इंदौर । क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह और वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ब्रायन लारा सहित कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गुरुवार दोपहर इंदौर पहुंचे। ये सभी इंदौर में आयोजित वर्ल्ड रोड सेफ्टी क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने आए हैं। होटल पहुंचने पर खिलाड़ियों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया।
इंदौर के होलकर स्टेडियम में 17, 18 और 19 सितंबर को मुकाबले खेले जाएंगे। भारतीय टीम के मैच का दिन गुरुवार दोपहर ही आयोजकों ने बदल दिया। अब भारतीय टीम अपना मैच 19 सितंबर को खेलेगी। पहले यह मैच 18 सितंबर को खेला जाना था।
सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा दोस्तों की तरह नजर आए। आपस में बातें करते हुए उन्होंने होटल में प्रवेश किया। एयरपोर्ट से भी दोनों साथ ही निकले थे। पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर स्वागत किया गया। भारत और वेस्टइंडीज के खिलाड़ी एक साथ पहुंचे।
इंदौर में सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह का बारिश ने किया स्वागत
पीएम मोदी समरकंद के लिए रवाना हुए
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ताशकंद के समरकंद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन 2022 में शामिल होने के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति से द्विपक्षीय मुलाकात होगी। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी आज शाम को 1 दिवसीय यात्रा के लिए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राज्य प्रमुखों की परिषद की 22वीं बैठक में भाग लेने के लिए समरकंद के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल सुबह समिट में शामिल होंगे।उन्होंने बताया कि पीएम मोदी शिखर सम्मेलन के अलावा उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति और कुछ अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उनकी ये यात्रा संक्षिप्त होगी और कुछ ही नेताओं के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी।
शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) में 8 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, कज़ाख़िस्तान, किर्गीजस्तान, चीन, रूस, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज़बेकिस्तान शामिल हैं। इस साल समरकंद की होनेवाली बैठक में ईरान को भी सदस्य के तौर पर शामिल कर लिया जाएगा। इसके अलावा ऑब्ज़र्वर देशों अफ़ग़ानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया शामिल हैं। इसके सहयोगी देशों में अज़रबैजान, अर्मेनिया, कंबोडिया, नेपाल, तुर्की, नेपाल और श्रीलंका का नाम आता है। इस संगठन के सदस्यों के पास दुनिया की क़रीब आधी आबादी है, दुनिया का 22 प्रतिशत भूभाग और 20 प्रतिशत जीडीपी है। हाल के दिनों में नाटो के पूर्व की ओर बढ़ते कदमों को देखते हुए रुस की कोशिश है कि इसे सामरिक सहयोग संगठन के तौर पर विकसित किया जा सके।
प्रदेश में लम्पी वायरस की स्थिति की मुख्यमंत्री चौहान ने समीक्षा की
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में लम्पी वायरस की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। इसको फैलने से रोकने के लिए हर स्तर पर आवश्यक प्रयास करें। पड़ोसी राज्यों से पशुओं का प्रवेश रोका जाए। संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक टीकों की कमी नहीं आनी चाहिए। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पशुओं को आयसोलेट करने तथा अन्य उपायों के संबंध में पशुपालकों को जागरूक भी करें। सभी जिलों में वायरस की स्थिति तथा बचाव के उपायों के क्रियान्वयन की सतत समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री चौहान पशुओं में लम्पी वायरस की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। निवास कार्यालय पर आज सुबह हुई समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुपालन जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।
प्रदेश में अब तक 3 हजार 314 पशु लम्पी वायरस से प्रभावित हैं। इसमें 2 हजार 742 पशु स्वस्थ हो गए हैं और 38 की मृत्यु हुई। संक्रमण से बचाव के लिए अब तक 1 लाख 49 हजार 530 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध हैं। भिंड, मुरैना और श्योपुर में लम्पी वायरस के प्रकरण सामने आए हैं। वहाँ आवश्यक प्रबंध किये जा रहे है।
कचनार, गूलर और सप्तपर्णी के पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट सिटी उद्यान में बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भोपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्रों के साथ पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कचनार, गूलर और सप्तपर्णी के पौधे लगाए।
राष्ट्रीय सेवा योजना के मनीष सोनकर, केशव सूर्यवंशी, आयुष सक्सेना, शिवम जाट, नेत्रा सिन्हा और श्रेया दास ने भी पौध-रोपण किया। छात्रों ने मुख्यमंत्री चौहान को महाविद्यालय की पत्रिका सर्जना भेंट की। मुख्यमंत्री चौहान के साथ मुख्यमंत्री प्रेस प्रकोष्ठ में सोशल मीडिया के कार्य से जुड़े तन्मय जैन की पुत्री गाथा जैन ने अपने पांचवें जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। बेटी गाथा जैन की माता पूजा जैन और दादा-दादी रविंद्र जैन तथा अनीता जैन भी पौध-रोपण में शामिल हुए।
राष्ट्रीय सेवा योजना, विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास तथा उन्हें सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। योजना में विद्यार्थियों द्वारा समाज में जागरूकता तथा पौधा-रोपण अभियान चलाया गया। संस्था द्वारा नशामुक्ति, ब्लड डोनेशन, निर्वाचन संबंधी जागरूकता और स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
स्कूल प्रबंधन पर दोषियों के साथ कड़ी कार्यवाही करें : मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भोपाल के एक निजी स्कूल की बस में बेटी के साथ हुई घटना विश्वास को हिला देने वाली है। माता-पिता अपने बच्चों को भरोसे पर स्कूल भेजते हैं, यह भरोसा बनाए रखना स्कूल प्रबंधन का दायित्व है। दोषी ड्रायवर और आया के खिलाफ कार्यवाही के साथ स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री चौहान ने आज सुबह 7 बजे बुलाई आपात बैठक में यह निर्देश दिए। निवास कार्यालय पर हुई बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरुण शमी, भोपाल संभाग आयुक्त गुलशन बामरा, पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर, कलेक्टर भोपाल अविनाश लवानिया तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा वर्चुअली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्कूल बसों में चलने वाले स्टाफ का वेरिफिकेशन स्कूल प्रबंधन की जवाबदारी है। बच्चों को हम दरिंदों के हवाले नहीं छोड़ सकते। बस में सीसीटीवी कैमरे काम क्यों नहीं कर रहे थे, यह स्कूल प्रबंधन को देखना चाहिए था। स्कूल प्रबंधन का यह दायित्व भी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समाज में यह संदेश नहीं जाए कि प्रभावशाली व्यक्तियों पर कार्यवाही नहीं होगी। यह विश्वास मजबूत होना चाहिए कि सरकार है तो अपराधी छूटेंगे नहीं। निश्चित समय में कड़ी कार्यवाही की जाए, जिससे प्रबंधन अपनी जवाबदारी और दायित्व समझे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भोपाल के सभी स्कूलों के ड्रायवर तथा बसों में चलने वाले स्टाफ का परीक्षण हो। अपराधी रिकार्ड और चारित्रिक रूप से दोषी व्यक्तियों को न रखा जाए। स्टाफ के प्रशिक्षण और कानूनी प्रावधानों के संबंध में कार्यशाला की जाए। साथ ही बच्चों और पालकों में पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के संबंध में जागरूकता और जानकारी पर केन्द्रित प्रशिक्षण भी सभी शासकीय और निजी शालाओं में किए जाएं। पुलिस प्रशासन भी पालकों और समाज के साथ प्रभावी तरीके से इस विषय पर संवाद करे।
पुलिस आयुक्त मकरंद देउस्कर ने घटना तथा अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी देते हुए बताया कि दोषी ड्रायवर के विरूद्ध पहले से ही दो अपराध दर्ज हैं। बस के अन्य बच्चों तथा उनके पालकों को विश्वास में लेकर यह जानने की कोशिश भी की जा रही है कि किसी अन्य के साथ इस प्रकार की घटना तो नहीं हुई है।
देखो कैसा दिखेगा नया सर्वधर्म पुल
भोपाल(Kolar Road Bhopal), राजधानी के सबसे बड़े उपनगर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर कोलार में सर्वधर्म पुल के समानांतर नया 13 मीटर चौड़ा पुल बनाया जा रहा है. हुजुर विधायक रामेश्वर शर्मा ने आज दोपहर सोशल मीडिया में नए पुल के लेआउट ड्राइंग की तस्वीर शेयर की है. तस्वीरों में दिख रहा है नया पुल बनने के बाद बेहद ही खुबसूरत लगेगा.

पुल बनने से जाम से मिलेगी राहत
कोलार क्षेत्र में राजधानी को जोड़ने के लिए ३ पुल है जेके हॉस्पिटल, दानिश ब्रिज और सर्वधर्म पुल साथ ही एक कलियासोत के समान्तर मार्ग भी है जो भदभदा से कोलार क्षेत्र को जोड़ता है. सर्वधर्म पुल कोलार के मुख्य रोड पर होने के कारण अत्यंत व्यस्त रहता है. सुबह-शाम ऑफिस आने जाने वाले अधिकतम लोग और सुबह-दोपहर स्कूलों के वाहन इस पुल का उपयोग करते है. वर्तमान में ट्राफिक दबाव अधिक होने से इन समयों पर जनता को पुल पर जाम से जूझना पड़ता है. 6 लेन पुल बनने से मिलेगी बड़ी राहत.
सवाल
जनता ने उठाया सवाल जब राजधानी को कोलार डेम का जल पहुँचाने के लिए पेयजल लाइन को स्थान्तरित कर शिफ्ट किया जा चूका है तो पुरानी लाइन को ले आउट ड्राइंग में क्यों दिखाया जा रहा है? क्या 6 लेन मार्ग पुरानी पाइप नहीं हटाई जाएगी?
सूदखोरी व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन? ब्याज के मकड़जाल में उलझे युवा
भोपाल, कोरोना आपदा की मार के बाद अब छोटे मझोले व्यापारी, दुकानदार, फुटकर विक्रेता ब्याज के मकड़जाल में उलझ गए है। राजधानी में ब्याज का धंधा बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। सूदखोर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर दो से 15 प्रतिशत तक ब्याज वसूल कर रहे हैं। इसके लिए वह बाकायदा रुपये उधार लेने वाले से चेक व प्रामेसरी नोट बना लेते हैं। इसके आधार पर ब्याज नहीं भरने की स्थिति में कानून का फायदा उठाकर संबंधित को परेशान करते हैं। सूदखोरी से परेशान होकर राजधानी में एक कारोबारी ने अपने परिवार के पांच लोगों के साथ खुदकुशी कर ली थी। बाद में पुलिस ने सूदखोर महिलाओं पर एफआइआर दर्ज कर गिरफ्तारी भी की थी। इसके बाद भी सूदखोरी के मामले सामने आते रहते हैं।
कैसे होता है सूदखोरी का व्यापार
सूदखोरों ने रुपये लेने वाले हर व्यक्ति की डायरी बना रखी है। डायरी चलाने वाला या फिर उसी का कोई कर्मचारी व्याज व मूलधन जोड़कर रोज की किस्त लेता है और डायरी में एंट्री करता है। मासिक वसूली भी की जाती है। पैसे मिलने में देरी होने पर अतिरिक्त ब्याज जोड़ दिया जाता है। जानकारी के मुताबिक बगैर लाइसेंस के सूदखोर शहर में गरीब व जरूरतमंद व्यापारियों को ब्याज पर रुपये देते हैं।
ऐसे समझें सूदखोरों का गणित
किसी छोटे व्यापारी ने रुपयों की जरूरत पर एक लाख रुपये लिए। उस व्यापारी से रुपये लौटाने की समय सीमा पूछकर उतने समय का पांच रुपये सैकड़ा का ब्याज जोड़कर सूदखोर किस्त बना देगा। संबंधित व्यापारी से रोज राशि ली जाती है। यदि व्यापारी राशि लौटा नहीं पाता तो जुर्माना लगाया जाता जो ब्याज से अलग होता है।
इस कारण व्यापारी या युवा फंसते हैं सूदखोरी में
सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार जन जन तक नहीं हो पाया है, सरकारी योजनाओं की जानकारी न होना, योजनाओं में मांगे गए आवश्यक दस्तावेज छोटे व्यापारियों के पास मजबूत नहीं होते है, इसके चलते बैंक उन्हें लोन नहीं देती। यदि दस्तावेज पूरे भी हों तो बैंक की कागजी कार्रवाई लंबी होने से व्यापारियों मजबूर होकर सूदखोरों से ब्याज पर पैसा लेना पड़ता है।
इन बातों का रखें ख्याल
बगैर लाइसेंस वाले सूदखोर धमकाकर ज्यादा ब्याज लेता है तो इसकी शिकायत पुलिस को करें। ब्लैंक चेक न दें। निर्धारित ब्याज सहित राशि लिखकर चेक सौंपें। कोई भी व्यक्ति बगैर लाइसेंस के प्रामेसरी नोट नहीं लिखवा सकता। यह गैरकानूनी है।
इस ग्रह के कमजोर होने से नहीं लगता पढ़ाई में मन
वैदिक शास्त्र के अनुसार चंद्रमा और बुध का मनुष्यों के एकाग्रता से सीधा संबंध है। चंद्र मन को प्रभावित करता है और बुध ग्रह मस्तिष्क को। बच्चों के पढ़ाई में कमजोर होने के पीछे इन ग्रहों को जिम्मेदार माना जाता है। इनका दोष शैक्षणिक स्तर के साथ करियर में असफलता का कारण बनता है।
कब दिक्कत देता है बुध
बुध ग्रह जब जन्म कुंडली के छठे, आठवें या बारहवें भाव में विराजमान हों। इन पर बृहस्पति की दृष्टि पड़े तो शिक्षा में काफी परेशानियां आती हैं। अगर शिक्षा के ग्रह की कुंडली में पीड़ित है, तो पढ़ाई में बच्चों का पिछड़ना तय है।
चंद्रमा कब बनता है रुकावट
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चांद का शिक्षा के साथ खास संबंध है। मान्यता है कि अगर किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा पीड़ित है। तब उसे शिक्षा के क्षेत्र में संघर्ष करना पड़चा है। हालांकि जन्म कुंडली में चंद्रमा पर देव गुरु की नजर हो तो परिणाम बुरे नहीं होते हैं।
अवैध हथियारों की फैक्ट्री मध्य प्रदेश के खरगोन में मिली
खरगोन। खरगोन पुलिस की टीम ने गोगांवा के ग्राम सिरगूर में अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए हैं। दबिश के गैंग के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से 58 पिस्टन, 12 देखी कट्टी सहित कुल 70 अवैध हथियार जप्त किए गए। इसके साथ ही हथियार बनाने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। बुधवार दोपहर पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में प्रेस कांफ्रेंस कर मामले का खुलासा किया गया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 25(1) आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना द्वारा खरगोन जिले के थाना क्षेत्रों में अवैध हथियारों के निर्माण एवं तस्करी की रोकथाम के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक ग्रामीण जोन इंदौर राकेश गुप्ता व पुलिस उप महानिरीक्षक निमाड़ रेंज खरगोन तिलक सिंह द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण, क्रय-विक्रय की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। सिगनूर व धुलकोट क्षेत्र के पूर्व के अवैध हथियारों के प्रकरणो में गिरफ्तार आरोपितों के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई। जिसमें जिला सायबर सेल टीम द्वारा भी कार्य योजना के तहत पुख्ता जानकारियां एकत्रित की गई।
13 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ पुराने आरोपितों द्वारा भारी संख्या में अवैध हथियार बनाए गए हैं। जिनकी डिलीवरी ग्राम सिगनूर व ग्राम धुलकोट के बाहर सुबह आठ से दस बजे के बीच बाहर से आने वाली पार्टियों को करना है। तत्काल फील्ड आपरेशन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान डॉग स्क्वार्ड व मेटल डिटेक्टर का किया उपयोग किया गया। पकड़े गए आरोपितों में से सात के खिलाफ पहले भी अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं।
पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात पर दुनिया की नजर
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के समरकंद सम्मेलन के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की द्विपक्षीय मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर रहेंगी। उज्बेकिस्तान के समरकंद में 15 और 16 सितंबर को एससीओ का सम्मेलन होगा। दोनों देशों की तरफ से संकेत है कि मोदी और पुतिन की इस मुलाकात का बड़ा एजेंडा है जो द्विपक्षीय रिश्तों को और प्रगाढ़ करेगा। भारतीय पीएम का मुख्य मकसद रूस के ऊर्जा स्त्रोतों का इस्तेमाल अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए करने का है जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जूझ रहे पुतिन की कोशिश होगी कि कूटनीतिक सहयोग का मजबूत आश्वासन भारत उन्हें दे। रूस की तरफ से बताया गया है कि दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक स्थिरता पर अहम बातचीत होगी। साथ ही विभिन्न बहुराष्ट्रीय संगठनों में किस तरह से एक दूसरे की मदद की जाए, यह भी एक मुद्दा रहेगा।
यूक्रेन पर हमले के बाद पुतिन ने जिन वैश्विक नेताओं से बात की, उनमें मोदी भी जानकारों का कहना है कि यूक्रेन पर हमला करने के बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने जिन गिने-चुने वैश्विक नेताओं से बात की है, उनमें पीएम मोदी भी शामिल हैं। भारत की अहमियत पुतिन के लिए पहले से भी ज्यादा हो गई है। इसकी एक वजह यह भी है कि भारत दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अध्यक्षता करेगा। यूएनएससी में रूस के खिलाफ कई प्रस्तावों पर वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहकर भारत ने उसे परोक्ष तौर पर मदद ही की है। रूस चाहेगा कि भारत बतौर अध्यक्ष भी उसके हितों का ख्याल रखे। इसके अलावा अगले वर्ष जी-20 देशों के संगठन की अगुवाई भारत करेगा और साथ ही शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अगुवाई भी भारत करने वाला है। इन दोनों अहम सम्मेलनों में रूस को कई स्तर पर भारत की मदद चाहिए।














