मध्य प्रदेश के शासकीय विभागों में तीन चरणों में भरे जाएंगे पद

भोपाल। शासकीय नौकरी की बाट जोह रहे युवाओं के लिए एक अच्‍छी खबर है। मध्य प्रदेश में तृतीय श्रेणी के पदों पर तीन चरणों में भर्तियां होने जा रही हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने एक बार में अधिकतम भर्ती की सीमा पांच प्रतिशत को बढ़ाने की भी सहमति दे दी है। प्रदेश में कुल 31,883 तृतीय श्रेणी के पदों पर भर्ती होनी है। वर्ष 2022-23 में 28,465, 2023-24 में दो हजार 57 और 2024-25 में एक हजार 361 पद भरे जाएंगे।

जिन विभागों में स्वीकृत संवर्ग के पद 50 से कम है वहां एक ही बार में भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 51 से लेकर 500 पद जिन संवर्ग में रिक्त हैं वहां इनकी पूर्ति दो चरण में की जाएगी। पहले चरण में वर्ष 2022-23 में 50 प्रतिशत और 2023- 24 में शेष 50 प्रतिशत पदों पर भर्ती होगी। ऐसे संवर्ग जिम में रिक्त पदों की संख्या 500 से अधिक है वहां तीन चरणों में भर्ती प्रक्रिया होगी।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने से चुनाव आयोग ने IAS अधिकारी को चुनावी ड्यूटी से हटाया

निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एक IAS अधिकारी को चुनावी ड्यूटी से हटा दिया है।। IAS अधिकारी अभिषेक सिंह ने अपने Instagram पेज पर जनरल ऑब्जर्वर के रूप में पोस्ट शेयर किया था। चुनाव आयोग ने इस पर कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें इस पद से हटा दिया है। उनकी जगह पर कृष्ण वाजपेयी को नियुक्त किया गया है। संयुक्त चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर अजय भट्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। आयोग ने कहा कि इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया गया है। इसलिए, अभिषेक सिंह को सामान्य पर्यवेक्षक के रूप में उनके कर्तव्यों से तुरंत मुक्त कर दिया गया है। उन्हें अगले आदेश तक चुनाव संबंधी किसी भी कर्तव्य से वंचित कर दिया गया है।

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, ‘अब आयोग के संज्ञान में यह आया है कि यूपी कैडर के 2011 बैच के IAS अभिषेक सिंह ने जनरल ऑब्जर्वर के रूप में अपनी पोस्टिंग/जॉइनिंग शेयर करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ का उपयोग किया है और अपनी आधिकारिक स्थिति को प्रचार स्टंट के रूप में इस्तेमाल किया है।’ एक चुनाव अधिकारी के तौर पर अपने-आप को प्रचारित करने पर चुनाव आयोग ने ये कड़ा फैसला लिया।

जल, जंगल, जमीन पर जनजातीय वर्ग को मिलेगा अधिकार : मुख्यमंत्री चौहान

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जल, जंगल, जमीन पर जनजातीय वर्ग का अधिकार है। राज्य सरकार उनके हक को दिला रही है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग को सशक्त और अधिकार सम्पन्न बनाने के लिये पेसा एक्ट लागू किया गया है, जिससे उनके जीवन में खुशहाली आएगी। गाँव का पैसा गाँव के विकास में ही उपयोग होगा। छल और कपट से प्रदेश की धरती पर धर्मांतरण नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री चौहान गुरूवार को नर्मदापुरम जिले के जनजातीय ब्लॉक केसला में पेसा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पेसा एक्ट से मिले अधिकारों के प्रति जनजातीय समुदाय को जागरूक किया।

 

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट से जनजातीय वर्ग को मजबूती मिलेगी। नये नियमों के अनुसार अब पटवारी और बीट गार्ड को गाँव की जमीन का नक्शा, खसरा, बी वन नकल, गाँव में ही लाकर ग्राम सभा में दिखाने होंगे, जिससे जमीन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न कर सके। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो ग्राम सभा को उसे ठीक करने का अधिकार रहेगा। किसी प्रोजेक्ट के लिये जमीन लेने के लिये ग्राम सभा की सहमति जरूरी होगी। छल, कपट और बलपूर्वक अब कोई जमीन नहीं हड़प सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो ग्राम सभा को हस्तक्षेप कर उसे वापस करवाने का अधिकार होगा। छल और कपट से प्रदेश की धरती पर धर्मांतरण किसी कीमत पर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि खनिज के मामले जिनमें रेत खदान, गिट्टी-पत्थर के ठेके देना है या नहीं इसका निर्णय भी ग्राम सभा में ही लिया जाएगा।

पहली बार जनजातीय वर्ग को जल, जंगल और जमीन के अधिकार देने हुआ गंभीर प्रयास : मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जनजातीय वर्ग को महत्वपूर्ण अधिकार देने के उद्देश्य से प्रदेश में 15 नवम्बर से लागू पेसा नियम को जमीन पर उतारने के लिए कलेक्टर्स संबंधित विभिन्न विभागों के साथ सक्रिय भूमिका का निर्वहन करें। पेसा जागरूकता सम्मेलन से संबंधित वर्ग को नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाए। आज नर्मदापुरम जिले के केसला में पेसा जागरूकता सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ है। अन्य जिलों में भी ऐसे सम्मेलन किए जाएंगे। साथ ही 22 नवम्बर को राज्य स्तरीय पेसा कार्यशाला भोपाल में होगी। इसमें 7 संभाग – चम्बल, उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल और रीवा के कमिश्नर्स और आईजी, 20 जिले श्योपुर, रतलाम, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, खण्डवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, मण्डला, डिंडौरी, बालाघाट, शहडोल, अनुपपूर, उमरिया और सीधी के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और जिला पंचायत के सीईओ हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने आज निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा पेसा जागरूकता कार्यक्रम संबंधी निर्देश कलेक्टर्स को दिये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के लिए पेसा के नियमों को पूरी ताकत के साथ लागू करने का पहली बार गंभीरता से प्रयास हुआ है। प्रदेश के 20 जिलों के 89 विकासखण्डों की 5 हजार 254 पंचायतों के 11 हजार 757 ग्रामों में यह नियम लागू हैं। इन ग्रामों की ग्राम सभाएँ 20 नवम्बर से 3 दिसम्बर के मध्य होंगी। इन विशेष ग्राम सभाओं में पेसा नियमों के बिन्दुओं पर चर्चा के साथ विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसी तरह ग्राम सभाएँ पेसा नियम लागू होने के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पारित करेंगी और 4 दिसम्बर को टंट्या मामा बलिदान दिवस के कार्यक्रमों में भागीदारी पर भी चर्चा करेंगी। प्रभारी मंत्रियों के परामर्श से कलेक्टर्स ग्राम सभा की तारीख तय करेंगे।

हिन्दू हित चिंतक अभियान से परिवार सहित जुड़े – मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज निवास पर विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री विनायक रावजी एवं परिषद के अन्य सदस्यों ने भेंट की। मुख्यमंत्री चौहान को परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने हिन्दू हित चिंतक अभियान की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री चौहान परिवार सहित हिन्दू हित चिंतक अभियान से जुड़े और उन्होंने अपील की कि समस्त हिन्दू समाज भी हित चिंतक अभियान से जुड़े।

कोलार रोड: विकास कार्यों से रामेश्वर की पकड़ बनी घर घर, कांग्रेस बंगलेंबाजी से चित

भोपाल, उपनगर में विकास कार्यों का स्वर्णिम काल शुरू हो गया है, चारों तरफ विकास कार्य के लिए कार्य गति के साथ शुरू हो गए है।

भोपाल संसदीय क्षेत्र में आने वाली हुजूर विधानसभा का प्रमुख आबादी क्षेत्र होने के कारण राजनीतिक दृष्टि से यहां हो रहे कार्य, आयोजन सत्ता की गलियों में चर्चा में बने रहते है।

जनता की समस्या का निदान सिर्फ विधायक भरोसे!

25 वर्ष पूर्व ये उपनगर क्षेत्र बेहद ही पिछड़ा क्षेत्र था। इसके बाद यहां राजधानी से रिटायर होकर आने वाले, झुग्गी क्षेत्र से विस्थापित किए लोगों के निवास आ जाने से यहाँ सड़क, बिजली, पानी, सीवेज जैसी अनेकों मूलभूत सुविधाओं मांग बढ़ने लगी थी।

पंचायत काल से शुरू हुआ मांगों का दौर नगर पालिका काल गुजराते हुए नगर निगम तक जा पहुंचा। कांग्रेस भाजपा शासन राज्य में क्षेत्र की जनता ने देखा।

रहवासियों से मिली जानकारी के आधार पर जितना काम विधायक रामेश्वर शर्मा के कार्यकाल में हुआ वो पूर्व में कभी भी नहीं हुआ है।

जनता कांग्रेस की भूमिका से नाराज

कोलार में कांग्रेस का सर्वमान्य नेता नहीं है कांग्रेस जातिगत, क्षेत्रवाद और गुटबाजी में उलझी हुई है। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता क्षेत्र में आने वाली समस्या, आपदा, संकट में एक साथ खड़े नहीं होते है। कांग्रेस में विवाद की मुख्य वजह ग्रामीण और शहर कांग्रेस का बंटवारा है।

ब्लॉक कांग्रेस की जमीन पर पकड़ नहीं है जिन्हें ब्लॉक कांग्रेस की जिम्मेदारी दी गई है उन्हें जनता अपनी पीड़ा से अवगत नही करती है। कई कांग्रेस नेता केवल बंगलों की जी हजूरी के कारण विभिन्न पदों पर आसीन है पर जनता से जूड़े हुए नहीं है। जनता उनसे संवाद नहीं करती है। जनता में चर्चा बनी रहती है कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता बंगलों की नाराजगी के कारण निष्काषित कर दिये जाते है।

जनता का आरोप हैं कोलार कांग्रेस विपक्ष जैसी धार नहीं है चुनाव समय, माह डेढ़ माह पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ता दिखाई देते है बाकी समय उनसे मुलाकात का न कोई स्थान न कोई ऐसा नेता जो उनकी समस्याओं के निदान के लिए सड़क पर संघर्ष करें।

SC में केंद्र ने दोषियों की रिहाई के खिलाफ दाखिल की याचिका

 

केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड के 6 दोषियों को रिहा करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट से दोबारा विचार करने की मांग की है। 11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी, जयकुमार, मुरुगन समेत 6 लोगों को इस आधार पर रिहा किया था कि वह 30 साल से अधिक समय तक जेल में रह चुके हैं। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि 6 लोगों की रिहाई का आदेश देते समय उसका पक्ष नहीं सुना गया। सरकार ने यह भी कहा कि छह में से चार दोषी श्रीलंकाई थे और देश के पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के जघन्य अपराध के लिए आतंकवादी होने का दोषी ठहराया गया था।

 

किस आधार पर हुआ था फैसला

 

इससे पहले आरोपियों को रिहा करते हुए अदालत ने कहा था कि ये फैसला कैदियों के अच्छे व्यवहार और मामले में दोषी ठहराए गए एक अन्य व्यक्ति एजी पेरारीवलन की मई में रिहाई पर आधारित था। जिसमें कहा गया था कि गिरफ्तारी के समय वह 19 साल का था और 30 साल से अधिक समय तक जेल में रहा था। कांग्रेस ने इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए कहा था कि पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारों को मुक्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरी तरह से अस्वीकार्य और पूरी तरह से गलत है। बता दें कि, 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या हुई थी। इसे आतंकवादी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) ने अंजाम दिया था

पंजाब केसरी स्व. श्री लाला लाजपत राय की पुण्य-तिथि पर मुख्यमंत्री चौहान ने नमन किया

पंजाब केसरी स्व. श्री लाला लाजपत राय की पुण्य-तिथि पर मुख्यमंत्री चौहान ने नमन किया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब केसरी स्वतंत्रता सेनानी स्व.लाला लाजपत राय की पुण्य-तिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

 

देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को पंजाब के मोगा जिले में हुआ था। लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल को लाल-बाल-पाल के नाम से जाना जाता है। लाला लाजपत राय ने स्वामी दयानंद सरस्वती के साथ मिल कर आर्य समाज को लोकप्रिय बनाया। देश के लिए उनकी निष्ठा और देश भक्ति सदैव अमर रहेगी।

नीला गुलमोहर, करंज और सारिका इंडिका के पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए 

नीला गुलमोहर, करंज और सारिका इंडिका के पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में नीला गुलमोहर, करंज और सारिका इंडिका के पौधे लगाए। नीले गुलमोहर के फूल अपनी विलक्षण सुंदरता के कारण उद्यानिकी क्षेत्र में लोकप्रिय हैं। मुख्यमंत्री चौहान के साथ अनमोल जीवन संस्था भोपाल के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल नागर, नारायण सिंह कुशवाहा, राजाराम शिवहरे और राजेश चौकसे पौध-रोपण में सम्मिलित हुए। संस्था बुजुर्ग, लाचार, बीमार और दिव्यांग लोगों की सहायता में संलग्न है और उनके पुनर्वास और इलाज की व्यवस्था की जाती है। संस्था हमीदिया अस्पताल, भोपाल के सहयोग से कई बुजुर्ग और असहाय लोगों को उपचार उपलब्ध करा चुकी है। सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए शहर में लगभग 5 हजार मवेशियों के सींग पर रेडियम लगवाया गया है। घायल मवेशियों के रेस्क्यू और उनके उपचार के लिए भी संस्था कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री चौहान के साथ अनमोल जीवन संस्था के अयान खान, वरूण सेंगर, आशीष मीणा, मोहन सोनी, कार्तिक मीना, प्रागेश, सुश्री वीना श्रीवास्तव, सानिध्य जैन, राहुल, नरेश, अयान अली और डॉ. जिशान हनिफ ने भी पौधे लगाए।

यह 22 अक्षरी श्री दक्षिण काली मंत्र दूर करेगा आपके जीवन के हर संकट

यह 22 अक्षरी श्री दक्षिण काली मंत्र दूर करेगा आपके जीवन के हर संकट

महाकाली मां दुर्गा का ही स्वरूप हैं। महाकाली की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। देवी का यह रुप सबसे शक्तिशाली माना जाता है। सामान्य तौर पर महाकाली की आराधना सन्यासी या तांत्रिक करते हैं। लेकिन मां काली के कुछ मंत्र ऐसे भी हैं जिनका जाप कर कोई भी साधक अपने जीवन के संकटों को दूर कर सकता है। आज हम आपको एक ऐसे चमत्कारी मंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके जप से आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। इस मंत्र के जरिये दक्षिण काली का आह्वान किया जाता है। शत्रुओं के विनाश के लिए साधक इस मंत्र के जरिये मां काली की साधना करते हैं व सिद्धि प्राप्त करते हैं। जानकार बताते हैं कि भूलवश भी यदि गलत मंत्रोच्चारण किया तो उसका प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ सकता है व मां काली के कोप का भाजन बनना पड़ सकता है। कमजोर दिल के लोगों को मां काली की साधना से दूर रहना चाहिए। बता दें कि इन मंत्रों का जप किसी के अनहित के लिए नहीं करना चाहिए अन्यथा इसके दुष्परिणाम भोगने पड़ते हैं।

इस मंत्र का करें जप

 

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

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