कहा कि सत्य को स्वीकारना ही होगा। नाराज कांग्रेस पार्षद इस मुद्दे पर आसंदी का घेराव करने पहुंच गए। बाद में सदन को स्थगित कर दिया गया।

ये प्रस्ताव बहुमत से पारित

● महाशिवरात्रि के दिन मांस दुकानें बंद रहेंगी

● ८० फीट रोड चौराहे का नाम विवेकानंद चौक

● हमीदिया अस्पताल-कॉलेज-स्कूल का नाम पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया के नाम पर

● बीयू, नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी, प्रेमपुरा में 25 करोड़ से विसर्जन कुंड

● वार्ड विकास कार्य की फाइल पर दो माह के अंदर टेंडर और वर्कऑर्डर जारी होगा

● शालीमार, मेरीगोल्ड मैरिज गार्डन और 24 दुकानों के निर्माण की जांच होगी

● अवैध पार्किंग स्थलों को दोबारा सर्वे कर चिन्हिंत किया जाएगा

● 8 हजार सफाई कर्मियों को यूनिफार्म, रेनकोट, हेल्थ चेकअप होगा
जनता के मुद्दे एजेंडे से गायब

शबिस्ता जकी ने कहा कि हमने एजेंडा आने से पहले शहर की सडक़, सीवेज, जल भराव, खराब सड़क जैसी जनता की समस्याओं पर चर्चा का प्रस्ताव दिया था। ये मुद्दे एजेंडे से नदारद हैं। वीआईपी रोड किनारे चौपाटी बनाने का मुद्दा कांग्रेस के पार्षद अजीज उद्दीन ने उठाया। पार्षद अजीजउद्दीन ने अफसरों द्वारा फोन नहीं उठाने पर भी आपत्ति ली। कांग्रेस पार्षद शिरीन ने कहा जन्म-मृत्यु अधिकारी सत्यप्रकाश बड़वैया प्रभारी अधिकारी हैं। उन पर गोविंदपुरा थाने में प्रकरण दर्ज है। योगेंद्र ने पूछा कि क्या एनजीटी की गाइडलाइन के हिसाब से ही कुंड बनाए जा रहे हैं। यति ने कहा सभी अनुमतियां हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आधुनिक एम्बुलेंस को दिखायी हरी झंडी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आधुनिक एम्बुलेंस को दिखायी हरी झंडी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया स्थित कैम्प कार्यालय परिसर से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि से प्रदत्त है, जिसमें बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम सहित अन्य उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

यह एम्बुलेंस मुख्य रूप से मनोरा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु रखी जाएगी, जिसकी सेवाएँ आवश्यकता अनुसार पूरे जिले में ली जा सकेंगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा परिवहन सेवा सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सहायता मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के लिए कृतसंकल्पित है। उनकी पहल पर विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और 50 बिस्तर वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल, जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का कार्य प्रगति में है।

इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जो न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान देता है, बल्कि मानवता के प्रति हमारी सेवा भावना का श्रेष्ठतम उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति समय पर रक्तदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है। यह पहल जीवनरक्षक सहायता को सहज, सुलभ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जशपुर जिले में हर वर्ग के नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और समाज सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। आज रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, क्योंकि जीवनदान देने वाला व्यक्ति वास्तव में ईश्वर के समकक्ष होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि रक्त का हमारे जीवन में क्या महत्व है। सही समय पर उपयुक्त रक्त समूह का रक्त मिलने से किसी के प्राणों की रक्षा की जा सकती है, इसलिए रक्तदान को ‘महादान’ कहा गया है। राज्य में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सर्वाधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है, जो जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल है। मैं इस मंच से प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे यथासंभव रक्तदान कर इस जीवनरक्षक कार्य में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। हाल ही में हमने एम्बुलेंस सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों को यह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जशपुर के आजीवन सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए और “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने श्री नीरज शर्मा, श्री अजय कुमार कुशवाहा और श्री शिव नारायण सोनी को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री, जिला प्रशासन एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला जशपुर की एक अभिनव पहल है, जिसके अंतर्गत 480 स्वैच्छिक रक्तदाताओं के नाम एवं मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किए गए हैं। इस डायरेक्ट्री के माध्यम से जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होगी, वह सीधे सूची में दिए गए नंबरों पर संपर्क कर रक्त प्राप्त कर सकता है।

इस प्रयास से रोगियों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें समय पर रक्त मिल सकेगा। यदि कोई व्यक्ति या समाजसेवी “रक्त-मित्र” बनना चाहता है, तो वह डायरेक्ट्री में दिए गए QR कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भर सकता है। साथ ही, कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस जिला मुख्यालय, जशपुर (कलेक्ट्रेट परिसर, कक्ष क्रमांक 122) में संपर्क कर भी “रक्त-मित्र” के रूप में पंजीयन कर सकता है।

इस गरिमामय कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगाँव विधायक गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, रेडक्रॉस सोसायटी के रूपेश प्राणी ग्राही, अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

WWE के रेसलर हल्क होगन का निधन, इंडस्ट्री में शोक की लहर

WWE के रेसलर हल्क होगन का निधन, इंडस्ट्री में शोक की लहर
इंडस्ट्री एक बार फिर दुखी है। WWE के स्टेज पर हल्क होगन के नाम से मशहूर टेरी यूजीन बोलिया ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्हें 71 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। इस खबर से जहां एक तरफ फैंस दुखी हुए तो बॉलीवुड स्टार वरुण धवन का भी दिल टूट गया। वरुण ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक स्टोरी शेयर करते हुए अपने दिल की बात लिखी।
रेसलर हल्क होगन का निधन (Hulk Hogan Dies)

हल्क होगन की मौत की पुष्टि किसी और ने नहीं बल्कि WWE ने एक्स हैंडल पर की थी। ये खबर जैसे ही सामने आई हर कोई हैरान रह गया। फैंस इमोशनल हो गए। इसी बीच वरुण धवन ने भी इंस्टाग्राम पर अपने दिल की बात लिखी और रेसलर को श्रद्धांजलि दी। एक्टर ने लिखा, “आपने एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया है हल्कस्टर। RIP।”

हल्क होगन के निधन पर वरुण धवन हुए इमोशनल (Varun Dhawan Post On Hulk Hogan Passed Away)

बता दें, हल्क होगन ने 1980 और 1990 के दशक में WWE को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी लाल-पीली पोशाक, लंबे सुनहरे बाल और “हल्कमेनिया” स्लोगन फैंस के बीच काफी पॉपुलर हुआ था। हल्क होगन ने छह बार डब्ल्यूडब्ल्यूई वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप जीती और रेसलमेनिया जैसे बड़े आयोजनों में हिस्सा लिया था। उन्होंने एंड्रे द जायंट, रैंडी सैवेज और द रॉक जैसे रेसलर्स के साथ यादगार मुकाबले किए।

नाग पंचमी पर शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें, धन की तंगी से मिलेगा छुटकारा

नाग पंचमी पर शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें, धन की तंगी से मिलेगा छुटकारा
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि अगर इस दिन पर नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाए, तो इससे साधक को महादेव की कृपा की प्राप्ति हो सकती है। बहुत ही शुभ माना गया है। इतना ही नहीं, नाग पंचमी पर नाग देवता और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से साधक को काल सर्प दोष से भी राहत देखने को मिल सकती है।

इस बार कब है नाग पंचमी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, नाग पंचमी का पर्व हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल पंचमी तिथि 28 जुलाई 2025 को रात 11 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 30 जुलाई 2025 को सुबह 12 बजकर 46 मिनट पर होगा। पंचांग के आधार पर इस साल यह पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा।

नाग पंचमी पर शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए?

इस बार नाग पंचमी (Nag Panchami 2025) का पर्व मंगलवार 29 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन पर पूजा का मुहूर्त सुबह 06 बजकर 13 मिनट से सुबह 08 बजकर 49 मिनट तक रहने वाला है। ऐसे में अगर आप इस खास तिथि पर शिवलिंग पर ये चीजें अर्पित करते हैं तो इससे आपको महादेव की असीम कृपा की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं नाग पंचमी पर धन लाभ के लिए क्या चढ़ाना चाहिए।

1. दही: शिवलिंग का दही से अभिषेक करने से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर दही से अभिषेक करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे भगवान शिव की कृपा से धन संबंधी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

2. शहदः भगवान शिव को शहद प्रिय है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।

3. गंगाजलः हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मानसिक शांति मिलती है। मान्यता है कि शिवलिंग का जलाभिषेक करने से साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

4. काले तिलः भगवान शिव को काले तिल अर्पित करने से आर्थिक उन्नति के साथ जीवन की विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं। शिव पूजन में काले तिल का विशेष महत्व माना गया है।

5. गाय का घीः भगवान शिव को घी प्रिय है। मान्यता है कि शिवलिंग पर गाय का घी अर्पित करने से रोगों से मुक्ति मिलती है और आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलते हैं।

6. गन्ने का रसः नाग पंचमी के दिन शिवलिंग का गन्ने के रस से अभिषेक अत्यंत शुभ व लाभकारी माना गया है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग का गन्ने के रस से अभिषेक करने से धन लाभ के योग बनते हैं और आर्थिक स्थिरता मिलती है। इसके अलावा शिवलिंग पर कच्चे दूध में चीनी मिलाकर अभिषेक करने से भी आर्थिक उन्नति मिलने की मान्यता है।

झालावाड़ में स्कूल छत गिरने से 6 बच्चों की मौत

झालावाड़ में स्कूल छत गिरने से 6 बच्चों की मौत
राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना इलाके में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पीपलोदी में प्रार्थना सभा के दौरान स्कूल की छत का एक हिस्सा अचानक गिर गया।

जिसमें कई बच्चे मलबे में दब गए। हादसे के वक्त वहां शिक्षकों समेत करीब 32 से ज्यादा छात्र-छात्राएं मौजूद थे। अब तक 6 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्रार्थना सभा के दौरान गिरी छत
यह हादसा सुबह करीब 7:30 बजे हुआ, जब बच्चे प्रार्थना कर रहे थे। अचानक स्कूल भवन की छत भरभराकर गिर गई। इससे कई बच्चे और एक शिक्षक मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मिलकर बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फिलहाल बच्चों को मलबे से बाहर निकाला जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के वक्त अध्यापक मौके से भाग निकले उन्हें कोई चोट नहीं आई और हमारे बच्चे मलबे में दब गए।

बिहार में SIR पर बवाल के बीच बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

बिहार में SIR पर बवाल के बीच बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। इस बीच, महाराष्ट्र में बांग्लादेशी जन्म प्रमाणपत्र घोटाले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पिछले दो महीने 40 हजार से ज्यादा जन्म प्रमाण पत्रों को रद्द कर दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने यह जानकारी देते हुए सरकार के कदम का स्वागत किया।

पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार ने पिछले दो महीनों में 42,191 जन्म प्रमाण पत्र रद्द कर दिए हैं जो बांग्लादेश से आए अयोग्य व्यक्तियों को जारी किए गए थे… अकेले अकोला शहर में ऐसे 3,948 प्रमाण पत्र जारी किए गए और अमरावती में यह संख्या 2,823 थी। महाराष्ट्र में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।”

सोमैया का दावा है कि बांग्लादेशी जन्म प्रमाण पत्र घोटाला महाराष्ट्र में वर्ष 2024 में हुआ था, जिसमें नायब तहसीलदार को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का कोई अधिकार नहीं था, फिर भी उन्होंने लगभग 40 हजार लोगों को गैर कानूनी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र दिए। इनमें सबसे ज्यादा मामले अकोला, अमरावती, नागपुर और मालेगांव जिले से है।

उल्लेखनीय है कि बांग्लादेशी जन्म प्रमाणपत्र घोटाला मामले में इसी साल महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई करते हुए लगभग 40,000 जन्म प्रमाण पत्रों को रद्द करने का आदेश दिया था। राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम से न केवल अवैध तरीके से पैदा हुए प्रमाणपत्रों का निस्तारण होगा, बल्कि राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा।

मणिपुर में 6 महीने के लिए बढ़ा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में 6 महीने के लिए बढ़ा राष्ट्रपति शासन
केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है। यह विस्तार 13 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पेश किया, जिसे लोकसभा और राज्यसभा ने मंजूरी दे दी।

13 फरवरी 2025 को पहली बार लगाया राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पहली बार 13 फरवरी 2025 को लागू किया गया था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राज्य विधानसभा को भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू किया था।

हिंसा और अस्थिरता के कारण फैसला
मणिपुर में मई 2023 से कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है, जिसमें 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। इस हिंसा और प्रशासनिक अस्थिरता के चलते राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए राष्ट्रपति शासन को आवश्यक माना गया।

संसद की मंजूरी
संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति शासन छह महीने के लिए लागू किया जाता है और संसद की मंजूरी से इसे हर छह महीने में अधिकतम तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। केंद्र सरकार अब इस अवधि में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और विधानसभा चुनाव की संभावनाओं का आकलन करेगी।

शांति की कोशिश जारी
मणिपुर में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि वह हिंसा को नियंत्रित करने और राज्य में स्थिरता लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह 11वीं बार है जब मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है, जो भारत के किसी भी राज्य में सबसे अधिक है।

रूस का विमान चीन सीमा के पास संपर्क टूटने के बाद क्रैश

रूस का विमान चीन सीमा के पास संपर्क टूटने के बाद क्रैश
रूसी में चीन सीमा के पास क्रैश हुए एक यात्री विमान में सवार सभी 48 लोगों की मौत हो गई है। यह विमान रूस के दूरस्थ पूर्व में स्थित अमूर में एटीसी से संपर्क टूटने के बाद क्रैश हो गया था। राहत-बचाव कर्मियों को बाद में प्लेन के गिरने और इसमें आग लगने की सूचना मिली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया।

इससे पहले रूस के आपात परिस्थिति मामलों के मंत्री ने कहा कि यह विमान खबरोव्स्क से टाइंदा शहर जा रहा था। इस दौरान यह क्रैश हो गया। जहां विमान क्रैश हुआ वह रूस की राजधानी मॉस्को से 7000 किमी दूर है। इस विमान को साइबेरिया में आधारित अंगारा एयरलाइंस की तरफ से संचालित किया जा रहा था।

अब तक यह साफ नहीं है कि विमान क्रैश होने की वजह क्या रही। हालांकि, रूस की इंटरफैक्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि क्रैश के वक्त इलाके का मौसम काफी खराब था। कुछ एजेंसियों ने खुलासा किया कि विमान 50 साल से भी ज्यादा पुराना था। इस दुर्घटना से जुड़ी जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, उनमें विमान के मलबे को घने जंगल में बिखरा देखा जा सकता है। साथ ही दुर्घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता भी देखा गया।

अधिकारियों ने बताया कि रूस के दूरस्थ क्षेत्र में होने की वजह से बचावकर्मियों को दुर्घटनास्थल में पहुंचने में काफी समय लग गया। अधिकारियों ने इस मामले में जांच बिठा दी है।

गंतव्य स्थल से कुछ किलोमीटर पहले ही टूटा संपर्क
रूसी एजेंसी TASS के अनुसार, अंगारा एयरलाइंस का विमान बलागोवेशचेंस्क से चीन सीमा पर मौजूद अमूर क्षेत्र के टाइंडा एयरपोर्ट जा रहा था। स्थानीय गवर्नर वेसिली ओरलोव ने टेलीग्राम पर साझा एक पोस्ट में बताया था कि जिस वक्त विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूटा, उस वक्त विमान अपने गंतव्य स्थल से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर था। एक बयान में टाइंडा एयरपोर्ट के निदेशक ने बताया है कि विमान के क्रैश होने के बाद उसमें आग लग गई। एक एमआई-8 हेलीकॉप्टर के क्रू ने इलाके के हवाई सर्वे के बाद बताया था कि हादसे में किसी के बचने की संभावना नहीं है।

इंदिरा को पीछे छोड़ सर्वाधिक समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे नेता बने नरेंद्र मोदी

इंदिरा को पीछे छोड़ सर्वाधिक समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे नेता बने नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी 25 जुलाई यानी आज लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री बन गए। पीएम मोदी ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अभी तक लगातार सबसे लंबे समय तक (16 वर्ष 286 दिन) प्रधानमंत्री के पद पर रहने का रिकॉर्ड जवाहर लाल नेहरू के पास है। नरेंद्र मोदी 1947 यानी स्वतंत्रता के बाद पैदा हुए गैर-हिंदी राज्य के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अपने कार्यकाल के 4078 दिन पूरे कर लेंगे। इंदिरा गांधी 24 जनवरी, 1966 से 24 मार्च, 1977 तक लगातार 4077 दिन प्रधानमंत्री रही थीं। अगर राज्य और केंद्र में सरकार का नेतृत्व करने की बात करें तो नरेंद्र मोदी का सभी प्रधानमंत्रियों के बीच एक रिकॉर्ड है। वह गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 24 वर्षों तक सरकार का नेतृत्व कर चुके हैं।

आजादी के बाद पैदा हुए पहले पीएम
नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म देश की स्वतंत्रता के बाद हुआ। वह सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी हैं। वह पहले और एकमात्र गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने कम से कम अपना दो पूर्ण कार्यकाल पूरा किया है। उनके नाम लगातार दो बार निर्वाचित होने वाले पहले और एकमात्र गैर-कांग्रेसी प्रधानंत्री होने का रिकॉर्ड भी है।

पूर्ण बहुमत पाने वाले पहले गैर-कांग्रेसी पीएम
पीएम मोदी लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाने वाले पहले और एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता भी हैं। वह इंदिरा गांधी (1971) के बाद पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा चुने जाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। पंडित नेहरू के अलावा वह एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने किसी पार्टी के नेता के रूप में लगातार तीन आम चुनाव जीते हैं। वह सभी प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के बीच एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने किसी पार्टी के नेता के रूप में लगातार छह चुनाव जीते हैं। उन्होंने 2002, 2007 और 2012 में गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की।

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