उद्धव-राज ठाकरे की पार्टियों ने बदला मार्च का रूट, अब यहां से निकलेगा जुलूस

महाराष्ट्र में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रस्तावित संयुक्त विरोध प्रदर्शन को लेकर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों ने बड़ा बदलाव किया है। मुंबई पुलिस के अनुरोध के बाद शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने 4 अक्टूबर को होने वाले मार्च का मार्ग छोटा करने पर सहमति जताई है।

पहले यह मार्च बायकुला से बीएमसी मुख्यालय तक प्रस्तावित था। अब संशोधित कार्यक्रम के तहत मार्च मेट्रो सिनेमा से बीएमसी मुख्यालय तक निकाला जाएगा। पुलिस ने बायकुला फ्लाईओवर वाले हिस्से में संभावित अवरोध और सुरक्षा संबंधी जोखिम का हवाला देते हुए मार्ग बदलने का अनुरोध किया था।

4 अक्टूबर को संयुक्त प्रदर्शन
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने निर्वाचन आयोग के कामकाज तथा महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर 4 अक्टूबर को संयुक्त मार्च का ऐलान किया था। दोनों दलों ने अन्य राजनीतिक दलों और लोगों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

इस बीच, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने भी 4 अक्टूबर के मार्च में शामिल होने की घोषणा की है। इससे प्रस्तावित प्रदर्शन में विपक्षी दलों की भागीदारी बढ़ गई है।

ठाकरे बंधुओं की ओर से आयोजित यह प्रदर्शन मुख्य रूप से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर है। निर्वाचन आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों पर उठाए गए सवालों के जवाब में कहा है कि उसके अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

आतिशी और नेहा बोरा समेत 700 से ज्यादा हिरासत में, मुंबई में CJP का प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई में विरोध प्रदर्शन हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, संजय सिंह और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है।

प्रदर्शन में AISA, SFI और NSUI समेत विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए गए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को लेकर कहा है कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ी
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया और कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास प्रभावित हुआ।

मुंबई में CJP का प्रदर्शन
उधर, मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का आह्वान किया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुलिस द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया था। शिवाजी पार्क और दादर इलाके में प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और बैरिकेड लगाए गए।

CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। संगठन ने आगे अन्य शहरों में भी प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

एशियन गेम्स: भारत-चीन महिला हॉकी फाइनल 45 मिनट की देरी से, ट्रैफिक जाम बना वजह

एशियन गेम्स 2026 में भारत और चीन के बीच महिला हॉकी का गोल्ड मेडल मुकाबला निर्धारित समय से 45 मिनट की देरी से शुरू होगा। मुकाबला पहले भारतीय समयानुसार शाम 3 बजे शुरू होना था, लेकिन टीमों की बसें रास्ते में ट्रैफिक जाम में फंस गईं।

जानकारी के मुताबिक, आयोजन स्थल के पास एक हादसे के बाद सड़क पर भारी जाम लग गया, जिसके चलते दोनों टीमों के खिलाड़ियों को स्टेडियम पहुंचने में देरी हुई। अब भारत और चीन के बीच फाइनल शाम 4:15 बजे शुरू होने की जानकारी दी गई है।

यह मुकाबला भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत की टीम लंबे अंतराल के बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। भारत ने पिछली बार महिला हॉकी में एशियन गेम्स गोल्ड 1982 में जीता था।

फाइनल में भारत का सामना मौजूदा चैंपियन चीन से होगा। मुकाबला जीतने वाली टीम को एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल मिलने के साथ 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का टिकट भी मिलेगा।

कोलार सिक्सलेन से गोल-कालापानी तक कंक्रीट के जंगल पर ब्रेक, मास्टर प्लान 2047 में ईको-सेंसिटिव जोन

भोपाल। कोलार सिक्सलेन से जुड़े गोल और कालापानी क्षेत्र में बड़े निर्माण और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं पर अब पर्यावरणीय प्रावधानों का असर पड़ सकता है। मास्टर प्लान ड्राफ्ट 2047 में गोल और कालापानी क्षेत्र को रातापानी टाइगर रिजर्व के बफर एवं ईको-सेंसिटिव जोन से जोड़े जाने के बाद इस क्षेत्र में प्रस्तावित बड़े निर्माण को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

जिन निवेशकों और बिल्डरों ने इस क्षेत्र में बड़े रिसॉर्ट, टाउनशिप, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और अन्य निर्माण की संभावनाओं को देखते हुए जमीनें खरीदी हैं, उनके लिए अब आगे की स्थिति संबंधित पर्यावरणीय और वन्यजीव नियमों पर निर्भर करेगी।

गोल-कालापानी से कलियासोत-केरवा तक बदलेगा निर्माण का समीकरण

गोल, कालापानी, कलियासोत और केरवा क्षेत्र भोपाल के महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं वन क्षेत्र से जुड़े हैं। मास्टर प्लान 2047 में पर्यावरणीय संवेदनशीलता से जुड़े प्रावधानों के बाद इस पूरे क्षेत्र में भविष्य के निर्माण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

ईको-सेंसिटिव जोन का उद्देश्य संरक्षित क्षेत्र और मानव गतिविधियों वाले क्षेत्रों के बीच एक बफर के रूप में काम करना है। इसका मकसद वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर अत्यधिक निर्माण, प्रदूषण, अवैध खनन और भारी औद्योगिक गतिविधियों के दबाव को कम करना है।

होटल-रिसॉर्ट और बड़े प्रोजेक्ट्स पर नियम महत्वपूर्ण

ईको-सेंसिटिव क्षेत्र में होटल, रिसॉर्ट, बड़े निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास गतिविधियों के लिए संबंधित पर्यावरण एवं वन्यजीव नियमों का पालन महत्वपूर्ण हो सकता है।

किस क्षेत्र में किस प्रकार का निर्माण अनुमत होगा और किन गतिविधियों के लिए अतिरिक्त अनुमति आवश्यक होगी, यह अंतिम अधिसूचना और संबंधित विभागों की स्वीकृतियों के आधार पर स्पष्ट होगा।

पहले से संचालित प्रोजेक्ट्स का क्या होगा?

गोल और कालापानी क्षेत्र में कई निर्माण एवं प्रोजेक्ट पहले से संचालित हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल मौजूदा परियोजनाओं के भविष्य को लेकर है।

इन परियोजनाओं पर नए प्रावधानों का वास्तविक प्रभाव उनकी मौजूदा स्वीकृतियों, भूमि उपयोग, निर्माण की स्थिति और लागू वन्यजीव एवं पर्यावरणीय नियमों के आधार पर तय होगा। इसलिए अंतिम स्थिति मास्टर प्लान की अधिसूचना और संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

कलियासोत-केरवा की हरियाली पर भी नजर

गोल और कालापानी से आगे कलियासोत और केरवा तक फैला प्राकृतिक क्षेत्र भोपाल के पर्यावरणीय संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में बढ़ते शहरी विस्तार के बीच मास्टर प्लान 2047 के प्रावधान भविष्य के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अब नजर मास्टर प्लान 2047 की अंतिम अधिसूचना और संबंधित वन्यजीव एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों पर रहेगी। इसके बाद ही गोल, कालापानी, कलियासोत और केरवा क्षेत्र में जमीन के उपयोग तथा बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप का शेड्यूल किया जारी, 10 अक्टूबर को भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत

क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में किया जाएगा। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है और दोनों टीमों के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला 10 अक्टूबर 2027 को जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा।

7 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से भारत का पहला मुकाबला
टीम इंडिया वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 7 अक्टूबर 2027 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केपटाउन में करेगी। इसके बाद 10 अक्टूबर को पाकिस्तान से मुकाबला होगा। भारत का तीसरा ग्रुप मैच 14 अक्टूबर को अफगानिस्तान के खिलाफ त्शवाने में होगा।

इसके बाद भारतीय टीम 17 अक्टूबर को क्वालिफायर-ए से भिड़ेगी, जबकि ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला 24 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ विक्टोरिया फॉल्स में खेला जाएगा।

14 टीमें और 57 मुकाबले
ICC के मुताबिक 2027 वर्ल्ड कप में 14 टीमें कुल 57 मुकाबले खेलेंगी। टूर्नामेंट का आयोजन 12 वेन्यू पर होगा। मुख्य टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज के बाद शीर्ष तीन-तीन टीमें और दोनों ग्रुप में बेहतर प्रदर्शन करने वाली चौथे स्थान की टीम सुपर-7 चरण में पहुंचेगी। इसके बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी।

21 नवंबर को जोहान्सबर्ग में फाइनल
वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला 21 नवंबर 2027 को जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा। इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबले 17 और 18 नवंबर को केपटाउन और त्शवाने में होंगे।

भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर अभी से क्रिकेट प्रशंसकों में खास उत्सुकता है। दोनों टीमें ग्रुप ए में भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और क्वालिफायर-ए के साथ शामिल हैं।

‘दृश्यम 3’ की प्री-सेल्स में रिकॉर्डतोड़ कमाई, 49 करोड़ के पार पहुंची कमाई; ‘बॉर्डर 2’ समेत 13 फिल्मों को पीछे छोड़ा

अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड बना रही है। फिल्म की एडवांस बुकिंग को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिलीज से पहले फिल्म की प्री-सेल्स 49.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसमें ब्लॉक सीटों की बुकिंग भी शामिल है। अब तक करीब 14.68 लाख टिकट बिकने की जानकारी सामने आई है।

‘बॉर्डर 2’ समेत कई फिल्मों को छोड़ा पीछे
‘दृश्यम 3’ ने प्री-सेल्स के मामले में 2026 की कई चर्चित फिल्मों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें ‘बॉर्डर 2’, ‘कॉकटेल 2’, ‘वेलकम टू द जंगल’, ‘अल्फा’, ‘ओ रोमियो’, ‘भूत बंगला’, ‘धमाल 4’ और ‘मर्दानी 3’ जैसी फिल्मों के रिकॉर्ड शामिल हैं।

2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म
अजय देवगन, तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता और जयदीप अहलावत जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है। ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों की कहानी को आगे बढ़ाने वाली इस फिल्म में एक बार फिर विजय सालगांवकर और मीरा देशमुख के बीच टकराव देखने को मिलेगा।

ओपनिंग डे पर बड़ी कमाई की उम्मीद
एडवांस बुकिंग के आंकड़ों ने फिल्म की शुरुआती कमाई को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अलग-अलग ट्रेड रिपोर्ट्स में इसके पहले दिन करीब 40 से 50 करोड़ रुपये तक पहुंचने के अनुमान सामने आए हैं। हालांकि वास्तविक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिलीज के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल, रिलीज से पहले ही ‘दृश्यम 3’ की टिकट बिक्री ने फिल्म को 2026 की सबसे चर्चित प्री-सेल्स वाली फिल्मों में शामिल कर दिया है। अब निगाहें 2 अक्टूबर के ओपनिंग डे कलेक्शन पर टिकी हैं।

मृगशिरा नक्षत्र और षष्ठी तिथि का महासंयोग, मिथुन को पैतृक संपत्ति तो कर्क को विदेश यात्रा का लाभ

ज्योतिष शास्त्र में ग्रह-नक्षत्रों और तिथियों के संयोग का विशेष महत्व माना जाता है। जब किसी दिन शुभ नक्षत्र और तिथि का संयोग बनता है, तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है। मृगशिरा नक्षत्र और षष्ठी तिथि का यह संयोग कई राशि वालों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ जातकों को पारिवारिक मामलों में लाभ मिल सकता है, जबकि कुछ के लिए यात्रा, करियर और आर्थिक प्रगति के अवसर बन सकते हैं।

मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय विशेष रूप से संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभकारी माना जा रहा है। पैतृक संपत्ति से संबंधित कोई पुराना मामला आगे बढ़ सकता है। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से अटका हुआ संपत्ति संबंधी काम पूरा होने की संभावना बन सकती है। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए विदेश यात्रा या दूर स्थान की यात्रा के योग बन सकते हैं। नौकरी, कारोबार या शिक्षा के सिलसिले में विदेश जाने का अवसर मिल सकता है। जो लोग लंबे समय से विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें इससे जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। करियर में नए संपर्क भी भविष्य में लाभ दे सकते हैं।

मेष राशि
मेष राशि वालों को कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। व्यापार करने वाले जातकों को नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि किसी भी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए परिवार और आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखने का समय है। पुराने संपर्कों से लाभ मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है।

सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या पद से जुड़ा अवसर मिल सकता है। व्यापार में भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर लाभ के अवसर बन सकते हैं।

कन्या राशि
कन्या राशि वालों को धन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना लाभकारी रहेगा। वहीं परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण सहयोग मिल सकता है।

तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए रिश्तों और साझेदारी के मामले में समय अनुकूल रह सकता है। किसी पुराने मतभेद को बातचीत के जरिए दूर करने का मौका मिल सकता है। कारोबार में साझेदारी से जुड़े फैसलों में सोच-समझकर कदम उठाएं।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों को कामकाज में मेहनत का लाभ मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षा या किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय उत्साह बढ़ाने वाला हो सकता है।

धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए यात्रा और नए संपर्कों के अवसर बन सकते हैं। काम के सिलसिले में होने वाली यात्रा भविष्य में लाभ दे सकती है। परिवार में भी खुशी का माहौल रह सकता है।

मकर राशि
मकर राशि वालों को आर्थिक मामलों में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। नौकरी में स्थिरता बनी रह सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खुल सकते हैं। व्यापार या नौकरी में बदलाव की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। सामाजिक स्तर पर भी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए परिवार और व्यक्तिगत जीवन पर ध्यान देने का समय है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में परिवार के सदस्यों की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नई योजना पर काम कर सकते हैं।

विजयादशमी के दिन शुरू हुई थी ‘मन की बात’: 3 अक्टूबर 2014 से सितंबर 2026 तक का पूरा सफर

mann ki baat 1st episode
mann ki baat 1st episode

विशेष जानकारी | मन की बात

पहले 14 मिनट के प्रसारण से 100वें एपिसोड और 2026 के आधिकारिक
रेडियो आर्काइव तक की महत्वपूर्ण तारीखें।

शुरुआत

3 अक्टूबर 2014

अवसर

विजयादशमी

पहला एपिसोड

14 मिनट

100वां एपिसोड

30 अप्रैल 2023

3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के अवसर पर
‘मन की बात’ का पहला प्रसारण हुआ था। यह प्रसारण
शुक्रवार को ऑल इंडिया रेडियो के माध्यम से किया गया था।

आज इस कार्यक्रम की पहचान महीने के अंतिम रविवार के प्रसारण से होती है,
लेकिन इसकी शुरुआत रविवार को नहीं हुई थी। बाद में अप्रैल 2015 से
इसका नियमित अंतिम रविवार वाला प्रारूप शुरू हुआ।

3 OCTOBER 2014

विजयादशमी और ‘मन की बात’ की शुरुआत

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इसी दिन ‘मन की बात’ का पहला प्रसारण हुआ।
पहला कार्यक्रम लगभग 14 मिनट का था।

पहले तीन एपिसोड कितने मिनट के थे?

एपिसोड समय मुख्य जानकारी
पहला 14 मिनट 3 अक्टूबर 2014
दूसरा 19 मिनट शुरुआती प्रसारण
तीसरा 26 मिनट शुरुआती चरण

जानने योग्य तथ्य:
आधिकारिक जानकारी के अनुसार चौथे एपिसोड से कार्यक्रम की अवधि लगभग
30 मिनट हो गई।

3 अक्टूबर 2014 से सितंबर 2026 तक ‘मन की बात’ का सफर


3 अक्टूबर 2014

विजयादशमी के दिन ‘मन की बात’ का पहला प्रसारण हुआ।


अप्रैल 2015

कार्यक्रम का नियमित प्रसारण महीने के अंतिम रविवार को होने लगा।


25 नवंबर 2018

50वां एपिसोड प्रसारित हुआ।


30 अप्रैल 2023

100वां एपिसोड प्रसारित हुआ।


सितंबर 2024

कार्यक्रम की 10 वर्ष की यात्रा का उल्लेख 114वें एपिसोड के दौरान किया गया।


27 सितंबर 2026

PM Radio के आधिकारिक आर्काइव में इस तारीख का कार्यक्रम
Part-85 के रूप में दर्ज है।

भाषा और प्रसारण का विस्तार

शुरुआती प्रसारण के बाद कार्यक्रम का भाषाई और प्रसारण दायरा बढ़ा।
आधिकारिक PIB जानकारी के अनुसार अंग्रेजी संस्करण
2016 में और संस्कृत संस्करण
2017 में शुरू हुआ।

इसके बाद कार्यक्रम के विभिन्न प्रसारण भारतीय भाषाओं और अन्य माध्यमों
के जरिए भी उपलब्ध कराए जाते रहे।

50वें से 100वें एपिसोड तक

25 नवंबर 2018

50वां एपिसोड

इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआती तारीख
3 अक्टूबर 2014 और विजयादशमी के दिन हुई शुरुआत का उल्लेख किया गया।

30 अप्रैल 2023

100वां एपिसोड

‘मन की बात’ का 100वां एपिसोड प्रसारित हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अब तक की यात्रा पर विशेष चर्चा हुई।

2026 में आधिकारिक आर्काइव की तारीखें

तारीख PM Radio Archive
25 जनवरी 2026 Part-77
22 फरवरी 2026 Part-78
29 मार्च 2026 Part-79
26 अप्रैल 2026 Part-80
31 मई 2026 Part-81
28 जून 2026 Part-82
26 जुलाई 2026 Part-83
30 अगस्त 2026 Part-84
27 सितंबर 2026 Part-85

⚠️ Episode Number और Archive Part को एक जैसा न समझें

‘मन की बात’ की numbering अलग-अलग आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर अलग
संदर्भ में दिखाई दे सकती है। उदाहरण के लिए 27 सितंबर 2026 के कार्यक्रम
को PM Radio Archive में Part-85 के रूप में दर्ज किया गया है,
जबकि MyGov पर इसी कार्यक्रम को 138th Episode के रूप में
सूचीबद्ध किया गया है।

याद रखने योग्य तथ्य

‘मन की बात’ की शुरुआत रविवार को नहीं,
3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के दिन हुई थी।

पहला एपिसोड लगभग 14 मिनट का था।

मन की बात: महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में

  • पहला प्रसारण: 3 अक्टूबर 2014
  • अवसर: विजयादशमी
  • पहला दिन: शुक्रवार
  • पहला माध्यम: All India Radio
  • पहले एपिसोड की अवधि: लगभग 14 मिनट
  • 50वां एपिसोड: 25 नवंबर 2018
  • 100वां एपिसोड: 30 अप्रैल 2023
  • सितंबर 2026 तक PM Radio Archive: Part-85

आधिकारिक स्रोत

लेख की तथ्यात्मक जानकारी के लिए भारत सरकार के
Press Information Bureau, PM Radio Archive और MyGov के उपलब्ध
आधिकारिक रिकॉर्ड को आधार बनाया गया है।

Senior Citizens Scheme: 8.53 लाख बुजुर्गों को 46.32 लाख सहायक उपकरण, जानिए किसे मिलता है लाभ

Rashtriya Vayoshri Yojana
Rashtriya Vayoshri Yojana
Social Welfare News | वरिष्ठ नागरिक कल्याण

8.53 लाख वरिष्ठ नागरिकों को मिले 46.32 लाख सहायक उपकरण, जानिए किसे और कैसे मिलता है लाभ

नई दिल्ली। वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी सरकारी योजनाओं में
Rashtriya Vayoshri Yojana (RVY) के तहत बड़ी संख्या में सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार वित्तीय वर्ष
2017-18 से 2025-26 के दौरान Rashtriya Vayoshri Yojana के तहत
8,53,728 वरिष्ठ नागरिकों को कुल
46,32,716 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

एक नजर में सरकारी आंकड़े

8,53,728

वरिष्ठ नागरिक लाभार्थी

46,32,716

सहायक उपकरण

156

2025-26 में शिविर

14567

Elderline हेल्पलाइन

Rashtriya Vayoshri Yojana क्या है?

Rashtriya Vayoshri Yojana वरिष्ठ नागरिकों को उम्र से जुड़ी
शारीरिक कठिनाइयों में सहायता देने वाले उपकरण उपलब्ध कराने की सरकारी पहल है।
योजना के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण
उपलब्ध कराए जाते हैं।

इनमें आवश्यकता के अनुसार चलने में सहायता करने वाले उपकरण,
व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और दृष्टि संबंधी सहायक उपकरण
आदि शामिल हो सकते हैं।

जरूरी जानकारी:
हर लाभार्थी को सभी उपकरण नहीं मिलते। कौन-सा उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा,
यह संबंधित व्यक्ति की आवश्यकता और निर्धारित पात्रता के आधार पर तय होता है।

2025-26 में कितने वरिष्ठ नागरिकों को मिला लाभ?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 156 शिविर
आयोजित किए गए। इन शिविरों में 3,36,398 वरिष्ठ नागरिकों को
लाभ मिला और 16,42,274 सहायक उपकरण वितरित किए गए।

वित्तीय वर्ष शिविर लाभार्थी उपकरण
2025-26 156 3,36,398 16,42,274
2024-25 72 1,54,172 7,50,971

किस तरह के वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है लाभ?

योजना का फोकस ऐसे पात्र वरिष्ठ नागरिकों पर है जिन्हें उम्र से संबंधित
शारीरिक समस्याओं के कारण सहायक उपकरण की आवश्यकता होती है।

केवल वरिष्ठ नागरिक होना हर उपकरण प्राप्त करने की गारंटी नहीं है।
पात्रता, आवश्यकता और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर सहायता
उपलब्ध कराई जाती है।

सहायक उपकरण मिलने से क्या मदद होती है?

इन उपकरणों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनकी दैनिक गतिविधियों में
सहायता देना और उनकी mobility तथा स्वतंत्र रूप से कार्य करने की क्षमता
में मदद करना है।

  • चलने में परेशानी होने पर mobility aid से सहायता मिल सकती है।
  • सुनने में कठिनाई वाले व्यक्ति को hearing aid से संवाद में मदद मिल सकती है।
  • दृष्टि संबंधी समस्या में उपयुक्त सहायक उपकरण दैनिक कार्यों में उपयोगी हो सकते हैं।
  • व्हीलचेयर जैसे उपकरण mobility में सहायता कर सकते हैं।

हालांकि, कौन-सा उपकरण मिलेगा यह व्यक्ति की आवश्यकता और निर्धारित
प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

Elderline 14567 क्या है?

वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार की सहायता व्यवस्था में
Elderline – National Helpline for Senior Citizens भी शामिल है।

Senior Citizens Helpline
14567
जानकारी, मार्गदर्शन और सहायता के लिए

सरकारी आंकड़ों के अनुसार FY 2021-22 से FY 2025-26 के बीच Elderline को
29 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुईं।

बुजुर्गों की देखभाल के लिए 35,480 लोगों को प्रशिक्षण

वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए
Geriatric Caregiving का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
सरकारी जानकारी के अनुसार FY 2023-24 से FY 2025-26 के दौरान
35,480 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया।

आम नागरिक के लिए जरूरी जानकारी

यदि परिवार में किसी वरिष्ठ नागरिक को चलने, सुनने या देखने से संबंधित
ऐसी कठिनाई है जिसके लिए सहायक उपकरण की जरूरत है, तो योजना की
पात्रता और आवेदन/शिविर संबंधी प्रक्रिया की जानकारी
संबंधित सरकारी विभाग से लेना जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQ)

Rashtriya Vayoshri Yojana क्या है?

यह पात्र वरिष्ठ नागरिकों को उम्र से जुड़ी शारीरिक कठिनाइयों के लिए
आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की सरकारी योजना है।

Rashtriya Vayoshri Yojana में कितने लोगों को लाभ मिला?

FY 2017-18 से FY 2025-26 तक 8,53,728 वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिला और
46,32,716 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।

वरिष्ठ नागरिकों की हेल्पलाइन नंबर क्या है?

Elderline National Helpline for Senior Citizens का नंबर
14567 है।

क्या हर वरिष्ठ नागरिक को सहायक उपकरण मिलते हैं?

नहीं। लाभ योजना की निर्धारित पात्रता, व्यक्ति की आवश्यकता और संबंधित
प्रक्रिया के अनुसार दिया जाता है।

सरकारी स्रोत


Press Information Bureau (PIB)

— Ministry of Social Justice & Empowerment

Keywords:
Rashtriya Vayoshri Yojana, Senior Citizens Scheme 2026,
वरिष्ठ नागरिक योजना, बुजुर्गों के लिए सरकारी योजना,
सहायक उपकरण योजना, Elderline 14567, AVYAY,
Senior Citizen Welfare, Social Welfare India

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बलौदा बाजार-सिमगा मार्ग पर 38 करोड़ से बनेगा रिंगनी रेलवे ओवरब्रिज, हजारों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

जिले के सिमगा विकासखंड में हथबंद के पास ग्राम रिंगनी में मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से 962 मीटर लंबे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद बलौदा बाजार-सिमगा मार्ग पर रेलवे फाटक के कारण लगने वाले लंबे जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

24 घंटे में करीब 20 घंटे बंद रहता है रेलवे फाटक
रिंगनी स्थित रेलवे क्रॉसिंग से मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर प्रतिदिन 220 से अधिक यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। इसके कारण रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहता है। कई बार राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों और एंबुलेंस जैसे जरूरी वाहनों को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।

उद्योगों और 80 से ज्यादा गांवों को होगा फायदा
सिमगा क्षेत्र में कई सीमेंट और स्टील संयंत्र होने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव भी रहता है। वहीं सुहेला और हथबंद क्षेत्र की 80 से अधिक ग्राम पंचायतों के लोग रोजमर्रा के काम, रोजगार, व्यापार और सरकारी कार्यों के लिए इस मार्ग से आवाजाही करते हैं। ROB बनने के बाद रेलवे फाटक पर निर्भरता कम होगी और यातायात अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

26 कॉलम पर तैयार होगा 962 मीटर लंबा पुल
परियोजना के तहत कुल 26 कॉलम बनाए जाएंगे। इनमें एप्रोच रोड समेत 23 कॉलम का निर्माण सेतु निगम के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि रेलवे ट्रैक के ऊपर आने वाले तीन मुख्य कॉलम रेलवे विभाग बनाएगा। परियोजना को सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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