बस्तर में चर्च निर्माण को लेकर ग्राम सभा का बड़ा फैसला, जमीन देने से किया इनकार

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चर्च निर्माण को लेकर एक ग्राम सभा ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। ग्राम सभा ने प्रस्तावित चर्च निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने से इनकार करते हुए निर्माण पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा में ग्रामीणों ने चर्च निर्माण के लिए जमीन देने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। बैठक में इस संबंध में चर्चा के बाद ग्रामीणों ने जमीन नहीं देने का फैसला किया। ग्राम सभा ने प्रस्तावित निर्माण और उससे जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव में किसी भी तरह के निर्माण अथवा भूमि के उपयोग से जुड़े फैसले स्थानीय लोगों की सहमति और ग्राम सभा की प्रक्रिया के अनुरूप होने चाहिए। इसी आधार पर ग्राम सभा ने चर्च निर्माण के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से इनकार किया है।

मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी जानकारी ली जा रही है। बस्तर जैसे अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका और स्थानीय स्तर पर भूमि संबंधी निर्णय महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में इस फैसले को लेकर आगे प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

वहीं, पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से तथ्यों और ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट किए जाने की संभावना है।

एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर PM मोदी ने जताया गर्व, कहा- देश को मिली अपार खुशी

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दल को बधाई दी है। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, जुनून और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे समर्पण के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि एशियन गेम्स के समापन के साथ वह भारतीय दल के प्रत्येक सदस्य को बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दृढ़ संकल्प, जुनून और शानदार खेल भावना के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया।

पीएम मोदी ने सभी पदक विजेताओं को भी बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन ने देश को अपार खुशी दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन खेलों से आने वाले वर्षों में भारत के खिलाड़ी और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित होंगे।

भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ पदक प्रदर्शन रहा।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि एशियन गेम्स की उपलब्धियां देश में जमीनी स्तर पर खेलों को और मजबूत करने में योगदान देंगी।

जस्टिस भुइयां की टिप्पणी पर सियासत तेज, कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी ने सियासी माहौल गरमा दिया है। जस्टिस भुइयां ने कहा कि यदि किसी प्रक्रिया के कारण लाखों भारतीय नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो जाते हैं, तो ऐसी प्रक्रिया मनमानी मानी जाएगी और यह संवैधानिक व्यवस्था के मूल स्वरूप पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

जस्टिस भुइयां ने हैदराबाद स्थित NALSAR लॉ यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों को दो वर्गों में बांटने की अनुमति नहीं देता—एक वर्ग जिसे मतदान का अधिकार हो और दूसरा वर्ग इससे वंचित हो। उन्होंने यह भी कहा कि लाखों नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित करने वाली किसी प्रक्रिया को किसी भी तर्क के जरिए उचित नहीं ठहराया जा सकता।

उनकी इस टिप्पणी को विपक्षी दलों ने SIR विवाद से जोड़ते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि जस्टिस भुइयां की टिप्पणी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उठाए जा रहे सवालों को बल मिला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्रवाई संविधान की भावना के विपरीत है और CEC को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है।

हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि जस्टिस भुइयां ने अपनी टिप्पणी में सीधे तौर पर चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया का नाम नहीं लिया था। मीडिया रिपोर्टों में उनकी टिप्पणी को मौजूदा SIR विवाद के संदर्भ में देखा गया है।

इधर, SIR और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन भी जारी है। दिल्ली और मुंबई में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

Bhopal Property: 2031 से 2047 तक इन सड़कों पर बढ़ेंगे Property के दाम?

Bhopal Property: 2031 से 2047 तक किन सड़कों पर बढ़ेंगे Property के दाम? पुरानी योजनाओं और नए Master Plan से समझिए भोपाल का अगला Property Map
भोपाल। भोपाल में Property खरीदने वालों के लिए सबसे बड़ा सवाल अब सिर्फ यह नहीं है कि आज जमीन या मकान का रेट कितना है, बल्कि सवाल यह है कि 2031 से 2047 के बीच किस सड़क और किस इलाके में Property की कीमत सबसे तेजी से बढ़ सकती है?
इस सवाल का जवाब केवल आज के बाजार भाव से नहीं मिलेगा। इसके लिए पुराने Development Plan, प्रस्तावित Road Network, नई Connectivity, Metro, Bypass, Land Use और मौजूदा Property Price Trend को एक साथ देखना होगा।
भोपाल के पुराने Development Plan 2031 में ही Hoshangabad Road, Raisen Road, Berasia Road, Vidisha Road, Bilkisganj Road, Kolar Road और Chiklod Road को महत्वपूर्ण मार्गों के रूप में चिन्हित किया गया था। इन सड़कों के लिए अलग-अलग Right of Way का प्रस्ताव भी रखा गया था।
अब 2047 के नए Draft में सड़क की चौड़ाई को Land Use और Commercial Activity से जोड़ने की दिशा दिखाई गई है। इसका सीधा असर भविष्य की Property Value पर पड़ सकता है।
Bhopal Property का सबसे बड़ा सवाल—कौन-सा Corridor आगे निकलेगा?
अगर पुरानी योजना, वर्तमान विकास और नई infrastructure activity को साथ रखकर देखा जाए तो भोपाल के Property बाजार को इन प्रमुख corridors में समझा जा सकता है।
1. Hoshangabad Road — मजबूत और पहले से स्थापित Growth Corridor
Hoshangabad Road को भोपाल के established Property corridors में गिना जा सकता है। यहां पहले से residential projects, commercial activity और मजबूत connectivity मौजूद है।
पुराने Development Plan में Hoshangabad Road के लिए urban spread के बाहर 60 मीटर और urban spread के भीतर 30–45 मीटर तक Right of Way का प्रस्ताव था।
मौजूदा market indicators में भी Hoshangabad Road मजबूत दिखाई देता है।
भविष्य का संकेत: यह corridor तेज speculative growth से ज्यादा steady appreciation और established demand वाला क्षेत्र रह सकता है।
अनुमानित outlook: मजबूत।
2. Kolar Road — आज की Property और कल का West Bhopal
Kolar Road की कहानी सबसे दिलचस्प है।
Kolar Road पहले से बड़ा residential market है। दूसरी तरफ West Bhopal Bypass को लेकर 2026 में land acquisition और public notices की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
Kolar Road के आसपास के कई गांव West Bhopal Bypass से जुड़ी प्रक्रिया में आए हैं।
पुराने Development Plan में Kolar Road के लिए urban spread के बाहर 45 मीटर और भीतर 30–40 मीटर Right of Way का प्रस्ताव था।
Kolar Road में मौजूदा Property demand भी मजबूत है।
भविष्य का संकेत: Kolar Road के साथ West Bhopal Bypass और आसपास के नए connectivity nodes जुड़ते हैं तो मुख्य सड़क के बाहर के कुछ pockets को भी फायदा मिल सकता है। लेकिन हर जमीन को समान लाभ मिलेगा, यह मानना गलत होगा।
अनुमानित outlook: मजबूत से बहुत मजबूत, लेकिन pocket-wise।
3. Ayodhya Bypass — हालिया momentum वाला Corridor
अगर केवल हालिया price momentum देखें तो Ayodhya Bypass महत्वपूर्ण corridors में दिखाई देता है।
यहां residential demand, connectivity और शहर के विस्तार का असर Property market पर दिखाई दे रहा है।
भविष्य का संकेत: Connectivity और residential expansion के कारण यह आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण residential-investment corridor बना रह सकता है।
अनुमानित outlook: बहुत मजबूत।
4. Raisen Road — आज से ज्यादा भविष्य की कहानी
Raisen Road का बड़ा फायदा इसका regional connectivity character है।
पुराने Development Plan में Raisen Road के लिए urban spread के बाहर 60 मीटर और भीतर 30–45 मीटर Right of Way का प्रस्ताव था।
यहां Property की growth को केवल आज की residential demand से नहीं बल्कि future urban expansion और connectivity से देखना ज्यादा सही होगा।
भविष्य का संकेत: जैसे-जैसे urban development बाहर की तरफ जाएगा, बेहतर road connectivity वाले हिस्से ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं।
अनुमानित outlook: मजबूत long-term potential।
5. Berasia Road — बड़ा क्षेत्र, लेकिन growth समान नहीं होगी
Berasia Road को पुराने Development Plan में भी महत्वपूर्ण regional road माना गया था।
Berasia Road की लंबाई और अलग-अलग development pockets को देखते हुए यहां एक ही Property rate या एक ही growth percentage लगाना सही नहीं होगा।
भविष्य का संकेत: जहां नई road connectivity, residential development और approved layouts साथ आएंगे, वहां growth अधिक हो सकती है।
अनुमानित outlook: चयनित pockets में मजबूत।
6. Vidisha Road — Connectivity आधारित future growth
Vidisha Road भी भोपाल को पूर्व दिशा में जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है।
यह corridor future connectivity और peripheral expansion के कारण महत्वपूर्ण रह सकता है।
लेकिन यहां Property खरीदते समय केवल “Vidisha Road से पास” सुनना पर्याप्त नहीं होगा।
भविष्य का संकेत: Approved development, road connectivity और future Land Use वाले pockets में बेहतर संभावना।
अनुमानित outlook: मध्यम से मजबूत।
7. Bilkisganj Road — कम चर्चा, लेकिन नजर रखने वाला Corridor
Bilkisganj Road पुराने Development Plan में भी महत्वपूर्ण regional/local traffic वाले मार्गों में शामिल था।
यह उन corridors में है जहां Property buyer को early-stage growth और execution risk दोनों को साथ देखना चाहिए।
भविष्य का संकेत: यदि road connectivity और planned development जमीन पर तेजी से आते हैं तो कुछ pockets में Property की कीमतों में re-rating की संभावना बन सकती है।
अनुमानित outlook: Watchlist।
8. Chiklod Road — लंबी अवधि का Land Investment Corridor?
Chiklod Road भविष्य के development और connectivity पर ज्यादा निर्भर corridor है।
यह established residential market की तुलना में ज्यादा future development story पर निर्भर करता है।
भविष्य का संकेत: Long-term investor के लिए संभावनाएं हो सकती हैं, लेकिन यहां legal title, land-use और actual infrastructure सबसे महत्वपूर्ण होंगे।
अनुमानित outlook: High-risk, high-potential pockets।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल—Property के दाम कितने बढ़ सकते हैं?
यहीं सबसे ज्यादा सावधानी जरूरी है।
कोई भी ईमानदार analysis यह दावा नहीं कर सकता कि 2047 तक किसी सड़क पर Property 3 गुना या 5 गुना होगी।
Property price को सड़क, infrastructure, supply, demand, interest rates, zoning, construction activity और local economy कई चीजें प्रभावित करती हैं।
लेकिन पिछले उपलब्ध market indicators से एक pattern जरूर दिखाई देता है।
Hoshangabad Road जैसे established corridor में price appreciation अपेक्षाकृत steady है, जबकि Ayodhya Bypass जैसे corridor में हालिया momentum ज्यादा तेज दिखाई दे रहा है। Kolar Road में भी लगातार appreciation के संकेत मिल रहे हैं।
इसलिए सड़क के नाम से ज्यादा जरूरी है उस सड़क का कौन-सा हिस्सा।
Bhopal Property का नया Formula
Location + Road Width + Land Use + Approved Layout + Connectivity + Future Infrastructure = Property Growth Potential
यही वजह है कि एक ही सड़क पर 500 मीटर के अंतर में दो जमीनों की भविष्य की कीमत अलग हो सकती है।
सबसे बड़ा नया Factor—West Bhopal Bypass
2026 में West Bhopal Bypass को लेकर सरकारी land acquisition प्रक्रिया कई गांवों में आगे बढ़ी है। Kolar और Huzur तहसीलों के कई गांव इसके दायरे में आए हैं।
इसका मतलब यह नहीं कि bypass के आसपास की हर जमीन तुरंत महंगी हो जाएगी।
लेकिन जहां नई connectivity वास्तव में विकसित होती है, वहां Property market का पूरा equation बदल सकता है।
यही वह जगह है जहां आज की peripheral land भविष्य का residential या commercial growth pocket बन सकती है, बशर्ते उसका Land Use, legal status और planning approval इसकी अनुमति दें।
किस सड़क पर कैसी नजर रखें?
Hoshangabad Road: सुरक्षित और established growth की तलाश वालों के लिए।
Kolar Road: Existing demand और West Bhopal connectivity के कारण खास नजर।
Ayodhya Bypass: हालिया price momentum के कारण महत्वपूर्ण।
Raisen Road: Long-term expansion story।
Berasia Road: Selective pockets पर नजर।
Vidisha Road: Connectivity आधारित future growth।
Bilkisganj Road: Emerging corridor की तरह monitor करने योग्य।
Chiklod Road: लंबी अवधि के land-investment perspective से देखने योग्य।
लेकिन Property खरीदने से पहले एक गलती बिल्कुल न करें
“Road Touch है, इसलिए Commercial हो जाएगा”—यह सोच खतरनाक हो सकती है।
Master Plan 2047 में सड़क की चौड़ाई को Commercial Activity से जोड़ा गया है, लेकिन केवल सड़क चौड़ी होने से Residential Property अपने आप Commercial नहीं हो जाती।
Land Use, zoning और planning conditions भी महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए Bhopal Property खरीदने से पहले Khasra, Title, Diversion, वर्तमान Land Use, प्रस्तावित Land Use, road alignment और approved layout की जांच करना जरूरी है।
Evidence Disclaimer
महत्वपूर्ण सूचना: इस खबर में Property Growth को लेकर दिए गए आकलन पूर्व विकास योजनाओं, प्रस्तावित Master Plan 2047, infrastructure projects, road connectivity और उपलब्ध market indicators के विश्लेषण पर आधारित संभावित अनुमान हैं। ये किसी सरकारी विभाग, RERA, जिला प्रशासन या अधिकृत Property Valuation की भविष्यवाणी नहीं हैं। किसी भी सड़क या क्षेत्र में Property के भाव कितने प्रतिशत बढ़ेंगे, इसकी निश्चित गारंटी नहीं दी जा सकती। अलग-अलग Property की कीमत Location, Khasra, Land Use, Title, Road Width, Project Approval, Infrastructure और बाजार की मांग के अनुसार काफी अलग हो सकती है। Property खरीदने या निवेश का निर्णय लेने से पहले संबंधित सरकारी रिकॉर्ड, Master Plan/Khasra Map, भूमि दस्तावेज और वर्तमान बाजार मूल्य की स्वतंत्र रूप से जांच अवश्य करें।

नागरिकों की सुविधा और नए जिलों के तेज विकास को प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नवीन जिलों के गठन का उद्देश्य आमजन को प्रशासनिक सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराना और विकास की गति को तेज करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए जिलों में आवश्यक प्रशासनिक एवं बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि नागरिकों को किसी भी कार्य के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों की यात्रा न करनी पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवीन जिलों में विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। प्रशासनिक व्यवस्था को जन-केंद्रित बनाते हुए स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के संतुलित विकास के लिए जरूरी है कि प्रत्येक क्षेत्र में समान रूप से अधोसंरचना और रोजगार के अवसर विकसित हों। सरकार नवीन जिलों को विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा, सुशासन और द्रुत गति से विकास राज्य सरकार की कार्यप्रणाली का मूल आधार है। नवीन जिलों के विकास से प्रशासनिक पहुंच मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

सिंगापुर में CM विष्णु देव साय की बड़ी पहल, गार्डन्स बाय द बे से हरित विकास पर चर्चा; बिजनेस लीडर्स से निवेश पर संवाद

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इन दिनों सिंगापुर दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रसिद्ध गार्डन्स बाय द बे के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में बागवानी, जैव विविधता संरक्षण, शहरी हरियाली और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर के अनुभवों से नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन और प्रदेश के अन्य हिस्सों में बेहतर ग्रीन स्पेस विकसित करने में मदद मिल सकती है।

नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने गार्डन्स बाय द बे के जीएम, मास्टर प्लानिंग जेसन येओ और निदेशक लिम चियाप सॉन्ग सहित टीम के साथ बैठक की। प्रतिनिधिमंडल को वहां की मास्टर प्लानिंग, सतत डिजाइन और गार्डन मैनेजमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।

CM साय के मुताबिक, गार्डन्स बाय द बे से मिलने वाली सीख का उपयोग नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने और पूरे छत्तीसगढ़ में हरित क्षेत्रों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। इससे पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के अवसर भी तैयार होने की उम्मीद है।

सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के लीडरशिप डिनर में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शाम को सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन (SBF) की ओर से आयोजित लीडरशिप डिनर में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले, SBF के चेयरमैन मार्क ली और CEO कोक पिंग सून सहित उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।

डिनर के दौरान भारतीय राज्यों और सिंगापुर के कारोबारी समुदाय के बीच निवेश, व्यापार और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को लेकर संवाद का अवसर मिला।

MSME, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश का न्योता
मुख्यमंत्री साय ने अंतरराष्ट्रीय कारोबारी समुदाय के सामने छत्तीसगढ़ को निवेश की संभावनाओं वाले राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश की औद्योगिक नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ MSME, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी और सिंगापुर की कंपनियों को छत्तीसगढ़ के विकास में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया।

SING Forum 2026 में शामिल होंगे CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर सिंगापुर में आयोजित Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह फोरम Singapore Business Federation द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री 5 अक्टूबर को SING Forum 2026 में हिस्सा लेंगे, जबकि 6 अक्टूबर को प्रमुख सिंगापुर कंपनियों और निवेश संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ CEO Roundtable में शामिल होंगे।

भदोही के कालीन की दुनियाभर में बढ़ी मांग, विकास को मिलेगी नई रफ्तार; CM योगी देंगे 1340 करोड़ की सौगात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को भदोही के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जिले को करीब 1,340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। नईदुनिया की मूल खबर

वैश्विक बाजार में भदोही के कालीन की पहचान
भदोही को कालीन उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां तैयार होने वाले कालीन देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे और औद्योगिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे कालीन कारोबार को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों पर जोर
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरकार का कहना है कि केंद्र और प्रदेश में एक ही दल की सरकार होने से विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। प्रस्तावित परियोजनाओं से जिले में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलने की बात कही गई है।

रोजगार और कारोबार को बढ़ावा देने की कोशिश
भदोही का कालीन उद्योग बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है। विकास परियोजनाओं के साथ औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से स्थानीय कारोबारियों और कारीगरों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का फोकस भदोही की पारंपरिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर वैश्विक बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं के अलावा जिले के कालीन उद्योग और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। 1,340 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से भदोही में बुनियादी ढांचे के विस्तार और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

गरुड़ पुराण की मान्यता: पुष्य नक्षत्र में श्राद्ध से मिलता है विशेष फल, दशमी तिथि पर पितृऋण से मुक्ति की मान्यता

पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध और तर्पण का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों को श्रद्धापूर्वक तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी क्रम में पुष्य नक्षत्र और दशमी तिथि पर किए जाने वाले श्राद्ध को भी विशेष फलदायी बताया गया है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पुष्य नक्षत्र में श्राद्ध करने से परिवार में सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। वहीं, दशमी तिथि पर पितरों का श्राद्ध करने से पितृऋण से मुक्ति मिलने की मान्यता है। हालांकि, ये धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं हैं, जिनका पालन श्रद्धा और परंपरा के अनुसार किया जाता है।

पुष्य नक्षत्र में श्राद्ध क्यों माना जाता है विशेष?
ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों में पुष्य नक्षत्र को शुभ और पवित्र नक्षत्रों में गिना गया है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। पितृ पक्ष में पुष्य नक्षत्र के संयोग में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होने तथा घर में सुख-शांति आने की मान्यता है।

दशमी तिथि पर श्राद्ध का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दशमी तिथि पर पितरों का श्राद्ध करने से पूर्वजों के प्रति अपने दायित्वों की पूर्ति होती है। इसे पितृऋण से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से तर्पण और श्राद्ध करने के साथ ब्राह्मण भोजन तथा जरूरतमंदों को दान देने की भी परंपरा है।

श्रद्धा और विधि से करें पितरों का स्मरण
पितृ पक्ष में श्राद्ध का मूल उद्देश्य अपने पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना माना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार तर्पण, पिंडदान, भोजन और दान जैसे कर्म श्रद्धा से करने चाहिए। अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में श्राद्ध की विधि और परंपराओं में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय परंपरा या विद्वान की सलाह के अनुसार कर्मकांड करना उचित माना जाता है।

MP Ranking Table Tennis: पंकज और भव्या बने चैंपियन, इंदौर के खिलाड़ियों का दबदबा

मध्य प्रदेश रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता में इंदौर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता के पुरुष और महिला वर्ग में पंकज और भव्या ने खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में इंदौर के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला।

फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीक, तेज रिटर्न और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान इंदौर के खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए कई मुकाबलों में जीत दर्ज की।

पंकज और भव्या का शानदार प्रदर्शन
पुरुष वर्ग में पंकज ने निर्णायक मुकाबले में शानदार तालमेल और आक्रामक रणनीति के दम पर खिताब हासिल किया। वहीं महिला वर्ग में भव्या ने भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न शहरों से खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इंदौर के खिलाड़ियों ने कई वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे शहर के टेबल टेनिस स्तर की मजबूती एक बार फिर सामने आई।

युवा खिलाड़ियों को मिला प्रतिस्पर्धी मंच
मध्य प्रदेश रैंकिंग प्रतियोगिता प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए अपनी रैंकिंग सुधारने और बेहतर खिलाड़ियों के खिलाफ अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच रही। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिले।

आयोजकों ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता के परिणामों से इंदौर के टेबल टेनिस खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ा है और आने वाली राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी उनकी तैयारियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

PM Kisan Yojana: क्या पिता और बेटे दोनों को मिलेंगे ₹2-2 हजार? जानिए नियम और पात्रता

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के तहत पात्र किसानों को सरकार की ओर से सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है। ऐसे में कई परिवारों में यह सवाल रहता है कि अगर पिता और बेटा दोनों किसान हैं, तो क्या दोनों को योजना का लाभ मिल सकता है?

पिता-बेटे दोनों को मिल सकता है लाभ
नियमों के अनुसार, केवल एक ही परिवार में पिता और बेटे का होना अपने आप में किसी एक व्यक्ति को अपात्र नहीं बनाता। यदि पिता और बेटा दोनों अपने नाम पर कृषि भूमि के मालिक हैं और योजना की अन्य पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, तो दोनों अलग-अलग लाभार्थी के रूप में PM-KISAN का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

हालांकि, योजना में ‘परिवार’ की परिभाषा के तहत पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक इकाई माना जाता है। इसलिए केवल परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम जमीन होने से हर व्यक्ति पात्र नहीं हो जाता। पात्रता योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार तय होती है।

किन किसानों को मिलता है ₹6 हजार का लाभ?
PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवार को साल में ₹6,000 की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त में ₹2,000 सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। लाभ लेने के लिए किसान का भूमि रिकॉर्ड संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना और योजना की अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी है।

इन लोगों को नहीं मिलता योजना का लाभ
सरकार ने कुछ श्रेणियों को PM-KISAN से बाहर रखा है। इनमें कुछ उच्च आय वर्ग के लोग, संवैधानिक पदों पर रहे या वर्तमान में पद पर मौजूद व्यक्ति, कुछ सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और निर्धारित श्रेणियों के पेशेवर शामिल हैं। आयकर दाता भी योजना के लाभ के लिए पात्र नहीं होते।

ई-केवाईसी और बैंक खाते की जानकारी रखें अपडेट
PM-KISAN की किस्त प्राप्त करने के लिए किसानों को ई-केवाईसी, बैंक खाते की जानकारी और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी सही रखना जरूरी है। यदि पिता और बेटा दोनों योजना के लिए पात्र हैं, तो उनके रिकॉर्ड अलग-अलग और नियमों के अनुरूप होने चाहिए।

इसलिए सिर्फ पिता और बेटे के नाम जमीन होने के आधार पर दोनों को ₹2-2 हजार की किस्त मिलना तय नहीं है। दोनों की स्वतंत्र पात्रता योजना के नियमों के अनुसार जांची जाएगी।

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

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भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...
Women and Child Development;

महिला एवं बाल विकास पर केंद्र-राज्य मंथन, पोषण और महिला सुरक्षा पर फोकस

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नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का दो दिवसीय विभागीय सम्मेलन 8 और 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जा...
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उत्तर प्रदेश Social Welfare योजनाएं 2026: पेंशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी

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पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सहायता और गरीब परिवारों के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा...
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गुजरात में मालधारी परिवारों के पुनर्वास की नई योजना: ₹15 लाख सहायता, 100 वर्ग...

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गुजरात। गुजरात सरकार ने बर्दा वन्यजीव अभयारण्य (Barda Wildlife Sanctuary) में रहने वाले मालधारी परिवारों के स्वैच्छिक पुनर्वास के लिए नई योजना की घोषणा...
mann ki baat 1st episode

विजयादशमी के दिन शुरू हुई थी ‘मन की बात’: 3 अक्टूबर 2014 से सितंबर...

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विशेष जानकारी | मन की बात पहले 14 मिनट के प्रसारण से 100वें एपिसोड और 2026 के आधिकारिक रेडियो आर्काइव तक की महत्वपूर्ण तारीखें। शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 अवसर विजयादशमी पहला...