मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फोटोग्राफर्स को दी बधाई

World Photography Day

 

अद्भुत है फोटोग्राफी की दुनिया

भोपाल, 19 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि फोटोग्राफी की दुनिया, अद्भुत दुनिया है। आज विश्व फोटोग्राफी दिवस है। फोटोग्राफी के कार्य से जुड़े सभी साथियों को हार्दिक बधाई देता हूँ।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा की जयंती के अवसर पर रेतघाट स्थित उद्यान में उपस्थित फोटोग्राफर्स को विश्व फोटोग्राफी दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि यह दिवस फोटोग्राफी की कला के प्रति सम्मान व्यक्त करने का दिन है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अनेक फोटोग्राफर्स के साथ छायाचित्र खिंचवाए और स्वयं भी फोटोग्राफर्स के चित्र कैमरे से क्लिक किए। छायाकार बंधुओं की उपस्थिति में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने केक काटकर फोटोग्राफी दिवस मनाया। भोजताल के पास फोटोग्राफर्स के समूह ने अपने कैमरों से आसपास की प्राकृतिक सुंदरता को कैद किया।

CM शिवराज सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ शंकर दयाल शर्मा की जयंती पर उनके योगदान को याद किया गया

birth anniversary of Dr. Shankar Dayal Sharma

माल्यार्पण और पौध-रोपण से दी गयी आदरांजलि

भोपाल, 19 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज भोपाल के रेत घाट चौराहे पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. शंकर दयाल शर्मा की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने डॉ. शंकर दयाल शर्मा को याद करते हुए कहा कि स्व. डॉ. शंकर दयाल शर्मा मध्य प्रदेश का गौरव थे। भोपाल की हर गली में उनके कार्यों की झलक मिलती है। भोपाल का हर क्षेत्र उनके योगदान को प्रतिबिंबित करता है। डॉ. शर्मा ने केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रपति के रूप में जो कार्य किया, वह अद्भुत था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेशवासियों की ओर से मैं डॉ. शंकर दयाल शर्मा जी को नमन करता हूँ।

इस अवसर पर डॉ. शंकर दयाल शर्मा के परिजन और नागरिक उपस्थित थे। डॉ. शर्मा की जयंती के अवसर पर महापौर मालती राय, पूर्व महापौर आलोक शर्मा सहित कई जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सभी ने डॉ. शर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और नमन किया। डॉ. शंकर दयाल शर्मा के योगदान का स्मरण किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस अवसर पर मासिक पत्रिका कृषि समाधान के डॉ शंकर दयाल शर्मा पर केंद्रित विशेषांक का विमोचन भी किया।

पौध-रोपण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज रेत घाट चौराहे पर डॉ. शंकर दयाल शर्मा की प्रतिमा के निकट स्थित उद्यान में उनकी स्मृति में पौध-रोपण किया। पौध-रोपण में डॉ. शर्मा के परिजन और नागरिक शामिल हुए। स्व. डॉ. शर्मा के भाई ईशदयाल शर्मा, भतीजे अमित शर्मा, भतीजी रितु शर्मा सहित सुमित पाठक, मनीष दयाल शर्मा, दिनेश दयाल शर्मा, संजय दयाल शर्मा, ध्रुव सोनी, अशोक वर्मा, राजेन्द्र राजा शर्मा, रोशनी शर्मा भी पौध-रोपण में शामिल हुए। आज ओरियंटल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने भी पौध-रोपण किया।

स्व. सुभाष चंद्र बैनजी ने जैसा राष्ट्र बनाने का सपना देखा, उस दिशा में हम प्रयास करने का संकल्प लें – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Subhash Chandra Bainji dreamed

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज जबलपुर में राष्ट्रवादी विचारक स्व. सुभाष चंद्र बैनर्जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि स्व. बैनजी ने जैसा राष्ट्र बनाने का सपना देखा, उस दिशा में हम प्रयास करने का संकल्प लें। वे ऐसे व्यक्ति थे, जो किसी के पद चिन्हों पर नहीं चले, बल्कि खुद, पद चिन्हों का निर्माण किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रतिमा के अनावरण के बाद स्व. बैनर्जी स्मृति संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि स्व. सुभाष चंद्र बैनर्जी का जीवन मातृभूमि के लिए समर्पित था। अपने लिए तो सभी जीते हैं लेकिन कुछ होते हैं जो, देश और समाज के लिए जीते हैं। उनका अपना कुछ नहीं होता। स्व. बैनर्जी भी ऐसे ही समर्पित राष्ट्र सेवक थे। जबलपुर के साथ ही महाकौशल क्षेत्र में वे समाज हित में निरंतर सक्रिय रहें। आपातकाल के दौरान इस परिवार के 6 लोग कारावास में रहे। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए भी कार्य किया। उनकी धर्मपत्नी जयश्री बैनर्जी ने अपनी सम्पूर्ण क्षमताओं से प्रदेशवासियों की सेवा की।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि स्व. बैनर्जी का व्यक्तित्व और कृतित्व ही उनके सेवाभावी होने की जानकारी दे देता है। किसी भी संगठन के इतिहास में प्रारंभिक काल के सक्रिय कार्यकर्ता महत्व रखते हैं। ये कार्यकर्ता नींव के पत्थर होते हैं। ऐसे नींव के पत्थर ही एक विशाल भवन के निर्माण के आधार बनते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि स्व. बैनर्जी का जीवन प्रेरणा प्रदान करता है। गीता के श्लोक के अनुसार ऐसा व्यक्ति जो राग-द्वेष से युक्त न हो, उसमें अहंकार भी न हो, धैर्यवान हो और उत्साह से भरा हो, सफलता मिले तो ठीक है, असफलता पर भी निराश न हो, सात्विक कार्यकर्ता माना जाता है। स्व. बैनर्जी ऐसे ही सात्विक कार्यकर्ता थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रदेश की जनता की ओर से स्व. बैनर्जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा, केन्द्रीय खाद्य प्र-संस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, स्व. बैनजी की धर्मपत्नी जयश्री बैनर्जी, श्री दीपांकर बैनर्जी, सांसद राकेश सिंह राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, विधायक अशोक रोहाणी के अलावा धर्मनारायण शर्मा, जन-प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

Huzur Vidhansabha 2023: भाजपा से मुकाबले के लिए कांग्रेस में 26 नाम

 

भोपाल, जिले की सबसे बड़ी विधानसभा हुजूर विधानसभा जो की राजधानी को सभी दिशाओं से घेरे हुए। अभी दो रोज पहले भाजपा की जारी हुई विधानसभा उम्मीदवार की सूची में उत्त्तर भोपाल और मध्य विधानसभा से उम्मीदवार घोषित होने के बाद हुजूर विधानसभा में भी उम्मीदवारों के नाम को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।

बात करें वर्तमान में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस का तो विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार बनने के लिए एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति है। क्षेत्र ओबीसी आबादी बहुल है। दूसरा बड़ा समुदाय सिंधी समाज है समाज से पिछली बार कांग्रेस ने नरेश ज्ञानचांदनी उम्मीदवार बनाया था। बात ग्रामीण क्षेत्र की करें तो पूरे क्षेत्र में अवनीश भार्गव ने अपनी पकड़ बेहद मजबूत बनाई हुई है जिसका प्रभाव पंचायत चुनाव में सभी ने देखा भी था। ओबीसी वर्ग के विष्णु विश्वकर्मा ने अब हनुमान चालीसा वाले भैया के रूप में पहचान बना ली है उनके द्वारा विधानसभा क्षेत्र में 226 खेड़ापति हनुमान मंदिरों में हनुमान चालीस का संकल्प पूरा करने का प्रयास जारी है। वही अपनी मजबूत कद काठी और पुराने विधानसभा कालीन अनुभव के साथ पूर्व में विधायक रहे जितेंद्र डागा पूर्ण निरंतरता के साथ क्षेत्र में सक्रिय है वही क्षेत्र में जितेंद्र सिंह की सक्रियता भी है पर लोगों के बीच नाम नया है। वही मीणा समाज से मखमल मीणा, अशोक मारण की सक्रियता भी देखी जा रही है। अभी हाल में बैरागढ़ क्षेत्र में हुई राय शुमारी में कुल 26 नाम कांग्रेस पार्टी फ़ोरम में उम्मीदवार के रूप में आये थे।

वही भाजपा से हुजूर विधानसभा में सक्रियता की बात की जाये तो केवल एक ही नाम आता है वर्तमान विधायक रामेश्वर शर्मा का पिछले 10 साल के कार्यकाल में रामेश्वर शर्मा ने जहां धीमी रफ्तार से विकास कार्यो की शुरुआत की थी अब धरातल पर विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे है। कांग्रेस नेता भी धीमी ज़ुबान में बोलते सुनाई देते है जो काम मंत्री के क्षेत्र में नही हो सकता वो काम रामेश्वर शर्मा करा सकते है। जनता भी खुले दिल से स्वीकार कर रही है विकास दिख रहा है।

हालांकि चुनावी हवा में उम्मीदवारी के लिए नाम सामाजिक समीकरण व रणनीतिक जुगलबंदी के कारण आ रहे है। जिनमें भगवान दास सबनानी और वीडी शर्मा का नाम जन चर्चा में लिया जाता है।

पन्ना जिले तक नर्मदा मैया का जल लाने के होंगे प्रयास – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Efforts will be made to bring water of Narmada Maiya to Panna

क्षतिग्रस्त तालाब की मरम्मत और भितरी मुटमुरू बांध का निर्माण किया जाएगा

भोपाल, 18 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि पन्ना जिले के गुन्नौर क्षेत्र में नर्मदा जल लाने के लिए तकनीकी परीक्षण करवाया जाएगा। पन्ना जिले के नागरिकों को नर्मदा मैया का पानी उपलब्ध कराया जायेगा। गुन्नौर के महाविद्यालय में विज्ञान की कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी। इसके साथ ही स्थानीय कन्या विद्यालय के उन्नयन की कार्यवाही भी की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज पन्ना जिले के गुन्नौर में जनदर्शन के पश्चात लाड़ली बहनाओं और नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस अवसर पर 677 करोड़ रूपए राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान आकर्षित किए जाने पर कहा कि क्षेत्र में क्षतिग्रस्त तालाब की मरम्मत और भितरी मुटमुरू बांध निर्माण का कार्य किया जाएगा।

 

जन कल्याण में नहीं छोड़ेंगे कोई कसर, तीन निकायों को एक-एक करोड़ रूपए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि जनकल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पन्ना जिले के तीन नगरीय निकायों को विकास कार्यों के लिए गुन्नौर, अमानगंज और देवेन्द्र नगर के लिए एक-एक करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि विभिन्न मांग पत्रों और नागरिकों के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान आकर्षित किए जाने पर कहा कि क्षेत्र में क्षतिग्रस्त तालाब की मरम्मत और बांध निर्माण का कार्य किया जाएगा।

पूर्व सरकार ने लगाया योजनाओं को पलीता

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार ने योजनाओं के क्रियान्वयन पर पलीता लगा दिया था। आज मध्यप्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी दिन-रात जनसेवा में लगे हैं। उन्होंने निर्धन तबके को नि:शुल्क राशन उपलब्ध करवाने का कार्य किया है। मध्यप्रदेश सरकार भी आम जनता के कल्याण के लिए सक्रिय है। यहाँ 600 करोड़ रूपए की राशि से घर-घर तक पाइप लाइन से पानी पहुंचाने का कार्य हुआ है। मेडिकल और इंजीनियरिंग में होनहार विद्यार्थियों द्वारा प्रवेश लिए जाने पर शिक्षण शुल्क देने की पहल की गई है। विद्यार्थियों को चाहे 10 लाख रूपए तक फीस भरनी हो, इसकी व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। किसानों के लिए पर्याप्त सिंचाई जल और 6 हजार रूपए पीएम किसान निधि के साथ ही राज्य स्तर पर प्रतिवर्ष 6 हजार रूपए की राशि देने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही शून्य प्रतिशत ब्याज पर किसानों को ऋण भी मिल रहा है। पूर्व सरकार द्वारा बैगा, सहरिया और भारिया परिवारों के लिए आहार अनुदान की राशि का भुगतान बंद कर दिया गया था। पूर्व सरकार ने बहनों को मिलने वाली 16 हजार रूपए की प्रसव सहायता राशि, कन्यादान योजना और तीर्थ दर्शन योजना का क्रियान्वयन भी बंद कर दिया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमारी सरकार बुजुर्गों को रेल ही नहीं प्लेन से भी तीर्थों के दर्शन करवा रही है।

लाड़ली बहनाओं को उपहार देने की तिथि आ रही है नजदीक

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आगामी 30 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है। बहनों को भाई का उपहार मिलने वाला है। आगामी 27 अगस्त को दोपहर 1.00 बजे महत्वपूर्ण फैसला लिया जाएगा। आज लाड़ली बहनाओं ने यहां पगड़ी पहनाकर मेरा स्वागत किया है। इनका सम्मान कभी कम नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि फूल बरसाकर स्वागत करने वाली लाड़ली बहनों की राह में कभी कांटे आने दिए जाएंगे। लाड़ली बहनाओं की जिन्दगी में कभी अंधेरा न आए, यह मेरा संकल्प है। राखी का कच्चा धागा स्नेह का प्रतीक है। बहनों की आँखों में आंसू नहीं रहने दूंगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में हम महिला सशक्तिकरण का इतिहास बनाएंगे। लाड़ली लक्ष्मी योजना के बाद लाड़ली बहना योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के क्रियान्वयन पर राज्य सरकार ने 15 हजार करोड़ रूपए का प्रबंध किया है। लाड़ली बहनों का सम्मान इस योजना से बढ़ रहा है। प्रयास यह है कि विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से मासिक आमदनी 10 हजार रूपए तक हो जाए। प्रदेश में दुराचारियों के लिए कठोर सजा और फांसी तक के प्रावधान किए गए हैं।

जनदर्शन में उमड़े नागरिक

कार्यक्रम में खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, सांसद वी.डी.शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। जनदर्शन में गुन्नौर के नागरिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के स्वागत के लिए उमड़ पड़े। अनेक स्थानों पर मंच बनाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का स्वागत पुष्पहारों से किया गया।

विकास कार्यो का लोकार्पण – भूमिपूजन

गुनौर जिला पन्ना में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 677.49 करोड़ के विकास कार्यो का लोकार्पण, भूमिपूजन किया। गुनौर विधानसभा क्षेत्र के लिए 677 करोड़ 49 लाख 46 हजार रूपये के 9 विकास कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इनमें 60 करोड़ 17 लाख के 3 विकास कार्यो का लोकार्पण और 617 करोड़ 32 लाख 41 हजार रूपये के 9 विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों में 27-27 करोड़ के वितरण केन्द्र बिरवाही, देवेन्द्र नगर एवं पवई क्षेत्र के ग्राम सिमरिया में 132/33 केवी उप केन्द्रों का निर्माण और 6.17 करोड़ लागत का गुनौर बायपास मार्ग लंबाई 3.30 कि.मी. शामिल है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जिन विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन किया, उनमें 506 करोड़ 54 लाख की पवई व्यारमा समूह जल प्रदाय योजना, 38 करोड़ से शासकीय उत्कृष्ट उमावि, गुनौर का पुनर्विकास कार्य, 31 करोड़ 70 लाख का उत्कृष्ट उमावि ककरहटी का पुनर्विकास, 27 करोड़ 65 लाख की गुनौर की अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना, 12 करोड़ 63 लाख 41 हजार रूपये की लागत से शाहनगर में नवीन शासकीय आईटीआई का निर्माण और 80 लाख से गुनौर नगर परिषद का कार्यालय भवन का निर्माण शामिल है।

छोटी, फटी हुई यूनिफार्म प्रदान करने वाले वेंडरों पर एट्रोसिटी एक्ट में प्रकरण दर्ज करने की मांग की पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने

छोटी, फटी हुई यूनिफार्म प्रदान करने वाले वेंडरों पर एट्रोसिटी एक्ट में प्रकरण दर्ज करने की मांग की पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने

भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उमरिया जिले में स्कूली छात्रों को बांटी गई स्कूल ड्रेस में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए, गड़बड़ी करने वालों पर छोटी, फटी हुई यूनिफार्म प्रदान करने वाले वेंडरों पर एट्रोJKसिटी एक्ट में प्रकरण दर्ज करने की मांग की पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने

पत्र में लिखा गया है..

प्रिय श्री शिवराज सिंह चौहान जी,

विगत कुछ वर्षो में मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क वितरित होने वाली गणवेश की खराब गुणवत्ता के अनेक मामले आये थे। जिस पर शासन ने कोई कार्यवाही नहीं कर गडबडी करने वालों को बढावा दिया है। इसी कड़ी में वेंडरों द्वारा विद्यार्थियों की नाप में गड़बड़ी कर एक नये प्रकार का भ्रष्टाचार किया है। प्रदेश भर के गरीब वर्ग के बच्चों को वितरित की जाने वाली यूनिफार्म में उमरिया जिले में किसी विद्यार्थी के नाप में गड़बड़ी मिली तो किसी को फटी हुई यूनिफार्म प्रदान किये जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। स्थानीय समाचार पत्रों ने इस आश्रय की गडबड़ियां उजागर की हैं। उक्त आशय की एक न्यूज की कटिंग संलग्न है।

उमरिया जिले के स्थानीय समाचार पत्र पीपली एक्सप्रेस में जुलाई 2023 में प्रकाशित खबर से ज्ञात हुआ है कि शासकीय विद्यालयों के गरीब वर्गों के विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली गणवेश में वेंडरों द्वारा विद्यार्थियों के नाप से छोटी गणवेश वितरित की गई हैं, जिससे वे गणवेश कुछ माह में ही फटने लगी है। शाला जाने वाले बच्चे असहज होकर जग हसाई का पात्र बन रहे है। आप यह अच्छी तरह जानते है कि शहडोल संभाग का उमरिया जिला एक अनुसूचित जनजाति बहुल्य जिला है। जिसमें अधिकांश आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले आदिवासी परिवारों की है। आदिवासी परिवारों के स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ यह सिर्फ भ्रष्टाचार ही नही है बल्कि अत्याचार भी है।

मेरा आपसे अनुरोध है कि उमरिया जिले सहित पूरे प्रदेश में करोडों रुपये कीमत की वितरित होने वाली गणवेश की उच्च गुणवत्ता से समझौता करने वाले एवं नाप के हिसाब से न देकर छोटी गणवेश देकर भ्रष्टाचार करने वाले वेंडरों, ठेकेदारों, दलालों और अधिकारियों के गठजोड़ की राज्य स्तर से जांच कराई जाये और दोषी पाये जाने पर एट्रोसिटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया जाये।

RBI के साथ मिलकर एक्सिस बैंक ने की किसान क्रेडिट कार्ड और एमएसएमई ऋण लॉन्च करने की घोषणा

Axis Bank in association with RBI

 

पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म फॉर फ्रिक्शनलेस क्रेडिट का लाभ उठाने वाले पहले बैंकों में से एकदो प्रोडक्ट उपलब्ध कराने की तैयारी – किसान क्रेडिट कार्ड और एमएसएमई ऋणपूरी तरह से डिजिटल और जीरो डॉक्यूमेंट प्रोसेस
भारत में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में से एक एक्सिस बैंक ने आज रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआईएच) द्वारा पेश किए गए पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म फॉर फ्रिक्शनलेस क्रेडिट (पीटीपीएफसी) की सहायता से दो लेंडिंग प्रोडक्ट्स को लॉन्च करने का एलान किया। इनोवेशन हब आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। आरबीआई ने सप्ताह की शुरुआत में पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म फॉर फ्रिक्शनलेस क्रेडिट को लॉन्च करने की घोषणा की थी।

एक्सिस बैंक इस प्लेटफॉर्म की मार्फत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और छोटे बिजनेस मालिकों को असुरक्षित एमएसएमई ऋण की पेशकश करेगा। दोनों उत्पाद पूरी तरह से डिजिटल तरीके से पेश किए जाएंगे और ग्राहकों को कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पायलट के रूप में, किसान क्रेडिट कार्ड मध्य प्रदेश में पेश किए जाएंगे और शुरुआती तौर पर ग्राहकों के लिए 1.6 लाख रुपए तक के ऋण उपलब्ध होंगे। एमएसएमई ऋण पूरे देश में उपलब्ध होंगे और ग्राहकों को 10 लाख रुपए तक के ऋण की पेशकश करेंगे।

पायलट योजना के तहत एक्सिस बैंक पूरी तरह से सहमति के आधार पर और सुरक्षित तरीके से ग्राहकों के डेटा तक पहुंचने के लिए पीटीपीएफसी का लाभ उठाएगा। इनमें पैन सत्यापन, आधार ईकेवाईसी, अकाउंट एग्रीगेटर डेटा, भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन और बैंक खातों को मान्य करने के लिए पेनी ड्रॉप सेवा शामिल है। यह देखते हुए कि डेटा सीधे प्रमाणित स्रोतों से आएगा, बैंक को उम्मीद है कि वह ग्राहकों को तेज और बेहतर क्रेडिट सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगा।

इस पायलट योजना से मिले अनुभव के आधार पर बैंक मौजूदा उत्पादों के पैमाने का विस्तार करेगा और कैलिब्रेटेड तरीके से प्लेटफॉर्म पर नए उत्पाद लॉन्च करेगा। इस दौरान अधिकतम ग्राहकों तक पहुंचने और उन्हें सपोर्ट करने के लक्ष्य के साथ ये प्रोडक्ट सेल्फ-सर्विस और असिस्टेड मोड दोनों प्रकार से उपलब्ध होंगे।

इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए एक्सिस बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव आनंद ने कहा, ‘‘एक्सिस बैंक में हम ‘ओपन बैंकिंग’ की शक्ति में विश्वास करते हैं, और हम लगातार डिजिटल-फर्स्ट प्रोडक्ट्स में निवेश कर रहे हैं। ये ऐसे प्रोडक्ट्स हैं, जो ग्राहकों को बैंकिंग का बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं।

हम यूपीआई, अकाउंट एग्रीगेटर इकोसिस्टम, वीडियो केवाईसी इत्यादि जैसे कई इनोवेटिव टैक्नोलॉजी फ्रेमवर्क को शुरुआती तौर पर ही अपनाने वाले बैंकों में शामिल हैं और अब किसान क्रेडिट कार्ड और एमएसएमई ऋण लॉन्च करने के लिए आरबीआईएच के पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म फॉर फ्रिक्शनलेस क्रेडिट का सहयोग लेने के लिए बहुत उत्साहित हैं।

हमें यकीन है कि यह प्लेटफॉर्म ऋण देने की प्रक्रिया को और अधिक बेहतर बनाएगा। इससे लागत में कमी आएगी और ऋणों का तेजी से वितरण संभव हो सकेगा। हमारा मानना है कि भारत में सार्थक विकास को क्रेडिट दायरे का विस्तार करके प्रेरित किया जा सकता है, और हम लाखों भारतीयों को उनके वित्तीय सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करने में भूमिका निभाते हुए खुश हैं।’’

बैंक के प्रेसिडेंट और हैड-डिजिटल बैंकिंग और ट्रांसफॉर्मेशन समीर शेट्टी ने कहा, ‘‘आरबीआई इनोवेशन हब द्वारा पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म फॉर फ्रिक्शनलेस क्रेडिट को लॉन्च करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है और इसकी सहायता से हम देश में पहले से ही उपलब्ध समृद्ध डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बना सकते हैं। पीटीपीएफसी के माध्यम से, हम पूरी तरह से ग्राहकों की सहमति के जरिये और सुरक्षित तरीके से प्रमाणित स्रोतों से सीधे अंडरराइटिंग के लिए आवश्यक विभिन्न प्रकार के डेटा तक पहुंच सकेंगे।

आरबीआई और आरबीआईएच की यह पहल क्रेडिट को तमाम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी। इसके प्रयोग से अच्छी क्रेडिट गुणवत्ता बनाए रखते हुए वर्तमान में क्रेडिट से वंचित क्षेत्रों में ऋण देने की लागत में भी कमी लाने में मदद मिलेगी। एक्सिस बैंक इस प्लेटफ़ॉर्म का लाभ उठाने वाले प्रोडक्ट पेश करने वाले पहले बैंकों में से एक है और यह हमारे लिए गौरव कर बात है और हम इसकी क्षमता को लेकर बहुत आशावादी हैं।

पहली सोलर सिटी साँची बचायेगी 2.3 लाख वयस्क वृक्ष

First Solar City Sanchi will save 2.3 lakh adult trees

 

हर साल होगी 7 करोड़ रूपये की बचत

भोपाल, 18 अगस्त| विश्व धरोहर साँची प्रदेश की पहली सोलर सिटी होगी। साँची सोलर सिटी में की गई गतिविधियों से सालाना 13 लाख 747 टन कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आयेगी। यह लगभग 2 लाख 3 हजार वयस्क वृक्षों के बराबर है।

आठ मेगावॉट की साँची सौर परियोजना में शासकीय एवं घरेलू भवनों पर 220 किलोवॉट सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये गये हैं। शासकीय विद्यालय, जिला सहकारी बैंक, पुलिस स्टेशन, स्कूल, घर, कृषि सभी सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। सौर ऊर्जा घरेलू, व्यावसायिक और कृषि विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति करेगी। शासन और नागरिकों के ऊर्जा संबंधी व्यय में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हर साल लगभग 7 करोड़ रूपये से अधिक की बचत होगी। ग्रिड कनेक्टेड सोलर संयंत्र से साँची शहर को 3 मेगावॉट और साँची ग्रामीण फीडर को 5 मेगावॉट बिजली दी जायेगी। शहर के नागरिकों को ऊर्जा के सदुपयोग एवं संरक्षण के प्रति व्यवहार में परिवर्तन के लिये ऊर्जा साक्षरता अभियान भी चलाया गया।

साँची स्तूप पर आवागमन के लिये गोल्फ कॉर्ट की व्यवस्था की गई है। नागरिकों को भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिये प्रोत्साहित और जागरूक किया जा रहा है। वाहनों के लिये ई-रिचार्जिंग स्टेशन स्थापित किये गये हैं। शहर में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता एवं उपयोग के लिये विभिन्न ऑफग्रिड संयंत्रों की स्थापना की गई है, जिनमें सोलर वॉटर कियोस्क, सोलर स्टड, सोलर हाईमास्ट, सोलर ट्री, वर्टिकल एक्सिस, विण्ड टर्बाइन शामिल हैं।

साँची में रेलवे द्वारा 50 किलोवॉट, मध्यप्रदेश पर्यटन 104 किलोवॉट, स्कूल शिक्षा 13 किलोवॉट, पोस्ट-ऑफिस 3 किलोवॉट, पुरातत्व संग्रहालय 8 किलोवॉट, डिस्काम ऑफिस 2 किलोवॉट, सरकारी अस्पताल 10 किलोवॉट, घरेलू 45 किलोवॉट, इस तरह कुल 245 किलोवॉट की रूफटॉप सोलर क्षमता निर्मित की जा चुकी है।

शहर में घरेलू सौर उपकरणों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। स्कूली बच्चों को अध्ययन के लिये सोलर स्टडी लेम्प, छोटे व्यवसायियों के लिये सोलर स्टेण्ड लेम्प और बुजुर्गों एवं गृहणियों के दैनिक कार्यों के लिये सोलर लालटेन की व्यवस्था की गई है।

स्वास्तिक से होते हैं वास्तु दोष दूर, जाने कैसे बनाते हैं और क्या है महत्व

Swastik removes vastu defects

 

हिंदू धर्म में स्वास्तिक का बहुत महत्व है। किसी भी शुभ कार्य के दौरान सिंदूर, हल्दी सहित कई अन्य चीजों से स्वास्तिक बनाया जाता है। इससे माना जाता है कि कार्य बिना विघ्न के पूरा होता है और शुभ रहता है। कहा जाता है कि स्वास्तिक बनाने के दौरान उसकी चार भुजाएं समानांतर रहती हैं और इन चारों भुजाओं का बड़ा धार्मिक महत्व है। वस्तुतः इन्हें चार दिशाओं का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि यह चार वेदों के अलावा, चार पुरुषार्थ जिनमें धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष शामिल है, का प्रतीक हैं। बौद्ध धर्म में स्वास्तिक को “बेहद शुभ हो” और “अच्छे कर्म” का प्रतीक माना जाता है।

स्वास्तिक से दूर करें ‘वास्तु दोष’

घर में वास्तु दोष आ गया है, तो स्वस्तिक की चारों भुजाएं चारों दिशाओं की प्रतीक होती हैं और इसीलिए वास्तु का चिन्ह बना कर चारों दिशाओं को एक समान शुद्ध किया जा सकता है। घर के मुख्य द्वार पर दोनों तरफ अष्टधातु या तांबे का स्वस्तिक लगाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा को खत्म किया जा सकता है। इसके लिए 9 इंच लंबा और चौड़ा सिंदूर से दरवाजे पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए। इससे नकारात्मक शक्तियां खत्म होती हैं। । अगर आप धार्मिक कार्य में स्वास्तिक का प्रयोग कर रहे हैं तो इसे रोली, हल्दी या सिंदूर से ही बनाना चाहिए। त्योहारों के दौरान स्वास्तिक बनाया जा रहा है तो कुमकुम, सिंदूर या रोली से स्वास्तिक का निर्माण किया जाए। इससे देवी-देवता प्रसन्न होकर आपके घर में वास करते हैं। व्यापार में घाटा हो रहा है तो आपको स्वस्तिक के माध्यम से वास्तु दोष निवारण हो सकता है। इसके लिए लगातार 7 गुरुवार को ईशान कोण को गंगाजल से धोकर वहां पर सूखी हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। स्वास्तिक बनाने के बाद आप यहां पर पंचोपचार पूजा अवश्य करें तथा आधा तोला गुड़ का भोग भी लगाएं। वास्तुशास्त्री कहते हैं कि कार्यस्थल पर उत्तर दिशा में हल्दी का स्वास्तिक चिन्ह बनाने से आपको अपने कार्य में बेहद सफलता मिलती है।

स्वास्तिक निर्माण की विधि

ज्योतिषी और वास्तु विद बताते हैं कि स्वास्तिक बनाने के लिए हमेशा लाल रंग के कुमकुम, हल्दी अथवा अष्टगंध, सिंदूर का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले धन (प्लस) का चिन्ह बनाना चाहिए और ऊपर की दिशा ऊपर के कोने से स्वास्तिक की भुजाओं को बनाने की शुरुआत करनी चाहिए। अक्सर लाल या पीले रंग के स्वास्तिक को बना हुआ ही देखते होंगे, लेकिन कई जगह आपको काले रंग से बना हुआ स्वास्तिक भी दिखाई देता है। इसमें घबराने की बात नहीं है, बल्कि काले रंग के कोयले से बने स्वास्तिक को बुरी नजर से बचाने का उपाय माना जाता है।

स्वास्तिक बेहद शुभ चिन्ह है इसलिए इसे अशुद्ध या गंदे जगह पर बनाने से बचना चाहिए।

समंदर पटेल कांग्रेस में शामिल, जावद से लड़ना चाहते हैं चुनाव

Samandar Patel joins Congress

 

भोपाल। तीन साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने वाले समंदर पटेल शुक्रवार को पुन: कांग्रेस में लौट आए। राजधानी में लिंक रोड-01 पर स्थित पीसीसी कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह और विधायक जीतू पटवारी समेत अनेक नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। समंदर के साथ उनके समर्थकों ने भी फिर से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे। कांग्रेस की सदस्यता लेने के लिए समंदर पटेल सैकड़ों वाहनों के काफिला लेकर भोपाल पहुंचे थे ।

भाजपा में नहीं मिला सम्मान

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था तो पटेल ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली थी। पटेल ने बताया कि भाजपा में उन्हें न तो सम्मान मिला और न ही कोई मंच। इसके अलावा भाजपा में भारी भ्रष्टाचार है। इसका ताजा उदाहरण जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण का 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ लोकायुक्त के हाथों पकड़ा जाना है। इसके बाद भी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा चारण के साथ मंच साझा करते आ रहे हैं।

जावद से लड़ना चाहते हैं चुनाव

समंदर पटेल मूल रूप से इंदौर निवासी व व्यापारी हैं, लेकिन वे विधानसभा टिकट के उम्मीद में जावद क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। जावद विधानसभा धाकड़ समाज बहुल क्षेत्र है। इससे पटेल को यहां से राह आसान लग रही है।

निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था पिछला चुनाव

पटेल पूर्व में भी कांग्रेस में थे, लेकिन पिछले मप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इससे नाराज होकर पटेल निर्दलीय मैदान में उतर गए। हालांकि, पटेल व कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार अहीर दोनों हार गए। यहां से ओमप्रकाश सकलेचा विजयी रहे। इसके बाद पटेल कांग्रेस छोड़ टिकट की आस में ही सिंधिया के साथ भाजपा में सम्मिलित हो गए, लेकिन भाजपा से टिकट नहीं मिलता देख वे पुन: कांग्रेस में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंच गए। इससे पहले कुछ और सिंधिया समर्थक नेता इस चुनावी मौसम में कांग्रेस में वापसी कर चुके हैं।

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