MP के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग जैन बने नीति आयोग के CEO, नई जिम्मेदारी से बढ़ीं उम्मीदें

वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग जैन ने सोमवार को नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का कार्यभार संभाल लिया। 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी अनुराग जैन इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे।

अनुराग जैन के पास प्रशासन और नीति निर्माण का लंबा अनुभव है। केंद्र सरकार में वह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवाएं दे चुके हैं। उनके कार्यक्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक नीति, निवेश और प्रशासन से जुड़े अहम विषय शामिल रहे हैं।

दो साल के कार्यकाल के लिए हुई नियुक्ति

केंद्र सरकार ने अनुराग जैन की नीति आयोग के CEO पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी थी। उनका कार्यकाल कार्यभार संभालने की तारीख से कुल दो साल या अगले आदेश तक रहेगा। उन्होंने नीति आयोग की CEO की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहीं निधि छिब्बर के बाद यह पद संभाला है।

नीति आयोग में अहम भूमिका

नीति आयोग केंद्र सरकार का प्रमुख सार्वजनिक नीति थिंक टैंक है। CEO के तौर पर अनुराग जैन की भूमिका नीति निर्माण, केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय, विकास योजनाओं की निगरानी और विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगी। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव को इस जिम्मेदारी के लिए अहम माना जा रहा है।

BJP की नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश की मजबूत मौजूदगी, कई नेताओं को मिली जिम्मेदारी

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में मध्य प्रदेश से भी कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है। पार्टी ने संगठन में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य, राजेंद्र पटेल, कविता पाटीदार, विष्णु दत्त शर्मा, बंशीलाल गुर्जर, आशीष और उषा अग्रवाल को नई टीम में जगह मिली है। इन नेताओं के शामिल होने से प्रदेश संगठन में भी उत्साह का माहौल है।

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों से जुड़े चेहरों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी नेतृत्व का फोकस संगठन को और मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने पर है।

मध्य प्रदेश से नेताओं को मिली जगह को प्रदेश भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की भागीदारी बढ़ने के साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों में मध्य प्रदेश की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।

नाग देवता के इन 5 मंदिरों में दर्शन का है विशेष महत्व, नाग पंचमी पर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

नाग पंचमी के मौके पर देशभर में नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नाग देवता की आराधना करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। हालांकि, इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 को मनाई जा रही है।

भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध नाग मंदिर हैं, जहां नाग पंचमी के दिन विशेष पूजा और दर्शन का महत्व माना जाता है।

1. नागचंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन
उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसके कपाट साल में केवल एक बार नाग पंचमी के दिन 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन और पूजा करने से नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है।

2. नाग वासुकी मंदिर, प्रयागराज
प्रयागराज के दारागंज क्षेत्र में स्थित नाग वासुकी मंदिर भगवान शिव से जुड़े नाग देवता वासुकी को समर्पित है। नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन होता है। धार्मिक मान्यता में यहां पूजा को कालसर्प दोष से जुड़ी समस्याओं के निवारण से भी जोड़ा जाता है।

3. मन्नारशाला श्री नागराजा मंदिर, केरल
केरल के अलप्पुझा जिले में स्थित मन्नारशाला मंदिर नागराज को समर्पित प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। मंदिर परिसर में हजारों नाग प्रतिमाएं मौजूद हैं और यह घने हरियाली वाले क्षेत्र से घिरा हुआ है। यहां नाग पूजा की विशिष्ट परंपराएं देखने को मिलती हैं।

4. धौलीनाग मंदिर, उत्तराखंड
उत्तराखंड के बागेश्वर क्षेत्र में स्थित धौलीनाग मंदिर नाग देवता की उपासना के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यह मंदिर धवल नाग से जुड़ा हुआ है। नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।

5. तक्षक नाग मंदिर, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में तक्षक नाग से जुड़े मंदिरों में नाग पंचमी के दौरान विशेष पूजा की परंपरा है। तक्षक नाग को नागों का राजा माना जाता है और धार्मिक मान्यताओं में उनकी आराधना को सुरक्षा एवं समृद्धि से जोड़ा जाता है।

आस्था के साथ जरूरी सावधानी
नाग पंचमी पर मंदिरों में दर्शन और पूजा करना धार्मिक आस्था का विषय है। नौकरी, व्यापार या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान केवल धार्मिक उपायों से होने का दावा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना और रोजगार या कारोबार से जुड़ी समस्याओं में व्यावहारिक कदम उठाना जरूरी है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘बंटवारा 1947’ की रफ्तार जारी, तीसरे दिन वर्ल्डवाइड कमाई ने पार किया 37 करोड़ का आंकड़ा

सनी देओल और प्रीति जिंटा स्टारर फिल्म ‘बंटवारा 1947’ बॉक्स ऑफिस पर अपने शुरुआती वीकेंड में 37 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करने में कामयाब रही। फिल्म ने तीसरे दिन रविवार को भारत में 7.25 करोड़ रुपये की नेट कमाई की, जबकि विदेशों से करीब 2 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का तीन दिनों का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 37.11 करोड़ रुपये पहुंच गया।

विदेशों में भी फिल्म को मिला रिस्पॉन्स
‘बंटवारा 1947’ ने भारतीय बाजार के साथ-साथ विदेशी मार्केट में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। तीसरे दिन फिल्म ने विदेशों में करीब 2 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन लगभग 5.50 करोड़ रुपये हो गया।

दूसरे दिन मिली थी जबरदस्त बढ़त
फिल्म ने रिलीज के पहले दिन भारत में 5.75 करोड़ रुपये की नेट कमाई की थी। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दूसरे दिन कलेक्शन में बड़ा उछाल आया और फिल्म ने 13.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। हालांकि तीसरे दिन कमाई में करीब 46 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

सनी देओल और प्रीति जिंटा की जोड़ी फिर चर्चा में
राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी ‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म में शबाना आजमी और अली फजल भी अहम किरदारों में नजर आ रहे हैं। कहानी भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि में इंसानियत और रिश्तों पर केंद्रित है।

तीन दिनों के प्रदर्शन के बाद अब फिल्म के सामने असली चुनौती वीकडेज में अपनी कमाई की रफ्तार बनाए रखने की है।

LPG e-KYC की बढ़ी समयसीमा, अब घर बैठे मोबाइल से पूरा करें आधार वेरिफिकेशन

एलपीजी ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। e-KYC पूरा करने की समयसीमा बढ़ाकर 23 अगस्त 2026 कर दी गई है। पहले इसकी अंतिम तारीख 16 अगस्त निर्धारित थी। तकनीकी दिक्कतों और सर्वर संबंधी परेशानियों के चलते बड़ी संख्या में ग्राहक समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे, जिसके बाद उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया है।

सभी घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC जरूरी है। इसे घर बैठे मोबाइल के जरिए भी पूरा किया जा सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, उपभोक्ता अपनी संबंधित तेल कंपनी के मोबाइल ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन कर सकते हैं।

मोबाइल से घर बैठे ऐसे करें e-KYC
सबसे पहले अपनी LPG कंपनी का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।
इसके बाद Aadhaar FaceRD ऐप इंस्टॉल करें।
LPG कनेक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर से ऐप में लॉगिन करें।
e-KYC या Aadhaar Authentication का विकल्प चुनें।
अपना आधार विवरण दर्ज कर जरूरी अनुमति दें।
Face Authentication के जरिए अपना चेहरा स्कैन करें।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद e-KYC का स्टेटस चेक कर लें।

इंडेन, भारत गैस और HP गैस के ग्राहक अपनी संबंधित आधिकारिक ऐप के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। जिन ग्राहकों को ऑनलाइन सत्यापन में परेशानी हो रही है, वे नजदीकी LPG वितरक के पास जाकर भी e-KYC करा सकते हैं।

e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा?
e-KYC लंबित रहने पर LPG से जुड़ी सरकारी सुविधाओं और सब्सिडी पर असर पड़ सकता है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना सत्यापन पूरा नहीं किया है, उन्हें 23 अगस्त 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी कर लेने की सलाह दी गई है।

यह प्रक्रिया निःशुल्क है। किसी अनजान व्यक्ति या एजेंट के साथ OTP, आधार की जानकारी या बैंक संबंधी संवेदनशील विवरण साझा न करें।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने निकाली तिरंगा यात्रा

भोपाल। कोलार रोड पर राष्ट्रीय संस्था मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन द्वारा उपनगर कोलार में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनाधिकारों के प्रति जागरूकता लाने, शहीदों को नमन और सैनिकों की वीरता का सम्मान करने के उद्देश्य से रविवार दोपहर ईनायतपुर से चुनाभट्टी तिराहा तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। यहाँ यात्रा 10 वर्षों से लगातार निकली जा रही है।

यात्रा में सैकड़ों युवा और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। युवा वाहनों पर तिरंगा लहराते हुए यात्रा में शामिल हुए। डीजे की धुन पर युवाओं ने नाच-गाकर स्वतंत्रता उत्सव मनाया। पूरे मार्ग में देशभक्ति का माहौल नजर आया।

आयोजक रवि पाराशर ने कहा देश की रक्षा करने वाले सैनिकों की शौर्य और वीरता को हम नमन करते हैं।

संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी डॉ. श्रीकांत अवस्थी, राकेश चतुर्वेदी, अरुण द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल रहे।

कावेरी विवाद के बीच कर्नाटक में 3 तमिलों की मौत, CM विजय ने उठाए सवाल

कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल विवाद के बीच एक और मुद्दे ने दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ा दिया है। कर्नाटक के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में तीन तमिल लोगों की गोली लगने से मौत के मामले को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है।

रिपोर्टों के मुताबिक, यह मामला कर्नाटक वन विभाग की कार्रवाई से जुड़ा है। घटना के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विजय ने मामले में जवाबदेही तय करने और पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।

कावेरी विवाद के बीच बढ़ी सियासी गर्मी
दोनों राज्यों के बीच पहले से ही कावेरी नदी के पानी को लेकर तनाव बना हुआ है। हाल ही में कर्नाटक में तमिलनाडु को पानी छोड़े जाने के विरोध में बंद और प्रदर्शन हुए थे। कर्नाटक में प्रदर्शनकारी संगठन मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं, जिसका तमिलनाडु विरोध करता रहा है।

ऐसे में तीन तमिल लोगों की मौत का मामला सामने आने के बाद दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक और सामाजिक तनाव और बढ़ने की आशंका है। तमिलनाडु सरकार ने पूरे मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

अटल जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और विकास के लिए समर्पित रहा। अटल जी ने अपने विचारों, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने राजनीति को सेवा का माध्यम माना और लोकतांत्रिक मूल्यों को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में देश ने विकास, आधारभूत संरचना और सुशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि अटल जी की सोच में गांव, गरीब, किसान और आम नागरिक के कल्याण को विशेष स्थान प्राप्त था। उनकी नीतियों का केंद्र अंत्योदय और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना था। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का मध्यप्रदेश से भी गहरा संबंध रहा है। उनकी सरलता, संवेदनशीलता, ओजस्वी वक्तृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने उन्हें जन-जन का प्रिय बनाया। आज उनकी जयंती और पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर उनके विचारों को याद करना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन और कार्यों में अपनाना भी सच्ची श्रद्धांजलि है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अटल जी के सुशासन और जनकल्याण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश को विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध राज्य बनाया जा सके।

अटल जी के विजन से समृद्ध हो रहा छत्तीसगढ़, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना ने छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का ऐतिहासिक निर्णय लेकर प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी थी। आज छत्तीसगढ़ सुशासन, विकास और अंत्योदय की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी का सपना था कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उनकी इसी सोच को राज्य सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य गरीब, किसान, मजदूर, युवा, महिला और वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के साथ ही प्रदेश में अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की विचारधारा में राष्ट्र प्रथम और जनसेवा सर्वोपरि थी। छत्तीसगढ़ सरकार उनके आदर्शों और मूल्यों से प्रेरणा लेकर प्रदेश को समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अटल जी का सपना और छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाएं सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं।

वन्यजीवों की दुनिया का डिजिटल सफर, CM डॉ. मोहन यादव ने 14-D वर्चुअल थिएटर का किया उद्घाटन

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में देश के पहले 14-D वर्चुअल जंगल सफारी थिएटर का लोकार्पण किया। करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक सुविधा के जरिए दर्शक डिजिटल तकनीक के माध्यम से जंगल और वन्यजीवों के बीच होने जैसा रोमांचक अनुभव ले सकेंगे।

इस 14-D थिएटर में वर्चुअल जंगल सफारी के दौरान दर्शकों को आधुनिक विजुअल और मोशन तकनीक के जरिए वन्यजीवों तथा प्राकृतिक वातावरण का अनुभव कराया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से बच्चों, युवाओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस लोकार्पण के साथ इंदौर चिड़ियाघर में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। वर्चुअल सफारी के माध्यम से लोग जंगल के रोमांच का अनुभव सुरक्षित और मनोरंजक तरीके से कर सकेंगे।

बताया गया है कि 14-D थिएटर में लगभग 20 मिनट का शो दिखाया जाएगा। आम दर्शकों के लिए यह सुविधा 16 अगस्त से शुरू की गई है और इसके लिए टिकट की व्यवस्था भी की गई है।

इंदौर जू में इस नई सुविधा के शुरू होने से शहर के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में यह वर्चुअल जंगल सफारी इंदौर के पर्यटन आकर्षणों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।

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