राहुल गांधी द्वारा सचिन पायलट के धैर्य की तारीफ करने के बाद राजस्थान में एक गुप्त सर्वे से अटकलों को बाजार गर्म हो गया है। गहलोत की विदाई होगी या फिर पायलट का रास्ता साफ?। पायलट समर्थक उन्हें अगले सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करने में जुटे हैं। वहीं गहलोत समर्थक अपने नेता के समर्थन में राग आलाप रहें है। दोनों ही नेताओं के समर्थकों के अपने-अपने तर्क है। गहलोत समर्थकों का कहना है कि राहुला गांधी गहलोत के कामकाज से खुश है। समर्थकों का तर्क है गहलोत के नेतृत्व में पंचायत चुनाव, विधानसभा उप चुनाव और राज्यसभा की तीनों सीटें कांग्रेस ने जीती है। भाजपा सत्ता विरोधी लहर पैदा नहीं कर पाई है। जबकि पायलट समर्थकों का कहना है कि राज्य में हर बार सरकार बदलने के ट्रेंड रहा है। इसलिए कांग्रेस सरकार रिपीट के लिए राजस्थान कांग्रेस की कमान सचिन पायलट को मिले। पायलट समर्थकों का तर्क है कि विधानसभा चुनाव 2018 में पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस को जीत मिली। पायलट समर्थक एक विधायक ने दावा है कि राहुल गांधी का गुप्त सर्वें पायलट के पक्ष में है। पायलट एक बार प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने जा रहे हैं। राहुल गांधी की टीम ने हाल ही में प्रदेश में गुप्त सर्वे किया है। सर्वे में पता लगाया गया है कि गहलोत-पायलट में से कांग्रेस की सरकार रिपीट कौन कर सकता है। सर्वें से राजस्थान में तेजी से सियासी समीकरण बदल रहे हैं।
क्या गहलोत अगली बार सीएम फेस नहीं?
अशोक गहलोत ने करीब दो महीने पहले एक कार्यक्रम में कहा था कि मेरा इस्तीफा परमानेंट सोनिया गांधी के पास है। पहली बार सीएम बना तभी से मेरा इस्तीफा सोनिया गांधी के पास पड़ा है। सीएम गहलोत के इस बयान प्रदेश की सियासत में कयासबाजी का दौर शुरू हो गया था। बतौर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह तीसरा टर्म है। वह पहली बार 1998 में मुख्यमंत्री बने थे। दूसरी बार 2008 में उन्होंने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण किया था। फिर 2018 में जीत के बाद बतौर मुख्यमंत्री गहलोत का यह तीसरा मुख्यमंत्री कार्यकाल है। गहलोत ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें तीन बार केंद्रीय मंत्री, तीन बार पीसीसी अध्यक्ष और तीन बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है। अगर यहां के गहलोत के तीन के आंकड़ों वाली बात लागू करें तो वह खुद मानते हैं कि चौथी बार वह मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी की टीम ने राज्य की सभी 200 विधासनभा सीटों का गुप्त सर्वें किया है। सर्वे में यह भी पता लगाया गया है कि सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सबसे लोकप्रिय कौन है।
सचिन पायलट का रास्ता साफ?
दूसरी तरफ वर्ष 2020 में गहलोत के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले सचिन पायलट पूरी तरह से शांत नहीं बैठे हैं। हाल ही में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उन्होंने अपने गुट के लोगों को मंत्रीपद दिलाया। वहीं सचिन पायलट खुद लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क की मुहिम में लगे हुए हैं। अपने क्षेत्र के साथ-साथ वह विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्हें संगठन की जिम्मेदारी देकर उन्हें राजस्थान से हटाने की चर्चा भी थी। लेकिन बाद में पायलट ने खुद बयान जारी कर कहा था कि अगले 50 साल तक वह कहीं नहीं जाने वाले। बाद में एक चैरिटी कार्यक्रम में उन्होंने जीना यहां, मरना यहां गीत गाया था, जिससे संकेत मिले थे कि वह राजस्थान की राजनीति से दूर नहीं होने वाले। राहुल गांधी ने सचिन पायलट के धैर्य की तारीफ की है उसके बाद से ही प्रदेश की सियासत में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
राहुल गांधी के सर्वें से राजस्थान के बदल सकते है समीकरण
भारतीय टीम के फिर कोच बने लक्ष्मण, जिम्बाब्वे दौरे पर संभालेंगे कमान
भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण एक बार फिर टीम इंडिया में कोच की जिम्मेदारी निभाने वाले हैं। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख लक्ष्मण को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम का कार्यवाहक कोच बनाया गया है। इसकी पुष्टि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह ने की। भारतीय टीम जिम्बाब्वे के हरारे में 18, 20 और 22 अगस्त को तीन वनडे मैच खेलेगी।
वीवीएस लक्ष्मण तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए जिम्बाब्वे में भारतीय टीम के प्रभारी होंगे। ऐसा नहीं है कि राहुल द्रविड़ ब्रेक ले रहे हैं। जिम्बाब्वे में वनडे सीरीज 22 अगस्त को समाप्त होगी और द्रविड़ भारतीय टीम के साथ 22 अगस्त को एशिया कप के लिए यूएई पहुंचेंगे। दोनों में काफी कम अंतर है इसलिए लक्ष्मण जिम्बाब्वे में भारतीय टीम के प्रभारी होंगे।”
जय शाह ने कहा, ”चूंकि जिम्बाब्वे में वनडे टीम के साथ केवल केएल राहुल और दीपक हुड्डा हैं, इसलिए यह तर्कसंगत था कि मुख्य कोच टी20 टीम के साथ जाएं।” दरअसल, जिम्बाब्वे में वनडे सीरीज खेलने वाली टीम में एशिया कप टीम के सिर्फ दो सदस्य राहुल और हुड्डा हैं। शाह ने यह भी बताया कि केएल राहुल और दीपक हुड्डा दुबई से हरारे के लिए सीधे उड़ान भरेंगे क्योंकि वे एशिया कप टीम का हिस्सा हैं।
बीसीसीआई में यह परंपरा रही है कि दूसरी या ए टीमों की कोचिंग के लिए एनसीए प्रमुख को बुलाया जाता है। लक्ष्मण इससे पहले जून-जुलाई में भारतीय टीम के साथ ब्रिटेन गए थे। वहां वह आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों की सीरीज के दौरान भारत के कोच थे। उस वक्त राहुल द्रविड़ टेस्ट टीम के साथ इंग्लैंड में थे।
केएल राहुल होंगे कप्तान
इससे पहले जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया में बड़ा बदलाव किया गया। केएल राहुल की टीम में वापसी हुई और उन्हें कप्तानी सौंपी गई। उन्हें पहले इस दौरे के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया गया था। 30 जुलाई को जब तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा की गई थी, तो राहुल उस टीम में नहीं थे। तब शिखर धवन को कप्तानी सौंपी गई थी। राहुल की वापसी के बाद अब धवन को उप-कप्तान बना दिया गया।
भारत-चीन के बीच संबंध जल्द सुधरेंगे-विदेश मंत्री एस जयशंकर
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के संबंध काफी खराब हैं। इसे पटरी पर लाने के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन दोनों देश के बीच संबंध अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। इस बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत-चीन संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि सीमा की स्थिति सामन्य नहीं होती है। उन्होंने कहा कि अगर चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति भंग करता है, तो यह संबंधों को और प्रभावित करेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बेंगलुरु में कहा, “हमने अपनी स्थिति बनाए रखी है कि अगर चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति भंग करता है, तो यह हमारे संबंधों को प्रभावित करेगा। हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं। यह तब तक सामान्य नहीं हो सकता जब तक सीमा की स्थिति सामान्य नहीं होती है।”
जयशंकर ने यह भी कहा कि बड़ी समस्या सीमा की स्थिति है और भारतीय सेना जमीन पर डटी हुई है। उन्होंने कहा, “हमने उन जगहों से पीछे हटने में काफी प्रगति की है जहां हम एलओसी के बहुत करीब थे।”
इसके अलावा एस जयशंकर ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर बोलते हुए कहा, “यह हमारी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन था। तीसरा देश दूसरे देश के कब्जे वाले संप्रभु भारतीय क्षेत्र पर काम कर रहा है।”
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत तथाकथित सीपीईसी में परियोजनाओं का दृढ़ता से और लगातार विरोध करता है जो कि भारतीय क्षेत्र में हैं जो पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है, “ऐसी गतिविधियां स्वाभाविक रूप से अवैध, नाजायज और अस्वीकार्य हैं, और भारत द्वारा उनके अनुसार व्यवहार किया जाएगा।”
सीपीईसी परियोजनाओं में तीसरे देशों की भागीदारी के संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा: “हमने तथाकथित सीपीईसी परियोजनाओं में तीसरे देशों की प्रस्तावित भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर रिपोर्ट देखी है।” उन्होंने कहा, “किसी भी पार्टी द्वारा इस तरह की कोई भी कार्रवाई सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है।”
अब दिन दूर नही जब हम अखंड भारत के सपने को साकार होता देखेंगे – रामेश्वर
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भोपाल की सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक संस्था कर्मके तत्वाधान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा का भव्य आयोजन किया जा रहा है । संस्था के अध्यक्ष विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवाह्न पर हर घर तिरंगा अभियान के तारतम्य में इस विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है । डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर कोलार के मदर टेरेसा स्कूल से तिरंगा यात्रा का शुभारम्भ होगा यहाँ से यह यात्रा संत हिरदाराम नगर बैरागढ जाएगी संत नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए इस यात्रा का समापन सीहोर नाके स्थित झूलेलाल विसर्जन घाट पर होगा । शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हर घर तिरंगा अभियान की अपील का ही असर है कि आज भोपाल ही नही अपितु सारा भारत वर्ष तिरंगे के तीन रंगों में रंगा हुआ है। शर्मा ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के सामने शक्तिशाली देश के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने में सफल हुआ है. आज विश्व में घटित होने वाली किसी भी घटना पर भारत की प्रतिक्रिया का इंतज़ार दुनिया के देश करते है निश्चित रूप से यह करोड़ो भारत वासियो के लिए गौरव की बात है. शर्मा ने कहा की अब वह दिन दूर नही जब अखंड भारत के सपने को हम साकार होते देखेंगे.
25 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा
विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर कोलार से संत हिरदाराम नगर बैरागढ तक निकलने वाली 25 किलोमीटर लंबी इस तिरंगा यात्रा का भोपाल के सैकड़ो स्थानों पर भव्य स्वागत की तैयारी सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संगठनों, समाज सेवियों, राष्ट्रभक्तो द्वारा की गई है । शर्मा ने बताया कि समाज के हर वर्ग को इस यात्रा से जोड़ना हमारा संकल्प है.
अपील
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हमे यह अवसर प्रदान किया है कि जो तिरंगा कभी शासकीय भवनों, स्कूल कॉलेज में फहराया जा सकता था अब वह तिरंगा हर घर 24 घण्टे फहराया जा सकता है । आज़ादी का 75 वाँ अमृत महोत्सव जब पूरा देश मना रहा है इस अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा फहराने का अधिकार स्वरूप जो उपहार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया है निश्चित रूप से यह अनुकरणीय है । शर्मा ने कहा कि 13 से 15 अगस्त हर घर तिरंगा अभियान का आवाह्न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश वासियों से किया है । शर्मा ने कहा कि हमे इस अभियान को पूरी तन्मयता के साथ सफल बनाना है ।
25 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा का विस्तृत यात्रा मार्ग
14 अगस्त को प्रातः 11 बजे कर्मकी विशाल तिरंगा यात्रा मदर टेरेसा स्कूल मुखर्जी नगर कोलार से प्रारंभ होकर सेमरी जोड़, बैरागढ़ चीचली, डी मार्ट, ललिता नगर, नयापुरा, बीमा कुंज, सर्व धर्म, चुना भट्टी चौराहा, कोलार तिराहा, मैनिट कॉलेज, माता मंदिर, रोशनपुरा चौराहा, बाणगंगा चौराहा, विवेकानंद चौराहा पॉलिटेक्निक, कमला पार्क, शीशमहल, भवानी चौक कर्फ्यू वाली माता, अग्रसेन चौराहा (जिला भाजपा कार्यालय), रॉयल मार्केट, कलेक्ट्रेट कार्यालय, वीआईपी गेस्ट हाउस, फ्लाईओवर से हलालपुर बस स्टैंड, बस स्टैंड संत हिरदाराम नगर, आदर्श मार्ग, साधु वासवानी स्कूल, वाल्मीकि मंदिर, आरा मशीन रोड, कालका चौराहा, शिव मंदिर (चंचल चौराहा), फायर स्टेशन से झूलेलाल विसर्जन घाट (संत हिरदाराम नगर ) पहुँचेगी यहाँ तिरंगा यात्रा का समापन होगा ।
सोशल मीडिया की ताकत: सांची दूध के पैकेट में कीड़ा मिलने का मामला, सहकारी दुग्ध संघ मुख्य कार्यपालन अधिकारी का तबादला
भोपाल: सोशल मीडिया में चली सांची दूध के पैकेट में कीड़ा मिलने के खबरों के बाद मामले में सहकारी दुग्ध संघ मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरपीएस तिवारी को हटा दिया गया है अब साँची दुग्ध संघ मुख्य कार्यपालन अधिकारी डीपी सिंह होंगे
– सांची के दूध में कीड़े मिलने से जनता की सेहत से हो रहा था खिलवाड़
– पैकिंग और डिलीवरी व्यवस्था में लापरवाही मिलने से हुई कार्रवाई
क्या थी सोशल मीडिया में वायरल ख़बर..
– सांची दूध जहर
– सांची दूध के पैक पैकेट में मक्खी या कोई जहरीला कीड़ा ?
– सांची दूध की गुणवत्ता पर सवालिया निशान ?
– सांची दूध में जहर से कम नहीं है ऐसा समय-समय पर विभिन्न रिपोर्टों में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियों में पाया गया है
– यह मध्यप्रदेश है सब कुछ जानता है ।
दूध का टैंकर में पानी मिलाते हुए रंगे हाथ पकड़े गए उसके बाद भी आज दिन तक कोई कार्यवाही नहीं हुई ।
मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र का है जहां पर आज सुबह रोजमर्रा की तरह लोग दूध लेने पहुंचे लोगों ने रोज की तरह खरीदारी करी इसी बीच एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो कि बड़ा शर्मनाक और हैवानियत से भरा नजारा लोग दूध का इस्तेमाल अपने जिंदगी की सुबह की सबसे पहली शुरुआत से करते हैं कोई चाय पीता है कोई बच्चों की भूख मिटाता है तो कई प्रकार से दूध का इस्तेमाल रोजमर्रा के जीवन में किया जाता है
मगर सांची जो कि एक नामी-गिरामी दूध है जिसे लोग बड़े भरोसे के साथ इस्तेमाल करते हैं लोगों ने खुले दूध का इस्तेमाल कम कर सांची दूध का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा करना शुरू कर दिया जिसके चलते यह लोगों को भरपूर सहयोग कर रहा है और लोगों का दूध पर अटूट विश्वास भी है
मगर यह सांची दूध वाले कैसे लोगों के विश्वास को छल रहे हैं उनके साथ कैसे विश्वासघात कर रहे हैं आप देख सकते हैं किस प्रकार से एक पैकेट के अंदर मक्खी है या एक जहरीला कीड़ा यह साफ तौर से इस वीडियो में प्रतीत होता नजर आ रहा है जब हमारे मीडिया के साथियों ने जहां से दूध खरीद रहे थे उनसे बात करने की कोशिश की उनसे बात की तो उन्होंने पैकेट को लेकर सांची दूध सप्लाई करने वाले वाहन को वह पैकेट वापस किया और कहा भी के दूध में मक्खी है अपने संस्थान को वापस कर देना जो कि वीडियो साफ तौर पर नजर आ रहा
जब पूरे मामले की जानकारी मीडिया के समक्ष आई तो मीडिया ने भोपाल सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित पहुंचकर संबंधित लोगों से बात करने की कोशिश की तो मौके पर अधिकारी नदारद नजर आए सूत्र
कोलार में व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तिरंगा वितरण
भोपाल, राजधानी के सबसे तेज विकसित होते श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर कोलार रोड उपनगर में हर घर तिरंगा अभियान के तहत हर वार्ड हर मोहल्ले में मोहल्ला समितियों, युवा कार्यकर्ताओं की टोलियों द्वारा तिरंगा वितरण किया जा रहा है, आज उपनगर में स्कूली विधार्थियों द्वारा भव्य जागरूकता नारी जोशीलें नारों के साथ निकली गई. जिसमें रहवासियों को भी तिरंगा वितरण किया गया. आयोजन में स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा उपस्थित रहें.
वार्ड 82. की पार्षद ज्योति मिश्रा द्वारा शिर्दिपुराम, मंदाकिनी, सागर प्रीमियम आदि कॉलोनियों में मोहल्ला समितियों के माध्यम से तिरंगा वितरण की व्यवस्था जनसहयोग से की जा रही है. कोलार मुख्य मार्ग के परफेक्ट प्लाजा, यशोदा परिसर, गणपति एन्क्लेव, भारत आर्केड के व्यापारियों के बीच सक्रिय पंकज गजभिये ने बताया की आज व्यापारी समिति के सहयोग से बाजार की सभी दुकान पर जाकर तिरंगा वितरण किया और घर-दुकान पर तिरंगा आवश्यक रूप से लगाने का आग्रह किया. व्यापारिक प्रतिष्ठान अनन्या कलेक्शन ज्वेलरी एंड जनरल स्टोर, श्री अबीर जी सम्पूर्ण पूजन सामग्री भंडार, Rashi Collection A fasshion From Street’s of Delhi, Kings man Tailor, Kashi Enterprises Mobile parts & Accssoris, काशी-प्रयाग पूजन सामग्री एवं पान भंडार, संगम ब्यूटी पार्लर, नोडी कलेक्शन किड्स वेयर-रेडीमेड शॉप, Shine N Glow Beauty Parlour, Annu Shree Boutique & Dress Material, ऋषभ किराना एंड जनरल स्टोर, Krishna Pharma, Shivam Stationery & Gift Corner, Deepak hair cutting salon, Rhythm Electronics Sales & Services, Shubh Collection, रामराजा ट्रेडर्स, Shubham Communication, अनन्ता साड़ी, आगारा चाट के संचालकों ने कोलार के अन्य समस्त व्यापारी बन्धुओं, रहवासियों से घर घर तिरंगा लहराने की अपील की.


तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष पवन वर्मा ने दिया इस्तीफा
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस को शुक्रवार को एक और झटका लगा। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पवन के वर्मा ने आज पद से इस्तीफा दे दिया।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को भेजे इस्तीफे में वर्मा ने उनसे इसे मंजूर करने का आग्रह किया है। हालांकि, इसमें उन्होंने इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। उन्होंने एक ट्वीट में इस्तीफे की जानकारी दी। वर्मा ने ममता बनर्जी को भेजे पत्र में लिखा, ‘मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। मैं आपके स्नेह और शिष्टाचार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं आपके संपर्क में रहने के लिए तत्पर हूं। सभी को शुभकामनाएं।’
पवन वर्मा पिछले साल ही तृणमूल कांग्रेस में शाामिल हुए थे। वे भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं। वे इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार थे। वे जून 2014 से जुलाई 2016 तक राज्यसभा सदस्य, जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता थे।
उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का समर्थन करने के जदूय के फैसले के विरोध में पार्टी छोड़ दी थी। वर्मा ने कई देशों में भारत के राजदूत और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के रूप में सेवा करने के अलावा कई किताबें भी लिखी हैं।
सीएम शिवराज अनाथ बच्चों के साथ मनाएंगे रक्षाबंधन
अनाथ बच्चों के साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मनाया रक्षाबंधन. 250 बच्चों ने सीएम को बांधा रक्षासूत्र. मुख्यमंत्री कोविड19 बाल सेवा योजना के हितग्राही बच्चों से सीएम शिवराज ने किया सीधा संवाद. यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास पर हुआ. इस दौरान सीएम ने बच्चों को उपहार भी बांटे. जो बच्चे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए हैं, वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े. मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना के तहत 1399 हितग्राही बच्चों को हर माह 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता, निशुल्क खाद्यान्न वितरण और शिक्षा संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है.
कारम नदी पर बने बांध में लीकेज,
धार। जिले के धार-धामनोद मार्ग स्थित भारूड़पुरा के निचले ग्राम कोठिडा में नवनिर्मित मिट्टी के बांध लीकेज होने का मामला प्रकाश में आया है। यहां से लगातार पानी बह रहा है। इस मामले को प्रशासन और जन संसाधन विभाग ने गंभीरता से लेते हुए पानी का लीकेज रोकने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं राजस्व विभाग ने बांध के निचले क्षेत्र में बसे हुए तीन गांव को अलर्ट जारी कर दिया है। पूरे मामले में प्रशासन सतर्क है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मामले में पल-पल का अपडेट ले रहे हैं।
शुक्रवार को सभी गांव को खाली करवाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उक्त वीडियो आने के बाद में स्थिति गंभीर हुई। जिस पानी के रिसाव को कल रोकने का दावा किया गया था वहां से फिर से पानी निकलना शुरू हुआ था। ग्रामीणों को स्कूल और अन्य सुरक्षित भवनों पर पहुंचाने के लिए तेजी से हो रही है कार्रवाई।
जल संसाधन मंत्री पहुंच रहे धार
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट धार ज़िले के कारम डैम पहुंच रहे हैं। यहां जल संसाधन विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अधिकारीगण द्वारा अपनी देख-रेख में बांध में हुए लीकेज से उत्पन्न परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है।
प्रशासन की तैयारियां पूरी
गुरुवार को प्रशासन ने तमाम तैयारियां कर ली थी। यदि बांध में अचानक से कोई बड़ी समस्या आती है तो गांव वालों को सुरक्षित करने का प्लान तैयार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि यह सामान्य रिसाव है। इसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें प्राथमिक रूप से सफलता भी मिल गई है।
फिलहाल कोई बहुत बड़ी चिंता की स्थिति नहीं है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। कलेक्टर खुद बांध को देखने के लिए पहुंचे हैं। कारम नदी के आसपास कोठीदा गांव के साथ इमलीपुरा, दुगनी, डेहरिया, सिरसोदिया और हनुमंत्या बसे हुए हैं। इन गांवों में विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है। यदि किसी तरह की अप्रिय स्थिति बनती है तो उसे तुरंत निपटा जा सकता है। हालांकि बांध की लीकेज को रोकने के लिए बहुत व्यापक स्तर पर काम शुरू हो चुके हैं। बता दें कि पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे हैं।
इस बारे में बांध निर्माण संबंधी कार्य विभाग जल संसाधन के एसडीओ एसके सिद्दीकी ने बताया कि इसमें एक मामूली सा लीकेज हुआ। इसमें एक मोटर का पानी लगातार बह रहा है। यह बहुत बड़ा रिसाव नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी के बांध में बहुत नुकसान या फूटने की स्थिति नहीं है। इसलिए इसको भी हमने बड़े स्तर पर रोकने के लिए काम शुरू कर दिया है। इसमें हम मुरम डालने से लेकर जो पानी का रिसाव रोकना में लगे है। इसके लिए बहुत तेजी से काम कर रहे है। मशानी लगाई गई है। युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। बहुत जल्द ही इस पानी को रोकने में सफलता मिल जाएगी। कुछ हद तक हमें पानी को रोकने में सफलता मिल भी गई है। इस तरह से बांध के क्षेत्र में फिलहाल स्थिति है सभी लोगों को सुरक्षित रखा जा सके
टाटा ग्रुप का 17,000 रुपये तक जा सकता है यह मल्टीबैगर स्टॉक
टाटा ग्रुप (Tata Group) के एक शेयर पर मार्केट एक्सपर्ट बुलिश हैं और इसे खरीदने की सलाह दे रहे हैं। यह कंपनी टाटा एलेक्सी (Tata Elxsi) की है। टाटा एलेक्सी के शेयर 2020 के अपने निचले स्तर से लगभग 1,800 प्रतिशत तक ऊपर चढ़ गया है। एक्सपर्ट का मानना है कि चार्ट पैटर्न के अनुसार अभी भी शेयर में तेजी की संभावना है। कंपनी का मार्केट कैप 59,000 करोड़ रुपये से अधिक है। स्टॉक 25 मार्च, 2020 को 501 रुपये के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद अब 10 अगस्त 2022 को 9,459 रुपये पर पहुंच गया। तब से अब तक लगभग 1,800 प्रतिशत की बढ़त (Stock return) देखने को मिली है।
एक साल में निवेशकों के पैसे हुए डबल
एक साल में निवेशकों की संपत्ति को दोगुना से ज्यादा करने वाले इस शेयर ने 9,704 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की। एनालिस्ट का सुझाव है कि जो निवेशक टाटा ग्रुप के इस शेयर में रैली से चूक गए हैं, वे इसे अगले 6 महीनों में 10,000-17,000 रुपये तक के टारगेट प्राइस के लिए इसे जमा कर सकते हैं। स्टॉक 10 अगस्त 2021 से 10 अगस्त 2022 तक 4,238 रुपये से बढ़कर 9,459 रुपये पर पहुंच गया। यानी साल में इसमें 120 पर्सेंट की तेजी है।
25 साल में 1 लाख पर्सेंट से ज्यााद का रिटर्न
वहीं, पिछले 25 साल में इस शेयर ने 1,23,064.06% का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। 25 साल पहले इस शेयर की कीमत बीएसई पर 11 जुलाई 1997 को 7.68 रुपये थी। 10 अगस्त 2022 को यह शेयर 9,459 रुपये पर पहुंच गया। पिछले 9 सालों में इस शेयर ने 9274.09% का रिटर्न दिया है। इस दौरान यह 86.13 रुपये (23 Aug 2013 का बंद प्राइस) से बढ़कर 10882.24% रुपये पर पहुंचा है। रकम के हिसाब से देखा जाय तो अगर किसी निवेशक ने इस शेयर में 25 साल पहले 7.68 रुपये के हिसाब से 30 हजार रुपये लगाए होते और आज तक निवेश में बने रहते तो आज यह बढ़कर 3.69 करोड़ रुपये का फायदा होता।














