जब वेब स्टोरी में सेक्स सीन देने में रो पड़ीं ऐक्ट्रेसस कुब्रा सैत

ओटीटी में सेंसरशिप न होने के चलते वेब सीरीज में बोल्ड सीन्स की जमकर भरमार देखने को मिलती है। कई वेब सीरीज अपने बोल्ड कॉन्टेंट के लिए जानी जाती हैं। इनके सीन्स देखने में दर्शकों को बस कुछ ही सेकेंड्स का मामला लगें पर शूट करना उतना ही कठिन रहा। समय-समय पर ऐक्टर्स इन चर्चित सीन्स के बारे में बात भी कर चुके हैं। सेक्रेड गेम्स, आश्रम और पौरषपुर जैसी चर्चित वेब सीरीज की ऐक्ट्रेसस बता चुकी हैं कि ये सीन्स कैसे शूट हुए और उन्हें क्या दिक्कत आई।
फर्श पर लेटकर रोईं कुब्रा सैत
कुब्रा सैत ने सेक्रेड गेम्स में ट्रांस वुमन का रोल निभाया था। वह मैशेबल इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में बता चुकी हैं कि उनका सेक्स सीन सात बार शूट किया गया था क्योंकि डायरेक्टर अनुराग कश्यप को सात अलग-अलग व्यू पॉइंट्स चाहिए थे। कुब्रा ने बताया था कि उन्होंने एक-एक करके सात बार सीन शूट किया। सातवीं बार वह रोने लगीं। उन्होंने बताया कि वह फर्श पर पड़ी रोती रहीं। इस पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी को कहना पड़ा, मुझे लगता है कि आपको बाहर जाना चाहिए क्योंकि मेरा सीन अभी बचा है।
त्रिधा चौधरी को भी था डर
आश्रम में त्रिधा चौधरी और बॉबी देओल के बोल्ड सीन भी काफी चर्चा में रहे हैं। उन्होंने बताया था कि इन सीन्स को लेकर वह भी काफी असहज थीं। त्रिधा ने बताया था कि उन्हें डर भी था कि लोग कहीं इन्हें एडिट करके वायरल न कर दें। हालांकि उन्होंने बताया था कि बोल्ड सीन जैसा दिखता है असल में शूट वैसा नहीं होता। बॉबी देओल के साथ उनका जो सीन था उसमें तकिया इस्तेमाल किया गया था और सेट पर कई लोग भी थे।

पहली कोरोना रोधी वैक्सीन देश को मिली

कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत को एक हथियार और मिल गया है। भारत बायोटेक की चिंपांजी एडेनोवायरस वेक्टरेड रीकॉम्बिनेंट नेजल वैक्सीन (नाक के जरिये दी जाने वाली पहली कोरोना रोधी वैक्सीन) को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की अनुमति मिल गई है। आपातकालीन स्थितियों में 18 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों को इसके उपयोग की अनुमति दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर यह खबर दी। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘यह कदम महामारी के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई को और मजबूत करेगा। भारत ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में अपने विज्ञान, अनुसंधान एवं मानव संसाधन का उपयोग किया है। विज्ञान संचालित दृष्टिकोण और सबके प्रयास से हम COVID-19 को हरा देंगे।’
इस नेजल वैक्सीन को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने तैयार किया है, जिसके कोवैक्सीन टीके का पहले से ही उपयोग किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट किया, “भारत की कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को ब़ड़ा बल मिला है। भारत बायोटेक के सीएचएडी36-सार्स-सीओवी-एसकोविड-19 (चिंपैंजी एडिनोवायरस वेक्टर) नेजल टीके को आपात स्थिति में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के प्राथमिक टीकाकरण में उपयोग की मंजूरी भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दी है।”
उन्होंने कहा कि इस कदम से महामारी के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अपने देश के विज्ञान, अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) का उपयोग किया है। विज्ञान आधारित रुख और सबके प्रयास से हम कोरोना को हरा देंगे।
कंपनी ने बताया कि करीब चार हजार स्वयंसेवकों पर नाक के जरिये दी जाने वाली वैक्सीन का क्लीनिकल परीक्षण किया गया। इनमें से किसी में दुष्प्रभाव या विपरीत प्रतिक्रिया नहीं देखी गई है। पिछले महीने कंपनी ने कहा था कि नेजल वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी पाई गई है।

भगवान विष्णु का पूजन अनंत चतुर्दशी पर इस तरह करें

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस बार यह तिथि 9 सितंबर को आएगी। अनंत देव भगवान विष्णु का प्रतीक माने जाते हैं। अनंत के रूप में भगवान विष्णु का ही पूजन होता है। भगवान को अनंत इसलिए कहा गया है क्योंकि उनका न तो कोई आदि है और न अंत। इस तरह से जिसका अंत नहीं है वही अनंत हैं। भगवान को सभी गुणों से युक्त और परिपूर्ण माना गया है। इसलिए अनंत स्वरूप में उनका मंगलकारी पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस पूजन को विपत्ति काल में दूर करने के लिए किया जाता है। अनंत चतुर्दशी के पूजन से श्रद्धालु के सभी भय, परेशानियां, संकट और अभाव दूर हो जाते हैं। पुराणों में वर्णित है कि अगर 14 वर्ष तक लगातार यह पूजन किया जाए तो विष्णुलोक की प्राप्ति होती है। इस चतुर्दशी के पूजन से श्रदधालु को संतान की प्राप्ति होती है और धन-धान्य सुख सौभाग्य प्राप्त होता है।
अनंत चतुर्दशी के पूजन की विधि
अनंत चतुर्दशी का पूजन करने के लिए स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद, पूजन में धारण किए जाने वाले शुद्ध वस्त्र पहने जाना चाहिए। जिसके बाद जहां पूजन किया जाना है वहां एक लाल वस्त्र बिछाएं, उस पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित करें और कलश स्थापित करें कलश पर रक्षा सूत्र, जिसमें 14 गठानें लगी हों रख दें। (इस तरह का रक्षासूत्र बाजार में भी उपलब्ध रहता है।) बाजार से खरीदे गए रक्षासूत्र को शुद्ध कर लें और फिर इसका पूजन कर उसे कलश पर स्थापित कर दें। यह रक्षा सूत्र भगवान विष्णु का ही प्रतीक है। जिसकी हम अनंत स्वरूप में पूजा करते हैं।
पति-पत्नी द्वारा किया गया पूजन
पति-पत्नी द्वारा पूजन किए जाने पर दो रक्षासूत्र लेकर उनका पूजन करें और फिर उसे हाथों में धारण करें। पुराने रक्षासूत्र का विधिवत पूजन करें और फिर उसे किसी बहती हुई नदी या फिर पुराने तालाब में विर्जित कर दें। मान्यता के अनुसार रक्षासूत्र बांधने से सभी परेशानियां और बाधाएं दूर होती हैं।
श्रद्धालु का भगवान विष्णु मंगल करते हैं। यह पूजन करने वाले की सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। यदि अनंत पूजन का अधिकार परंपरागत रूप से या किसी और कारण से किसी अन्य दंपति को दिया जाना है तो प्रथम वर्ष किए जाने वाले पूजन में उद्यापन किया जाता है। जिसमें 5 दंपति को जीमने का निमंत्रण दिया जाता है। विधिवत पूजन के बाद दंपति को भोजन-प्रसाद ग्रहण करवाया जाता है।

लिस ट्रस होंगी ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री,

लिज़ ट्रस (Liz Truss or Lisa Truss) ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। अब तक ब्रिटेन के विदेश सचिव का पद संभालने वालीं लिज ट्रस अपदस्थ बोरिस जॉनसन के स्थान लेंगी। उन्होंने भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हराया है। बता दें, ऋषि सुनक की हार रविवार को ही तय हो गई थीं और नए प्रधानमंत्री के नाम का ऐलान सोमवार को होना था। कंजरवेटिव पार्टी में बहुमत विदेश मंत्री लिज ट्रस के पक्ष में नजर आ रहा था। ट्रस के प्रतिद्वंद्वी और पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने भी कह दिया थआ कि चुनाव हारने की स्थिति में वह नई सरकार का सहयोग करेंगे। इससे स्पष्ट है कि सुनक सांसद के रूप में ब्रिटेन में कार्य करते रहेंगे।
पीएम बनने पर अविलंब महंगाई से राहत देने वाले कदम उठाएंगी ट्रस
ऐसे समय में जब ब्रिटेन मंदी की आशंका, रिकार्ड दस प्रतिशत के पार महंगाई दर और औद्योगिक क्षेत्र में अशांति की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब नए प्रधानमंत्री के सामने हालात को सामान्य बनाने की बड़ी चुनौती होगी। ब्रिटेन के समक्ष ये चुनौतियां ब्रेक्जिट के अलगाव, कोरोना संक्रमण के दौरान लगे लंबे समय के लाकडाउन और यूक्रेन युद्ध के कारण पैदा हुई हैं।
ट्रस ने कहा है कि वह अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई कड़े निर्णय भी लेंगी। संडे टेलीग्राफ में लिखे लेख में ट्रस ने कहा है कि वह नागरिकों और कारोबार की रोजमर्रा की मुश्किलों को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगी। सबसे पहले आने वाले ठंडक के मौसम के लिए रणनीति बनाई जाएगी। अगर प्रधानमंत्री बनीं तो हफ्ते भर के भीतर बिजली के बिल कम करने और बिजली आपूर्ति बढ़ाने वाले कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाले कदम उठाए जाएंगे जिससे देश के विकास की गति बढ़े। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार ट्रस की पहले हफ्ते की योजना को अमल में लाया गया तो 100 अरब पाउंड का बोझ सरकारी खजाने पर पड़ेगा।

क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से सुरेश रैना ने संन्यास का किया ऐलान

भारत के स्टार बल्लेबाज सुरेश रैना ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उन्होंने आज क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान किया। दरअसल उनकी इंडियन प्रीमियर लीग में वापसी की संभावना खत्म हो गई है। ताजा हालात को देखते हुए उन्होंने देश में सभी तरह के क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान कर दिया। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरेश रैना दक्षिण अफ्रीका, यूएई और लंका की टी20 लीग के अगले सीजन में हिस्सा लेंगे। लेकिन देश में किसी तरह के आधिकारिक टूर्नामेंट में शामिल नहीं होंगे।
क्या रही वजह?
सुरेश रैना ने 2020 में ही इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था इस वजह से भी आईपीएल में उनकी वापसी की संभावना लगभग खत्म हो चुकी थी। सुरेश रैना को इस साल आईपीएल के लिए किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था। ऐसे में उनके पास विदेशी लीग में खेलने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। बीसीसीआई ने हाल ही में साफ कर दिया था कि उसके साथ कॉन्ट्रैक्ट वाला कोई भी खिलाड़ी किसी भी विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता है। ऐसे में सुरेश रैना ने घरेलू क्रिकेट को अलविदा कह कर अपने लिए विदेशी लीग में खेलने के दरवाजे खोल लिए हैं।
आपको बता दें कि सुरेश रैना को टी20 फॉर्मेट में दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से जाना जाता है। उन्होंने आईपीएल के 205 मैचों में 32.5 के औसत और करीब 137 के स्ट्राइक रेट से 5528 रन बनाए। सुरेश रैना ने तीन बार चेन्नई सुपर किंग्स को विजेता बनाने में अहम भूमिका अदा की। लेकिन 2020 में टीम मैनेजमेंट के साथ हुए विवाद के बाद से उनके करियर को ग्रहण लग गया। 2021 में वापसी हुई पर उनका बल्ला नहीं चला। उसके बाद उन्हें किसी और टीम ने तरजीह नहीं दी और नये खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भी उनकी वापसी का रास्ता खत्म कर दिया।

सामाजिक कार्यकर्ता सबनानी ने अपने जन्म-दिवस पर किया पौध-रोपण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में नीम, मौलश्री और गूलर के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री चौहान के साथ सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदास सबनानी ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। गुजरात की बाल कथा वाचक, प्रेरक वक्ता और लेखिका कु. भाविका राजेश माहेश्वरी भी पौध-रोपण में सम्मिलित हुई।

मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रीगण को संबोधित किया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अपने जन्म-दिवस 17 सितंबर को कूनो पधारेंगे। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दक्षिण अफ्रीका से आ रहे चीतों का कूनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रवेश कराया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी कराहल (श्योपुर) में महिला स्व-सहायता समूह के सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता समर में डॉ. हेडगेवार के योगदान पर बालाघाट के रामपायली में स्मारक स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह ग्राम उनकी कर्म भूमि रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रशासनिक और मानवीय दृष्टि से बहुत जरूरी स्थानांतरण के लिए 17 सितंबर से 5 अक्टूबर तक छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए 17 सितंबर से अभियान आरंभ होगा। साथ ही 2-2 मंत्रियों के समूह गठित किए जाएंगे, जो आवंटित जिलों का भ्रमण करेंगे। वे जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता, पात्र व्यक्तियों को हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभ की उपलब्धता की स्थिति का जायजा लेंगे। मंत्रीगण गरीब बस्तियों में भ्रमण और संपर्क कर वहाँ की स्थिति देखेंगे। साथ ही वे बुद्धिजीवियों से भी चर्चा करेंगे। जन-सामान्य को जागरूक करने, योजनाओं की जानकारी देने के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन और शासकीय गतिविधियों में कमी या दोष पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाही भी मंत्रीगण द्वारा जिलों में की जाएगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा तथा लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ शिवपुर-सीधी और बैतूल, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव तथा सूक्ष्म लघु और मध्यम-उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा आगर-मालवा, सिंगरौली, झाबुआ और खंडवा, जल-संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह भिण्ड, शिवपुरी, शाजापुर और रायसेन का दायित्व संभालेंगे। इसी प्रकार वन मंत्री कुंवर विजय शाह और उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मंडला, अनूपपुर और उमरिया, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार ग्वालियर, बुरहानपुर और हरदा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री मती यशोधरा राजे सिंधिया तथा पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर विदिशा, कटनी और नीमच तथा नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह और जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह अशोक नगर, मुरैना, सतना और शहडोल जिले की गतिविधियाँ देखेंगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इसी क्रम में सामाजिक न्याय मंत्री प्रेम सिंह पटले तथा नगरीय विकास राज्य मंत्री ओ.पी.एस. भदौरिया निवाड़ी, पन्ना और नरसिंहपुर, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल तथा राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत देवास, दमोह और उज्जैन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव जबलपुर, छिंदवाड़ा और राजगढ़ का दायित्व संभालेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह सिवनी, छतरपुर और खरगोन, सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया और आयुष राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे डिंडोरी, गुना, अलीराजपुर, रीवा तथा लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़, होशंगाबाद, इंदौर, बड़वानी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और नवीन एवं नवकरणीय उर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग को भोपाल, सीहोर, दतिया और सागर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इसके साथ ही 4 मंत्री समूह गठित किए जाएंगे। पहला समूह हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराने की गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेगा। समूह में मंत्री नरोत्तम मिश्रा, मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कमल पटेल, मंत्री बिसाहूलाल सिंह, मंत्री राम खेलावन पटेल, मंत्री अरविंद भदौरिया और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह शामिल होंगे।
दूसरा समूह मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के आयोजन की रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन करेगा। एक सप्ताह चलने वाला यह आयोजन प्रदेशवासियों का आनंद का प्रकटीकरण होगा। समूह में मंत्री भूपेंद्र सिंह, मंत्री मती यशोधरा राजे सिंधिया, मंत्री सु ऊषा ठाकुर, मंत्री सु मीना सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार, मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव और मंत्री हरदीप सिंह डंग होंगे।
तीसरा समूह जिलों के भ्रमण एवं संचालित गतिविधियों के संबंध में कार्य-योजना और आवश्यक समन्वय करेगा। समूह में मंत्री गोपाल भार्गव, मंत्री तुलसी सिलावट, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री विजय शाह शामिल होंगे।
चौथा समूह प्रधानमंत्री मोदी के जन्म-दिवस 17 सितंबर से आरंभ सेवा पखवाड़े में संचालित की जाने वाली गतिविधियों पर केन्द्रित होगा। समूह में मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव, मंत्री महेंद्र सिंह, मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, मंत्री डॉ. मोहन यादव तथा मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा होंगे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बालाघाट के रामपायली में भारतीय स्वतंत्रता समर में डॉ. हेडगेवार के योगदान को चित्रित किया जाएगा। रामपायली में डॉ. हेडगेवार के स्मारक के संदर्भ में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि उनका सबसे पहला उल्लेख 22 जून 1897 का मिलता है। डॉ. हेडगेवार जी की आयु जब लगभग 8-9 वर्ष थी, तब रानी विक्टोरिया की ताजपोशी की 60वीं वर्षगाँठ पर नागपुर में हुए आयोजन में बालक हेडगेवार वहाँ मिली मिठाई फेंक कर घर लौट आए थे। बालक केशव ने स्कूल में वंदे-मातरम का गायन कर अंग्रेजों के सर्कुलर का उल्लंघन कर विरोध किया था।
डॉ. हेडगेवार वर्ष 1910 में डॉक्टरी की पढ़ाई के दौरान कोलकाता में देश की प्रमुख क्रांतिकारी संस्था अनुशीलन समिति से जुड़े। नागपुर लौटने पर वे वर्ष 1915 में कांग्रेस में सक्रिय हो गए और कुछ समय में विदर्भ प्रांतीय कांग्रेस के सचिव बने। वर्ष 1920 में जब नागपुर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ तो डॉ. हेडगेवार ने पूर्ण स्वतंत्रता को लक्ष्य बनाने का प्रस्ताव रखा, जो पारित नहीं किया गया। डॉ. हेडगेवार वर्ष 1916 में लोकमान्य तिलक से प्रभावित हुए और भारतीय स्वतंत्रता के लिए काम करने लगे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि डॉ. हेडगेवार का नाता रामपायली से बाल्यावस्था से रहा है और यह ग्राम हेडगेवार की कर्मभूमि रही है। डॉ. हेडगेवार कलकत्ता (वर्तमान कोलकता) से एमबीबीएस करने के बाद वर्ष 1914 और आरएसएस की स्थापना वर्ष 1925 के पहले रामपायली में रह कर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की विभिन्न गतिविधियों को संचालित करते रहे। डॉ. हेडगेवार ने रामपायली में स्वातंत्र्य समर के लिए अपनी पहली सभा दशहरे के दिन की थी। डॉ. हेडगेवार ने रामपायली में रह कर ही जंगल सत्याग्रह सहित अनेक क्रांतिकारी गतिविधियों की रचना की और यहीं से उसका क्रियान्वयन किया। डॉ. हेडगेवार अंग्रेज सरकार के खिलाफ उग्र भाषण देने लगे, अंग्रेज सरकार ने उन पर मामला दर्ज किया और उनको एक वर्ष की सश्रम कारावास की सजा दी गई। डॉ. हेडगेवार 12 जुलाई 1922 को कारागार से मुक्त हुए। उन्होंने वर्ष 1925 में संघ की स्थापना कर दी थी। वर्ष 1930 में नमक आंदोलन के दौरान भी वे जेल गए।

भोपाल सरकार व्यापारियों को राहत देने में असफल रही है: नरेश ज्ञानचंदानी

naresh gyanchandani

भोपाल, नवगठित नगर निगम परिषद बैठक के पूर्व चर्चा में कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने कहा प्रदेश में लगातार भाजपा का शासन रहा है और भोपाल नगर निगम भी भाजपा अधीन रहा है। आम जनता और व्यापारी वर्ग कोरोना काल की मार से उभरे नही है मंहगाई की मार पड़ने लगी। राजधानी की जनता पर नगर निगम के करों के बोझ से कमर टूटी हुई है। जनता को सहारा देने के लिए नगर निगम को तत्काल संपत्ति कर आधा करना चाहिए।

लाइसेंस शुल्क की दर घटाई जाये

संपत्ति कर के साथ लाइसेंस शुल्क जमा करने की अनिवार्यता भले ही नगर निगम ने खत्म कर दी है लेकिन लाइसेंस शुल्क का भार व्यापारियों पर ही पड़ता है। ज्ञानचंदानी ने कहा है कि भाजपा की नगर सरकार महापौर और पार्षदों को व्यापारियों के हित में लाइसेंस शुल्क कम करना चाहिए।

ज्ञानचंदानी ने कहा है नगर निगम ने लाइसेंस शुल्क की दरें कम करना था नगर निगम ने लाइसेंस शुल्क की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी है। पहले जहां व्यापारियों पर 500 रुपये से लेकर 1250 रुपये तक शुल्क लिया जाता था वहीं अब दुकान की साइज के हिसाब से संपत्ति कर तय किया जा रहा है। मेन रोड की दुकानों पर ₹6 प्रति स्क्वायर फुट, पास की दुकानों पर ₹5 प्रति स्क्वायर फुट एवं अंदर की दुकानों पर ₹4 प्रति स्क्वायर पर लाइसेंस शुल्क लिया जा रहा है।

संपत्ति कर से अधिक लाइसेंस शुल्क

कुछ दुकानों पर संपत्ति कर से लाइसेंस शुल्क अधिक लिया जा रहा है। संपत्ति कर से अधिक लाइसेंस शुल्क लेने से व्यापारी परेशान हैं। इसमें कई विसंगतियां है। कुछ दुकानें बंद पड़ी है नगर निगम उनसे भी लाइसेंस शुल्क मांग रहा है। कांग्रेस मांग करती है संपत्ति कर आधा हो, लाइसेंस शुल्क की दर घटाई जाये

ऋषि सुनक या लिज ट्रस दोनो मे से एक आज बनेंगे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री

लंदन। ब्रिटेन को आज नया प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। ऋषि सुनक और लिज़ ट्रस के बीच पिछले 2 महीने से लंबी कवायद चली आ रही थी, जिसका अंत शुक्रवार को हो गया। अब आज शाम 5 बजे तक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा हो जाएगी।
बता दें कि ब्रिटेन में पीएम बोरिस जानसन के इस्तीफे के बाद से नए प्रधानमंत्री के लिए लगभग दो महीने की प्रक्रिया चली। शुक्रवार को अंतिम चरण का मतदान संपन्न हो गया। आज मतदान का परिणाम घोषित हो जाएगा।
ऋषि सुनक के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल होने के कारण भारतीयों ने भी चुनाव प्रक्रिया में काफी रुचि दिखाई। वह भारतीय मूल के हैं। ऋषि सुनक ने चुनाव के दौरान ब्रिटेन में बढ़ती महंगाई और अवैध आव्रजन को मुख्या मुद्दा बनया।
वहीं, विदेश मंत्री ट्रस ने प्रधानमंत्री बनने के बाद करों में कटौती करने का दांव खेला। ट्रस ने चीन के प्रति कड़ा रवैया अपनाने की बात स्वीतकार की है। उनका कहना है कि चीन के राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव को खत्मन करने के लिए वो एक खास नेटवर्क को तैयार करेंगी।
साथ ही यूके में चीनी निवेश और न्यूैक्लियर प्लां ट जैसे इनफ्रास्ट्ररक्चकर प्रोजेक्ट्स का भी उन्हों ने विरोध किया है। सर्वेक्षणों में ऋषि सुनक और लिज़ ट्रस को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। आज सब साफ हो जाएगा।

टीम इंडिया के लकी चार्म पाकिस्तान के खिलाफ टूटा

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए सुपर 4 के दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान की जीत के साथ ही टीम इंडिया के लिए लकी चार्म माने जाने वाले मीडिल ऑर्डर बल्लेबाज दीपक हुड्डा का अनोखा रिकॉर्ड टूट गया। दुबई में खेले गए इस रोमांचक मैच में पाकिस्तान के सामने 182 रनों का लक्ष्य था जो उसने आखिरी ओवर की 5वीं गेंद पर 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद रिजवान ने सर्वाधिक 71 और मोहम्मद नवाज ने 42 रनों की पारी खेली।
इस मैच में पाकिस्तान की जीत के साथ ही दीपक हुड्डा के लगातार जीत का अनोखा रिकॉर्ड टूट गया है। इस मैच में हुड्डा को दिनेश कार्तिक के स्थान पर मौका मिला था। उन्होंने इस मैच में 14 गेंदों पर 16 रनों की छोटी से पारी खेली।
हाईलाइट
लगातार 17 इंटरनेशनल मैचों में जीत के बाद मिली हार
9 टी20 और 8 वनडे मैचों में मिली लगातार जीत
फरवरी 2022 में टी20 से किया था डेब्यू
इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं रोमानिया के खिलाड़ी सात्विक नादीगोटला
क्या है हुड्डा का अनोखा रिकॉर्ड?
जब से दीपक हुड्डा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया है तब से लेकर इस मैच से पहले तक लगातार उन्हें जीत मिली थी। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ हार के बाद उनका यह रिकॉर्ड टूट गया। लगातार 17 जीत के बाद हुड्डा को पहली हार मिली है। हुड्डा ने इस साल फरवरी में अपना पहला टी20 मैच खेला था।

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