Budh Vakri 2023: बुध ग्रह 13 दिसंबर को होंगे वक्री, इन 4 राशि वालों पर बरसेगी देवी लक्ष्मी की कृपा

Mercury will be retrograde on

 

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को राजकुमार ग्रह की संज्ञा दी गई है। बुध देव को बुद्धि और ज्ञान का कारक ग्रह माना गया है। बुध देव सभी नौ ग्रहों में काफी प्रभावशाली माने गए हैं और जब भी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो इसका असर सभी राशि के जातकों पर होता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, बुध ग्रह 13 दिसंबर को दोपहर 12.38 बजे वक्री होंगे और 02 जनवरी 2024 को सुबह 08.36 मिनट तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे। बुध ग्रह की उल्टी चाल से 4 राशि के जातक सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

 

धनु राशि वालों की बढ़ेगी अचल संपत्ति

धनु राशि में ही बुध ग्रह वक्री होंगे, इसलिए धनु राशि वालों पर इसका सकारात्मक प्रभाव होगा। इस राशि के जातकों को संपत्ति में लाभ होगा। भूमि खरीद सकते हैं। नई प्रॉपर्टी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। 13 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच का समय आर्थिक रूप में लाभकारी साबित होगा।

 

मिथुन राशि वालों को व्यापार में लाभ

बुध ग्रह के वक्री होने से मिथुन राशि वालों को व्यापार में लाभ होगा। कोई नया बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। काम का विस्तार होने के कारण परिवार को समय नहीं दे पाएंगे। माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी। शुक्रवार को माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पाठ जरूर करें।

सिंह राशि वालों को मिलेगा प्रमोशन

बुध ग्रह के वक्री होने से नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिल सकता है। अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ भी हो सकता है। दांपत्य जीवन में शांति रहेगी। पत्नी की ओर से भावनात्मक सपोर्ट मिलेगा। ससुराल पक्ष से भी आर्थिक सहयोग मिल सकता है।

कन्या राशि वालों की दूर होगी समस्या

बुध की उल्टी चाल कन्या राशि वालों की कई समस्याओं का अंत करेगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। कुछ कानूनी मामलों में सफलता हासिल हो सकती है। कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो आर्थिक रूप से सहयोग भी प्राप्त हो सकता है। माता-पिता की सेहत का विशेष ध्यान रखें।

Rajasthan New CM: बीजेपी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान में चौंकाया, भजनलाल शर्मा को बनाया सीएम

After Chhattisgarh and Madhya Pradesh, B

 

राजस्थान में भी नए सीएम को लेकर संस्पेस मंगलवार (12 दिसंबर) को खत्म हो गया. बीजेपी विधायक दल का नेता भजनलाल शर्मा को चुना गया है. इसी के साथ बीजेपी ने एक बार फिर चौंकाते हुए नए चेहरे को मौका दिया है.

बीजेपी ने इसी के साथ तीन हिंदी भाषी राज्यों छत्तीसगढ़, राजस्थान, और मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल कर सीएम चुन लिया है. विष्णुदेव साय बुधवार 13 दिसम्बर को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. वहीं मध्य प्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार (11 दिसंबर) को कहा कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 13 दिसंबर को होगा.

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी ने चौंकाते हुए तीनों राज्यों में नए चेहरे को चुना. ऐसा इसलिए क्योंकि राजनीतिक गलियारों में मध्य प्रदेश के सबसे ज्यादा लंबे समय तक सीएम रहे शिवराज सिंह चौहान और पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित कई नेताओं का नाम चल रहा था, लेकिन बीजेपी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज से आने वाले मोहन यादव को चुना. वहीं छत्तीसगढ़ में पार्टी ने आदिवासी नेता विष्णुदेव साय पर दांव लगाया. यहां पर पूर्व सीएम रमन सिंह और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का नाम चल रहा था.

इसके अलावा राजस्थान की बात करें तो यहां सीएम पद की रेस में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला सहित कई नेताओं का नाम था. माना जा रहा है कि बीजेपी ने चौंकाने वाले फैसले अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए लिए हैं.

विष्णुदेव साय कौन हैं?

सरगुजा क्षेत्र के जशपुर जिले से नवनिर्वाचित आदिवासी विधायक विष्णुदेव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले के एक छोटे से गांव बगिया में रहने वाले एक किसान परिवार से हैं. उन्होंने कुनकुरी के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाई की और स्नातक के लिए अंबिकापुर चले गए लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और 1988 में अपने गांव लौट आए. 1989 में उन्हें बगिया ग्राम पंचायत के ‘पंच’ के रूप में चुना गया और अगले वर्ष निर्विरोध सरपंच बने.

साय अविभाजित मध्य प्रदेश में तपकरा (जशपुर जिले में) से भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए थे. 1993 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने यह सीट बरकरार रखी. साय ने 1998 में निकटवर्ती पत्थलगांव सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन असफल रहे. बाद में, वह लगातार चार बार – 1999, 2004, 2009 और 2014 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए. साल 2000 में राज्य निर्माण के बाद बीजेपी ने साय को 2003 और 2008 के विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव से मैदान में उतारा था लेकिन वह दोनों बार हार गए.

मोहन यादव के बारे में जानें

उज्जैन दक्षिण से तीन बार विधायक मोहन यादव और एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं. मध्य प्रदेश में ओबीसी की आबादी 48 प्रतिशत से अधिक है. वह पहली बार 2020 में मंत्री बने जब कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी.

यादव का जन्म 25 मार्च, 1965 को उज्जैन में हुआ था. उन्होंने 1982 में माधव साइंस कॉलेज उज्जैन के संयुक्त सचिव के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और 1984 में इसके अध्यक्ष के रूप में चुने गए. यादव ने एलएलबी और एमबीए की डिग्री के अलावा डॉक्टरेट (पीएचडी) की डिग्री भी हासिल की.

बीजेपी ने कहां कितनी सीटें जीती?

दरअसल, बीजेपी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था. वहीं मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखी थी. हिंदी भाषी राज्य राजस्थान 200 में से 199 सीट के लिए हुए चुनाव बीजेपी को 115 सीट पर जीत के साथ बहुमत मिला है. वहीं कांग्रेस यहां सत्ता से बाहर हो गई और वो 69 सीटों पर सिमट गई. साथ ही भारतीय आदिवासी पार्टी के पास 3 सीटें तो बहजुन समाज पार्टी के खाते में 2 सीटें गई है. इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है.

मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 230 ,सीटों में 163 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस 66 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही. साथ ही छत्तीसगढ़ में 90 सीटों में से बीजेपी ने 54 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है. वहीं कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई. इसके अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एक सीट जीतने में कामयाब रही.

CM Oath Ceremony: विष्णुदेव साय कल लेंगे छत्तीसगढ़ के सीएम पद की शपथ, रायपुर के साइंस कालेज ग्राउंड में हो रही तैयारी

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CM Oath Ceremony: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के चेहरे से पर्दा हटने के बाद अब मंत्रिमंडल के गठन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। प्रदेश में भाजपा ने आदिवासी चेहरे विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री के रूप में चयनित किया है। 13 दिसंबर को राजधानी के साइंस कालेज मैदान में दोपहर दो बजे शपथ ग्रहण समारोह है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। शपथ ग्रहण में मुख्यमंत्री के साथ दो उप मुख्यमंत्री व 10 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। मंत्रिमंडल के सदस्यों की नियुक्ति को लेकर मंथन चल रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री डा. मनसुख मांडविया, छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, सह प्रभारी नितिन नबीन समेत दूसरे राज्यों के कुछ मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।

शपथ ग्रहण से पहले पुलिस ने होटलों को खंगाला

साइंस कालेज मैदान में होने जा रहे शपथ ग्रहण समारोह को ध्यान में रखकर रायपुर पुलिस अलर्ट है। एसएसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर सोमवार को सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों के साथ यातायात व पुलिस बल ने मिलकर शहर के होटल, लाज, ढाबों की जांच की। इस दौरान वहां रूकने वाले लोगों की तस्दीक भी की गई।

सीएम साय ने फोन कर पूर्व सीएम, डिप्टी सीएम को दिया आंमत्रण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज को फोन कर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा सभी राजनीतिक पदाधिकारियों, विशिष्टजनों को आमंत्रित किया जा रहा है।

50 हजार कुर्सियां और सुरक्षा में एक हजार जवान तैनात

शपथ ग्रहण समारोह में 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग एक हजार पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। रायपुर शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट आदि अन्य जगहों पर सघन जांच अभियान जारी है।class=lazy

साव ने कहा- ऐतिहासिक होगा शपथग्रहण समारोह

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व लोरमी विधायक अरुण साव ने कहा, भाजपा को वोट प्रतिशत और सीटों के हिसाब से ऐतिहासिक जीत मिली है। कल का शपथ ग्रहण समारोह भी ऐतिहासिक होने वाला है। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 2 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। देश के पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों का आमंत्रित किया गया है।

Petrol-Diesel Prices: सस्ता हो सकता है पेट्रोल डीजल! कच्चे तेल के दामों में कमी के बाद बढ़ा सरकारी तेल कंपनियों का बढ़ा मुनाफा

Petrol-Diesel Prices: Petrol diesel

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों (Crude Oil Prices) में बड़ी गिरावट के बाद सरकार ने आम लोगों को महंगे पेट्रोल डीजल की कीमतों से राहत दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है. दोनों ही ईंधन के दामों में कमी को लेकर वित्त मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपस में मंथन शुरू कर दिया है. कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट के बाद सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) को पेट्रोल डीजल बेचने पर मुनाफा हो रहा है. ऐसे में सरकार पेट्रोल डीजल के दामों में कटौती कर उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ देने की तैयारी कर रही है.

75 डॉलर के करीब फिसला कच्चा तेल

ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) ऑयल फिलहाल 75 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है. जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) 72 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है. इंडियन बॉस्केट 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट के बाद सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल बेचने पर 8 -10 रुपये प्रति लीटर का मुनाफा हो रहा है. जबकि डीजल बेचने पर 3 -4 रुपये प्रति लीटर का मुनाफा हो रहा है.

सरकार कर रही मंथन

कच्चे तेल के दामों में आई भारी कमी के बाद वित्त मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में कमी, सरकारी तेल कंपनियों के मुनाफे से लेकर वैश्विक हालात को लेकर चर्चा कर रही है. पेट्रोलियम मंत्रालय सरकारी तेल कंपनियों के साथ पहले ही कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट के बाद पेट्रोल डीजल की खुदरा कीमतों को लेकर चर्चा कर चुकी है.

दूसरी तिमाही में 28,000 करोड़ रुपये का हुआ मुनाफा

सरकारी तेल कंपनियों के लिए राहत की बात ये है कि एक तरफ कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट आई है तो मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में तीनों सरकारी तेल कंपनियों को हुए मुनाफे पर नजर डालें तो इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को 13,713 करोड़ रुपये, बीपीसीएल को 8501 करोड़ रुपये और एचपीसीएल को 5827 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है. तीनों ओएमसी को मिला दें इन कंपनियों को दूसरी तिमाही में 28,000 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है.

चुनावी से पहले बड़ी राहत की तैयारी!

वैश्विक संकेतों के मद्देनजर सरकार का मानना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 75 – 80 डॉलर प्रति के बीच रह सकती है. ऐसे में उपभोक्ताओं को पेट्रोल डीजल के दामों में कमी कर राहत दी जा सकती है. खासतौर से डीजल के दामों में कटौती की गई तो महंगाई में कमी आ सकती है जिसका फायदा मौजूदा सरकार और सत्ताधारी दल को 2024 के लोकसभा चुनावों में मिल सकता है

Indian’s Investment: बैंक एफडी, एसआईपी या सोना नहीं, ये है भारतीय लोगों का सबसे पसंदीदा निवेश

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अपने आने वाले कल को बेहतर बनाने के लिए हर कोई निवेश और बचत करता है. इसके लिए लोग अलग-अलग उपाय अपनाते हैं. लोग अपनी आमदनी, खर्च, लक्ष्य आदि चीजों को ध्यान में रखते हुए निवेश के साधन चुनते हैं. आज के समय में बैंक एफडी से लेकर सोना तक और शेयर बाजार से लेकर रियल एस्टेट तक निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं.

ये नहीं हैं भारतीयों के पसंदीदा निवेश

ऑनलाइन रियल एस्टेट फर्म नो ब्रोकर डॉट कॉम ने एक हालिया रिपोर्ट में बताया है कि भारतीयों का सबसे पसंदीदा निवेश क्या है. रिपोर्ट के नतीजे चौंकाने वाले हैं. रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय लोग सबसे ज्यादा निवेश बैंक एफडी, सोना या म्यूचुअल फंड में नहीं करते हैं, बल्कि लंबे समय से भारतीयों का सबसे पसंदीदा निवेश रियल एस्टेट बना हुआ है.

दो-तिहाई लोगों को रियल एस्टेट पसंद

भारतीयों के पसंदीदा निवेश का पता लगाने के लिए नो ब्रोकर ने एक सर्वे किया. सर्वे में 74 फीसदी लोगों ने बताया कि वे सोना या बिटकॉइन आदि की तुलना में रियल एस्टेट को निवेश का ज्यादा बेहतर विकल्प मानते हैं. 13 फीसदी लोगों ने सोना को अपना सबसे पसंदीदा निवेश बताया, जबकि 12 फसदी लोगों के लिए एसआईपी व शेयर बाजार सबसे बेहतर निवेश के रूप में सामने आए. सिर्फ 1 पर्सेंट लोगों ने बिटकॉइन को पसंदीदा निवेश बताया.

किराए पर रहने से बेहतर अपना घर

इस रिपोर्ट में घर खरीदने बनाम किराए पर रहने को लेकर भी लोगों की राय सामने आई. रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर लोग किराए पर रहने के बजाए अपना घर खरीदना पसंद करते हैं. खासकर लगातार बढ़ते किराए के चलते लोगों के बीच घर खरीदने के प्रति आकर्षण बढ़ा है. लोगों को लगता है कि लगातार किराया देते रहने से बेहतर ईएमआई भरना है. इसके अलावा निवेश के लिए भी लोग घर खरीदना पसंद कर रहे हैं.

एनआरआई भी ले रहे हैं दिलचस्पी

भारतीय रियल में एनआरआई यानी अनिवासी भारतीय भी काफी दिलचस्पी ले रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा से ज्यादा एनआरआई मेट्रो सिटीज में घर खरीदना पसंद कर रहे हैं. खासकर मुंबई और बेंगलुरू जैसे शहर घर खरीदने के लिए एनआरआई के पसंदीदा डेस्टिनेशन हैं. ज्यादातर एनआरआई ने भारत में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा हुआ है.

MP News: मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह बोले- मेरे बारे में फैसला पार्टी करेगी, अपने लिए कुछ मांगने से बेहतर मरना पसंद करूंगा

Minister Shivraj Singh sai

 

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के कार्यवाहक मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह का कहना है कि भाजपा मेरा मिशन है। मेरे बारे में फैसला पार्टी करेगी। मीडिया से बातचीत में श‍िवराज ने कहा कि दरिद्र नारायण की सेवा का मेरा मिशन चलता रहेगा। मामा का रिश्ता पाया का है। भैया का रिश्ता विश्वास का है। ये रिश्ते मैं टूटने नहीं दूंगा। जनता ही मेरे लिये पूजा है।

उन्‍होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व का मैं आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने मुझे समय- समय पर मार्गदर्शन किया। जनता का भी आभारी हूं, उन्होंने मुझे अपने बीच का ही माना। प्रशासनिक मित्रों को भी धन्यवाद, उनकी मदद से ही लाड़ली बहना जैसे योजना बनी।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि समाज के हर वर्ग का आभारी हूं। मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों को भी धन्यवाद। सीएम हाउस से लेकर मीडिया ने प्रदेश के विकास में सहयोग किया और इसके लिए मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि एक बात विनम्रतापूर्वक कहता हूं कि अपने लिए कुछ मांगने से बेहतर मरना पसंद करूंगा इसलिए मैंने कहा था कि दिल्ली नहीं जाऊंगा।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह बोले कि एक साधारण कार्यकर्ता को भाजपा ने साढ़े अठारह साल मुख्यमंत्री बनाकर रखा, इससे बड़ा काम क्या हो सकता है। अब मेरा समय पार्टी को देने का आया है, पार्टी जो काम देगी, वह करूंगा।

मोदी की गारण्टी पर देश को भरोसा है। – विधायक रामेश्वर शर्मा

 

विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर जिला पंचायत, भोपाल कार्यालय पर रामेश्वर शर्मा ने बैठक की, अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए।

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जन-जन पहुंचाने व लाभान्वितों को जोड़ने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा पूरे देश में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जा रही है। इस यात्रा के माध्यम से केन्द्र सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि तय समय सीमा के अंदर सरकार की सभी जनहितैषी योजनाओं का देश के शत-प्रतिशत लक्षित समूह को पहुंचे। इसी तारतम्य में मंगलवार को हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने भोपाल जिला पंचायत कार्यालय में केन्द्र सरकार के महत्वकांक्षी अभियान “विकसित भारत संकल्प यात्रा” के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनों को निर्देश देते हुए यात्रा से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आमजन को जोड़ने की बात कही।इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, एसडीएम आशुतोष शर्मा, एसडीएम कोलार आशुतोष गोस्वामी, सीईओ जनपद शंकर पाँसे सहित हुजूर विधानसभा क्षेत्र के जनपद ज़िला पंचायत एवं विभिन्न पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि – प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में हर वर्ग के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। ये योजनाएं सीधे तौर पर देश के उन लोगों को फायदा पहुंचा रहीं हैं जो वर्षों तक उपेक्षित समझे गए। आज नरेन्द्र मोदी जी ने उज्ज्वला, आवास, आयुष्मान एवं अन्न योजनाओं आदि से देश के हर गरीब, पिछड़े, आवासहीन व्यक्ति को लाभ पहुंचाया है। मोदी जी ने देश की चार बड़ी जातियों – गरीब, किसान, युवा और महिलाओं की उन्नति की गारण्टी दी है। देश का हर नागरिक जानता है कि मोदी जी की हर गारण्टी पूरी होने की भी गारण्टी होती है। इसलिए आज मोदी की हर गारण्टी पर देश को भरोसा है। इन्हीं गारण्टियों को पूरा करने के लिए, सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जन-जन को जोड़ने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जा रही है। हम सबको मिलकर इस यात्रा से हर आमजन को जोड़ना है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केन्द्र की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है।

MP New CM : मोहन यादव बोले, जनता के सेवक के रूप में मिली जिम्मेदारी, उमा भारती से की मुलाकात

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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डा. मोहन यादव बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह राजधानी के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में होगा, जिसकी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। इससे पूर्व मंगलवार सुबह डा. मोहन यादव ने मीडियाकर्मियों से चर्चा में कहा कि मैं भाजपा का एक सामान्य कार्यकर्ता हूं, मैंने इस नई जिम्मेदारी को सेवक की तरह लिया है। सेवा की भावना के आधार पर जनता के बीच में हम क्या कर सकते हैं, लगातार उसी दिशा में काम कर रहे हैं और आगे भी करेंगे।

शपथ ग्रहण में आएंगे प्रधानमंत्री,केंद्रीय गृह मंत्री,

शपथ ग्रहण को लेकर मोहन यादव ने कहा कि कल शपथ ग्रहण समारोह होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसमें शामिल होंगे। फिलहाल इसी की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनी है। भाजपा को पूरा देश वर्तमान में एक विशेष निगाह से देखता है।

उमा भारती और नरोत्तम से की मुलाकात

डा. मोहन यादव ने बुधवार सुबह प्रदेश के निवृतमान गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के बंगले पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। नरोत्तम ने डा. मोहन यादव का आत्मीय स्वागत किया और इस नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं। बाद में उन्‍होंने मप्र की पूर्व सीएम उमा भारती से भी मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।

आधी रात को विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया कोलार सिक्स लेन का औचक निरीक्षण

 

डी मार्ट चौराहे पर चल रहा था सड़क निर्माण कार्य ।

भोपाल, मध्यप्रदेश चुनाव 2023 में हुजूर विधानसभा से ऐतिहासिक बहुमत लगभग एक लाख वोटों से चुनाव जीते रामेश्वर शर्मा जीत के अगले ही दिन से फिर सक्रिय हो गये है।

यह पहला मौक़ा नहीं है जब विधायक रामेश्वर शर्मा ने देर रात को औचक निरीक्षण किया है ।उन्हें पहले भी अनेक बार पूरे प्रशासनिक अमले के साथ रात 1-2 बजे सिक्स लेन का निरीक्षण करते देखा गया है।

 

ज्ञात हो कि 222 करोड़ की लागत से कोलार सिक्स लेन का निर्माण कराया जा रहा है। डी मार्ट चौराहे तक दोनो तरफ़ सिक्स लेन का कार्य पूर्णतः की ओर है अगले 10 दिनों में यहाँ तक कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा।

इसके बाद साइड शोल्डर के साथ दूसरी ओर की स्ट्रीट लाइट का काम भी किया जाएगा।

ज्ञात हो कि बैरागढ़ चिचली तक संपूर्ण सिक्स लेन निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

डी मार्ट से सर्वधर्म पुल तक बचे हुए थ्री लेन का कार्य भी निरंतर जारी है…

साथ ही कोलार तिराहे से चुनाभट्टी तक भी सड़क निर्माण में तेज़ी लायी गई है।

कोलार सिक्स लेन विधायक रामेश्वर शर्मा का ड्रीम प्रोजेक्ट है इस सिक्स लेन ने कोलार में विकास समृद्धि और रोज़गार के नये द्वार खोलें हैं।

Kharmas 2023: खरमास में तुलसी के पास नहीं रखनी चाहिए ये चीजें

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सनातन धर्म में तुलसी के पौधे का महत्व है। हर घर में तुलसी के पौधे को पूजा जाता है। यह माना जाता है कि तुलसी का पौधा घर में शांति को लेकर आता है। वास्तु में तुलसी के पौधे को ध्यान रखकर कई नियम हैं, जिनका पालन करना चाहिए। खरमसा शुरू होने के बाद शुभ कार्य बंद हो जाता है, लेकिन पूजा होती है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि खरमास के दिनों तुलसी के पास कुछ चीजें नहीं होनी चाहिए। इनका चीजों का रखना अशुभ होता है।

तुलसी के पास न रखें शिवलिंग

तुलसी जी को भूलकर भी शिवलिंग के पास नहीं चाहिए। इसके पीछे एक कहानी है कि तुलसी जी पूर्व जन्म में जालंधर नाम के राक्षस की पत्नी थी। उनका नाम वृंदा था। इस राक्षस को भगवान शिव ने ही मारा था, इसलिए तुलसी दल के करीब भगवान शिव को नहीं रखना चाहिए।

कांटेदार पौधे न लगाएं

तुलसी के पास कांटेदार पौधों को लगाने से बचना चाहिए। इससे राहुदोष को होता है और तुलसी जी को नाराज करता है। ऐसे में इसका ध्यान रखना चाहिए।

जूते-चप्पल न रखें

तुलसी के पास हमेशा साफ-सफाई रखनी चाहिए। ऐसे में ध्यान दें कि जूते-चप्पल तुलसी के पास न उतारें। झाड़ू भी तुलसी के पास नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से घर की सुख-शांति खत्म हो जाती है।

तुलसी को न लगाएं सिंदूर

खरमास में तुलसी को सिंदूर नहीं लगाना चाहिए। खरमास में शुभ कार्य करने की मनाही होती है। ऐसे में यह भूलकर भी न करें।

तुलसी के पत्ते न तोड़ें

खरमास में एक बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि हमें तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। तुलसी के पत्ते को तोड़ने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं।

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