फ्रांस और इंग्‍लैंड के बीच तीसरे स्‍थान के लिए जंग

फ्रांस और इंग्‍लैंड के बीच तीसरे स्‍थान के लिए जंग
फीफा विश्‍व कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार देर रात अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेला जाएगा। हालांकि, इस मुकाबले से पहले तीसरे स्‍थान के लिए जंग होगी। सेमीफाइनल में हार का मुंह देखने वाली फ्रांस और इंग्‍लैंड के बीच तीसरे पायदान के लिए टक्‍कर होगी।

पहले सेमीफाइनल मुकाबले में स्‍पेन ने फ्रांस को 2-0 को शिकस्‍त दी थी। वहीं अर्जेंटीना ने अं‍त में खेल पलटते हुए इंग्‍लैंड को 2-1 से रौंदकर फाइनल का टिकट कटाया था।

एम्‍बाप्‍पे गोल्‍डन बूट की रेस में
अब फ्रांस और इंग्‍लैंड सिर्फ ब्रांज मेडल के लिए ही नहीं, बल्कि और सम्‍मान के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने के लिए टकराएंगी। फ्रांस के कप्‍तान किलियन एम्‍बाप्‍पे के लिए यह मैच बेहद अहम है। एम्‍बाप्‍पे गोल्‍डन बूट की रेस में चल रहे हैं। लियोनेल मेसी और एम्‍बाप्‍पे ने अब तक 8-8 गोल किए हैं।

दोनों को अभी 1-1 मैच भी खेलना है। इंग्‍लैंड के हैरी केन और जूड बेलिंगम भी 6-6 गोल के साथ ज्‍यादा पीछे नहीं हैं।

डबल इंजन सरकार में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

डबल इंजन सरकार में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है और इसका प्रत्यक्ष लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चांपा, बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल लोकार्पण प्रदेश के रेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति सोशल मीडिया हैंडल एक्स में पोस्ट कर आभार व्यक्त करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इन रेलवे स्टेशनों के विकसित होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बेहतर प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, स्वच्छ परिसर, आधुनिक यात्री सुविधाएं तथा उन्नत अधोसंरचना से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का सशक्त आधार है। चांपा, बालोद और सरोना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के उन्नयन से व्यापार, पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। इससे लोगों के लिए आवागमन अधिक सुगम होगा और रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। प्रदेश में नई रेल परियोजनाओं, दोहरीकरण, विद्युतीकरण तथा आधुनिक रेलवे सुविधाओं के विस्तार से विकास को नई दिशा मिल रही है। यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।

करघे से कमाई तक: धमतरी के ग्राम नारी की बुनकर महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

करघे से कमाई तक: धमतरी के ग्राम नारी की बुनकर महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत
ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्रामीण भारत में बुनकरों—विशेषकर महिलाओं—को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। यह समिति कच्चे माल की खरीद, कौशल प्रशिक्षण और तैयार उत्पादों के विपणन की सुविधा प्रदान करके बुनकरों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाती है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग (हाथकरघा प्रभाग) की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। धमतरी जिले के ग्राम नारी की ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक हस्तकला के संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बन गई है।

*बुनकरों ने ओडिशा में अलग पहचान बना रही हैं*

नारी की ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति सरकारी सहयोग और बुनकरों की मेहनत से यह समिति न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार का माध्यम बनी है, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना रही है।

*संबलपुरी साड़ियों से मिली नई पहचान*

ग्राम नारी में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी। ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस कला को अपनाया। अपनी विशिष्ट इकत डिज़ाइन, आकर्षक रंगों और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण संबलपुरी साड़ियों की बाजार में अच्छी मांग है। गांव की महिलाओं ने इस चुनौतीपूर्ण कला को सीखकर पारंपरिक हुनर को आय का स्थायी स्रोत बना लिया।

*समिति द्वारा बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वस्त्र तैयार कर रहे हैं*

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम के तहत समिति को नियमित धागा उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही समितियों के सुचारु संचालन के लिए सेवा प्रभार के रूप में आर्थिक सहायता, नवीन बुनाई प्रशिक्षण और आधुनिक करघों का वितरण भी किया गया है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी है और बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वस्त्र तैयार हो रहे हैं।

*मासिक कारोबार 3-4 लाख, महिलाओं की आय दोगुनी*

वर्तमान में ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति प्रतिमाह लगभग 300 से 400 संबलपुरी साड़ियों का उत्पादन कर रही है। इनकी बिक्री मुख्यतः ओडिशा के विभिन्न बाजारों में होती है। समिति का मासिक कारोबार अब 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

*महिलाएं हो रहीं हैं को आत्मनिर्भर*

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ गांव की महिलाओं को मिला है। पहले महिलाएं शासकीय वस्त्र उत्पादन से प्रतिदिन 300 से 350 रुपये कमाती थीं, अब उनकी दैनिक आय 550 से 600 रुपये तक बढ़ गई है। कौशल उन्नयन के माध्यम से भविष्य में आय को 1,000 से 1,200 रुपये प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य है। इससे महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामूहिक निर्णय लेने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर भी मिला है।

*छत्तीसगढ़ के हाथकरघा उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहीं हैं*

ग्राम नारी की यह सफलता बताती है कि शासन की योजनाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और स्थानीय मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं। यदि समिति को ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुंच का अवसर मिले, तो यह छत्तीसगढ़ के हाथकरघा उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

अब 442 डिजिटल सुविधाएं एक ही केंद्र पर, घर बैठे बन रहे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र

अब 442 डिजिटल सुविधाएं एक ही केंद्र पर, घर बैठे बन रहे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र
राज्य सरकार की डिजिटल सुशासन पहल के तहत संचालित सेवा-सेतु केंद्र आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं का सबसे भरोसेमंद और आसान माध्यम बनकर उभरे हैं। पहले लोक सेवा केंद्र के रूप में संचालित इन केंद्रों में जहां 73 शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब इनका विस्तार कर 442 डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे नागरिकों को आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समेत विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर ऑनलाइन और समयबद्ध तरीके से मिल रही हैं।

सबसे अधिक राहत उन लोगों को मिली है जिन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहले कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सेवा-सेतु केंद्र में आवश्यक दस्तावेज जमा करते ही आवेदन संबंधित विभाग तक ऑनलाइन पहुंच जाता है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ी है और नागरिकों का समय व धन दोनों बच रहे हैं।

राज्य सरकार के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रम पंजीयन, बिजली, पानी, राजस्व, पंचायत, नगरीय प्रशासन, खाद्य, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अनेक विभागों की सेवाएं भी एक ही केंद्र पर उपलब्ध हो रही हैं। इससे अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो गई है।

रायगढ़ जिले में भी सेवा-सेतु केंद्रों का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में रायगढ़ तहसील के विभिन्न सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से राजपाल सिदार, गिरधारी सिदार, मुकेश कुमार विशाल तथा टेकचंद उरांव सहित अनेक आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों का सत्यापन और प्रमाण पत्र का निर्गमन पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ। जिले के विभिन्न सेवा-सेतु केंद्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन कर रहे हैं और समय पर उनका लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

सेवा-सेतु केंद्रों की एक महत्वपूर्ण विशेषता डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था भी है। प्रत्येक आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन होने से उसकी स्थिति की निगरानी संभव हो गई है। आवेदक अपने आवेदन की प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है और सेवा उपलब्ध कराने में जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।

राज्य शासन का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक सरल, सुलभ और पारदर्शी रूप में पहुंचाना है। 442 डिजिटल सेवाओं के एकीकृत मंच के रूप में विकसित सेवा-सेतु केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को नई गति दे रहे हैं। इन केंद्रों के विस्तार से न केवल लोगों का समय और धन बच रहा है, बल्कि डिजिटल सुशासन को भी नई मजबूती मिल रही है। शासन की यह पहल नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

रामायण काल से जुड़ा है कानपुर के ‘तपेश्‍वरी देवी मंदिर’ का नाम

रामायण काल से जुड़ा है कानपुर के ‘तपेश्‍वरी देवी मंदिर’ का नाम
रामायण काल से जुड़े कुछ स्‍थल आज भी हमें उस काल के पौराणिक महत्‍व की गाथा सुनाते हैं और उनमें से एक है कानपुर का तपेश्‍वरी मंदिर। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के उत्तर कांड में इस स्‍थान का उल्‍लेख मिलता है, जिसमें इस स्‍थान का माता सीता के वनवास काल और बिठूर प्रवास से गहरा संबंध बताया जाता है। चलिए हम आपको इस मंदिर से जुड़ी कुछ पौराणिक कथाओं और महत्‍व के बारे में बताते हैं।

यहां की थी माता सीता ने तपस्‍या?
श्री राम के त्याग और अयोध्या से निकलने के बाद देवी सीता, जब वनवास में समय बिता रही थीं, तब इस स्थान पर उन्होंने भगवान श्री राम का विश्वास पुनः वापस पाने के उद्देश्य से तपस्या की थी। यहां देवी सीता के साथ-साथ कमला, विमला और सरस्वती नाम की चार देवियों ने भी इस स्थान पर तपस्या की थी। मान्यता है कि देवी सीता माता लक्ष्मी का ही स्वरूप थीं। उनका दुख देखकर तीनों देवियों ने भी इस अधर्म को रोकने के लिए तपस्या की थी। तब से ही इस स्थान का नाम तपेश्वरी पड़ गया।

यहां पर आज भी चार पिंडियां हैं और नवरात्रि के समय यहां श्रृद्धालुओं की भीड़ रहती है।और नवरात्रि के समय यहां श्रृद्धालुओं की भीड़ रहती है। आज भी यहां लोग हवन-पूजन कराते हैं और मन्‍नत पूरी होने पर घंटियां चढ़ाते हैं।

यहीं हुआ था लव-कुश का मुंडन
इसी स्थान पर देवी सीता ने अपने दोनों बेटों लव-कुश का मुंडन और कनछेदन कराया था। तब से यह जगह इन दोनों संस्कारों के लिए बहुत प्रचलित हो गई। इस स्थान को एक तीर्थ कहा जा सकता है, क्योंकि यहां के पौराणिक महत्व को जानकर लोग दूर-दूर से यहां पर अपने बच्चों का मुंडन और कनछेदन कराने आते हैं। इतना ही नहीं, यहां पर नवविवाहित जोड़ों को देवी के दर्शन के लिए लाया जाता है। माना जाता है कि यहां पर नए जोड़ों को आशीर्वाद दिलाने से उनका दांपत्य जीवन बहुत ही सुखद और प्रभावशाली रहता है।

अतः रामायण काल से जुड़े इस स्थल को बहुत ही पवित्र माना जाता है। यहां जो आता है, मान्यता है कि उसकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

PM नरेंद्र मोदी ने जालंधर से 75 रीडेवलप रेलवे स्टेशन राष्ट्र को किए समर्पित

PM नरेंद्र मोदी ने जालंधर से 75 रीडेवलप रेलवे स्टेशन राष्ट्र को किए समर्पित
रेल और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से ज़्यादा के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 75 रीडेवलप रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करने और दो ट्रेनों को लॉन्च करने से पहले, PM मोदी ने डेरा सचखंड के डेरे के प्रमुख, संत निरंजन दास से मुलाकात की। उन्होंने ट्रेन में यात्रियों से भी बातचीत की।

पंजाब से काशी जाना अब आसान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, आज जालंधर से कई नई रेल सर्विस शुरू की गई हैं। आज अमृतसर और काशी के बीच रेल सर्विस भी शुरू हुई है, इससे पंजाब से काशी जाना और भी आसान हो जाएगा। आज दौलतपुर चौक और करतोली के बीच नई लाइन का भी उद्घाटन हुआ है।

करतोली और अंबाला के बीच नई रेल सर्विस को भी हरी झंडी दिखाई गई है। आज ही लुधियाना बाईपास का शिलान्यास हुआ है, और दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के एक हिस्से का उद्घाटन हुआ है। मैं देश के सभी नागरिकों और खासकर पंजाब के भाइयों और बहनों को ऐसे हर प्रोजेक्ट के लिए दिल से बधाई देता हूं।

कई प्रोजेक्ट पर चल रहा काम
पीएम मोदी ने ​कहा, केंद्र सरकार पंजाब में कनेक्टिविटी से जुड़े कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। भले ही पंजाब में BJP की सरकार नहीं है, लेकिन केंद्र में BJP की NDA सरकार राज्य के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

मैं जालंधर के लोगों की तारीफ करता हूं कि उन्होंने ‘स्वच्छता से स्वागत’ पहल के ज़रिए इस प्रोग्राम को और भी सार्थक बनाया है। आप सभी ने अपनी कोशिशों से श्री गुरु रविदास जी के मेलजोल और मिलकर काम करने के संदेश को अपनाया है। यह अभियान कर्तव्य की भावना का भी एक बेहतरीन उदाहरण है।

अजय देवगन की ‘धमाल 4’ ने अपने पहले हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार परफॉर्म

अजय देवगन की ‘धमाल 4’ ने अपने पहले हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार परफॉर्म
अजय देवगन स्टारर और इंद्र कुमार निर्देशित ‘धमाल 4’ को सिनेमाघरों में रिलीज हुए एक हफ्ता पूरा हो चुका है. इस दौरान इस फिल्म ने शानदार परफॉर्म किया है. हालांकि वीकडेज में इसकी कमाई भी उतार-चढ़ाव से गुजरी फिर भी इसकी बॉक्स ऑफिस पर पकड़ मजूबत बनी रही. वहीं अब ये दूसरे हफ्ते में एंट्री कर चुकी है और रिलीज के 8वें दिन यानी दूसरे फ्राइडे को इसे क्रिस्टोफर नोलन की नई रिलीज ‘द ओडिसी’ से मुकाबला करना पड़ रहा है. ऐसे में चलिए यहां जानते हैं कि ये फिल्म 8वें दिन यानी दूसरे फ्राइडे को कितना कलेक्शन कर रही है. यहां इसकी ऑक्यूपेंसी भी जान सकते हैं.

‘धमाल 4’ की एक हफ्ते की कमाई कितनी रही?
बता दें कि ‘धमाल 4’ ने अपने पहले हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा बनाकर रखा और ये अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल और भूल बंगला के पहले हफ्ते की कमाई को पछाडकर साल की तीसरी सबसे बड़ी फर्स्ट वीक कलेक्शन करने वाली फिल्म भी बन गई है. इसके सात दिनों की कमाई की बात करें तो

पहले दिन इसने 14 करोड़ कमाए और दूसरे दिन का कलेक्शन 22.50 करोड़ रहा.
वहीं तीसरे दिन फिल्म ने 28.50 करोड़ कमाए. चौथे दिन की कमाई 8.75 करोड़ रुपये रही.
इसके बाद 5वें दिन फिल्म ने 9.50 करोड़ और छठे दिन 6.65 करोड़ जबकि 7वें दिन 6 करोड़ की कमाई की.
इसी के साथ फिल्म की भारत में पहले हफ्ते की नेट कमाई 96 करोड़ रुपये रही.

‘धमाल 4’ दूसरे हफ्ते में एंट्री कर गई है और इससे रिलीज के 8वें दिन यानी शुक्रवार को 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने की उम्मीद की जा रही है. वहीं फिल्म की कमाई की बात करें तो

सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘धमाल 4’ ने रिलीज के 8वें दिन शाम 6 बजे तक 2.24 करोड़ कमा डाले हैं.
इसकी ऑक्यूपेंसी 12.0% दर्ज की जा रही है.
फिलहाल इसका 8 दिनों का कुल कलेक्शन अब 98.24 करोड़ रुपये हो गया है

काशी में आयोजित हुआ देश का पहला पंच सम्मेलन

काशी में आयोजित हुआ देश का पहला पंच सम्मेलन,
विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के तहत देश के पहले “पंच सम्मेलन” के आयोजन में यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के ग्राम प्रधानों ने ग्राम्य विकास के माध्यम से अगले 25 वर्षों में विकसित भारत बनाने की योजना का रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान करेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, ग्रामीण विकास विशेषज्ञ तथा विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन में भाग लेंगे।

को मिलेगा विकास का नया रोडमैप
सम्मेलन का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाते हुए ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है। कार्यक्रम में ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (जी राम जी) अधिनियम, 2025’ के तहत पंचायतों की भूमिका, स्थानीय विकास योजनाओं और जनभागीदारी पर विस्तृत चर्चा होगी।

योजना के तहत ग्राम पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की अधिक स्वतंत्रता देने का प्रस्ताव है। जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा, आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा।
मनरेगा श्रमिकों पर भी रहेगा फोकस

सम्मेलन में मनरेगा से जुड़े श्रमिकों और कर्मचारियों के समायोजन तथा मजदूरी बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार उत्तर प्रदेश में मनरेगा मजदूरी 252 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन किए जाने का उल्लेख किया गया है।

देशभर से आएंगे 300 ग्राम प्रधान
इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 300 ग्राम प्रधान भाग लेंगे। उनके साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय, उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

गोरखपुर नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित

गोरखपुर नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित
नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्यों का चुनाव गुरुवार को निर्विरोध संपन्न हो गया। भारतीय जनता पार्टी के राजेंद्र कुमार तिवारी, आनंद कुमार साहनी, रितेश सिंह, राजेश कुमार और आरती सिंह के साथ समाजवादी पार्टी के चंद्रभान प्रजापति कार्यकारिणी के सदस्य निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। निर्विरोध निर्वाचन के बाद सभी छह सदस्यों को निर्वाचन अधिकारी की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

कार्यकारिणी के चुनाव के लिए कुल आठ पार्षदों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। भाजपा और सपा के घोषित प्रत्याशियों के अलावा बेतियाहाता वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी तथा संत झूलेलाल नगर वार्ड के पार्षद नूर मोहम्मद ने भी नामांकन पत्र लिया था। हालांकि नामांकन वापसी की निर्धारित अवधि के दौरान दोनों पार्षदों ने अपने-अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए।

इसके बाद मैदान में केवल छह प्रत्याशी ही शेष रह गए। सभी सीटों के बराबर प्रत्याशी होने के कारण निर्वाचन अधिकारी ने सभी छह उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। कार्यकारिणी में भाजपा के पांच और समाजवादी पार्टी के एक सदस्य के चुने जाने से नगर निगम की कार्यकारिणी का गठन पूरा हो गया।

परमहंस आचार्य ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नमाज़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की

परमहंस आचार्य ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नमाज़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भारत में नमाज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है.

तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, “महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को हमने पत्र भेजकर मांग की है कि भारत में नमाज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए. क्यों? क्योंकि इस्लाम एक ऐसी उपासना है, जो दूसरी उपासनाओं को निगल जाती है, और इसका उदाहरण है 16 अगस्त 1946 डायरेक्ट एक्शन डे, 1990 हिंदू नरसंहार कश्मीर. अभी मौलाना जर्जिस अंसारी इन्होंने जो भगवान श्रीकृष्ण को नमाजी बताया, जबकि पैगंबर मुहम्मद के पहले कोई मुसलमान ही नहीं था धरती पर.”

मौलाना जर्जिस पर प्रतिक्रिया
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान पर कहा, “आज हमने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को पत्र भेजकर, और मौलाना जर्जिस अंसारी ने जिस तरह से स्टेटमेंट दिया है कि भगवान श्रीकृष्ण मुसलमान थे और पांच वक्त की नमाज पढ़ते थे. अगर इसी तरह कोई सनातनी उनके अल्लाह के बारे में कह दिया होता, तो आज भारत ही नहीं, बल्कि 57 इस्लामिक देशों में हाय-तौबा मच गई होती, मारकाट मची होती, तमाम पत्थरबाज आज रोड पर होते.”

उन्होंने आगे कहा कि लगातार हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अभद्र टिप्पणी करना और हिंदुओं को बार-बार कहीं लव जिहाद, कभी लैंड जिहाद, कभी व्यापार जिहाद, कभी फिल्म जिहाद, कहीं चिकित्सा जिहाद, माने हिंदू अस्तित्व को समाप्त करने का गजवा-ए-हिंद इनके अंदर-अंदर चल रहा है. इसलिए ही राष्ट्रपति को पत्र भेजकर नमाज पर प्रतिबंध की मांग की है.

बयानों से चर्चा में रहते हैं
जगद्गुरु परमहंस आचार्य लगातार अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहते हैं. अभी हाल ही में उन्होंने फिल्म अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी पर ऐतराज जताते हुए उन्हें मारने वाले को पांच करोड़ देने का ऐलान किया था. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ था. इसके अलावा भी वे कई संवेदनशील मामलों पर अपनी टिप्पणियों से चर्चा में आ जाते हैं.

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