वीरांगना रानी दुर्गावती की स्‍मृति में बनेगा 100 करोड़ रूपये की लागत का भव्‍य स्‍मारक

queen Durgavati

 

भोपाल, 18 सितम्बर | मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि आगामी 5 अक्‍टूबर को रानी दुर्गावती के 500 वें जन्‍मदिवस पर मदन महल की जमीन पर 100 करोड़ रूपये की लागत से भव्‍य स्‍मारक का भूमि-पूजन किया जायेगा। यह भव्‍य स्‍मारक रानी दुर्गावती के शौर्य, वीरता, सेवा, सुशासन एवं गौरव का प्रतीक होगा तथा युगों-युगों तक रानी की स्‍मृति को जीवन्‍त रखेगा।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने अपने जबलपुर प्रवास के दौरान वेटनरी ग्राउंड में आयोजित 1857 की क्रान्ति के जनजातीय नायक राजा शंकरशाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह का स्‍वागत जनजातीय संस्‍कृति के प्रतीक वीरा और साफा पहनाकर किया गया।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह कहा कि अमर क्रांतिकारी राजा शंकरशाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों की गुलामी को स्‍वीकार नहीं किया और उनके खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका। उनके इसी शौर्य एवं पराक्रम से भयभीत होकर अंग्रेजों ने उन्‍हें तोप के मुंह के सामने रखकर उड़ा दिया। राजा शंकरशाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदानों को भुलाया नहीं जा सकता। ये वीर सदैव हमारे लिये प्रेरणा का स्‍त्रोत रहेंगे।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि जनजातीय नायकों के बलिदानों को स्‍मरण करने के लिये प्रतिवर्ष प्रदेश शासन द्वारा 18 सितम्‍बर को शहीद दिवस का आयोजन किया जा रहा है। उन्‍होनें बताया कि पूर्व वर्ष में केन्‍द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आतिथ्‍य में जबलपुर में ही आयोजित हुये शहीद दिवस कार्यक्रम में गरीब आदिवासी वर्ग के लिये की गई सभी 14 घोषणायें पूर्ण कर ली गई है। इन घोषणाओं के पूर्ण हो जाने से प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन समाज के मुख्‍य धारा से जुड़ रहे है तथा इनका सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने गोंड साम्राज्‍य की शासिका वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य गाथा का उल्‍लेख करते हुये बताया कि रानी दुर्गावती ने अपने शौर्य और सामर्थ्‍य से एक विशाल साम्राज्‍य की स्‍थापना की थी, जिसमें मदन-महल, गढ़ा मंडला, सिंग्रामपुर शामिल है। उन्‍होनें मुगल शासक अकबर से भी वीरतापूर्वक लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों की आहूति दी, पर मुगलों की अधीनता स्‍वीकार नहीं की।

पेसा अधिनियम से आदिवासियों को मिला जल, जंगल, जमीन पर अधिकार

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आदिवासी बंधुओं के कल्‍याण के लिये प्रदेश सरकार ने विभिन्‍न योजनायें संचालित की हैं। सरकार ने पेसा अधिनियम लागू कर प्रदेश के 89 जनजातीय विकासखंडों में जनजातियों को जल, जंगल, जमीन पर सश‍क्‍त अधिकार दिये हैं। इन विकासखंडों में जनजातीय भाई-बहनों ने तेंदूपत्‍ता संग्रहण में उल्‍लेखनीय कार्य किया है। उनकी आर्थि‍क स्‍थति सुदृढ़ हुई है। सरकार की प्राथमिकता है कि संसाधनों पर सभी का समान रूप से अधिकार हो। अब सरकारी स्‍कूलों के बच्‍चे भी मेडिकल की पढ़ाई कर सके इसलिये सरकार द्वारा पांच प्रतिशत सीटें सरकारी स्‍कूल के बच्‍चों के लिये आरक्षित की गई है। उन्‍होनें बताया कि बच्‍चों को प्रोत्‍साहित करने के लिये 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्‍चों को लेपटॉप, शासकीय स्‍कूलों से प्रथम श्रेणी के साथ बारहवीं कक्षा में टॉप करने वाले बच्‍चों को स्‍कूटी दी गई है।

मुख्‍यमंत्री लाड़ली बहना योजना प्रारंभ कर प्रदेश की महिलाओं को मान सम्‍मान देने का कार्य भी प्रदेश सरकार द्वारा किया गया है। अब मुख्‍यमंत्री लाडली बहना आवास योजना के माध्‍यम से कच्‍चे आवास में रहने वाली लाडली बहना को पक्‍के आवास बनाने के लिये राशि प्रदान की जायेगी। इसके फार्म भरना प्रारंभ हो चुके हैं। प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना की हितग्राही एवं लाडली बहना को अब 450 रूपये की रियायती दरों में रसोई गैस सिलेंडर दिये जायेंगे। उन्‍होनें बताया कि प्रदेश के गरीब परिवारों के 1 किलोवाट तक के बकाया बिजली बिल सरकार द्वारा भरा जायेगा। राजा शंकरशाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के आदर्श को अपनाकर प्रदेश में जनता की जिंदगी बदलने का अभियान लगातार चलता रहेगा।

इस कार्यक्रम में विधायक अशोक रोहाणी, अजय विश्‍नोई, सुशील इंदु तिवारी, नंदिनी मरावी, मध्‍यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्‍यक्ष डॉ. जितेन्‍द्र जामदार, पूर्व विधायक अंचल सोनकर, शरद जैन, पूर्व महापौर स्‍वाति सदानंद गोडबोले सहित बड़ी तादाद में जन समूह मौजूद रहा।

कार्यक्रम में स्‍वागत उद्बोधन जिला पंचायत अध्‍यक्ष संतोष वरकड़े ने दिया। विधायक अशोक रोहाणी ने आभार प्रदर्शन द्वारा किया गया।

पूर्ण गरिमा, भव्यता और दिव्यता के साथ हो “वननेस स्टैच्यू” अनावरण कार्यक्रम- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

"Oneness Statue"

 

भोपाल, 18 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि 21 सितम्बर को ओंकारेश्वर में हो रहा “स्टैच्यु ऑफ वननेस” का अनावरण कार्यक्रम पूर्ण गरिमा, भव्यता और दिव्यता के साथ किया जाए। कार्यक्रम में शामिल होने वाले देश के सभी प्रमुख साधु-संतों का परंपरागत स्वागत-सत्कार किया जाए। वर्षा ऋतु को देखते हुए आयोजन स्थल तथा यातायात व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क रहे तथा बिन्दुवार प्लानिंग करें।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कार्यालय भवन समत्व में ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में एकात्मता की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। समत्व भवन में अपर मुख्य सचिव कृषि अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक से इन्दौर संभागायुक्त तथा खण्डवा कलेक्टर वर्चुअली जुड़े।

केरल की धार्मिक परम्पराओं के अनुसार होगा साधु-संत का स्वागत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 21 सितम्बर को प्रात: 11 बजे केरल की धार्मिक परम्पराओं अनुसार साधु-संतों का स्वागत करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और पूज्य संतों द्वारा वैदिक यज्ञ अनुष्ठान में आहुति दी जाएगी। इस अवसर पर देशभर की शैव परंपरा के नृत्यों की प्रस्तुतियों के साथ ही भारतीय प्रदर्शनकारी शैलियों के कलाकारों द्वारा आचार्य प्रवर्तित पंचायतन पूजा परंपरा का प्रस्तुतिकरण होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह तथा पूज्य संतों द्वारा एकात्मता की मूर्ति के अनावरण और अद्वैत लोक का भूमि एवं शिला-पूजन किया जाएगा। कुल 101 बटुकों द्वारा वेदोच्चार व शंखनाद के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और पूज्य संत एकात्मता की मूर्ति के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह , संतगण और विशिष्टजन सहित ब्रह्मोत्सव के लिए प्रस्थान करेंगे।

ब्रह्मोत्सव में होगा संत विमर्श तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का संबोधन

जानकारी दी गई कि सिद्धवरकूट पर ब्रह्मोत्सव होगा। इसमें शंकर संगीत वेदोच्चार, आचार्य शंकर के स्त्रोतों पर एकाग्र समवेत नृत्य प्रस्तुति “शिवोहम” तथा आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास द्वारा प्रकाशित “एकात्म धाम” और अद्वैत युवा जागरण शिविर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। “एकात्मता की यात्रा” फिल्म का प्रदर्शन भी होगा। ब्रह्मोत्सव में दोपहर को संत विमर्श और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का संबोधन होगा। ब्रहृमोत्सव में लगभग 5 हजार संत-मनीषियों और विशिष्टजनों का समागम होगा।

वैदिक आर्चकों द्वारा किया जा रहा है हवन

मूर्ति अनावरण से पहले मान्धाता पर्वत पर उत्तरकाशी के स्वामी ब्रहोन्द्रानन्द तथा 32 संन्यासियों द्वारा प्रस्थानत्रय भाष्य पारायण और दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदापीठ के मार्गदर्शन में देश के लगभग 300 विख्यात वैदिक आर्चकों द्वारा वैदिक रीति पूजन तथा 21 कुंडीय हवन किया जा रहा है। स्टैच्यु ऑफ वननेस का अनावरण और अद्वैत लोक का भूमि एवं शिला-पूजन दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदापीठ के मार्गदर्शन में होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बेलपत्र, बरगद और गुलमोहर के पौधे रोपे

planted saplings

 

भोपाल, 18 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में बेलपत्र, बरगद और गुलमोहर के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ अमन पटेल और श्रीराज चौहान ने भी अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। सुमित चौहान, अनुभव चौहान, केदार सिंह चौहान, विजय गुर्जर, अजय सिंह, रामप्रसाद चौधरी और गोपाल पवार साथ थे। स्टेट प्रेस क्लब इन्दौर के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल और अन्य सदस्य ने भी पौधे रोपे। खारीवाल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को भारतीय पत्रकारिता महोत्सव-2023 की स्मारिका “नैतिकता” भेंट की।

73 वर्ष की हुयी शबाना आजमी

Shabana Azmi turns 73

 

मुंबई, 18 सितंबर| बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री शबाना आजमी आज 73 वर्ष की हो गयी। 18 सितंबर 1950 को जन्मीं शबाना आजमी के पिता कैफी आजमी मशहूर शायर और गीतकार थे जबकि मां शौकत आजमी रंगमंच की जानी-मानी अभिनेत्री थी।

शबाना ने स्नातक की पढ़ाई दिल्ली के सेंट जेवियर कालेज से पूरी की और इसके बाद उन्होंने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लिया। पुणे में अभिनय का प्रशिक्षण हासिल करने के बाद वह अभिनेत्री बनने के लिए 1973 में मुम्बई आ गईं। यहां उनकी मुलाकात निर्माता- निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास से हुई, जिन्होंने उन्हें अपनी फिल्म फासले में काम करने का प्रस्ताव किया। यह फिल्म पूरी हो पाती उससे पहले ही उनकी फिल्म अंकुर प्रदर्शित हो गयी। श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी और 1974 में प्रदर्शित फिल्म अंकुर हैदराबाद की एक सत्य घटना पर आधारित थी। इस फिल्म में शबाना आजमी ने लक्ष्मी नामक एक ऐसी ग्रामीण युवती का किरदार निभाया, जो शहर से आये एक कालेज स्टूडेंट से प्यार कर लेती है। फिल्म के निर्माण के समय श्याम बेनेगल ने अपनी कहानी कई अभिनेत्रियों को सुनायी, लेकिन सभी ने फिल्म में काम करने से मना कर दिया। कैरियर के शुरआती दौर में इस तरह का किरदार किसी भी अभिनेत्री के लिये जोखिम भरा काम हो सकता था लेकिन शबाना आजमी ने इसे एक चैलेंज के रूप में लिया और अपने सधे हुये अभिनय से समीक्षकों के साथ ही दर्शकों का भी दिल जीतकर फिल्म को सुपरहिट बना दिया। इस फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिये वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित की गयी। वर्ष 1975 में श्याम बेनेगल की ही फिल्म निशांत में शबाना आजमी को उनके साथ फिर काम करने का मौका मिला।

वर्ष 1977 शबाना आजमी के सिने कैरियर का अहम पड़ाव साबित हुआ। इस वर्ष उन्हें जहां महान फिल्मकार सत्यजीत रे की फिल्म शतरंज के खिलाड़ी में काम करने का मौका मिला। वहीं फिल्म स्वामी में उत्कृष्ट अभिनय के लिये वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गयी।इस बीच शबाना आजमी ने व्यावसायिक सिनेमा की ओर भी अपना रख कर लिया। इस दौरान उन्हें विनोद खन्ना के साथ परवरिश और अमर अकबर एंथोनी जैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला, जिसकी सफलता ने उन्हें व्यावसायिक सिनेमा में भी स्थापित कर दिया। वर्ष 1982 में प्रदर्शित फिल्म अर्थ शबाना आजमी के लिये कैरियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुयी। महेश भट्ट के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शबाना आजमी ने एक ऐसी शादीशुदा महिला का किरदार निभाया जिसका पति उसे अन्य महिला के कारण छोड देता है। इस फिल्म के लिये शबाना आजमी दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित की गयी।

वर्ष 1983 में प्रदर्शित फिल्म मंडी शबानी आजमी की अहम फिल्मों में शुमार की जाती है। श्याम बेनेगल निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने वेश्यालय चलाने वाली रक्मणी बाई की भूमिका को पहले पर्दे पर साकार किया। इस भूमिका को स्वाभाविक बनाने के लिये उन्होंने अपना वजन भी बढ़ाया। इस फिल्म के लिये वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयरपुरस्कार से नामांकित भी की गयी। वर्ष 1984 में शबानी आजमी की मृणाल सेन निर्देशित फिल्म खंडहर और 1985 में गौतम घोष निर्देशित फिल्म पार प्रदर्शित हुयी। इन फिल्मों में उनके अभिनय के विविध रूप देखने को मिले । इन दोनों ही फिल्मों के लिए वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित की गयी।

वर्ष 1986 में इंडो-फ्रेच बेल्जियन स्विस प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म जेनेसिस शबाना आजमी की एक और महत्वपूर्ण फिल्म है। मृणाल सेन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आदमी और औरत के बीच प्यार और उनके बीच तकरार को दिखाने के साथ ही राजस्थान के रेगिस्तान की खूबसूरती को भी पेश किया गया था । इस फिल्म में नसीरद्दीन शाह और ओमपुरी ने भी मुख्य भूमिकाएं निभाईं। वर्ष 1996 में प्रदर्शित फिल्म फायर से शबाना आजमी को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हुयी। दीपा मेहता के निर्देशन में बनी इस विवादस्पद फिल्म में उन्होंने राधा नामक युवती का किरदार निभाया, जो एक अन्य युवती से प्रेम करने लगती है। समलैंगिकता के विषय पर बनी यह फिल्म भारत में पहली ऐसी फिल्म थी। फिल्म में उनके उत्कृष्ट अभिनय को देखते हुये उन्हें शिकागो फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित किया गया।वर्ष 1999 में प्रदर्शित फिल्म गॉडमदर में शबाना आजमी ने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया, जो अपने पति की मौत के बाद माफिया डान बन कर भ्रष्ट राजनीतिक व्यवस्था के विरूद्ध आवाज उठाती है और अपने पति की मौत काबदला लेती है। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिये वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित की गयी।

शबाना आजमी ने जावेद अख्तर के साथ शादी की है। शबाना आजमी चार बार फिल्म फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की जा चुकी है। फिल्मों में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुये वह 2006 में पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित की गयीं ।शबाना आजमी ने अपने चार दशक लंबे सिने कैरियर में अब तक करीब 140 फिल्मों में अभिनय किया है।

चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह 23.51 प्रतिशत बढ़ा

Direct tax collection

 

दिल्ली, 18 सितंबर| चालू वित्त वर्ष में 16 सितंबर तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 23.51 प्रतिशत बढ़कर 865117 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह राशि 700416 करोड़ रुपये की तुलना में 23.51 प्रतिशत अधिक है। आयकर विभाग ने आज यहां जारी बयान में कहा कि शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8,65,117 करोड़ रुपये में कारर्पोरेट कर (सीआईटी) 4,16,217 करोड़ रुपये और प्रतिभूति लेनदेन कर सहित व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) 447291 करोड़ रुपये रहा है। इस अवधि में प्रत्यक्ष कर का सकल संग्रह 9,87,061 करोड़ रुपयेरहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 8,34,469 करोड़ रुपये की तुलना में 18.29 प्रतिशत अधिक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाम 6.30 बजे बुलाई कैबिनेट की बैठक

cabinet meeting at

 

दिल्ली। संसद का विशेष सत्र शुरू हो गया, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शाम 6.30 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बैठक में विशेष सत्र में पेश होने वाले मुख्य बिलों पर भी चर्चा हो सकती है। कल मंगलवार को दूसरे दिन सुबह सभी सांसदों का ग्रुप फोटो लिया जाएगा। इसके बाद नए भवन में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो जाएगी।

संसद के विशेष सत्र में इन विधेयकों पर होगी चर्चा

संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि पांच दिन के संसद के विशेष सत्र में आठ विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। इनमें अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, प्रेस और प्रिडिकल रजिस्ट्रेशन विधेयक, डाकघर विधेयक, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) विधेयक, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर एक विधेयक और एससी/एसटी आदेश से संबंधित तीन बिलों पर चर्चा होगी।

भारतीय भोजन की थाली में छुपा है सेहत का राज, इसमें सभी पोषक तत्व हैं शामिल

hidden in the plate

 

इंदौर। आजकल सेहतमंद रहने के लिए लोग कई तरह के जतन कर रहे हैं। यदि भोजन प्रणाली और भोजन की थाली को बेहतर कर लिया जाए तो कई रोगों से बचा जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि भारतीय भोजन पद्धति और भारतीय भोजन की थाली कई मायनों में सेहतमंद साबित होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय भोजन पद्धति मानव शरीर संरचना के अनुरूप है और भोजन की थाली जलवायु, मौसम व शरीर के अनुरूप होती है।

आहार व पोषण विशेषज्ञ विनीता जायसवाल के अनुसार, भारतीय थाली में सभी आवश्यक पोषण तत्व होते हैं। हमारे देश में हर प्रांत का अपना भोजन है जो वहां की जलवायु और कार्यपद्धति पर केंद्रीत है, जिसमें संतुलित मात्रा में पोषक तत्व शामिल होते हैं। इन्हीं में से एक है भारतीय भोजन की थाली। यह थाली चाहे पंजाब, गुजरात, राजस्थान या महाराष्ट्र किसी भी प्रदेश की हो, उसमें फायबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, विटामिन और कैलि्शयम सब कुछ शामिल होता है।

दोनों वक्त भारतीय थाली को अपनाएं

यदि सेहतमंद रहना है तो दोनों वक्त भारतीय थाली को अपनाएं। इस थाली में रोटी और चावल के रूप में कार्बोहाइड्रेट होता है तो दाल (सभी तरह की दालें, राजमा, छोले, चवला), दही, मट्ठा, पनीर के रूप में प्रोटीन शामिल होता है। भारतीय भोजन की थाली में खट्टा, तीखा, मीठा, कसैला आदि स्वाद शामिल होता है।

प्रोटीन, कैल्शियम, फायबर व आयरन सब होता है थाली में

बात अगर मिठाई की करें तो वह भी भोजन की थाली में होती है। मसलन थाली में यदि रसगुल्ला या छेने से बनी मिठाई, खीर है तो उसमें भी प्रोटीन व कैलि्शयम होता है। यदि हलवा आदि है तो उसमें घी होने से अच्छी वसा प्राप्त होती है। यदि गुड़ भी खाया जाता है तो उसमें आयरन होता है। थाली में हरी सब्जी, चटनी और सलाद के होने से फायबर व आयरन मिलता है।

जो दूध नहीं पीता, उसके लिए अन्य खाद्य सामग्री

दूध का सेवन भी शरीर के लिए आवश्यक है और जो लोग दूध नहीं पीते उनके लिए भारतीय थाली में दही, छाछ, मट्ठा, श्रीखंड, छेना, मावा रहता है। दोनों ही वक्त के भोजन में दाल और सब्जी जरूर शामिल करें। यदि हम हल्के भोजन के रूप में खिचड़ी या दलिया बना रहे हैं तो उसमें भी दाल, मूंगफली दाना, हरी सब्जी आदि शामिल करें।

ड्राइव करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान, आपकी छोटी सी गलती भी बन सकती है परेशानी का सबब

things in mind while driving

 

आज के समय में कार एक लग्जरी से ज्यादा जरुरत हो गई है. ऑफिस आने-जाने के अलावा कहीं पर भी जाने के लिए अक्सर लोग अपनी कार से सफर करना पसंद करते हैं. हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि अगर आप भी लंबे समय तक कार चलाते हैं, तो किस तरह से आपकी कार की सेहत खराब हो सकती है. इसके अलावा आपको खुद को पता नहीं होता कब आपकी छोटी सी गलती कब बड़ी बन जाए इसके कारण दूसरी की भी जान जा सकती है. इसलिए सुरक्षित ड्राइविंग एक मूल मंत्र है. इसलिए ड्राइविंग करते समय हमेशा सावधान रहें और पूरा ध्यान रखें. आज हम आपको कुछ 4 टिप्स बताने जा रहे हैं जिसे जानकर आप आराम से ड्राइव कर सकते हैं|

इकॉनमी स्पीड में ड्राइव करें

अगर आप एंट्री लेवल की कार ड्राइव कर रहे हैं तो आपको स्पीड का खास ख्याल रखना चाहिए. कोशिश करें कि कार हमेशा इकॉनमी स्पीड में ही चलाएं. इससे आपकी कार स्टेबल रहेगी जिसे आप आसानी से हैंडल कर सकते हैं. अगर आप खराब सड़क पर ड्राइविंग कर रहे हैं तो ये आपके लिए ड्राइविंग का बेस्ट तरीका हो सकता है|

कार को ओवर लोड न करें

छोटी कार को ड्राइव करते वक्त आपको हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कार ओवर लोड न हो. ज्यादा वजन से कार का बैलेंस बिगड़ सकता है. इसके अलावा कार को हैंडल करना भी काफी मुश्किल हो जाता है. कई बार लोग कार में क्षमता से ज्यादा पैसेंजर्स बैठा लेते हैं. इससे आपकी कार डिसबैलेंस हो सकती है. बड़ी कार ज्यादा वजन को मैनेज कर लेती हैं लेकिन छोटी कार में ये लोड परेशान करता है|

हैवी ब्रेक लगाने से बचें

अगर तेज स्पीड में कार चला रहे हों तो ड्राइविंग के दौरान आपको हैवी ब्रेकिंग से बचना चाहिए. हल्की कार में हैवी ब्रेक लगाने से कार का संतुलन बिगड़ सकता है. ऐसे में जब आपको ब्रेक लगाना हो तो आराम से ब्रेक प्रेस करें. ऐसा करने से कार संतुलन बिगड़े बिना आराम से रुक जाएगी. सबसे अच्छी बात ये है कि इस ट्रिक से आपके साथ बैठे लोगों को भी किसी तरह की परेशानी या झटका महसूस नहीं होगा|

मोड़ पर स्पीड कम रखें

कार चलाते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि कभी भी तेज स्पीड में टर्न ना लें. दरअसल एंट्री लेवल की कार वजन में हल्की होती हैं जिससे आपकी कार कभी भी पलट सकती है. जब आप हल्की कार को तेज स्पीड में मोड़ते हैं तो कार के पीछे की ओर से पलटने का खतरा रहता है. इससे आप हादसे का शिकार हो सकते हैं|

बिना पूर्व सूचना के रद की हेरिटेज ट्रेन, पातालपानी स्टेशन पहुंचे लोग निराश लौटे

Heritage train canceled

 

इंदौर। पातालपानी से कालाकुंड के बीच चलने वाली हेरिटेज ट्रेन रविवार को भी बिना किसी पूर्व सूचना के रद कर दी गई। इससे ट्रेन में सफर करने पहुंचे लोगों को पातालपानी स्टेशन से वापस लौटना पड़ा। शनिवार को भी रेलवे द्रारा अचानक से ट्रेन को निरस्त कर दिया गया था। शनिवार को तो यात्री ट्रेन में सवार हो चुके थे। इसके बाद बताया गया कि ट्रेन नहीं चलेगी।

पश्चिमी रेलवे रतलाम मंडल द्रारा सप्ताह में तीन दिन हेरिटेज ट्रेन का संचालन पातालपानी से कालाकुंड के बीच किया जाता हैं। ट्रेन में शनिवार और रविवार को सबसे ज्यादा बुकिंग रहती हैं। इंदौर में हुई तेज बारिश के कारण ट्रेन को रद कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में हुई अनवरत बारिश के कारण ट्रेन को रद करना पड़ा। रेलवे ने इसकी पूर्व सूचना न तो शनिवार को दी, न रविवार को। पूर्व सूचना नहीं मिलने से यात्री निराश होकर लौटे। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीना ने बताया कि रविवार को भी हेरिटेज ट्रेन नहीं चलाई गई । यदि स्थिति सामान्य रही तो शुक्रवार से ट्रेन का संचालन फिर शुरू होगा।

लैंडस्लाइड के कारण निरस्त की ट्रेन

रेलवे अधिकारी का कहना है कि रतलाम मंडल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हेरिटेज ट्रेन रद करना पड़ी। तेज बारिश में घाट सेक्शन में यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर ऐसा करना पड़ा। रविवार को वैसे भी इस ट्रेन में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। बारिश के दौरान खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरने वाले रेल मार्गों पर लैंडस्लाइड और पटरी को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्वतंत्रता सेनानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए

paid tribute to

 

भोपाल, 18 सितम्बर| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वर्ष 1857 के अमर बलिदानी स्वतंत्रता सेनानी राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निवास स्थित सभागार में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में जबलपुर क्षेत्र में सैनिकों को क्रांति में भाग लेने के लिए प्रेरित किया था। अपने क्रांतिकारी साथियों और 52वीं रेजीमेंट के सैनिकों के साथ मिल कर पिता-पुत्र ने क्रांति की योजना बनाई, लेकिन गद्दार ने यह सूचना अंग्रेजों तक पहुँचा दी। राजा, उनके पुत्र और अनुयायियों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में क्रांति संगठन के दस्तावेजों के साथ राजा शंकर शाह द्वारा लिखित एक कविता मिली। दोनों क्रांतिवीर पिता-पुत्र को बंदी बना कर जेल में रखा गया। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की गिरफ्तारी से सैनिकों और जनता में आक्रोश बढ़ गया। तुरंत डिप्टी कमिश्नर और दो अंग्रेज अधिकारियों की एक औपचारिक सैनिक अदालत बैठायी गयी और देशद्रोही कविता लिखने के जुर्म में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह को 18 सितम्बर 1857 को मृत्यु-दण्ड दिया गया। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान से क्रांति की आग दावानल बन गई।

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अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...