जिंसों में टिकाव

Commodity Durability

 

दिल्ली 12 अगस्त| स्थानीय स्तर पर उठाव सुस्त रहने से आज दिल्ली थोक जिंस बाजार में खाद्य तेलों के साथ ही दाल-दलहन, चावल और गुड़ में टिकाव रहा।

तेल-तिलहन : इस दौरान घरेलू बाजार में खाद्य तेलों में टिकाव रहा। सरसों तेल, मूंगफली तेल, सूरजमुखी तेल, सोया रिफाइंड, पाम ऑयल और वनस्पति तेल के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के साथ टॉक्सिन दूर करता है मुनक्का, जानें इसके 5 फायदे

Raisin removes toxins along with increasing hemoglobin, know its 5 benefits

 

मुनक्का दिखने में किशमिश जैसा होता है, लेकिन सेहत के लिए फायदे की बात करें तो यह किशमिश से ज्यादा फायदा पहुंचाते हैं। मुनक्का दो प्रकार के होते हैं, एक लाल और एक काला मुनक्का। इन दोनों को ही संतुलित मात्रा में खाने से कई फायदे होते हैं।

पाचन ठीक करता है मुनक्का

डायटिशियन मीना कोरी के मुताबिक, मुनक्का पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। इसके अलावा यह शरीर में खून की पूर्ति करता है। नियमित रूप से मुनक्का को डाइट में शामिल करने से वात, पित्त और कफ जैसी समस्याओं को दूर होती है।
पोषक तत्वों से भरपूर
मुनक्का में विटामिन-ए और विटामिन-ई के साथ ही फाइबर से भरपूर होता है। मुनक्का में वसा कम और ऊर्जा ज्यादा होती है। ऐसे में यदि आप रोज जिम जाते हैं तो रोज 5-6 मुनक्का जरूर खाना चाहिए। मुनक्का खाने से पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहता है, इसमें मौजूद फाइबर शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

दूध के साथ करें सेवन

8-10 मुनक्कों को दूध में अच्छी तरह उबाल लें और इसके बाद इसका सेवन करते हैं तो इससे कब्ज की समस्या दूर हो सकती है। मुनक्का खाने से विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स की कमी पूरी हो जाती है। इसमें तांबा भी पाया जाता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।

आंखों की रोशनी बढ़ती है

मुनक्का में विटामिन-ए और बीटा-कैरोटीन होता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। साथ ही हड्डियां मजबूत रहती हैं। रोज यदि मुनक्का खाते हैं तो हार्ट अटैक की समस्या नहीं होती है।

रसोई घर में जरूर करें इन नियमों का पालन, सुख-समृद्धि का होगी प्रवेश

Must follow these rules in the kitchen, happiness and prosperity will enter

 

घर के नियमों के साथ-साथ किचन में भी कुछ नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। वास्तु शास्त्र में रसोई घर से जुड़े नियम बताए गए हैं, अगर इन नियमों का पालन कर लिया जाए तो घर में सुख-समृद्धि के साथ खुशहाली भी आती है। अगर घर का वास्तु ठीक न हो तो व्यक्ति को जीवन भर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रसोई घर का वास्तु खासतौर पर ठीक होना चाहिए। दिन की शुरुआत में सबसे पहले रसोई घर में प्रवेश किया जाता है, वहीं से परिवार के सदस्यों का भोजन बनता है। इसलिए रसोईघर से जुड़ी इन 4 बातों को हमेशा ध्यान में रखें।

रसोई घर का निर्माण

वास्तु शास्त्र के मुताबिक ही रसोई घर का निर्माण करना चाहिए। सीढ़ियों के नीचे कभी भी रसोई घर नहीं होना चाहिए। शौचालय के ऊपर या नीचे भी रसोई नहीं होनी चाहिए। ऐसे में परिवार के लोगों की सेहत और धन पर बुरा असर पड़ता है।

दिशा का रखें ध्यान

खाना बनाते समय आपका मुख दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है, जिसे अशुभ कहा गया है। खाना बनाते वक्त आपका मुख पूर्व दिशा की ओर ही रहना चाहिए। यह दिशा ग्रहों के राजा सूर्य की दिशा मानी जाती है।

नियमित सफाई

रसोई घर के गैस और चूल्हे की नियमित रूप से सफाई करना चाहिए। रसोई घर के गंदे रहने से बैक्टीरिया और वायरस पनप जाते हैं। इसके कारण बीमारी और नकारात्मक शक्तियों का घर में प्रवेश होता है।

इस दिशा में मुख करके न बनाएं खाना

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केवल दक्षिण दिशा ही नहीं बल्कि उत्तर और पश्चिम दिशा की ओर मुख करके भी भोजन नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करने से घर की बरकत चली जाती है। साथ ही परिवार में गरीबी आने लगती है।

दिल्ली सर्विस बिल बन गया कानून, राष्ट्रपति से मिली मंजूरी, अधिसूचना जारी

Delhi Service Bill becomes law, approval from President, notification issued

 

दिल्ली सेवा विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। अब यह देश की राजधानी में कानून बन गया है। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन में दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम 2023 को लागू करने की जानकारी दी गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने 1 अगस्त को संसद में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक 2023 पेश किया था। यह कानून दिल्ली में सेवाओं पर कंट्रोल पर अध्यादेश की जगह लेगा।

नोटिफिकेशन में सरकार ने कहा कि इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम 2023 कहा जाएगा। यह कानून 19 मई 2023 से लागू माना जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 (इसके बाद मूल अधिनियम के रूप में संदर्भित किया गया) की धारा 2 में खंड (E) के प्रावधान शामिल किए गए हैं। संविधान के अनुच्छेद 239 के तहत नियुक्त प्रशासक और राष्ट्रपति द्वार उपराज्यपाल के रूप में नॉमिनेट किया गया है।

सेवा मंत्रालय पर नियंत्रण केंद्र का रहेगा

राष्ट्रीय राजधानी के अधिकारियों के निलंबन और पूछताछ जैसे कार्रवाई भारत सरकार के कंट्रोल में होगी। बता दें इसे 1 अगस्त को संसद में पेश किया गया था। अधिकांश विपक्षी दल इस विधेयक के खिलाफ थे।

विपक्षी एकता राज्यसभा में हुई फेल

दिल्ली सेवा विधेयक पर चर्चा के बाद एक अगस्त को राज्यसभा में वोटिंग हुई थी। 131 वोट के साथ बिल राज्यसभा में पास हो गया। बिल के विरोध में 102 वोट पड़े थे। इससे पहले लोकसभा में विपक्षी पार्टियों के बायकॉट के बाद यह बिल पारित हो गया था।

इस कानून में क्या है?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुहर लगने के बाद यह कानून बन गया है। मई में अध्यादेश लाया गया था। हालांकि, इस विधेयक से धारा 3ए को हटा दिया गया। ये धारा कहती थी कि सर्विसेस पर दिल्ली विधानसभा का कोई कंट्रोल नहीं है। ये धारा उपराज्यपाल को अधिकारी देती थी।

बिल में एक प्रावधान नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथॉरिटी के गठन से जुड़ा है। ये अधिकारियों की ट्रांसफर, पोस्टिंग और नियंत्रण से जुड़े फैसले लेगी। इस अथॉरिटी के चेयरमैन मुख्यमंत्री होंगे।
अथॉरिटी जमीन, पुलिस और पब्लिक ऑर्डर को छोड़कर अन्य मामलों से जुड़े अधिकारियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग की सिफारिश करेगी। वहीं, अगर किसी अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जानी है, तो इसकी सिफारिश अथॉरिटी करेगी। हालांकि फैसला उपराज्यपाल का होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बड़तूमा में संतों का सम्मान कर आशीर्वाद लिया

Chief Minister Shivraj Singh took blessings after honoring saints in Badtuma

 

भोपाल, 12 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने संत शिरोमणि गुरुदेव रविदास जी के स्मारक स्थल बड़तूमा, सागर पहुँचकर साधु-संतों का शॉल, श्रीफल और साफा से सम्मान किया और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, वन मंत्री कुंवर विजय शाह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शिलान्यास स्थल का जायजा लिया, मंदिर की प्रतिकृति को देखा और अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। यहां 100 करोड़ रूपये की लागत से 11 एकड़ भूमि पर संत रविदास मंदिर, कला संग्रहालय तथा स्मारक का निर्माण किया जायेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने फरवरी में यहां दिव्य और भव्य मंदिर निर्माण की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भक्ति-भाव एवं उल्लास पूर्ण वातावरण में यहां लगभग 200 से अधिक साधु-संतो पर पुष्प वर्षा की, साफा, शॉल तथा श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया और आशीर्वाद लिया। रैदासी संत परंपरा के संतो ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को आशीष देते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

प्रदेश भर के नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Chief Minister Shivraj Singh will train newly appointed primary teachers across the state

 

भोपाल। प्रदेश के करीब साढ़े पांच हजार नवनियुक्त शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण सह उन्नमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 21 अगस्त को महात्मा गांधी उमावि सीएम राइज स्कूल भेल में होगा। शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रशिक्षित करेंगे। इसमें प्रदेश के 25 जिले एवं तीन जिलों से 5,580 शिक्षक शामिल होंगे। इसमें 3674 शिक्षक एक दिन पहले ही भोपाल पहुंचकर विश्राम करेंगे। इनके लिए विभिन्न जिलों से 86 बसें संचालित की जाएंगी। इसमें सबसे अधिक टीकमगढ़ से 436, छतरपुर से 381, सीधी से 368, शिवपुरी से 340, सिंगरौली से 309, दमाेह से 269, पन्ना से 287, मुरैना से 275 सहित अन्य जिलों से प्राथमिक शिक्षक भोपाल पहुंचेंगे। कार्यक्रम के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। साथ ही सभी जिलों से बसों का रूट चार्ट भी जारी किया गया है।

नौ जिलों के 1906 शिक्षक शामिल होंगे

प्रदेश के नौ जिलों के 1906 प्राथमिक शिक्षक शामिल होंगे। नवनियुक्त शिक्षक प्रशिक्षण के लिए भोपाल आने वाले जिले जो भोपाल से सीधे बस पहुंचेंगे। इसमें उज्जैन के 378, विदिशा से 311, नरसिंहपुर से 152, रायसेन से 132, हरदा से 53, आगर-मालवा से 49, सागर से 482,अशोकनगर से 247,गुना से 102 प्राथमिक शिक्षक शामिल होंगे।

तीन माह से नहीं मिला वेतन

नवनियुक्त प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षकों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इसका कारण यह है कि आइएफएमएस पोर्टल पर पद स्वीकृत नहीं है। इस कारण इन्हें वेतन का आहरण नहीं हो पा रहा है। इससे करीब तीन हजार शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने किया पौध-रोपण

Chief Minister Shivraj Singh planted saplings

 

भोपाल, 12 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रतिदिन पौधारोपण के क्रम में आज श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में पीपल, नीम, महुआ और कदंब के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ मनोज पंजवानी, ओम प्रकाश मीणा, अंशुल गौर और श्रीमती सोनम बघेल ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। साथ ही उनके परिजन व परिचित संजय सिंह बघेल, सूर्य देव सिंह परिहार, अनूप सिंह, आशीष बागरी, सुरेंद्र सिंह राठौड़, सौरभ मित्तल, राजीव जैन, उपेंद्र सिंह सौरव मीणा हिमांशु गुप्ता नंदनी मीणा, हेमलता पंजवानी पौध-रोपण में शामिल हुईं।

संत शिरोमणि रविदास जी “समरस समाज निर्माण के निर्माता” :- शिवराज सिंह चौहान

 

 

ऐसा चाहूँ राज में, जहां मिले सबन को अन्न।
छोटे-बड़े सब सम बसें,रविदास रहे प्रसन्न।।

समृ‍द्ध समाज और राज के लिए यह परिकल्‍पना है सामाजिक सद्भाव, समरसता और समानता का सूत्र देने वाले संत शिरोमणि रविदास जी की।

यह सुखद संयोग है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के नेतृत्‍व में देश में संत रविदास जी की परिकल्‍पना अनुरूप ही सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्‍वास मूलमंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है। जिसमें हरेक के लिए भरपेट भोजन, रहने के लिए पक्‍का मकान, सबको शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य की  संपूर्ण व्‍यवस्‍था की गई है। 

संत रविदास जी के जीवन की एक-एक श्‍वांस भारतीय संस्‍कृति के संरक्षण और समाज की सेवा को समर्पित रही। उन्‍होंने वर्ग, वर्ण, जाति भेद से ऊपर उठकर समाज को संगठित किया, लोगों में स्‍वत्‍व का भाव जगाया और एक समरस समाज के निर्माण का आह्वान किया। उनकी भेद-भाव से मुक्‍त सामाजिक कल्‍पना ने ही सौहार्दपूर्ण समृद्ध समाज निर्माण का मार्ग प्रशस्‍त किया।

उन्‍होंने जहां पराधीनता से मुक्ति के लिए समाज को उठ खड़ा किया वहीं कर्म को धर्म बताकर स्‍वत्‍व और स्‍वाभिमान जगाने का प्रयास किया। अपने भाव अनुरूप ही उन्‍होंने देश व्‍यापी यात्राएं भी कीं, जिसकी स्‍मृतियां देश के हर प्रांत, हर क्षेत्र में हैं। उन्‍हें पंजाब के लोक जीवन में रविदास, उत्‍तरप्रदेश, मध्‍यप्रदेश, राजस्‍थान में रैदास, गुजरात और महाराष्‍ट्र में रोहिदास तथा बंगाल में रूईदास के नाम से संबोधित किया जाता है।

संत रविदास जी ने हमें जो राह दिखाई है, समानता, सामाजिक सद्भाव, बंधुत्व, भाईचारा उसी पर चलकर हम प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। यहां लाड़ली लक्ष्‍मी बेटियां जन्‍म लेते ही लखपति हो रही हैं, बहनों को सशक्‍त बनाने और उनके आत्‍मसम्‍मान के लिये लाड़ली बहना योजना प्रारंभ की है। जिससे सवा करोड़ से अधिक बहनों का मान बढ़ा है। बच्‍चों को शिक्षा और उच्‍च शिक्षा के लिए सहायता दी जा रही है। प्रशिक्षण के साथ रोज़गार के लिए मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना है। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिये छात्रावास, आश्रम शाला, छात्रवृत्ति और अन्‍य सुविधाएं दी जा रही हैं। संत रविदास स्‍वरोजगार योजना में 1 लाख से 50 लाख तक का ऋण सरकार अपनी गारंटी पर दिलवा रही है। भोपाल में संत रविदास ग्‍लोबल स्‍किल पार्क बनाकर 6 हजार बच्‍चों को प्रशिक्षण देने की योजना है।

रविदास जी के चिंतन अनुरूप समाज निर्माण के लिये मध्‍यप्रदेश में पाँच सामाजिक समरसता यात्राएं निकाली गईं। 25 जुलाई से आरंभ इन यात्राओं में पहली यात्रा 11 जिलों के, दूसरी यात्रा 13 जिलों के, तीसरी यात्रा 10 जिलों के, चौथी यात्रा 8 जिलों के और पांचवी यात्रा 9 जिलों के विभिन स्‍थानों से होकर सागर पहुंची। 

इस 18 दिवसीय यात्रा में संत रविदास जी की संकल्‍पना, प्रेरक प्रसंग तथा गीत-भजनों का गायन हुआ। इसमें प्रदेश के गांव-गांव से लोग स्‍वप्रेरणा से जुड़े। संत रविदास मंदिर निर्माण के लिये हर गांव की मिट्टी तथा 350 नदियों का जल शिलन्‍यास स्‍थल पर लाया गया है। समाज में संत रविदास जी के संदेश और जीवन मूल्‍यों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्‍य से निकाली गई सभी यात्राओं का आज सागर में एकत्रीकरण है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी संत रविदास जी के भव्‍य विशाल मंदिर निर्माण का शिलान्‍यास करेंगे। यह मंदिर नागर शैली में बनाया जायेगा, जिसमें संत रविदास के दोहे और  शिक्षा उकेरी जायेगी। चार गैलरी वाले इस मंदिर में पहली गैलरी में संत रविदास जी का जीवन, दूसरी में इंटरप्रिटेशन सेंटर, तीसरी में उनका दर्शन और रविदासिया पंथ की शिक्षाएं और चौथी गैलरी में काव्‍य और साहित्‍य पुस्‍तकालय तथा संगत सभागार होगा।

हमारे लिये गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के संकल्‍प अनुरूप भारत की सांस्‍कृतिक पुनर्स्थापना के लिए श्रृंखलाबद्ध कार्य हुए हैं। अयोध्‍या में भव्‍य राम मंदिर निर्माण, काशी में बाबा विश्‍वनाथ मंदिर का जीर्णोंद्धार, मध्‍यप्रदेश में महाकाल महालोक का निर्माण और अब इसी कड़ी में संत रविदास जी के मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जा रही है। 

यह मंदिर सभी वर्ग, वर्ण, जाति और समूह के लोगों को एकसूत्र में पिरोकर सशक्‍त, समरस, समाज निर्माण के लिए प्रेरक होगा।

जनम जात मत पूछिए, का जात अरू पात। 
रैदास पूत सब प्रभु के, कोए नहिं जात कुजात।।   

   संत शिरोमणि रविदास जी के इस समरस संदेश के साथ मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से शांति, सद्भाव और समरसता का संकल्‍प लेता हूँ, जो नये समृद्ध भारत निर्माण के लिये महत्‍वपूर्ण है। आइए हम सब मिलकर भारत को विश्व में अग्रणी बनाने के लिए संत रविदास जी के चिंतन को जीवन में ढालने का प्रण लें। हम एक ऐसे समाज की रचना के लिए आगे बढ़ें जो जाति, वर्ग, वर्ण या धर्म किसी भी विस्थापन से मुक्त हो। एक समरस राष्ट्र का समरस निर्माण शुरू करें। 

(लेखक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)

खजुराहो पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, कुछ देर बाद पहुंचेंगे सागर

Prime Minister Narendra Modi reached Khajuraho, will reach Sagar after some time

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को सागर के बड़तूमा में सौ करोड़ की लागत से संत रविदास भव्य मंदिर, स्मारक का भूमि-पूजन करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह खजुराहो एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं, कुछ ही देर बाद दोपहर 2:05 बजे वह सागर के बड़तूमा पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के चलते बड़तूमा, ढाना एवं आस पास के तीन किमी के क्षेत्र में ड्रोन, पैराग्लाइडर, हाट बैलून पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं भीड़ इतनी ज्यादा हो गई है कि यहां वाहनों का करीब पांच किलो मीटर से ज्यादा लंबा जाम लग गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एनएचएआई की भारत माला परियोजना के अंतर्गत दो परियोजनाओं की 1582.28 करोड़ की सड़कों का शिलान्यास करेंगे। वे ढ़ाई हजार करोड़ की लागत से बने कोटा-बीना रेल मार्ग के दोहरीकरण का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में मप्र के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ढाना पहुंच चुके हैं।

Prime Minister Narendra Modi reached Khajuraho, will reach Sagar after some time

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरा कार्यक्रम के अनुसार वे नई दिल्ली एयरपोर्ट से 11:50 बजे वायु सेना के विमान से खजुराहो के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर एक बजे खजुराहो एयर पोर्ट पर उनका आगमन होगा। हैलीकाप्टर से प्रस्थान कर 2:05 बजे बड़तूमा हैलीपेड पर आएंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 2.15 बजे से 2.30 बजे तक संत शिरोमणि रविदास जी के मंदिर एवं स्मारक का भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद दोपहर 2.35 बजे वे बड़तूमा हैलीपेड आएंगे एवं वह 2.45 बजे हैलीकाप्टर द्वारा प्रस्थान कर 3.05 बजे ढाना एयर स्ट्रिप पहुंचेंगे। श्री मोदी दोपहर 3:15 बजे ढाना सभा स्थल पहुंचेंगे। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री शाम 4:15 बजे ढाना एयर स्ट्रिप से हैलीकाप्टर द्वारा खजुराहो के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां से वे वायुयान द्वारा नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो परियोजनाओं की सड़कों का शिलान्यास होगा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्राम ढाना स्थित जनसभा में जनसभा भारतमाला परियोजना तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की दो परियोजनाओं के अंतर्गत 1582.28 करोड़ रू. की लागत से बनने वाली सड़कों का शिलान्यास करेंगे। दो परियोजनाओं के अंतर्गत इन सड़कों की लंबाई लगभग 96 किमी होगी। प्रथम परियोजना-इसकी सड़क टू-लेन होगी। मप्र के विदिशा जिले से होकर गुजर रही है और राज्य की राजधानी भोपाल को जिला अशोक नगर एवं चंदेरी (चंदेरी अपनी रेशम की साड़ियों, ऐतिहासिक किलो/पहाड़ियों एवं भू-दृश्यों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। साथ झांसी को जोड़ेगा।

तीन किमी के क्षेत्र में ड्रोन, हाट बैलून पर प्रतिबंध

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी दीपक आर्य ने बड़तूमा एवं ढाना क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत दंड प्रकिया सहिता की धारा 144 के अंतर्गत बड़तूमा, ढाना एवं आस पास के तीन किमी के क्षेत्र में ड्रोन, पैराग्लाइडर, हाट बैलून एवं अन्य फ्लाइंग आब्जेक्ट पर प्रतिबंध लगाया है। जिला दंडाधिकारी द्वारा कानून व्यवस्था एवं विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा के दृष्टिगत यह आदेश दिया गया है। आदेश 11 अगस्त से प्रभावशील किया गया है। धारा 144 के अंतर्गत इस क्षेत्र को रेड जोन/ नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

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