नवोदय में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए परीक्षा 20 जनवरी 2024 से

 

भोपाल : 26 दिसंबर 2023

जवाहर नवोदय विद्यालय, रातीबड़ जिला भोपाल में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए चयन परीक्षा-2023, शनिवार 20 जनवरी 2024 को भोपाल जिले के 10 केन्द्रों पर होगी। परीक्षा के प्रवेश-पत्र ऑनलाइन उपलब्ध है। अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश-पत्र ऑनलाइन navodaya.gov.in या cbseitms.rcil.gov.in/nvs/admitcard/ से प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश-पत्र प्राप्त करने में कोई समस्या हो तो दूरभाष 0755-2896325 एवं मोबाइल नंबर 95843-59571 पर सपंर्क किया जा सकता है।

Birth Anniversary: नेहरू भी करते थे अटल बिहारी वाजपेई की तारीफ, महान शख्सियत की खास बातें

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Birth Anniversary। भारतीय राजनीति को नई दिशा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। 25 दिसंबर को देश अपने लाड़ने नेता की जन्म जयंती मना रहा है और श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहा है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई बड़े नेता नई दिल्ली में अटलजी की समाधि ‘सदैव अटल’ पहुंचे और श्रद्धांजलि दी।

अटल जी का जन्म 25 दिसंबर 1924 में मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था। अटल जी के पिता संस्कृत भाषा और साहित्य के अच्छे विद्वान थे। उनके घर में किताबों को खास महत्व दिया जाता था इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके घर की बैठक पुरानी किताबों से भरी रहती थी। वे 11 भाषाओं के ज्ञाता हैं।

महान शख्सियत : आधुनिक भारत में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी को छोड़ दें, तो अटल बिहारी वाजपेयी ही ऐसे नेता हैं, जिनकी स्वीकार्यता पार्टी लाइन, धर्म, जाति से हटकर हर दल हर वर्ग, हर उम्र के लोगों में है। काफी लंबे समय तक विपक्ष में रहते हुए भी अटल बिहारी वाजपेयी में कभी भी अपने राजनैतिक विरोधियों के लिए भेदभाव या वैमनस्यता नहीं रही।

विपक्ष की भी तारीफ की : विपक्ष के नेता के रूप में जब और जहां सत्तारूढ़ दल और उसके मुखिया की तारीफ करने की जरूरत महसूस हुई वाजपेयी ने उन्मुक्त कंठ से तारीफ की, चाहे वो भारत पाक युद्ध का वक्‍त हो या और तमाम राष्ट्रीय आपदा की घटनाएं, अटल बिहारी वाजपेयी ने हमेशा दल गत राजनीति से ऊपर उठकर बात की। भारत-पाक युद्ध के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को दुर्गा कहा था।

नेहरू जैसी न्‍यायप्रियता : गुजरात में हुए नरसंहार के बाद प्रधानमंत्री के रूप में अटलजी का गुजरात दौरा और अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री को राजधर्म का पालन करने की नसीहत देना उच्‍च न्‍यायप्रियता का प्रदर्शन है। ऐसा ही पंडित जवाहर लाल नेहरू ने प्रधानमंत्री के रूप में केरल की अपनी सरकार को संवैधानिक दायित्वों का पालन करने में विफल होने के आरोप में बर्खास्त कर दिया था।

विपक्ष का भी मान : अटल और सोनिया जी के बीच में राजनीतिक केमिस्ट्री ऐसी थी कि केंद्र सरकार के तमाम फैसले सोनिया गांधी की लिखी चिट्ठी के आधार पर संशोधित किए जाते रहे और बदले जाते रहे।

हालांकि, अटलजी की पार्टी के ही कुछ लोग उनकी इस कार्यशैली को लेकर कई बार अपना असंतोष भी जताते रहे हैं।

नेहरू ने की थी तारीफ : वाजपेयी जी जब पहली बार चुनकर लोकसभा पहुंचे थे, तो पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें विदेश नीति पर बोलने का मौका दिया था, अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण से पंडित नेहरू इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कहा था कि वाजपेयी जी के अंदर देश का नेतृत्व करने के सारे गुण मौजूद हैं।

कई क्षेत्रों में किया काम : वाजपेयी के व्यक्तित्व के अलग-अलग आयाम रहे हैं। उन्‍होंने आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में, जनसंघ के राजनैतिक कार्यकर्ता के रूप में, आरएसएस के मुखपत्र राष्ट्रधर्म के संपादक के रूप में, देश के सर्वोत्तम विशिष्ट सांसद के रूप में, नेता प्रतिपक्ष के रूप में, विदेश मंत्री के रूप में, प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। अपने हर कार्य के साथ न्‍याय किया।

दृढ़ता का परिचय : इंदिरा गांधी के बाद सिर्फ वाजपेयी ही थे, जिन्‍होंने अमेरिका के खुले विरोध के बावजूद साहस और बहादुरी से पोखरण में परमाणु बम का सफल परीक्षण। प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी भी कभी शक्‍ितशाली विकसित देशों के सामने कमजोर नहीं पड़ीं।

इसकी तस्‍दीक इंदिरा के उन फैसलों से होती है, जिसमें उन्‍होंने परमाणु बम का परीक्षण किया और बांग्लादेश के निर्माण के दौरान हुआ भारत-पाक युद्ध का सामना किया। भारत-पाक युद्ध के दौरान अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इंदिरा गांधी पर युद्ध खत्म करने का दवाब बनाया था लेकिन इंदिरा ने बिना झुके बांग्लादेश के निर्माण तक युद्ध जारी रखा और रिचर्ड निक्सन को आधे रास्ते से अपना सातवां बेड़ा वापस बुलाना पड़ा। इंदिरा जी के बाद इतनी दृढ़ता अटल बिहारी वाजपेयी में ही नजर आई।

Night Shelter Bhopal: कड़ाके की सर्दी में खुले में सोने वालों को तलाश कर रैन बसेरों में कर रहे शिफ्ट

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Night Shelter Bhopal: भोपाल। राजधानी भोपाल में कड़ाके की सर्दी के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव देखा जा रहा है। बाजार दोपहर बाद गुलजार हो रहे हैं। जबकि देर शाम से ही लोग घरों की ओर कूच कर रहे हैं। भीषण ठंड की स्थिति को देखते हुए शहर में फुटपाथों पर सोने वालों को रैन बसेरों में शिफ्ट किया जा रहा है। ताकि उन्हें सर्दी के सितम से बचाया जा सके। इधर निगम कमिश्नर फ्रैंक नोबल ए ने निगम कर्मचारियों शहर के रैन बसेरों का गश्त करने को कहा है। यह कर्मचारी रैन बसेरों के अलाव जलवाएंगे और ठहरे हुए लोगों से उनकी जरूरत पूछेंगे।

 

दरअसल रैन बसेरों में रात्रि विश्राम करने वालों के लिए सर्दी से बचाव के लिए नगर निगम ने पर्याप्त कंबल, रजाई व अलाव आदि की सुविधा के इंतजाम किए हैं। महापौर मालती राय ने रैन बसेरा में पहुंचकर लोगों को कंबल बांटे और वहां मौजूद लोगों से ठंड से बचाव के इंतजामों के बारे में जानकारी ली। देर रात कमिश्नर फ्रैंक नोबल ए एमपी नगर जोन 2, आईएसबीटी स्थित सामुदायिक आश्रय स्थल सहित आईएसबीटी स्थित जनसुविधा केन्द्र का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां विश्राम कर रहे लोगों से कमिश्नर ने चर्चा की। कमिश्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ इलाकों में स्थित आश्रय स्थलों का सतत रूप से निरीक्षण करें। साथ ही रैन बसेरों में रात्रि विश्राम करने वालों के लिए और अधिक बेहतर ढंग से व्यवस्थाएं करते हुए, विशेषकर ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गददे, रजाई, कंबल आदि की उपलब्ध करवाएं। कमिश्नर ने सुरक्षा के मद्देनजर रैन बसेरों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी चालू रखने को कहा।

चौक-चौराहों पर अलाव जलवा रहा निगम

शहर में तेज सर्दी को देखते हुए बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी सहित मजदूरों के पीठों पर नगर निगम ने अलाव जलवाना शुरू करवा दिए हैं। वहीं पुराने शहर के बुधवारा चार बत्ती चौराहा, इतवारा, कॉजी कैम्प, नादरा बस स्टैण्ड, भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक और 6, भोपाल टॉकीज, घोड़ा निक्कास, हमीदिया अस्पताल आदि जगहों पर यह अलाव जल रहे हैं।

Dhananjay Munde: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे कोरोना पॉजिटिव, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

Maharashtra Agriculture Minister

Dhananjay Munde Covid Positive: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी  है. उन्होंने कहा कि नागपुर अधिवेशन खत्म होने के बाद तबीयत बिगड़ने लगी थी. डॉक्टर से जांच करने के बाद पता चला कि एक बार फिर कोविड हुआ है. डॉक्टरों ने चार दिन तक घर मे क्वारंटीन होने की सलाह दी है. फिलहाल ज्यादा दिक्कत नहीं है. जल्द ही ठीक होकर आप लोगों के बीच लौटूंगा.

Crude Oil Import: भारत के प्रयासों को नहीं मिली सफलता, रुपये में नहीं हो पा रहा कच्चे तेल के आयात का पेमेंट

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Crude Oil Import: कच्चे तेल के आयात का भुगतान रुपये में करने के भारत के प्रयासों को खास सफलता नहीं मिल पा रही है. कच्चे तेल के आयातक विभिन्न कारणों का हवाला देकर आयात के बदले भारतीय करेंसी में पेमेंट लेने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं. सरकार ने खुद यह बात संसद में स्वीकार की है.

पिछले वित्त वर्ष में हासिल शून्य

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेल मंत्रालय ने संसद की स्थाई समिति को इस बारे में जानकारियां दी है. उसमें कहा गया है कि आयातक फंड के सीमा पार प्रवाह और ट्रांजेक्शन की लागत से जुड़ी चिंताओं के चलते भारतीय रुपये में कच्चे तेल के आयात का पेमेंट नहीं लेना चाह रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान सरकारी तेल कंपनियों का कच्चे तेल के आयात का कोई भी भुगतान रुपये में सेटल नहीं हुआ.

इतना कच्चा तेल आयात करता है भारत

आम तौर पर दुनिया भर में कच्चे तेल के व्यापार के लिए अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल डिफॉल्ट करेंसी के रूप में किया जाता है. भारत भी लंबे समय से कच्चे तेल के आयात का पेमेंट अमेरिकी डॉलर में करता आया है. चूंकि भारत को अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल (करीब 85 फीसदी) अन्य देशों से आयात करना पड़ता है, कच्चे तेल के आयात का बिल विदेशी मुद्रा भंडार पर बड़ा असर डालता है. यही कारण है कि सरकार कच्चे तेल के आयात का पेमेंट रुपये में सेटल करने की दिशा में प्रयास कर रही थी.

तेल के मामले में नहीं मिली सफलता

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस दिशा में जुलाई 2022 में पहल की थी, जब उसने आयातकों को रुपये में भुगतान करने और निर्यातकों को रुपये में भुगतान लेने की मंजूरी दी थी. यह भारत सरकार के द्वारा भारतीय करेंसी के इंटरनेशनलाइजेशन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा था. इस दिशा में तेल से इतर अन्य व्यापार को रुपये में सेटल करने में तो सफलता मिली, लेकिन तेल के मामले में सफलता नहीं मिल पाई.

मंत्रालय ने समिति को बताई ये बात

रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने समिति को बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के द्वारा सरकारी तेल कंपनियों के द्वारा कच्चे तेल का आयात को भारतीय रुपये में सेटल नहीं किया गया. संयुक्त अरब अमीरात की एडीएनओसी समेत कच्चा तेल के सप्लायर इस बात को लेकर चिंता जता रहे हैं कि भारतीय रुपये में पेमेंट लेने के बाद उन्हें अपनी पसंदीदा करेंसी में फंड को कनवर्ट कराने में दिक्कतें आ सकती हैं. इसके अलावा उन्हें करेंसी की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण ट्रांजेक्शन की लागत बढ़ने का डर भी सता रहा है.

Beetroot Juice Benefits: हाई बीपी को कंट्रोल करने में बेहद फायदेमंद चुकंदर का जूस, विंटर डाइट में करें शामिल

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Beetroot Juice Benefits: चुकंदर एक सुपर फूड के रूप में काम करता है। इसमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा भरपूर होती है। चुकंदर एक जड़ वाली सब्जी है। इसे सर्दियों में खाना काफी लाभकारी होता है। चुकंदर को वैसे तो सलाद के रूप में खाया जाता है, लेकिन आप इसका जूस भी पी सकते हैं। चुकंदर का जूस काफी फायदेमंद होता है। इस जूस में एंटीऑक्सीडेंट और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये मस्तिष्क और हार्ट हेल्थ को अच्छा रखते हैं। आज हम आपको चुकंदर का जूस पीने के फायदे बताने जा रहे हैं।

 

हाई बीपी करे कंट्रोल

अगर आपको हाई बीपी की समस्या है, तो अपनी डाइट में चुकंदर जरूर शामिल करें। रोज सुबह एक गिलास चुकंदर का जूस पिएं। इसमें नाइट्रेट की मात्रा काफी ज्यादा होता है, जिससे हाई बीपी को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

पाचन को करे बेहतर

चुकंदर का जूस फाइबर से भरपूर होता है, जो कि पाचन के लिए काफी फायदेमंद होता है। यदि आपको कब्ज की समस्या है, तो अपनी डाइट में चुकंदर शामिल करें। चुकंदर का जूस पीने से मल त्याग की क्रिया में आसानी होती है और पाचन अच्छा बना रहता है।

मेमोरी करे बूस्ट

चुकंदर का जूस पीने से मेमोरी बूस्ट होती है। चुकंदर के जूस में नाइट्रेट पाया जाता है, जो रक्त वाहिकाओं के फैलाव को बढ़ावा देता है और मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है। इससे मस्तिष्क की हेल्थ अच्छी बनी रहती है और याददाश्त तेज होती है।

सूजन को करे कम

चुकंदर में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और बीमारियों को कम करने में मदद करता है। चुकंदर के सेवन से मोटापा, हृदय रोग, यकृत रोग जैसी बीमारियों से राहत मिलती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

चुकंदर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह कई पोषक गुणों से फुल होता है। चुकंदर का जूस पीने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इसका रोजाना सेवन करने से खतरनाक बीमारियों से बचा जा सकता है।

स्टेमिना बढ़ाए

अगर आपको अक्सर थकान और कमजोरी महसूस होता है, तो अपनी डाइट में चुकंदर जरूर शामिल करना चाहिए। चुकंदर का जूस पीने से आप एनर्जेटिक फील करेंगे। यह मांसपेशियों में रक्त प्रवाह को बढ़ावा देता है।

Star Daughter: रणबीर और आलिया ने दिखाई बेटी राहा की पहली झलक

first glimpse of daughter

 

Star Daughter: बाॅलीवुड एक्टर रणबीर कपूर और एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने आखिरकार अपनी बेटी की झलक फैंस को दिखा ही दी है। लंबे समय के बाद कपल ने अपनी बेटी राहा के साथ पैपराजी के सामने आकर पोज दिए हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है। पिछले काफी समय से कपल अपनी बेबी का चेहरा छिपाने में सफल रहे हैं। अब उन्होंने खुद आकर राहा का फेस रिवील कर दिया है। क्रिसमस के मौके पर रणबीर और आलिया ने फैंस को ये बड़ा तोहफा दिया है। सामने आए वीडियो में राहा बेहद ही क्यूट लग रही हैं। पैपराजी के साथ-साथ फैंस भी राहा को देख काफी खुश हो रहे हैं।

राहा के साथ पैपराजी के सामने दिए पोज

इस वीडियो को पैपराजी ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि रणबीर और आलिया क्रिसमस पार्टी में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। कपल जैसे ही अपनी कार से उतरते हैं, राहा को लेकर पैपराजी की ओर आते हैं। राहा की पहली झलक देख पैपराजी भी काफी एक्साइटेड हो जाते हैं। इतना ही नहीं, राहा के फेस रिवील मोमेंट पर रणबीर कपूर और आलिया भी काफी खुश होते हैं। इस दौरान के फोटोज और वीडियोज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। फैंस इन पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।

 

यूजर्स ने किए तरह-तरह कमेंट

कई यूजर्स का कहना है कि राहा बिल्कुल रणबीर के पापा और दिवंगत बाॅलीवुड एक्टर ऋषि कपूर की तरह दिखती हैं। वहीं, कुछ यूजर्स कह रहे हैं कि राहा छोटी करीना कपूर है। पापा रणबीर की गोद में बैठी राहा कैमरे की तरफ देख रही थी, जो कि फैंस को काफी पसंद आया और उन्होंने जमकर तारीफ की। रणबीर और आलिया भट्ट के इस तरह राहा को सभी के सामने लाना काफी सरप्राइजिंग है। बता दें कि आलिया और रणबीर पिछले साल 14 अप्रैल को शादी के बंधन में बंधे थे। वहीं, 6 अक्टूबर 2022 को कपल पेरेंट्स बने और आलिया ने एक क्यूट सी बेटी को जन्म दिया।

Reliance Disney Deal: मुकेश अंबानी और डिजनी हुए एक, देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी लेगी जन्म

Mukesh Ambani and Disne

 

Reliance Disney Deal: देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के मालिक मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने एंटरटेनमेंट जगत का सबसे बड़ा सौदा हथिया लिया है. इसके सौदे के पूरा हो जाने के बाद रिलायंस भारत की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी बन जाएगी. रिलायंस और वॉल्ट डिजनी (Walt Disney) के बीच एक नॉन-बाइडिंग एग्रीमेंट साइन किया गया है. इसके तहत वॉल्ट डिजनी के भारतीय कारोबार का 51 फीसदी रिलायंस का हो जाएगा. दोनों कंपनियों के एक हो जाने के बाद देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी जन्म लेगी.

देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी होगी रिलायंस-डिजनी

रॉयटर्स और ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, एंटरटेनमेंट बिजनेस (Entertainment Business) का यह सबसे बड़ा मर्जर फरवरी, 2024 तक पूरा हो सकता है. रिपोर्ट में बताया गया कि मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस को इसमें 51 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी और 49 फीसदी हिस्सा डिजनी का होगा. इस मर्जर में कैश और स्टॉक्स दोनों शामिल हैं. इसके पूरा होने के साथ ही रिलायंस-डिजनी देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी (Biggest Entertainment Company) बन जाएगी. रॉयटर्स ने दो हफ्ते पहले बताया था कि दोनों कंपनियों के अधिकारी इस सौदे पर बात करने के लिए लंदन में मिलने वाले हैं.

अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, जी और सोनी की चिंता बढ़ेगी

आरआईएल और वॉल्ट डिजनी के मर्जर से जी नेटवर्क, सोनी टीवी, अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स को सीधी टक्कर मिलेगी. मौजूदा समय में आरआईएल की जिओ कई ऐप्स के और विआकॉम18 के साथ मीडिया एवं एंटरटेनमेंट सेक्टर में मौजूद है.

जिओ सिनेमा और डिजनी हॉटस्टार में चल रही थी टक्कर

इस मर्जर में जियो सिनेमा (Jio Cinema) को भी शामिल किया गया है. इसके पास आईपीएल (Indian Premier League) के ऑनलाइन राइट्स हैं. इससे पहले यही राइट्स डिजनी हॉटस्टार (Disney Hotstar) के पास थे. इस सेक्टर में अंबानी को टक्कर डिजनी से ही मिल रही थी. आईपीएल के ऑनलाइन राइट्स जाने के बाद से ही डिजनी हॉटस्टार के यूजर्स घटने लगे थे.

भारतीय कारोबार को बेचना चाहती थी डिजनी

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 से ही डिजनी अपने भारतीय कारोबार को बेचने या ज्वाइंट वेंचर के लिए किसी भारतीय कंपनी को पार्टनर बनाने की कोशिश में जुटी थी. डिजनी के कई टीवी चैनल और हॉटस्टार स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भी है. मर्जर के बाद दोनों कंपनियां पार्टियां मिलकर 1 से 1.5 अरब डॉलर तक का निवेश कर सकती है.

अगले महीने हो सकता है ऐलान

इस मर्जर का ऐलान अगले महीने की शुरुआत में हो सकता है. प्रस्ताव के तहत, किसी भी नकद और स्टॉक स्वैप लेनदेन के पूरा होने के बाद डिजनी भारतीय कंपनी में माइनॉरिटी शेयर जरूर रखेगी.

Sunstone Gemstone Benefits: इन 3 राशियों के लिए वरदान है सनस्टोन, जीवन में मिलती है ढेर सारी खुशियां

Sunstone is a boon for these 3

 

Sunstone Gemstone Benefits: ज्योतिश शास्त्र के अनुसार, ग्रह मनुष्य के जीवन को प्रभावित करते हैं। यह प्रभाव शुभ और अशुभ फल देता है। ग्रहों का खराब स्थिति में व्यक्ति के जीवन में परेशानियां उत्पन्न करा है। इसलिए रत्न शास्त्र में ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए रत्नों का उल्लेख है। ज्योतिषीय सलाह के अनुसार, रत्नों को धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। कुछ रत्न जल्द असर दिखाने लगते हैं। इनमें से एक सनस्टोन है। कुंडली में सूर्य कमजोर है तो यह रत्न पहनना चाहिए।

सनस्टोन हल्के पीले रंग का होता है। इसे माणिक्य रत्न का विकल्प भी माना जाता है। यह रत्न सूर्य ग्रह के शुभ प्रभाव के लिए धारण किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव मान-सम्मान, उन्नति और स्वास्थ्य के कारक है। आदित्य की कृपा से जातक को जीवन में सफलता मिलती है।

सनस्टोन पहनने के क्या हैं फायदे?

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में है तो जीवन में परेशानियां बढ़ जाती है। ऐसे में ज्योतिषी की सलाह से सनस्टोन धारण कर सकते हैं। यह रत्न पहनने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है। इससे जीवन की बाधाएं दूर होने लगती है। कड़ी मेहनत का फल मिलता है।
सनस्टोन व्यक्ति के भाग्य को चमकाता है। इसे धारण करने से मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। जातक में नेतृत्व का विकास होता है। इसका अलावा पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम बढ़ने लगता है।

यह रत्न सिंह, तुला और मीन राशि वालों के लिए अच्छा माना जाता है। किसी ज्योतिषी से सलाह लेकर सनस्टोन को धारण कर सकते हैं। हिना परामर्श के पहनने से प्रतिकूल परिणाम हो सकते हैं।

MP Cabinet : पहली बार मंत्री बनीं कृष्णा गौर, जानिए कैसा रहा है राजनीतिक सफर

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MP Cabinet : भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (स्वर्गीय) बाबूलाल गौर की पुत्रवधू कृष्णा गौर अपने ससुर की विरासत को बखूबी आगे बढ़ा रही हैं। वह लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गई हैं। उन्होंने भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र से पहली बार चुनाव वर्ष-2018 में जीता। तब उन्होंने कांग्रेस के गिरीश शर्मा 46 को 359 मतों से हराया था। वहीं इसी वर्ष बीते माह हुए विधानसभा चुनाव में इसी सीट से कृष्णा गौर रिकार्ड एक लाख छह हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज कर विधानसभा में पहुंची हैं। इसका लाभ कृष्णा गौर को मिला है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल किया है।

महिला मतदाताओं की चहेती

उन्होंने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं के बीच अच्छी पकड़ बनाई है। भेल कालेज का निर्माण हो या फिर आनंद नगर में अस्पताल का निर्माण कराने सहित सड़क, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का निर्माण उन्होंने विधायक रहते हुए कराया। मतदाताओं के बीच बेहतर पैठ होने से उन्होंने ने रिकार्ड तोड़ जीत दर्ज की है। इससे पहले वर्ष-2009 से 2014 तक भोपाल की महापौर रहीं। 2005 में मप्र राज्य पर्यटन निगम की अध्यक्ष का पद भी संभाला।

बहू, भाभी, दीदी का घर-घर रिश्ता बनाया

पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर का दशकों तक गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र पर वर्चस्व रहा। वर्ष-2018 में उनकी विरासत पुत्रवधु कृष्णा गौर ने विधायक का चुनाव जीतकर संभालीं। शुरुआत में लोग कहते थे कि कृष्णा गौर अपनी पैठ बाबूलाल गौर जैसी नहीं बना पाएंगी, क्योंकि उन्हें राजनीति विरासत में मिली हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वो लगातार सक्रिय रहीं। बुजुर्गों से बहू का रिश्ता जोड़ा, युवक-युवतियों से भाभी, दीदी का भी रिश्ता बनाया। सुबह से 10 से शाम छह बजे तक वो लोगों से मिलती हैं। विशेष तौर पर महिलाओं के बीच उनकी बहुत अच्छी पैठ है। घर-घर महिलाएं उन्हें कृष्णा दीदी के नाम से पुकारती हैं।

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