भोपाल। राजधानी भोपाल के नए मास्टर प्लान को लेकर 21 साल से चला आ रहा इंतजार अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। 26 सितंबर 2026 तक उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट तैयार है और इसे सार्वजनिक करने की प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक ड्राफ्ट को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से सार्वजनिक किए जाने की तैयारी है। इसके बाद नागरिकों और संबंधित पक्षों से दावे-आपत्तियां तथा सुझाव लिए जाएंगे।
हालांकि, इसे अंतिम मास्टर प्लान नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति दी है, लेकिन अंतिम मास्टर प्लान के प्रकाशन से पहले न्यायालय को इसकी जानकारी देना और आगे की अनुमति लेना जरूरी रहेगा।
भोपाल Master Plan 2047 में क्या प्रस्तावित है?
पहले सामने आए ड्राफ्ट से जुड़ी जानकारी के अनुसार प्रस्तावित Bhopal Master Plan 2047 में लगभग 1,017 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और 254 गांवों को शामिल करने की योजना है। इसका उद्देश्य भोपाल के भविष्य के आवासीय विस्तार, परिवहन, सड़क नेटवर्क, व्यावसायिक गतिविधियों, उद्योग, बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरणीय जरूरतों के अनुरूप विकास की रूपरेखा तैयार करना है।
यानी प्रस्तावित प्लान केवल मौजूदा शहर के लिए नहीं, बल्कि भोपाल के आसपास के नियोजन क्षेत्र के भविष्य के विस्तार को भी ध्यान में रखता है।
2005 के बाद क्यों महत्वपूर्ण है नया मास्टर प्लान?
भोपाल में मौजूदा विकास व्यवस्था लंबे समय से पुराने मास्टर प्लान पर आधारित रही है। सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर 2026 की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि भोपाल का मास्टर प्लान 1995 के बाद संशोधित नहीं हुआ, जबकि समाचार रिपोर्टों में 2005 के प्लान को मौजूदा आधार के रूप में बताया गया है। इसलिए खबर में “2005 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ” कहना अधिक सुरक्षित और तथ्यात्मक है।
नए प्लान की प्रक्रिया पहले भी आगे बढ़ी थी। वर्ष 2021 में Master Plan-2031 का ड्राफ्ट तैयार किया गया था, लेकिन वह अंतिम रूप से लागू नहीं हो सका। बाद में 2047 को लक्ष्य बनाकर नई योजना तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
1017 वर्ग किमी और 254 गांव क्यों महत्वपूर्ण हैं?
यदि प्रस्तावित आंकड़े अंतिम ड्राफ्ट में भी कायम रहते हैं, तो करीब 1,017 वर्ग किमी नियोजन क्षेत्र और 254 गांवों के कारण मास्टर प्लान का प्रभाव वर्तमान नगर सीमा से काफी व्यापक होगा।
इससे मुख्य रूप से इन विषयों पर असर पड़ेगा:
-
भूमि उपयोग यानी Land Use Planning
-
नए आवासीय क्षेत्र
-
व्यावसायिक क्षेत्र
-
मिश्रित भूमि उपयोग
-
सड़क और परिवहन नेटवर्क
-
औद्योगिक क्षेत्र
-
सार्वजनिक एवं संस्थागत सुविधाएं
-
हरित एवं पर्यावरणीय क्षेत्र
-
भविष्य की आबादी के लिए आधारभूत ढांचा
इन प्रावधानों की अंतिम स्थिति आधिकारिक ड्राफ्ट के प्रकाशित होने के बाद ही निश्चित मानी जानी चाहिए।
Residential और Commercial Land Use पर सबसे ज्यादा नजर
भोपाल मास्टर प्लान का मौजूदा विवाद रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर की सुनवाई में स्पष्ट किया कि किसी संपत्ति या निर्माण की वैधता की जांच मौजूदा मास्टर प्लान और लागू Building By-laws के आधार पर की जाएगी। नया ड्राफ्ट आने से वर्तमान भूमि उपयोग अपने आप नहीं बदल जाएगा।
इसका मतलब यह है कि नया ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद भी वर्तमान नियमों के तहत किसी संपत्ति की वैधता स्वतः बदल नहीं जाएगी।
18 मीटर सड़क और Mixed Land Use पर क्या स्थिति है?
मास्टर प्लान-2047 से जुड़ी पहले की रिपोर्टों में 18 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर प्रस्तावित नियमों का उल्लेख किया गया था। वहीं 26 सितंबर की ताजा रिपोर्ट में 12 से 24 मीटर तथा 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के संदर्भ में अलग-अलग Mixed Land Use और Commercial Activity प्रावधान बताए गए हैं।
लेकिन यहां महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है:
जब तक आधिकारिक Gazette/अधिसूचना का मूल ड्राफ्ट उपलब्ध नहीं होता, इन सड़क-चौड़ाई आधारित प्रावधानों को अंतिम नियम नहीं माना जाना चाहिए।
यही बात 15 मंजिल या मेट्रो कॉरिडोर के आसपास निर्माण जैसे प्रस्तावित प्रावधानों पर भी लागू होती है।
सुप्रीम कोर्ट का ताजा निर्देश क्या है?
22 सितंबर 2026 की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति दी। लेकिन अंतिम मास्टर प्लान प्रकाशित करने से पहले न्यायालय की अनुमति आवश्यक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 के लिए निर्धारित बताई गई है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसी संपत्ति या निर्माण की वैधता का परीक्षण मौजूदा मास्टर प्लान और लागू भवन उपविधियों के अनुसार होगा।
8,084 प्रतिष्ठानों को नोटिस का मामला क्या है?
भोपाल में रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई भी इसी विवाद का हिस्सा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम की सूची में 62,500 प्रतिष्ठान दर्ज थे, जिनमें से 8,084 को नोटिस दिए गए और करीब 190 प्रतिष्ठानों को बंद/सील करने की कार्रवाई की गई।
इसलिए नया Master Plan-2047 व्यापारियों, मकान मालिकों, कॉलोनियों और जमीन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान नियमों के तहत चल रही कार्रवाई केवल ड्राफ्ट प्रकाशित होने से समाप्त नहीं होगी।
अब आगे क्या होगा?
ड्राफ्ट के सार्वजनिक होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण दावे और आपत्तियां होगा। नागरिक, जमीन मालिक, कारोबारी, कॉलोनी प्रतिनिधि और अन्य संबंधित पक्ष प्रस्तावित भूमि उपयोग तथा विकास व्यवस्था का अध्ययन करके निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकेंगे।
इसके बाद प्रस्तावों और प्राप्त आपत्तियों पर नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अंतिम Master Plan के प्रकाशन के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति की शर्त भी महत्वपूर्ण रहेगी।
भोपाल Master Plan 2047: एक नजर में
विषय |
उपलब्ध जानकारी |
|---|---|
प्लान |
Bhopal Master Plan 2047 |
वर्तमान स्थिति |
ड्राफ्ट तैयार/प्रकाशन प्रक्रिया |
प्रस्तावित नियोजन क्षेत्र |
करीब 1,017 वर्ग किमी |
प्रस्तावित गांव |
करीब 254 |
वर्तमान आधार |
पुराने मास्टर प्लान की व्यवस्था |
मुख्य लक्ष्य |
Vision 2047 |
प्रमुख विषय |
Land Use, Housing, Transport, Infrastructure |
विवाद का प्रमुख मुद्दा |
Residential में Commercial Activity |
सुप्रीम कोर्ट |
ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति |
अंतिम प्लान |
कोर्ट की अनुमति के बाद |
अगली सुनवाई |
23 नवंबर 2026 |























