तेजी से आगे बढ़ते मध्यप्रदेश का उत्सव है विकास पर्व – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Vikas Parv is the festival of fast moving Madhya Pradesh – Chief Minister Shivraj Singh

तेजी से आगे बढ़ते मध्यप्रदेश का उत्सव है विकास पर्व – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

भोपाल, 21 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है इसलिए हम विकास पर्व मना रहे हैं। हमारी सरकार ने प्रदेश में विकास का एक नया इतिहास रचा है। वर्ष 2003 के पहले जहाँ मध्यप्रदेश में एक लाख किलोमीटर टूटी-फूटी सड़कें हुआ करती थीं, वहीं आज 4 लाख 11 हजार किलोमीटर अच्छी सड़कें बनाकर प्रदेश की जनता को सौंपी गई हैं। प्रदेश में अब अटल एक्सप्रेस-वे, विंध्य एक्सप्रेस-वे, नर्मदा एक्सप्रेस-वे जैसे नए मार्गों का काम शुरू करने की तैयारी हो रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में पौध-रोपण के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।

ग्रामीण हो या शहरी विकास, प्रदेश में सभी क्षेत्रों में प्रगति

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश की सिंचाई क्षमता पहले साढ़े 7 लाख हेक्टेयर थी, जिसे बढ़ाकर 47 लाख हेक्टेयर किया गया है। नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी निरंतर जारी है। प्रतिदिन प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा हैं। पहले बिजली की उपलब्धता 2800 मेगावाट हुआ करती थी, अब 28 हजार मेगावाट बिजली बनाई जा रही है। ग्रामीण विकास हो या शहरी सभी दिशाओं में प्रगति है। प्रदेश में सीएम राइज स्कूल के भवन बन रहे है, प्रदेश में मेडिकल कॉलेज जहां 5 हुआ करते थे, अब 25 हो गए हैं। ये मेडिकल कॉलेज या तो बन रहे हैं या स्वीकृत हो गए हैं। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, ग्लोबल स्किल पार्क, मेट्रो, मॉडल आईटीआई भवनों के निर्माण में रूप में विकास के कार्य चौतरफा पूरी गति से चल रहे हैं।

प्रदेश की जीएसडीपी का आकार 15 लाख करोड़ रुपये के आसपास

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुझे बताते हुए हर्ष है कि प्रदेश की ग्रोथ रेट, जो कभी माइनस में हुआ करती थी, वह अब 16 प्रतिशत से ऊपर है। मुझे बताते हुए गर्व है कि मध्यप्रदेश ने लगातार एक दशक से 18 प्रतिशत एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट हासिल की है। वर्ष 2003 तक जहाँ 100 मीट्रिक अन्न का उत्पादन होता था, आज मध्यप्रदेश में 700 मीट्रिक टन अन्न उत्पादन हो रहा है। पहले पर कैपिटा इन्कम 11 हजार रुपये हुआ करती थी, आज यह 1 लाख 40 हजार रुपये हो गई है। अगर जीएसडीपी का आकार देखें तो कभी यह 71 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 15 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुँच गया है। देश की जीएसडीपी में मध्यप्रदेश का योगदान पहले केवल 3 प्रतिशत के आसपास हुआ करता था, जो अब 4.6 प्रतिशत हो गया है।

स्कूल जाने वाले रास्ते मे भरा पानी, पीडब्ल्यूडी ने बनाया अधूरा रेम्प

भोपाल, प्रदेश भर में स्कूलों चलो अभियान जोर शोर से चल रहा है प्यारे भांजे भंजियां भी खुशी खुशी उत्साह के साथ स्कूल भी जा रहे है। आज देखने मे आया की राजधानी में ही नगर निगम भोपाल के जोन 19 के अंतर्गत वार्ड 81 में आने वाले माउंट कान्वेंट स्कूल को जोड़ने वाला रास्ता जो की कोलार सिक्स लेन से जुड़ा है जोड़ पर मिट्टी से रेम्प बनाया गया है रैंप और स्कूल की सड़क के बीच 10 फिट से ज्यादा क्षेत्र में पानी भरा हुआ है तेज पानी आने की स्थिति में एक से डेढ़ फीट पानी भर जाता है आप वीडियो में देख सकते है जलभराव वाले एक हिस्से में भैंस भी आराम से डूबी हुई है

हालाकि स्थानीय पार्षद बबिता डोंगरे का कहना है बच्चों और अभिभावकों को स्कूल आने जाने में परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जोन इंजीनियर के साथ समस्या को देख लिया है दो दिनों में समस्या का समाधान हो जायेगा।

विकास पर्व के दौरान जिलों में लगभग 9 हजार 647 करोड़ के भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

Bhoomi-worship and inauguration of about 9 thousand 647 crores in the districts during Vikas Parv

भोपाल, जुलाई| प्रदेश में चलाए जा रहे विकास पर्व के दौरान अभी तक प्रदेश में लगभग 9 हजार 647 करोड़ 35 लाख
रूपये के भूमि-पूजन/लोकार्पण किये गये। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 19 जुलाई को जिला सिवनी में विकास पर्व में 287 करोड़ 48 लाख 39 हजार रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन किया।

विकास पर्व के चौथे दिने 19 जुलाई को प्रदेश में कुल 341 करोड़ 29 लाख रूपये के लोकार्पण/ भूमि-पूजन किया गया।
जिला सीहोर में ग्राम सेमलीबारी में पंचायत भवन का 12 लाख 85 हजार रूपये लागत से एवं ग्राम बीलपान में पुलिया
निर्माण का लगभग 6 लाख 61 हजार रूपये का लोकार्पण, जिला आगर मालवा ग्राम पंचायत मैना में 10 लाख 15 हजार
लागत के गौशाला के आसपास सीपीटी निर्माण कार्य का भूमि-पूजन, जिला रतलाम में लगभग 2 करोड़ 37 लाख 32 हजार के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किये गये जिसमें रतलाम ग्रामीण के नायन शांतिधाम परिसर में स्नानागार,बड़ोदिया में शांतिधाम परिसर में बाउंड्रीबॉल, सीसी रोड, मनरेगा में ग्रेवल रोड निर्माण का भूमि-पूजन, ग्राम धराड में शमशान घाट में शेड कक्ष, बाउंड्रीवॉल निर्माण, भाटी बड़ोदिया रोड से स्कूल तक सीसी रोड निर्माण, नया पुरा मांगलिक भवन में पेवर ब्लॉक, टीन शेड निर्माण, बाउंड्रीवॉल निर्माण, ग्राम इटावा माताजी में मांगलिक भवन के सामने निर्माण, भाटी बड़ोदिया में अमृत सरोवर तालाब, ग्राम धोलका में पंचायत भवन निर्माण, ग्राम सिकरिया में चेक डेम निर्माण, ग्राम खाराखेड़ी में पुलिया निर्माण का लोकार्पण, जावरा आलेाट कृषि उपज मंडी के पीछे हाउसिंग बोर्ड तिराहे मुख्य मार्ग पर सीसी रोड निर्माण का भूमि-पूजन शामिल है।

जिला मंदसौर में लगभग 17 करोड 94 लाख 34 हजार के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया गया। जिसमे कोटड़ा बहादुर से रिस्थल मार्ग, ग्राम पंचायत कायमपुर का लोकार्पण, नवीन खेल मैदान का लोकार्पण, 30 बिस्तरीय सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं आवास ग्रहों का भूमि-पूजन, आईटीसी कम्प्यूटर का लोकार्पण, शा. उप तहसील कार्यालय भवन कयामपुर का लोकार्पण शामिल है। जिला अशोक नगर में 1 करोड़ 48 लाख 72 हजार रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया गया। जिसमें ग्राम छितरी में नल-जल योजना रेट्रोफिटिंग कार्य का लोकार्पण और ग्राम रमखिरिया में सड़क निर्माण कार्य का लोकार्पण शामिल है। जिला गुना में मनरेगा योजना में 3 लाख 89 हजार कंटूर ट्रेंच निर्माण का भूमि-पूजन किया गया। जिला ग्वालियर में वार्ड 4,5 व 15 में लगभग 2 करोड़ 67 लाख लागत के विभिन्न
विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया।

जिला भिण्ड में 2 करोड़ 56 लाख लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया गया। जिसमें ग्राम
कैंथा में नल जल योजना, हाई स्कूल परिसर में बाउंड्रीबॉल निर्माण, शा. स्कूल परिसर में बाउंड्रीबॉल निर्माण, सीसी रोड एवं नाला निर्माण एवं शांतिधाम निर्माण कार्य का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन शामिल है। जिला रीवा में 78 लाख लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। जिसमें वार्ड क्रमांक 7 बोदाबाग कालोनी में कायाकल्प अभियान के तहत सीमेंट क्रंकीट सड़क का मजबूतीकरण कार्य, आईटीआई के सामने लाड़ली पार्क व केव्हीएम स्कूल से भाटिया जी के घर तक 1700 मीटर लंबाई तथा 5 मीटर सड़क मजबूतीकरण शामिल है। जिला पन्ना में 15 करोड़ की लागत अजयगढ़
विकासखण्ड ग्राम खोरा में विकास कार्यों का भूमि-पूजन, धूनी आश्रम के पास रूझ नदी पर पुल का भूमि-पूजन शामिल है।
जिला टीकमगढ़ में 10 करोड़ 11 लाख लागत के ग्राम अस्तौन से खिरिया तक सड़क निर्माण 5.25 कि.मी. और अस्तौन से हरिसिंह जू बाबा तक निर्माण 5.5 कि.मी. का भूमि-पूजन किया गया। जिला जबलपुर में 31 लाख लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया गया। जिसमें ग्राम देवरीकला में पनघटा नाला पर स्टापडेम का लोकार्पण, चेकडैम का लोकार्पण, सीसी रोड का भूमि-पूजन आदि शामिल है।

शासन की योजनाओं का लक्ष्य वंचितों का उत्थान : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

Upliftment of the underprivileged is the aim of the government's schemes: Governor Mangubhai Patel

 

भोपाल, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वन और पशुपालन विभाग की विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। राजभवन के सांदीपनि सभागार के सभाकक्ष में बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में वनमंत्री कुवंर विजय शाह, जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, जनजातीय प्रकोष्ठ के सदस्य सचिव बी.एस. जामोद एवं सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि शासन की योजनाएं वंचितों के उत्थान के लक्ष्य से बनाई जाती हैं। उनका क्रियान्वयन इसी मंशा के साथ किया जाना चाहिए। लक्षित समुदाय और क्षेत्र के सबसे वंचित और गरीब परिवार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अधिकारियों को योजना के लक्ष्यों की पूर्ति के कार्य इसी भाव और भावना के साथ करने चाहिए। कार्य की मानीटरिंग का भी यही आधार होना चाहिए। वंचित की मदद से प्राप्त होने वाला आनंद और आत्मसंतुष्टि का अनुभव आलौकिक अनुभूति देता है।

मुख्यमंत्री दुधारू पशुयोजना में 742 परिवार लाभान्वित

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना में वितरित दुधारू पशुओं की उत्पादकता की जानकारी प्राप्त की। उनको बताया गया कि प्रतिदिन 10 से 12 लीटर दूध देने वाले मवेशी पशुपालकों को उपलब्ध कराए गये हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया एवं भारिया की सतत् अजीविका के लिए मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना का प्रदेश के 14 जिलों में क्रियान्वयन किया जा रहा है। मण्डला जिले में 116, डिण्डोरी में 90, बालाघाट में 18, छिंदवाड़ा में 26, शहडोल में 26, अनूपपुर में 25, उमरिया में 39, ग्वालियर में 60, दतिया में 26, मुरैना में 30, श्योपुरकलां में 66, गुना में 45, अशोकनगर में 25 और शिवपुरी में 150 हितग्राहियों सहित कुल 742 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। मध्यप्रदेश गौसंवर्द्धन बोर्ड में प्रदेश के 14 जनजातीय जिलों में 86 अशासकीय स्वयंसेवी गौशालाएँ है, जिनमें 28,555 गौवंश और 198 शासकीय गौशालाएँ हैं, जिनमें 14495 गौवंश है।

268 ग्राम सभाओं ने 7 करोड़ से अधिक तेंदूपत्ते का विक्रय किया

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पेसा नियम के तहत ग्राम सभाओं को मिले अधिकारों का सफल उपयोग करने की जानकारियों का व्यापक स्तर पर अन्य ग्राम सभाओं में प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। अधिकारों के उपयोग से होने वाले लाभों के बारे में बताया जाना चाहिए, ताकि अन्य ग्राम सभाएं भी पेसा कानून के तहत प्राप्त अधिकारों के उपयोग के लिए प्रेरित हों।

वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया कि मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा निकाली जाने वाली इमारती लकड़ी के विक्रय मूल्य का 20 प्रतिशत लाभांश वन समिति को देने वाला देश का प्रथम राज्य है। इसी तरह जैव विविधता संरक्षण के लिए पौधरोपण में 50 प्रतिशत वनोपज प्रजातियों के पौधों का रोपण करने वाला भी देश का पहला राज्य है।

पेसा नियमों के तहत प्रदेश में 20 जिलों से कुल 268 ग्राम सभाओं से तेन्दूपत्ता संग्रहण हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। ग्राम सभा द्वारा 7.31 करोड़ रुपए राशि के कुल 13363 मानक बोरा संग्रहित कर 4 करोड़ रुपए राशि का पारिश्रमिक वितरण किया गया है। प्रोत्साहन राशि के रूप में 3.19 करोड़ रुपए राशि वितरित की जाएगी। ग्राम सभा को 3 हज़ार रुपए प्रति मानक बोरा संग्रहण पारिश्रमिक एवं औसतन 1900 रुपए प्रति मानक बोरा प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) मिला है। जिला डिंडौरी के बैगाचाक के 07 बैगा बाहुल्य ग्रामों में विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (PVTGs) को हैबीटेट् राइट्स प्रदान किये गए हैं। जिला मंडला में बैगा जनजाति बाहुल्य 16 ग्रामों को हैबीटेट् राइट्स प्रदान किए गए है। जिला छिंदवाडा के विकासखंड तामिया में पातालकोट में स्थित 12 भारिया जनजाति के ग्रामों में हैबीटेट् राइट्स को मान्यता प्रदान की गयी है।

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह करेंगे पाँच सीएम राइज स्कूल का भूमिपूजन

Chief Minister Shivraj Singh will do Bhumi Pujan of five CM Rise Schools

 

भोपाल, 20 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने नरसिंहपुर के गाडरवारा में 21 जुलाई को होने वाले कार्यक्रमों के लिए जारी तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह गाडरवारा में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे तथा भूमिपूजन में शामिल होंगे। इसके साथ ही महिला सम्मान की थीम पर आयोजित होने वाली सभा में स्व-सहायता समूह, लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मियों से संवाद करेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा सीएम राइज स्कूल साईंखेड़ा, चमारपाठा, करेली, नरसिंहपुर, गोटेगांव का भूमिपूजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही शक्करपेच लिंक संयुक्त परियोजना का भी भूमिपूजन होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह विभिन्न योजनाओं के हितलाभ का वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में समत्व भवन में हुई बैठक में कलेक्टर नरसिंहपुर तथा जिला अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

सुकन्‍या समृद्धि योजना पर डबल मिलेगा ब्याज, मैच्योरिटी पर मिलेगी तीन गुना राशि, समझें कैलकुलेशन

Interest will be double on Sukanya Samriddhi Yojana, three times the amount will be available on maturity, understand the calculation

 

सुकन्या समृद्धि योजना में यदि आप निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर रकम तीन गुना हो जाएगी। वहीं, इसमें मिलने वाला ब्याज कुल निवेश का डबल होगा। डाकघर की इस स्कीम में 1 अप्रैल से ब्याज दर सालाना 8 फीसदी कर दी गई है। यानी अब सरकारी स्कीम पहले से ज्यादा आकर्षक हो गई है। खास बात यह है कि योजना की मैच्योरिटी 21 साल है, लेकिन इसमें निवेश 15 साल तक ही करना होता है।

टैक्स फ्री स्कीम
सुकन्या समृद्धि योजना टैक्स फ्री है। इस पर 1.50 लाख तक सालाना निवेश पर छूट, रिटर्न पर टैक्स नहीं लगता और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि भी टैक्स फ्री है।

मैच्योरिटी से पहले निकाल सकते हैं पैसा
बेटी की उम्र 18 साल होने पर मैच्योरिटी से पहले 50 फीसदी रकम निकाली जा सकती है। इसके अलावा खाता शुरू होने के पांच साल बाद इमरजेंसी में पैसा निकाला जा सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना कैलकुलेटर
हमने यहां एक लाख रुपये निवेश पर कैलकुलेशन किया है।

ब्याज- 8 फीसदी

वार्षिक निवेश- एक लाख रुपये

15 साल में निवेश- 15,00,000 रुपये

21 की मैच्योरिटी पर जमा राशि- 44,89,690 रुपये

कितना मिलगा ब्याज का पैसा- 29,89,690 रुपये

सुकन्या समृद्धि योजना की सीमाएं
इस योजना के खाते पर कुछ बैन लगाए गए हैं। ये प्रतिबंध निवेशक के अनुकूल नहीं होते हैं। खाते में जमा रकम का इस्तेमाल शिक्षा और शादी के खर्च के लिए किया जा सकता है।

73 वर्ष के हुये नसीरउद्दीन शाह

Naseeruddin Shah turns 73

मुंबई, 20 जुलाई| बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह आज 73 वर्ष के हो गये। 20 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जन्में नसीरुद्दीन शाह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर और नैनीताल से पूरी की । इसके बाद उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पूरी की ।वर्ष 1971 में अभिनेता बनने का सपना लिये उन्होंने दिल्ली नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा स्कूल में दाखिला ले लिया।वर्ष 1975 में नसीरउद्दीन साह की मुलाकात जाने माने निर्माता-निर्देशक श्याम बेनेगल से हुयी ।श्याम बेनेगल उन दिनो अपनी फिल्म ..निशांत. .बनाने की तैयारी में थे।

श्याम बेनेगल ने नसीरूद्दीन शाह में एक उभरता हुआ सितारा दिखाई दिया और अपनी फिल्म में काम करने का अवसर दे दिया । वर्ष 1976 नसीरूद्दीन शाह के सिने कैरियर में अहम पड़ाव साबित हुआ। इस वर्ष उनकी भूमिका और मंथन जैसी सफल फिल्म प्रदर्शित हुई । दुग्ध क्रांति पर बनी फिल्म ..मंथन ..में नसीरुद्दीन शाह के अभिनय ने नए रंग दर्शको को देखने को मिले । इस फिल्म के निर्माण के लिये गुजरात के लगभग पांच लाख किसानों ने अपनी प्रति दिन की मिलने वाली मजदूरी में से ..दो-दो.. रूपये फिल्म निर्माताओं को दिये और बाद में जब यह फिल्म प्रदर्शित हुई तो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुयी। वर्ष 1977 में अपने मित्र बैंजमिन गिलानी और टॉम आल्टर के साथ मिलकर नसीरुद्दीन शाह ने मोटेले प्रोडक्शन नामक एक थियेटर ग्रुप की स्थापना की जिसके बैनर तले सैमुयल बैकेट के निर्देशन में पहला नाटक ..वेटिंग फॉर गोडोट ..पृथ्वी थियेटर में दर्शको के बीच दिखाया गया। वर्ष 1979 में प्रदर्शित फिल्म ..स्पर्श. मे नसीरुद्दीन शाह के अभिनय का नया आयाम दर्शकों को देखने को मिला। इस फिल्म में अंधे व्यक्ति की भूमिका निभाना किसी भी अभिनेता के लिये बहुत बड़ी चुनौती थी ।चेहरे के भाव से दर्शको को सब कुछ बता देना नसीरुद्दीन शाह की अभिनय प्रतिभा का ऐसा उदाहरण था जिसे शायद ही कोई अभिनेता दोहरा पाये । इस फिल्म में उनके लाजवाब अभिनय के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया । वर्ष 1980 में प्रदर्शित फिल्म ..आक्रोश ..नसीरुद्दीन शाह के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है ।गोविन्द निहलानी निर्देशित इस फिल्म में नसीरूद्दीन शाह एक ऐसे वकील के किरदार में दिखाई दिये जो समाज और राजनीति की परवाह किये बिना एक ऐसे बेकसूर व्यक्ति को फांसी के फंदे से बचाना चाहता है। हालांकि इसके लिये उसे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है ।वर्ष 1983 में नसीरुद्दीन शाह को सई परांजपे की फिल्म ..कथा..में काम करने का अवसर मिला ।फिल्म की कहानी मे कछुए और खरगोश के बीच दौड की लड़ाई को आधुनिक तरीके से दिखाया गया था। वर्ष 1983 में नसीर के सिने कैरियर की एक और सुपरहिट फिल्म..जाने भी दो यारो ..प्रदर्शित हुई। कुंदन शाह निर्देशित इस फिल्म में नसीरूद्दीन शाह के अभिनय का नया रंग देखने को मिला ।इस फिल्म से पहले उनके बारे में यह धारणा थी कि वह केवल संजीदा भूमिकाएं निभाने में ही सक्षम है लेकिन इस फिल्म उन्होंने अपने जबरदस्त हास्य अभिनय से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। वर्ष 1985 में नसीरुद्दीन शाह के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म ..मिर्च मसाला ..प्रदर्शित हुयी । फिल्म मिर्च मसाला ने निर्देशक केतन मेहता को अंतराष्ट्रीय ख्याति दिलाई थी। यह फिल्म सामंतवादी व्यवस्था के बीच पिसती औरत की संघर्ष की कहानी बयां करती है। अस्सी के दशक के आखिरी वर्षो में नसीरुद्दीन शाह ने व्यावसायिक सिनेमा की ओर भी अपना रूख कर लिया । इस दौरान उन्हें हीरो हीरा लाल,मालामाल,जलवा और त्रिदेव जैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला जिसकी सफलता के बाद नसीरुद्दीन शाह को व्यावसायिक सिनेमा में भी स्थापित कर दिया। नब्बे के दशक में नसीर ने दर्शको की पसंद को देखते हुये छोटे पर्दे का भी रूख किया और वर्ष 1988 में गुलजार निर्देशित धारावाहिक मिर्जा गालिब में अभिनय किया।

इसके अलावा वर्ष 1989 में भारत एक खोज धारावाहिक में उन्होंने मराठा राजा शिवाजी की भूमिका को जीवंत कर दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया। अभिनय में एकरूपता से बचने और स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिये नब्बे के दशक में उन्होंने स्वयं को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। इस क्रम में 1994 में प्रदर्शित फिल्म .मोहरा .में वह खल चरित्र निभाने से भी नहीं हिचके। इस फिल्म में भी उन्होंने दर्शकों का मन मोहे रखा। इसके बाद उन्होंने टक्कर,हिम्मत ,चाहत ,राजकुमार ,सरफरोश और कृष जैसी फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाकर दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया । नसीरुद्दीन शाहके सिने करियर में उनकी जोड़ी स्मिता पाटिल के साथ काफी पसंद की गयी। नसीरुद्दीन शाह अबतक तीन बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किये जा चुके है। इन सबके साथ ही नसीरूद्दीन शाह तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किये गये है। फिल्म के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुये वह भारत सरकार की ओर से पदमश्री और पदमभूषण पुरस्कार से भी सम्मानित किये जा चुके है। नसीरूद्दीन शाह ने करीब चार दशक लंबे सिने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है ।नसीरउद्दीन साह आज भी उसी जोशोखरोश के साथ फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय है।

शीशे से जुड़ी ये गलतियां घर में लाती हैं दरिद्रता, लगाने से पहले जान लें वास्तु नियम

These mistakes related to glass bring poverty in the house, know Vastu rules before applying

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मौजूद हर वस्तु में ऊर्जा होती है। जिसका सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव सदस्यों पर पड़ता है। वास्तु में हर चीज को रखने के लिए दिशा निर्धारित है। जिसका पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और बरकत आती है। वहीं, कुछ ऐसी चीजें हैं जिनसे बचना चाहिए। मान्यता है कि इससे घर में नेगेटिव एनर्जी आती है।

घर में शीशा लगाते समय वास्तु से जुड़ी बातों का ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सही दिशा में रखा दर्पण भाग्य के दरवाजे खोलता है। वहीं, गलत दिशा में दर्पण लगाने से घर में दरिद्रता आती है।

दर्पण से संबंधित वास्तु शास्त्र नियम
– दर्पण पश्चिम या दक्षिण की दीवार पर नहीं लगाना चाहिए। इस दिशा में शीशा लगाने से घर में अशांति बनी रहती है।

– घर में शीशा कभी भी टूटा, धुंधला और गंदा नहीं होना चाहिए। ऐसा दर्पण घर में रखने से दरिद्रता आती है। साथ ही सदस्यों की तरक्की रुक जाती है।

– घर के स्टोर रूम में दर्पण नहीं लगाना चाहिए। माना जाता है कि इस स्थान पर शीशा रखने से परिवार के सदस्यों को हमेशा मानसिक तनाव रहेगा।

– वास्तु शास्त्र के अनुसार, शयनकक्ष में शीशा नहीं होना चाहिए। वहीं, बिस्तर का प्रतिबिंब दर्पण में नहीं देखना चाहिए। शयनकक्ष के दर्पण में खुद को देखने से भ्रम की स्थिति पैदा होती है।

– वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में शीशा नहीं लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा घर के सदस्यों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर देती है।

– अगर आप चाहते हैं कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो तो मुख्य दरवाजे पर दर्पण न लगाएं।

– वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप बाथरूम में शीशा लगा रहे हैं तो उसे पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर लगाएं।

– दर्पण रखने के लिए पूर्व और उत्तर दिशा शुभ मानी जाती है। उत्तर दिशा भगवान कुबेर का केंद्र है। इसलिए इस दिशा में आईना रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इस उपाय को करने से बिजनेस में समृद्धि आती है।

कल सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में प्रियंका, जनसभा को करेंगी संबोधित

Tomorrow Priyanka will address public meeting in Scindia's stronghold Gwalior

ग्वालियर, 20 जुलाई| कांग्रेस की शीर्षस्थ नेत्री और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा कल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ मध्यप्रदेश के ग्वालियर में ‘जन आक्राेश रैली’ को संबोधित करेंगी। ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस के प्रभुत्व को कायम रखने के उद्देश्य से हो रही इस रैली को लेकर कांग्रेस अपनी तैयारियों में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही। पार्टी का दावा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा की इस रैली में एक लाख से अधिक लोग शामिल होंगे।

पार्टी की प्रदेश इकाई के मीडिया विभाग के अध्यक्ष के के मिश्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा का ये दौरा अभूतपूर्व होने वाला है। रैली में एक लाख से अधिक लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ कर जाने के बाद से पार्टी के लिए श्री सिंधिया और भारतीय जनता पार्टी दोनों एक ही हैं और दोनों ही कांग्रेस के निशाने पर हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा कल अपने प्रवास की शुरुआत वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ करेंगी। इसके बाद वे मेला मैदान पर रैली को संबोधित करेंगी। सभा में इस अंचल के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों से भी नेता और कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना है। प्रदेश कांग्रेस की एक टीम और क्षेत्र के नेता रैली की तैयारियों को अंतिम रूप देने में यहां जुटे हुए हैं। अनेक प्रदेश पदाधिकारी यहां पहुंच चुके हैं और कल तक और पदाधिकारी यहां आ जाएंगे। राज्य में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव हैं और राज्य में कुल 230 विधानसभा सीटों में से ग्वालियर चंबल अंचल में विधानसभा की 34 सीट हैं। ग्वालियर कांग्रेस के लिहाज से प्रदेश के बेहद अहम क्षेत्रों में से एक है। ग्वालियर की छह विधानसभा सीटों में से चार कांग्रेस के खाते में हैं। शेष दो सीटें भाजपा के पास हैं, जिनके दोनों विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर और भारत सिंह कुशवाह राज्य सरकार में मंत्री हैं। विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर पहले कांग्रेस में ही थे, लेकिन साल 2020 में वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें मौजूदा सरकार में मंत्री बनाया गया था।

कर्नाटक में जैन संत की हत्या के विरोध में रतलाम में निकला आक्रोश जुलूस

Protest march in Ratlam against the killing of Jain saint in Karnataka

रतलाम। कर्नाटक में जैन आचार्य कामकुमार नंदीजी महाराज की निर्मम हत्या को लेकर जैन समाज आक्रोशित है। हत्या के विरोध में शहर में आक्रोश जुलूस निकाला गया। हजारों लोग जुलूस में शामिल हुए। जुलूस में शामिल लोग हत्यारों को सजा देने तथा संतों की सुरक्षा संबंधी नारे लगाते हुए चल रहे थे। राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एस़डीएम को ज्ञापन सौंपकर हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई।

घटना को निंदनीय बताया
जैन आचार्य की निर्मम हत्या के विरोध में सकल जैन श्री संघ का आक्रोश जुलूस चौमुखी पुल से आचार्य श्री कुल बोधिजी महाराज, कल्याण रतन विजयजी, दिलीप मुनि जी, शुभ भावनामती माताजी की निश्रा में निकाला गया। इस दौरान उपस्थित संतों ने जिनशासन की सेवा व रक्षा का उपदेश देते हुए समृद्ध सांस्कृतिक भारत में उक्त घटना को निंदनीय बताया।

राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
जुलूस में बड़ी संख्या बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं व बच्चे हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए विरोध दर्ज कराते चल रहे थे। जुलूस चौमुखीपुल से प्रारंभ होकर नौलाईपुरा, धानमंडी, नाहरपुरा, कालेज रोड सहित विभिन्न मार्गों से होता हुआ घोड़ा चौराहा के पास पहुंचा। जहां एसडीएम संजीव केशव पांडे को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जुलूस के मार्गदर्शक सकल जैन संघ के संरक्षक व पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, विधायक चेतन्य काश्यप, सभी श्री संघो के अध्यक्ष एवं सकल जैन श्री संघ के संचालक मंडल थे।

जैन समाज जनों ने हाथ में बांधी काली पट्टी
जुलूस में श्री संघ के अध्यक्ष ओम अग्रवाल, कमलेश पापरीवाल, सुदर्शन पीरोदिया, मनसुख चोपड़ा, अशोक लुनिया, अभय लुनिया, अशोक चत्तर, सुरेश कटारिया, दिलीप मंडोत, राजेंद्र लुणावत, विजय पटवा. प्रकाश दरड़ा, जयंतीलाल पानोत, विजेंद्र गादिया, सुशील छाजेड़, मांगीलाल जैन, ललित कोठारी, निर्मल लुनिया, जयंत बोहरा सहित विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य सहित समाजजन उपस्थित थे। जुलूस में चल रहे समाज जनों ने हाथ में काली पट्टी बांध रखी थी। कार्यक्रम का संचालन मांगीलाल जैन ने किया। आभार प्रीतेश गादीया ने माना।

कांग्रेस ने भी सौंपा ज्ञापन
घोड़ा चौराहा के समीप जुलूस में शामिल शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया ने भी कांग्रेस की तरफ से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि आचार्यश्री कामकुमार नंदीजी महाराज की पांच जुलाई को कर्नाटक के बेलगाम के चिकोड़ी के पास हिरकोड़ी में आसामाजिक तत्वों ने अपहरण कर नृशंस तरीके से हत्या कर दी है। हत्या करने वालों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। इस अवसर पर कांग्रेस नेता पारस सकलेचा, बसंत पंडया, विशाल डांगी, पीयूष बाफना, अंकित सिसौदिया, जितेंद्र पड़ियार, इक्का बेलुत सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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