राहुल गांधी की यात्रा का पूरा रोडमैप: 14 राज्यों की 100 सीटों पर फोकस

Complete roadmap of Rahul Gandhi's

 

कांग्रेस संगठन में जान फूंकने के लिए राहुल गांधी 350 दिन बाद फिर से एक पदयात्रा की शुरुआत करने वाले हैं. कांग्रेस ने इस पदयात्रा का नाम भारत न्याय यात्रा दिया है. पूर्वोत्तर के मणिपुर से शुरू होने वाली यह पदयात्रा महाराष्ट्र के मुंबई में खत्म होगी. 67 दिनों की इस पदयात्रा में राहुल 6200 किमी चलेंगे.

कांग्रेस संगठनम हासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे. यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को राजनीतिक, आर्थिक और समाजिक न्याय दिलाना है.

14 राज्य और 85 जिलों से गुजरने वाली इस पदयात्रा का आधिकारिक रोडमैप कांग्रेस ने अभी तक जारी नहीं किया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि यात्रा का रोडमैप लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बनाया गया है.

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी की यात्रा पूरब से पश्चिम भारत के उन 100 सीटों को कवर करेगी, जहां 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई थी.

भारत जोड़ो यात्रा से कितना अलग है ये न्याय यात्रा?

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी और कार्यकर्ताओं ने पैदल यात्रा की थी, लेकिन इस यात्रा में पैदल चलने के साथ-साथ हाईटेक बस का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

भारत जोड़ो यात्रा का थीम मोहब्बत और सबको एकजुट करना था. न्याय यात्रा का थीम सभी वर्गों को न्याय दिलाना है.

भारत जोड़ो यात्रा 3570 किमी की थी, जबकि भारत न्याय यात्रा 6200 किमी की होगी.

भारत जोड़ो यात्रा की तरह ही न्याय यात्रा में भी 14 राज्यों को ही कवर किया जाएगा.

सीडब्ल्यूसी सदस्य और ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहते हैं, ‘इस बार समय कम है और दूरी ज्यादा.

इसलिए यात्रा के स्वरूप में कुछ फेरबदल किया गया है. हमारी कोशिश अधिकांश जिलों को कवर करने की है.’

न्याय यात्रा का राज्यवार रोडमैप

पूर्वोत्तर के 4 राज्यों पर विशेष फोकस, यहां 19 सीटें

कांग्रेस न्याय यात्रा के जरिए पूर्वोत्तर के 4 राज्यों पर मुख्य रूप से फोकस करना चाहती है. इन राज्यों में लोकसभा की कुल 19 सीटें हैं. 2019 में कांग्रेस को 19 में से 4 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि 11 पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी.

कांग्रेस को इस बार मणिपुर, मेघालय, नगालैंड और असम में बेहतरीन परफॉर्मेंस की उम्मीद है. असम की 9 सीटों पर कांग्रेस पिछली बार दूसरे नंबर पर थी. इनमें से 3 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार 1 लाख से भी कम वोटों से चुनाव हारे.

 

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक असम में यात्रा जोरहाट, नगांव होते हुए मेघालय में इंटर करेगी. इस रूट के जरिए कांग्रेस करीब असम की 9 जिलों को कवर करना चाहती है. असम में कांग्रेस काफी कमजोर स्थिति में है और पार्टी पिछले 10 सालों से सत्ता से बाहर है.

मेघालय के बाद न्याय यात्रा फिर असम में प्रवेश करेगी और धुबरी होते हुए पश्चिम बंगाल चली जाएगी. धुबरी में पिछली बार कांग्रेस नंबर-2 पर रही थी. एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल ने यहां से जीत हासिल की थी.

उत्तर बंगाल में इंट्री, मालदा-मुर्शिदाबाद पर फोकस

मेघालय-असम के बाद राहुल गांधी की न्याय यात्रा कूचबिहार से पश्चिम बंगाल में प्रवेश करेगी. यहां से यात्रा जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी होते हुए मालदा तक पहुंचेगी. कांग्रेस बंगाल की कम से कम 8 जिलों को न्याय यात्रा के जरिए कवर करना चाहती है.

2019 में मालदा और मुर्शिदाबाद जिले की सीटों पर कांग्रेस ने बढ़िया परफॉर्मेंस किया था. इस चुनाव में पार्टी अकेले मैदान में उतरी थी. इस बार कांग्रेस का ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल से गठबंधन है. 2009 में भी कांग्रेस ने तृणमूल के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था.

2009 में कांग्रेस को बंगाल की 6 सीटों पर जीत मिली थी. जीती हुई अधिकांश सीटें मुर्शिदाबाद और मालदा की थी. इस बार भी पार्टी को 2009 की तरह रिजल्ट आने की उम्मीद है. बंगाल में राहुल की यात्रा का रूट भी 2009 में जीते सीटों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

बिहार में क्लोज फाइट वाले इलाके में राहुल की न्याय यात्रा

बंगाल के बाद राहुल गांधी की यात्रा बिहार में प्रवेश करेगी. हालांकि, कुछ नेताओं का कहना है कि बंगाल से यात्रा को पहले ओडिशा, फिर छत्तीसगढ़ और उसके बाद झारखंड होते हुए बिहार में ले जाया जाए.

राहुल गांधी की यात्रा को बिहार के सीमांचल और गंगा बेल्ट होते हुए गया की तरफ ले जाने की रणनीति पर कांग्रेस काम कर रही है. 2019 के चुनाव में सीमांचल की कटिहार, सुपौल और पूर्णिया में कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी.

किशनगंज सीट पर पार्टी को जीत मिली थी. इंडिया गठबंधन में पार्टी इस बार भी यही सीट मांग रही है.

बात गंगा बेल्ट की करें तो कांग्रेस पिछली बार मुंगेर सीट से चुनाव लड़ी थी, जहां उसे 3 लाख 60 हजार वोट मिले थे. इस बार पार्टी की नजर बेगूसराय सीट पर है. यहां से कांग्रेस के कन्हैया कुमार चुनाव लड़ सकते हैं.

झारखंड में दावेदारी तो ओडिशा में संगठन मजबूत करने पर फोकस

फरवरी के मध्य में राहुल गांधी की न्याय यात्रा झारखंड में प्रवेश कर लेगी. झारखंड में राहुल की यात्रा को कोडरमा या चतरा से प्रवेश कराकर जमशेदपुर तक ले जाने की रणनीति पर कांग्रेस काम कर रही है. कांग्रेस की कोशिश हजारीबाग, खूंटी और रांची समेत 8 जिलों को कवर करने की है.

2019 में कांग्रेस 7 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें से 6 सीटों पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी. जिन सीटों पर कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी, उनमें हजारीबाग, रांची, खूंटी, लोहरदगा जैसी सीटें शामिल हैं.

 

झारखंड के बाद कांग्रेस की न्याय यात्रा ओडिशा में प्रवेश करेगी. राहुल की न्याय यात्रा के जरिए कांग्रेस ओडिशा के 12 जिलों को कवर करेगी. 2009 में जिन सीटों पर कांग्रेस जीती थी, राहुल अपने यात्रा के जरिए फिर से उन क्षेत्रों में जाएंगे. इनमें नबरंगपुर और कालाहांडी प्रमुख हैं.

2009 में कांग्रेस को ओडिशा की 21 में से 6 सीटों पर जीत मिली थी. 2019 में यह आंकड़ा 1 पर पहुंच गया.

छत्तीसगढ़ में बस्तर-सरगुजा को साधने की रणनीति

फरवरी के अंतिम हफ्ते में ओडिशा से राहुल गांधी की यात्रा छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर जाएगी. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल की यात्रा का जो रोडमैप तैयार किया गया है, उससे सरगुजा और बस्तर संभाग को कांग्रेस साधना चाहती है.

हालिया विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस को इन इलाकों में करारी शिकस्त मिली है. 2019 में भी बस्तर-कोरबा छोड़ अन्य इलाकों की सीट पर कांग्रेस को जीत नहीं मिली थी. पार्टी इस बार कम से कम 11 में से 6 सीटों को किसी भी हाल में फतह करना चाहती है.

उत्तर प्रदेश: यात्रा का रोडमैप वही, जहां 2009 में मिली थी जीत

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक सोनभद्र से राहुल गांधी की यात्रा उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी. यात्रा का रोडमैप 2009 के लोकसभा सीट के आधार पर बनाया गया है. यूपी की करीब 12 जिलों से राहुल की न्याय यात्रा को निकालने की रणनीति पर कांग्रेस काम कर रही है.

यात्रा के जरिए पार्टी 12 जिलों की 15 सीटों पर जनाधार मजबूत करना चाह रही है. इनमें उन्नाव, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली जैसी प्रमुख सीटें शामिल हैं. 2009 में कांग्रेस को इन सीटों पर जीत मिली थी.

यात्रा के जरिए कांग्रेस 2009 में जीती हुई सीट पर दावेदारी भी मजबूत करना चाह रही है. वजह सपा से गठबंधन है. सपा कांग्रेस को 8-10 सीटें ही इस बार देना चाह रही है. पार्टी ने इसके पीछे कमजोर संगठन की बात कही है.

मध्य प्रदेश में विंध्य और चंबल पर ज्यादा फोकस

मार्च के पहले हफ्ते में राहुल गांधी की यात्रा मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकती है. राहुल की यात्रा के जरिए कांग्रेस मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और विंध्य को साधना चाहती है. इसकी 2 वजहें हैं-

1. विंध्य और ग्वालियर चंबल में लोकसभा की करीब 8 सीटें हैं. कांग्रेस को पिछले चुनाव में इन सीटों पर करारी शिकस्त मिली थी. पार्टी इसबार नए सिरे से यहां मेहनत कर रही है. विधानसभा चुनाव के बाद जो नए समीकरण बने हैं, उससे पार्टी को बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद है.

2. राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा में मालवा और निवाड़ पर फोकस किया था, लेकिन मालवा में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी खराब रहा. निवाड़ में भी पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस की सीटें घट गई.

राजस्थान और गुजरात में शून्य से उबरने की चुनौती

गुजरात और राजस्थान में कांग्रेस के सामने शून्य से उबरने की चुनौती है. 2014 और 2019 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दोनों ही राज्यों में जीरों सीट मिली थी. दोनों ही जगहों पर लोकसभा की कुल 51 सीटें हैं.

राजस्थान में राहुल गांधी की यात्रा पूर्वी राजस्थान के अधिकांश जिलों से होकर गुजरेगी, जहां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद ही खराब रहा है. गुजरात की 8 सीटों से राहुल गांधी की यात्रा गुजारने की रणनीति पर कांग्रेस काम कर रही है. इनमें वालसाड, बरदौली, छोटा उदयपुर और भरुच प्रमुख हैं.

2009 में कांग्रेस को वालसाड, बरदौली और दहोद जैसी सीटों पर जीत मिली थी.

महाराष्ट्र: मुंबई आखिरी पड़ाव, यहां नजर 2009 वाली सीटों पर

मणिपुर से निकलने वाली भारत न्याय यात्रा मार्च के तीसरे हफ्ते में महाराष्ट्र पहुंच जाएगी. यात्रा का आखिरी पड़ाव मुंबई है. कांग्रेस की नजर 2009 की लोकसभा सीटों पर है. 2009 में कांग्रेस मुंबई की 6 में से 5 सीटें जीती थी. एक पर सहयोगी एनसीपी को जीत मिली थी.

2019 में मुंबई की 6 में से 3 पर शिवसेना और 3 पर बीजेपी को जीत मिली थी. कांग्रेस यात्रा के जरिए गठबंधन में अधिक सीटों पर दावेदारी भी मजबूत करना चाह रही है, जिससे 2009 जैसा परफॉर्मेंस किया जा सके.

MP PSC result: कोलार निवासी निहारिका मीणा का एमपी पीएससी में चयन, असिस्टेंट डायरेक्टर जनसंपर्क विभाग में प्रथम स्थान प्राप्त किया

 

भोपाल, कोलार उपनगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी अजय सिंह मीना की पुत्री निहारिका मीणा ने एमपी पीएससी की जो परीक्षा में असिस्टेंट डायरेक्टर जनसंपर्क विभाग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस सफलता पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल देखा गया। निहारिका 6 भाई बहनों में सबसे छोटी है। निहारिका मीणा की स्कूल और कालेज की पढ़ाई भोपाल में ही हुई है। उनके बड़े भाई विश्वनाथ मीणा, अविनाश मीणा बडे़ भैया अमित मीणा ने अपनी बहन को इस सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी एवं कहा कि निहारिका ने संपूर्ण मध्य प्रदेश एवं मीणा समाज का गौरव बढ़ाया है।

एमपी पीएससी ने बीती देर रात राज्य सेवा परीक्षा-2019 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। अब 2019 के इन अभ्यर्थियों के साथ ही 2020 के अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी में पहली रैंक पर भी लड़कियां

डिप्टी कलेक्टर की सूची में पहले नंबर पर प्रिया पाठक, दूसरे पर शिवांगी बघेल और तीसरे नंबर पर पूजा सोनी हैं। इनके अलावा राहुल कुमार पटेल, निधि मिश्रा, हरनीतकौर कलसी, सौरभ मिश्रा, सलोनी अग्रवाल, रीतिका पाटीदार, आशुतोष मह्मदेवसिंह ठाकुर के नाम हैं। इस तरह टॉप-10 में सात लड़कियां हैं। वहीं, डीएसपी की सूची में पहला नाम रुचि जैन, दूसरा ललित बैरागी और तीसरे नंबर पर हर्ष राठौर है।

पीएससी द्वारा घोषित नतीजों में कुल 24 डिप्टी कलेक्टर, 19 डीएसपी, 17 कोषालय अधिकारी समेत वाणिज्यिककर अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला पंजीयक जैसे पदों के लिए चयन सूची घोषित की है। इन तमाम पदों के लिए 87 प्रतिशत के अनुपात में ही चयन सूची जारी की गई है। शेष 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों के नाम होल्ड पर रख दिए गए हैं।

MPPSC 2019 Result: कोरोना में पिता को खोया , बेटी बनी डिप्टी कलेक्टर, प्रदेश में पाई आठवीं रैंक

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Richest People In India: देश में सबसे ज्यादा अमीर यहां के परिवार, दो तिहाई भारतीयों की कमाई अभी भी 35 हजार के नीचे

families here are the richest

 

Richest People In India: भारतीयों का गोल्ड के लिए प्रेम बढ़ता ही जा रहा है. साथ ही वह अभी बैंक में रखे हुए पैसों को ही सबसे सुरक्षित मानते हैं. देश में परिवारों की आमदनी, खर्च, लाइफस्टाइल, सेविंग्स, इनवेस्टमेंट और भविष्य के प्लान के बारे में किए गए गए एक सर्वे में रोचक आंकड़े निकलकर सामने आए हैं. इस सर्वे में कर्नाटक के परिवार देश में सबसे समृद्ध निकले. उन्होंने महाराष्ट्र के परिवारों को भी पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, दो तिहाई भारतीय अभी भी हर महीने 35 हजार से कम कमा पाते हैं. हालांकि, इलाज के बढ़ते खर्चे पूरे देश में परिवारों पर भारी पड़ रहे हैं. साथ ही ज्यादातर परिवार नौकरी चले जाने के डर में जीवन गुजार रहे हैं.

भारतीयों को लुभा नहीं पा रहे निवेश के नए विकल्प

पीटीआई के मुताबिक, भारतीयों को निवेश के नए विकल्प अभी तक लुभा नहीं पाए हैं. वह गोल्ड और बैंक में जमा पैसों को सुरक्षित इनवेस्टमेंट के तौर पर देखते हैं. लगभग 77 फीसदी भारतीय अपनी कमाई को बैंक में रखना पसंद करते हैं. साथ ही 21 फीसदी लोग गोल्ड में निवेश करने को तरजीह देते हैं. हालांकि, भारतीय परिवारों में इंश्योरेंस और शेयर मार्केट के प्रति रुझान बढ़ा है. फिर भी अभी इनकी संख्या कम है.

कर्नाटक ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ा

रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के परिवारों ने औसत मासिक आय के मामले में महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया है. इस साल कर्नाटक में प्रति परिवार औसत मासिक आय 35,411 रुपये रही.

दो तिहाई भारतीयों की कमाई अभी भी 35 हजार के नीचे

सर्वेक्षण से पता चला कि कोविड महामारी के बाद प्रवासी मजदूर शहरों की ओर वापस लौटे हैं. इसकी वजह से 2023 में शहरी परिवारों की औसत मासिक आय 12 फीसदी बढ़कर 25,910 रुपये हो गई. मगर, अभी भी 77 फीसदी भारतीय 35,000 रुपये मासिक से कम कमाते हैं. सिर्फ 30 फीसदी परिवारों ने बताया कि पिछले 5 साल में उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है.

इन शहरों में होती है सबसे ज्यादा गोल्ड सेविंग

53 फीसदी परिवारों के पास अभी भी हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है. शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों की संख्या भी बढ़ी है. बेंगलुरु और तिरुवनंतपुरम में सबसे ज्यादा गोल्ड सेविंग होती है. भारत में सबसे ज्यादा बीमा मदुरई के परिवारों के पास है.

इलाज के भारी खर्च के बोझ तले दबे हैं परिवार

सर्वे के मुताबिक, अचानक आई गंभीर बीमारी की वजह से इस साल लगभग 22 फीसदी भारतीयों को अपनी जीवन भर की बचत गंवानी पड़ी है. साथ ही 56 फीसदी परिवार नौकरी छूटने के डर के बीच जी रहे हैं. देश में 3 फीसदी परिवार अगले 6 महीने में दोपहिया वाहन या कार खरीदने की योजना बना रहे हैं. साथ ही 10 फीसदी स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं.

20 राज्यों के 35 हजार घरों में किया गया सर्वे

इस सर्वे में 20 राज्यों के 1,170 स्थानों और 115 जिलों में फैले 35,000 से अधिक घरों को शामिल किया गया. यह सर्वेक्षण रिसर्च ट्राइएंगल इंस्टिट्यूट (आरटीआई) इंटरनेशनल के सहयोग से किया गया.

Ayodhya Railway Station: CM योगी ने बदला अयोध्या रेलवे स्टेशन का नाम, दो दिन पहले किया था निरीक्षण

changed the name of Ayodhya Railway

 

Ayodhya Railway Station: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुक्षाव के बाद अयोध्या रेलवे स्टेशन का नाम बदल दिया है। इसका अब से अयोध्या धाम नाम कर दिया है। दरअसल सीएम योगी अयोध्या रेलवे का दो दिन पहले निरीक्षण करने आए थे। इस दौरान उन्हें अधिकारियों को अयोध्या धाम नाम सुझाया था।

रामनगरी में आ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अयोध्या जंक्शन का कालाकल्प किया जा रहा है। सरकार ने करोड़ों की लागत से इसका विस्तार कर रही है। रेलवे स्टेशन को भगवान राम के मंदिर के स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें बाहर से आ रहे श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। रेलवे स्टेशन में लिफ्ट से लेकर स्वचालित सीढ़ियां होंगी।

पीएम मोदी 30 द‍िसंबर को करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को अयोध्या रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। इस स्टेशन को त्रेता युग की तर्ज पर बनाया गया है। इस स्टेशन को देखकर लगेगा कि जैसे किसी मंदिर में प्रवेश किया है। स्टेशन से राम मंदिर की दूरी करीब एक किलोमीटर है। इस स्टेशन की क्षमता करीब 50 हजार यात्रियों की है।

Bollywood Celebs: इन सितारों ने 2023 में की महंगी प्रॉपर्टी डील

stars made expensive property

 

Bollywood Celebs : बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने साल 2023 में मुंबई में एक बेहद महंगी प्रॉपर्टी खरीदी है. मुंबई के पाली हिल एरिया में उन्होंने अक्टूबर 2023 में 1,474 वर्ग फीट का फ्लैट खरीदा है जिसकी कीमत 17.01 करोड़ रुपये थी.

अजय देवगन और काजोल का नाम भी उन बॉलीवुड सेलेब्स की लिस्ट में है जिन्होंने इस साल करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी है. अजय देवगन ने पत्नी काजोल के साथ मिलकर 45.09 करोड़ रुपये में मुंबई में पांच ऑफिस खरीदे हैं. वहीं काजोल ने जुहू में 16.50 करोड़ रुपये में एक प्रीमियम अपार्टमेंट भी खरीदा है.

दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा ने भी मुंबई के बांद्रा इलाके में 11 करोड़ रुपये में एक सी-फेसिंग लग्जरी फ्लैट खरीदा है.

कार्तिक आर्यन का नाम उन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज की लिस्ट में आता है जिन्होंने इस साल महंगी प्रॉपर्टी डील की है. इस साल उन्होंने 17.50 करोड़ रुपये में लग्जरी फ्लैट खरीदा है.

धनतेरस के खास मौके पर अनन्या पांडे ने अपना पहला घर खरीदा है. उन्होंने अपने घर की गृह प्रवेश की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घर की कीमत 10 करोड़ रुपये है.

मुंबई के अंधेरी इलाके में एक्टर मनोज बाजपेयी ने की पॉश Signature Building में चार ऑफिस खरीदा है. उन्होंने 7,620 वर्ग फीट के इन चार ऑफिस के लिए कुल 31.08 करोड़ रुपये की रकम अदा की है.

आलिया भट्ट ने इस साल रियल एस्टेट में निवेश किया है. उन्होंने 45.48 करोड़ रुपये की तीन प्रॉपर्टी खरीदी है.

MPPSC 2019 Result: कोरोना में पिता को खोया , बेटी बनी डिप्टी कलेक्टर, प्रदेश में पाई आठवीं रैंक

Deputy Collector, go

 

MPPSC 2019 Result: बुधवार को घोषित किए गए एमपी पीएससी परीक्षा के नतीजों में जिले की बेटी सोनाली अग्रवाल ने बाजी मारी है। प्रदेश में आठवीं रैंक हासिल करने वाली इंदिरा कालोनी की सोनाली डिप्टी कलेक्टर के लिए चुनी गई है।

सोनाली के बड़े पिता गोविंद शरण अग्रवाल का कहना है कि सोनाली बचपन से ही पढ़ने में होशियार थी। वर्ष 2021 में कोरोना के चलते उसने अपने पिता गिरिराज शरण अग्रवाल को खो दिया था।

जिसके चलते पूरा परिवार शोक में डूब गया था। बावजूद इसके सोनाली ने हौसला नहीं हारा और आगे की पढ़ाई जारी रखी। परिवार ने भी उसे पूरा सहयोग किया। झिरनिया के निजी स्कूल के बाद उसका चयन नवोदय विद्यालय में हो गया था।

उसने इंदौर से बीबीए की पढ़ाई पूरी की और 2019 में एमपी पीएससी की परीक्षा दी थी। पहली बार में ही सफलता ने उसके कदम चूम लिए। सोनाली की मां रेखा अग्रवाल घरेलू महिला हैं।

परिवार में एक छोटा भाई रितिक है, जो अभी पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि सोनाली साधारण परिवार से है। उसके पिता झिरनया में किराना दुकान चलाते थे।

सोनाली के मन में लक्ष्य हासिल करने की ललक थी। जिसके चलते वह परिवार के कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं होती थी। उसका सपना आइएएस अधिकारी बनने का था।

MP CM House News: सीएम आवास खाली करने से पहले श‍िवराज ने कहा-पता बदल रहा है, लेकिन आपके भैया व मामा के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे

Before vacating the CM residence,

 

MP CM House News: भोपाल। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान ने सीएम आवास खाली कर दिया। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान कुछ देर में सीएम हाउस छोड़कर B8 74 बंगले में शिफ्ट हो गए। नए आवास पर श‍िवराज प्रतिदि‍न सुबह 11 बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे तक जनता की समस्‍याएं सुनेंगे।

मेरे प्यारे भाइयों और बहनों नमस्कार,

मैं आज मुख्यमंत्री निवास से विदा ले रहा हूं, यह निवास के साथ-साथ मेरी कर्मस्थली भी रहा है। आज पता बदल रहा है, लेकिन आपके भैया, आपके मामा के दरवाजे हमेशा आपके लिए खुले रहेंगे।

इससे पहले श‍िवराज सिंह चौहान ने परिवार सहित सीएम हाउस स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की और गौशाला में गौ माता के दर्शन किए । इस अवसर पर सीएम हाउस में पदस्थ सुरक्षा कर्मियों ने उन्हे विदाई भी दी। नए आवास में धर्मपत्‍नी साधना सिंह ने श‍िवराज को तिलक कर और आरती उतारकर स्‍वागत किया।

इस दौरान श‍िवराज ने मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए। उन्‍होंने नए दायित्‍व के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि पार्टी उन्‍हें जो भी जिम्‍मेदारी देगी वे उसे निभाएंगे।

राहुल गांधी की यात्रा पर तंज

श‍िवराज ने राहुल गांधी की प्रस्‍तावित यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले यह यात्रा निकाली जा रही है। चुनाव में कांग्रेस का क्‍या हश्र होगा।

राष्‍ट्रीय स्‍तर पर मिलेगा दायित्‍व
उल्‍लेखनीय है कि दिल्‍ली में श‍िवराज भाजपा के वरिष्‍ठ नेताओं से मुलाकात के बाद यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि पार्टी उन्‍हें लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कोई महत्‍वपूर्ण दायित्‍व सौंपेगी। श‍िवराज ने भी यह कहा है कि वे फ‍िलहाल दक्षिण के राज्‍यों का दौरा करेंगे।

Bunty Sahu Chhindwara : पुलिस के बाद अब भोपाल तक पहुंची छिंदवाड़ा भाजपा की लड़ाई

Chhindwara BJP's fight now

 

Bunty Sahu Chhindwara : छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा भाजपा में मनमुटाव और गुटबाजी का मामला अब भोपाल तक पहुंच गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक बंटी साहू दो दिन से भोपाल में डटे हुए हैं और उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा से शिकायत की है। सोमवार को पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी चंद्रभान सिंह भी भोपाल पहुंच गए हैं। हालांकि उनकी निजी धार्मिक यात्रा करार दी जा रही है। चुनाव से ही चल रही तनातनी के बाद अब दोनों गुट आमने-सामने आ गए हैं।

इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की शिकायत

विवेक बंटी साहू को लेकर तीन दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डाली गई। इसे लेकर बंटी साहू, उनकी पत्नी शालिनी साहू और समर्थक शुक्रवार रात छिंदवाड़ा में कोतवाली थाने पहुंचे। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने कहा कि भ्रामक जानकारी फैलाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ये सब पूर्व कैबिनेट मंत्री के इशारे पर किया जा रहा है।

पांच विधानसभा के प्रत्याशी पहुंचे

रविवार को छिंदवाड़ा की पांच विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों ने भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात की। बंटी साहू के साथ मोनिका शाह बट्टी, ज्योति डेहरिया, बंटी साहू, लखन वर्मा और नत्थन शाह कवरेती भी थे।

दूसरा गुट भी सक्रिय

बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान ने अपने समर्थकों के साथ बैठक कर निर्णय लिया कि सातों विधानसभा के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता भोपाल जाकर प्रदेश संगठन के समक्ष अपनी बात रखेंगे। चुनाव में हार क्यों हुई, इससे भी वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया जाएगा। हालांकि उनकी भोपाल यात्रा को निजी धार्मिक यात्रा करार दिया जा रहा है।

इनका कहना है

पिछले दिनों भाजपा जिला संगठन और मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचते हुए बदनाम करने का प्रयास किया गया। हमारे कुछ लोगों और कांग्रेस के बड़े लोगों ने मिलकर षड्यंत्र रचा था। इस विषय में प्रदेश अध्यक्ष को पूरी जानकारी दी है। विधानसभा चुनाव में हुए भितरघात को लेकर बात रखी है। हमें पूर्ण विश्वास है कि निश्चित तौर पर जल्द से जल्द कार्रवाई होगी।
-विवेक बंटी साहू, भाजपा जिलाध्यक्ष, छिंदवाड़ा।

किसी का चरित्र हनन करना गलत है। इस मामले में मेरा नाम जोड़ना शर्मनाक है। इंटरनेट मीडिया पर चल रही पोस्ट से मेरा लेना-देना नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।

-चौधरी चंद्रभान सिंह, पूर्व मंत्री।

MP Congress : नववर्ष में अध्‍यक्ष जीतू पटवारी बनाएंगे मध्‍य प्रदेश कांग्रेस की नई टीम

President Jitu Patwari will form a

 

MP Congress : भोपाल। मध्‍य प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी नई टीम बनाएंगे। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नई प्रदेश कार्यकारिणी पें युवाओं को अधिक महत्व दिया जाएगा। अलबत्ता संगठन महामंत्री, कोषाध्यक्ष, कार्यालय प्रभारी सहित कुछ पदों पर वरिष्ठ नेताओं की नियुक्ति होगी। युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन में काम कर रहे प्रदेश पदाधिकारियों को आगे बढ़ाया जाएगा। नववर्ष में पटवारी सभी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद प्रदेश इकाई के लिए नाम केंद्रीय संगठन को प्रस्तावित करेंगे।

कमल नाथ ने बनाई थी अपनी टीम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए कमल नाथ ने अपने हिसाब से पूरी टीम बनाई थी। चंद्रप्रभार शेखर ने लंबे समय तक संगठन प्रभारी की भूमिका निभाई। विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने विश्राम ले लिया और पारिवारिक दायित्वों का हवाला देकर गृह नगर इंदौर लौट गए।

नहीं स्‍वीकार किया किसी का त्‍यागपत्र

मीडिया विभाग के कुछ पदाधिकारियों ने भी नए लोगों को मौका देने के लिए त्यागपत्र देने की पेशकश की थी लेकिन पटवारी ने किसी का त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया और सभी पदाधिकारियों को काम करते रहने के निर्देश दिए पर केंद्रीय संगठन की मंशा ऐसी नहीं है। वह पूरी तरह से संगठन में परिवर्तन चाहता है।

मप्र इकाई पहली बैठक में ही भंग

यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह ने अपनी पहली बैठक में ही मंगलवार को प्रदेश इकाई भंग कर दी गई और जिला इकाइयों को भी आगामी आदेश तक काम करते रहने के लिए कहा यानी परिवर्तन जिला और ब्लाक स्तर पर भी होगा। उधर, संगठन ने तय किया है कि अब नए चेहरों को आगे लाया जाए। युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन में काम कर रहे पदाधिकारियों को मुख्य संगठन में दायित्व दिए जाएं। यही बात जितेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी कही।

अब नई टीम बनाने की तैयारी

उधर, पटवारी ने भी अपनी टीम बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। युवा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने प्रदेशभर में अपनी टीम बनाई थी। इनमें से कुछ को प्रदेश पदाधिकारी बनाया जाएगा। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को भी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी।

कमल नाथ सहित सभी वरिष्ठ नेताओं से विमर्श कर तय किए जाएंगे नाम

सूत्रों का कहना है कि पटवारी सबको साथ लेकर चलेंगे। वह केंद्रीय संगठन को प्रदेश इकाई के नाम प्रस्तावित करने से पहले पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श करेंगे। लोकसभा चुनाव को देखते हुए पूर्व विधायकों की भूमिका भी तय की जाएगी।

मनीष यादव प्रदेश सचिव नियुक्त 

 

भोपाल, अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बलवीर यादव , युवा विंग प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेन्द्र यादव की अनुसंसा अनुसार भोपाल नीलबड़ निवासी मनीष यादव को पुनः प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी गई हैं।

मनीष यादव छात्र जीवन से ही अनेक जिम्मेदारियों को निभाते आ रहे हैं इसके पूर्व यादव प्रदेश छात्र महामंत्री का पद का निर्वाहन कर चुके हैं। यादव को प्रदेश सचिव नियुक्त होने पर समाज के लोगो ने साथ ही उनके चाहने वालों और मित्रों ने उन्हें बधाईया दी।

मनीष यादव ने बताया फरवरी में होने वाले अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों में पूरी जिम्मेदारी और मेहनत के साथ जुटेंगे और अधिवेशन को उत्साह के साथ मनाएंगे।

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