भूटान में ग्लेशियल झील फटी, तबाही का खतरा! बंगाल के संकोश तट पर हाई अलर्ट, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील

पड़ोसी देश भूटान में ग्लेशियल झील फटने से अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना के बाद भारत के पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में भी खतरे की आशंका बढ़ गई है। संकोश नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

शिंताफू झील फटने से आया पानी का तेज बहाव
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम भूटान के गासा जिले में वकिला पर्वत के नीचे स्थित शिंताफू (Shintaphu) ग्लेशियल झील में अचानक पानी का बांध टूट गया। इसके बाद झील से भारी मात्रा में पानी तेजी से नीचे की ओर बहने लगा। पानी के तेज बहाव ने भूटान के गासा त्साचू क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया। लाया गांव को जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा भी बह गया, जिससे इस दूरस्थ क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हुआ है।

भूटान के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र को पहले ही खाली करा लिया था। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

बंगाल और असम में बाढ़ का अलर्ट
झील से निकला पानी मोफू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ रहा है। इस संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी सहित उत्तर बंगाल के संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। असम के धुबरी समेत सीमावर्ती निचले इलाकों में भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज कुमार उरांव ने कुमारग्राम, चांगमारी और आसपास के गांवों के लोगों से सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन की ओर से माइक के जरिए लोगों को चेतावनी दी जा रही है।

NDRF और SDRF की टीमें तैनात
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। कूचबिहार के तूफानगंज और बक्सीरहाट क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के निगरानी केंद्रों को भी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत की ओर से जारी विशेष बाढ़ एडवाइजरी में आशंका जताई गई है कि पानी 6 से 8 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है। हालांकि, पानी की वास्तविक मात्रा और निचले इलाकों पर इसके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।

क्या है ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF)?
ग्लेशियरों के पिघलने से पहाड़ों में बड़ी-बड़ी झीलें बन जाती हैं। इन झीलों को रोकने वाले बर्फ या चट्टानों के प्राकृतिक बांध के अचानक टूटने पर जमा पानी तेज गति से बाहर निकलता है। इसे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF कहा जाता है। इस तरह की बाढ़ अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और मिट्टी लेकर आती है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों, सड़कों, पुलों और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

फिलहाल भारत और भूटान के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाना है।

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को...

0
भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

0
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...
PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

0
भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...
Women and Child Development;

महिला एवं बाल विकास पर केंद्र-राज्य मंथन, पोषण और महिला सुरक्षा पर फोकस

0
नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का दो दिवसीय विभागीय सम्मेलन 8 और 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जा...
yogi modi modal

उत्तर प्रदेश Social Welfare योजनाएं 2026: पेंशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी

0
पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सहायता और गरीब परिवारों के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा...