गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव नतीजों के बीच बिहार की कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भी मतगणना हुई। यहां का नतीजा नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के लिए तगड़ा झटका देने वाला रहा। यहां गठबंधन के साझा उम्मीदवार जदयू उम्मीदवार मनोज कुमार सिंह उर्फ मनोज कुशवाहा को भाजपा प्रत्याशी केदार गुप्ता के हाथों हार का सामना करना पड़ा। केदार गुप्ता को 42.18 फीसदी यानी 74,009 वोट मिले, वहीं दूसरे नंबर पर रहे जदयू प्रत्याशी को 71,143 (40.54 फीसदी) मत प्राप्त हुए। यह चुनाव भी किसी टी-20 मुकाबले से कम नहीं रहा। मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशी आगे-पीछे होते रहे। आखिरी में कुशवाहा ने कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में हार स्वीकार कर ली। कुशवाहा पूरे समय मतगणना केंद्र पर रहे और आखिरी में निराश होकर बाहर निकल गए।
गुजरात कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा ने इस्तीफा दिया
गुजरात के राज्य प्रभारी रघु शर्मा ने राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को हस्तलिखित त्याग पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा, “मैं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा, “कृपया पार्टी प्रभारी के रूप में मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गुजरात में भारी जीत की ओर बढ़ रही है और अब तक 73 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है, जबकि गुरुवार को चुनाव आयोग द्वारा घोषित 85 सीटों के परिणामों के अनुसार कांग्रेस छह सीटों पर विजयी हुई।
गुजरात में कई मुस्लिम बहुल सीटों पर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की कीमत पर जीतता हुआ दिखाई दिया। भाजपा ने उच्च मुस्लिम आबादी वाली 17 में से 12 सीटों पर नेतृत्व किया- कांग्रेस के लिए सिर्फ पांच की तुलना में छह सीटों की वृद्धि हुई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भाजपा के लिए घाटलोडिया सीट जीती। गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने सूरत की माजुरा सीट पर 1.16 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की।
जसदण सीट से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री कुंवरजी बावलिया ने जीत हासिल की है। कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने पोरबंदर में भाजपा विधायक बाबू बोखिरिया को हराकर जीत हासिल की। कांग्रेस के मौजूदा विधायक इमरान खेड़ावाला ने अपनी जमालपुर-खड़िया सीट बरकरार रखी। आणंद जिले की पेटलाड सीट पर भाजपा के कमलेश पटेल ने कांग्रेस के प्रकाश परमार को 17954 मतों के अंतर से हराया।
सीएम जयराम ठाकुर जल्द ही राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे
हिमाचल प्रदेश के ताजा रुझानों में कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है और कांग्रेस को 39 सीटें मिलती दिख रही है। जाहिर है कि हिमाचल प्रदेश स्पष्ट जनादेश की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में बीजेपी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मौजूदा सीएम जयराम ठाकुर ने जनादेश को स्वीकार करते हुए कहा कि वो थोड़ी देर में राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप देंगे। अब तक नतीजों और रुझानों में बीजेपी को सिर्फ 26 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 35 है। पिछली बार हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने 44 सीटें जीतते हुए सरकार बनाई, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 21 सीटों पर ही जीत मिल सकी थी।
हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इतना तो तय है कि जनता ने विधानसभा चुनाव में अपने रिवाज को कायम रखा है, जहां हर पांच साल बाद सरकार बदलने की रवायत रही है। बीजेपी की हार में मंत्रियों के खिलाफ एंटी इन्कंबेंसी, सीएम का गृह जिले में काम करने की धारणा जैसे कारणों के अलावा ओपीएस भी बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से हिमाचल में सरकार बनने पर, राजस्थान की तर्ज पर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने का ऐलान करने ने सियासी हवा बदलने में अहम भूमिका निभाई है। बता दें कि कांग्रेस ने नवंबर में अपने जन घोषणा पत्र में जनता से ओपीएस लागू करने, महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 2 रुपये प्रति किलो गाय के गोबर की खरीद सहित 10 गारंटी देने का वादा किया था।
ग्लोबल स्किल पार्क का निर्माण तेजी से पूरा करें: मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएँ। इसका कार्य सातों दिन 24 घंटे चले। जून 2023 तक पार्क का निर्माण कार्य पूरा होना चाहिए। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्माणाधीन स्किल पार्क के चल रहे कार्य पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और उनकी टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री चौहान गोविंदपुरा में निर्माणाधीन संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्माणाधीन स्किल पार्क का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री चौहान ने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की समीक्षा भी की।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हर विकासखण्ड में एक आईटीआई होना चाहिए। प्रदेश के जिन 21 विकासखंडों में आईटीआई भवन नहीं हैं, उनकी स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्रता से की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक घरानों से समन्वय कर आईटीआई में आवश्यकता अनुरूप कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अधिकाधिक संख्या में प्लेसमेंट हों। इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की प्रदर्शनी में ग्लोबल स्किल पार्क की सम्पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की जाए। प्रदेश में निर्माणाधीन संभागीय आईटीआई भवन शीघ्रता से पूरा करें। निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहतर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली में माइनिंग इंजीनियरिंग कॉलेज की स्वीकृति जारी हो चुकी है, कॉलेज के भूमि-पूजन की तैयारी की जाए। ग्रामीण इंजीनियरिंग योजना में गाँव के युवाओं को प्रशिक्षण दें। इससे गाँव के लोगों को गाँव का ही इंजीनियर मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएम राइज स्कूल और आईटीआई को जोड़ कर व्यवसायिक शिक्षा दी जाए। आईटीआई, इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति प्राथमिकता से की जाये।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सिंगापुर के सहयोग से ड्रीम प्रोजेक्ट ग्लोबल स्किल पार्क का काम तेजी से हो रहा है। हमारा लक्ष्य इसे जून 2023 तक पूर्ण कर युवाओं को प्रवेश देने का है। इसमें प्रारंभ में ही 6 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को स्किल्ड करेंगे। इससे उनको तत्काल जॉब मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह काम तेजी से प्रारंभ हुआ है। आज से 10-11 माह पहले जब मैंने यहाँ निरीक्षण किया था तब यहाँ कुछ भी नहीं था।
राज्य सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष से मुख्यमंत्री चौहान मिले
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य सांख्यिकी आयोग के प्रथम अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव ने सौजन्य भेंट की। मध्यप्रदेश में मातृ-मृत्यु दर, नवजात शिशु-मृत्यु दर, शिशु-मृत्यु दर और कुपोषण कम करने के लिए गठित किए गए टॉस्क फोर्स की अध्यक्ष अर्थशास्त्री प्रो. शमिका रवि, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल (AIGGPA) के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी, संस्थान के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी और ओएसडी मुख्यमंत्री कार्यालय लोकेश शर्मा भी उपस्थित थे।
पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की प्रथम पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री चौहान ने विनम्र श्रद्धांजलि दी
अद्भुत शौर्य और पराक्रम के प्रतीक, देश के पूर्व थल सेनाध्यक्ष एवं प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
एक उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी के रूप में आप सदैव याद किए जाएंगे।
सरपंचों का मानदेय बढ़ा कर रूपये 4250 किया जायेगा – मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायतों को अधिकार संपन्न बना कर ग्राम स्वराज की नई कल्पना की गई है। इस कल्पना को साकार किया जाएगा। पंचायतों के मार्गदर्शन के लिए राज्य सरकार सदैव सहयोगी रहेगी। आज इस श्रंखला में पंचायतों को अधिक से अधिक शक्तियाँ प्रदान करते हुए प्रशासकीय कार्यों की मंजूरी के लिए ग्राम पंचायत की सीमा 15 लाख से बड़ा कर 25 लाख रूपये की जा रही है। जन-भागीदारी से विकास का नया उदाहरण प्रस्तुत करें। ग्रामों को समरस, स्वच्छ और पर्यावरण हितैषी और आदर्श ग्राम बनाएँ। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की 1472 करोड़ रूपये की राशि जारी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पंचायत पदाधिकारी यह प्रयास करें कि छोटे-मोटे झगड़े गाँव के अंदर ही निपट जाएँ और उसकी प्राथमिकी दर्ज न हो। ग्राम की समस्या ग्राम स्तर पर हल हो, यह अवधारणा क्रियान्वित करें।
मुख्यमंत्री चौहान आज भोपाल के जंबूरी मैदान में स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों पर केंद्रित नव-निर्वाचित सरपंचों के राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान और अन्य अतिथियों ने दीप जला कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण श्री प्रेम सिंह पटेल, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री रामखेलावन पटेल, लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री सुरेश धाकड़, सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, विधायक श्री विष्णु खत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नोरंग सिंह गुर्जर, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मलय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में सरपंच एवं जिला एवं जनपद पंचायत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मध्य प्रदेश गान से सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।
मुख्यमंत्री चौहान ने पंचायत पदाधिकारियों से कहा कि आप और मैं समान हैं। मैं एक बड़ी पंचायत का सरपंच हूँ और आप छोटी पंचायत के सरपंच है। लोकतंत्र में चुनी हुई व्यवस्था ही सबसे ऊपर होती है। त्रि-स्तरीय पंचायत राज व्यवस्था में अधिकारों और कर्त्तव्यों का सामंजस्य आवश्यक है। पंचायत पदाधिकारी संवाद, समन्वय और संपर्क का उपयोग कर बेहतर कार्य करें। किसी के प्रति कटुता का भाव न हो। सभी अपने हैं। निर्वाचन के बाद दृष्टिकोण व्यापक होना चाहिए। मुख्यमंत्री चौहान ने समरस पंचायतों को बधाई भी दी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश, पश्चिम क्षेत्र के शहरी क्षेत्र में स्वच्छता में नंबर वन हैं। हम अपनी पंचायतों को भी स्वच्छ ग्राम पंचायत बनाने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्राम पंचायत में ऐसा स्थान निर्धारित करें जहाँ अपनी जन्म वर्षगाँठ और अन्य शुभ अवसर पर पौधे लगाएँ। माता-पिता की पुण्य-तिथि या दिवंगत परिजन की याद में पौधे जरूर लगाएँ। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्राम में लोगों को अनाज बाँटने का कार्य हो या आवास उपलब्ध कराने का, पंचायत पदाधिकारी इसे प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखें। आवास निर्माण का कार्य बिना लेन-देन के हो। राज्य सरकार भ्रष्ट व्यक्तियों को क्षमा नहीं करेगी, लेकिन पंचायत पदाधिकारी आवासों के निर्माण गुणवत्तापूर्ण बने, इस दिशा में सहयोग प्रदान करें। शिक्षा के महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्राम का हर बच्चा स्कूल जाए, यह भी देखना है। यूनिफॉर्म, मध्यान्ह भोजन, शिक्षण शुल्क की व्यवस्थाएँ राज्य सरकार कर रही है। जो बच्चे पढ़ने में तेज हैं, चाहे वे किसी भी समाज या जाति के हों उन्हें कक्षा 12वीं में 75% अंक लाने पर लेपटॉप की सुविधा दी जा रही है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईआईटी, आईआईएम में प्रवेश हो या लॉ कॉलेज में, विद्यार्थी की फीस शासन द्वारा वहन की जाएगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री जन सेवा शिविर के माध्यम से अनेक वास्तविक और पात्र हितग्राही सामने आए। प्रदेश में 83 लाख लोगों के नाम विभिन्न योजनाओं में जोड़े गये हैं। आयुष्मान कार्ड के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। इस योजना में प्रति वर्ष 5 लाख रूपये तक का नि:शुल्क उपचार निजी अस्पतालों में देने का प्रावधान है। गंभीर रोग से प्रभावित लोगों के लिए मुख्यमंत्री कोष से उपचार सुविधा देने का कार्य भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह आवश्यक है कि हमारे परिवार और समाज में बेटियों के आगमन पर उनका स्वागत हो। सभी कार्यक्रम में मेरे द्वारा यह संदेश दिया जाता है कि बेटी बोझ नहीं वरदान है। बेटियों के प्रति आदर का भाव हो। हम अपने ग्राम में बेटियों को सम्मान दें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्रामों का मास्टर प्लान बनाएं। अब ग्राम सभा के पदाधिकारी ग्रामों के कार्य का निर्धारण करेंगे। बिना योजना के कार्य न हो। कांक्रीट की सड़क हो या खेल का मैदान, एक मास्टर प्लान बना कर, स्थानीय स्तर पर कार्यों को पूर्ण किया जाए।
डेंगू – मलेरिया के लार्वा की जांच जारी
भोपाल जिले में डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर मलेरियारोधी काम कर रही हैं जिला मलेरिया अधिकारी अखिलेश दुबे के नेतृत्व में पूरे शहर में डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए निरीक्षण किया जा रहा है घर-घर बर्तनों की जांच की जा रही है लार्वा को नष्ट करने की कार्रवाई हो रही है इसके लिए 50 से अधिक टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं और डेंगू मलेरिया के लिए रोकथाम के लिए लगातार जांच अभियान भी जा रही है। साथ-साथ डेंगू की जांच भी की जा रही है यह जांचे सभी शासकीय अस्पतालों में निशुल्क की जा रही हैं इसके साथ-साथ दवाइयां भी निशुल्क की जा रही हैं जिला मलेरिया अधिकारी दुबे ने बताया कि शहर में धुआं और दवाई का छिड़काव भी अलग अलग जगहों पर लगातार जारी है।
दुबे ने बताया कि भोपाल शहर में मलेरिया के मरीज मिलने पर आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार फांगिंग किया जा रहा है इसके साथ-साथ लोगों को मच्छरदानी में सोने की सलाह भी दी जा रही है बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनने और इसी के साथ मच्छर भगाने वाली दवाई और नेट आदि लगाने के लिए बताया जा रहा है। इसका निचली बस्तियों में आसपास तालाव या बड़े पानी के डैम उन जगहों पर मच्छर पनपने की संभावनाएं अधिक रहती हैं इसके लिए इन जगहों पर जम्बूशिया मछली भी छोड़ी गई हैं छोटे-छोटे गड्ढ़ों में दवाई का छिड़काव किया जा रहा है जिससे यदि कोई लार्वा पनप रहा है तो मर जाए लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए रैलियां, सेमिनार, स्कूलों में बच्चों को जागरूकता अभियान चलाकर जागरूक किया जा रहा है।
राज्यसभा में बोले PM मोदी, जी-20 सम्मेलन में दुनिया देखेगी भारत का गौरव
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो चुका है। सरकार इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण पेश करने की तैयारी कर रही है। शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में हम एक ऐसे समय में हम मिल रहे है जब देश को #G20 की मेज़बानी करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शीतकालीन सत्र का आज प्रथम दिन है, यह सत्र महत्वपूर्ण इसिलए है क्योंकि 15 अगस्त के पहले हम मिले थे, 15 अगस्त को आजादी का अमृत महोत्सव पूरा हुआ और हम अमृत काल में आगे बढ़ रहे हैं।
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद राज्यसभा में सदन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्वाग्त किया और आज औपचारिक रूप में सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा सभापति के राजनीतिक कार्यकाल का जिक्र करते हुए लोकतंत्र को मजबूत करने में उनके अहम योगदान को याद किया।
राज्यसभा के अध्यक्ष जगदीप धनखड़ के बारे में PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं इस सदन के साथ-साथ राष्ट्र की ओर से सभापति को बधाई देता हूं। आप संघर्षों के बीच जीवन में आगे बढ़ते हुए इस मुकाम पर पहुंचे हैं, यह देश के कई लोगों के लिए प्रेरणा है। आप सदन में इस महती पद की शोभा बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे उपराष्ट्रपति किसान पुत्र हैं और उन्होंने सैनिक स्कूल में पढ़ाई की है। इस प्रकार वह जवानों और किसानों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं।
जनवरी में न्यूजीलैंड से वनडे और टी-20 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया
नए साल पर शहर के क्रिकेट प्रशंसकों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दावत मिलेगी। भारत दौरे पर आने वाली न्यूजीलैंड टीम शहर के होलकर स्टेडियम में 24 जनवरी को वनडे मैच खेलेगी। यह वनडे सीरीज का निर्णायक मैच होगा। इससे पहले दो मैच हैदराबाद और नागपुर में होंगे।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) की दौरा एवं कार्यक्रम निर्धारण समिति की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें न्यूजीलैंड दौरे को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरे पर तीन वनडे और तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेले जाएंगे। सीरीज के कार्यक्रम की अभी आधिकारिक घोषणा शेष है। बीसीसीआइ से जुड़े सूत्रों के अनुसार वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 18 जनवरी को हैदराबाद में जबकि दूसरा 21 जनवरी को नागपुर में होगा। इंदौर में 24 जनवरी को तीसरा व निर्णायक वनडे खेला जाएगा।
वनडे के बाद टी-20 सीरीज शुरू होगी। इसके मैच 27 जनवरी को रांची में, 29 जनवरी को लखनऊ में और एक फरवरी को अहमदाबाद में होंगे। उल्लेखनीय है कि बीसीसीआइ की रोटेशन नीति के तहत इंदौर में इसी साल वनडे मैच होना था, मगर मेजबान मप्र क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) एक साथ दो मैच की मेजबानी करने का इच्छुक नहीं था, जिसे देखते हुए इसे अगली सीरीज के लिए बढ़ा दिया गया था।














