नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ और भूस्खलन से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इस आपदा के बाद भारत और चीन के सीमावर्ती इलाकों में भी अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
नेपाल की मदद के लिए भारत ने तेजी से राहत अभियान शुरू किया है। भारतीय वायुसेना के C-130J विमान के जरिए करीब 10 टन मानवीय राहत सामग्री नेपाल भेजी गई है। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और जरूरी दवाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर आपदा पर दुख जताया और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया। भारत ने राहत एवं बचाव प्रयासों में सहयोग के लिए NDRF को भी तैयार रखा है।
नेपाल में हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत ने बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी है। गंडक नदी के जरिए बाढ़ के प्रभाव की आशंका को देखते हुए प्रभावित जिलों में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं।
वहीं, चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बाढ़ से भारी नुकसान की खबर है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं। इस बीच भारत की त्वरित सहायता के लिए नेपाल की ओर से आभार जताया गया है।
नेपाल में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
























