भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को गांव में मिला गार्ड ऑफ ऑनर

Oplus_16908288

भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी प्रियजन को खो दिया। लेकिन इस असहनीय दुख के बीच परिवार ने ऐसा निर्णय लिया, जिससे तीन अन्य लोगों को जीवन की नई उम्मीद मिली। नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी क्षेत्र के ग्राम खापा खुर्द निवासी बिलाश टांटी शर्मा, जिन्हें शिवानी के नाम से जाना जाता था, के अंगदान के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उनके पैतृक गांव में गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें सम्मानित किया।

सड़क हादसे के बाद एम्स भोपाल में चल रहा था इलाज

प्राप्त समाचार रिपोर्टों के अनुसार, शिवानी सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें उपचार के लिए भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

इस कठिन परिस्थिति में उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया। परिवार की सहमति से शिवानी के अंगों का दान किया गया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिलने का अवसर मिला।

दो किडनी और लिवर से तीन लोगों को मिली उम्मीद

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शिवानी की दोनों किडनी और लिवर दान किए गए। इन अंगों के प्रत्यारोपण से तीन जरूरतमंद मरीजों को जीवन की नई उम्मीद मिली।

जिस परिवार के लिए यह समय सबसे बड़ी व्यक्तिगत क्षति का था, उसी परिवार के निर्णय ने उन लोगों के लिए उम्मीद का रास्ता खोला, जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता थी।

पैतृक गांव में मध्य प्रदेश पुलिस ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

शिवानी के अंगदान के योगदान को सम्मान देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार उनके पैतृक गांव खापा खुर्द में पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

यह सम्मान उस मानवीय निर्णय के प्रति श्रद्धांजलि था, जिसके माध्यम से शिवानी के अंगों ने तीन अन्य लोगों के जीवन में नई संभावना पैदा की। इस घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी परिजनों के फैसले की सराहना करते हुए इसे मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की मिसाल बताया।

एक परिवार का फैसला, तीन परिवारों के लिए नई उम्मीद

शिवानी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंगदान से जुड़े इस फैसले ने तीन परिवारों के जीवन में उम्मीद जगाई है। दुख की घड़ी में अंगदान के लिए सहमति देने वाले परिजनों का निर्णय इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है।

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पैतृक गांव में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर शिवानी के अंगदान और उनके परिवार के इस मानवीय योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।

Previous article₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव
Next articleनीलबड़ में आज से गूंजेगा गरबा-डांडिया का उल्लास, दो दिवसीय ‘कोलास गरबा महोत्सव 2026’ के लिए सजा मंच