आईटीसी ने बिगाड़ा शेयर बाजार का मिजाज, सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम

मुंबई 24 जुलाई| होटल कारोबार के डिमर्जर से आईटीसी के शेयरों में करीब चार प्रतिशत की गिरावट ने शेयर बाजार का मिजाज बिगाड़ दिया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी आज लगातार दूसरे दिन भी गिर गया। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 299.48 अंक लुढ़ककर 66,384.78 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 72.65 अंक टूटकर 19,672.35 अंक पर आ गया। वहीं, बीएसई की दिग्गज कंपनियों के विपरीत मझौली और छोटी कंपनियों में लिवाली हुई, जिससे मिडकैप 0.30 प्रतिशत की तेजी लेकर 29,634.85 अंक और स्मॉलकैप 0.07 प्रतिशत बढ़कर 34,172.03 अंक पर रहा। इस दौरान बीएसई में कुल 3855 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1939 में बिकवाली जबकि 1760 में लिवाली हुई वहीं 156 में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी की 24 कंपनियां लाल जबकि 25 हरे निशान पर रही वहीं शेष दो के भाव स्थिर रहे। बीएसई के नौ समूहों में गिरावट रही। इस दौरान कमोडिटीज 0.36, ऊर्जा 0.58, एफएमसीजी 1.74, वित्तीय सेवाएं 0.05, दूरसंचार 0.18, बैंकिंग 0.55, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.30, धातु 0.62 और तेल एवं गैस समूह के शेयर 0.56 प्रतिशत लुढ़क गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलजुला रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.10, जर्मनी का डैक्स 0.09 और जापान का निक्केई 1.23 प्रतिशत चढ़ गया जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 2.13 और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.11 प्रतिशत की गिरावट रही।

स्कूल में जिम की छत गिरने से वॉलीबॉल टीम की 11 लड़कियों की मौत-चीन

11 girls of volleyball team killed in school gym roof collapse - China

बीजिंग 24 जुलाई| चीन के उत्तर-पूर्वी इलाके में सोमवार को एक स्कूल में जिम की छत गिरने से लड़कियों की वॉलीबॉल टीम की 11 सदस्याें की मौत हो गई। सरकारी मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पीड़ितों में से कई बच्चे हैं। इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिर्पोटों के अनुसार परेशान माता-पिता अपडेट पाने के लिए नजदीकी अस्पताल में जमा हो गए हैं। हेइलोंगजियांग के औद्योगिक प्रांत में जिम के अंदर मौजूद 19 लोगों में से केवल आठ ही जीवित बचे। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पेर्लाइट, ज्वालामुखीय कांच का एक रूप, बारिश के पानी को सोखने के लिए छत पर अवैध रूप से ढेर कर दिया गया था, जो स्थानीय समयानुसार 15:00 बजे ढह गया। चाइना नेशनल रेडियो की रिपोर्ट के अनुसार जब बचाव दल क्यूकिहार शहर में मलबे से बाहर निकल रहे थे तो मिडिल स्कूल की लड़कियों की वॉलीबॉल टीम के कोच को छात्रों के नाम पुकारते हुए सुना गया। एक व्यक्ति ने एक वीडियो में कहा, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया है,“उन्होंने मुझे बताया कि मेरी बेटी चली गई है लेकिन हम कभी बच्चे को नहीं देख पाए। जब ​​सभी बच्चों को अस्पताल भेजा गया तो उनके चेहरे कीचड़ और खून से ढके हुए थे। मैंने विनती की कृपया मुझे बच्चे की पहचान करने दें। क्या होगा, अगर वह मेरा बच्चा नहीं है?”

उन्होंने कहा,“बच्चों को अस्पताल भेजे जाने के चार, पांच या छह घंटे बाद भी (अधिकारी) क्या कर रहे हैं? बचाव कैसे चल रहा है, इस बारे में डॉक्टर हमसे बात नहीं कर रहे हैं।” चीन में निर्माण दुर्घटनाएं आम हैं और इसके लिए ढीले सुरक्षा मानकों तथा खराब प्रवर्तन को जिम्मेदार ठहराया गया है। जून में उत्तर-पश्चिम चीन में एक बारबेक्यू रेस्तरां में विस्फोट में कम से कम 31 लोग मारे गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि एक रेस्तरां कर्मचारी तरलीकृत गैस टैंक पर टूटे हुए वाल्व को बदल रहा था जब विस्फोट हुआ। अप्रैल में बीजिंग के एक अस्पताल में आग लगने से 29 लोगों की मौत हो गई और कुछ हताश जीवित बचे लोगों को खिड़कियों से कूदकर भागना पड़ा।

शहडोल के व्यापारी की कार जोहिला नदी में गिरी, पति-पत्नी की मौत, बेटा गंभीर

 

उमरिया। जिले के नौरोजाबाद और पाली थाना अंतर्गत जोहिला पुल पर एक ट्रक की टक्कर लगने से शहडोल के व्यापारी की कार नदी में जा गिरी। इस घटना में व्यापारी अर्पित अग्रवाल, उसकी पत्नी स्वाति अग्रवाल की उमरिया अस्पताल में मौत हो गई। वहीं इस घटना में आठ साल का मासूम बच्चा घायल हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और कार को नदी से निकाल लिया गया। घायलों को बाहर निकालने के बाद पुलिस को पता चला कि कर शहडोल के व्यापारी कार्तिक अग्रवाल निवासी जैन मंदिर के पास की है।

तीनों को भेजा अस्पताल
बताया जाता है कि पुलिस एवम स्थानीय लोगों की मदद से कार में सवार शहडोल निवासी कार्तिक अग्रवाल उनकी पत्नी एवम 8 वर्षीय मासूम को बाहर निकाला गया और तीनों घायलों को एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया। मौके पर एसपी प्रमोद कुमार सहित पुलिस के आला अधिकारी मौजूद थे।

मासूम की हालत गंभीर
सूत्रों की मानें तो मासूम की हालत भी ज्यादा गंंभीर है,जिस वजह से पहले उसे शहडोल जिला अस्पताल भेजा गया और बाद में जबलपुर रेफर कर दिया गया। घायल दंपती को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल उमरिया भेजा गया था जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। एसपी प्रमोद सिन्हा ने बताया कि कार्तिक की कार को एक ट्रक ने तेज गति में पीछे से टक्कर मार दी थी जिस कारण हादसा हो गया।

Shahdol businessman's car fell into Johila river, husband and wife died, son serious
50 फीट नीचे गिरी कार
उमरिया जिले के नौरोजाबाद थाना अंतर्गत रात करीब 8:30 बजे के लगभग यह हादसा हुआ। ट्रक ने जोहिला पुल के ऊपर कार को पीछे से टक्कर मार दी थी जिससे कार जोहिला पुल से 50 फीट नीचे जा गिरी।

जबलपुर से लौट रहे थे
शहडोल निवासी कार्तिक अग्रवाल अपनी पत्‍नी और मासूम बच्चे के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जबलपुर गए हुए थे। घटना के समय वे अपननी कार क्रमांक एमपी 18 सीए 2164 से जबलपुर से अपने घर शहडोल जा रहे थे। रात करीब 8:30 के लगभग जैसे ही उनकी कार जोहिला पुल के ऊपर पहुंची तो पीछे से आ रहे ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी की कार जोहिला पुल मे लगी रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी। कार के नीचे गिरते ही कार्तिक अग्रवाल तथा पत्‍नी और मासूम बच्चा कार में ही फ़ंस गए।

जानें क्या है पार्थिव शिवलिंग का महत्व, ऐसे किया जाता है निर्माण

Know what is the importance of Parthiv Shivling, this is how it is constructed

सावन मास को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है और इस दौरान शिवलिंग की विशेष तौर पर पूजा की जाती है। शिव पुराण में सावन माह में भगवान शिव व शिवलिंग की पूजा विधि के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही पार्थिव शिवलिंग की पूजा के महत्व के बारे में भी बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से कष्टों का नाश होता है और श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है।

ऐसे किया जाता है पार्थिव शिवलिंग का निर्माण
सावन माह में शिवलिंग की पूजा का संकल्प लेकर किसी पवित्र जगह का चयन करें और पवित्र नदी या सरोवर की मिट्टी लेकर आए। मिट्टी के शुद्धिकरण के लिए फूल और चंदन का प्रयोग करें। मिट्टी के शुद्धिकरण के दौरान शिवमंत्रों का जाप करते हुए मिट्टी में गाय का दूध, गाय का गोबर, गुड़, मक्खन और भस्म मिलाकर शिवलिंग बनाए। शिव भक्तों को पार्थिव शिवलिंग बनाते समय मुख पूर्व या उत्तर में रखें। शिवलिंग की ऊंचाई 8 इंच से ज्यादा न रखें।

पार्थिव शिवलिंग की पूजा कैसे करें
पार्थिव शिवलिंग की पूजा से पहले श्री गणेश, भगवान विष्णु, नवग्रह और देवी पार्वती की आराधना करना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, आंकड़ा आदि समर्पित करें। कच्चे गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें। पंचमेवा, पंचामृत, मिठाई, फल, धतूरा, भांग आदि का भोग लगाएं और अंत में बाबा भोलेनाथ की आरती उतारें।

हिंदू धर्म में पार्थिव शिवलिंग का महत्व क्या है
शिव पुराण के मुताबिक, पार्थिव शिवलिंग के पूजन से जीवन में आ रही कई समस्याओं का समाधान होता है। इसके अलावा मानसिक और शारीरिक कष्टों से भी मुक्ति मिलती है। पार्थिव शिवलिंग को लेकर पौराणिक कथा है कि कलयुग में सबसे पहले कूष्माण्ड ऋषि के पुत्र मंडप ने पार्थिव शिवलिंग की पूजा शुरू की थी। पार्थिव शिवलिंग की पूजा के दौरान शिव मंत्रों का जाप करने से समस्त कष्टों का नाश हो जाता है।

मध्यप्रदेश में कल पांच स्थानों से निकलेगी संत रविदास मंदिर निर्माण समरसता यात्रा-राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य

Saint Ravidas temple construction harmony journey will start from five places in Madhya Pradesh tomorrow - National President Lalsingh Arya

भोपाल, 24 जुलाई| भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने आज कहा कि प्रदेश में कल पांच स्थानों से संत रविदास मंदिर निर्माण समरसता यात्रा निकलेगी, जिसे भाजपा के वरिष्ठ नेता ध्वज दिखाकर रवाना करेंगे। यात्राएं 12 अगस्त को सागर पहुंचेगीं, जहां भव्य कार्यक्रम होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने यह बात आज यहां भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कही। पत्रकार-वार्ता में पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता सनवर पटेल मंचासीन थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने बताया कि इन यात्राओं को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सिंगरौली से, केंद्रीय मंत्री एवं चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर श्योपुर से, पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय धार जिले के मांडव से, प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेन्द्र सिंह बालाघाट से और वह एवं प्रदेश सरकार की मंत्री ऊषा ठाकुर नीमच से समरसता यात्राओं को ध्वज दिखाकर रवाना करेंगे।

भोपाल की रामसर साइट भोज ताल

Ramsar site Bhoj Tal of Bhopal

 

मध्यप्रदेश में 4 रामसर साइट हैं। भोपाल की भोज वेटलेण्ड, शिवपुरी की साख्य सागर, इंदौर की सिरपुर और यशवंत सागर। रामसर साइट घोषित होने से इनका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्व और संरक्षण बढ़ जाता है।

लोगों के बीच बड़ा और छोटा तालाब के नाम से प्रसिद्ध भोज वेटलेण्ड को भोज ताल के नाम से भी जाना जाता है। भोज वेटलेण्ड को वर्ष 2002 में अंतर्राष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट का दर्जा मिला, जिसमें भोपाल के पश्चिम में स्थित 2 झीलें शामिल हैं।

भोज ताल का निर्माण मालवा क्षेत्र के शासक राजा भोज (1005-1055) द्वारा मुख्य जल-स्रोत कोलांस नदी पर बाँध का निर्माण कराया गया था। बड़े तालाब की जल निकासी भदभदा बाँध के माध्यम से कलियासोत जलाशय से कलियासोत नदी होते हुए बेतवा नदी में होती है। वहीं बड़े तालाब में कोलांस और उलझावन नदी से पानी आता है। दोनों झीलों का भोपाल शहर के लिये बहुत महत्व है।

छोटा तालाब का निर्माण नवाब हयात मोहम्मद खान के मंत्री नवाब छोटे खान ने सन् 1794 में करवाया था। पानी को रोकने के लिए बांध बनवाया था, जिसे पातरा पुल के नाम से जानते हैं। छोटे तालाब की जल निकासी से हलाली नदी का उद्धगम होता है जो आगे जाकर बेतवा में मिल जाती है। बड़े तालाब से भोपाल की लगभग 30 प्रतिशत आबादी को पीने का पानी मिलता है। वहीं लगभग 500 मछुआरों के परिवार का भरण-पोषण भी यह तालाब करता है।

भोज वेटलेंट का रख-रखाव भोपाल नगर निगम केन्द्र शासन द्वारा स्वीकृत राशि से करता है। भोज ताल प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र भी है। तालाब के बीचों-बीच तकिया टापू है। बोट क्लब पर विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स जैसे कयाकिंग, कैनोइंग, राफ्टिंग, वाटर स्कीइंग, पैरासेलिंग आदि की किये जाते है। दक्षिण-पूर्वी किनारे पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान है।

भोज वेटलेंट जैव-विविधता से समृद्ध है। शरद कालीन पक्षी गणना 2022 में 207 प्रजातियों के पक्षियों की पहचान की गई। सर्दियों में यहाँ हजारों किलोमीटर से दूरी तय कर दुर्लभ प्रजाति के पक्षी भी आते है। हर साल लगभग 20 हजार पक्षी आवागमन करते हैं। इसके अलावा जीव-जन्तु और वनस्पतियाँ भी बहुतायत में मिलती हैं। इसमें मैक्रोफाइट्स की 106, फाइटोप्लांकटन 208, जूप्लेंक्टन की 105, मछलियों की 43, कीट 98 और 10 से अधिक सरीसृप और उभयचर प्रजातियाँ शामिल हैं।

बारिश के बाद बढ़ता है आई फ्लू, इन लक्षणों को न करें अनदेखा

Eye flu increases after rain, do not ignore these symptoms

देशभर में मानसून सक्रिय होने के कारण झमाझम बारिश हो रही है और उत्तर भारत में कई स्थानों पर भयावह बाढ़ के हालात हैं। इस दौरान कई मौसमी बीमारी फैलने का भी खतरा होता है। विशेषकर, बारिश के मौसम में आई फ्लू (Eye Flu) बहुत अधिक फैलता है। Eye Flu की बीमारी बच्चों में तेजी से फैलती है। इस बारे में ज्यादा जानकारी दे रहे हैं

ऐसे पहचानें Eye Flu के लक्षण
बारिश के मौसम में जब Eye Flu होता है तो आंखों में लालपन, सूजन और गंभीर दर्द बढ़ जाता है। कुछ मरीजों में आंखों में बार-बार सफेद कीचड़ आने और पानी बहने के लक्षण भी दिखाई देते हैं। इस बीमारी को Pink Eye या कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) के नाम से भी जाना जाता है। आईज में जलन या खुजली जैसे लक्षणों को बारिश के मौसम में सामान्य नहीं लेना चाहिए।

जानें क्या है आई फ्लू
आई फ्लू (Eye Flu) या कंजंक्टिवाइटिस बरसात के मौसम में आंखों के सफेद हिस्से में होने वाला एक संक्रमण है। Eye Flu के मामले ज्यादातर सर्दी-खांसी वाले मरीजों में देखने को मिलते हैं। आई फ्लू संक्रमण एक आंख में होता है, तो जल्द ही दूसरी आंख में भी होने की आशंका रहती है क्योंकि यह एक संक्रामक बीमारी है।

Eye Flu होने पर इन बातों की रखें सावधानी
आंखों के संक्रमित होने पर काला चश्मा पहनें।
बहुत ज्यादा समय तक टीवी या मोबाइल न देखें।
संक्रमण के दौरान आंखों को बार-बार न छुएं।
आंखों की सफाई के लिए गंदे कपड़े का इस्तेमाल न करें।
आंखों को साबुन से हाथ धोएं और तत्काल डॉक्टर को दिखाएं
परिवार के सदस्यों से दूर रहें, ताकि संक्रमण न फैले।

प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थी अब 26 जुलाई तक कर सकेंगे शालाओं के विकल्प का चयन

Primary teacher candidates will now be able to choose the option of schools till July 26

प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थियों को आवंटित जिले में प्रदर्शित शालाओं के विकल्प के चयन के लिए समय सीमा में वृद्धि की गई है। संचालक लोक शिक्षण श्री के.के. द्विवेदी ने बताया कि अब प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थी https://trc.mponline.gov.in/ पोर्टल पर 26 जुलाई तक शालाओं के विकल्प के चयन कर सकेंगें। पूर्व में यह तिथि 24 जुलाई निर्धारित थी। अभ्यर्थियों को आवंटित जिले की विज्ञापित समस्त शालाओं को प्राथमिकता क्रम में चयन करना होगा। अभ्यर्थियों को सभी शालाओं का अनिवार्य रूप से चयन करना होगा अन्यथा उनके विकल्प लॉक नहीं होगें। प्राथमिक शिक्षक का पद जिला संवर्ग का है, अतः उन्हें आवंटित जिला किसी भी स्थिति में परिवर्तित नहीं होगा।

ज्ञातव्य है कि प्राथमिक शिक्षक नियोजन के लिए 26 नवंबर 2022 को जारी विज्ञापन के अनुक्रम में प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा, 2020 में अर्हता प्राप्त अभ्यर्थी, जिनके नाम संवर्गवार अनुक्रम मेरिट क्रम में हैं, उनकी एम.पी. ऑनलाईन के पोर्टल पर जिलेवार प्रावधिक चयन सूची जारी की जा चुकी है।

निर्धारित समयावधि में शाला का विकल्प चयन न करने पर अथवा संबंधित को शालाएं आवंटित न हो पाने की स्थिति में विभाग की प्राथमिकता के आधार पर आवश्यकता के अनुरूप उपलब्ध रिक्तियों में से शाला का आवंटन किया जाएगा। यह आवंटन विभागवार, नियोक्तावार, संवर्गवार रोस्टर के आधार पर होगा। च्वाइस फिलिंग के आधार पर पदस्थापना अभ्यर्थी का अधिकार नहीं है, अतः अभ्यर्थी यह दावा नहीं कर सकेगा कि उसे विकल्प अनुसार ही पदस्थापना दी जाए। विभागीय प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति एवं पदस्थापना की जा सकेगी। अभ्यर्थी नियोजन संबंधी अद्यतन स्थिति के लिए एम.पी. ऑनलाईन का पोर्टल https://trc.mponline.gov.in/ को नियमित रूप से देख सकते हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बेलपत्र, करंज और नीम के पौधे लगाए

भोपाल, 24 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट उद्यान में बेलपत्र, करंज और नीम के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ गंज बासौदा (विदिशा) की पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मधुलिका रंजन अग्रवाल ने अपने पोते जक्ष के पहले जन्म-दिवस पर बेलपत्र का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पौध-रोपण कर बालक जक्ष को गोदी में लेकर दुलार किया। उनके परिजन राजन अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सुश्री सुरभि अग्रवाल ने भी पौधे लगाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ अमिता त्रिवेदी ने अपने पिता श्रद्धेय मुरलीधर त्रिवेदी की 100वीं जयंती पर पौध-रोपण किया। डॉ. अनुजा पाठक, सुश्री सीमा त्रिवेदी और श्री पवन साथ थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ राष्ट्रीय सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री जयराम पलसानिया ने पौधा लगाया, सुश्री पल्लवी जाट साथ थीं।

लघु उद्यमी, सीखो-कमाओ योजना में युवाओं को जोड़ें- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Add youth to small entrepreneurs, learn-earn scheme – Chief Minister Shivraj Singh

भोपाल, 24 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, युवाओं के कौशल उन्नयन और उन्हें आत्म-निर्भर बनाने की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। लघु उद्योगों में युवाओं के लिए सीखने और रोजगार प्राप्त करने के पर्याप्त अवसर विद्यमान हैं। योजना के अंतर्गत व्यवसायी अपनी इकाइयों में युवाओं को जोड़कर काम सिखाने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह मंत्रालय में लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्र में 5 हजार वर्ग फुट या उससे कम के छोटे प्लाटों के लिए भूमि आरक्षित करने, जिलों में ग्रामीण स्तर पर स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के लिए “प्लग एण्ड प्ले” की सुविधा से युक्त मल्टीस्टोरी क्लस्टर का निर्माण, अनुदान राशि की डीबीटी के माध्यम से उपलब्धता तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के विकास में आने वाली कठिनाइयों और उनके समाधान आदि पर चर्चा की।

प्रतिनिधि-मंडल में लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष महेश गुप्ता, महामंत्री अरूण सोनी, अखिल भारतीय सचिव समीर मूंदणा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतेंद्र गुप्त, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा और कोषाध्यक्ष अरविंद काले शामिल थे।

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