बुरहानपुर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आज से मध्य प्रदेश में बुरहानपुर जिले के बोदरली गांव से शुरू हो होकर दरियापुर होते हुए सेंट जेवियर स्कूल जैनाबाद फाटक पहुंची। स्कूल में विश्राम करने के बाद यात्रा फिर आगे बढ़ी। शहर में प्रवेश से पूर्व जगह-जगह यात्रा का स्वालगत आ।यात्रा के आगे तिरंगा ध्वज लेकर मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष ओमकार सिंह मरकाम चले। राहुल ने यहां नुक्करड़ सभा को संबोधित किया।
राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महंगाई, बेरोजगारी, डर और भाजपा द्वारा जो नफरत फैलाई जा रही है, उसको लेकर लोगों से बात करना है। संवाद के जो माध्यम होते थे, उन्हें भाजपा ने तहस-नहस कर दिया है। सदन में माइक बंद करा देते हैं और अन्य मंचों को भी प्रभाव में ले रखा है। ऐसे में भारत जोड़ो यात्रा ही एक रास्ता थी।
सभा में राहुल गांधी ने कहा उन्होंने केरल से यात्रा कर महाराष्ट्र में प्रवेश किया वहां लोगों का अपार जनसमर्थन मिला महाराष्ट्र ने समर्थन देने में केरल को हराया था और मध्य प्रदेश ने महाराष्ट्र को हरा दिया । उन्होंने कहा हिंदुस्तान में डर और हिंसा का माहौल है। हमने बहुत कोशिश की और जनता, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों की आवाज राज्यसभा में उठाने का प्रयास किया
राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोट बंदी लागू की थी इसके बाद पांच अलग-अलग गलत जीएसटी लागू कर शेष बचे उद्योग धंधों को भी चौपट कर दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि मैं अब तक 2000 किलोमीटर चल चुका हूं, लेकिन थका नहीं। उन्होंने कहा हिंदुस्तान कौन सा वाला देश नहीं है, लेकिन विपक्षी डर दिखाकर हिंसा फैलाते हैं। जब किसानों को आपकी जरूरत होती है तो इंपोर्ट – एक्सपोर्ट की पॉलिसी बदल देते हैं। युवाओं को डराने के लिए सबसे पहले नोटबंदी और जीएसटी लागू की जिससे छोटे उद्योग धंधे जो रोजगार की रीढ़ हैं वे बैठ गए।राहुल गांधी ने कहा यात्रा शुरू करने से पहले मुझे कल्पना नहीं की थी कि इतना अपार जनसमर्थन इस यात्रा को मिलेगा। उन्हों ने अग्निवीर भर्ती परीक्षा पर भी निशाना साधा।
भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने का कारण राहुल गांधी ने नुक्कजड़ के जरिये जनता को बताया
संभागीय आईटीआई भोपाल में प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया
भोपाल: संभागीय आईटीआई भोपाल में मैग्नम ग्रुप भोपाल का प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किया गया जिसमें लगभग 128 विभिन्न शैक्षणिक योग्यता के प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों में से 70 आवेदकों का प्राथमिक चयन किया गया है। अंतिम चयन होने के पश्चात् ये युवा योग्यता के आधार पर 10 से 15 हजार मासिक वेतन पर बिज़नेस प्रोसेसिंग मे कार्य करेंगे।
एक करोड़ 31 लाख से अधिक का 1511 वाहन चालकों पर जुर्माना किया, 154 के लाइसेंस सस्पेंड
भोपाल: नगरीय यातायात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध कार्यवाही निरंतर जारी हैं। एक मार्च से 31 अक्टूबर 2022 तक 1511 वाहन चालकों के विरूद्ध कार्यवाही कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किये गये हैं। न्यायालय द्वारा वाहन चालकों के विरूद्व एक करोड़ 31 हजार 100 रूपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया हैं।
इसके साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत इन वाहन चालकों के ड्रायविंग लायसेंस निलंबन हेतु जिला परिवहन अधिकारी को लेख किया गया हैं। उनके द्वारा अभी तक 154 वाहन चालकों के ड्रायविंग लायसेंस 3 माह के लिये निलंबित किये गये हैं। निलंबन अवधि पूर्ण होने के उपरांत लायसेन्सधारियों को अपना लायसेंस बहाल कराने हेतु एक आवेदन पत्र स्वयं और वाहन के वैध दस्तावेज सहित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी भोपाल के पास देकर संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।
निलंबित लायसेंसधारी निलंबन लायसेंस के साथ में वाहन चलाते पाए जाने पर उपरोक्त वाहन चालकों के विरूद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बिना लायसेंस वाहन चलाने संबंधी कार्यवाही की जा सकती है। इसके साथ ही इस अपराध की पुनरावृति करने पर 15,000 रूपए का जुर्माना अधिरोपित किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को ज्लद ही व्हाट्सएप पर मिलेंगे बिजली बिल
भोपाल : मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। अब बिजली उपभोक्ताओं को कंपनी द्वारा रीडिंग लेने के पश्चात बिल जनरेट होने के तुरंत बाद ही मोबाइल पर एस.एम.एस. के साथ-साथ व्हाट्सएप पर भी बिजली बिल प्राप्त होंगे। कंपनी द्वारा व्हाट्सएप पर बिजली बिल भेजने की सुविधा चालू माह से उपलब्ध करा दी गई है और अभी तक लगभग छः लाख से अधिक उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप पर बिजली बिल उपलब्ध कराये गये हैं।
यह व्यवस्था कंपनीकार्य क्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एव चंबल संभाग के अंतर्गत 16 जिलों के सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए लागू की गई है। बिजली उपभोक्ताओं के लिए कंपनी द्वारा अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उनके बिजली बिल ईमेल, एस.एम.एस., upay एप, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in के अलावा अब व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध हैं।
कंपनी के प्रबंध संचालक गणेश शंकर मिश्रा द्वारा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र में आईटी के अनुप्रयोग लागू करने के साथ-साथ कई नवाचारों में उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है जिससे कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ-साथ उपभोक्ता संतोष में भी वृद्धि हुई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक गणेश शंकर मिश्रा ने बिजली उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए कृत-संकल्पित है और उपभोक्ताओं की सुविधाओं के विस्तार हेतु हर संभव प्रयास किये जाएंगे।
सुजलाम् अभियान के तहत भोपाल जिले में 3302 सामुदायिक का निर्माण हुआ
भोपाल: सुजलाम् अभियान के तहत भोपाल जिले में 3302 सामुदायिक एवं व्यक्तिगत सोकपिट, लीच पिट एवं मैजिक पिट का निर्माण हुआ है। इस निर्माण के चलते अब निस्तार के पानी को धीरे-धीरे जमीन में पहुँचाने में मदद मिलेगी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज सिंह ने बताया है कि आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 100 दिवसीय सुजलाम् अभियान के अंतर्गत जिले में सामुदायिक एवं व्यक्तिगत सोकपिट निर्माण का कार्य कराया गया है। तरल अपशिष्ट् प्रबंधन ग्राम कार्ययोजना अनुसार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण मद, 15वां वित्तग एवं मनरेगा से चिन्हित कार्यों को प्राथमिकता पर पूर्ण कराने की कार्यवाही की गई है।
जिला अन्तरर्गत 1818 लीच पिट, 05 मैजिक पिट तथा 299 सोक पिट एवं किचिन गार्डन 132 के कार्य कराए गए हैं। जनपद पंचायत बैरसिया के अंतर्गत 605 लीच पिट, 05 मैजिक पिट व 292 सोक पिट एवं किचिन गार्डन 95 तथा जनपद पंचायत फंदा अंतर्गत 1213 लीच पिट, 07 सोक पिट एवं 37 किचिन गार्डन के कार्य किए गए हैं।
सिंह के अनुसार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 25 अगस्त 2021 से 15 फरवरी 2022 तक स्वच्छ भारत मिशन-(ग्रामीण) अंतर्गत सुजलाम अभियान चलाया गया था। अभियान में तरल अपषिष्ट प्रबंधन अंतर्गत सामुदायिक एवं व्यअक्तिगत सोक पिट का निर्माण जिले में किया गया। ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में तरल अपशिष्टअ प्रबंधन के अंतर्गत सोक पिट निर्माण की संरचनाएं ग्रामीणों के स्वास्थ्य तथा स्वच्छता हित में बेहतर कदम है।
सोकपिट के निर्माण से घरों तथा बसाहट क्षेत्र में बहने वाले गंदा पानी के प्रबंधन हेतु संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। पानी के संचय के लिए सोकपिट अच्छा साधन माना जाता है। सार्वजनिक हैण्ड पम्पों, घरों एवं सरकारी संस्थााओं में निस्तार के पानी को सोक पिट के माध्यम से आसानी से गड्ढे के अन्दर पहुँचाया जा सकता है, इससे लगभग 85590 क्यूक.मी पानी धीरे-धीरे जमीन के अन्दर चला जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत बेहतर है तथा भूमिगत जल भी रिचार्ज हो जाता है।
माता-पिता के झगड़े से परेशान होकर खुद को घर में बंद करने वाले 16 वर्षीय किशोर ने अब अपने साथ-साथ परिवार के लिए इच्छा मृत्यु मांग की
प्रधानमंत्री के नाम लिखा पत्र, बाल आयोग, केंद्र व राज्य के गृह मंत्री को भी भेजी प्रति
भोपाल, बीते दिनों माता-पिता के झगड़े से परेशान होकर खुद को घर में बंद करने वाले 16 वर्षीय किशोर ने अब अपने साथ-साथ परिवार के लिए इच्छा मृत्यु मांग की है। इसके संबंध में किशोर ने एक पत्र प्रधानमंत्री के नाम लिखा है। इसकी प्रति केंद्र व राज्य के गृह मंत्री सहित बाल आयोग को भी भेजी है। किशोर का कहना है कि वह और उसके पिता और दादी- बाबा मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहे हैं और इसलिए उसे सबके लिए इच्छा मृत्यु चाहिए। नवंबर में मैंने, पापा और मेरे बाबा ने उन्हें रंगे हाथ एक आदमी के साथ पकड़ा था, उसके बाद मां ने पुलिसवालों के साथ मिलकर पापा को झूठे केस में फंसाया इस सब के बाद भी पुलिस वालों ने हमारे घर का कब्जा मेरी मां और नानी को दे दिया। मेरी अर्धवार्षिक परीक्षाएं होनी है, लेकिन बार-बार पुलिस के चक्कर और नानी व मां की गाली- गलौच के कारण मैं पढ़ नहीं पाता हूं। इन
सब चीजों से छुटकारा पाने मैं अपने लिए, अपने पिता और अपने दादी और बाबा के लिए इच्छा मृत्यु चाहता हूं।
सिटी चाइल्ड लाइन की समझाइश पर खोला था गेट
उल्लेखनीय है कि बच्चा बीते एक साल से चल रहे माता-पिता के विवाद से परेशान है और मां से गुस्सा होकर उसने बीते हफ्ते खुद को घर में कैद भी कर लिया था। मां ने इस पर खूब हंगामा किया था, जिसके बाद सिटी चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम की समझाइश के बाद बमुश्किल बच्चा इस शर्त पर दरवाजा खोलने को राजी हुआ था कि पहले मां को यहां से हटाया जाए। जानकारी के मुताबिक मामला हबीबगंज थाने में पहुंचा था। अगले दिन मां ने थाने और चाइल्ड लाइन ऑफिस में भी जमकर हंगामा किया और कहा कि वह अपने पति के घर से निकलना नहीं चाहती।
मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ को उत्कृष्ट कार्य के लिए एमडी पुरूषोत्तम धीमान को मिला राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार
मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ को विशेष कार्य और उपलब्धियों की श्रेणी में केन्द्र शासित क्षेत्र दमन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में केन्द्र शासन के सचिव मत्स्य जितेंद्र नाथ सांई ने महासंघ के एम.डी. पुरूषोत्तम धीमान और प्रदेश के मत्स्य-पालन मंत्री के ओ.एस.डी. जीवन रजक को 5 लाख रूपये के राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया।
जल-संसाधन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विशेष उपलब्धि के लिए मत्स्य महासंघ की सभी मछुआ सोसायटी और मछुआरों को बधाई और शुभकामनाएँ भी दी हैं। राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड हैदराबाद द्वारा एक हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र के बाँध, नदी और तालाबों में मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन तथा उत्पादन में लगातार वृद्धि के लिए मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ के कार्यों और नवाचारों की प्रशंसा की गई है।
प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग द्वारा लगातार बेहतर काम किया जा रहा है। इसके लिए मछुआ सोसाइटी से लगातार संवाद करने के साथ ही मछुआ परिवारों की मदद के लिए अनेक कल्याणकारी योजना चलाई जा रही हैं। विगत 3 वर्ष में विपरीत परिस्थितियों में भी विभाग के द्वारा अच्छा काम किया गया है और मछुआ समितियों के सदस्यों को राज्य सरकार की योजना का लाभ दिया गया है। साथ ही मछुआ समाज के लोगों को जाल, नाव, बीमारी में सहायता, स्वास्थ, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक मदद और बालिकाओं के विवाह के लिए मीनाक्षी योजना में आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
महासंघ के एम.डी. धीमान ने बताया की मत्स्य महासंघ द्वारा व्यवसाय से अर्जित शुद्ध लाभ का लगभग 50 प्रतिशत भाग मछुओं के कल्याण में व्यय किया जाता है। इस कार्य के लिए मत्स्य महासंघ द्वारा मछुआ कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। मत्स्य पालकों के लिए दुर्घटना बीमा योजना, बचत-सह-राहत, आजीविका सहयोग, जलदीप, नाव-जाल अनुदान, मुख्यमंत्री मीनाक्षी कन्या विवाह, निषादराज छात्रवृत्ति, गंभीर बीमारी, शिक्षा प्रोत्साहन, प्रोत्साहन पुरस्कार, अनुग्रह और मछुआ प्रशिक्षण योजना शामिल है। मछुओं को अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बिना ब्याज एवं कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने के उददेश्य से केन्द्र सरकार की मंशानुरूप किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मत्स्य महासंघ के मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड से 40 हजार रूपये की ऋण सीमा तक राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराये गये मत्स्य महासंघ के अधीन 28 जलाशय हैं, जिसका औसत 2 लाख 31 हजार हेक्टेयर औसत जलक्षेत्र मत्स्य पालन के लिए उपलब्ध है। विगत वर्षों में प्रदेश में कई नवीन जलाशयों का निर्माण हुआ है, जिससे नवीन जलक्षेत्र विकसित हुआ है। राज्य शासन की मछली पालन नीति- 2008 के प्रावधान अनुसार 1000 हेक्टेयर से बड़े जलक्षेत्र वाले नवीन जलाशयों का प्रबंधन मत्स्य महासंघ को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे इसके कार्यक्षेत्र में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है।
वर्तमान में 216 पंजीकृत समितियों के 14 हजार 688 सदस्य महासंघ के जलाशयों में कार्यरत है। जलाशयों से होने वाले मत्स्योत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना स्वर्णिका के बेहतर भविष्य निर्माण में वरदान साबित होगी
भोपाल, प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के नागरिकों के सुखद भविष्य को लेकर अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं बनाकर उन्हें जमीनीस्तर पर संचालित किया जा रहा है। इन योजनाओं से प्रदेश के लाखों लोग लाभांवित हो रहे हैं। इन्हीं जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक “लाडली लक्ष्मी योजना” भी है, जो बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं की शैक्षणिक स्तर के साथ ही स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से संचालित है।
शासन की इस महत्वपूर्ण योजना से सीहोर शहर की आकांक्षा तिवारी की बेटी स्वर्णिका तिवारी भी लाभांवित हुई है। आकांक्षा बताती है कि मैंने अपनी बेटी स्वर्णिका का पंजीयन लाडली लक्ष्मी योजना में कराया है, जिससे मुझे अपनी बेटी की शिक्षा एवं विवाह के लिए धनराशि प्रदान की जाएगी। प्रदेश सरकार की यह लाडली लक्ष्मी योजना मेरे जैसी अनेक माताओ को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य में मददगार है।
आकांक्षा ने इस योजना को चलाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद दिया है।
भोपाल में पुरूष नसबंदी पखवाड़े का शुभारंभ हुआ
भोपाल, पुरूष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए नसबंदी पखवाड़े के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम भारत शासन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत गतिविधि है। भारत की पारंपरिक सामाजिक संरचना में अभी भी परिवार नियोजन का दायित्व मुख्यतः महिलाओं पर अवलंबित हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने मंगलवार को जे.पी. चिकित्सालय परिसर में अभियान का शुभारंभ किया गया। परिवार नियोजन में पुरूष की भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु समुचे देश में प्रतिवर्ष पुरूष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी पुरूष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन 21 नवम्बर से 4 दिसम्बर के मध्य किया जायेगा। इन शासकीय संस्थाओं में एन.एस.व्ही. ऑपरेशन कराने पर हितग्राही को 3 हजार रूपये एवं प्रेरित करने वाले व्यक्ति को 400 रूपये की राशि दी जाती है ।
इस अवसर पर कैरियर कालेज, दशहरा मैदान के 30 छात्रों द्वारा पुरूष नसबंदी को प्रेरित करने के उद्देश्य से एक नुक्कड़, नाटक का प्रदर्शन किया गया जो कि अत्यंत रोचक एवं सराहनीय रहा तथा छात्र-छात्राओं द्वारा बनाये गये पोस्टर, पेम्पलेट्स के माध्यम से रैली निकाल कर संदेश दिया गया।
पखवाड़े के तहत गॉंधीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार द्वारा एक सगोष्ठी का आयोजन किया गया तथा वार्ड में रैली के माध्यम से जागरूकता गतिविधि करवाई गई।
जिले के प्रभारी डिप्टी एम.ई.आई.ओ. श्री प्रवीण मालवी ने बताया कि 21 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक पुरूष नसबंदी पखवाड़ा में विभिन्न गतिविधियॉं दो चरणों में की जायेगी। मोबालॉईजिंग तथा सामाजिक जागरूकता की गतिविधि 21 नवम्बर से 27 नवम्बर 2022 तक सेवा प्रदायगी गतिविधि 28 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2022 तक एन.एस.व्ही कराने की सुविधा, जे.पी. चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, बैरागढ़, सिविल अस्पताल, गांधीनगर, सिविल अस्पताल, बैरसिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कोलार में उपलब्ध रहेंगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत मैदानी स्तर पर आश कार्यकर्ता, आशा सुपरवाईजर, ए.एन.एम., एम.पी.डब्ल्यू., सी.एच.ओ. द्वारा ग्राम स्तर की लक्ष्य दम्पत्ति सूची तैयार की जाकर एम.ओ/बी.एम.ओ. के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
होलीक्रास स्कूल की पानी की टँकी में मिला डेंगू का लार्वा, निगम ने लगाया 10 हजार रुपये का जुर्माना
भोपाल, उपनगर कोलार में डेंगू लगातार बढ़ रहा है, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम रहवासियों बस्तियों, संस्थाओं का निरीक्षण कर रहे है। अधिकारियों ने क्षेत्र के शैक्षणिक संस्था होलीक्रास स्कूल में डेंगू के लार्वा मिलने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान पानी की टंकियों में लार्वा पाए जाने पर टीम ने प्रबंधन को पानी की टंकियों की करने, पानी जमा न होने देने की सख्त चेतावनी दी है। इस स्कूल में करीब 15 सौ बच्चे पढ़ाई करते हैं।
मालूम हो कि शहर में इस सीजन में डेंगू से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद से लगातार विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे दलों द्वारा निरीक्षण करने के साथ ही लार्वा मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। सर्वे दल को डेंगू संक्रमित परिवारों से जानकारी मिली थी कि उनके बच्चे होलीक्रास स्कूल में पढ़ते हैं। टीम ने स्कूल का सर्वे कर लार्वा नष्ट करने के साथ ही स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को डेंगू से बचाव के उपाय एवं लार्वा नष्ट करने के संबंध में जानकारी भी दी।
स्कूलों में साफ-सफाई रखी जाए, कहीं भी पानी जमा न होने दें, इसके निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों से आग्रह कर रहे हैं कि वे बच्चों को फुल आस्तीन के शर्ट पहनाकर स्कूल भेजें – नितिन सक्सेना, डीईओ, भोपाल
किसी भी घर में मलेरिया, डेंगू के मरीज मिलने पर आसपास के घरों में भी लार्वा जांच के साथ रक्त पट्टिका बनाई जा रही हैं। सभी शासकीय अस्पतालों में निशुल्क जांच और दवा उपलब्ध करवाई गई है। अखिलेश दुबे, जिला मलेरिया अधिकारी, भोपाल














