
उत्तर प्रदेश में आंधी, तूफान, तेज बारिश और अन्य मौसमी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए योगी सरकार ने आधुनिक तकनीक की मदद से मौसम निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की पहल की है। प्रदेश के पांच शहरों में डॉप्लर वेदर रडार लगाए जा रहे हैं। इस परियोजना पर रडार और उनसे जुड़ी साइटों के निर्माण कार्य सहित कुल 22.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे किसानों से लेकर आम नागरिकों तक को मौसम की गंभीर परिस्थितियों के बारे में समय रहते जानकारी मिलने में मदद मिलेगी।
पांच शहरों में स्थापित होंगे हाईटेक रडार
राज्य सरकार की योजना के तहत लखनऊ, आजमगढ़, झांसी, अलीगढ़ और वाराणसी में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जा रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, आजमगढ़ और वाराणसी में रडार स्थापित हो चुके हैं, जबकि लखनऊ, झांसी और अलीगढ़ में काम जारी है।
ये रडार बादलों की स्थिति, बारिश की तीव्रता और मौसम में तेजी से होने वाले बदलावों की निगरानी करने में मदद करेंगे। इससे मौसम संबंधी चेतावनी और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को बेहतर बनाया जा सकेगा।
22.45 करोड़ रुपये होंगे खर्च
इस परियोजना के लिए लगभग 19.50 करोड़ रुपये रडार व्यवस्था पर और 2.95 करोड़ रुपये संबंधित स्थलों पर सिविल कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार कुल निवेश 22.45 करोड़ रुपये होगा।
किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
मौसम की सटीक और समय पर जानकारी मिलने से किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकती है। तेज बारिश, आंधी या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों की चेतावनी मिलने पर किसान कटाई, सिंचाई, खाद और कृषि उपज के भंडारण से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले सकेंगे।
इससे फसलों, पशुधन और कृषि गतिविधियों को होने वाले संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
आपदा प्रबंधन में भी मिलेगी मदद
डॉप्लर रडार से मिलने वाले आंकड़े प्रशासन को संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव की तैयारियां करने में सहायता देंगे। खराब मौसम की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने के लिए भी अतिरिक्त समय मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल का उद्देश्य आधुनिक मौसम निगरानी तकनीक के जरिए आपदा से होने वाले नुकसान को कम करना और आम लोगों की सुरक्षा को मजबूत बनाना है। हालांकि, रडार की स्थापना अपने आप में हर आपदा से बचाव की गारंटी नहीं है; इसका लाभ समय पर चेतावनी जारी करने और लोगों तक सूचना पहुंचाने की व्यवस्था पर भी निर्भर करेगा।




