चुनाव की घोषणा होते ही शासकीय कर्मचारियों के अवकाश पर लगी रोक

Ban on leave of government

 

सभी को मुख्यालय पर रहने को कहा गया है। बाहर जाने के लिए भी कलेक्टर से अनुमति लेना पड़ेगी। सार्वजनिक अवकाश के दिन भी कार्यालय खुले रहेंगे।

भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा करते ही आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। इसके साथ ही कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह ने शासकीय कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है।

सभी मकान मालिकों द्वारा अपने किरायेदारों की जानकारी पुलिस थाना में देनी होगी। इस संबंध में कलेक्टर आशीष सिंह ने सोमवार को आदेश भी जारी कर दिए हैं। अब सभी प्रकार के अवकाश की अनुमति अब कलेक्टर ही देंगे।

आचार संहिता लागू होने से पूरे भोपाल में धारा 144 लागू कर दी गई है। कलेक्टर आशीष सिंह ने सोमवार को आदेश जारी कर दिए। आदेश का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री,सांसद और विधायकों के आवास पर तैनात निजी स्टाफ को वापस बुलाया

मुख्यमंत्री आवास, मंत्री, सांसद-विधायकों के निजी स्टाफ में संलग्न अधिकारी-कर्मचारियों को वापस बुला लिया गया है। इनमें प्रदीप कुमार रावत, राजेश कुमार त्रिपाठी, संजय मालवीय, उमेश भार्गव, पुरुषोत्तम नामदेव, शैलेंद्र रघुवंशी, केदार व्यास आदि शामिल हैं। ये सभी भोपाल में लिपिक, डाटा इंट्री परेटर, स्टेनो, भृत्य आदि पदों पर पदस्थ हैं।

कलेक्टर ने दिए हैं यह आदेश

– संगठनों के प्रदर्शन, धरना, रैली, जुलूस आदि सक्षम अधिकारी से पूर्वानुमति के बिना आयोजित नहीं किए जाएंगे।

-ध्वनि विस्तार यंत्रों का प्रयोग शर्तों के अधीन सक्षम अधिकारी की अनुमति बिना नहीं होगा।

– रैली, जुलूस में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा।

-बिना अनुमति के पंडाल आदि का निर्माण प्रतिबंधित रहेगा।

-इलेक्ट्रानिक संसाधन जैसे मोबाइल, कम्प्यूटर, पोस्टर एवं अन्य सोशल मीडिया आदि पर विधि विरुद्ध संदेश का प्रसारण, साम्प्रदायिक टिप्पणी करने पर रोक रहेगी।

-पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों को एक स्थान पर एक समय में एकत्रित होने पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।

-किसी भी व्यक्ति, समूह या अन्य कोई भी धरना, जुलूस, प्रदर्शन, सभा या रैली आदि में एसिड, पेट्रोल, केरोसिन आदि ज्वलनशील पदार्थ अपने पास नहीं रखेगा या लेकर नहीं चलेगा। उपयोग भी नहीं करेगा।

-बिना अनुमति के पटाखें, बारूद का निर्माण या उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

-नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे या अन्य किसी सड़क पर जाम नहीं लगाएगा।

-अपने यहां किराए पर रहने वाले लोगों की जानकारी पुलिस को देना होगी।

-सभी होटल, लाज या धर्मशाला में ठहरने वाले व्यक्तियों की सूचना संचालक को पुलिस को देना पड़ेगी।

-रात 10 से सुबह छह बजे तक नहीं बजेंगे लाउड स्पीकर

भोपाल जिले में रात 10 से सुबह छह बजे तक लाउड स्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि विस्तार यंत्रों का सार्वजनिक उपयोग भी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

-यदि सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमति दी जाती है तो ध्वनि मानक 10 डेसिबल या कुल क्षमता का 1/4 वाल्यूम में से जो कम हो, पर धवनि विस्तार यंत्रों का उपयोग किया जाएगा।

-वाहन पर ध्वनि विस्तार यंत्र के उपयोग की स्थिति में वाहन का पंजीयन, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस आदि दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

-आम सभा, जुलूस या चलित वाहन में ध्वनि विस्तार यंत्र के उपयोग की अनुमति कम से कम 48 घंटे से पहले प्राप्त करना होगा।

होर्डिंग्स, पोस्टर-बैनर हटाने एवं दीवार पोतने का काम शुरू

नगर निगम का अमला पूरे भोपाल में कार्रवाई कर रहा है। क्षेत्रीय अतिक्रमण प्रभारी नासिर खान ने बताया कि पुल बोगदा, बाग फरहत अफजा समेत कई इलाकों में कार्रवाई चल रही है। सार्वजनिक संपत्ति पर लगे होर्डिंग्स, पोस्टर-बैनर आदि हटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही दीवारों र बनाए गए विज्ञापन भी पोतेने की कार्रवाई लगातार जारी है।

मध्यप्रदेश के विकास को ध्यान में रखकर मतदान करे जनता – कमलनाथ

People should vote keeping the

 

भोपाल, 09 अक्टूबर| मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि प्रदेश की जनता राज्य के विकास को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तैयारी और मतदान करे।

कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट किया, 17 नवंबर का दिन सत्य के शासन की पुनर्स्थापना करने का दिन होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समस्त जनता से निवेदन है कि राज्य के विकास और भविष्य को निगाह में रखकर चुनाव की तैयारी करें और सही समय पर सही जगह उंगली रखकर नए मध्यप्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें।

जब डूबने ही वाला था अमिताभ बच्चन का करियर, फिर हुआ कुछ ऐसा कि पलट गई किस्मत

When Amitabh Bachchan's career was

 

बाॅलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर 2023 को अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। अमिताभ ने अपने फिल्मी करियर में बॉलीवुड को कई हिट फिल्में दी हैं। बिग बी को इंडस्ट्री में लगभग पांच दशक हो चुके हैं। 1969 में उन्होंने फिल्म सात हिंदुस्तानी से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। अमिताभ का यह सफर आसान नहीं रहा, उन्हें कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा था। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी पर्सनालिटी को लेकर भी काफी आलोचना झेली है। सभी को मात देते हुए आज बिग बी इंडस्ट्री में अपनी अलग ही जगह बना चुके हैं। उन्हें इंडस्ट्री में शहंशाह और सदी के महानायक कहा जाता है।

फ्लॉप होने वाला था करियर

अमिताभ ने बाॅलीवुड इंडस्ट्री को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्होंने 70 के दशक में दीवार, जंजीर, नमक हलाल, गुड्डी, सौदागर, नमक हराम जैसी कई फिल्में की। एक्टर को अपने शुरुआती दिनों में काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा था। साल 1992 में उन्होंने श्रीदेवी के साथ खुदा गवाह जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी। लेकिन इसके बाद एक समय ऐसा आया कि अमिताभ की फिल्में लगातार फ्लॉप हो रही थीं। उस समय सभी को लगा था कि अब बिग बी अपना कमबैक नहीं कर पाएंगे।

साल 2000 में अमिताभ ने मोहब्बतें जैसी शानदार फिल्म देकर सफलता हासिल की। फिर बिग बी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 81 साल की उम्र में भी अमिताभ कई बड़े प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनके फिल्मी करियर से जुड़े कुछ दिलचस्प और अनसुने किस्से बताने जा रहे हैं।

अमिताभ के फिल्मी करियर के अनसुने किस्से

बिग बी ने एक शानदार एक्टर के साथ-साथ वॉइस आर्टिस्ट के तौर पर भी अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने साल 1969 में भुवन शोम की फिल्म में वाॅइस नैरेटर के तौर पर काम किया। 1977 में रिलीज हुई सत्यजीत रे की फिल्म शतरंज के खिलाड़ी में भी उन्होंने अपनी आवाज दी।

अमिताभ जब अपने करियर के लिए मुंबई आए, तो शुरुआती दिनों में उन्हें काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा था। उस समय सिंगर महमूद ने अमिताभ की मदद की और उन्हें अपने घर में रहने की जगह दी थी।

अमिताभ बच्चन को अपनी हाइट और आवाज के साथ-साथ अपनी एक्टिंग को लेकर भी काफी रिजेक्शन फेस करना पड़ा था। 1969 से 1973 तक अमिताभ ने लगभग 12 फ्लॉप फिल्में दी थीं।

दरअसल एक बार एक न्यूज एजेंसी ने पोल किया था, जिसमें अमिताभ बच्चन के कॉमेडियन एक्टर चार्ली चैपलीन और मार्लोन ब्रांडो जैसे बड़े सितारों को पीछे छोड़कर एक्टर ऑफ द मिलेनियम का खिताब जीता था।

अमिताभ को अपने करियर के शुरुआती दिनों में अपनी भारी आवाज के लिए भी काफी आलोचना सहन करनी पड़ी थी, हालांकि आज उनकी आवाज के सभी दीवाने हैं। लेकिन इसके बाद अमिताभ ने लगभग 20 फिल्मों में अपनी आवाज दी।

अमिताभ बच्चन ने जिस दौर में इंडस्ट्री में डेब्यू किया, उस दौर में पहले से ही राजेश खन्ना लोगों के दिलों में बस चुके थे। ऐसे में राजेश खन्ना के साथ काम करना बिग बी के लिए काफी चैलेंजिंग था। अमिताभ बच्चन को उनके काम के लिए पहली सैलरी 300 रुपये मिली थी।

हम अक्सर देखते हैं कि लोग या तो सीधे हाथ से लिखते हैं या फिर उल्टे हाथ से, लेकिन अमिताभ में ये टैलेंट है कि वे अपने दोनों हाथों से लिख सकते हैं।

एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले अमिताभ इंजीनियर बनना चाहते थे, उनका सपना इंडियन एयर फोर्स ज्वाॅइन करने का था।

अमिताभ ऐसे इकलौते स्टार हैं, जिन्होंने अपनी फिल्मों में सबसे ज्यादा बार डबल रोल किया है। इतना ही नहीं महान फिल्म में उन्होंने तीन रोल निभाए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमिताभ बच्चन अस्थमा जैसी बीमारी से पीड़ित हैं। उनकी मांसपेशियों में भी एक ऐसा डिसऑर्डर है, जिसे मायस्थेनिया ग्रेविस के नाम से भी जाना जाता है।

जल्द ही इन फिल्मों में आएंगे नजर

अमिताभ 81 की उम्र में भी फिल्मों में काम कर रहे हैं, इतना ही नहीं वे सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। वहीं, अब जल्द ही बिग बी गणपत फिल्म में नजर आने वाले हैं। इसके अलावा वे प्रभास और दीपिका के साथ कल्कि, बटरफ्लाय और थलाइवर में भी दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ रजनीकांत होंगे। 32 साल के बाद इस फिल्म से दोनों की जोड़ी बड़े पर्दे पर दिखाई देने वाली है।

नवजात शिशु का सिर न हो जाए चपटा, इसके लिए अपनाएं ये सभी घरेलू नुस्खे

prevent the head of a newborn

 

नवजात शिशु का सिर जन्म के समय बेहद ही सॉफ्ट होता है. दरअसल, जन्म के बाद सिर की खोपड़ी की हड्डी बेहद ही नरम होती और यह धीरे-धीरे सख्त हो जाती है. लेकिन, सही समय पर देखभाल न की जाए, सिर का आकार पीछे से चपटा हो सकता है. कई बार पेरेंट्स बच्चे के सिर पर इतना ध्यान नहीं दे पाते हैं, ऐसे में नवजात शिशु का सिर हमेशा के लिए चपटा हो जाता है. वैसे, तो इस वजह से बच्चे को कोई खास समस्या नहीं होती है, लेकिन आप बच्चे के सिर को गोल बनाने के लिए घरेलू उपायों व सावधानियां बरत सकते हैं. इन उपायों को अपनाकर आप बच्चे के सिर को सही शेप में ला सकते हैं.

टमी टाइम का समय

बच्चे के सिर आकार और कंप्लीट हेल्थ के लिए टमी टाइम का समय आवश्यक होता है. इसके लिए आप शिशु के पेट के बल पर लेटाएं. इससे बच्चे की गर्दन और कंधे की मांसपेशियां सक्रिय और मजबूत बनती है. साथ ही वह सिर के वजन को कंट्रोल करने लगता है, जो सिर को चपटा होने की संभावना को कम करती है|

सोने की स्थिति में बदलाव करें

हालांकि, बच्चों को उनकी पीठ के बल सुलाने की सलाह दी जाती है, लेकिन उनके सिर की स्थिति को अलग-अलग करना भी जरूरी है. जब आप अपने बच्चे को सुलाने के लिए लेटाते हैं तो नवजात शिशु के सिर की दिशा को धीरे-धीरे बदलें. यह सिर के एक हिस्से पर लगातार दबाव को रोकने में मदद कर सकता है|

बच्चे को होल्ड करने की पोजीशन में बदलाव

पूरे दिन अपने बच्चे को अलग-अलग स्थिति में रखने से भी उसके सिर का आकार गोल हो सकता है. बच्चे को पकड़ने की स्थिति को बदले. इससे आप उनकी खोपड़ी पर दबाव को समान रूप से वितरित करने में मदद करते हैं.

बच्चे को हमेशा पालने में न सुलाएं

पालना बच्चों के लिए अच्छा हो सकता है. लेकिन कई बार इसका बिस्तर सख्त होने की वजह से उसके सिर पर दबाव पड़ सकता है. बच्चे के बिस्तर को रूई का बनाएं,और बहुत लंबे समय के लिए पालने में डालने से बचें|

राई के दानों का तकिया

नवजात शिशु के सिर को गोल बनाने के लिए आप उसके लिए राई के दानों का तकिया इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन, इस तकिए का इस्तेमाल करीब 6 माह के बाद ही करना चाहिए. साथ ही बच्चे को लंबे समय तक इस तकिए पर नहीं सुलाना चाहिए|

शिशु के आस-पास लटकायें रंगीन खिलौने

बच्चे के बिस्तर के आस-पास रंगीन और हल्के खिलौने भी लटका सकते हैं. हल्के होने की वजह से हवा के चलते जब खिलौने हिलेंगे तो उनको देखने के लिए बच्चे के सिर का मूवमेंट भी होता रहेगा.

बीच-बीच में गोद में भी लिटायें

शिशु को लम्बे समय तक बिस्तर पर एक ही जगह लिटाने की बजाय उसको कुछ-कुछ देर के लिए गोद में भी लिटाती रहें. इससे जगह बदलने के चलते नवजात शिशु के सिर की शेप भी नहीं बदलेगी साथ ही बच्चे को आराम भी मिलेगा|

तीन दिन पहले हुई आठ साल की बेटी की मौत, गम में पिता ने भी फांसी लगाकर जान दी

Eight year old daughter died

 

उज्जैन। पुत्री की मौत के गम में कायथा में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पुत्री की तीन दिन पूर्व ही बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद से ही वह काफी तनाव में था। पुलिस ने मर्ग कायम किया है।

घर में लगाई फांसी

पुलिस ने बताया कि सोनू पुत्र कैलाश परमार उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम भोजखेड़ी कायथा ने शनिवार रात को घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

बेटी की कैंसर से जान गई

मृतक की आठ साल की पुत्री का तीन दिन पूर्व ही कैंसर के कारण निधन हो गया था। इसके बाद से ही वह काफी सदमे में था। बेटी के गम के कारण सोनू ने आत्मघाती कदम उठाया।

उस दौरान घर में परिवार के अन्य सदस्य भी दूसरे कमरे में मौजूद थे। मृतक सोनू के जीजा हेमराज ने पुलिस को बताया कि सोनू की आठ साल की बेटी को कैंसर था और तीन दिन पहले उसकी मृत्यु हो गई थी।

उसके बाद से सोनू गम और सदमे था। शनिवार को बालिका के तीसरे का कार्यक्रम था। घर के अन्य सदस्य और परिजन आए थे। कार्यक्रम होने के बाद सोनू चला गया। काफी देर तक नजर नहीं आने पर पास के ही दूसरे घर में देखा तो सोनू फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। कायथा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

चुनाव की घोषणा के बाद बोले शिवराज- व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचें, यह शत्रुता नहीं

Avoid personal allegations

 

भोपाल। मध्‍य प्रदेश में चुनाव तारीख की घोषणा के बाद अब प्रतिक्रियाओं का दौर आरंभ हो गया है। मध्य प्रदेश चुनाव की घोषणा पर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव है। चुनाव से सरकार बनती है जो प्रदेश और जनता का भविष्य तय करती है इसलिए मैं सभी मतदाताओं से अनुरोध करता हूं कि चुनाव में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें।

वहीं मध्य प्रदेश चुनाव की घोषणा पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा कि मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं। भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता और संगठन चुनावी तैयारियों में जुटा है। मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा की सरकार बनेगी। विकास और गरीब कल्याण के मुद्दे पर भाजपा ऐतिहासिक बहुमत के साथ चुनाव जीतेगी।

कमल नाथ ने कही ये बात

चुनाव तारीख घोषित होने के बाद कांग्रेस नेता कमल नाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश की सम्मानित जनता पिछले कई वर्ष से जिस तारीख का इंतजार कर रही थी आज विधिवत उसकी घोषणा हो गई। 17 नवंबर को मध्य प्रदेश में मतदान है। यह दिन लोकतंत्र का हरण करने वालों को सबक सिखाने और सत्य के शासन की पुनर्स्थापना करने का दिन होगा।

उन्‍होंने कहा कि मैं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और मध्य प्रदेश की समस्त जनता से निवेदन करता हूं कि मध्य प्रदेश के विकास को और मध्य प्रदेश के भविष्य को निगाह में रखकर चुनाव की तैयारी करें और सही समय पर सही जगह उंगली रखकर नए मध्य प्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें। 3 दिसंबर को मध्य प्रदेश में जनता की सरकार की विजय पर मोहर लग जाएगी।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया

5 राज्यों में चुनाव की घोषणा पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा के भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ जनता की नाराज़गी है और हमें चुनाव में अप्रत्याशित सफलता मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि हमारी पूरी तैयारी है।

चुनाव 17 नवंबर काे

उल्‍लेखनीय है कि मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव 17 नवंबर काे कराया जाएगा। आज चुनाव की घोषणा के साथ ही मध्‍य प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हाे गई है।

तीन दिसंबर को आएंगे नतीजे

21 अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। 30 अक्टूबर तक नामांकन लिए जाएंगे। दो नवंबर तक अभ्यर्थी नामांकन वापस ले सकेंगे। तीन दिसंबर को मतगणना होगी। मप्र में पांच दिसंबर तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

मप्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की चौथी सूची जारी, बुधनी से चुनाव लड़ेंगे श‍िवराज

BJP's fourth list released

 

भोपाल। मप्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की चौथी सूची जारी कर दी गई है। सीएम श‍िवराज सिंह को बुधनी से टिकट दिया गया है। इस सूची में अध‍िकांश पिछली बार के विजयी उम्‍मीवार ही हैं।

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चौथी सूची को हरी झंडी दी गई। इसमें 57 नाम हैं। गृहमंत्री डाक्‍टर नरोत्‍तम मिश्रा को दतिया से टिकट दिया गया है। इंदौर 2 सीट से रमेश मेंदोला और इंदौर 4 सीट से मालिनी गौड़ को टिकट दिया गया है।

अटेर से डा अरविंद सिंह भदौरिया, ग्‍वालियर ग्रामीण से भरत सिंह कुशवाह, ग्‍वालियर से प्रद्युम्‍न सिंह तोमर, खुरई से भूपेंद्र सिंह, सुरखी से गोविंद सिंह राजपूत और रेहली से गोपाल भार्गव को पार्टी ने उम्‍मीदवार बनाया है।

नरयावली से प्रदीप लारिया, सागर से शैलेंद्र जैन, खरगापुर से राहुल लोधी, मलहरा से प्रद्युम्‍न सिंह लोधी, पन्‍ना से ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, रामपुर बघेलान से विक्रम सिंह, सिरमौर से दिव्‍यराज सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल, देवतालाब से गिरीश गौतम, रीवा से राजेंद्र शुक्‍ल, चुरहट से शरदेन्‍दु तिवारी, जयसिंहनगर से मनीषा सिंह, जैतपुर से जयसिंह मरावी, अनूपपुर से बिसाहूलाल सिंह और मानपुर से मीना सिंह मांडवे को टिकट दिया गया है।

विजय राघवगढ़ से संजय पाठक, मुड़वारा से संदीप जायसवाल, पाटन से अजय विश्‍नोई, जबलपुर छावनी से अशोक रोहाणी, पनागर से सुशील कुमार तिवारी, परसावाड़ा से रामकिशोर कांवरे, सिवनी से दिनेश मुनमुन राय, आमला से योगेश पंडाग्रे, हरदा से कमल पटेल, सोहागपुर से विजयपाल सिंह, सांची से डा प्रभुराम चौधरी, सिलवानी से रामपाल सिंह, सिंरोल से उमाकांत शर्मा, बैरसिया से विष्‍णु खत्री और नरेला से विश्‍वास सारंग को टिकट दिया गया है।

गोविंदपुरा से कृष्‍णा गौर, हुजूर से रामेश्‍वर शर्मा, इछावर से करणसिंह वर्मा, सीहोर से सुदेशराय, देवास से गायत्री राजे पंवार, हाटपिपल्‍या से मनोज चौधरी, खातेगांव आशीष गोविंद शर्मा, हरसूद से कुंवर विजय शाह, बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल, बदनावर से राजवर्धन सिंह दत्‍तीगांव और सांवेर से तुलसीराम सिलावट को ट‍िकट दिया गया है।

उज्‍जैन दक्षिण से मोहन यादव, रतलाम शहर से चैतन्‍य काश्‍यप, मंदसौर से यशपाल सिंह सिसोदिया, मल्‍हारगढ़ से जगदीश देवड़ा, सुवासरा से हरदीप सिंह डंग और जावद से ओमप्रकाश सखलेचा को टिकट दिया गया है।

BJP Candidate fourth list: रामेश्वर शर्मा बने पुनः हुजूर से भाजपा उम्मीदवार

भोपाल, सोमवार को भाजपा ने जारी की चौथी लिस्ट, भोपाल हुजूर से रामेश्वर शर्मा,नरेला से विश्वास सारंग,गोविंदपुरा से कृष्णा गौर और बैरसिया से विष्णु खत्री को फिर से बनाया प्रत्याशी।

Bjp list

सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बैठक, नेता प्रतिपक्ष ने जताई आपत्ति

appointment of Information Commissioners

 

भोपाल । राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने सोमवार को चयन समिति की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में यह बैठक सुबह नौ बजे होगी। इसकी सूचना रविवार को देर शाम नेता प्रतिपक्ष डा.गोविंद सिंह के कार्यालय को दी गई। इस पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि कम से कम तीन दिन पहले सूचना दी जानी चाहिए। यदि मनमानी नियुक्ति की जाती है तो न्यायालय की शरण लूंगा।

सूचना आयुक्त के 10 पद स्वीकृत

इसी साल जुलाई में सूचना आयुक्त अरुण कुमार पांडेय का कार्यकाल पूरा होने के बाद आयोग में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एके शुक्ला के अलावा दो सूचना आयुक्त विजय मनोहर तिवारी और राहुल सिंह हैं। सूचना आयुक्त के 10 पद स्वीकृत हैं लेकिन सात से अधिक कभी नहीं भरे गए। तीन सूचना आयुक्त नियुक्त किए जा सकते हैं। इसके लिए चयन समिति की बैठक बुलाई है। इसमें नेता प्रतिपक्ष के अलावा जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को मुख्यमंत्री की ओर से नामांकित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार द्वारा सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा, जिस पर सहमति के आधार पर निर्णय होगा।

नेता प्रतिपक्ष ने बैठक के समय पर किया विरोध

सरकार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले नियुक्ति करना चाहती है इसलिए आनन-फानन में बैठक बुलाई गई है। उधर, नेता प्रतिपक्ष कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि सामान्य प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय से बैठक की सूचना प्राप्त हुई है लेकिन कोई एजेंडा नहीं दिया गया। बैठक सुबह नौ बजे बुलाई गई है। ऐसे में भिंड के लहार से भोपाल आ पाना संभव नहीं है।

सोमवार से नागपुर तक चलेगी इंदौर-भोपाल वंदे भारत ट्रेन, नया शेड्यूल जारी

Indore-Bhopal Vande Bharat train

 

इंदौर। मध्य प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर से महराष्ट्र के प्रमुख शहर नागपुर तक वंदे भारत ट्रेन चलेगी। यहां नई ट्रेन नहीं चलाई जाएगी। इंदौर-भोपाल के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को सोमवार यानी 9 अक्टूबर से नागपुर तक बढ़ाया जा रहा है। रेलवे ने इसका नया शेड्यूल जारी कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और इंदौर विधानसभा क्षेत्र एक के भाजपा प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय के आग्रह पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे मंजूरी दी है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दो दिन पहले इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन का दौरा कर बाणगंगा की तरफ रेलवे स्टेशन के निर्माण को मंजूरी दी थी। इस दौरान इंदौर से भोपाल के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को नागपुर तक बढ़ाने की मांग भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने की थी।

यह रहेगा शेड्यूल

इंदौर से सुबह 6.10 बजे चलेगी और 9.15 बजे भोपाल पहुंचेगी। पांच मिनट का ठहराव देकर ट्रेन नागपुर के लिए रवाना होगी। सुबह 10.45 बजे इटारसी होते हुए दोपहर 2.50 बजे नागपुर पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 3.20 बजे नागपुर से रवाना होकर शाम 7 बजे इटारसी, रात 8.40 भोपाल, रात 10.50 उज्जैन होते हुए रात 11.45 बजे इंदौर पहुंचेगी। नए समय के अनुसार ट्रेन का संचालन मंगलवार 10 अक्टूबर से होगा। 9 अक्टूबर को ट्रेन इंदौर से पूर्व निर्धारित समय 6.30 बजे प्लेटफार्म एक से चलेगी।

लंबे समय से हो रही थी मांग
इंदौर-भोपाल वंदे भारत ट्रेन को लंबी दूरी तक चलाने की मांग काफी समय से की जा रही थी। इंदौर-भोपाल के बीच में पर्याप्त यात्री भी ट्रेन को नहीं मिल पा रहे थे। इसलिए ट्रेन को ग्वालियर, खजुराहो और नागपुर तक बढ़ाने की मांग हो रही थी। इसमें नागपुर की संभावना शुरुआत से ज्यादा थी।

इंदौर-नागपुर के बीच मिलेंगे पर्याप्त यात्री
रेलवे जानकारों का कहना है कि नागपुर से साउथ का सबसे ज्यादा कनेक्शन है। इंदौर-नागपुर के बीच ट्रैफिक भी खूब हैं। भोपाल से नागपुर के बीच भी ट्रैफिक है। वंदे भारत ट्रेन के नागपुर तक चलने से इंदौर, उज्जैन और होशंगाबाद और नागपुर के यात्रियों को फायदा होगा। वर्तमान में उपलब्ध ट्रैन में सीट नहीं मिल पाती थी। इस कारण यात्रियों को सड़क मार्ग से सफर करना पड़ता था।

इंदौर के साथ भोपाल को भी होगा फायदा
वंदे भारत ट्रेन को नागपुर तक बढ़ाने से इंदौर के अलावा भोपाल को भी फायदा होगा। भोपाल के सैकड़ों यात्री भी कम समय में नागपुर आना-जाना कर सकेंगे। नागपुर क्षेत्र से महाकाल लोक दर्शन करने वालों को भी आवागमन की आसान सुविधा मिलेगी।

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सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...