मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई में इंटरेक्टिव सेशन को किया संबोधित, निवेश और औद्योगिक विकास पर दिया जोर

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित किया। इस दौरान प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और निवेशकों के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और विकास की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने, नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने राज्य में उपलब्ध संसाधनों, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं को सामने रखा। ऐसे संवादों के माध्यम से निवेशकों को प्रदेश की व्यावसायिक क्षमता से परिचित कराने तथा उद्योगों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावनाएं हैं। मुंबई में आयोजित यह इंटरेक्टिव सेशन प्रदेश को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।

मुंबई में 7 देशों के काउंसल जनरल और राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की राउंडटेबल बैठक

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में सात देशों के काउंसल जनरल एवं राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल बैठक की। बैठक का उद्देश्य मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के नए अवसर तलाशना रहा।

बैठक में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश अनुकूल वातावरण, आधारभूत संरचना और राज्य में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया। विदेशी प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से राज्य में उद्योग, व्यापार, तकनीक और अन्य संभावित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्योगों के विकास के लिए उपलब्ध अवसरों को साझा किया। इस प्रकार की बैठकों से मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलता है। साथ ही, इससे राज्य में रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।

मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से राज्य की आर्थिक क्षमता का विस्तार किया जाए और निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। बैठक के माध्यम से मध्यप्रदेश और विभिन्न देशों के बीच भविष्य में सहयोग के नए रास्ते तलाशने की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाया गया।

अमेरिका में भारतीय IT प्रोफेशनल्स को बड़ा झटका, TCS-Infosys-Wipro समेत 8 कंपनियां PERM से सस्पेंड

अमेरिका में काम कर रहे भारतीय IT प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अमेरिकी श्रम विभाग ने TCS, Infosys, Wipro, HCL और Cognizant समेत कई बड़ी IT कंपनियों को Permanent Labor Certification (PERM) कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। इस सूची में Microsoft, Adobe और Capgemini भी शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह कार्रवाई कथित वीजा दुरुपयोग और अमेरिकी कामगारों के हितों से जुड़े आरोपों के बीच की है।

नए और लंबित PERM आवेदन भी प्रभावित
अमेरिकी श्रम सचिव की घोषणा के मुताबिक, इन कंपनियों से जुड़े नए PERM आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया भी रोक दी जाएगी। PERM अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है।

भारतीय कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड राह हो सकती है लंबी
इस फैसले का असर खासतौर पर उन भारतीय IT कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जो H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और अपने नियोक्ता के जरिए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में हैं। PERM प्रक्रिया रुकने से उनके ग्रीन कार्ड की राह में देरी और अनिश्चितता बढ़ सकती है। हालांकि, PERM पर रोक का मतलब मौजूदा H-1B वीजा अपने आप रद्द होना नहीं है।

अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि H-1B और अन्य रोजगार आधारित इमिग्रेशन कार्यक्रमों का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उपराष्ट्रपति JD Vance और श्रम विभाग के अधिकारियों ने कंपनियों पर विदेशी कर्मचारियों से जुड़े सिस्टम के दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

किन कंपनियों पर हुई कार्रवाई?
PERM कार्यक्रम से निलंबित कंपनियों में Microsoft, Adobe, Cognizant, Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), Wipro, HCL Technologies और Capgemini शामिल हैं। अमेरिकी सरकार की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब ट्रंप प्रशासन विदेशी कुशल कामगारों और H-1B कार्यक्रम पर लगातार सख्ती बढ़ा रहा है।

इस कदम से अमेरिका में काम कर रहे हजारों विदेशी IT प्रोफेशनल्स के लिए स्थायी निवास की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर भारतीय कर्मचारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय IT प्रोफेशनल्स H-1B के जरिए अमेरिका में काम करते हैं और आगे चलकर नियोक्ता-प्रायोजित ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पर निर्भर रहते हैं।

PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे, CM विष्णु देव साय ने सराहा राष्ट्रसेवा का समर्पण

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह सफर सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर काम किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उनके मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

भोपाल में रावण दहन 2026: क्षेत्रवार 25 प्रमुख स्थानों की सूची

भोपाल | Kolar18 News — विजयादशमी के अवसर पर भोपाल के अलग-अलग इलाकों में रावण दहन के आयोजन होते हैं। शहर के प्रमुख आयोजन स्थलों को क्षेत्रवार इस सूची में रखा गया है।

दक्षिण भोपाल

◉ बंजारी दशहरा मैदान, कोलार रोड

◉ सलैया, आकृति इको सिटी

◉ शाहपुरा दशहरा मैदान

◉ कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड

◉ रानी अवंती बाई तिराहा–त्रिलंगा रोड दशहरा मैदान

  • पहाड़ी मंदिर, नयापुरा कोलार रोड

पूर्वी भोपाल

◉ जंबूरी दशहरा मैदान, अवधपुरी

◉ एकतापुरी दशहरा मैदान

◉ मिनाल ग्राउंड

◉ हाउसिंग बोर्ड दशहरा मैदान

◉ अयोध्या नगर दशहरा मैदान

मध्य भोपाल

◉ बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान

◉ टीटी नगर दशहरा मैदान

◉ पांच नंबर बस स्टॉप दशहरा मैदान

◉ ओल्ड कैंपियन दशहरा मैदान

◉ एमवीएम दशहरा मैदान

पश्चिमी भोपाल

◉ बैरागढ़ दशहरा मैदान

◉ गांधी नगर दशहरा मैदान

◉ पंचवटी मैदान, एयरपोर्ट रोड

◉ कोहेफिजा दशहरा मैदान

उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम भोपाल

◉ छोला दशहरा मैदान

◉ राजेंद्र नगर कॉलोनी

◉ दुर्गाधाम, अशोका गार्डन

◉ अशोका गार्डन दशहरा मैदान

◉ लहारपुर दशहरा मैदान

◉ गोविंदपुरा बीएचईएल दशहरा मैदान

GST में बड़े सुधारों का PM मोदी ने किया स्वागत, बोले- गिरफ्तारी के प्रावधान हटने से बढ़ेगी पारदर्शिता

जीएसटी व्यवस्था को और सरल, पारदर्शी और कारोबारी हितैषी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने कई अहम कदमों की सिफारिश की है। 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति से जुड़े प्रावधानों को हटाने और जीएसटी मामलों में अभियोजन की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों का स्वागत किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने, अपराधों को गैर-अपराध की श्रेणी में लाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सुधारों का उद्देश्य तेजी से फैसले, कम अनुपालन लागत, ऑटोमेटेड रिफंड और भरोसे पर आधारित प्रशासन बताया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ये बदलाव GST को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने के प्रयासों के अनुरूप हैं।

अभियोजन की सीमा 1 करोड़ से बढ़कर 5 करोड़
जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी से जुड़े मामलों में अभियोजन शुरू करने की मौद्रिक सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की है। साथ ही सामान्य जुर्माने की राशि को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है।

रिफंड और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी आसान
सुधारों के तहत जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया है। रिफंड आवेदन के निपटारे की अवधि को 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने और जोखिम-आधारित व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में पात्र रिफंड दावों को स्वचालित तरीके से प्रोसेस करने की सिफारिश की गई है। कम जोखिम वाले GST रजिस्ट्रेशन आवेदनों के लिए भी स्वचालित मंजूरी की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

कारोबारियों को अनुपालन में राहत
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य कारोबारियों के लिए जीएसटी अनुपालन को आसान बनाना और अनावश्यक प्रक्रियात्मक बोझ कम करना है। सरकार की ओर से इसे ट्रस्ट-बेस्ड टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड में शोक, अक्षय कुमार-रितेश देशमुख समेत दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक और सामाजिक जगत की कई हस्तियों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। अभिनेता अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया और उनके साथ काम करने की यादें साझा कीं। वहीं अभिनेता रितेश देशमुख ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए इस क्षति को बेहद भावुक कर देने वाला बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की अभिनय में गहराई, विशिष्टता और दमदार उपस्थिति उन्हें अलग पहचान देती थी। प्रधानमंत्री ने उनके यादगार किरदारों और बहुमुखी प्रतिभा को भी याद किया।

करीब पांच दशक लंबे करियर में नाना पाटेकर ने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। उनके संवाद बोलने का अंदाज, दमदार आवाज और किरदारों में उतर जाने की क्षमता उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग अभिनेताओं में शामिल करती थी। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।

नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए पुणे में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किए जाने की घोषणा की है।

छत्तीसगढ़ में सर्पदंश के इलाज को लेकर बड़ा फैसला, अब 108 एंबुलेंस में मिलेगा एंटी स्नेक वेनम

छत्तीसगढ़ में सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में संचालित संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सर्पदंश के मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही जरूरी उपचार मिलने की उम्मीद है।

एंबुलेंस में ही शुरू होगा इलाज
नई व्यवस्था के तहत सांप के काटने की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस को मौके पर भेजा जाएगा। एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीज को मौके पर ही जीवनरक्षक इंजेक्शन दिया जा सकेगा और इसके बाद उसे नजदीकी उच्च स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा।

ग्रामीण इलाकों के मरीजों को ज्यादा फायदा
स्वास्थ्य विभाग का यह कदम खासतौर पर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां अस्पताल की दूरी अधिक होने के कारण सर्पदंश के मरीजों को इलाज मिलने में देरी हो जाती है। राज्य में पहले से ही सभी 33 जिलों में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने की व्यवस्था की गई है।

बिलासपुर के सिम्स में बारिश के मौसम में रोजाना सर्पदंश के कई मामले पहुंचने की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नई व्यवस्था से मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सांप काटे तो तुरंत 108 पर करें कॉल
विशेषज्ञों के अनुसार सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। मरीज को शांत रखते हुए काटे गए अंग की गतिविधि कम से कम करनी चाहिए और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घाव पर चीरा लगाना, जहर चूसने या कसकर पट्टी बांधने जैसे उपाय नहीं करने चाहिए।

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से सर्पदंश के मामलों में ‘गोल्डन टाइम’ के दौरान उपचार शुरू करने और गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

महिला एवं बाल विकास पर केंद्र-राज्य मंथन, पोषण और महिला सुरक्षा पर फोकस

Women and Child Development;
Women and Child Development;
नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का दो दिवसीय विभागीय सम्मेलन 8 और 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के अधिकारी महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इनमें पोषण, आंगनवाड़ी सेवाएं, बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण प्रमुख हैं।सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर उनके बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना है।

आंगनवाड़ी और पोषण पर जोर

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं में आंगनवाड़ी सेवाओं और पोषण से जुड़े कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। Mission Saksham Anganwadi & POSHAN 2.0 के तहत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक पोषण एवं प्रारंभिक देखभाल सेवाओं की पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया जाता है।

सम्मेलन में इन सेवाओं की प्रभावशीलता, निगरानी और राज्यों में बेहतर क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा भी एजेंडे में

कमजोर और जोखिमग्रस्त बच्चों की सुरक्षा के साथ महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल है। Mission Vatsalya बाल संरक्षण व्यवस्था से, जबकि Mission Shakti महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी प्रमुख पहल है।

महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के लिए मंत्रालय की Women Helpline 181 सहित विभिन्न व्यवस्थाएं संचालित हैं।

एक नजर में
पोषण • आंगनवाड़ी • बाल संरक्षण • महिला सुरक्षा • महिला सशक्तिकरण

SC लाभार्थियों की रिपोर्टिंग पर भी कदम

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की 7 अक्टूबर की गतिविधियों में अनुसूचित जाति लाभार्थियों से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट भी सामने आया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के हस्तक्षेप के बाद प्रमुख वित्तीय योजनाओं में SC लाभार्थियों की रिपोर्टिंग को अनिवार्य किए जाने की दिशा में कदम उठाया गया है।

इस व्यवस्था से सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

घुमंतू और विमुक्त समुदायों से जुड़ी गतिविधि

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत DWBDNC यानी Development and Welfare Board for De-notified, Nomadic and Semi-Nomadic Communities से जुड़ी गतिविधियां भी जारी हैं। 7 अक्टूबर को बोर्ड की गवर्निंग बॉडी के नवनियुक्त सदस्यों नारायण देवासी और स्वरूप सिंह बंजारा ने पद की शपथ ली।

बोर्ड का उद्देश्य विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है।

नागरिकों के लिए क्यों अहम है यह खबर?

महिला, बाल और सामाजिक न्याय से जुड़ी सरकारी योजनाओं का प्रभाव उनके जमीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करता है। ऐसे में केंद्र-राज्य समन्वय, लाभार्थियों की सही पहचान और योजनाओं की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में इन्हीं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा हो रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
महिला एवं बाल विकास विभागीय सम्मेलन कब हो रहा है?
8 और 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में।
सम्मेलन में मुख्य विषय क्या हैं?
पोषण, आंगनवाड़ी सेवाएं, बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण।
Women Helpline नंबर क्या है?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार Women Helpline का नंबर 181 है।

स्रोत: भारत सरकार, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय। खबर 8 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है।

नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, कार्डियक अरेस्ट से थमी सांसें

मुंबई/गोवा, 8 अक्टूबर 2026। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्टों के अनुसार गोवा स्थित उनके निवास पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनका निधन हो गया।

नाना पाटेकर का शानदार फिल्मी सफर

नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में दशकों तक अपने दमदार अभिनय की छाप छोड़ी। उनकी प्रमुख फिल्मों में गमन, आज की आवाज, अंकुश, प्रतिघात, सलाम बॉम्बे!, परिंदा, त्रिशाग्नि, अग्निसाक्षी, क्रांतिवीर, तिरंगा, अग्निसाक्षी, यशवंत, गुलाम-ए-मुस्तफा, खामोशी: द म्यूजिकल, अपहरण, अब तक छप्पन, टैक्सी नंबर 9211, वेलकम, राजनीति, पाठशाला, प्रकाश झा की राजनीति, तुम मिलो तो सही, द अटैक ऑफ 26/11, नटसम्राट, वेलकम बैक, आपला मानुस और इट्स माई लाइफ जैसी फिल्में शामिल हैं।

परिंदा से नटसम्राट तक छोड़ी अमिट छाप

नाना पाटेकर की फिल्मों में परिंदा और क्रांतिवीर उनके करियर की बेहद चर्चित फिल्मों में शामिल रहीं। खामोशी: द म्यूजिकल, अब तक छप्पन, राजनीति, वेलकम और द अटैक ऑफ 26/11 में भी उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। मराठी फिल्म नटसम्राट में उनका अभिनय विशेष रूप से यादगार रहा।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित

नाना पाटेकर को उनके प्रभावशाली अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले। उन्हें वर्ष 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। अभिनय के साथ वे सामाजिक कार्यों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता के लिए भी जाने जाते रहे।

नाना पाटेकर के निधन से सिनेमा जगत में शोक

नाना पाटेकर के निधन की खबर से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर है। अपने अलग अंदाज, दमदार आवाज, संवाद अदायगी और अभिनय क्षमता के कारण उन्होंने भारतीय सिनेमा में एक अलग मुकाम बनाया। परिंदा, क्रांतिवीर, खामोशी, अब तक छप्पन, वेलकम और नटसम्राट जैसी फिल्मों के जरिए उनकी यादें हमेशा दर्शकों के बीच बनी रहेंगी।

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